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शारदा भवानी मंदिर कश्मीर में तीन दशकों बाद फिर हुआ उद्घाटित, स्थानीय मुस्लिमों का सम्मानजनक बयान

श्रीनगर  कश्मीरी पंडित समुदाय ने रविवार को जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में शारदा भवानी मंदिर को तीन दशकों से भी ज्यादा समय बाद फिर से खोल दिया। इस समारोह में स्थानीय मुस्लिम समुदाय की भारी भागीदारी रही। मध्य कश्मीर जिले के इचकूट गांव में 'मुहूर्त' और 'प्राण प्रतिष्ठा' के साथ आयोजित इस समारोह में कश्मीरी पंडित परिवारों का एक ग्रुप 1990 के दशक की शुरुआत में कश्मीर घाटी में उग्रवाद भड़कने के बाद पहली बार अपने पैतृक स्थान पर लौटा। इस दौरान एक मुस्लिम बुजुर्ग ने कहा कि कश्मीर घाटी कश्मीरी पंडितों की जन्मभूमि है और दोनों समुदाय साथ-साथ पले-बढ़े हैं। बडगाम स्थित शारदा स्थापना समुदाय के अध्यक्ष सुनील कुमार भट्ट ने कहा, "हम कह सकते हैं कि यह पाकिस्तान स्थित शारदा माता मंदिर की एक शाखा है। हम लंबे समय से इस मंदिर को फिर से खोलना चाहते थे। स्थानीय मुसलमान भी यही चाहते थे। वे हमें नियमित रूप से आकर मंदिर की पुनर्स्थापना करने के लिए कहते थे।" उन्होंने कहा कि पंडित समुदाय ने 35 साल बाद मंदिर को फिर से खोला है। उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि यह (सभा) एक वार्षिक आयोजन होगा और हम माता रानी से प्रार्थना करते हैं कि समुदाय के सदस्य जल्द ही कश्मीर लौट आएं।" भट्ट ने कहा कि कुछ कश्मीरी पंडितों ने, जिनमें से ज्यादातर प्रधानमंत्री पैकेज के तहत काम कर रहे हैं, मंदिर का पुनर्निर्माण किया है और पुराने मंदिर के खंडहर हो जाने के कारण, उन्होंने जिला प्रशासन से एक नए मंदिर के निर्माण के लिए संपर्क किया है। उन्होंने कहा, "हम निर्माण की योजना बना रहे हैं। हमने वहां एक शिवलिंग स्थापित किया है जो हमें इस जगह की सफाई और जीर्णोद्धार के दौरान मिला था।" समारोह में घाटी की प्रसिद्ध मिश्रित संस्कृति की झलक दिखाई दी क्योंकि स्थानीय मुसलमान भी इस समारोह में शामिल हुए। भट्ट ने कहा, "स्थानीय समुदाय के बिना, यह संभव नहीं होता।" उन्होंने आगे कहा कि उनका समर्थन बहुत बड़ा है। उन्होंने कहा, "जब हम यहां आए थे, तब हम सिर्फ चार लोग थे। आज पूरा गांव हमारे साथ है। यह स्थानीय समुदाय के समर्थन को दर्शाता है।" एक बुज़ुर्ग स्थानीय मुसलमान ने कहा कि पंडित समुदाय का अपनी जड़ों की ओर लौटने पर हार्दिक स्वागत है। उन्होंने कहा, "ये लोग इसी गांव के निवासी हैं। हालात बिगड़ने से पहले हम साथ रहते और खाते-पीते थे। अगर उन्हें किसी चीज की जरूरत होती है, तो हम उनकी मदद के लिए मौजूद हैं।" उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी पंडितों की 'जन्मभूमि' है और दोनों समुदायों के लोग साथ-साथ पले-बढ़े हैं। उन्होंने कहा, "हम साथ बिताए पलों को कैसे भूल सकते हैं? हमें खुशी है कि वे यहां आए और प्रार्थना की। यह उनकी आस्था का मामला है।"  

धौलीगंगा बिजली परियोजना में संकट, भूस्खलन के बाद सुरंगों में 19 कर्मचारी फंसे

पिथौरागढ़ उत्तराखंड में फिर एक बड़ा हादसा हुआ है। पिथौरागढ़ में धौलीगंगा बिजली परियोजना की सामान्य एवं इमरजेंसी सुरंगों में भूस्खलन के कारण एनएचपीसी के 19 कर्मचारी फंस गए हैं। भूस्खलन से पॉवर हाउस का रास्ता बंद हो गया है। धारचूला के उप-जिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा ने बताया कि भूस्खलन के कारण भारी मलबा जमा हो गया है। मलबा हटाने के लिए मशीनें लगाई गई हैं। शाम तक रास्ता साफ होने की उम्मीद है। फिर सभी कर्मचारी बाहर आ सकेंगे। अधिकारी ने बताया कि भूस्खलन से नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पॉवर कॉर्पोरेशन (NHPC) के 19 कर्मी पॉवर हाउस में फंस गए हैं। भूस्खलन भारी बारिश के कारण हुआ है। धारचूला के पास ईलागढ़ क्षेत्र में धौलीगंगा बिजली परियोजना की सामान्य और आपातकालीन सुरंगों की ओर जाने वाला रास्ता बंद हो गया है। मलबा गिर रहा है। फिर भी सीमा सड़क संगठन की जेसीबी मशीनों रास्ता साफ करने के काम में जुटी हैं। धारचूला के उप-जिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा ने आगे कहा कि सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। ये कर्मचारी बिजली घर का रास्ता खुलने के बाद बाहर आ जाएंगे। विद्युत परियोजना से बिजली उत्पादन का काम सामान्य रूप से जारी है। भूस्खलन की घटना धौलीगंगा पॉवर स्टेशन के मुहाने पर हुई है। डरने या किसी प्रकार के घबराने की बात नहीं है। जेसीबी मशीनों से मलबा हटाने का काम जारी है। फिलहाल सबकुछ सामान्य रूप से चल रहा है। पिथौरागढ़ की पुलिस अधीक्षक (SP) रेखा यादव ने बताया कि मजदूर फंसे हैं। बड़े-बड़े पत्थरों ने सुरंग के मुहाने को बंद कर दिया है। JCB मशीनों को मौके पर भेजा गया है। फंसे मजदूर और कर्मचारी कंपनी और स्थानीय प्रशासन के लगातार संपर्क में बने हुए हैं। कर्मचारियों के पास अंदर खाने-पीने का सामान भी काफी है। वहीं धारचूला के उप-जिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा ने कहा कि चिंता की बात नहीं है। उम्मीद है कि रास्ता जल्द साफ कर दिया जाए। बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन की JCB मशीनों भी काम में जुटी हैं।  

अजित डोभाल बीच मीटिंग छोड़कर क्यों निकले? SCO समिट में पाकिस्तान ने किया बवाल

नई दिल्ली SCO समिट में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन की यात्रा पर हैं। पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच करीब एक घंटे तक मुलाकात हुई। चीन में SCO समिट हो रही है उस समय अजित डोभाल का एक्शन याद आ रहा है जब वो पाकिस्तान की एक हरकत के बाद बैठक छोड़कर बाहर आ गए थे। मामला साल 2020 का है जब कोविड-19 के कारण सभी मीटिंग वर्चुअल हो रही थीं। सितंबर में एससीओ समिट के दौरान भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बैठक में शामिल हुए और इस बैठक की अध्यक्षता रूस कर रहा था। पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने की ओछी हरकत बैठक के दौरान पाकिस्तान के प्रतिनिधि डॉ. मोईद यूसुफ ने एक राजनीतिक मानचित्र पेश किया जिसमें भारत के अभिन्न अंग जम्मू-कश्मीर और जूनागढ़ पर पाकिस्तान का दावा किया गया था। पाकिस्तान के प्रतिनिधि के ये हरकत एससीओ के नियमों का साफ उल्लंघन था, जो द्विपक्षीय विवादों को बहुपक्षीय मंचों पर लाने की मनाही करते हैं।   भारत ने जताई आपत्ति पाकिस्तान के प्रतिनिधि डॉ. मोईद यूसुफ की इस हरकत पर भारत ने तुरंत आपत्ति जताई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे रूस ने पाकिस्तान से प्रतिनिधि ने मानचित्र हटाने की बार-बार चेतावनियों को नडरअंदाज कर दिया। उसके बाद वो हुआ जो किसी ने नहीं सोचा था। बैठक छोड़कर कर बाहर निकल आए डोभाल भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल बैठक छोड़कर बाहर आ गए। उनका ये कदम एक संदेश था कि भारत अपनी क्षेत्रीय अखंडता पर सवाल नहीं उठने देगा। इस घटना के बाद रूस की ओर से जारी किए गए बयान में कहा कि वह पाकिस्तान की भड़काऊ कार्रवाई का समर्थन नहीं करता, और रूसी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव निकोलाई पात्रुशेव ने अजित डोभाल के इस कदम की तारीफ की। एक्सपर्ट्स ने भी पाकिस्तान इस कदम को "एससीओ चार्टर का घोर उल्लंघन और एससीओ सदस्य देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के सभी स्थापित मानदंडों के विरुद्ध" बताया। अजित डोभाल का ट्रैक रिकॉर्ड अजित डोभाल का ट्रैक रिकॉर्ड किसी जासूसी थ्रिलर जैसा है। 1971 और 1978 के बीच 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के लिए एक मुस्लिम मौलवी बनकर पाकिस्तान में गुप्त रूप से रहे। उन्होंने पाकिस्तान की सैन्य योजनाओं की जानकारी भारत पहुंचाई जिससे भारत को रणनीतिक निर्णय लेने में मदद मिली। घेरलू विद्रोहों को शांत करने में अहम भूमिका भारत में, अजित डोभाल ने घरेलू विद्रोहों के दौरान शांति वार्ता में मदद की, जिसमें मिजो विद्रोही नेताओं के साथ बातचीत भी शामिल थी जिसके परिणामस्वरूप 1986 में मिजो शांति समझौता हुआ। डोभाल 1988 में ऑपरेशन ब्लैक थंडर का भी हिस्सा थे, जिसमें उन्होंने स्वर्ण मंदिर परिसर में घुसपैठ करके उग्रवादियों के बारे में खुफिया जानकारी इकट्ठा की थी। भारतीय बंधकों की सुरक्षित रिहाई साल 1999 में, उन्होंने कंधार विमान हाईजैक के दौरान बातचीत में मदद की और भारतीय बंधकों की रिहाई सुनिश्चित की। 2014 में, उन्होंने इराक में आईएसआईएस द्वारा बंधक बनाई गई 46 भारतीय नर्सों की वापसी में कोर्डिनेट किया। और 2016 में, उन्होंने लाइन ऑफ कंट्रोल के पार आतंकवादी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की योजना की देखरेख की।  

महिलाओं-बेटियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, एंटी रोमियो स्क्वॉड की गतिविधियाँ और सक्रिय हों: मुख्यमंत्री

बोले मुख्यमंत्री, शिकायतकर्ता की संतुष्टि और उसका फीडबैक ही अधिकारियों के प्रदर्शन का वास्तविक पैमाना होगा शारदीय नवरात्र में प्रारंभ होगा ‘मिशन शक्ति’ का नया चरण, जिलों को अभी से व्यापक तैयारी के निर्देश बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य प्रभावी बनाए जाएं, जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन अवश्य लिया जाए: मुख्यमंत्री बरसात व डेंगू के प्रकोप से निपटने को नगर निकाय जलभराव निकासी व सफाई पर दें विशेष ध्यान नकली-अधोमानक दवाओं की बिक्री पर शून्य सहिष्णुता, सतत चौकसी और कड़ी मॉनीटरिंग के निर्देश खरीफ सीजन में खाद की कमी नहीं होनी चाहिए, कालाबाजारी-जमाखोरी पर कठोरतम कार्रवाई होगी: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने की प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी त्यौहारों की तैयारियों, बाढ़ की स्थिति, डेंगू की रोकथाम एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा यूपीएसएसएससी की पीईटी आयोजन की तैयारियों की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा, जिलाधिकारियों से कहा, परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता हर हाल में हो सुनिश्चित पीईटी- 2025 को लेकर नकारात्मकता फैलाने वालों के साथ पूरी कठोरता से निपटे पुलिस: मुख्यमंत्री 06 और 07 सितम्बर को 48 जिलों में प्रस्तावित है पीईटी, 25.31 लाख युवाओं ने कराया है पंजीयन आईजीआरएस आवेदनों/शिकायतों के यथोचित निस्तारण के आधार पर जनपदों की स्थिति की रैंकिंग भी जारी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जन शिकायतों और समस्याओं के समाधान में लापरवाही किसी भी दशा में अक्षम्य है। उन्होंने कहा है कि आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन के माध्यम पर प्राप्त हो रही प्रत्येक जन शिकायत और समस्या का शिकायतकर्ता की दृष्टि से संतुष्टिपरक समाधान होना ही चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है, जनहित सर्वोपरि है। शिकायतकर्ता की संतुष्टि और उसका फीडबैक ही अधिकारियों के प्रदर्शन का वास्तविक पैमाना होगा।  मुख्यमंत्री, रविवार देर रात प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन, आगामी त्यौहारों की तैयारियों, बाढ़ की स्थिति, डेंगू नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे विषयों पर सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, पुलिस कप्तानों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए निर्देश दिए कि सभी जिलों में एंटी रोमियो स्क्वॉड की गतिविधियाँ और सक्रिय की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी नवरात्र में ‘मिशन शक्ति’ का नया चरण प्रारंभ होगा, जिसके लिए सभी जिलों को अभी से व्यापक तैयारियां कर लेनी चाहिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त जन शिकायतों की मंडलवार, जनपदवार, तहसीलवार, ज़ोनवार, रेंजवार, जिला पुलिस और थाना स्तर पर रैंकिंग जारी की। संबंधित जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि हर पीड़ित की भावना का सम्मान करते हुए पूरी संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि मिथ्या अथवा भ्रामक रिपोर्ट लगाने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अनिवार्य रूप से होगी। मुख्यमंत्री ने हाल के पर्व-त्योहारों के सकुशल सम्पन्न होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और आगामी बरावफ़ात, अनंत चतुर्दशी व विश्वकर्मा पूजा के दृष्टिगत पुलिस-प्रशासन को पहले से अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित जनपदों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि राहत कार्यों को और प्रभावी बनाया जाए तथा इनमें जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन अवश्य लिया जाए। बरसात के मौसम में बीमारियों की आशंका को देखते हुए उन्होंने नगर निकायों को जलभराव की तत्काल निकासी व सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने का निर्देश दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेलों का सतत आयोजन करने और सर्पदंश के उपचार हेतु सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। नकली या अधोमानक दवाओं की बिक्री पर गंभीर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में ऐसी एक भी गतिविधि बर्दाश्त नहीं होगी। प्रशासन को सतत चौकसी और कड़ी मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खरीफ सीजन के लिए खाद की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के किसी भी किसान को खाद की कमी न हो, आपूर्ति शृंखला की सघन निगरानी की जाए और कालाबाजारी या जमाखोरी पर कठोरतम कार्रवाई की जाए। बैठक में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा 06 और 07 सितम्बर को प्रस्तावित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री को बताया गया कि परीक्षा 48 जिलों में बनाए गए 1479 केंद्रों पर आयोजित होगी, जिसमें 25.31 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसे हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रश्न पत्रों की गोपनीयता, सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती, लाइव सीसीटीवी कंट्रोल रूम, नगर यातायात व्यवस्था और बारिश के मौसम में परीक्षार्थियों की सुविधा हेतु विशेष प्रबंधन सुनिश्चित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन परीक्षा आयोजन संस्था के साथ समन्वय कर अभ्यर्थियों को हरसंभव सुविधा उपलब्ध कराए।

भारत धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक समरसता का देश – मंत्री विजयवर्गीय

सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रदेश में किए जा रहे विकास कार्य: मंत्री श्री चौहान आगर मालवा में हुआ महाराणा प्रताप एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भारत धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक समरसता का देश है। यहाँ जन्म लेना सौभाग्य है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने ऋषि-मुनियों की महान परम्परा का उल्लेख करते हुए उज्जैन को प्राचीनकाल से कालगणना का केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश नई ऊंचाइयों को छू रहा है और वर्ष-2047 तक भारत शांति व प्रेम का संदेश देकर विश्व में नंबर-वन बनेगा। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने स्वदेशी सामग्री के महत्व पर जोर देते हुए लोगों से इसका उपयोग करने का आग्रह किया। अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति के कल्याण के लिए योजनाएं संचालित हो रही हैं। मंत्री श्री चौहान ने कहा कि महाराणा प्रताप और डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं का अनावरण कर आगर नगर को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि आगर मालवा के सर्वांगीण विकास के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में विकास कार्य किए जाएँगे। आगर मालवा में रविवार को मंत्री द्वय श्री कैलाश विजयवर्गीय एवं श्री नागर सिंह चौहान ने विजय स्तंभ चौराहा पर 66 लाख रुपये की लागत से निर्मित विजय द्वार और महाराणा प्रताप की प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही नेहरू स्मृति वन में 14 लाख रुपये की लागत से निर्मित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण भी किया। कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधि,कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल गणेशोत्सव में शामिल हुए

राजभवन मंदिर परिसर में हुआ आयोजन भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल  रविवार को राजभवन में आयोजित गणेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन राजभवन परिसर के मंदिर प्रांगण में किया गया है। राज्यपाल श्री पटेल ने मंदिर प्रांगण में स्थापित भगवान श्री गणेश की झांकी का अवलोकन किया और भगवान श्री गणेश की आरती की। प्रदेश के विकास और प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना की।  

क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर एमपी घूमने आए, दो दिनों तक रहेंगे

खरगोन  क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर रविवार को प्रशंसकों की भीड़ में घिर गए। उनका कार तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया। एमपी के खरगोन जिले की तीर्थ नगरी महेश्वर में यह नजारा नजर आया। सचिन तेंदुलकर को यहां देख क्रिकेट के दीवाने लोगों ने उन्हें घेर लिया, उनके साथ फोटो खींचने और सेल्फी लेने की होड़ सी लग गई। ​सचिन ने भी प्रशंसकों के साथ खासा समय बिताया लेकिन बाद में भीड़ के कारण उन्हें अपनी कार तक पहुंचने में भी मशक्कत करनी पड़ी। सचिन तेंदूलकर दोपहर करीब ढाई बजे महेश्वर पहुंचे। यहां उपस्थित टूरिस्ट उन्हें देख उत्साहित हो उठे। ​सचिन के साथ सेल्फी लेने के लिए युवाओं की भीड़ लग गई। उन्होंने कुछ देर तक लोगों के साथ फोटो खिंचवाई। बताया जा रहा है कि सचिन तेंदूलकर महेश्वर सहित आसपास के टूरिस्ट स्थलों पर घूमने के लिए आए हैं। एमपी में उनका दो दिनों तक रहने का प्रोग्राम है। उनके साथ कुछ अन्य परिजन भी हैं। सचिन तेंदूलकर महारानी अहिल्याबाई के महल और किला भी जाएंगे।   सचिन तेंदुलकर महेश्वर के राजबाड़ा पहुंचे। पत्नी डॉ. अंजलि तेंदुलकर और बेटी सारा तेंदुलकर भी उनके साथ थीं। गाड़ी से राजबाड़ा पर उतरते ही प्रशंसकों ने नारे लगाने शुरू कर दिए- आला रे आला सचिन आला, गणपति बप्पा मोरया, भारत का रत्न कैसा हो सचिन जैसा हो… नारों के बीच कार से उतरते ही एसडीओपी श्वेता शुक्ला, होटल अहिल्या फोर्ड के मैनेजर हुसैन अली ने उनका स्वागत किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सचिन रविवार, सोमवार यानि 2 दिनों तक महेश्वर में रुकेंगे। वे यहां नर्मदा आरती एवं भगवान काशी बिश्वनाथ, राजराजेश्वर मंदिर दर्शन के साथ महेश्वर किले का भ्रमण भी करेंगे। देवी अहिल्या क्लब महेश्वर के सदस्यों ने सचिन से मुलाक़ात कर उन्हें क्लब का इतिहास बताया।

फ्लैट खरीदारों का इंतजार खत्म, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में रजिस्ट्री का रास्ता साफ

नोएडा-ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश के स्टाम्प, कोर्ट फीस और रजिस्ट्रेशन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने कहा है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में फ्लैट रजिस्ट्री में देरी उनकी विभागीय वजह से नहीं हो रही है, बल्कि इसका कारण बिल्डरों और स्थानीय विकास प्राधिकरणों के बीच "नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट" (NOC) को लेकर चल रहा विवाद है. बकाया और शर्तें पूरी करने के बाद नहीं होगी देरी जायसवाल ने कहा कि जैसे ही बिल्डरों को नोएडा, ग्रेटर नोएडा या यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण से एनओसी मिल जाती है, रजिस्ट्री विभाग तत्काल कार्रवाई करता है और खरीदारों की संपत्ति का रजिस्ट्रेशन कर देता है. उन्होंने साफ किया कि उनका विभाग पूरी तरह तैयार है और जैसे ही बिल्डर सभी बकाया और शर्तें पूरी करते हैं, रजिस्ट्री में किसी तरह की देरी नहीं की जाएगी. इस वजह से नहीं मिलती NOC मंत्री ने समझाया कि गौतम बुद्ध नगर जिले में तीन स्थानीय विकास प्राधिकरण हैं—नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण. ये प्राधिकरण बिल्डरों को भूमि आवंटित करते हैं, किस्तें और अन्य शुल्क वसूलते हैं और प्रोजेक्ट की स्वीकृति देते हैं. लेकिन जब बिल्डर भुगतान में देरी करते हैं या शर्तें पूरी नहीं करते, तब उन्हें एनओसी नहीं मिलती और बिना एनओसी रजिस्ट्री नहीं हो सकती. उन्होंने कहा, "जैसे ही बिल्डर एनओसी लेकर आते हैं, हमारा विभाग उसी समय रजिस्ट्री करता है. इसमें किसी भी तरह की देरी नहीं की जाती." खरीदार अक्सर करते हैं प्रदर्शन नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हजारों फ्लैट खरीदार लंबे समय से रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे हैं. कई लोगों को अपार्टमेंट का कब्जा मिल चुका है, लेकिन रजिस्ट्री न होने की वजह से वे कानूनी रूप से मालिक नहीं बन पा रहे हैं. इस समस्या के कारण खरीदार अक्सर प्रदर्शन भी करते हैं, खासकर शनिवार-रविवार को जब बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं. जमीन की लीज़होल्ड प्रकृति भी खरीदारों के लिए चुनौती बनी हुई है. कई लोग चाहते हैं कि उनकी संपत्ति को फ्रीहोल्ड में बदल दिया जाए ताकि वे भविष्य में भी बिना रुकावट अपनी संपत्ति का लाभ उठा सकें. सरकार की ओर से मंत्री का यह बयान उन हजारों खरीदारों के लिए राहत का संकेत माना जा रहा है, जो सालों से रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे हैं. अब खरीदारों की उम्मीद है कि बिल्डर जल्द बकाया चुकाकर एनओसी लेंगे और रजिस्ट्री का रास्ता साफ होगा.

IMD चेतावनी: अगले 14 घंटे में 27 जिलों में भारी से अतिभारी बारिश संभव

भोपाल मध्यप्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून ट्रफ के गुजरने के साथ ही साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव होने से प्रदेश का मौसम बिगड़ने वाला है और आने वाले 14 घंटों में 27 जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। रविवार को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल भोपाल, शाजापुर, उज्जैन समेत कई जिलों में बारिश हुई है। इन जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने रविवार को अगले 24 घंटों (सोमवार की सुबह 8.30 बजे) तक के लिए जो ताजा बुलेटिन जारी किया है उसमें प्रदेश के 27 जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने मुरैना और श्योपुर जिलों अतिभारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है वहीं रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, पांढुर्ना जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।   मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बीते 24 घंटों में इंदौर संभाग के अधिकांश स्थानों पर बारिश दर्ज की गई है इसके साथ ही नर्मदापुरम, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर, भोपाल संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर और रीवा, जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में कहीं कहीं पर बारिश दर्ज हुई है। 2 सितंबर को बनेगा नया सिस्टम ! मौसम विभाग की मानें तो वर्तमान में मानसून ट्रफ बीकानेर, अजमेर, गुना, दमोह से रायपुर होते हु पूर्व दक्षिण पूर्व की ओर मध्य बंगाल की खाड़ी तक विस्तर है। इसके साथ ही एक ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन उत्तर पश्चिम मध्यप्रदेश और निकटवर्ती क्षेत्रों में सक्रिय है। एक अन्य चक्रवातीय परिसंचरण राजस्थान के मध्य भागों पर सक्रिय है और 2 सितंबर के आसपास उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट की देरी पर जताया सख्त रुख

नई दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश अपलोड होने पर में देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा ऐक्शन लिया है। शीर्ष अदालत ने जज के सचिव की स्टेनो बुक जब्त करने का निर्देश दे दिया, ताकि यह पता चल सके कि आदेश कब टाइप किया गया था और उसमें कब सुधार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश अग्रिम जमानत अर्जी खारिज करने के पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के फैसले को अपलोड करने में हुई देरी पर संज्ञान लेते हुए दिया। न्यायाधीश के सचिव की स्टेनो बुक जब्त करने का निर्देश दिया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आदेश कब टाइप किया गया था और उसमें कब सुधार किया गया था। मामले की जांच की जाए जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने इस बात पर गौर किया कि यह फैसला 31 जुलाई 2025 का था। 20 अगस्त तक इसे हाई कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया। बेंच ने कहा कि मामले की विवेकपूर्ण जांच की जाए और आदेश को टाइप एवं अपलोड किए जाने के बारे में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) से रिपोर्ट हासिल की जाए। बेंच ने कहा कि 20 अगस्त को मामले पर विचार करते हुए उसने हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से रिपोर्ट मांगी थी। 29 अगस्त को मामले की सुनवाई करते हुए पीठ ने कहा कि रिपोर्ट से ऐसा प्रतीत होता है कि रजिस्ट्रार जनरल ने 22 अगस्त को न्यायाधीश के सचिव से स्पष्टीकरण मांगा था। उसने कहा कि सचिव ने 22 अगस्त को स्पष्टीकरण दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि सचिव ने आदेश अपलोड किए जाने के समय के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी। उन्होंने सिर्फ इतना बताया था कि न्यायाधीश एक अगस्त से 20 अगस्त के बीच कुछ चिकित्सा प्रक्रिया एवं सर्जरी से गुजरे थे। बेंच ने कहा कि सचिव की ओर से स्पष्टीकरण दिए जाने की तिथि पर आदेश अपलोड किया गया था। हालांकि, इस तथ्य का जिक्र उन्होंने ही किया था। उसने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि यह आदेश 31 जुलाई को पारित नहीं किया गया था, बल्कि वास्तव में यह हाई कोर्ट के आदेश के बाद दिया गया था। जब्त की जाए स्टेनो बुक बेंच ने कहा कि सचिव की स्टेनो बुक जब्त की जाए और पता लगाया जाए कि किस तारीख को आदेश टाइप किया गया और पर्सनल कंप्यूटर (पीसी) पर इसमें सुधार किया गया। एक विवेकपूर्ण जांच की जाए और आदेश टाइप एवं अपलोड किए जाने के संबंध में एनआईसी से पीसी की रिपोर्ट ली जाए और उसे हलफनामे के साथ दाखिल किया जाए। शीर्ष अदालत ने एक व्यक्ति की अग्रिम जमानत खारिज किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। उसने हरियाणा राज्य सहित सभी पक्षों को नोटिस जारी किया और मामले की सुनवाई चार हफ्ते बाद तय की। बेंच ने निर्देश दिया कि इस बीच, अंतरिम उपाय के रूप में, फरीदाबाद में दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी, बशर्ते वह (याचिकाकर्ता) जांच में सहयोग करे। याचिकाकर्ता ने 20 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि हाई कोर्ट की ओर से 31 जुलाई को पारित आदेश उसकी वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया है।