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अगले सात दिनों में भारी से बहुत भारी वर्षा तथा कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना: मौसम विभाग

नई दिल्ली  भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले सात दिनों में कर्नाटक में व्यापक पैमाने पर वर्षा होने का अनुमान जताया है और कई जिलों में ‘‘भारी से बहुत भारी वर्षा'' तथा कुछ स्थानों पर ‘‘अत्यधिक भारी वर्षा'' होने की संभावना जतायी है। आईएमडी ने एक बयान में कहा कि मौसम का यह रुख मध्य और पूर्वी भारत से गुजर रही मानसून ट्रफ और महाराष्ट्र-कर्नाटक तट पर अपतटीय ट्रफ से प्रभावित हो रहा है। ‘मानसून ट्रफ' उत्तर-पश्चिम भारत से बंगाल की खाड़ी तक फैला एक निम्न दबाव क्षेत्र है। दैनिक मौसम रिपोर्ट के अनुसार, बृहस्पतिवार को दक्षिण कन्नड़, उत्तर कन्नड़ और उडुपी के तटीय जिलों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के साथ ‘‘भारी से बहुत भारी बारिश'' होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर ‘‘अत्यधिक भारी बारिश'' हो सकती है। बयान में कहा गया है कि अगले दो दिनों तक तट पर ऐसी ही स्थिति बनी रहने की उम्मीद है और उसके बाद धीरे-धीरे इसकी तीव्रता कम हो जाएगी। हालांकि, हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। उत्तरी कर्नाटक के अंदरुनी क्षेत्रों में बेलगावी जिले में तीन और चार जुलाई को 40-50 किमी प्रति घंटे की गति की हवा चलने के साथ ‘‘भारी से बहुत भारी बारिश'' होने की संभावना है। धारवाड़ में भी ‘‘भारी वर्षा'' होने की संभावना है। पूर्वानुमान अवधि के दौरान बीदर, बागलकोट, गडग, ​​हावेरी, कलबुर्गी, कोप्पल, रायचूर, विजयपुरा और यादगीर में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। दक्षिणी कर्नाटक के अंदरुनी हिस्सों में, तीन और चार जुलाई को चिकमगलुरु, हसन, शिवमोग्गा और कोडागु में ‘‘भारी से बहुत भारी वर्षा'' होने की संभावना है, जबकि तीन जुलाई को कुछ स्थानों पर ‘‘अत्यधिक भारी वर्षा'' का अनुमान है। बल्लारी, बेंगलुरु शहरी, बेंगलुरु ग्रामीण, चामराजनगर, चिक्कबल्लापुरा, चित्रदुर्ग, दावणगेरे, कोलार, मांड्या, मैसूर, रामनगर, तुमकुरु और विजयनगर सहित अन्य जिलों में अधिकांश दिनों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के साथ ‘‘हल्की से मध्यम बारिश'' होने की संभावना है। सात जुलाई से राज्य के अधिकांश हिस्सों में वर्षा की तीव्रता कम होने की उम्मीद है। हालांकि, कई जिलों में तेज हवाओं के साथ ‘‘हल्की से मध्यम बारिश'' कम से कम नौ जुलाई तक जारी रह सकती है। बेंगलुरु और आसपास के क्षेत्रों में अगले 48 घंटों में आमतौर पर बादल छाए रहने तथा हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है। बेंगलुरू स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने निवासियों, खासकर बाढ़ और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वालों को सतर्क रहने और स्थानीय परामर्शों का पालन करने की सलाह दी है। बेंगलुरू स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के प्रमुख एन पुवियारसन ने कहा कि विभाग स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और नियमित अपडेट जारी करेगा।  

कौन संभालेगा बीजेपी की कमान? अध्यक्ष पद के लिए 4 बड़े नाम रेस में

नई दिल्ली  बीजेपी में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। लंबे इंतजार के बाद अब जल्द ही पार्टी के शीर्ष पद के लिए नया चेहरा चुना जा सकता है। कयास हैं कि मानसून सत्र शुरू होने से पहले यानी 21 जुलाई से पहले भाजपा के नए अध्यक्ष का नाम सार्वजनिक कर दिया जाएगा। यह चुनाव इसलिए भी खास है क्योंकि यह पहली बार हुआ है जब किसी अध्यक्ष के कार्यकाल के खत्म होने के बाद इतना लंबा वक्त गुजरा और फिर भी नया अध्यक्ष नहीं चुना गया। बीजेपी में अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभाने वाले जेपी नड्डा का कार्यकाल जून 2024 में समाप्त हो चुका है, लेकिन वे अभी भी एक्सटेंशन पर हैं। नड्डा के अलावा पार्टी के अंदर कई दावेदार अपनी दावेदारी मजबूत करते दिख रहे हैं, जबकि संगठन ने लगभग सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। नए अध्यक्ष के सामने हैं बड़ी चुनौतियां नए अध्यक्ष के लिए जिम्मेदारियां बहुत बड़ी होंगी। आने वाले वर्षों में भाजपा के सामने कई महत्वपूर्ण चुनाव हैं — 2025 में बिहार विधानसभा, 2026 में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम के चुनाव, और 2027 में उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा समेत कई राज्यों के चुनाव, साथ ही राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव भी। पार्टी को इन सभी चुनावों में जीत सुनिश्चित करनी होगी, जो नए अध्यक्ष की ताकत और नेतृत्व कौशल की कसौटी होगी। कौन हैं दावेदार? सत्ता की दौड़ में सबसे आगे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम है। शिवराज की पार्टी में अच्छी पकड़ मानी जाती है, वे OBC समुदाय से आते हैं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ भी उनके मजबूत संबंध हैं। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश में पार्टी की जीत के पीछे अहम भूमिका निभाने वाले सुनील बंसल का नाम भी प्रमुख है। ओडिशा के केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी नए अध्यक्ष बनने के दावेदार हैं। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और मोदी कैबिनेट के मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी संगठन में अपनी मजबूती के कारण चर्चा में हैं। दक्षिण भारत से भी पार्टी ने कई नामों को तरजीह दी है। तमिलनाडु की वानति श्रीनिवासन, तमिलिसाई सौंदर्यराजन, और आंध्र प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री डी. पुरंदेश्वरी जैसे नेता इस पद के लिए चर्चित हैं। दक्षिणी राज्यों में भाजपा की पकड़ मजबूत करने के लिए यह रणनीति अहम मानी जा रही है।   चुनाव प्रक्रिया और नियम बीजेपी के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के लिए उम्मीदवार को कम से कम 15 वर्षों से पार्टी का सदस्य होना जरूरी है। चुनाव निर्वाचक मंडल द्वारा होता है, जिसमें राष्ट्रीय परिषद और प्रदेशों के सदस्य शामिल होते हैं। एक उम्मीदवार के नाम का प्रस्ताव कम से कम 20 निर्वाचक सदस्य कर सकते हैं।राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले जिला, प्रदेश संगठन और राष्ट्रीय परिषद के चुनाव संपन्न होना जरूरी होता है। पार्टी ने पूरे देश को 36 राज्यों में बांटा है और आधे से ज्यादा राज्यों में संगठन चुनाव पूरे हो चुके हैं। इसी के आधार पर राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव तय होता है।

राज्यसभा सांसद समिक भट्टाचार्य को मिली कमान, भाजपा ने बनाया बंगाल अध्यक्ष

कोलकाता  राज्यसभा सांसद समिक भट्टाचार्य पश्चिम बंगाल भाजपा के नए अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने उनके नाम का एलान किया।  वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद समिक भट्टाचार्य को आधिकारिक तौर पर पश्चिम बंगाल इकाई का नया अध्यक्ष घोषित किया गया। वह 2026 के विधानसभा चुनावों में पार्टी का नेतृत्व करेंगे। कोलकाता में साइंस सिटी में आयोजित एक सम्मान समारोह के दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भट्टाचार्य को निर्वाचन का प्रमाण पत्र सौंपा। नवनियुक्त भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कसा टीएमसी पर तंज प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने के बाद समिक भट्टाचार्य ने टीएमसी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि  टीएमसी शासन में बंगाल की संस्कृति, बहुलवाद, विरासत खतरे में है। 2026 का विधानसभा चुनाव इनके अस्तित्व की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने विधानसभा चुनावों में भ्रष्ट टीएमसी सरकार के कुशासन को समाप्त करने का मन बना लिया है। बंगाल भाजपा अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं, बल्कि हिंसा और सांप्रदायिकता की राजनीति का विरोध करती है।  यह एक सतत रिले रेस-  सुकांत मजूमदार भाजपा नेता समिक भट्टाचार्य के पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष चुने जाने पर पश्चिम बंगाल भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि यह एक सतत रिले रेस है। पहले, लड़ाई मेरे नेतृत्व में होती थी, अब लड़ाई एक नए अध्यक्ष के नेतृत्व में होगी। हम ममता बनर्जी की सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए लड़ाई जारी रखेंगे।  समिक भट्टाचार्य का चुनाव पहले से ही तय माना जा रहा था, क्योंकि उनके खिलाफ किसी ने नामांकन दाखिल नहीं किया था। रविशंकर प्रसाद ने उन्हें प्रमाण पत्र सौंपते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष पद के लिए केवल एक नामांकन दाखिल हुआ है। इससे पहले, भट्टाचार्य ने बुधवार दोपहर साल्ट लेक स्थित भाजपा के राज्य मुख्यालय में निवर्तमान अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के साथ अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। गौरतलब है कि 2026 के विधानसभा चुनाव बहुत दूर नहीं हैं, इसलिए भाजपा संगठनात्मक बदलाव के लिए कमर कस रही है और भट्टाचार्य की नियुक्ति को उस बड़ी योजना का हिस्सा माना जा रहा है।  

आज धामी सरकार ने सरकारी भूमि पर बनी पांच अवैध मजारों पर चलवाया बुलडोजर, 5 संरचनाएं ढहाई

काशीपुर उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में कुंडेश्वरी क्षेत्र में सरकारी भूमि पर बनी पांच अवैध मजारों को गुरुवार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई अवैध धार्मिक संरचनाओं के खिलाफ राज्य सरकार के अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत अब तक अवैध तरीके से बनाई 537 मजारों को हटाया जा चुका है। काशीपुर के एसडीएम अभय प्रताप सिंह के नेतृत्व में तड़के शुरू हुई इस कार्रवाई में प्रशासन ने कुंडेश्वरी स्थित सरकारी आम बाग की सीलिंग भूमि पर बनी इन संरचनाओं को हटाया। उनके मुताबिक, प्रशासन ने 15 दिन पहले इन मजारों के खादिमों को नोटिस जारी कर निर्माण से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा था। दस्तावेज न मिलने पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर इन संरचनाओं को पूरी तरह हटा दिया। कार्रवाई के दौरान किसी तरह के अवशेष नहीं मिले। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराखंड में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की नीयत से बनाई गई ऐसी संरचनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने कहा कि ‘देवभूमि’ में हरी-नीली चादरें डालकर जमीन हड़पने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यह अभियान उत्तराखंड में सरकारी और सार्वजनिक जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए शुरू किया गया है। काशीपुर में हुई इस कार्रवाई को स्थानीय लोगों ने सरकार के कड़े रुख के तौर पर देखा। प्रशासन ने बताया कि भविष्य में भी ऐसी अवैध संरचनाओं के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। इस दौरान क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। इससे पहले, छह अप्रैल को उत्तराखंड के हरिद्वार में अवैध मजारों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चला दिया था। इस कार्रवाई के बारे में एसडीएम अजयवीर सिंह ने बताया था कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के तहत जिले में अवैध धार्मिक संरचनाओं को हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। सराय क्षेत्र में बनी इस मजार को अवैध रूप से बनाया गया था, जिसके खिलाफ पहले नोटिस जारी किया गया था। नोटिस का कोई जवाब न मिलने पर हरिद्वार के जिलाधिकारी ने इसे हटाने का आदेश दिया।  

पतंजलि की मुश्किलें बढ़ीं: HC ने डाबर को बदनाम करने वाले ऐड पर लगाई पाबंदी

नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद को बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि पतंजलि कंपनी डाबर च्यवनप्राश के खिलाफ कोई भ्रामक या नकारात्मक विज्ञापन प्रसारित न करे। यह आदेश डाबर इंडिया लिमिटेड द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया है। डाबर ने पतंजलि पर आरोप लगाया है कि वह अपने विज्ञापनों के माध्यम से डाबर च्यवनप्राश को गलत तरीके से बदनाम कर रही है और उपभोक्ताओं को भ्रमित कर रही है। दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्णा की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को डाबर इंडिया को पतंजलि आयुर्वेद के खिलाफ चल रहे विवाद में महत्वपूर्ण अंतरिम राहत प्रदान की है। कोर्ट ने डाबर की याचिका स्वीकार करते हुए अंतरिम राहत की मांग मंजूरी दी है। मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को तय की गई है। क्या है मामला? डाबर इंडिया ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पतंजलि के उन टीवी विज्ञापनों पर आपत्ति जताई थी, जो कथित तौर पर डाबर के च्यवनप्राश उत्पाद को निशाना बना रहे थे। डाबर का आरोप है कि पतंजलि ने डाबर के उत्पाद को साधारण बताकर उसकी छवि खराब करने की कोशिश की है। पतंजलि के विज्ञापन में दावा किया गया कि उसका च्यवनप्राश 51 से अधिक जड़ी-बूटियों से बना है, जबकि हकीकत में इसमें सिर्फ 47 जड़ी-बूटियां हैं। डाबर ने यह भी आरोप लगाया कि पतंजलि के उत्पाद में पारा (Mercury) पाया गया, जो बच्चों के लिए हानिकारक है। डाबर ने क्या कहा? डाबर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी ने दलील पेश करते हुए कहा, “पतंजलि ने भ्रामक और गलत दावा कर यह जताने की कोशिश की कि वही एकमात्र असली आयुर्वेदिक च्यवनप्राश बनाता है, जबकि डाबर जैसे पुराने ब्रांड को साधारण बताया गया।” सेठी ने यह भी बताया कि अदालत द्वारा दिसंबर 2024 में समन जारी किए जाने के बावजूद, पतंजलि ने एक ही सप्ताह में 6,182 भ्रामक विज्ञापन प्रसारित किए। पतंजलि की दलील पतंजलि की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जयंत मेहता ने सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उनके उत्पाद में सभी जड़ी-बूटियां आयुर्वेदिक मानकों के अनुसार हैं। उत्पाद पूरी तरह से मानव उपभोग के लिए सुरक्षित है और उसमें कोई हानिकारक तत्व नहीं पाया गया। डाबर ने यह भी कहा कि वह च्यवनप्राश के बाजार में 61.6% हिस्सेदारी रखता है और पतंजलि का इस तरह का प्रचार एक प्रतिस्पर्धी रणनीति है जो ब्रांड की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकता है।  

लड़की की आंत में फंसी मॉइस्चराइजर की बोतल, डॉक्टर ने सिग्मॉइडोस्कोपी प्रक्रिया से बोतल निकाल कर बचाई आंत

नई दिल्ली  यौन जिज्ञासा के कारण 27 साल की युवती ने बोतल को निजी अंग में डाला था, जो प्राइवेट पार्ट में फंस गई। जिसके बाद निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने बिना सर्जरी किए सिग्मॉइडोस्कोपी की मदद से युवती की आंत में फंसी मॉइस्चराइजर की बोतल निकाली। इससे पहले युवती पेट में दर्द और दो दिनों से शौच न होने की समस्या से परेशान रही। युवती ने बोतल अपनी प्राइवेट पार्ट में डाली जिसके बाद उसे निजी अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। पूछताछ करने पर युवती ने बताया कि उसने यौन सुख की चाह में दो दिन पहले एक मॉइस्चराइजर की बोतल अपनी प्राइवेट पार्ट में डाली थी। वहीं इसके बाद डॉक्टरों ने बोतल निकालने की कोशिश की लेकिन असफल रहे। इसके बाद युवती के पेट का एक्स-रे किया गया, जिसमें बोतल प्राइवेट पार्ट के ऊपरी हिस्से में फंसी हुई दिखाई दी। युवती की गंभीर हालत और आंत फटने की आशंका को देखते हुए उसे तुरंत रात में सर्जरी के लिए ले जाया गया। जल्दी ठीक होने में मिली मदद बता दें कि सिग्मॉइडोस्कोपी की मदद से बोतल को सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया। इस प्रक्रिया से पेट या आंत को नहीं काटना पड़ा, जिससे मरीज को कम दर्द और जल्दी ठीक होने में मदद मिली। हालांकि पूरी बोतल को सुरक्षित निकाल लिया गया। वहीं मरीज की हालत में सुधार होने पर उसे अगले दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस मामले में डॉक्टर ने बताया कि ऐसे मामलों में समय बर्बाद किए बिना प्रक्रिया करना जरूरी होता है। इससे आंत फटने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि एंडोस्कोपी, सिग्मॉइडोस्कोपी और लैप्रोस्कोपी जैसी मिनिमल इनवेसिव तकनीकों से इनका इलाज सुरक्षित रूप से किया जा सकता है जबकि अन्य डॉक्टर ने बताया कि अक्सर ऐसे मरीज अकेलापन महसूस करते हैं और इलाज के दौरान इस पहलू का भी ध्यान रखना चाहिए। ऐसे मरीज यदि मनोरोग से ग्रसित हैं तो उनकी काउंसलिंग की जा सकती है।  सिग्मॉइडोस्कोपी की मदद से बोतल को सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया। इस प्रक्रिया से पेट या आंत को नहीं काटना पड़ा। पूरी बोतल को सुरक्षित निकाल लिया गया और मरीज की हालत में सुधार होने पर उसे अगले दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सर्जरी टीम में डॉ. तरुण मित्तल, डॉ. आशीष डे, डॉ. अनमोल आहूजा, डॉ. श्रेयष मंगलिक और एनेस्थेटिस्ट डॉ. प्रशांत अग्रवाल शामिल थे। डॉ. अनमोल आहूजा ने कहा कि ऐसे मामलों में समय बर्बाद किए बिना प्रक्रिया करना जरूरी होता है। इससे आंत फटने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि एंडोस्कोपी, सिग्मॉइडोस्कोपी और लैप्रोस्कोपी जैसी मिनिमल इनवेसिव तकनीकों से इनका इलाज सुरक्षित रूप से किया जा सकता है। डॉ. तरुण मित्तल ने बताया कि अक्सर ऐसे मरीज अकेलापन महसूस करते हैं, और उपचार के दौरान इस पहलू का भी ध्यान रखना चाहिए। ऐसे मरीज यदि मनोरोग से ग्रसित हैं तो उनकी काउंसलिंग की जा सकती है। 

36 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों का एक और जत्था आज जम्मू से घाटी के लिए रवाना हुआ

जम्मू 36 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों का एक और जत्था गुरुवार को जम्मू से घाटी के लिए रवाना हुआ। दूसरे जत्थे में 5246 तीर्थयात्री शामिल हैं, जिन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच जम्मू के कैनाल रोड स्थित भगवती नगर से घाटी के लिए भेजा गया। अधिकारियों ने बताया कि इन तीर्थयात्रियों में से 1993 यात्री बालटाल बेस कैंप जा रहे हैं, जबकि 3253 पहलगाम बेस कैंप जा रहे हैं। तीर्थयात्री ‘बम बम भोले’ और ‘हर हर महादेव’ के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए तीर्थयात्रियों में उत्साह दिखा। उन्होंने सरकार की ओर से मुहैया कराई गई सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं की तारीफ की। तीर्थयात्रियों ने भारतीय सेना पर पूरा भरोसा जताया। श्रद्धालुओं ने कहा कि सेना के जवानों ने हमें बहुत अच्छे से भगवती नगर तक पहुंचाया। केंद्र सरकार और जम्मू कश्मीर सरकार की ओर से जो सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, वो बहुत अच्छी हैं। दूसरे जत्थे में कुछ ऐसे भी तीर्थयात्री हैं, जो पहली बार अमरनाथ यात्रा पर जा रहे हैं। उन्होंने भी सुरक्षा के साथ यहां की सुविधाओं की तारीफ की। श्रद्धालुओं ने कहा कि वो बहुत खुश हैं, सरकार ने अच्छी व्यवस्थाएं की हैं। एक श्रद्धालु ने कहा कि वो 2019 से लगातार अमरनाथ यात्रा के लिए यहां आता है। इस बार बहुत अच्छा लग रहा है। सरकार ने अच्छी व्यवस्था की है। एक महिला ने सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां की व्यवस्थाओं को देखकर बहुत खुशी हुई। एक श्रद्धालु ने कहा, “जब संवेदनशील समय था, जब आतंकवादी हमले होते थे, उस समय भी भक्त इस यात्रा के लिए आते थे। अब बिल्कुल निर्भय होकर यहां श्रद्धालु आ रहे हैं।” एक अन्य श्रद्धालु ने कहा, “पहले और अब की यात्रा में जमीन-आसमान का फर्क है। यहां दो-तीन गुना अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती है। पहले के मुकाबले चार गुना सुख-सुविधाएं यहां देखने को मिल रही हैं।” श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वो सिर्फ सुरक्षा काफिले के साथ ही जम्मू से घाटी की ओर यात्रा करें और अकेले न निकलें। अमरनाथ यात्रा 36 दिनों तक चलेगी और इस बार इसका समापन 9 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के दिन होगा।  

योगी सरकार का एक्शन मोड: कांवड़ पथ, रोजगार मिशन और JPNIC पर लिया गया बड़ा निर्णय

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के लिए कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई. बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें रोजगार मिशन, बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे लिंक जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं. योगी कैबिनेट के अहम प्रस्तावों में चौधरी चरण सिंह कावंड मार्ग को भी मंजूरी दिया जाना शामिल रहा. इसके तहत मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद से होकर 111.490 KM लंबा कांवड़ मार्ग बनाया जाएगा. राज्‍य के वित्‍त मंत्री सुरेश खन्‍ना का कहना है कि ये फैसले राज्य के रोजगार, औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे को नई दिशा देंगे. यूपी कैबिनेट मींटिंग में हुए फैसलों के बारे में जानते हैं.. यूपी रोजगार मिशन में लाखों को मिलेगा रोजगार यूपी कैबिनेट ने श्रम विभाग के दो प्रस्तावों को मंजूरी देते हुए ‘यूपी रोजगार मिशन’ के गठन को हरी झंडी दिखाई. इस मिशन के तहत एक वर्ष में 25,000 लोगों को विदेशों में रोजगार और 1 लाख लोगों को देश के अंदर रोजगार के मौके दिए जाएंगे. विदेशों में ड्राइवर, मिस्त्री और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में नौकरियां उपलब्ध होंगी. यह मिशन न केवल युवाओं को रोजगार देगा, बल्कि उनकी स्किल डेवलपमेंट पर भी ध्यान देगा.. इससे यूपी के युवा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें. महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया. अब सभी 29 कम खतरनाक कारखानों में महिला वर्करों को काम करने की अनुमति होगी. अभी सिर्फ 5% महिलाएं कारखानों में काम करती है, लेकिन इस फैसल से उनकी भागीदारी काफी बढ़ने की उम्मीद है.   बुंदेलखंड में आएगी औद्योगिक क्रांति बुंदेलखंड के विकास को गति देने के लिए कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए. इसके तहत बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIDA) को विकसित करने के लिए आवश्यक जमीन के अधिग्रहण में संशोधन को मंजूरी दी गई. इसके साथ ही बुंदेलखंड के लिए विशेष औद्योगिक प्रोत्साहन नीति को भी स्वीकृति मिली, जिसके तहत विभिन्न कंपनियों के निवेश प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई. नोएडा की तर्ज पर बुंदेलखंड में एक आधुनिक इंडस्ट्रियल एरिया विकसित किया जाएगा, जो क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक समृद्धि लाएगा. आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे लिंक को मंजूरी कैबिनेट ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले 49.96 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी दी. इस प्रोजेक्ट की लागत 4,776 करोड़ रुपये होगी. यह लिंक एक्सप्रेसवे यूपी के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और आवागमन में आसानी होगी. JPNIC को LDA को सौंपा गया कैबिनेट ने समाजवादी पार्टी सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को सौंपने का फैसला किया. JPNIC के संचालन के लिए बनी सोसाइटी को भंग कर दिया गया है. अब LDA इस प्रोजेक्ट का मेंटेनेंस और संचालन करेगा. लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से बना JPNIC लंबे समय से विवादों में घिरा था. वहीं, उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान के कार्मिकों की अधिवर्षता आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष किये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. यह संस्थान, भाषा विभाग नियंत्रण अधीन स्वशाषी संस्थान है. संस्थान मे 4 कार्मिक कार्यरत हैं.

युवा कांग्रेस चुनाव में अभिषेक परमार और यश घनघोरिया के बीच सीधा मुकाबला

भोपाल   मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस चुनाव के चलते कांग्रेस में सरगर्मी तेज है। सरगर्मी इसलिए भी है क्योंकि इस चुनाव में युवाओं से ज्यादा वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता दिख रही है। उनका प्रयास यही है कि उनके लोगों को मौका मिले, वे आगे बढ़ें। नामांकन हो चुका है, मतदान और सदस्यता एक साथ चल रही है। अध्यक्ष पद के लिए 18 दावेदार अध्यक्ष पद के लिए 18 उमीदवार मैदान में हैं। वे अपने-अपने तरीके से चुनाव प्रचार में जुटे हैं। युवा कांग्रेस चुनाव में अभिषेक परमार और यश घनघोरिया के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के समर्थक माने जाते हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, विधायक जयवर्धन सिंह, प्रियव्रत सिंह, कुणाल चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं का इन्हें अंदरूनी समर्थन माना जा रहा है। वहीं यश घनघोरिया पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया के पुत्र हैं। अंदरूनी तौर पर इनको भी कई नेताओं का समर्थन है। हालांकि इस चुनाव में वरिष्ठ नेता सामने तो नहीं हैं, लेकिन पर्दे के पीछे उनकी सक्त्रिस्यता बनी है। ऐसे में यह चुनाव और भी रोचक हो गया है। 4 लाख से अधिक हो चुके हैं सदस्य युवा कांग्रेस के लिए चार लाख से अधिक युवा सदस्यता ले चुके हैं। सदस्यता अभी भी जारी है। युवा कांग्रेस में यह पहली बार हो रहा है कि मतदान के साथ ही संगठन की सदस्यता भी चल रही है। सदस्यता और मतदान प्रक्रिया ऑनलाइन है। ऑनलाइन ही 50 रुपए निर्धारित फीस के साथ कोई भी युवा सदस्यता ले सकता है।

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर देशभर से 19 आईपीएस अधिकारियों को एलिजिबल, इसमें से 2 अधिकारी एमपी से भी

भोपाल. एमपी पुलिस डिपार्टमेंट में बड़ा बदलाव होने वाला है. भोपाल को जल्द ही नया पुलिस कमिश्नर मिलने वाला है. क्योंकि भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाएंगे. ऐसे में आने वाले दिनों में भोपाल को नया पुलिस कमिश्नर मिलेगा. बता दें कि पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र सेंट्रल डेपुटेशन के लिए एलिजिबल हो गए हैं. दरअसल, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए देशभर से संयुक्त सचिव स्तर के लिए 6 सीनियर आईपीएस का चयन किया गया है. जिसमें एमपी कैडर से हरिनारायण चारी मिश्र का नाम शामिल है. बताया जा रहा है कि केंद्र में IPS हरिनारायण चारी मिश्र संयुक्त सचिव या इसके समकक्ष पद की जिम्मेदारी संभालेंगे. केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद भोपाल में नए पुलिस कमिश्वर की नियुक्ति होगी. केंद्र सरकार ने देशभर से चुने गए कुल 19 आईपीएस अधिकारियों को संयुक्त सचिव स्तर के पदों के लिए संभावित नियुक्तियों की सूची में शामिल किया है। एमपी कैडर के भी 2 अफसरों का नाम इस सूची में शामिल है, जिन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली भेजा जा सकता है। वो नाम हैं भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र और IPS अनुराग। दोनों अधिकारी 2003 बैच के हैं। IPS हरिनारायण चारी मिश्र कौन हैं? भोपाल के मौजूदा पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने कई बड़े और साहसिक फैसले लिए हैं। वे मूल रूप से बिहार के सीवान जिले के रघुनाथपुर गांव से ताल्लुक रखते हैं। हरिनारायण चारी मिश्र के पास कुल 92 लाख रुपए की संपत्ति है, जिसमें एक मकान और एक फ्लैट शामिल हैं। उनके कार्यकाल की सबसे चर्चित उपलब्धियों में से एक इंदौर में भू-माफिया के अवैध निर्माणों को ध्वस्त करना था।  कौन हैं IPS अनुराग आईपीएस अनुराग मध्यप्रदेश कैडर के 2003 बैच के अधिकारी हैं। अनुराग अभी इंदौर ग्रामीण के पुलिस महानिरीक्षक (IG) हैं, उनके पास करीब 4.65 करोड़ रुपए की संपत्ति है। संपत्ति में चार खेती योग्य जमीनें, तीन प्लॉट और दो फ्लैट शामिल हैं। ये संपत्तियां इंदौर, भोपाल, पटना, सीहोर और दिल्ली जैसे शहरों में फैली हुई हैं। अनुराग का नाम भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की सूची में प्रमुखता से सामने आया है। भोपाल को मिलेगा नया पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद भोपाल को नया पुलिस कमिश्नर मिलेगा। माना जा रहा है कि उन्हें संयुक्त सचिव या समकक्ष पद पर केंद्र में जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। वे इससे पहले इंदौर के पुलिस कमिश्नर भी रह चुके हैं। साथ ही ग्वालियर, जबलपुर, बालाघाट और खंडवा में एसपी के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। इंदौर में वे एसपी मऊ, एसडीओपी, और राज्यपाल के एडीसी भी रहे हैं।