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इंडस्ट्रियल कॉरिडोर तैयार, UP के इस जिले में युवाओं को मिलेगा रोजगार

औरैया बुंदेलखंड में विकास की नई परियोजनाओं को उतारा जा रहा है। औरैया जिले के युवाओं को अपने शहर में ही रोजगार देने के लिए बुंदेलखंड एक्सप्रेस पर औद्योगिक गलियारा बनाया जा रहा है। जिसको लेकर पिछले एक साल से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। जो अब लगभग पूरा होने को है। 620 से अधिक किसानों से की खरीदी जा चुकी है जमीन अब तक करीब 620 से अधिक किसानों से की जमीन खरीदी जा चुकी है और 273 से अधिक बैनामा हो चुके है। 95 प्रतिशत से अधिक जमीन उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के नाम की जा चुकी है। वहीं यूपीडा की तरफ से जल्द से जल्द उद्योग लग लगाने को लेकर तैयारी शुरू हो गई है।   बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर सरकार उद्योगों को बढ़ावा दे रही सरकार बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर उद्योगों को बढ़ावा दे रही। जिससे अधिक से अधिक उद्योग लग सके और स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके। इसके लिए दो गांवों की जमीन पर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर औद्योगिक गलियारा बनाए जाने की कवायद चल रही। नवंबर 2023 में जमीन को चिन्हित की गई थी और इसके बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई। औद्योगिक गलियारा के लिए 369 करोड़ का बजट जारी औद्योगिक गलियारे के लिए 124 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। पिछले वर्ष के शुरूआत में जिला प्रशासन से लेकर यूपीडा के अधिकारियों ने इसपर काम शुरू कर दिया। जनवरी से लेकर अब तक 93 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण हो गया। 618 किसानों के कराए जा चुके हैं। बता दें कि औद्योगिक गलियारा के लिए गांव मिहौली से 639 किसानों व निगड़ा 232 किसानों से जमीन खरीदी जा रही थी। बता दें कि औद्योगिक गलियारा तैयार करने के लिए शासन की तरफ से 369 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। जमीन खरीद की प्रक्रिया हुई पूरी इसमें जमीन खरीदने से लेकर गलियारा स्थापित किया जाएगा। इसमें मिहौली व निगड़ा गांव के किसानों की जमीन खरीदी जानी थी, जिसकी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। एडीएम वित्त एवं राजस्व अविनाश चंद्र मौर्य ने बताया कि 95 प्रत‍िशत जमीन का भूमि अधिग्रहण हो चुका है। 

छत्तीसगढ़ में आज होगा कैबिनेट विस्तार, ये 3 नेता बनेंगे मंत्री

रायपुर  छत्तीसगढ़ में भारी अटकलों के बाद आखिरकार विष्णु देव साय मंत्रिमंडल का विस्तार तय हो गया है. आज सुबह 10:30 बजे राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह होगा. जिसमें करीब तीन बीजेपी विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. बीजेपी विधायक दल के सचेतक सुशांत शुक्ला ने पत्र जारी कर इसको पुष्टि की है. सूत्रों के मुताबिक दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव, अम्बिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल और आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब नए मंत्री के तौर पर शपथ ले सकते हैं. तीनों विधायकों को दी गई सूचना मंत्रिमंडल विस्तार के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. छत्तीसगढ़ स्टेट गैरेज में तीन नए मंत्रियों के लिए तीन नए वाहन तैयार कर लिए गए हैं. सूत्रों के मुताबिक मंत्री पद की शपथ लेने वाले तीनों विधायकों को भी आधिकारिक सूचना भेज दी गई है, ताकि वह समय पर शपथ ग्रहण के लिए राजभवन पहुंच सकें. इससे पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्यपाल रामेन डेका से राजभवन में मुलाकात की थी. सीएम के विदेश दौरे के पहले मंत्रिमंडल विस्तार दरअसल, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 21 अगस्त को जापान और दक्षिण कोरिया के दौरे पर रवाना हो रहे हैं. सीएम के विदेश दौरे पर जाने के पहले मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया पूरे करने की तैयारी पिछले 5 दिनों से चल रही थी. पिछले दिनों मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत देते हुए कहा था कि इंतजार करते रहिए, कुछ हो सकता है.

टमाटर 80, शिमला मिर्च 120 रुपए किलो: बरसात में सब्जियों की कीमतें हो गईं महंगी

रांची  बरसात के मौसम में सब्जियों की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है. सब्जियां महंगी होने से रसोई के बजट और खाने के स्वाद पर भी असर पड़ा है. झारखंड की राजधानी रांची की सब्जी मंडी में टमाटर 80 रुपए तो फूलगोभी और बींस 100 रुपए प्रति किलो के भाव पर है. भिंडी से लेकर तमाम दूसरी सब्जियां भी महंगी हैं और हरी सब्जी बमुश्किल ही 80 या 70 रुपये किलो से कम के भाव पर मिल पाए. गाजर भी आम लोगों के पहुंच से बाहर है. वहीं, शिमला मिर्च तो आंसू निकाल रही है, उसके भाव 120 रुपए किलो हैं. दुकानदारों का कहना है कि सुबह से वो दुकान सजाकर बैठे हैं लेकिन ग्राहक नदारद हैं. सब्जी बेशक महंगी है लेकिन दुकानदारों का कहना है कि इसमें उनका कोई कुसूर नहीं, उन्हें भी सब्जी महंगे दाम पर मिल रही है. दुकानदारों का कहना है कि उन्हें पता चला कि किसानों को लगातार बीते 3 महीनों से हो रहे बारिश के कारण नुकसान हुआ है. लिहाजा सामान कम है और डिमांड ज्यादा. जिसकी पूर्ति वो नहीं कर पा रहे हैं.सब्जियां खेतो में ही खराब हो गई हैं, जिसकी वजह से दाम आसमान छू रहे हैं. इधर ग्राहकों की कमी की ये भी वजह मानी जा रही है कि हरी सब्जियों की खरीदारी वो जरूरत के मुताबिक करते हैं और सप्लीमेंट्री सब्जी यानी चना, सोयाबीन वगैरह पर निर्भरता बढ़ रही है. वहीं, दुकानदारों को अगले 2 महीनों तक राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है.

आज का दिन खास! 20 अगस्त 2025 को इन राशियों पर चमकेगी खुशियों की धूप

मेष राशि- आप अपने दिन की शुरुआत योग से करना आपके लिए अच्छा रहने वाला है। पूरा दिन आर्थिक रूप से अच्छा दिख रहा है। शादीशुदा जिंदगी अच्छी रहने वाली है। मानसिक रूप से आप अच्छे रहने वाले हैं। कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारी मिल सकती है। वृषभ राशि- आज पूरे दिन आपकी ऊर्जा का स्तर बना रहेगा। आपकी कोई पुरानी बीमारी आज आपको परेशान कर सकती है। खर्च की अधिकता मन को परेशान कर सकती है। परिवार के सदस्यों का साथ मिलेगा। ऑफिस में किसी कलीग की मदद की जरूरत पड़ सकती है। मिथुन राशि- आज आपको अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए। आय के नए स्रोत उत्पन्न होंगे। घर के माहौल में पॉजिटिविटी बनी रहेगी। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। अपनों का साथ मिलेगा। यात्रा का योग है। कार्यस्थल पर कोई उच्चाधिकारी आपके काम से प्रसन्न हो सकता है। कर्क राशि- आज आपको आर्थिक रूप से प्लान बनाने की जरूरत है, वरना बजट बिगड़ सकता है। ऑफिस में पॉलिटिक्स से दूरी बनाए रखें। परिवार की जिम्मेदारियों को अच्छे से निभाएंगे। संतान पक्ष से अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापारिक रूप से सुदृढ़ होंगे। सिंह राशि- आज घरेलू मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही न करें। ऑफिस में आपके काम की तारीफ हो सकती है। किसी मित्र के सहयोग से आर्थिक लाभ के संकेत हैं। ऑफिस में आपके काम की तारीफ हो सकती है। जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। कन्या राशि- आज आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जीवनसाथी के साथ बातचीत में संतुलित रहें। कारोबार के लिए माता-पिता से धन मिल सकता है। नौकरी में बदलाव के संकेत हैं। यात्रा लाभप्रद नहीं रहेगी। जीवनसाथी के साथ व स्वास्थ्य पर नजर रखें। तुला राशि- आज का दिन यह उन बेहतरीन दिनों में से एक है जब आप कार्यस्थल पर अच्छा महसूस करेंगे। आज आपके सहकर्मी आपके काम की सराहना करेंगे। वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहने वाला है। वृश्चिक राशि- आज आपके आत्मविश्वास में कमी रहेगी। वाणी में मधुरता रहेगी। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ के मौके मिलेंगे। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। अपनों का साथ मिलेगा। किसी खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। धनु राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहेगी। अपने भविष्य को समृद्ध बनाने के लिए आपने अतीत में जो भी पैसा निवेश किया था, उसका आज फल मिलेगा। जीवनसाथी के साथ बेहतर समझ घर में सुख-शांति और समृद्धि लाती है। अपने साझेदारों को हल्के में न लें। किसी अनचाही यात्रा पर जाना पड़ सकता है। मकर राशि- आज आपको अपनी फीलिंग्स पर कंट्रोल रखने की जरूरत है। किसी महंगी चीज पर खर्च करने से पहले विचार करें। आप भविष्य की कई परेशानियों से बच सकते हैं। कुछ लोगों के लिए पदोन्नति मिल सकती है। किसी कलीग के साथ मिलकर किसी प्रोजेक्ट में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। कुंभ राशि- आप ऊर्जा से भरपूर रहेंगे और आज कुछ असाधारण करेंगे। धन का मैनेजमेंट करना आपके लिए अच्छा रहने वाला है। वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। आपके वैवाहिक जीवन का सबसे अच्छा दिन बन सकता है। व्यापारिक स्थिति अच्छी रहेगी। किसी खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। मीन राशि- आज मीन राशि वालों के लिए नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। तरक्की के मौके मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। लेकिन कुछ जातकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। परिवार की जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दें और आर्थिक रूप से बजट बनाकर चलें।

महायुति में उठे सवाल: बारिश संकट पर मीटिंग में क्यों नहीं आए एकनाथ शिंदे?

मुंबई  महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई इस समय बादलों से घिरा हुआ और तापमान में गिरावट आई है. वहीं प्रदेश का राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है. डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे एक बार फिर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग से नदारद रहे. यह मीटिंग मुंबई में हो रही बारिश से संभावित परेशानियों से निपटने के लिए मंगलवार को बुलाई गई थी.  इससे पहले भी फडणवीस ने कैबिनेट की बैठक बुलाई थी. उस समय भी शिंदे उस बैठक में शामिल नहीं हुए थे. जिससे ये अटकलें तेज हो गईं कि महायुति गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. इस बार जब आज कैबिनेट की बैठक बुलाई गई उस समय शिंदे ठाणे में जमीनी हालात का जायजा ले रहे थे. बाद में उन्होंने बीएमसी हेडक्वार्टर जाकर हालात पर निगरानी भी की.   इन दिनों एकनाथ शिंदे की दिल्ली दौरा भी काफी बढ़ गया और चर्चा में रहा. 6 अगस्त को वह अपने परिवार के साथ दिल्ली गए थे. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी. इसकी तस्वीरें भी सामने आई थी.  वहीं शिंदे ने बार-बार दिल्ली के दौर पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि संसद में मानसून सत्र चल रहा है और उनकी पार्टी भी एनडीए का हिस्सा है. इसलिए वह कई मुद्दों पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी आए. दूसरी ओर शिंदे की स्वतंत्रता दिवस पर महाराष्ट्र में न रहकर, कश्मीर चले जाने को भी कई लोग बड़ा संकेत मान रहे हैं. कई लोगों ने अटकलें लगाना शुरू कर दिया है कि गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. शिंदे गुट के शिवसेना नेता संजय शिरसाट का इस पूरे मुद्दे पर कहना है कि एकनाथ शिंदे प्रदेश के डिप्टी सीएम हैं, ऐसे में उनका दिल्ली जाना स्वाभाविक (नेचुरल) है.  बेस्ट महाप्रबंधक नियुक्ति पर हुआ था टकराव इसी महीने बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) के महाप्रबंधक पद पर नियुक्ति को लेकर महाराष्ट्र सरकार में बड़ा टकराव सामने आया था. एक ही पोस्ट के लिए एक ही दिन में दो अलग-अलग नामों की नियुक्ति कर दी गईं थी. एक ओर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के विभाग ने अश्विनी जोशी को महाप्रबंधक नियुक्त किया, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने उसी दिन आदेश पलटते हुए आशीष शर्मा की नियुक्ति कर दी. इस घटनाक्रम से साफ हो गया कि सरकार के शीर्ष नेताओं के बीच नियुक्तियों को लेकर सामंजस्य की भारी कमी है. नाराजगी की वजहें महाराष्ट्र सरकार में शिवसेना (शिंदे गुट) और भाजपा के बीच खटास गहराती जा रही है. शिंदे और उनके समर्थकों को लग रहा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार में एनसीपी को अधिक तवज्जो दी जा रही है, जबकि शिवसेना (शिंदे गुट) को काफी हद तक नजरअंदाज किया जा रहा है. सिर्फ सत्ता संतुलन ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक नियुक्तियों और स्थानांतरण (ट्रांसफर) में समन्वय की कमी ने भी तनाव को और बढ़ा दिया हैय कई मौकों पर नियुक्तियों को लेकर सरकार के शीर्ष नेताओं के बीच स्पष्ट टकराव देखा गया है. इसके अलावा, कुछ जिलों में संरक्षक मंत्री चुनने के मुद्दे पर विवाद भी सामने आए हैं. इन विवादों ने शिंदे और बीजेपी के बीच संबंधों को और बिगाड़ दिया है. फरवरी में शिंदे ने दी थी चेतावनी फरवरी में भी महाराष्ट्र की महायुति सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चलने की खबरें सामने आई थी. इस पर और मुहर तब लग गई थी जब शिंदे ने नागपुर में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था, 'मुझे हल्के में मत लेना, जिन्होंने मुझे हल्के में लिया…' मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात मुश्किल बना दिए हैं. शहर का शायद ही कोई इलाका ऐसा हो जो इस बारिश से प्रभावित न हो. कई जगहों पर जलभराव है और यातायात पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. कुर्ला में NDRF की टीम तैनात मुंबई के कुर्ला इलाके के क्रांतिनगर में मीठी नदी का जलस्तर बढ़ गया है. खतरे को देखते हुए यहाँ रहने वाले लगभग 350 लोगों को पास के बीएमसी स्कूल में शिफ्ट किया गया है. NDRF इंस्पेक्टर और टीम कमांडर राजू प्रसाद ने बताया कि सुबह 9 बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और अब तक करीब 250 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है. महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे भी मौके पर पहुंचे और टीम के काम की सराहना की. अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे अलर्ट रहें और सुरक्षित स्थानों पर रहें. लोकल ट्रेन सेवाएं ठप भारी बारिश से मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. कई जगह पटरियों पर पानी भर गया है जिसके कारण ट्रेनें एक से डेढ़ घंटे की देरी से चल रही हैं. घाटकोपर स्टेशन पर यात्री पटरियों पर उतरकर पैदल ही आगे बढ़ते दिखाई दिए. यही हाल सेंट्रल, हार्बर और वेस्टर्न लाइन के कई हिस्सों में भी देखने को मिला. सरकारी छुट्टी, फिर भी परेशानी हालात को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने आज छुट्टी घोषित कर दी है. सभी स्कूल-कॉलेज और सरकारी संस्थान बंद हैं. हालांकि, कई निजी कंपनियों ने दफ्तर खोले हैं, जिसके चलते कामकाजी लोग किसी तरह ऑफिस पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. लगातार तीन दिन से हो रही बारिश थमने का नाम नहीं ले रही और प्रशासन हालात पर नज़र बनाए हुए है.

सलोनी हार्ट सेंटर से जीवन में आई नई उम्मीद, सीएम योगी ने सराहा प्रयास

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई), लखनऊ में एसबीआई फाउंडेशन आईसीयू प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। यह प्रोजेक्ट सलोनी हार्ट सेंटर में संचालित होगा, जो बच्चों की जन्मजात हृदय बीमारियों के उपचार के लिए समर्पित है। इस अवसर पर एसबीआई फाउंडेशन ने लगभग 10 करोड़ रुपए का सहयोग प्रदान किया। इस राशि से सेंटर को आधुनिक उपकरणों और आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बच्चों के हृदय रोगों के लिए उच्च स्तरीय उपचार सुविधा की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। ऐसे में सलोनी हार्ट सेंटर प्रदेश की एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि डेढ़ वर्ष पूर्व शुभारंभ किए गए इस सेंटर में अब तक 300 से अधिक बच्चों की हार्ट सर्जरी सफलतापूर्वक हो चुकी है। हार्ट सेंटर का पहला चरण पूर्णतः क्रियाशील है, जबकि दूसरे चरण का कार्य तेजी से प्रगति पर है। सीएम योगी ने सलोनी हार्ट फाउंडेशन की संचालक दंपति मिली सेठ एवं हिमांशु सेठ के प्रयासों की सराहना की, साथ ही एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सलोनी हार्ट सेंटर प्रदेश के हजारों परिवारों के जीवन में नई उम्मीद का संचार कर रहा है। यह पहल 2023 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का प्रत्यक्ष सुफल है और बच्चों के जीवन की रक्षा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश ने पूर्व में इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है और अब बच्चों के हृदय रोगों के उपचार में भी ठोस प्रगति हो रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एसबीआई फाउंडेशन का यह सहयोग सलोनी हार्ट सेंटर को और अधिक क्षमता सम्पन्न बनाएगा और आने वाले समय में बच्चों के जीवन की रक्षा में मील का पत्थर सिद्ध होगा। इस अवसर पर एसजीपीजीआई के निदेशक डॉ. आरके. धीमान ने मुख्यमंत्री को हार्ट सेंटर की स्थापना से लेकर अब तक की गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी भी दी।

यूपी ने पीएम आवास योजना में दी मिसाल, देशभर में सबसे आगे रहा

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन और उनकी तेज कार्यशैली ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड उपलब्धियों तक पहुंचा दिया है। जहां राष्ट्रीय स्तर पर एक आवास निर्माण में औसतन 299 दिन लगते हैं, वहीं उत्तर प्रदेश ने मात्र 195 दिन में आवास बनाकर एक मिसाल पेश कर दी है। 2016-17 से 2024-25 के बीच 36.57 लाख आवासों के लक्ष्य के सापेक्ष उत्तर प्रदेश ने अब तक 36.34 लाख आवासों का निर्माण पूरा कर लिया है। शेष आवासों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। इसके साथ ही, प्रदेश सरकार की ओर से संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। 3.73 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 3.51 लाख आवास पूरे हो चुके हैं, जबकि 22 हजार आवासों पर तेजी से काम जारी है। योजना के अंतर्गत यूपी 99.37 प्रतिशत उपलब्धि के साथ राष्ट्रीय स्तर पर दूसरे स्थान पर है। सिक्किम 99.57 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर है, हालांकि उसका लक्ष्य केवल 1,399 आवासों का था। वहीं, भारत सरकार के परफॉर्मेंस इंडेक्स, राजमिस्त्री प्रशिक्षण, सोशल ऑडिट, एरिया ऑफिसर ऐप पर इंस्पेक्शन, पात्र लाभार्थियों को भूमि पट्टा और आवास पूर्णता में उत्तर प्रदेश नंबर वन पर है। निर्मित आवासों को कन्वर्जेन्स के माध्यम से 99.39 प्रतिशत शौचालय, 93.31 प्रतिशत विद्युत कनेक्शन, 94.42 प्रतिशत एलपीजी कनेक्शन और 80.02 प्रतिशत पेयजल कनेक्शन से संतृप्त किया गया है। इससे प्रधानमंत्री आवास अब सिर्फ छत नहीं, बल्कि सुविधाओं से युक्त पूर्ण गृह बन रहे हैं। हाल ही में मुख्य सचिव एसपी. गोयल की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में निर्देश दिए गए कि शेष आवासों का निर्माण मानक एवं गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा किया जाए। इसके साथ ही लाभार्थियों को दिव्यांगजन पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल जैसी योजनाओं से भी जोड़ा जाए, ताकि उनका समग्र विकास सुनिश्चित हो। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत बिजनौर जनपद की बोक्सा जनजाति के लिए स्वीकृत 145 आवासों में से 123 पूर्ण कर लिए गए हैं। वहीं, प्रधानमंत्री मॉडल आवास (ग्रामीण) के तहत 587 मॉडल हाउस बन चुके हैं, 190 निर्माणाधीन हैं। आवास प्लस सर्वेक्षण-2024 के वेरीफिकेशन का काम भी तेजी से चल रहा है। इसके अतिरिक्त वर्ष 2025-26 में 25 हजार महिला राजमिस्त्रियों को आरसेटी के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया है।

कर्मचारियों के हित में हरियाणा सरकार ने लिया निर्णय, हड़ताल का समय अब अवकाश में गिनेगा

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने साल 2023 में हड़ताल पर गए लिपिकों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। अब इस हड़ताल अवधि को उपार्जित अवकाश (लीव ऑफ दी काइंड ड्यू) माना जाएगा। साथ ही, हड़ताल अवधि का न तो वेतन काटा जाएगा और न ही इस अवधि को सेवा में बाधा (ब्रेक इन सर्विस) के रूप में नहीं माना जाएगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, जिनके पास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का कार्यभार भी है, द्वारा जारी एक पत्र में कहा गया है कि हड़ताल पर जाने से पूर्व अर्जित अथवा संचित ‘अर्जित अवकाश’ को सर्वप्रथम समायोजित किया जाएगा, इसके पश्चात ‘हाफ पे लीव’ जाएगा। अर्जित अवकाश और ‘हाफ पे लीव’ की कटौती के बाद भी यदि हड़ताल अवधि शेष रहती है तो अग्रिम अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाएगा, जिसे संबंधित लिपिकों के भविष्य में अर्जित होने वाले अवकाश खाते से समायोजित किया जाएगा। पत्र में कहा गया है कि यह छूट केवल एक बार की विशेष व्यवस्था के तौर दी जा रही है और इसे भविष्य में मिसाल के तौर पर नहीं लिया जाएगा। ये निर्देश केवल कुछ श्रेणियों के कर्मचारियों, खास तौर पर लिपिकों पर लागू होंगे, जिन्होंने उस विशेष हड़ताल में भाग लिया था। ये निर्देश अन्य किसी भी मामले में लागू नहीं होंगे। तदनुसार, विभागों में कार्यरत एसएएस कैडर से सत्यापन के उपरांत वेतन जारी किया जा सकता है। इस सम्बन्ध में सभी प्रशासकीय सचिवों, विभागाध्यक्षों, सभी मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, उप-मंडल अधिकारियों (नागरिक) और खजाना अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।

राजस्थान ने पूरा किया 10 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य, CM शर्मा ने ‘हरियालो राजस्थान’ पोस्टर जारी किया

जयपुर राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश ने 10 करोड़ से अधिक पौधे लगाने के ऐतिहासिक लक्ष्य को हासिल कर लिया है। इस उपलब्धि पर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से उनके निवास पर मुलाकात कर बधाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने "हरियालो राजस्थान" अभियान के तहत पोस्टर का विमोचन किया। वहीं, वन मंत्री ने उन्हें प्रतीक स्वरूप पौधा भेंट किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस सफलता को प्रदेशवासियों की सहभागिता और सामूहिक प्रयास का परिणाम बताते हुए कहा कि अधिक से अधिक पौधारोपण और उनके संरक्षण से ही राजस्थान को हराभरा बनाया जा सकता है। वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के लिए गर्व की बात है और आने वाले समय में हरित प्रदेश के संकल्प को और मजबूती मिलेगी।

राजस्थान के कोटा में नए एयरपोर्ट का निर्माण शुरू, कैबिनेट ने दी हरी झंडी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने मंगलवार को 1,507 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से कोटा-बूंदी (राजस्थान) में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट विकसित करने के भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। राजस्थान सरकार ने ए-321 श्रेणी के विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने के उद्देश्य से एएआई को 440.06 हेक्टेयर भूमि ट्रांसफर की है। सरकार के द्वारा जारी बयान के मुताबिक, इस परियोजना में 20,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में एक टर्मिनल भवन का निर्माण किया जाएगा, जो व्यस्त समय के दौरान 1,000 यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा और जिसकी कुल क्षमता बीस लाख यात्री प्रति वर्ष होगी। इसमें 3200 मीटर x 45 मीटर आकार का रनवे (हवाई पट्टी), ए-321 प्रकार के विमानों के लिए 07 पार्किंग बे (विमान पार्किंग क्षेत्र) के साथ एक एप्रन (विमान में ईंधन भरने और उनके रखरखाव का स्थान), दो लिंक टैक्सीवे, एटीसी-कम- टेक्निकल ब्लॉक, फायर स्टेशन, कार पार्किंग और संबंधित कार्य शामिल हैं। चंबल नदी के तट पर स्थित कोटा, राजस्थान की औद्योगिक राजधानी मानी जाती है। इसके अतिरिक्त, कोटा भारत के शैक्षिक कोचिंग केंद्र के रूप में भी प्रसिद्ध है। सरकार के मुताबिक, शैक्षिक और औद्योगिक क्षेत्रों की प्रमुखता के कारण कोटा में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में अनुमानित यातायात वृद्धि का समाधान करना है। कोटा में अभी एएआई के स्वामित्व वाला एयरपोर्ट मौजूद है, जहां 1220 मीटर x 38 मीटर आकार का एक रनवे है, जो कोड 'बी' विमानों (जैसे डीओ-228) के लिए उपयुक्त है। इसके अतिरिक्त मौजूदा एप्रन केवल दो विमानों के लिए उपयुक्त है। वर्तमान टर्मिनल भवन 400 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है, जिसकी व्यस्त समय में 50 यात्रियों को संभालने की क्षमता है। सरकार ने बताया कि मौजूदा एयरपोर्ट को अपर्याप्त भूमि उपलब्धता और एयरपोर्ट के आसपास बढ़ते शहरीकरण के कारण वाणिज्यिक संचालन के लिए विकसित नहीं किया जा सकता है।