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श्रद्धा और आस्था की शुरुआत: सिन्हा ने अमरनाथ यात्रियों के पहले जत्थे को दी हरी झंडी

जम्मू जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को भगवती नगर आधार शिविर श्री अमरनाथ पवित्र गुफा की तीर्थयात्रा के लिए श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाई और सुरक्षित और आनंदमय यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। उपराज्यपाल ने कहा, 'यह पवित्र तीर्थयात्रा आस्था और आत्म-खोज की यात्रा है। सभी आध्यात्मिक साधकों को भगवान शिव के पवित्र निवास और गहरी आत्मा को झकझोर देने वाले अनुभव की सुरक्षित और आरामदायक यात्रा की शुभकामनाएं।' उन्होंने मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रशासन, जम्मू-कश्मीर के लोग श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने तीर्थयात्रियों के लिए व्यापक व्यवस्था की है। उपराज्यपाल ने कहा 'आज बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहले जत्थे में 4,500 से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा मंदिर के लिए रवाना हुए। जम्मू शहर एक नई जीवंतता के साथ जीवंत हो उठा है। तीर्थयात्रियों का उत्साह बहुत अधिक है। आतंकवादी घटनाओं से बेपरवाह, भोले बाबा के भक्त भारी संख्या में पहुंच रहे हैं, जो अपनी अपार आस्था का प्रदर्शन कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि इस साल की यात्रा पिछले वर्षों की तुलना में और भी ऐतिहासिक होगी।' कार्यक्रम में नागरिक प्रशासन, पुलिस, सुरक्षा बल और श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।  

गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात की, समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकता : योगी

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि जनता की हर समस्या का समाधान करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। योगी ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात की। ध्यान से सबकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का निराकरण शीघ्रता और पारदर्शिता शीघ्रता से किया जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक होना चाहिए। गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में आयोजित जनता दर्शन में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। उन्होंने सबको आश्वस्त किया कि हर व्यक्ति को न्याय दिलाया जाएगा। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित निस्तारण का निर्देश देने के साथ मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होने अफसरों से कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए।  हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी सहायता की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए।  

प्रतिष्ठित स्कूल की महिला शिक्षक पर 16 वर्षीय नाबालिग छात्र के साथ एक साल से अधिक समय तक यौन शोषण करने का आरोप लगा

मुंबई  देश के शीर्ष पांच स्कूलों में से एक माने जाने वाले मुंबई एक प्रतिष्ठित स्कूल की शिक्षक को नाबालिग छात्र से बलात्कार के आरोप में मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया है. दादर पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ POCSO एक्ट, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट, और न्याय संहिता की अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस के अनुसार, पीड़ित छात्र पर यह यौन उत्पीड़न पिछले एक वर्ष से अधिक समय से हो रहा था. इस दौरान साउथ मुंबई के कई फाइव स्टार होटलों में भी छात्र को ले जाकर यौन शोषण किया गया. आरोपी शिक्षक छात्र को एंटी डिप्रेसेंट दवाएं भी देती थी ताकि वह चुप रहे. पुलिस ने बताया है कि यौन शोषण का यह सिलसिला एक साल से ज्यादा समय तक चला। जब परिवार ने छात्र के व्यवहार में बदलाव देखा, तो उसने कथित तौर पर खुलकर यौन शोषण की बात बताई। हालांकि, परिवार को लगा कि स्कूल पास करने में कुछ ही महीनों का समय बाकी है, तो वो चुप रहे। उन्हें उम्मीद थी कि टीचर बच्चे का पीछा छोड़ देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पुलिस ने बताया कि इस साल छात्र बोर्ड की परीक्षा पास कर गया, लेकिन वह डिप्रेशन में था। मामले ने दोबारा तूल तब पकड़ा, जब टीचर ने घरेलू नौकर के जरिए बच्चे से फिर संपर्क साधने की कोशिश की। उसने संदेश भिजवाया कि वह मिलना चाहती है। पुलिस ने कहा, 'तब परिवार ने हमारे पास आने का फैसला किया और केस दर्ज कराया।' ऐसे शुरू हुई हैवानियत टीचर की उम्र 40 साल बताई जा रही है और वह शादीशुदा है। साथ ही उसका एक बच्चा भी है। जबकि, पीड़ित छात्र 11 कक्षा में था और 16 साल का था। शिकायत में कहा गया है कि वह दिसंबर 2023 में हाई स्कूल के वार्षिक समारोह के दौरान डांस ग्रुप बनाने के समय वह कई बार छात्र के संपर्क में आई। तब ही वह उसके प्रति आकर्षित हुई। जनवरी 2024 में उसने पहली बार छात्र के सामने संबंधों का प्रस्ताव रखा। सहेली को बनाया जरिया छात्र ने शुरुआत में दूरी बनाना शुरू कर दी। इसके बाद टीचर ने स्कूल से अन्य उसकी एक महिला मित्र का सहारा लिया और बात आगे बढ़ाई। इस मामले में दोस्त के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है। उसने कथित तौर पर पीड़ित छात्र से कहा था कि वो दोनों एक दूसरे के लिए बने हैं और उम्रदराज महिलाओं और लड़कों के बीच रिलेशनशिप आम बात है। दोस्त से बातचीत के बाद छात्र ने टीचर से मिलने का फैसला किया। एक अधिकारी ने हिन्दुस्तान टाइम्स को बताया, 'वह (टीचर) छात्र को अपनी कार में लेकर एक सूने स्थान पर गई और जबरन कपड़े उतरवा दिए और शोषण किया।' उन्होंने कहा, 'अगले कुछ दिनों में छात्र परेशान रहने लगा, तो उसने उसे एंटी एन्जाइटी पिल्स भी दीं।' इसके बाद टीचर ने उसे दक्षिण मुंबई के अलग-अलग पांच सितारा होटल ले जाना शुरू किया और शारीरिक संबंध बनाए। पुलिस ने बताया है कि संबंध बनाने से पहले कई बार टीचर छात्र को शराब पिलाती थी। आरोपी टीचर को बुधवार तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। छात्र ने अपनी HSC परीक्षा पूरी करने के बाद माता-पिता को उस भयावह अनुभव के बारे में बताया, जब आरोपी शिक्षक ने अपना नौकर भेजकर उससे मिलने का संदेश भिजवाया. इसके बाद पीड़ित के परिजनों की सूचना के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज हुई और त्वरित कार्रवाई में शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया.  

CM यादव की पहल पर लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिये प्रदेश में 2 चरणों में राजस्व महाअभियान संचालित

विशेष समाचार CM  यादव की पहल पर लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिये प्रदेश में 2 चरणों में राजस्व महाअभियान संचालित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिये प्रदेश में 2 चरणों में राजस्व महाअभियान संचालित किये गये। राजस्व महाअभियान में राजस्व प्रकरणों के निराकरण का क्रम राजस्व महाअभियान-2 के बाद भी जारी है। राजस्व महाअभियान-2 के बाद फरवरी-2025 से अब तक राजस्व विभाग द्वारा नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के 8 लाख 49 हजार 681 प्रकरणों का रिकॉर्ड निराकरण किया गया है। यह निराकरण राजस्व महा-अभियान के बाद जनवरी-2025 के अंत से अब तक किया गया है। राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति, राजस्व न्यायालयों की दक्षता, पारदर्शिता और तीव्रता को दर्शाती है। राजस्व महा-अभियान से प्रकरणों के निराकरण में आयी तेजी लगातार बनी हुई है। नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के 27 जनवरी, 2025 के बाद से अब तक के प्रकरणों के निराकरण की जिलेवार स्थिति में आगर-मालवा में 10 हजार 417, अलीराजपुर में 2550, अनूपपुर में 10 हजार 690, अशोकनगर में 10 हजार 130, बालाघाट में 21 हजार 897, बड़वानी में 5 हजार 610, बैतूल में 21 हजार 407, भिण्ड में 21 हजार 964, भोपाल में 31 हजार 996, बुरहानपुर में 6 हजार 340, छतरपुर में 28 हजार 325, छिंदवाड़ा में 23 हजार 84, दमोह में 15 हजार 616, दतिया में 14 हजार 501, देवास में 16 हजार 395, धार में 13 हजार 362, डिण्डौरी में 9 हजार 203, गुना में 14 हजार 784, ग्वालियर में 26 हजार 221, हरदा में 5 हजार 704, इंदौर में 31 हजार 540, जबलपुर में 28 हजार 167, झाबुआ में 6 हजार 730, कटनी में 22 हजार 299, खण्डवा में 13 हजार 413, खरगौन में 14 हजार 37, मैहर में 8 हजार 612, मण्डला में 11 हजार 110, मंदसौर में 14 हजार 776, मऊगंज में 6 हजार 788, मुरैना में 21 हजार 538, नर्मदापुरम में 12 हजार 89, नरसिंहपुर में 9 हजार 650, नीमच में 8 हजार 710, निवाड़ी में 4 हजार 491, पांढुर्णा में 5 हजार 16, पन्ना में 11 हजार 544, रायसेन में 15 हजार 343, राजगढ़ में 15 हजार 911, रतलाम में 13 हजार 720, रीवा में 31 हजार 789, सागर में 25 हजार 841, सतना में 18 हजार 959, सीहोर में 17 हजार 112, सिवनी में 20 हजार 725, शहडोल में 12 हजार 646, शाजापुर में 14 हजार 816, श्योपुर में 5 हजार 134, शिवपुरी में 21 हजार 98, सीधी में 13 हजार 653, सिंगरौली में 17 हजार 373, टीकमगढ़ में 11 हजार 387, उज्जैन में 26 हजार 614, उमरिया में 7 हजार और विदिशा जिले में 19 हजार 854 राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया।  

अब नौकरियों में मिलेगा हक! सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार लागू किया SC-ST आरक्षण

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट के प्रशासनिक पदों की भर्ती में पहली बार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षण लागू हुआ है। 24 जून को जारी किए गए सर्कुलर में पदों के आरक्षण की जानकारी दी गई है। सुप्रीम कोर्ट में हर साल 200 पदों पर भर्ती मंजूर है। इस तरह हर साल होने वाली भर्ती में 15 पर्सेंट एससी और 7.5 पर्सेंट एसटी आरक्षण लागू रहेगा। ऐसे में कुल 30 पदों को एससी आरक्षित किया जाएगा। इसके अलावा 15 पद एसटी वर्ग के लिए तय किए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला सामाजिक न्याय की मांग को देखते हुए अहम है। लंबे समय से मांग होती रही है कि कोर्ट की भर्तियों में भी कोटा लागू किया जाए। अदालत की ओर से दी गई भर्ती की डिटेल में बताया गया है कि सीनियर पर्सनल असिस्टेंट के 94 पदों पर भर्ती में 14 एससी कोटे के लिए होंगी। इसके अलावा 6 पद एसटी कोटे के लिए आरक्षित रहेंगी। 74 पदों को अनारक्षित किया जाएगा। इसी तरह असिस्टेंट लाइब्रेरियन के 20 पदों में से 3 को एससी और एक को एसटी कोटे में रखा गया है। जूनियर कोर्ट असिस्टेंट की बात करें तो कुल 437 पद हैं, जिनमें से 65 पद एससी के लिए आरक्षित होंगे। इसके अलावा 32 पोस्ट एसटी के लिए होंगी। 340 पद अनारक्षित रहेंगे। यही नहीं जूनियर कोर्ट असिस्टेंट के 20 पदों पर भी कोटा लागू रहेगा। जूनियर कोर्ट अटेंडेंट के भी 600 पदों पर आरक्षण लागू रहेगा। यही नहीं चेंबर अटेंडेंट के पद भी कोटा लागू होगा। सर्कुलर में कहा गया है कि यदि आरक्षण के नियम को लागू नहीं किया जाता है तो उसकी शिकायत रजिस्ट्रार से की जाए।  

UP में बरकत नगर चौराहे पर हुआ हंगामा, दरोगा ने मांगा बाइक का कागज, बाइक सवार ने कर दी पिटाई

लखनऊ राजधानी लखनऊ में नगराम के बरकत नगर में दबंगों ने बाइक का कागज मांगने पर दरोगा पर हमला कर उसकी वर्दी फाड़ दी। विरोध करने पर गोली मारने की धमकी दी। साथी सिपाही के बीच बचाव करने पर आरोपित उससे भी भिड़ गए। इस बीच नगराम थाने पर सूचना दी गई। अतिरिक्त फोर्स को आते देख दो हमलावर भाग गए। एक को मौके पर दबोचा गया। दरोगा की तहरीर पर आरोपितों के खिलाफ नगराम थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। वहीं, गोसाईंगंज में होमगार्ड और सिपाही के साथ मारपीट की गई। दरोगा अनुज भाटी सिपाही नितेश कुमार वर्मा के साथ एक मुकदमे की जांच के लिए ग्राम छंगा खेड़ा गए थे। रात करीब नौ बजे दरोगा और सिपाही थाने लौट रहे थे। बरकत नगर चौराहे के पास पहुंचने पर बिना नम्बर की बाइक सड़क पर खड़ी नजर आई। जिसे हटाने के लिए सिपाही ने कहा। इस बीच एक दुकान से तीन युवक निकले। जिन्होंने बाइक हटाने से मना कर दिया। बहस के दौरान दरोगा अनुज भाटी ने बाइक के कागज मांगे। यह बात आरोपितों को बर्दाश्त नहीं हुई। वह लोग दरोगा पर टूट पड़े। एक गिरफ्तार, दो फरार दरोगा अनुज के मुताबिक आरोपितों की पहचान गोसाईंगंज साहनखेड़ा निवासी धर्मेंद्र उर्फ बीरू, राहुल और नरेंद्र के तौर पर हुई। दरोगा के मुताबिक आरोपितों ने मारपीट कर वर्दी फाड़ दी। इसके बाद दरोगा को गोली मारने की धमकी देने लगे। एसओ नगराम विवेक चौधरी के मुताबिक धर्मेंद्र को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, राहुल और नरेंद्र फरार है। जिनकी तलाश पुलिस कर रही है। पीआरवी टीम पर दबंग ने किया हमला पीआरवी 4849 पर तैनात होमगार्ड नागेंद्र बहादुर सिंह के मुताबिक रविवार की दोपहर गोसाईंगंज बक्कास निवासी हंसराज ने सरकारी नाली के लिए लाए गए सीमेंट के पाइप चोरी होने की सूचना दी थी। जिस पर होमगार्ड नागेंद्र साथी सिपाही सन्नी बाबू के साथ बक्कास गांव पहुंचा। इस दौरान टैक्टर पर पाइन लदे मिले। ट्रैक्टर पर मौजूद ज्वाला प्रसाद को पाइप चोरी करने से रोकने पर वह गाली गलौज करने लगा। इस बीच ज्वाला प्रसाद के पक्ष से वीर सिंह ने आकर मारपीट की। इंस्पेक्टर गोसाईंगंज बृजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।  

प्रतिष्ठित स्कूल की अंग्रेजी की टीचर को नाबालिग छात्र के साथ शारीरिक संबंध बनाने के आरोप में किया अरेस्ट

मुंबई मुंबई से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक प्रतिष्ठित स्कूल की अंग्रेजी की टीचर को नाबालिग छात्र के साथ शारीरिक संबंध बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल, मामले की जांच जारी है। खबर है कि टीचर ने कई मौकों पर छात्र का यौन शोषण किया था। इसके अलावा वह उसे शराब परोसती थी और फाइव स्टार होटलों में ले जाती थी। पुलिस ने बताया है कि यौन शोषण का यह सिलसिला एक साल से ज्यादा समय तक चला। जब परिवार ने छात्र के व्यवहार में बदलाव देखा, तो उसने कथित तौर पर खुलकर यौन शोषण की बात बताई। हालांकि, परिवार को लगा कि स्कूल पास करने में कुछ ही महीनों का समय बाकी है, तो वो चुप रहे। उन्हें उम्मीद थी कि टीचर बच्चे का पीछा छोड़ देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पुलिस ने बताया कि इस साल छात्र बोर्ड की परीक्षा पास कर गया, लेकिन वह डिप्रेशन में था। मामले ने दोबारा तूल तब पकड़ा, जब टीचर ने घरेलू नौकर के जरिए बच्चे से फिर संपर्क साधने की कोशिश की। उसने संदेश भिजवाया कि वह मिलना चाहती है। पुलिस ने कहा, 'तब परिवार ने हमारे पास आने का फैसला किया और केस दर्ज कराया।' ऐसे शुरू हुई हैवानियत टीचर की उम्र 40 साल बताई जा रही है और वह शादीशुदा है। साथ ही उसका एक बच्चा भी है। जबकि, पीड़ित छात्र 11 कक्षा में था और 16 साल का था। शिकायत में कहा गया है कि वह दिसंबर 2023 में हाई स्कूल के वार्षिक समारोह के दौरान डांस ग्रुप बनाने के समय वह कई बार छात्र के संपर्क में आई। तब ही वह उसके प्रति आकर्षित हुई। जनवरी 2024 में उसने पहली बार छात्र के सामने संबंधों का प्रस्ताव रखा। सहेली को बनाया जरिया छात्र ने शुरुआत में दूरी बनाना शुरू कर दी। इसके बाद टीचर ने स्कूल से अन्य उसकी एक महिला मित्र का सहारा लिया और बात आगे बढ़ाई। इस मामले में दोस्त के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है। उसने कथित तौर पर पीड़ित छात्र से कहा था कि वो दोनों एक दूसरे के लिए बने हैं और उम्रदराज महिलाओं और लड़कों के बीच रिलेशनशिप आम बात है। दोस्त से बातचीत के बाद छात्र ने टीचर से मिलने का फैसला किया। एक अधिकारी ने हिन्दुस्तान टाइम्स को बताया, 'वह (टीचर) छात्र को अपनी कार में लेकर एक सूने स्थान पर गई और जबरन कपड़े उतरवा दिए और शोषण किया।' उन्होंने कहा, 'अगले कुछ दिनों में छात्र परेशान रहने लगा, तो उसने उसे एंटी एन्जाइटी पिल्स भी दीं।' इसके बाद टीचर ने उसे दक्षिण मुंबई के अलग-अलग पांच सितारा होटल ले जाना शुरू किया और शारीरिक संबंध बनाए। पुलिस ने बताया है कि संबंध बनाने से पहले कई बार टीचर छात्र को शराब पिलाती थी। आरोपी टीचर को बुधवार तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।  

कोलकाता रेप केस में चौंकाने वाले खुलासे, पीड़िता की मेडिकल जांच में जबरन यौन संबंध, काटने के निशान और खरोंच के निशान पाए गए

    कोलकाता  पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में कसबा स्थित साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में 24 वर्षीय छात्रा के साथ हुए गैंगरेप की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. 25 जून को कॉलेज परिसर के सिक्योरिटी गार्ड के कमरे में हुई इस जघन्य वारदात ने न केवल कानून के मंदिर की पवित्रता को कलंकित किया, बल्कि कॉलेज में लंबे समय से दबदबा बनाए हुए मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा की आपराधिक पृष्ठभूमि को भी उजागर किया. इस मामले में पीड़िता की शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. इस घटना ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के छात्र संगठन से जुड़े मनोजीत के राजनीतिक रसूख और कॉलेज प्रशासन की नाकामी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. आइए, इस मामले में हुए 10 नए खुलासों पर नजर डालते हैं… 1. पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि गैंगरेप से पहले उसे पैनिक अटैक हुआ और सांस लेने में तकलीफ होने लगी. उसने अस्पताल ले जाने की गुहार लगाई, लेकिन मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा ने अपने साथी जैब अहमद से इनहेलर लाने को कहा. पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ने कोर्ट में खुलासा किया कि इनहेलर पीड़िता की मदद के लिए नहीं, बल्कि उसकी हालत सुधारने के बाद उसे फिर से यातना देने के लिए लाया गया था. पीड़िता ने इनहेलर लेने के बाद कुछ राहत महसूस की और भागने की कोशिश की, लेकिन मुख्य गेट लॉक होने के कारण वह असफल रही. 2. कोलकाता पुलिस ने कॉलेज के सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल स्टोर की फुटेज हासिल की है, जिसमें जैब अहमद को 25 जून की रात 8:29 बजे इनहेलर खरीदते देखा गया. मेडिकल स्टोर के मालिक ने बताया कि जैब ने 350 रुपये का भुगतान यूपीआई के जरिए किया. पीड़िता की मेडिकल जांच में जबरन यौन संबंध, काटने के निशान और खरोंच के निशान पाए गए, जो उसके प्रतिरोध की पुष्टि करते हैं. मनोजीत के शरीर पर भी ताजा खरोंच और चोट के निशान मिले, जो पीड़िता के संघर्ष का सबूत हैं. 3. पुलिस ने मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा (31), दो छात्रों जैब अहमद (19) और प्रमित मुखर्जी (20), और सिक्योरिटी गार्ड पिनाकी बनर्जी को कल अलीपुर कोर्ट में पेश किया. कोर्ट ने मनोजीत और दो छात्रों को 8 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जबकि गार्ड की हिरासत 4 जुलाई तक बढ़ाई गई है. पुलिस का कहना है कि जांच अभी अधूरी है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है. 4. मनोजीत मिश्रा साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज का पूर्व छात्र और टीएमसी छात्र संगठन का पदाधिकारी है. एक ‘हिस्ट्री-शीटर’ रह चुका है. उसके खिलाफ कोलकाता के कालीघाट, कसबा, अलीपुर, हरिदेवपुर और टॉलीगंज थानों में कई मामले दर्ज हैं, जिनमें 2019 में कॉलेज में एक छात्रा के कपड़े फाड़ने, 2020 में चोरी, 2022 में छेड़छाड़ और 2024 में सिक्योरिटी गार्ड पर हमला और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप शामिल हैं. 5.  रिपोर्ट के मुताबिक, एक पूर्व छात्रा ने बताया कि मनोजीत कॉलेज में सभी के लिए डर का कारण था. उसने कई छात्राओं को परेशान किया, उनकी तस्वीरें मॉर्फ कीं और व्हाट्सएप ग्रुप्स में शेयर कीं. एक अन्य छात्रा ने इंडिया टुडे को बताया कि दो साल पहले एक कॉलेज ट्रिप के दौरान मनोजीत ने उसके साथ छेड़छाड़ की और विरोध करने पर उसे और उसके परिवार को धमकी दी. कम से कम 15 छात्राओं के साथ उसकी हरकतों की शिकायतें सामने आई हैं, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की. 6. पुलिस ने मनोजीत के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स की जांच की, जिसमें पता चला कि घटना के अगले दिन सुबह उसने कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल डॉ. नयना चटर्जी से बात की थी. पुलिस ने उपप्राचार्य से दो बार पूछताछ की है और इस बातचीत के मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रही है. यह खुलासा मामले में कॉलेज प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाता है. 7. साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज ने मनोजीत मिश्रा की अस्थायी नौकरी समाप्त कर दी है और जैब अहमद व प्रमित मुखर्जी को निष्कासित कर दिया. कॉलेज ने अनिश्चितकाल के लिए कक्षाएं निलंबित कर दी हैं. गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष और टीएमसी विधायक अशोक कुमार देब ने कहा कि सिक्योरिटी एजेंसी को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा. 8. मनोजीत मिश्रा के टीएमसी छात्र संगठन (TMCP) के दक्षिण कोलकाता जिला संगठन सचिव होने की वजह से यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया है. बीजेपी ने मनोजीत की तस्वीरें टीएमसी नेताओं, जैसे अभिषेक बनर्जी और चंद्रिमा भट्टाचार्जी के साथ शेयर कर सरकार पर निशाना साधा. टीएमसी ने दावा किया कि मनोजीत का संगठन से कोई सक्रिय संबंध नहीं था और उसे कड़ी सजा दी जाएगी. 9. अलीपुर कोर्ट में सुनवाई के दौरान सैकड़ों वकील बिना अनुमति कोर्ट रूम में घुस आए, जिससे हंगामा मच गया. एक पक्ष ने आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की, जबकि दूसरा पक्ष निष्पक्ष जांच की वकालत कर रहा था. मनोजीत के वकील ने दावा किया कि यह मामला उनके मुवक्किल के खिलाफ साजिश है और पुलिस को पीड़िता का फोन और कॉल रिकॉर्ड्स की जांच करनी चाहिए. 10. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में कॉलेज परिसर में शाम 4 बजे के बाद मौजूद 16 लोगों की सूची तैयार की है, जिनमें से 6 से पूछताछ की जा चुकी है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस वारदात में और लोग शामिल थे. एक छोटा वीडियो क्लिप (1 मिनट 30 सेकंड) भी बरामद हुआ है, जो पीड़िता के बयान की पुष्टि करता है.

राज्य पुलिस सेवा के 10 अधिकारियों को इधर से उधर किया गया

भोपाल   मध्य प्रदेश में लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू में पदस्थ अधिकारियों का तबादला किया गया है। राज्य पुलिस सेवा के 10 अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है। प्रदेश सरकार ने मंगलवार देर रात इसके आदेश दिए हैं। गृह विभाग की ओर से जारी लिस्ट के अनुसार, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर लोकायुक्त एसपी का ट्रांसफर किया गया है। जबकि, उज्जैन और जबलपुर के ईओडब्ल्यू अफसर भी बदले गए हैं। एमपी में लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू के अफसरों का ट्रांसफर ऑर्डर दिए गए हैं। विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, राजेश कुमार मिश्रा एसपी लोकायुक्त ग्वालियर से एआईजी पीएचक्यू, समर वर्मा एएसपी जबलपुर से एसपी ईओडब्ल्यू उज्जैन, अनिल विश्वकर्मा एसपी लोकायुक्त उज्जैन से एसपी ईओडब्ल्यू जबलपुर पदस्थ किया है। पल्लवी त्रिवेदी एआईजी ईओडब्ल्यू मुख्यालय भोपाल को एआईजी पीएचक्यू, संजय साहू एसपी लोकायुक्त जबलपुर को एआईजी पीएचक्यू भेजा गया है। लोकायुक्त और EOW अफसरों के तबादले वहीं, सुनील पाटीदार एआईजी ईओडब्ल्यू भोपाल को एसपी लोकायुक्त रीवा, अंजुलता पटले उपसेनानी छठवीं वाहिनी एसएएफ जबलपुर को एसपी लोकायुक्त जबलपुर, यास्मीन जहरा जमाल एएसपी क्यूडी पुलिस मुख्यालय पीटीसी भौंरी को एआईजी पीएचक्यू, निरंजन शर्मा एएसपी ग्वालियर को एसपी लोकायुक्त ग्वालियर तथा आनंद यादव एएसपी उपायुक्त जोन 4 नगरीय पुलिस इंदौर को एसपी लोकायुक्त उज्जैन पदस्थ किया है।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दोबारा नीट यूजी परीक्षा पर रोक, काउंसलिंग पर भी लगाई रोक

इंदौर   हाईकोर्ट की सिंगल बैंच ने सोमवार को एनईईटी-यूजी के छात्रों की दोबारा परीक्षा कराने के आदेश जारी किए थे। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने इसके खिलाफ युगलपीठ में अपील की। मंगलवार को जस्टिस विवेक रुसिया और जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने एकलपीठ के आदेश पर रोक लगा दी। 4 मई को आयोजित की गई थी परीक्षा डिप्टी एडवोकेट जनरल रोमेश दवे ने बताया कि, 4 मई को एनटीए ने पूरे देश में परीक्षा आयोजित की थी। इंदौर में उस दिन आंधी-तूफान व बारिश हुई थी। इंदौर के कुछ सेंटर्स की बिजली गुल हो गई थी। इसको लेकर कुछ छात्रों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। दोबारा परीक्षा लेने की मांग की थी। एमपी हाई कोर्ट युगलपीठ में एकलपीठ के फैसले पर लगाई रोक मामले में मंगलवार को हाईकोर्ट की युगलपीठ में सुनवाई हुई। एनटीए की ओर से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पक्ष रखा। उन्होंने एकलपीठ के फैसले पर स्टे दिए जाने की मांग रखते हुए कहा कि इस फैसले को लागू करना गलत होगा। परीक्षा में 22 लाख छात्रों ने भाग लिया था। इन 75 छात्रों के लिए अलग से पेपर सेट करना होगा, उसमें ये बात भी सामने आ सकती है कि 22 लाख छात्र ये आरोप लगाएं कि उनका पेपर टफ था, जबकि इनका सरल। ऐसे में नई कंट्रोवर्सी खड़ी हो जाएगी। छात्रों के वकील ने किया विरोध कोर्ट में याचिका दायर करने वाले छात्रों के वकील ने विरोध करते हुए कहा कि काउंसलिंग शुरू हुई तो उस स्थिति में उनका भविष्य उलझ जाएगा। सेशन शुरू होने पर उनका नुकसान होगा। कोर्ट ने सोमवार को जारी आदेश पर फिलहाल रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए। साथ ही छात्रों को नोटिस जारी करते हुए जवाब पेश करने के लिए कहा है। अब 10 जुलाई को सुनवाई हो सकती है।