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नेपाल की नई सत्ता का पहला वार, सुशीला कार्की ने केपी ओली पर कसा शिकंजा

काठमांडू सुशीला कार्की को नेपाल की सत्ता संभाले हुए अभी 24 घंटे भी नहीं हुए हैं और उन्होंने ताबड़तोड़ एक्शन लेना शुरू कर दिया है. नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के ख़िलाफ़ 8 सितंबर को हुई पुलिस दमन के विरोध में एफआईआर दर्ज की गई है. ओली के खिलाफ जघन्य अपराध के आरोप में जांच की मांग करते हुए एफआईआर दर्ज की गई है.  Gen Z के आक्रोश को देखते हुए 9 सितंबर को केपी शर्मा ओली ने प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दिया था. जुलाई 2024 में उन्होंने प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी और एक साल दो महीने के बाद ही गद्दी छोड़नी पड़ी. अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की कल कर सकती हैं कैबिनेट का विस्तार नेपाल में अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की कल (रविवार) को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकती हैं. सुशीला कार्की शनिवार को पूरे दिन Gen Z प्रतिनिधियों और विभिन्न अन्य राजनीतिक और सामाजिक दलों के साथ विचार-विमर्श में व्यस्त रहीं. उनके इस व्यापक संवाद का उद्देश्य आगामी कैबिनेट विस्तार के लिए सहयोग और समर्थन जुटाना बताया जा रहा है. कार्की के निकट सूत्रों के अनुसार, सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले नए सदस्यों के नामों पर कल तक अंतिम निर्णय लिया जाएगा. उम्मीद जताई जा रही है कि नामों के ऐलान के साथ उसी दिन नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण भी हो जाएगा.  हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस कैबिनेट विस्तार में विभिन्न क्षेत्रीय और जातीय प्रतिनिधियों को शामिल करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे सरकार की स्थिरता और जनसमर्थन में ग्रोथ होने की उम्मीद है. सुशीला कार्की ने रचा इतिहास 12 सितंबर, 2025 का दिन नेपाल के लिए ऐतिहासिक रहा. क्योंकि पहली बार किसी महिला को नेपाल का सत्ता संभालने का मौका मिला. सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री बनीं. इससे पहले कभी भी कोई भी महिला ने नेपाल का नेतृत्व नहीं किया था.

नेपाल में सत्ता परिवर्तन: सुशीला कार्की लेंगी अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ

नेपाल  नेपाल की नई अंतरिम प्रधानमंत्री का नाम तय हो गया है. सुशीला कार्की नई अंतरिम पीएम के रूप में शपथ लेंगी. गौरतलब है कि सुशीला कार्की नेपाल की पूर्व चीफ जस्टिस रह चुकी हैं. जेन जी के आंदोलन के समय से ही अनुमान लगाए जा रहे थे कि सुशीला कार्की को नेपाल की कार्यवाहक सरकार का प्रमुख नियुक्त किया जा सकता है. राष्ट्रपति भवन और सैन्य मुख्यालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि सुशीला कार्की का अंतरिम सरकार का प्रमुख बनना लगभग तय माना जा रहा है. राष्ट्रपति भवन में हुई इस बैठक में सहमति बनने का दावा किया जा रहा है. ये सहमति राष्ट्रपति के अलावा प्रधान सेनापति जनरल अशोक राज सिग्देल, सुशीला कार्की, स्पीकर देवराज घिमिरे और राष्ट्रीय सभा के अध्यक्ष नारायण दहाल की उपस्थिति में बनी है. सूत्रों के मुताबिक सब कुछ ठीक रहा, तो कल शपथग्रहण हो सकता है. मीटिंग में संसद विघटन पर भी सहमति बन गई है. अगले  6 महीने में आम चुनाव कराना होगा. जानकारी के मुताबिक नेपाल के राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने नेपाली कांग्रेस और माओवादी के नेताओं के साथ परामर्श किया है. सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाए जाने को लेकर इन नेताओं से चर्चा की गई है.  राष्ट्रपति का प्रमुख दल के नेताओं से संवाद हुआ है. इसमें माओवादी अध्यक्ष प्रचण्ड, कांग्रेस उपसभापति पूर्ण बहादुर खड़का, महामंत्री गगन थापा, पूर्व प्रधानमंत्री माधव शामिल हैं. हालांकि प्रमुख दलों ने संविधान विघटन को लेकर सहमति नहीं दी है.  72 साल की सुशीला कार्की सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रही हैं और Gen-Z युवाओं के प्रतिनिधि चाहते हैं कि उन्हें ही फिलहाल के लिए अंतरिम सरकार की ज़िम्मेदारी सौंपी जाए और अगले 6 महीने के अंदर नेपाल में संसदीय चुनाव कराए जाएं. बताया जा रहा है कि नेपाल के युवा इसके लिए तैयार नहीं हैं. उनका कहना है कि वो उम्रदराज़ नेताओं से तंग आ चुके हैं और किसी भी कीमत पर 73 साल के ओली को हटाकर 72 साल की सुशीला कार्की को प्रधानमंत्री नहीं बनाया जा सकता. बता दें कि नेपाल ने Gen-Z के आंदोलन के बाद तख्तापलट हो गया है. अब कवायद अंतरिम सरकार बनाने को लेकर जारी है. इसी क्रम आज देर रात अहम बैठक बुलाई गई. वहीं, नेपाल में हुए विनाशकारी विरोध प्रदर्शनों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. अब हर कोई यही सोच रहा है कि नेपाल किस रास्ते पर चलेगा? नेपाल की आबादी करीब 3 करोड़ के आस-पास है और अब Gen-Z ने कहा है कि उनका मकसद नेपाल के संविधान को मिटाना नहीं, बल्कि संसद को भंग करना है. लेकिन सवाल यही है कि सत्ता को उखाड़ फेंकने के लिए Gen-Z ने जो रास्ता अपनाया, और नेपाल को जो नुकसान हुआ है, क्या वो इससे उबर पाएगा?

सुशीला कार्की का बड़ा बयान: मोदी जी को किया नमस्कार, भारत को लेकर दिए ये संदेश

 नई दिल्ली/काठमांडू  हिंसा से जूझ रहा नेपाल धीरे-धीरे शांति की ओर बढ़ रहा है. पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की नेपाल की अंतिरम सरकार की प्रमुख बनने के लिए रजामंद हो गई हैं. नेपाल की कमान संभालने से पहले ही कार्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है. कार्की ने कहा कि मैं मोदी जी को नमस्कार करती हूं. मुझ पर मोदी जी का बहुत अच्छा प्रभाव है. उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि वह इस जिम्मेदारी के लिए तैयार हैं. नेपाल में हालिया मूवमेंट की अगुवाई कर रहे Gen-Z ग्रुप ने मुझ पर विश्वास जताया है कि मैं भले ही छोटी अवधि के लिए लेकिन सरकार की अगुवाई करूं. उन्होंने कहा कि मेरी पहली प्राथमिकता उन लोगों का सम्मान करने की होगी, जिन्होंने प्रदर्शनों में अपनी जान खोई है. कार्की ने कहा कि हमारा पहला काम प्रोटेस्ट के दौरान मारे गए लोगों के परिवार वालों के लिए कुछ करने का होगा.  कार्की ने नेपाल का समर्थन को लेकर भारत की भूमिका की बात करते हुए कहा कि मैं भारत का बहुत सम्मान करती हूं और उनसे प्यार करती हूं. मैं मोदी जी की कार्यशैली से प्रभावित हूं. भारत ने नेपाल की बहुत मदद की है. नेपाल के अस्थिर राजनीतिक इतिहास का हवाला देते हुए कार्की ने कहा कि नेपाल में शुरू से ही समस्याएं रही हैं. अब स्थिति मुश्किल है. हम नेपाल के विकास के लिए काम करेंगे. हम देश की नई शुरुआत करेंगे. बता दें कि कार्की नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस रही हैं. उन्होंने 2016 में यह पद संभाला था. लेकिन उन पर सरकार के काम में दखल देने का  आरोप लगाकर महाभियोग लाया गया था. लेकिन कार्की ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, कोर्ट ने इसके बाद उन्हें राहत देने से फैसले को पलट दिया था.  नेपाल में बवाल: जेलब्रेक के दौरान कैदियों पर सेना की फायरिंग, 2 की मौत नेपाल में उथल-पुथल और राजनीतिक अस्थिरता का दौर जारी है. इस बीच नेपाल के रामेछाप में कैदियों ने जेल से भागने की कोशिश की, जिसके बाद सेना ने गोली चला दी. सेना की गोली लगने से दो कैदियों की मौत हो गई है. सेना से झड़प के दौरान 10 और कैदियों को गोली लगी है. नेपाल में सेना का नियंत्रण होने के बाद गोलीबारी की ये पहली घटना है.  इससे पहले काठमांडू जेल ब्रेक से भागे बांग्लादेशी नागरिक को एसएसबी ने पकड़ा. यह शख्स सोने की तस्करी के आरोप में पांच साल से नेपाल में बंद था. बिहार-नेपाल सीमा के रक्सौल सीमा की सुरक्षा में लगी SSB की 47 बटालियन ने एक बांग्लादेशी नागरिक महमद अबुल हसन ढाली को हिरासत में लिया. SSB 47वीं बटालियन के कमांडेंट संजय पांडे ने बताया कि नेपाल में तीन दिनों से बदले स्थिति को देखते हुए सीमा पर गश्त बढ़ा दी गई है. बुधवार लगभग तीन बजे दिन में संदेह के आधार पर एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया. जांच में महमद अबुल हसन ढली ने बताया कि यह नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित जेल में पांच साल से कैद है और नेपाल में हुए जेल ब्रेक में भाग कर यह रक्सौल पहुंचा है, जिससे आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए हरपुर थाना को सौंपा जा रहा है. बता दे कि नेपाल में ओली सरकार के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दूसरे ओर तीसरे दिन नेपाल के विभिन्न जिलों से लगभग 15000 कैदी जेल से भाग निकले हैं.