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प्रदेश के 6 शहरों में बदलाव की तैयारी, सैनी सरकार ने दिया विशेष तोहफा

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार प्रदेश के छह शहरों में बड़े औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने जा रही है, जिसके लिए लगभग 35 हजार एकड़ जमीन की जरूरत होगी। खास बात यह है कि जमीन पारंपरिक अधिग्रहण से नहीं बल्कि किसानों की सहमति और इच्छा से ही जुटाई जाएगी। इसके लिए किसानों से सीधे ई-भूमि पोर्टल पर जमीन की पेशकश मांगी गई है।  ई-भूमि नीति के तहत किसान न केवल जमीन देने या न देने का फैसला करेंगे बल्कि जमीन की कीमत भी भू-मालिक ही तय करेगा। सरकार और किसान के बीच बातचीत व मोल-भाव के बाद सहमति बनने पर ही सौदा होगा। इस प्रक्रिया में न तो कोई दबाव होगा और न ही किसी तरह की अनिवार्यता। हालांकि 35 हजार एकड़ जमीन लेने की इस कवायद पर अब कानूनी पेच फंस गया है। इस मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई है और कोर्ट ने सरकार को नोटिस भी जारी कर दिया है। इससे किसानों और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। सरकार का दावा है कि इस नीति से किसान मजबूरी में नहीं बल्कि बराबरी की शर्तों पर विकास का हिस्सा बनेंगे। वहीं, विपक्ष और किसान संगठनों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में जमीन जुटाने की कवायद के पीछे औद्योगिक जरूरतों को किसानों के हितों से ऊपर रखने की आशंका है। 

जयशंकर ने ट्रंप को दिया करारा जवाब, कहा– समझौता नहीं होगा, अन्याय नहीं सहेंगे

नई दिल्ली  विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी टैरिफ पर ट्रंप को जमकर सुनाया है। रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ को जयशंकर ने पूरी तरह से गलत बताया है। इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम-2025 में बोलते हुए कहा कि भारत की प्राथमिकता अपने किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों की रक्षा है। जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपने हितों को लेकर कोई समझौता नहीं करते वाला है। सीमा नहीं पार होनी चाहिए जयशंकर ने कहा कि कुछ सीमाए हैं, जिनका पालन करना होगा। हमारे लिए मुख्य तौर पर हमारे किसान और छोटे उत्पादक अहम हैं। इस मामले में हम पीछे नहीं हअ सकते। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमारे सफल या अफसल होने की बात कह सकते हैं। लेकिन बतौर सरकार हम अपने किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए अडिग हैं। हम इसको लेकर दृढ़ हैं। जयशंकर ने कहा कि यह कुछ ऐसा है, जिस पर हम समझौता नहीं कर सकते। टैरिफ और तेल विवाद एस जयशंकर ने इस बात पर भी जोर दिया कि टैरिफ मुद्दे को गलत तरीके से तेल विवाद के रूप में पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चीन और अन्य यूरोपीय देश तो हमसे ज्यादा मात्रा में रूस से तेल आयात कर रहे हैं। लेकिन टैरिफ वाली बात उनके ऊपर लागू नहीं हो रही है। जयशंकर ने आगे कहा कि जब लोग कहते हैं कि भारत युद्ध के लिए रूस को पैसा दे रहा है, तो उन्हें यह भी देखना चाहिए कि रूस-यूरोपीय व्यापार भारत-रूस व्यापार से कहीं अधिक बड़ा है। इस बात में काफी विरोधाभास है। नए राजदूत से टिप्पणी पर इनकार जयशंकर ने साफ कहा कि भारत को अपने राष्ट्रीय हित में निर्णय लेने का पूरा अधिकार है। उन्होंने इसे रणनीतिक स्वायत्तता बताया। भारत-अमेरिका संबंधों पर बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि तनाव के बावजूद बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि हम दो बड़े देश हैं… लाइनें कटी नहीं हैं, लोग एक-दूसरे से बात कर रहे हैं, और हम देखेंगे कि यह कहां जाता है। वाशिंगटन के नए राजदूत के बारे में पूछे जाने पर, जयशंकर ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।  

सभी उपयोगकर्ताओं के लिए मुफ्त: Google ने दी विशेष सर्विस का उपहार

नई दिल्ली  गूगल ने यूजर्स को तगड़ा गिफ्ट दिया गया है। कंपनी के सीईओ सुंदर पिचाई ने ऐलान किया है कि Google Veo 3 इस वीकेंड हर यूजर के लिए फ्री रहेगा। पिचाई ने यह ऐलान एक X पोस्ट में किया है। पिचाई ने गूगल के पोस्ट को रीपोस्ट किया है। गूगल के पोस्ट के अनुसार इस वीकेंड जेमिनी ऐप में यूजर Veo 3 के जरिए फ्री में तीन वीडियो जेनरेट कर सकते हैं। गूगल इस ऑफर के साथ अपने इस शानदार मीडिया टूल का एक्सपीरियंस ज्यादा से ज्यादा यूजर्स को देना चाहता है। मंथली सब्सक्रिप्शन चार्ज 1999 रुपये आमतौर पर विओ 3 जेमिनी ऐप के प्रो सब्सक्रिप्शन के साथ आता है। भारत में इसका मंथली सब्सक्रिप्शन चार्ज 1999 रुपये है। हालांकि, नए यूजर्स को कंपनी एक महीने का फ्री ट्रायल दे रही है, लेकिन पहली बार इसे सभी के लिए फ्री कर दिया गया है। सीईओ पिचाई का भी कहना है कि इस ऑफर का मकसद ज्यादा से ज्यादा यूजर्स तक क्रिएटिव अवसर पहुंचाना है। अब तक का सबसे अडवांस्ड वीडियो मॉडल विओ 3 को गूगल ने I/O 2025 में दुनिया के सामने पेश किया था। इसने तेजी से दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह कंपनी का अब तक का सबसे अडवांस्ड वीडियो मॉडल है और विजुअल के साथ यह सिंक्रोनाइज्ड ऑडियो भी जेनरेट करने वाला पहला मॉडल है। गूगल वीओ 3 अभी टेक्स्ट प्रॉम्प्ट पर काम करता है। इंडियन यूजर्स के लिए गूगल ने Veo 3 Fast मॉडल को रोलआउट किया है। यह एक ऑप्टिमाइज्ड वर्जन है, जो नॉर्मल से थोड़ा फास्ट वीडियो जेनरेट करता है। कंपनी इसे ऐंड्रॉयड और iOS पर गूगल जेमिनी ऐप के जरिए ऑफर करेगी। इस वीकेंड के फ्री ट्रायल के साथ गूगल को उम्मीद है कि यूजर्स को वीओ 3 की काबिलियत को देख सकेगें। सबसे जरूरी बात यह है कि यूजर इसके बारे में अपना फीडबैक भी देंगे। पिचाई ने इस कदम को गूगल की अपने क्रिएटिव टूल के एक्सपैंशन के लगातार कमिटमेंट का हिस्सा बताया और इशारा किया कि भविष्य के अपडेट में यूजर इनपुट की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

पुराने वाहनों के मालिकों को झटका, रिन्यूअल फीस अब होगी डबल

नई दिल्ली  अगर आपके पास 20 साल से ज्यादा पुराना वाहन है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। केंद्र सरकार ने अब ऐसे पुराने मोटर व्हीकल्स के रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण (रिन्यूअल) के नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इसके लिए नई अधिसूचना जारी की है, जिसमें फीस को लगभग दोगुना कर दिया गया है। अब 20 साल बाद भी मिलेगा रजिस्ट्रेशन का मौका – लेकिन बढ़ी हुई कीमत पर पहले 15 साल पुराने वाहनों का ही रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराना संभव था, लेकिन अब सरकार ने इसे 20 साल तक बढ़ा दिया है। हालांकि, यह राहत मुफ्त में नहीं मिलेगी — रिन्यूअल फीस में भारी बढ़ोतरी की गई है। सरकार का कहना है कि यह कदम वाहन मालिकों को कानूनी रूप से अपने पुराने वाहनों के उपयोग की सुविधा देगा, लेकिन इसके साथ ही पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को धीरे-धीरे सड़कों से हटाने की योजना को भी बढ़ावा देगा।  नई रिन्यूअल फीस क्या होगी? पूरी लिस्ट देखें वाहन का प्रकार                   नई रिन्यूअल फीस      पहले की फीस मोटरसाइकिल                      ₹2,000                     ₹1,000 थ्री-व्हीलर/क्वाड्रिसाइकिल        ₹5,000                   ₹3,500 लाइट मोटर व्हीकल (LMV)    ₹10,000                  ₹5,000 इम्पोर्टेड टू/थ्री व्हीलर             ₹20,000                   ₹10,000 इम्पोर्टेड फोर व्हीलर              ₹80,000                   ₹40,000 अन्य भारी वाहन                    ₹12,000                    —  नोट: इन दरों में GST शामिल नहीं है, यानी अंतिम भुगतान और अधिक हो सकता है।     दिल्ली-NCR को मिली राहत दिल्ली-NCR के वाहन मालिकों को इस नियम से फिलहाल छूट दी गई है, क्योंकि यहां पहले से ही पुराने वाहनों पर सख्त प्रतिबंध लागू हैं: -पेट्रोल गाड़ियां: 15 साल बाद बैन -डीजल गाड़ियां: 10 साल बाद बैन इसलिए यहां पर 20 साल पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन रिन्यू नहीं कराया जा सकता।  

केंद्र की नीति पर भड़के CM मान, राशन कार्ड काटने का किया विरोध

जालंधर/चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राशन कार्ड काटे जाने के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा वोट चोर होने के बाद अब राशन चोर बन गई है। सी.एम. भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर पी.डी.एस. (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) के तहत लोगों के राशन कार्ड काटने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं के नियम पंजाब के लिए अलग हैं लेकिन केंद्र इन नियमों की अनदेखी कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार 8 लाख 2 हज़ार 994 लोगों के राशन कार्ड काट रही है, जिससे लगभग 32 लाख लोग मुफ़्त राशन से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसी का राशन नहीं छीनने देगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार द्वारा लगाए जा रहे कैंपों के मुद्दे पर भाजपा पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा किसी का निजी डेटा कैसे ले सकती है। वह 1000 रुपये की योजना के लिए कोई डेटा नहीं मांगते। वह किसी महिला का आधार, पैन या राशन कार्ड नहीं मांगते। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर कार्ड क्यों मांग रही है। जनता ही इसे नया बनाने में जुट गई है। वे पहले अपनी योजना लाते हैं। जिसमें पहले चूल्हा देते हैं, फिर घर बनाने की योजना देते हैं और बाद में कहते हैं कि आपके पास चूल्हा और घर है, लेकिन आप इस योजना के पात्र नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राशन कार्ड काटने का भी एक मानदंड तय कर दिया है, जिसमें अगर आपके पास चार पहिया वाहन है, 25 लाख से अधिक का टर्नओवर है, ढाई एकड़ से अधिक जमीन है या आप सरकारी नौकरी कर रहे हैं, तो राशन कार्ड कट जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सवाल उठाते हुए कहा कि कभी-कभी एक भाई को सरकारी नौकरी मिल जाती है। सरकारी नौकरी मिलने के बाद वह दूसरे शहर में शिफ्ट हो जाता है। परिवार के बाकी सदस्यों का क्या होगा? अगर जिसके नाम कार्ड है, उसके नाम पर गाड़ी है, तो बाकी लोगों का क्या कसूर है। आप पूरे परिवार को भूखा मार देंगे। उन्होंने कहा कि जब तक भगवंत मान मुख्यमंत्री हैं, तब तक किसी का राशन कार्ड नहीं कटेगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने केंद्र सरकार को भी पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि अब तक 1 करोड़ 53 लाख लाभार्थियों को राशन वितरित किया जा रहा है। लेकिन उनका कहना है कि उनमें से कई फर्जी हैं। पंजाब सरकार ने 1 करोड़ 29 लाख का सत्यापन कर लिया है, बाकी के लिए समय दें। वे कार्ड कैसे रद्द कर सकते हैं? वह केंद्र सरकार से 6 महीने का समय मांग रहे हैं।

हरियाणा की बेटी कनक ने लहराया परचम, कजाकिस्तान से 2 गोल्ड जीतकर लौटी, रोहतक में धूमधाम

रोहतक  रोहतक जिले के सुनारिया गांव की कनक बुधवार ने 16वीं एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीते हैं। कजाकिस्तान में 16 से 30 अगस्त तक हो रही प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए कनक ने यूथ कैटेगरी में 10 मीटर शूटिंग में गोल्ड मैडल जीता है। गोल्ड मेडल जीतकर आज कनक रोहतक शहर में लौटी तो उनका भव्य स्वागत किया गया।  ढोल नगाड़ों के साथ वह अपने गोल्ड मेडल दिखाते हुए उस अकादमी में पहुंची जहां से उसने शूटिंग के गुर हासिल किए हैं। कनक ने अपनी जीत का श्रेय अपने कोच, अकादमी व परिवार के लोगों को दिया है। कनक का कहना है कि उनका लक्ष्य ओलंपिक में देश के लिए पदक हासिल करना है। जिसके लिए वह अब तैयारी करेंगी।   हमें गर्व देश का झंडा ऊंचा किया- कोच कोच संदीप नेहरा ने बताया कि उन्हें गर्व है कि कनक ने कजाकिस्तान में देश का झंडा ऊंचा किया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी कनक का कई प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन रहा है। एशियन चैंपियनशिप में दो पदक जीत कर कनक ने यह दिखा दिया है कि आने वाले ओलंपिक में शूटिंग में वह भारत के लिए पदक हासिल करने में सक्षम है। साथ ही उन्होंने कहा कि वे युवाओं से आह्वान करते हैं कि इधर-उधर की बातों को छोड़कर अपना समय पढ़ाई और खेल कूद में लगाए।

उमर अंसारी पर कार्रवाई, गाजीपुर से कासगंज जेल में भेजा गया

गाजीपुर  यूपी में आईएस-191 गैंग के सरगना रहे मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी को शनिवार की सुबह गाजीपुर से कासगंज जेल भेज दिया गया। अलसुबह छह बजे कड़ी सुरक्षा में उमर को कासगंज के लिए रवाना कर दिया गया। माना जा रहा है कि देर शाम तक उमर कासगंज पहुंच जाएंगे। उमर को 50 हजार की इनामी अपनी मां आफ्शा अंसारी का फर्जी हस्ताक्षर कर कोर्ट में अर्जी दाखिल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। करीब एक महीने से उमर जेल में बंद है। उमर का बड़ा भाई अब्बास अंसारी भी चित्रकूट जेल में अवैध रूप से पत्नी से मुलाकात के दौरान पकड़े जाने के बाद लंबे समय तक कासगंज की जेल में ही बंद था। सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद अब्बास बाहर आया और इन दिनों जमानत पर है। मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शा अंसारी के नाम से शहर कोतवाली के देवड़ी बल्लभ दास में दर्ज संपत्ति कुछ साल पहले कुर्क की गई थी। गैंगस्टर एक्ट में कुर्क संपत्ति को छुड़ाने के लिए मुख्तार के छोटे बेटे उमर अंसारी ने कोर्ट में अधिवक्ता लियाकत अली के जरिए याचिका दाखिल की थी। आरोप है उमर ने इस याचिका में अपनी मां और 50 हजार की इनामी आफ्शा अंसारी का फर्जी हस्ताक्षर किया था। मामला प्रकाश में आने पर मुहम्मदाबाद कोतवाली में उमर अंसारी और उसके अधिवक्ता लियाकत अली के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने उमर को लखनऊ से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में एडीजे कोर्ट ने जमानत अर्जी भी खारिज कर दी थी। इसके बाद उमर को गाजीपुर की जिला जेल में रखा गया था। इसी बीच गाजीपुर जेल से कासगंज शिफ्ट करने का फरमान लखनऊ से आया। इसके बाद शनिवार की सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच उमर को गाजीपुर से कासगंज जेल के लिए रवाना कर दिया गया। इस मामले में शुक्रवार को वकील लियाकत अली की भी अग्रिम जमानत अर्जी एडीजे शक्ति सिंह की कोर्ट ने खारिज कर दी थी। लियाकत को अभी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है।  

सरकार ने मुरादाबाद कमिश्नर आन्जनेय सिंह को किया रिलीव, फिलहाल नहीं लेंगे नई जिम्मेदारी

लखनऊ यूपी सरकार ने मुरादाबाद के कमिश्नर आन्जनेय सिंह को मूल कैडर के लिए रिलीव कर दिया है। हालांकि अभी वह ज्वॉइन नहीं करेंगे। दरअसल प्रतिनियुक्ति समाप्ति पर 60 दिन के अवकाश का नियम है। नियुक्ति विभाग ने आन्जनेय सिंह का भी 60 दिन का अवकाश स्वीकृत किया है। इस कारण वह तुरंत नहीं ज्वॉइन करेंगे।  यूपी सरकार ने मुरादाबाद के मंडलायुक्त आन्जनेय सिंह को उनके मूल सिक्किम कैडर के लिए रिलीव कर दिया है। नियुक्ति विभाग ने प्रतिनियुक्ति की समाप्ति पर नियमानुसार मिलने वाले 60 दिन का अवकाश भी उनके लिए स्वीकृत कर दिया है।  बताते चलें कि आन्जनेय सिंह करीब 10 साल यूपी में प्रतिनियुक्ति पर रहे। वर्ष 2005 बैच के आईएएस अधिकारी आन्जनेय सिंह फरवरी 2015 में प्रतिनियुक्ति पर यूपी आए थे। वे यहां बुलंदशहर, फतेहपुर और रामपुर के डीएम रहे।  2 मार्च 21 से मुरादाबाद के कमिश्नर थे। नियुक्ति विभाग ने मुरादाबाद के कमिश्नर का चार्ज वहां के जिलाधिकारी को दे दिया है। शासन के सूत्रों के मुताबिक, अब यह केंद्र पर निर्भर करेगा कि उनकी प्रतिनियुक्ति की अवधि बढ़ाता है या नहीं।

स्टार बैटर शुभमन गिल बीमार, एशिया कप में नहीं खेल पाएंगे मैच

नई दिल्ली  भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान और स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल एशिया कप 2025 से पहले बीमार पड़ गए हैं। वह बीमार होने के कारण आगामी दलीप ट्रॉफी में नहीं खेलेंगे। दलीप ट्रॉफी 28 अगस्त से 15 सितंबर तक बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में आयोजित होगी। यह प्रथम श्रेणी क्रिकेट टूर्नामेंट है। 25 वर्षीय गिल को नॉर्थ जोन का कप्तान चुना गया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, उपकप्तान अंकिम कुमार अब नॉर्थ जोन की कमान संभालेंगे। गिल टी20 फॉर्मेट में खेले जाने वाले एशिया कप के लिए भारत की 15 सदस्यीय टीम का हिस्सा हैं। उन्हें भारतीय टी20 टीम का उपकप्तान बनाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, गिल दलीप ट्रॉफी में नहीं खेलेंगे क्योंकि वह अस्वस्थ हैं। फिजियो ने हाल ही में उनकी जांच की और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को हेल्थ स्टेटस रिपोर्ट सौंपी। फिलहाल, गिल चंडीगढ़ में हैं और घर पर आराम कर रहे हैं। बीसीसीआई और चयन समिति (राष्ट्रीय और क्षेत्रीय) के अधिकारियों ने गिल की उपलब्धता के बारे में पूछे गए सवालों का तुरंत जवाब नहीं दिया लेकिन भारतीय टेस्ट कप्तान के करीबी सूत्रों ने इसकी पुष्टि की। गिल वैसे भी पूरी दलीप ट्रॉफी नहीं खेल पाते क्योंकि उन्हें एशिया कप के लिए टीम इंडिया से जुड़ना है। वह सिर्फ शुरुआती मैच के लिए ही उपलब्ध होते। एशिया कप 9 सितंबर से यूएई में शुरू होगा। गिल इस महीने की शुरुआत में इंग्लैंड के बेहद सफल दौरे से लौटे। उन्होंने एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के पांच टेस्ट मैचों में 754 रन बनाए थे, जो सीरीज में सर्वधिक हैं। उनकी अगुवाई में भारत ने रोमांचक टेस्ट सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराई। गिल ने पहली बार टेस्ट टीम की बागडोर संभाली थी। नॉर्थ जोन के चयनकर्ताओं ने गिल के प्रतियोगिता से बाहर होने की स्थिति में उनके रिप्लेसमेंट की व्यवस्था पहले ही कर ली थी। टीम की घोषणा के समय शुभम रोहिल्ला को बैकअप में रखा गया था। नॉर्थ जोन का सामना 28 अगस्त को दलीप ट्रॉफी के पहले मैच में ईस्ट जोन से होगा। वहीं, एशिया कप स्क्वॉड में शामिल अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा पहले मैच के बाद नॉर्थ जोन से अलग हो जाएंगे।  

सीएम समेत कई दिग्गज OBC नेता जाएंगे बिहार, चुनावी मैदान में MP का असर

भोपाल  बिहार की सियासत पर जैसे-जैसे चुनावी रंग गहराता जा रहा है, वैसे-वैसे दूसरे राज्यों के बड़े नेता भी वहां की जमीन पर उतरने लगे हैं। मध्य प्रदेश इस बार ख़ास में है, क्योंकि यहां के ओबीसी चेहरे चुनावी मैदान में अहम भूमिका निभाने वाले है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने प्रचार और प्रबंधन की कमान अपने-अपने भरोसेमंद नेताओं को सौंपने की रणनीति बनाई है।  भाजपा से सीएम मोहन और मंत्री शिवराज होंगे स्टार प्रचारक भाजपा सीएम मोहन यादव को बिहार के यादव वोटबैंक के सामने बड़ा चेहरा बनाने की की योजना बना रही है। यूपी-बिहार की राजनीति में यादव वंश के प्रभाव को चुनौती देने का जिम्मा मोहन यादव के कन्धों पर होगा। सीएम यादव इससे पहले महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और दिल्ली के विधानसभा चुनावों में प्रचार कर चुके है। वहीँ, केंद्रीय कृषि मंत्री और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की किसान हितैषी और संवेदनशील नेता की छवि बिहार में भाजपा के लिए हथियार साबित हो सकती है। मखाना किसानों के लिए उनके प्रयास और गरीबों के प्रति लगाव उन्हें वहां विशेष लोकप्रियता दिलाता है। कांग्रेस चलेगी यादव-पटेल कार्ड दूसरी ओर कांग्रेस भी ओबीसी समीकरण को साधने में कोई कसार नहीं छोड़ना चाहती। कांग्रेस ने एमपी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव और उनके भाई सचिन यादव को बिहार चुनावी अभियान में अहम भूमिका देने की तैयारी की है। इसके अलावा राज्य सभा सांसद अशोक सिंह(यादव), पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल, वरिष्ठ नेता सत्यनारायण पटेल और दिनेश गुर्जर भी चुनावी मैदान में उतरेंगे। कांग्रेस ने बिहार के ओबीसी बहुल इलाकों को टारगेट करने की रणनीति बनाई है। इन नेताओं को लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा की जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।