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कांग्रेस ने अजित पवार के सम्मान में उम्मीदवारी वापस ली, सुनेत्रा पवार की निर्विरोध जीत पक्की

मुंबई  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पार्टी के महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी पार्टी बारामती विधानसभा सीट से उपचुनाव नहीं लड़ेगी, जहां से उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार अपने पति अजित पवार के मृत्यु के बाद चुनाव मैदान में हैं। चेन्निथला ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस की राज्य इकाई को अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि नामांकन वापस लेने की बृहस्पतिवार को अंतिम तिथि है। उन्होंने कहा- अजित पवार के निधन के कारण बारामती उपचुनाव आवश्यक हो गया। उनके प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कांग्रेस इस उपचुनाव में हिस्सा नहीं लेगी। कांग्रेस के आकाश मोरे ने 23 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था। चेन्निथला का यह बयान शरद पवार, सुप्रिया सुले और रोहित पवार समेत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) के शीर्ष नेताओं के आग्रह के बाद आया जिसमें उन्होंने कांग्रेस से बारामती उपचुनाव में राकांपा अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के खिलाफ उम्मीदवारी वापस लेने की अपील की थी। शरद पवार ने कहा कि यह उपचुनाव विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु की पृष्ठभूमि में हो रहा है, इसलिए वह कांग्रेस को चुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारने के लिए कहेंगे। क्या बोले थे शरद पवार? पवार ने कहा- कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और हम उसे अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का निर्देश नहीं दे सकते। हालांकि, महाराष्ट्र ने एक दुखद दुर्घटना में एक कुशल नेता को खो दिया, जिसके कारण बारामती सीट खाली हुई। अगर मुझसे पूछा जाए, तो मैं कांग्रेस को सुझाव दूंगा कि इस उपचुनाव को निर्विरोध कराया जाना उचित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय कांग्रेस का होगा। अजित पवार की पत्नी एवं उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने बारामती सीट से नामांकन दाखिल किया है। हालांकि, निर्विरोध चुनाव की अपीलों के बीच कांग्रेस ने 23 अप्रैल के लिए निर्धारित उपचुनाव के लिए अधिवक्ता आकाश मोरे को उम्मीदवार बनाया। सुप्रिया सुले ने भी कांग्रेस से इसी तरह की अपील की राकांपा (शप) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने भी कांग्रेस से इसी तरह की अपील की। उन्होंने कहा- अजितदादा ने पहले कांग्रेस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया और हमेशा आपकी पार्टी के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखे। बारामती में निर्विरोध चुनाव उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगा। उन्होंने कहा, "इसलिए मैं कांग्रेस पार्टी से विनम्र अनुरोध करती हूं कि कृपया अपनी उम्मीदवारी वापस लें और यह सुनिश्चित करें कि यह चुनाव निर्विरोध हो।" रोहित पवार ने किया था अनुरोध इससे पहले, राकांपा (शप) विधायक रोहित पवार ने कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से मुलाकात कर पार्टी से उम्मीदवार वापस लेने का आग्रह किया, ताकि सुनेत्रा पवार के निर्विरोध निर्वाचित होने का रास्ता साफ हो सके। रोहित पवार ने कहा, "मुझे विश्वास है कि कांग्रेस अपने नेतृत्व से चर्चा के बाद उचित और सकारात्मक निर्णय लेगी।" सूत्रों के अनुसार, एक दिन पहले सुनेत्रा पवार ने भी सपकाल से बात कर उनसे अनुरोध किया था कि वह सुनिश्चित करें कि कांग्रेस उम्मीदवार उनके खिलाफ नामांकन वापस ले। कांग्रेस ने कहा था कि वह चुनाव से तभी हटेगी जब जनवरी में हुई विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत के मामले में महाराष्ट्र में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। सुनेत्रा पवार के बेटे ने कांग्रेस पर साधा था निशाना पवार की मृत्यु के कारण ही बारामती में उपचुनाव जरूरी हो गया है। चुनाव की तैयारियों के बीच माहौल उस समय तल्ख हो गया जब सुनेत्रा पवार के बेटे पार्थ पवार ने हाल में कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार उतारने की आलोचना की। रोहित पवार ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने अपने चचेरे भाई पार्थ पवार की टिप्पणियों पर खेद जताया है। उन्होंने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि कांग्रेस अपने नेतृत्व से चर्चा के बाद उचित और सकारात्मक निर्णय लेगी।" सुनेत्रा पवार और कांग्रेस के आकाश मोरे सहित कुल 53 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि नौ अप्रैल है। राकांपा (शप) नेता ने कहा कि कांग्रेस ने यह सही संदेश दिया है कि विमान दुर्घटना मामले में न्याय मिलना चाहिए और महाराष्ट्र में प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। बारामती विमान दुर्घटना की लगातार उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे रोहित पवार ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि आज दिल्ली में मौजूद सुनेत्रा पवार केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मिलेंगी और मामले की सीबीआई जांच की मांग करेंगी।" भाजपा ने दी थी चेतावनी शरद पवार नीत राकांपा (शप) ने पहले ही घोषणा की है कि वह सुनेत्रा पवार के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगी। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता एवं राज्य सरकार में मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि यदि कांग्रेस ने राकांपा अध्यक्ष एवं महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को बारामती विधानसभा उपचुनाव में निर्विरोध जीतने नहीं दिया, तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे। बावनकुले ने नागपुर में संवाददाताओं से कहा, अगर कांग्रेस सुनेत्रा पवार को बारामती से निर्विरोध नहीं जीतने देती है, तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे। यदि वह अपनी उम्मीदवारी वापस नहीं लेती है, तो उसका पतन बारामती से ही शुरू होगा।" एक अन्य सवाल के जवाब में बावनकुले ने कहा कि असम और केरल में पिछले विधानसभा चुनावों की तुलना में भाजपा का प्रदर्शन इस बार अधिक मजबूत होगा। असम, केरल और पुडुचेरी में बृहस्पतिवार को एक ही चरण में मतदान हो रहा है। उन्होंने कहा, "ये चुनाव एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व के प्रति जनता के समर्थन को दर्शाएंगे।

भाभी के सामने नहीं लड़ीं सुप्रिया सुले, बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पवार को वॉकओवर

नई दिल्ली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने सोमवार को कहाकि उनकी पार्टी आगामी बारामती विधानसभा उपचुनाव में डिप्टी सीएम और राकांपा नेता सुनेत्रा पवार के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगी। निर्वाचन आयोग ने रविवार को घोषणा की कि पुणे के बारामती और अहिल्यानगर के राहुरी में उपचुनाव 23 अप्रैल को होंगे। बारामती और राहुरी उपचुनाव क्रमश: पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक शिवाजी कर्डिले के निधन के कारण जरूरी हो गए हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के बारामती से उपचुनाव लड़ने की संभावना है। चुनाव पर क्या कहा सुले ने दिल्ली में पत्रकारों से कहाकि मैंने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि राकांपा (शप) बारामती उपचुनाव नहीं लड़ेगी। हम सुनेत्रा वहिनी (भाभी) के खिलाफ अपना उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। राहुरी सीट के संबंध में (विपक्षी) महा विकास आघाडी (एमवीए) के सहयोगी इस सीट पर विचार-विमर्श करेंगे और अगले कुछ दिनों में निर्णय लिया जाएगा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा था कि बारामती और राहुरी विधानसभा सीट पर उपचुनाव आम सहमति से निर्विरोध कराए जाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर मुकाबला होता है तो भाजपा इसके लिए तैयार है। साल 2024 के आम चुनावों में राकांपा (शप) प्रमुख शरद पवार की बेटी सुले ने अपने चचेरे भाई अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को हराकर बारामती लोकसभा सीट बरकरार रखी थी, जो पहली बार चुनाव लड़ रही थीं। बाद में सुनेत्रा पवार राज्यसभा सदस्य चुनी गईं। इस साल 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती हवाई पट्टी के पास एक विमान दुर्घटना में उनके पति अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद उन्हें उपमुख्यमंत्री और राकांपा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। अजित पवार की मौत की हो जांच अजित पवार के विमान दुर्घटना की जांच के संबंध में सुले ने कहाकि वे इस मामले में पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं। पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच एलपीजी की स्थिति के बारे में सुले ने कहा कि केंद्र को एक सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए और सभी को विश्वास में लेना चाहिए। उन्होंने कहाकि होटल उद्योग सहित व्यवसायों को भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बारामती की सांसद ने इस मुद्दे पर संसद में चर्चा की भी मांग की। सुले ने कहाकि मुझे आश्चर्य हो रहा है कि राज्य और केंद्र सरकार एलपीजी संकट को स्वीकार क्यों नहीं कर रही हैं। इसे दबाने की कोशिशें क्यों की जा रही हैं? इस संकट से निपटने के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए।  

राज्यसभा सीट पर पार्थ पवार लड़ेंगे चुनाव, सुनेत्रा पवार ने NCP की कमान संभाली

मुंबई  महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत सुनेत्रा पवार को नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वसम्मति से चुन लिया गया है, जिसे पार्टी के भीतर संगठनात्मक एकजुटता और नेतृत्व में पीढ़ीगत बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और वरिष्ठ नेताओं की बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया, जिसका सभी सदस्यों ने समर्थन किया और बिना किसी विरोध के उन्हें शीर्ष पद की जिम्मेदारी सौंप दी गई। इस चयन को एनसीपी के पुनर्गठन और राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, क्योंकि हाल के वर्षों में पार्टी को आंतरिक चुनौतियों, गुटबाजी और चुनावी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा है।  सुनेत्रा पवार ने अध्यक्ष चुने जाने के बाद अपने संबोधन में कहा कि वह संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा पार्टी की विचारधारा को देशभर में प्रभावी ढंग से पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एनसीपी सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के अपने मूल सिद्धांतों पर कायम रहेगी और आने वाले चुनावों में मजबूती से भाग लेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके नेतृत्व में पार्टी नई रणनीति के साथ राज्यों में संगठन विस्तार, गठबंधन राजनीति और जनसंपर्क अभियानों पर विशेष ध्यान दे सकती है। सर्वसम्मति से हुआ यह चुनाव यह भी दर्शाता है कि पार्टी नेतृत्व फिलहाल एकजुटता का संदेश देना चाहता है और किसी प्रकार के आंतरिक मतभेद को सार्वजनिक रूप से उभरने नहीं देना चाहता।  सुनेत्रा पवार की संगठनात्मक भूमिका पहले भी सक्रिय रही है और उन्हें पार्टी के कार्यक्रमों, महिला मोर्चा तथा सामाजिक अभियानों में भागीदारी के लिए जाना जाता है, जिससे यह उम्मीद की जा रही है कि वे राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय स्थापित करने में सक्षम होंगी। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी की खोई हुई राजनीतिक जमीन को वापस पाना, कार्यकर्ताओं में उत्साह भरना और विपक्षी दलों के साथ रणनीतिक तालमेल बनाना होगा। कुल मिलाकर, उनका राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना एनसीपी के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है, जिसमें संगठनात्मक पुनर्संरचना, वैचारिक स्पष्टता और चुनावी मजबूती पर विशेष फोकस रहने की संभावना है। राष्ट्रीय अधिवेशन में हुआ फैसला सुनेत्रा पवार ने कहा कि मैंने दादा के अधूरे सपनों को पूरा करने, अपनी पार्टी को बढ़ाने और उसे मजबूत करने के लिए यह पद स्वीकार किया है। सुनेत्रा पवार को पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में अध्यक्ष बनाने का फैसला हुआ। गौरतलब हो कि 28 जनवरी को बारामती में प्लेन क्रैश की घटना में अजित पवार की मौत हो गई थी। प्लेन क्रैश के कारणों की जांच एएआईबी और सीआईडी द्वारा की जा रही है।  प्रफुल्ल पटेल ने रखा सुनेत्रा का नाम राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव किया। जिसका अनुमोदन सुनील तटकरे ने किया। जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। अधिवेशन में ही अजित पवार के बड़े बेटे पार्थ पवार को राज्यसभा का कैंडिडेट भी घोषित कर दिया गया। सुनेत्रा पवार ने इस मौके पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से वादा किया कि मैं हमेशा आपकी बेटी, बहन और पार्टनर के तौर पर आपके साथ खड़ी रहूंगी। दादा के सपनों को पूरा करेंगे सुनेत्रा पवार ने कहा कि दादा की जगह कोई नहीं ले सकता। उन्होंने अध्यक्ष चुने जाने के बाद कहा कि यह एक ऐसी पार्टी है जो महाराष्ट्र की खुशहाली, देश के बदलाव और सबसे ज़रूरी, आप सब और हम सबके गर्व और आत्म-सम्मान के बारे में सोचती है। इस सोच को आगे बढ़ाने के लिए, हमें इस मुश्किल समय में भी पक्के इरादे के साथ आगे बढ़ना होगा। दादा ने जो विचार दिए, जो विकास का रास्ता दिखाया, जो कार्यकर्ता बनाए। यही एनसीपी की असली ताकत है। सुनेत्रा ने कहा कि 30 जून, 2023 को दादा ने एनसीपी के नेशनल प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी संभाली थी। दादा को नेशनल प्रेसिडेंट के तौर पर लगभग ढाई साल का समय मिला। इस दौरान उन्होंने पूरे महाराष्ट्र को अपनाया। पार्टी को बढ़ाया। हर कार्यकर्ता को मजबूत किया। कड़ी मेहनत, लगन और कड़ी प्लानिंग से पार्टी की ताकत बढ़ी।

NCP में बड़ा बदलाव: सुनेत्रा पवार को सौंपी गई राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी

मुंबई एनसीपी के मुंबई अधिवेशन में सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। अजित पवार के निधन के बाद उन्हें पहले उपमुख्यमंत्री और अब संगठन की कमान सौंपी गई है। बारामती से उनके चुनाव लड़ने की चर्चा भी तेज है। वहीं पार्थ पवार को भी बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है।   महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी एनसीपी में नेतृत्व परिवर्तन के साथ नया राजनीतिक अध्याय शुरू हो गया है। पार्टी की वरिष्ठ नेता और राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से एनसीपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। पार्टी बैठक में लिया गया यह फैसला राज्य की राजनीति में अहम माना जा रहा है। अजित पवार की विमान हादसे में मौत के बाद पार्टी और सत्ता दोनों की जिम्मेदारियों में बड़ा बदलाव देखने को मिल।   अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति अचानक नए मोड़ पर आ गई थी। उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सुनेत्रा पवार को सौंपी गई और अब उन्हें पार्टी की राष्ट्रीय कमान भी मिल गई है। पिछले कुछ दिनों से एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय की चर्चा चल रही थी, लेकिन अजित पवार गुट के वरिष्ठ नेताओं ने इसमें खास रुचि नहीं दिखाई। इसके बाद पार्टी ने संगठन को मजबूत करने के लिए नया नेतृत्व तय किया और सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का फैसला लिया गया।   मुंबई अधिवेशन में सर्वसम्मति से फैसला एनसीपी का राष्ट्रीय अधिवेशन 2026 मुंबई के वर्ली इलाके में आयोजित किया गया, जिसमें पार्टी के सभी बड़े नेता और पदाधिकारी शामिल हुए। अधिवेशन के दौरान सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा गया। इस प्रस्ताव को सभी नेताओं ने एकमत से मंजूरी दी। पार्टी नेता प्रफुल्ल पटेल ने औपचारिक रूप से उनके नाम की घोषणा की। साथ ही यह भी तय किया गया कि प्रफुल्ल पटेल पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष रहेंगे, जबकि महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सांसद सुनील तटकरे संभालेंगे। बारामती से विधायक बनने की चर्चा तेज राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा तेज हो गई है कि सुनेत्रा पवार जल्द ही बारामती विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ सकती हैं। यह सीट अजित पवार की राजनीतिक पहचान मानी जाती रही है। अगर उपचुनाव होता है तो सांसद सुप्रिया सुले ने उम्मीद जताई है कि यह चुनाव निर्विरोध भी हो सकता है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि आने वाले समय में सुनेत्रा पवार विधानसभा पहुंचकर राज्य की राजनीति में और मजबूत भूमिका निभा सकती हैं।

NCP में नई सियासी चाल, अजित पवार खेमे ने सुनेत्रा पवार पर लगाया दांव

मुंबई  अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में नेतृत्व को लेकर बड़ा फैसला लेने की खबर है। पार्टी की केंद्रीय कार्यकारिणी ने सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार तय किया है। इस निर्णय को अजित पवार के बाद पार्टी की कमान तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।  राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित गुट) की केंद्रीय कार्यकारिणी की एक बेहद अहम बैठक आज गुरुवार को मुंबई के वर्ली स्थित एनएससीआई डोम में होने जा रही है। इस बैठक में सुनेत्रा पवार को पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने की औपचारिक घोषणा की जाएगी। पिछले महीने बारामती में हुए एक दर्दनाक विमान हादसे में अजित पवार के निधन ने पूरे देश को झकझोर दिया था, जिसके बाद से ही पार्टी नेतृत्व को लेकर कयासों का दौर जारी था। पार्थ पवार नहीं, सुनेत्रा पर लगी मुहर अजित पवार के निधन के बाद से ही सवाल उठ रहा था कि पार्टी का अगला मुखिया कौन होगा? चर्चाओं के बाजार में अजित पवार के बेटे पार्थ पवार का नाम भी काफी ऊपर था, लेकिन पार्टी के अनुभवी नेताओं ने सुनेत्रा पवार के नाम पर भरोसा जताया है। महायुति गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ-साथ एनसीपी के दिग्गज नेता प्रफुल्ल पटेल और सांसद सुनील तटकरे ने भी सुनेत्रा पवार के नाम का पुरजोर समर्थन किया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि आज होने वाली बैठक में कार्यकारिणी सर्वसम्मति से सुनेत्रा को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपेगी। सुनेत्रा पहले ही उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर अपनी प्रशासनिक क्षमता दिखा चुकी हैं, और अब संगठन की कमान संभालना उनके लिए एक नई परीक्षा होगी। राज्यसभा की सीट पर अब बेटे का कब्जा नेतृत्व परिवर्तन के साथ-साथ परिवार और पार्टी के भीतर पदों का नया बंटवारा भी शुरू हो गया है। सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, क्योंकि वे अब राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। खाली हुई इस राज्यसभा सीट के लिए पार्टी ने पार्थ पवार को अपना उम्मीदवार बनाने का बड़ा फैसला लिया है। यानी अब पिता की विरासत को सुनेत्रा राज्य में संभालेंगी, जबकि दिल्ली की राजनीति में पार्थ पवार पार्टी का चेहरा बनेंगे। हालांकि, सुनेत्रा पवार के लिए एक बड़ी चुनौती यह है कि उन्हें उपमुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए अगले छह महीने के भीतर महाराष्ट्र विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना अनिवार्य होगा। क्या सुप्रिया सुले देंगी सुनेत्रा को वॉकओवर? अजित पवार के निधन से खाली हुई बारामती विधानसभा सीट पर अब सबकी नजरें टिकी हैं। एनसीपी (अजित गुट) यहाँ से सुनेत्रा पवार को उम्मीदवार बनाने की तैयारी में है। पार्टी की सबसे बड़ी कोशिश यह है कि इस उपचुनाव को 'निर्विरोध' कराया जाए। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि अजित पवार के प्रति सम्मान प्रकट करने की यह एक राजनीतिक परंपरा होनी चाहिए। दिलचस्प बात यह है कि शरद पवार गुट की सांसद सुप्रिया सुले ने भी इसके संकेत दिए हैं कि मौजूदा हालात को देखते हुए चुनाव नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो बारामती से सुनेत्रा पवार की जीत तय है और यह पवार परिवार के बीच जारी राजनीतिक कड़वाहट को कम करने का एक बड़ा जरिया भी बन सकता है। संगठन के लिए आज का दिन ऐतिहासिक आज वर्ली में होने वाली यह बैठक केवल एक औपचारिक बैठक नहीं है, बल्कि अजित पवार के बिना पार्टी के भविष्य की दिशा तय करने वाला एक बड़ा मोड़ है। कार्यकर्ताओं में अपने चहेते नेता को खोने का गम तो है, लेकिन सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में वे नई ऊर्जा तलाश रहे हैं। आगामी उपचुनाव और संगठन को मजबूती देने के लिए सुनेत्रा के पास बहुत कम समय है। क्या वे अजित पवार के उस करिश्मे को बरकरार रख पाएंगी जिसने एनसीपी को महाराष्ट्र की सत्ता के केंद्र में रखा था? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन आज का दिन महाराष्ट्र के इतिहास में सुनेत्रा पवार के उदय के रूप में दर्ज होने जा रहा है।

इतिहास रचा सुनेत्रा पवार ने: महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी CM का भव्य राजतिलक

मुंबई  एनसीपी (अजित गुट) की विधायक दल बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए सुनेत्रा पवार को पार्टी का नया विधायक दल नेता चुन लिया गया है. इस फैसले के साथ ही उनके आज ही महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने का रास्ता साफ हो गया है. बैठक से पहले ही संकेत मिल गए थे. पार्टी नेता दिलीप वलसे ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे पार्टी के अन्य नेताओं ने समर्थन दिया. सुनेत्रा पवार राज्यसभा सांसद के रूप में विधान भवन पहुंची थीं, जहां सर्वसम्मति से उन्हें पार्टी का नेता बनाए जाने का फैसला लिया गया. इससे पहले एनसीपी नेताओं ने दिवंगत अजित पवार को श्रद्धांजलि दी. पार्टी नेताओं के मुताबिक यह फैसला संगठन और राज्य की राजनीति के लिए निर्णायक माना जा रहा है. NCP मर्जर की खबरों के बीच इसलिए लिया फैसला राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा पवार को उनके पति एवं दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के तीन दिन बाद शनिवार (31 जनवरी) को महाराष्ट्र में सर्वसम्मति से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक दल की नेता चुना गया। इसके बाद सुनेत्रा पवार को आज (31 जनवरी) राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई। इससे पहले NCP विधायक दल की नेता के रूप में सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव वरिष्ठ नेता दिलीप वालसे पाटिल ने किया। जबकि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने इसका समर्थन किया। बारामती में 28 जनवरी को हुई एक विमान दुर्घटना में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली 'महायुति' सरकार में उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रहे अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई। बैठक के दौरान सुनेत्रा पवार ने अपने दिवंगत पति की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। उनके छोटे बेटे जय भी इस अवसर पर मौजूद थे। विधान भवन परिसर में प्रवेश करते समय कई मंत्री और विधायक भावुक दिखाई दिए। लोक भवन ने पुष्टि की है कि सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण समारोह मुंबई में शाम पांच बजे आयोजित किया गया। सुनेत्रा पवार ने साल 2024 में बारामती से लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। उन्हें अपनी ननद और NCP (SP) की मौजूदा सांसद सुप्रिया सुले से पराजय का सामना करना पड़ा था। इसके बाद सुनेत्रा पवार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुईं। डिप्टी सीएम बनने का फैसला क्यों लिया? कुछ लोग जल्दबाजी में डिप्टी सीएम बनने के पीछे की वजह को लेकर हैरान हैं। पार्टी सूत्रों ने News18 को बताया कि सुनेत्रा पवार शुरुआत में इसके लिए तैयार नहीं थीं। लेकिन पार्टी की भलाई और अजित पवार के विजन को आगे बढ़ाने के लिए NCP वफादारों की राय पर विचार करने के बाद भारी मन से वह सहमत हुईं। देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली 'महायुति' सरकार में उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रहे अजित पवार की 28 जनवरी को बारामती में एक विमान दुर्घटना में चार अन्य लोगों के साथ मौत हो गई थी। NCP सूत्रों के अनुसार, डिप्टी CM अजित पवार की मौत के बाद सुनेत्रा को लगा कि पार्टी प्रमुख के तौर पर अपने पति के विजन को आगे बढ़ाना उनकी जिम्मेदारी है। सूत्रों ने कहा, "जब अजित पवार ने बगावत की, तो वह अकेले थे… सुनेत्रा पवार ने एक पत्नी के तौर पर उस पार्टी की रक्षा करना अपना कर्तव्य समझा, जिसे अजित पवार ने सालों की कड़ी मेहनत से बनाया था। दुख की घड़ी में भी, उन्हें लगा कि अपने पति के काम को आगे बढ़ाना उनकी जिम्मेदारी है।" अजित पवार ने NCP को दो गुटों में बांट दिया था। एक गुट यानी असली NCP अजित पवार का है। जबकि दूसरा NCP (SP) उनके चाचा शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले के नेतृत्व में है। इसके बाद वह BJP-शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हो गए। जबकि SP गुट शिवसेना UBT और कांग्रेस के साथ विपक्ष में रहा।  

NCP अपडेट: सुनेत्रा पवार चुनी गईं विधायक दल की नेता, डिप्टी CM पद संभालेंगी आज

मुंबई      एनसीपी (अजित गुट) की विधायक दल बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए सुनेत्रा पवार को पार्टी का नया विधायक दल नेता चुन लिया गया है. इस फैसले के साथ ही उनके आज ही महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने का रास्ता साफ हो गया है. बैठक से पहले ही संकेत मिल गए थे. पार्टी नेता दिलीप वलसे ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे पार्टी के अन्य नेताओं ने समर्थन दिया. सुनेत्रा पवार राज्यसभा सांसद के रूप में विधान भवन पहुंची थीं, जहां सर्वसम्मति से उन्हें पार्टी का नेता बनाए जाने का फैसला लिया गया. इससे पहले एनसीपी नेताओं ने दिवंगत अजित पवार को श्रद्धांजलि दी. पार्टी नेताओं के मुताबिक यह फैसला संगठन और राज्य की राजनीति के लिए निर्णायक माना जा रहा है. परिवार में कोई समस्या नहीं जब शरद पवार से पूछा गया कि क्या परिवार के सदस्य के तौर पर उन्हें सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने के बारे में भरोसे में लिया गया था, इस पर शरद पवार ने कहा, ‘अगर परिवार पर कोई विपदा आती है, तो परिवार एकजुट रहता है। परिवार में कोई समस्या नहीं है।’ – सुनेत्रा पवार को एनसीपी विधायक दल का आधिकारिक नेता चुन लिया गया है. उनके चयन के बाद, पार्टी सभी उपस्थित विधायकों के हस्ताक्षर के साथ एक औपचारिक पत्र राज्यपाल और मुख्यमंत्री को सौंपेगी. यह पत्र नेतृत्व परिवर्तन की आधिकारिक सूचना का काम करेगा और पार्टी की पूरी एकजुटता और समर्थन को उनकी नियुक्ति के लिए प्रमाणित करेगा. इस कदम से सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री बनने की प्रक्रिया और भी मजबूत हुई है, जबकि पार्टी के भीतर एकजुटता का संदेश भी साफ तौर पर दिखाई देता है. – एनसीपी (अजित गुट) के विधायकों ने शनिवार को सर्वसम्मति से सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुन लिया. इसके साथ ही महायुति सरकार में उनके उपमुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है. उनके नाम का प्रस्ताव पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप वलसे ने रखा, जिसे कई वरिष्ठ नेताओं का समर्थन मिला. राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को आज शाम 5 बजे राज्यपाल शपथ दिलाएंगे. इस फैसले के साथ सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनने जा रही हैं. यह फैसला अजित पवार के निधन के बाद पार्टी की नई सियासी दिशा और नेतृत्व को भी दर्शाता है. – अब तक अनुपस्थित रहे विधायक अशुतोष काळे भी विधान भवन पहुंच गए हैं, जो लगभग थकावट के साथ पहुंचे. उनके आने के साथ ही NCP (अजित पवार गुट) के सभी विधायक एकत्रित हो चुके हैं. यह बैठक सुनेत्रा पवार के विधायक दल नेता चुने जाने और उपमुख्यमंत्री पद की शपथ की प्रक्रिया के लिए अहम मानी जा रही है. – एनसीपी (अजित गुट) की विधायक दल बैठक में औपचारिक प्रक्रिया की शुरुआत दिवंगत नेता अजित पवार को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई. पार्टी नेता सुनील तटकरे ने शोक प्रस्ताव पेश कर अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके बाद दिलीप वलसे पाटिल ने विधायक दल के नए नेता को लेकर अहम प्रस्ताव सदन के सामने रखा, जिसे वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने समर्थन दिया. – राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार विधान भवन पहुंची हैं, जहां एनसीपी की विधायक दल की अहम बैठक शुरू हो गई है. इस बैठक में पार्टी अपना नया नेता चुन सकती है. माना जा रहा है कि इस फैसले से महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव हो सकता है. बैठक के नतीजे सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री बनने का रास्ता भी खोल सकते हैं. – महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को एनसीपी नेताओं ने विधायिका दल की अहम बैठक से पहले श्रद्धांजलि अर्पित की. पार्टी की ओर से जारी अंदरूनी दृश्यों में वरिष्ठ नेता, विधायक और सांसद अजित पवार के चित्र पर पुष्प अर्पित करते नजर आए. यह श्रद्धांजलि ऐसे समय दी गई है, जब एनसीपी की बैठक में पार्टी के नए नेता के चुनाव को लेकर चर्चा होनी है. – एनसीपी नेता सुनील तटकरे ने कहा है कि पार्टी दिवंगत अजित दादा की अस्थियां पूरे महाराष्ट्र में ले जाएगी. उन्होंने हालिया वीडियो और बैठक को लेकर सफाई देते हुए बताया कि यह मुलाकात एक कृषि प्रदर्शनी के दौरान चाय पर हुई थी, जिसमें स्थानीय निकाय चुनावों पर चर्चा हुई. तटकरे के मुताबिक, उसी के बाद अजित दादा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बातचीत की पुष्टि की थी. उन्होंने कहा कि बैठक के बाद पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी. साथ ही तटकरे ने साफ किया कि एनसीपी के विधायकों, सांसदों और वरिष्ठ नेताओं ने सुनेत्रा पवार को लेकर सर्वसम्मति से फैसला लिया है, जो पार्टी की अगली रणनीति के लिए अहम माना जा रहा. – NCP MP प्रफुल्ल पटेल NCP विधायकों की मीटिंग के लिए विधान भवन पहुंचे. महाराष्ट्र की राजनीति में क्या चल रहा है? डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी के दो गुटों के संभावित विलय पर वरिष्ठ नेता शरद पवार ने बातचीत फिर शुरू की, यह कहते हुए कि अजित पवार अपने जीवनकाल में इसे चाहते थे. इस बीच, अजित पवार के बेटे पार्थ पवार बारामती में शरद पवार के निवास पर डेढ़ घंटे से अधिक समय तक मौजूद रहे, जो परिवार और पार्टी के बीच जारी चर्चा का संकेत है. विधायक दल की बैठक से पहले एनसीपी नेताओं ने दिवंगत अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके महाराष्ट्र के प्रति समर्पण और जनता के लिए किए गए कार्यों को याद किया.

पवार परिवार को नई ताकत: सुनेत्रा पवार ने डिप्टी सीएम पद स्वीकारा, पावरफुल विभाग मिलने के संकेत

मुंबई महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है. सूत्रों के मुताबिक सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री बनने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है. बताया जा रहा है कि यह फैसला सरकार के भीतर सत्ता संतुलन और आगामी राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. सुनेत्रा पवार की नियुक्ति से महायुति सरकार में एक बार फिर नए समीकरण बनते दिख रहे हैं. जानकारी के मुताबिक सुनेत्रा उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ राज्य सरकार में आबकारी और खेल मंत्रालय भी अपने पास रखेंगी. बताया जा रहा है कि कल शनिवार को शाम 5 बजे सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण होगा. इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की विधानमंडल दल यानी CLP की बैठक कल दोपहर 2 बजे बुलाई गई है. इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें नेतृत्व और आगे की राजनीतिक रणनीति को लेकर औपचारिक चर्चा हो सकती है.   इधर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी अहम जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं. सूत्रों के अनुसार फडणवीस आगामी बजट सत्र से पहले राज्य के वित्त मंत्रालय का प्रभार अपने हाथ में लेंगे. माना जा रहा है कि बजट तैयारियों और आर्थिक नीतियों पर मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है. एनसीपी नेताओं ने रखा था प्रस्ताव सूत्रों का कहना है कि NCP के वरिष्ठ नेताओं ने सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव पार्टी की भविष्य की दिशा तय करने के मकसद से रखा था. खास तौर पर 7 फरवरी को होने वाले पुणे जिला परिषद चुनाव को देखते हुए यह कदम रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है. इसी प्रस्ताव को सुनेत्रा द्वारा स्वीकार किया गया है. बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर पवार परिवार के भीतर भी चर्चा हुई, जिसके बाद सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद स्वीकार करने पर सहमति दी. पार्टी के भीतर इसे संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर सियासी संदेश देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, अब तक सरकार या पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि CLP बैठक के बाद इस पर मुहर लग सकती है.

महाराष्ट्र राजनीति में बड़ा बदलाव संभव, सुनेत्रा पवार को डिप्टी CM बनाने का प्रस्ताव

मुंबई  महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार राज्य की डिप्टी सीएम बन सकती हैं. प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे ने सुनेत्रा से मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक, सुनेत्रा को डिप्टी सीएम बनाए जाने का प्रस्ताव दिया जाएगा।  महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का बारामती में हुए विमान हादसे में निधन हो गया. वहीं अजीत पवार के निधन के बाद उपमुख्यमंत्री का पद खाली हो गया है, जिसके लिए नए नाम की चर्चा भी महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में शुरू हो गई है और चर्चा में सबसे पहला नाम अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार का है. अटकलें लगाई जा रही हैं कि सुनेत्रा पवार को फडणवीस सरकार में जगह मिल सकती है. आइए सुनेत्रा पवार के बारे में विस्तार से जानते हैं… राजनीतिक परिवार में जन्मी, राजनीतिक परिवार की बहू बता दें कि सुनेत्रा पवार पूर्व राज्य मंत्री और लोकसभा सांसद पद्मसिंह पाटिल की बेटी हैं और 1985 में उनकी शादी अजीत पवार से हुई थी. सुनेत्रा के 2 बेटे पार्थ और जय पवार हैं, लेकिन राजनीतिक परिवार में जन्मी और राजनीतिक परिवार की बहू होने के नाते सुनेत्रा पवार का राजनीति से खास कनेक्शन है और वह यह है कि सुनेत्रा अपने दिवंगत पति अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) से महाराष्ट्र की राज्यसभा सांसद भी हैं. वे प्रफुल्ल पटेल के बाद साल 2024 में निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गई थीं. लोकसभा चुनाव हारी थीं, राज्यसभा सांसद चुनी गई थीं बता दें कि सुनेत्रा ने साल 2024 का लोकसभा चुनाव बारामती सीट से अपनी ननद सुप्रिया सुले के खिलाफ लड़ा था, जिसमें वे हार गई थीं. राजनेता होने के अलावा सुनेत्रा पवार बारामती टेक्सटाइल कंपनी की अध्यक्ष हैं. एनवायरनमेंटल फोरम ऑफ इंडिया (EFOI) की CEO हैं, जिसकी नींव उन्होंने ही साल 2010 में रखी थी. वे शरद पवार के मशहूर शिक्षण संस्थान ‘विद्या प्रतिष्ठान’ की ट्रस्ट भी हैं. को-ऑपरेटिव बैंक मामले में आरोपी भी लगे थे सुनेत्रा पर सुनेत्रा पवार साल 2017 से सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी में सीनेट की मेंबर भी हैं. साल 2011 से सुनेत्रा में विश्व उद्यमिता मंच की थिंक टैंक मेंबर भी हैं. सुनेत्रा को ग्रीन वॉरियर अवार्ड भी मिल चुका है. इतनी अचीवमेंट के बाद सुनेत्रा कानूनी पचड़ों में भी फंसी थीं. महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक मामले में सुनेत्रा पवार पर भी आरोप लगे थे, लेकिन आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने उन्हें क्लीन चिट दे दी थी.