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NCP में नई सियासी चाल, अजित पवार खेमे ने सुनेत्रा पवार पर लगाया दांव

मुंबई  अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में नेतृत्व को लेकर बड़ा फैसला लेने की खबर है। पार्टी की केंद्रीय कार्यकारिणी ने सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार तय किया है। इस निर्णय को अजित पवार के बाद पार्टी की कमान तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।  राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित गुट) की केंद्रीय कार्यकारिणी की एक बेहद अहम बैठक आज गुरुवार को मुंबई के वर्ली स्थित एनएससीआई डोम में होने जा रही है। इस बैठक में सुनेत्रा पवार को पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने की औपचारिक घोषणा की जाएगी। पिछले महीने बारामती में हुए एक दर्दनाक विमान हादसे में अजित पवार के निधन ने पूरे देश को झकझोर दिया था, जिसके बाद से ही पार्टी नेतृत्व को लेकर कयासों का दौर जारी था। पार्थ पवार नहीं, सुनेत्रा पर लगी मुहर अजित पवार के निधन के बाद से ही सवाल उठ रहा था कि पार्टी का अगला मुखिया कौन होगा? चर्चाओं के बाजार में अजित पवार के बेटे पार्थ पवार का नाम भी काफी ऊपर था, लेकिन पार्टी के अनुभवी नेताओं ने सुनेत्रा पवार के नाम पर भरोसा जताया है। महायुति गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ-साथ एनसीपी के दिग्गज नेता प्रफुल्ल पटेल और सांसद सुनील तटकरे ने भी सुनेत्रा पवार के नाम का पुरजोर समर्थन किया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि आज होने वाली बैठक में कार्यकारिणी सर्वसम्मति से सुनेत्रा को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपेगी। सुनेत्रा पहले ही उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर अपनी प्रशासनिक क्षमता दिखा चुकी हैं, और अब संगठन की कमान संभालना उनके लिए एक नई परीक्षा होगी। राज्यसभा की सीट पर अब बेटे का कब्जा नेतृत्व परिवर्तन के साथ-साथ परिवार और पार्टी के भीतर पदों का नया बंटवारा भी शुरू हो गया है। सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, क्योंकि वे अब राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। खाली हुई इस राज्यसभा सीट के लिए पार्टी ने पार्थ पवार को अपना उम्मीदवार बनाने का बड़ा फैसला लिया है। यानी अब पिता की विरासत को सुनेत्रा राज्य में संभालेंगी, जबकि दिल्ली की राजनीति में पार्थ पवार पार्टी का चेहरा बनेंगे। हालांकि, सुनेत्रा पवार के लिए एक बड़ी चुनौती यह है कि उन्हें उपमुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए अगले छह महीने के भीतर महाराष्ट्र विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना अनिवार्य होगा। क्या सुप्रिया सुले देंगी सुनेत्रा को वॉकओवर? अजित पवार के निधन से खाली हुई बारामती विधानसभा सीट पर अब सबकी नजरें टिकी हैं। एनसीपी (अजित गुट) यहाँ से सुनेत्रा पवार को उम्मीदवार बनाने की तैयारी में है। पार्टी की सबसे बड़ी कोशिश यह है कि इस उपचुनाव को 'निर्विरोध' कराया जाए। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि अजित पवार के प्रति सम्मान प्रकट करने की यह एक राजनीतिक परंपरा होनी चाहिए। दिलचस्प बात यह है कि शरद पवार गुट की सांसद सुप्रिया सुले ने भी इसके संकेत दिए हैं कि मौजूदा हालात को देखते हुए चुनाव नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो बारामती से सुनेत्रा पवार की जीत तय है और यह पवार परिवार के बीच जारी राजनीतिक कड़वाहट को कम करने का एक बड़ा जरिया भी बन सकता है। संगठन के लिए आज का दिन ऐतिहासिक आज वर्ली में होने वाली यह बैठक केवल एक औपचारिक बैठक नहीं है, बल्कि अजित पवार के बिना पार्टी के भविष्य की दिशा तय करने वाला एक बड़ा मोड़ है। कार्यकर्ताओं में अपने चहेते नेता को खोने का गम तो है, लेकिन सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में वे नई ऊर्जा तलाश रहे हैं। आगामी उपचुनाव और संगठन को मजबूती देने के लिए सुनेत्रा के पास बहुत कम समय है। क्या वे अजित पवार के उस करिश्मे को बरकरार रख पाएंगी जिसने एनसीपी को महाराष्ट्र की सत्ता के केंद्र में रखा था? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन आज का दिन महाराष्ट्र के इतिहास में सुनेत्रा पवार के उदय के रूप में दर्ज होने जा रहा है।

इतिहास रचा सुनेत्रा पवार ने: महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी CM का भव्य राजतिलक

मुंबई  एनसीपी (अजित गुट) की विधायक दल बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए सुनेत्रा पवार को पार्टी का नया विधायक दल नेता चुन लिया गया है. इस फैसले के साथ ही उनके आज ही महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने का रास्ता साफ हो गया है. बैठक से पहले ही संकेत मिल गए थे. पार्टी नेता दिलीप वलसे ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे पार्टी के अन्य नेताओं ने समर्थन दिया. सुनेत्रा पवार राज्यसभा सांसद के रूप में विधान भवन पहुंची थीं, जहां सर्वसम्मति से उन्हें पार्टी का नेता बनाए जाने का फैसला लिया गया. इससे पहले एनसीपी नेताओं ने दिवंगत अजित पवार को श्रद्धांजलि दी. पार्टी नेताओं के मुताबिक यह फैसला संगठन और राज्य की राजनीति के लिए निर्णायक माना जा रहा है. NCP मर्जर की खबरों के बीच इसलिए लिया फैसला राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा पवार को उनके पति एवं दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के तीन दिन बाद शनिवार (31 जनवरी) को महाराष्ट्र में सर्वसम्मति से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक दल की नेता चुना गया। इसके बाद सुनेत्रा पवार को आज (31 जनवरी) राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई। इससे पहले NCP विधायक दल की नेता के रूप में सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव वरिष्ठ नेता दिलीप वालसे पाटिल ने किया। जबकि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने इसका समर्थन किया। बारामती में 28 जनवरी को हुई एक विमान दुर्घटना में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली 'महायुति' सरकार में उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रहे अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई। बैठक के दौरान सुनेत्रा पवार ने अपने दिवंगत पति की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। उनके छोटे बेटे जय भी इस अवसर पर मौजूद थे। विधान भवन परिसर में प्रवेश करते समय कई मंत्री और विधायक भावुक दिखाई दिए। लोक भवन ने पुष्टि की है कि सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण समारोह मुंबई में शाम पांच बजे आयोजित किया गया। सुनेत्रा पवार ने साल 2024 में बारामती से लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। उन्हें अपनी ननद और NCP (SP) की मौजूदा सांसद सुप्रिया सुले से पराजय का सामना करना पड़ा था। इसके बाद सुनेत्रा पवार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुईं। डिप्टी सीएम बनने का फैसला क्यों लिया? कुछ लोग जल्दबाजी में डिप्टी सीएम बनने के पीछे की वजह को लेकर हैरान हैं। पार्टी सूत्रों ने News18 को बताया कि सुनेत्रा पवार शुरुआत में इसके लिए तैयार नहीं थीं। लेकिन पार्टी की भलाई और अजित पवार के विजन को आगे बढ़ाने के लिए NCP वफादारों की राय पर विचार करने के बाद भारी मन से वह सहमत हुईं। देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली 'महायुति' सरकार में उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रहे अजित पवार की 28 जनवरी को बारामती में एक विमान दुर्घटना में चार अन्य लोगों के साथ मौत हो गई थी। NCP सूत्रों के अनुसार, डिप्टी CM अजित पवार की मौत के बाद सुनेत्रा को लगा कि पार्टी प्रमुख के तौर पर अपने पति के विजन को आगे बढ़ाना उनकी जिम्मेदारी है। सूत्रों ने कहा, "जब अजित पवार ने बगावत की, तो वह अकेले थे… सुनेत्रा पवार ने एक पत्नी के तौर पर उस पार्टी की रक्षा करना अपना कर्तव्य समझा, जिसे अजित पवार ने सालों की कड़ी मेहनत से बनाया था। दुख की घड़ी में भी, उन्हें लगा कि अपने पति के काम को आगे बढ़ाना उनकी जिम्मेदारी है।" अजित पवार ने NCP को दो गुटों में बांट दिया था। एक गुट यानी असली NCP अजित पवार का है। जबकि दूसरा NCP (SP) उनके चाचा शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले के नेतृत्व में है। इसके बाद वह BJP-शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हो गए। जबकि SP गुट शिवसेना UBT और कांग्रेस के साथ विपक्ष में रहा।  

NCP अपडेट: सुनेत्रा पवार चुनी गईं विधायक दल की नेता, डिप्टी CM पद संभालेंगी आज

मुंबई      एनसीपी (अजित गुट) की विधायक दल बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए सुनेत्रा पवार को पार्टी का नया विधायक दल नेता चुन लिया गया है. इस फैसले के साथ ही उनके आज ही महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने का रास्ता साफ हो गया है. बैठक से पहले ही संकेत मिल गए थे. पार्टी नेता दिलीप वलसे ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे पार्टी के अन्य नेताओं ने समर्थन दिया. सुनेत्रा पवार राज्यसभा सांसद के रूप में विधान भवन पहुंची थीं, जहां सर्वसम्मति से उन्हें पार्टी का नेता बनाए जाने का फैसला लिया गया. इससे पहले एनसीपी नेताओं ने दिवंगत अजित पवार को श्रद्धांजलि दी. पार्टी नेताओं के मुताबिक यह फैसला संगठन और राज्य की राजनीति के लिए निर्णायक माना जा रहा है. परिवार में कोई समस्या नहीं जब शरद पवार से पूछा गया कि क्या परिवार के सदस्य के तौर पर उन्हें सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने के बारे में भरोसे में लिया गया था, इस पर शरद पवार ने कहा, ‘अगर परिवार पर कोई विपदा आती है, तो परिवार एकजुट रहता है। परिवार में कोई समस्या नहीं है।’ – सुनेत्रा पवार को एनसीपी विधायक दल का आधिकारिक नेता चुन लिया गया है. उनके चयन के बाद, पार्टी सभी उपस्थित विधायकों के हस्ताक्षर के साथ एक औपचारिक पत्र राज्यपाल और मुख्यमंत्री को सौंपेगी. यह पत्र नेतृत्व परिवर्तन की आधिकारिक सूचना का काम करेगा और पार्टी की पूरी एकजुटता और समर्थन को उनकी नियुक्ति के लिए प्रमाणित करेगा. इस कदम से सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री बनने की प्रक्रिया और भी मजबूत हुई है, जबकि पार्टी के भीतर एकजुटता का संदेश भी साफ तौर पर दिखाई देता है. – एनसीपी (अजित गुट) के विधायकों ने शनिवार को सर्वसम्मति से सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुन लिया. इसके साथ ही महायुति सरकार में उनके उपमुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है. उनके नाम का प्रस्ताव पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप वलसे ने रखा, जिसे कई वरिष्ठ नेताओं का समर्थन मिला. राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को आज शाम 5 बजे राज्यपाल शपथ दिलाएंगे. इस फैसले के साथ सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनने जा रही हैं. यह फैसला अजित पवार के निधन के बाद पार्टी की नई सियासी दिशा और नेतृत्व को भी दर्शाता है. – अब तक अनुपस्थित रहे विधायक अशुतोष काळे भी विधान भवन पहुंच गए हैं, जो लगभग थकावट के साथ पहुंचे. उनके आने के साथ ही NCP (अजित पवार गुट) के सभी विधायक एकत्रित हो चुके हैं. यह बैठक सुनेत्रा पवार के विधायक दल नेता चुने जाने और उपमुख्यमंत्री पद की शपथ की प्रक्रिया के लिए अहम मानी जा रही है. – एनसीपी (अजित गुट) की विधायक दल बैठक में औपचारिक प्रक्रिया की शुरुआत दिवंगत नेता अजित पवार को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई. पार्टी नेता सुनील तटकरे ने शोक प्रस्ताव पेश कर अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके बाद दिलीप वलसे पाटिल ने विधायक दल के नए नेता को लेकर अहम प्रस्ताव सदन के सामने रखा, जिसे वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने समर्थन दिया. – राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार विधान भवन पहुंची हैं, जहां एनसीपी की विधायक दल की अहम बैठक शुरू हो गई है. इस बैठक में पार्टी अपना नया नेता चुन सकती है. माना जा रहा है कि इस फैसले से महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव हो सकता है. बैठक के नतीजे सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री बनने का रास्ता भी खोल सकते हैं. – महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को एनसीपी नेताओं ने विधायिका दल की अहम बैठक से पहले श्रद्धांजलि अर्पित की. पार्टी की ओर से जारी अंदरूनी दृश्यों में वरिष्ठ नेता, विधायक और सांसद अजित पवार के चित्र पर पुष्प अर्पित करते नजर आए. यह श्रद्धांजलि ऐसे समय दी गई है, जब एनसीपी की बैठक में पार्टी के नए नेता के चुनाव को लेकर चर्चा होनी है. – एनसीपी नेता सुनील तटकरे ने कहा है कि पार्टी दिवंगत अजित दादा की अस्थियां पूरे महाराष्ट्र में ले जाएगी. उन्होंने हालिया वीडियो और बैठक को लेकर सफाई देते हुए बताया कि यह मुलाकात एक कृषि प्रदर्शनी के दौरान चाय पर हुई थी, जिसमें स्थानीय निकाय चुनावों पर चर्चा हुई. तटकरे के मुताबिक, उसी के बाद अजित दादा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बातचीत की पुष्टि की थी. उन्होंने कहा कि बैठक के बाद पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी. साथ ही तटकरे ने साफ किया कि एनसीपी के विधायकों, सांसदों और वरिष्ठ नेताओं ने सुनेत्रा पवार को लेकर सर्वसम्मति से फैसला लिया है, जो पार्टी की अगली रणनीति के लिए अहम माना जा रहा. – NCP MP प्रफुल्ल पटेल NCP विधायकों की मीटिंग के लिए विधान भवन पहुंचे. महाराष्ट्र की राजनीति में क्या चल रहा है? डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी के दो गुटों के संभावित विलय पर वरिष्ठ नेता शरद पवार ने बातचीत फिर शुरू की, यह कहते हुए कि अजित पवार अपने जीवनकाल में इसे चाहते थे. इस बीच, अजित पवार के बेटे पार्थ पवार बारामती में शरद पवार के निवास पर डेढ़ घंटे से अधिक समय तक मौजूद रहे, जो परिवार और पार्टी के बीच जारी चर्चा का संकेत है. विधायक दल की बैठक से पहले एनसीपी नेताओं ने दिवंगत अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके महाराष्ट्र के प्रति समर्पण और जनता के लिए किए गए कार्यों को याद किया.

पवार परिवार को नई ताकत: सुनेत्रा पवार ने डिप्टी सीएम पद स्वीकारा, पावरफुल विभाग मिलने के संकेत

मुंबई महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है. सूत्रों के मुताबिक सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री बनने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है. बताया जा रहा है कि यह फैसला सरकार के भीतर सत्ता संतुलन और आगामी राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. सुनेत्रा पवार की नियुक्ति से महायुति सरकार में एक बार फिर नए समीकरण बनते दिख रहे हैं. जानकारी के मुताबिक सुनेत्रा उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ राज्य सरकार में आबकारी और खेल मंत्रालय भी अपने पास रखेंगी. बताया जा रहा है कि कल शनिवार को शाम 5 बजे सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण होगा. इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की विधानमंडल दल यानी CLP की बैठक कल दोपहर 2 बजे बुलाई गई है. इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें नेतृत्व और आगे की राजनीतिक रणनीति को लेकर औपचारिक चर्चा हो सकती है.   इधर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी अहम जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं. सूत्रों के अनुसार फडणवीस आगामी बजट सत्र से पहले राज्य के वित्त मंत्रालय का प्रभार अपने हाथ में लेंगे. माना जा रहा है कि बजट तैयारियों और आर्थिक नीतियों पर मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है. एनसीपी नेताओं ने रखा था प्रस्ताव सूत्रों का कहना है कि NCP के वरिष्ठ नेताओं ने सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव पार्टी की भविष्य की दिशा तय करने के मकसद से रखा था. खास तौर पर 7 फरवरी को होने वाले पुणे जिला परिषद चुनाव को देखते हुए यह कदम रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है. इसी प्रस्ताव को सुनेत्रा द्वारा स्वीकार किया गया है. बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर पवार परिवार के भीतर भी चर्चा हुई, जिसके बाद सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद स्वीकार करने पर सहमति दी. पार्टी के भीतर इसे संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर सियासी संदेश देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, अब तक सरकार या पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि CLP बैठक के बाद इस पर मुहर लग सकती है.

महाराष्ट्र राजनीति में बड़ा बदलाव संभव, सुनेत्रा पवार को डिप्टी CM बनाने का प्रस्ताव

मुंबई  महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार राज्य की डिप्टी सीएम बन सकती हैं. प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे ने सुनेत्रा से मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक, सुनेत्रा को डिप्टी सीएम बनाए जाने का प्रस्ताव दिया जाएगा।  महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का बारामती में हुए विमान हादसे में निधन हो गया. वहीं अजीत पवार के निधन के बाद उपमुख्यमंत्री का पद खाली हो गया है, जिसके लिए नए नाम की चर्चा भी महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में शुरू हो गई है और चर्चा में सबसे पहला नाम अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार का है. अटकलें लगाई जा रही हैं कि सुनेत्रा पवार को फडणवीस सरकार में जगह मिल सकती है. आइए सुनेत्रा पवार के बारे में विस्तार से जानते हैं… राजनीतिक परिवार में जन्मी, राजनीतिक परिवार की बहू बता दें कि सुनेत्रा पवार पूर्व राज्य मंत्री और लोकसभा सांसद पद्मसिंह पाटिल की बेटी हैं और 1985 में उनकी शादी अजीत पवार से हुई थी. सुनेत्रा के 2 बेटे पार्थ और जय पवार हैं, लेकिन राजनीतिक परिवार में जन्मी और राजनीतिक परिवार की बहू होने के नाते सुनेत्रा पवार का राजनीति से खास कनेक्शन है और वह यह है कि सुनेत्रा अपने दिवंगत पति अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) से महाराष्ट्र की राज्यसभा सांसद भी हैं. वे प्रफुल्ल पटेल के बाद साल 2024 में निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गई थीं. लोकसभा चुनाव हारी थीं, राज्यसभा सांसद चुनी गई थीं बता दें कि सुनेत्रा ने साल 2024 का लोकसभा चुनाव बारामती सीट से अपनी ननद सुप्रिया सुले के खिलाफ लड़ा था, जिसमें वे हार गई थीं. राजनेता होने के अलावा सुनेत्रा पवार बारामती टेक्सटाइल कंपनी की अध्यक्ष हैं. एनवायरनमेंटल फोरम ऑफ इंडिया (EFOI) की CEO हैं, जिसकी नींव उन्होंने ही साल 2010 में रखी थी. वे शरद पवार के मशहूर शिक्षण संस्थान ‘विद्या प्रतिष्ठान’ की ट्रस्ट भी हैं. को-ऑपरेटिव बैंक मामले में आरोपी भी लगे थे सुनेत्रा पर सुनेत्रा पवार साल 2017 से सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी में सीनेट की मेंबर भी हैं. साल 2011 से सुनेत्रा में विश्व उद्यमिता मंच की थिंक टैंक मेंबर भी हैं. सुनेत्रा को ग्रीन वॉरियर अवार्ड भी मिल चुका है. इतनी अचीवमेंट के बाद सुनेत्रा कानूनी पचड़ों में भी फंसी थीं. महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक मामले में सुनेत्रा पवार पर भी आरोप लगे थे, लेकिन आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने उन्हें क्लीन चिट दे दी थी.