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CISF भर्ती को मिली हरी झंडी, 700 जवान करेंगे इस खास स्थल की निगरानी

नई दिल्ली सरकार ने कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरियट (सीसीएस) की सुरक्षा बढ़ाने के लिए केंद्रीय औद्योगिक बल (सीआईएसएफ) को 700 से ज्यादा कर्मियों की भर्ती की मंजूरी दे दी है। सीसीएस के पहले भवन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बुधवार, (06 अगस्त, 2025) को किया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, सभी 10 सीसीएस बिल्डिगों की सुरक्षा सीआईएसएफ की केंद्र सरकार भवन सुरक्षा (सीजीबीएस) यूनिट करेगी। ये यूनिट गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है। सीआईएसएफ विंग देश की राजधानी में सभी मौजूदा केंद्रीय सरकारी मंत्रालयों और उससे जुड़े विभागों की सुरक्षा करता है।   735 अतिरिक्त कर्मियों की नियुक्ति को दी मंजूरी सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्रालय ने हाल ही में सीजीबीएस इकाई के लिए 735 अतिरिक्त कर्मियों की नियुक्ति को मंजूरी दी है। ये कर्मी बिल्डिंग नंबर 1, 2 और 3 की सुरक्षा करेंगे। उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे सीसीएस बिल्डिंग चालू होंगी, यूनिट को ज्यादा मानव संसाधनों की जरूरत होगी और उम्मीद है कि जल्द ही वो उपलब्ध कराए जाएंगे। कितनी हो जाएगी यूनिट की क्षमता नए मानव संसाधन के साथ सीजीबीएस यूनिट की क्षमता लगभग 5 हजार कर्मियों की हो जाएगी। सूत्रों ने ये भी बताया कि यूनिट को तालकटोरा स्टेडियम स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के विस्तार कार्यालय और चाणक्यपुरी स्थित सुषमा स्वराज भवन की सुरक्षा के लिए लगभग 200 अतिरिक्त कर्मियों की भी मंजूरी दी गई है। सीसीएस बिल्डिंग संख्या 1 और 2 का निर्माण अगले महीने तक पूरा होने की उम्मीद है, जबकि सीसीएस 10 का निर्माण अगले साल अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा। सीसीएस बिल्डिंग नंबर 6 और 7 का प्रोजेक्ट अक्टूबर 2026 तक पूरा होगा। कर्तव्य भवन-03 में गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, एमएसएमई, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय स्थित है।

कांवड़ियों के स्वागत में उमड़ा भक्ति भाव: सीएम योगी ने की पुष्प वर्षा और पूजा अर्चना

गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हरिद्वार दिल्ली राष्ट्रीय राज मार्ग पर कांवड़ यात्रा का हवाई निरीक्षण किया और यहां बाबा दूधेश्वरनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने हेलीकॉप्टर से चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग तथा मेरठ-मुजफ्फरनगर मार्ग का हवाई निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा भी की। मुख्यमंत्री ने मेरठ रेंज के अधिकारियों से कांवड़ यात्रा के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने हरिद्वार से कांवड़ लेकर आ रहे यात्रियों पर मेरठ में पुष्प वर्षा की। पुष्प वर्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ कांवड़ियों से सीधी बात भी की। कांवड़ियों ने हर हर महादेव के नारे के साथ उनका अभिवादन किया। पुष्प वर्षा के दौरान हर हर महादेव के नारे दूर तक गूंजते रहे। जूना अखाड़ा के प्रवक्ता एवं श्रीदूधेश्वरनाथ मठ के श्रीमहंत नारायण गिरि ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मंदिर में पूजा-अर्चना करके आज से शुरु हो रहे श्रावण कावड़ मेला का शुभारंभ भी किया।सिद्धपीठ में यह मेला शिवरात्रि के जलाभिषेक तक चलेगा। 

ममता बनर्जी का तीखा संदेश: बंगाली भाषा के लिए लड़ाई आखिरी सांस तक जारी रहेगी

कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को झारग्राम में एक विशाल विरोध रैली का नेतृत्व किया और राज्य के बाहर बांग्ला भाषी प्रवासियों पर कथित हमलों की निंदा की। बांग्ला भाषा और पहचान को ‘कभी दबाया नहीं जा सकता’ के संदेश के साथ निकाली गई रैली का नेतृत्व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो बनर्जी ने किया। उन्होंने कहा कि भले ही आप मुझे गिरफ्तार करने या मुझे गोली मारने आएं, मैं बंगाली भाषा के अपमान के खिलाफ विरोध करती रहूंगी। उन्होंने कहा कि अगर आप बांग्ला भाषा और बंगाल के लोगों पर हमला करेंगे, तो मैं भाजपा को दुनिया के सामने बेनकाब कर दूंगी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने झारग्राम रैली में दावा किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की कवायद राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को पिछले दरवाजे से लाने के लिए की जा रही है। असम सरकार को पश्चिम बंगाल के लोगों को एनआरसी नोटिस भेजने का क्या अधिकार है। भाजपा नेता लोगों से उनकी पहचान साबित करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र मांग रहे हैं, लेकिन क्या उनके पास खुद के दस्तावेज हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर एक भी मतदाता को मतदाता सूची से बाहर नहीं किया जाना चाहिए। ममता बनर्जी ने आदिवासी बहुल क्षेत्र में लगभग तीन किलोमीटर की पदयात्रा की, जिसमें तृणमूल नेता, सांस्कृतिक हस्तियां और नागरिक शामिल हुए। उनके हाथों में तख्तियां थी जिनपर बंगाल का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और बंगाल, मेरी मां, जैसे नारे लिखे थे। यह विरोध प्रदर्शन देश के विभिन्न हिस्सों में बांग्ला भाषी प्रवासियों के कथित उत्पीड़न के मद्देनजर आयोजित किया गया। वहीं, ममता बनर्जी ने मतदाता सूची तैयार करने में कथित चूक को लेकर राज्य सरकार के चार अधिकारियों और एक डेटा एंट्री ऑपरेटर को निलंबित करने पर बुधवार को चुनाव आयोग (ईसी) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इस कदम की वैधता पर सवाल उठाया और चुनाव आयोग पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। बनर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को धमकाया जा रहा है। एक जनसभा को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा, "अधिकारियों को कल निलंबन नोटिस दिया गया था। क्या अभी तक चुनावों की घोषणा भी हुई है? कौन सा कानून उन्हें इस समय निलंबित करने की अनुमति देता है? आप सभी की सुरक्षा करना हमारी ज़िम्मेदारी है। हम ऐसा करेंगे। हम उन्हें निलंबित नहीं करेंगे।" तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने चुनाव आयोग पर सरकारी अधिकारियों को धमकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि उनका प्रशासन अपने कर्मचारियों के साथ खड़ा रहेगा।  

बिजली संकट पर सख्त हुए योगी, अफसरों को दी सुधार की अंतिम चेतावनी

लखनऊ बिजली की आंख मिचौली से खफा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि ट्रिपिंग, ओवरबिलिंग और अनावश्यक कटौती किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। विद्युत आपूर्ति के लिए व्यवस्था में सुधार करना ही होगा वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहें। मुख्यमंत्री योगी ने यहां ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश में बिजली व्यवस्था अब केवल तकनीकी या प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि जनता के भरोसे और शासन की संवेदनशीलता का पैमाना बन चुकी है। सीएम ने शिकायतों पर जताई नाराजगी  बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि जून 2025 में उत्तर प्रदेश ने रिकॉर्ड 31,486 मेगावाट की अधिकतम बिजली मांग सफलतापूर्वक पूरी की। इस अवधि में 16,930 मिलियन यूनिट बिजली की आपूर्ति की गई। लगातार बढ़ रही उमस (ह्यूमिडिटी) और तापमान ने खपत को अप्रत्याशित रूप से बढ़ाया, इसके बावजूद शहरी क्षेत्रों में औसतन 24 घंटे, तहसील स्तर पर 21.5 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे तक बिजली उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री ने ट्रिपिंग की लगातार आ रही शिकायतों पर गहरी नाराजगी जताई और निर्देश दिया कि प्रत्येक फीडर की तकनीकी जांच हो, कमजोर स्थानों की पहचान कर तुरंत सुधार कराया जाए।  ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता तुरंत बढ़ाई जाएः योगी  सीएम ने कहा कि जहाँ ज़रूरत हो, वहां ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता तुरंत बढ़ाई जाए ताकि ओवरलोडिंग की स्थिति न बने। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि फील्ड से प्राप्त वास्तविक शिकायतों का समाधान समयबद्ध ढंग से हो, ताकि जनता को राहत मिले। उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों से कहा कि संसाधनों की कोई कमी नहीं है, सरकार ने बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण को मजबूत करने के लिए रिकॉर्ड बजट उपलब्ध कराया है। ऐसे में किसी स्तर पर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी डिस्कॉम के प्रबंध निदेशकों से उनके क्षेत्रों की आपूर्ति की स्थिति जानने के बाद मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाए।  बिलिंग व्यवस्था पर ये बोले सीएम योगी  बिलिंग व्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘हर उपभोक्ता को हर महीने सही समय पर स्पष्ट और सटीक बिल मिलना चाहिए। फॉल्स या ओवरबिलिंग जैसी शिकायतें जन विश्वास को तोड़ती हैं और विभाग की साख को नुकसान पहुंचाती हैं। यह किसी भी स्थिति में नहीं होना चाहिए। बिलिंग एफिशिएंसी बढ़ाई जाए। उन्हें जानकारी दी गई कि अब तक 31 लाख उपभोक्ता स्माटर् मीटर से जोड़े जा चुके हैं और इस प्रक्रिया को ब्लॉक स्तर तक ले जाने का कार्य तेज़ी से जारी है। योगी ने तकनीकी और वाणिज्यिक हानियों (लाइन लॉस) को चरणबद्ध रूप से नीचे लाने का लक्ष्य तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर डिस्कॉम को अपने स्तर पर ठोस रणनीति बनाकर काम करना होगा। साथ ही, जहां आवश्यक हो, पारेषण व वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया भी गति पकड़े।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया प्रदेश के सबसे बड़े वाटर पार्क का वर्चुअल उद्घाटन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मनुष्य का जल से गहरा संबंध है। पृथ्वी की उत्पत्ति से ही जीव जन्तु और मनुष्य जल के साथ जीवन व्यतीत करते हैं। स्नान से भी वही सुख मिलता है, जो माता-पिता के सानिध्य से प्राप्त होता है। हताशा और निराशा या कष्ट की स्थिति में मनुष्य के दु:ख जल के संपर्क से दूर हो जाते हैं। आज वाटर पार्क न केवल मनोरंजन का माध्यम है, अपितु फिटनेस और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह लोगों को उमंग और ऊर्जा से भर देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को  इंदौर में  220 करोड़ रुपए  की लागत से 25 एकड़ क्षेत्र में निर्मित प्रदेश के सबसे बड़े वाटर पार्क 'इमेजिका एक्वा' का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस अवसर पर मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, पूर्व मंत्री सुश्री उषा ठाकुर, श्री ओमप्रकाश सकलेचा आदि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर स्वच्छता की राजधानी है। इंदौर में यह वृहद् वाटर पार्क बदलते दौर में अनुपम उपहार होगा। इंदौर अद्वितीय और आदर्श नगर है। वॉटर पार्क यहां की नई पहचान बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वॉटर पार्क प्रारंभ करने के लिए मालपानी समूह को बधाई दी। श्री राजेश संजय और मालपानी समूह के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कार्यक्रम में भागीदारी के लिए आभार व्यक्त किया।  

योगी आदित्यनाथ का ऐतिहासिक कीर्तिमान: यूपी की सत्ता में सबसे लंबे समय तक रहने वाले सीएम बने

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक नया इतिहास रच दिया है। वे अब राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहने वाले नेता बन गए हैं। उन्होंने इस मामले में प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। अब तक योगी आदित्यनाथ 8 साल और 132 दिन तक मुख्यमंत्री पद पर रह चुके हैं, जबकि गोविंद बल्लभ पंत ने कुल 8 साल और 127 दिन (स्वतंत्रता से पहले और बाद को मिलाकर) तक यह जिम्मेदारी निभाई थी। 19 मार्च 2017 को ली थी मुख्यमंत्री पद की शपथ मिली जानकारी के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ ने 19 मार्च 2017 को पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। फिर 2022 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी को दोबारा बहुमत मिला और वे लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। वे पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने यूपी में पूरा कार्यकाल पूरा करने के बाद दोबारा सीएम पद संभाला है। योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक सफर योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के 22वें मुख्यमंत्री हैं। वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता हैं और साथ ही गोरखनाथ मठ के महंत (मुख्य पुजारी) भी हैं। उन्होंने 1998 में सिर्फ 26 साल की उम्र में गोरखपुर से लोकसभा चुनाव जीता और संसद पहुंचे। वे लगातार पांच बार गोरखपुर से सांसद चुने गए। 2017 के चुनाव से सीएम बनने तक 2017 के विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ भाजपा के सबसे चर्चित और लोकप्रिय चेहरों में शामिल थे। चुनाव में पार्टी को भारी बहुमत मिला और उन्हें मुख्यमंत्री चुना गया। इसके बाद 2022 में एक बार फिर भाजपा को जीत मिली और वे फिर से मुख्यमंत्री बने।   अब अगला चुनाव 2027 में उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होगा। अगर योगी आदित्यनाथ तब तक मुख्यमंत्री बने रहते हैं, तो उनका कार्यकाल और भी लंबा हो जाएगा और यह रिकॉर्ड और मजबूत होगा।  

स्वामी प्रसाद मौर्य को थप्पड़ मारने की हिमाकत, रायबरेली में दो युवक भीड़ के गुस्से का शिकार

रायबरेली यूपी के रायबरेली में आज अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य का स्वागत करने के बहाने आए दो युवकों ने उन पर थप्पड़ जड़ दिए। इससे नाराज कार्यकर्ताओें ने आरोपी युवकों को दौड़ा कर पीटा। पुलिस को मामला शांत कराने में पसीने छूट गए। काफी देर तक मौके पर अफरातफरी का माहौल रहा। अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य बुधवार को फतेहपुर जा रहे थे। इस दौरान वह रायबरेली में रुके। शहर के सारस चौराहे पर कार्यकर्ता उनका स्वागत कर रहे थे। इसी दौरान दो युवकों ने मौर्य के थप्पड़ जड़ दिए। इससे नाराज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आरोपी युवकों को दौड़ा दौड़ा कर पीट दिया। इस दौरान पुलिस को मामला शांत कराने में छूटे पसीने। काफी देर तक मौके पर अफरातफरी का माहौल रहा। पुलिस आरोपी युवकों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।  

पानी-पानी हुआ सिंधु डेल्टा: 80% जलाशय सूखे, 12 लाख विस्थापन की त्रासदी, कौन है जिम्मेदार?

कराची पड़ोसी देश पाकिस्तान इन दिनों एक कुदरती कहर की मार झेल रहा है। देश के दक्षिणी हिस्से में सिंधु डेल्टा उजड़ चुका है। हालात ये हैं कि वहां से लोगों का पलायन जारी है और बसे-बसाए करीब 40 गांव वीरान पड़ गए हैं और इसी के साथ सिन्धु डेल्टा में एक बसी बसाई सभ्यता उजड़ चुकी है। दरअसल, ये दर्दनाक कहानी है सिंध प्रांत के दक्षिणी छोर पर अरब सागर से सटे सिंधु डेल्टा में बसे उन गांवों की जहां के लोग परंपरागत रूप से खेतीबारी करने और मछली पकड़ने का काम करते थे लेकिन हाल के कुछ वर्षों में समुद्री जल ने वहां अतिक्रमण किया है और सबकुछ नष्ट कर दिया है। अब इन गांवों से करीब 12 लाख लोग पलायन कर चुके हैं। उनमें से अधिकांश कराची में आकर बसे हैं। पिछले दिनों कराची पलायन करने वाले हबीबुल्लाह खट्टी खारो चान कस्बे के अपने पुश्तैनी गांव मीरबहार में अपनी मां की कब्र पर उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे थे, क्योंकि उनका गांव अब समंदर की आगोश में समाता जा रहा है। जहां उनकी मां की कब्र है, वहां अब समुद्री नमक का साम्राज्य है। जब वह अपनी मां की कब्र पर पहुंचे तो उनके पैरों पर नमक की मोटी चादर चढ़ चुकी थी। यह गांव सिंधु डेल्टा में उस जगह से करीब 15 किलोमीटर दूर है, जहां सिंधु नदी अरब सागर में मिलती है। डेल्टा से करीब 12 लाख लोग पलायन कर चुके हबीबुल्लाह के मुताबिक, खारो चान में 40 गांव हुआ करते थे लेकिन बढ़ते समुद्री जल के कारण अब अधिकांश लुप्त हो चुके हैं। जनगणना के आंकड़ों के अनुसार उस कस्बे की आबादी 1981 में 26000 के करीब थी जो 2023 में घटकर 11,000 रह गई है। हबीबुल्लाह खट्टी अब अपने परिवार के साथ कराची में बसने जा रहे हैं। उनकी तरह इस डेल्टा से करीब 12 लाख लोगों ने पलायन किया है। थिंक टैंक जिन्ना इन्स्टीट्यूट द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले दो दशकों में सिंधु डेल्टा से करीब 12 लाख लोग पलायन कर चुके हैं। पानी का बहाव 80 फीसदी कम गया यूएस-पाकिस्तान सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज़ इन वॉटर द्वारा 2018 में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, सिंचाई नहरों, जलविद्युत बांधों और हिमनदों व बर्फ पिघलने पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के कारण 1950 के दशक से अब तक सिंधु डेल्टा में पानी का बहाव 80 फीसदी कम हो चुका है। इस कारण से डेल्टा में समुद्री जल का विनाशकारी प्रवेश हुआ है और आसपास के गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 1990 के बाद से डेल्टा के पानी की लवणता लगभग 70% बढ़ गई है, जिससे वहां फसलें उगाना अब असंभव हो गया है और झींगा मछली और केकड़े की प्रजाति नष्ट हो चुकी है। भारत ने भी सिंधु जल समझौता स्थगित किया तिब्बत से शुरू होकर, सिंधु नदी पूरे पाकिस्तान में बहने से पहले कश्मीर से होकर बहती है। पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौता स्थगित कर दिया है। इसकी वजह से भी सिंदु में पानी का बहाव कम हो गया है। यह नदी और इसकी सहायक नदियाँ देश के लगभग 80% कृषि भूमि की सिंचाई करती हैं और लाखों लोगों की आजीविका का साधन हैं। सिंधु नदी द्वारा समुद्र में मिलने से पहले दोनों छोरे पर जमा किए गए समृद्ध तलछट से निर्मित यह डेल्टा कभी खेती, मछली पकड़ने, मैंग्रोव और वन्यजीवों के लिए आदर्श हुआ करता था।  

डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी: भारत पर भारी टैक्स लगा सकता हूं 24 घंटे में

वाशिंगटन  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत को धमकी दी है। इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा है कि अगले 24 घंटों में भारत पर लगे टैरिफ में भारी इजाफा कर सकते हैं। खास बात है कि अमेरिका ने पहले ही भारत पर 25 फीसदी टैरिफ का ऐलान किया है। साथ ही रूसी तेल खरीदने के चलते भारत पर जुर्माना भी लगाया है। बातचीत में ट्रंप ने कहा, 'भारत और अच्छा व्यापारी साथी नहीं है, क्योंकि वो हमारे साथ बहुत व्यापार करता है, लेकिन हम उनके साथ बिजनेस नहीं करते। ऐसे में हमने 25 फीसदी तय किया है, लेकिन मैं सोच रहा हूं कि मैं इस दर को अगले 24 घंटों में काफी ज्यादा बढ़ाने जा रहा हूं।' उन्होंने कहा, 'वो रूसी तेल खरीद रहे हैं और वॉर मशीन को बढ़ावा दे रहे हैं और अगर वो ऐसा करने वाले हैं, तो इस बात से मैं खुश नहीं हूं।' एक दिन पहले ही ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा, 'भारत न सिर्फ रूस से भारी मात्रा में तेल खरीद रहा है, बल्कि मोटा मुनाफा कमाने के लिए खुले बाजार में बेच रहा है। उन्हें फर्क नहीं पड़ता कि रूसी युद्ध मशीन के चलते यूक्रेन में कितने लोग मर रहे हैं।'  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पॉक्सो अधिनियम पर कार्यशाला का करेंगे शुभारंभ

भोपाल लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (पोक्सो अधिनियम) विषय पर जागरूकता और प्रशिक्षण के लिए मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा 7 अगस्त (गुरुवार) को एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में आयोजित इस कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि के रूप में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री राव उदय प्रताप सिंह, महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया तथा बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष श्री द्रविंद्र मोरे उपस्थित रहेंगे। कार्यशाला में पूरे प्रदेश से महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पुलिस तथा जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पोक्सो अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना, बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों पर अधिकारियों को संवेदनशील बनाना और उन्हें विधिक जानकारी व प्रशिक्षण प्रदान करना है। कार्यशाला में बाल संरक्षण के क्षेत्र में नीति निर्धारण से लेकर ज़मीनी कार्यान्वयन तक की प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने पर भी मंथन किया जाएगा।