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IPL 2025 टिकट घोटाले पर गिरी गाज, हैदराबाद क्रिकेट बॉडी के अध्यक्ष जगन मोहन राव गिरफ्तार

हैदराबाद  हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (HCA) के अध्यक्ष ए. जगन मोहन राव को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 सीजन से जुड़े टिकट घोटाले में कथित संलिप्तता के आरोप में क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने गिरफ्तार किया. राव के साथ HCA के चार अन्य वरिष्ठ अधिकारी- कोषाध्यक्ष सी. श्रीनिवास राव, CEO सुनील कांते, महासचिव राजेंद्र यादव और उनकी पत्नी जी. कविता  को तेलंगाना CID ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया. ये गिरफ्तारियां नि:शुल्क मैच टिकटों के वितरण से जुड़ी जालसाजी, वित्तीय गड़बड़ी और दबाव डालने की गतिविधियों के आरोपों के बाद हुईं. तेलंगाना क्रिकेट एसोसिएशन (TCA) के महासचिव धरम गुराव रेड्डी द्वारा 9 जून को दर्ज कराई गई शिकायत के बाद यह मामला दर्ज किया गया. इस शिकायत के आधार पर सीआईडी ​​ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया, जिनमें धारा 465 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी), 471 (फर्जी दस्तावेजों को असली के रूप में इस्तेमाल करना), 403 (संपत्ति का बेईमानी से गबन), 409 (लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात) , 420 (धोखाधड़ी), साथ ही धारा 34 (साझा इरादे से कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य) शामिल हैं. आरोप है कि राव ने एचसीए चुनाव लड़ने के लिए एक जाली दस्तावेज पेश किया था. एचसीए द्वारा आईपीएल फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) पर निर्धारित सीमा से ज्यादा कॉम्प्लिमेंट्री टिकट देने के लिए दबाव डालने के प्रयासों से जुड़े और भी आरोप सामने आए हैं. एसआरएच, एचसीए और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते के अनुसार, एचसीए को 3,900 कॉम्प्लिमेंट्री टिकट मिलने चाहिए , जो स्टेडियम की क्षमता के 10% के बराबर है. हालांकि एचसीए अधिकारियों ने कथित तौर पर अतिरिक्त 10% की मांग की, जिसे एसआरएच ने अस्वीकार कर दिया. फ्रेंचाइजी ने यह भी आरोप लगाया कि राव ने 27 मार्च को राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ एसआरएच के मैच से कुछ घंटे पहले कॉर्पोरेट बॉक्स पर ताला लगा दिया और 20 अतिरिक्त कॉम्प्लिमेंट्री टिकटों की मांग की. एसआरएच ने दावा किया कि इस कार्रवाई ने एचसीए और बीसीसीआई के साथ हुए त्रिपक्षीय समझौते का उल्लंघन किया है, जिसके तहत एसोसिएशन का आवंटन स्पष्ट रूप से 3,900 पास तक सीमित है. बैठक के बाद एचसीए और एसआरएच के बीच पहले ही 3,900 कॉम्प्लिमेंट्री पास आवंटित करने पर सहमति बन गई थी. इसके बावजूद, एसआरएच ने बीसीसीआई और आईपीएल गवर्निंग काउंसिल में शिकायत दर्ज कराई और एचसीए पर बार-बार ब्लैकमेलिंग करने का आरोप लगाया. हालांकि एचसीए ने इन आरोपों से इनकार किया है. तनाव इतना बढ़ गया कि SRH ने धमकी दी कि अगर HCA टिकट कोटे को लेकर दबाव डालता रहा, तो वे अपने घरेलू मैच किसी दूसरे राज्य में शिफ्ट कर देंगे. हालात को शांत करने के लिए HCA के सचिव आर. देवराज ने SRH के प्रतिनिधि किरण, सरवनन और रोहित सुरेश के साथ राजीव गांधी स्टेडियम में बैठक की ताकि कोई हल निकाला जा सके. चर्चा के दौरान एसआरएच ने एसआरएच, एचसीए और बीसीसीआई के बीच मौजूदा त्रिपक्षीय समझौते का सख्ती से पालन करने का प्रस्ताव रखा. HCA और SRH ने एक संयुक्त बयान में कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्टेडियम की उपलब्ध कुल क्षमता का 10%, सभी सेक्शन में उसी के अनुसार आवंटित किया जाए जैसा कि समझौते में तय है. इसके जवाब में HCA ने प्रस्ताव रखा कि हर श्रेणी में पास का मौजूदा आवंटन पहले जैसी ही व्यवस्था के अनुसार जारी रखा जाए, जैसा कि पिछले कई वर्षों से होता आया है. SRH के CEO षणमुगम से बात करने के बाद यह तय हुआ कि HCA को मिलने वाले 3,900 मुफ्त टिकट उसी तरह मिलेंगे, जैसे पहले होते आए हैं.HCA ने SRH को भरोसा दिया है कि आगे भी वे पूरी तरह से पेशेवर तरीके से सहयोग करेंगे. संयुक्त बयान में कहा गया, 'एचसीए और एसआरएच राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में दर्शकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए सौहार्दपूर्ण ढंग से मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.'

छात्राओं के साथ अमानवीय व्यवहार, पीरियड चेक के नाम पर प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप

प्रिसिंपल ने पीरियड चेक करने के लिए नाबालिग छात्राओं के उतरवाए कपड़े, स्कूल में बवाल  स्कूल में शर्मनाक हरकत: पीरियड चेक करने के नाम पर छात्राओं से कपड़े उतरवाए, प्रिंसिपल पर आरोप नाबालिग छात्राओं के कपड़े उतरवाने का आरोप, स्कूल में पीरियड जांच को लेकर मचा बवाल छात्राओं के साथ अमानवीय व्यवहार, पीरियड चेक के नाम पर प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप मुंबई  महाराष्ट्र के एक स्कूल से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां कक्षा 5 से 10 तक की नाबालिग लड़कियों को कथित तौर पर कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया गया. शिक्षिकाओं ने छात्राओं की जांच की कि कहीं वे मासिक धर्म से तो नहीं गुज़र रही हैं. स्कूल में हुई छात्रों के साथ इस घटना के बाद अभिभावकों में गुस्सा है. स्कूल के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करा दी गई है. यह घटना मंगलवार को हुई जब प्रिंसिपल ने कई छात्राओं, जिनमें ज़्यादातर कक्षा 5 से 10 की छात्राएं थीं. छात्राओं को स्कूल हॉल में बुलाया और उन्हें बाथरूम के फर्श पर मिले खून के धब्बों की तस्वीरें दिखाईं, बताया जा रहा है कि ये तस्वीरें हाउसकीपिंग स्टाफ़ ने ली थीं. महाराष्ट्र पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "इस मामले में स्कूल के प्रिंसिपल और एक चपरासी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य के खिलाफ मामला चल रहा है." इसके बाद प्रिंसिपल ने छात्राओं को दो समूहों में बांटने का आदेश दिया. एक वे जो मासिक धर्म से गुज़र रही थीं और दूसरी वे जो नहीं थीं. एक महिला चपरासी को 10 से 12 साल की कुछ लड़कियों की जांच करने के लिए कहा गया, जिन्होंने कहा कि उन्हें मासिक धर्म नहीं हो रहा है. जांच के दौरान चपरासी ने उनके अंतर्वस्त्रों को छुआ और एक लड़की को सैनिटरी नैपकिन इस्तेमाल करते हुए पाया, लेकिन वह उन लड़कियों के समूह में शामिल थी जिन्होंने कहा कि उन्हें मासिक धर्म नहीं हो रहा है. इसके बाद, प्रिंसिपल ने उसे अन्य छात्राओं और कर्मचारियों के सामने डांटकर अपमानित किया. पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज अपने बच्चों से घटना के बारे में जानने के बाद, गुस्साए अभिभावक स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के लिए जमा हो गए. बुधवार को उन्होंने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम के तहत स्कूल के प्रिंसिपल, एक चपरासी, दो शिक्षकों और दो ट्रस्टियों सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. स्कूल के प्रिंसिपल और चपरासी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि पुलिस अन्य चार की जांच कर रही है.

ब्लड मनी लेने से परिवार का इनकार, संकट में निमिषा की ज़िंदगी – पेशकश हुई इतनी बड़ी रकम की

पलक्कड़  यमन में मौत की सजा का सामना कर रहीं भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को बचाने की कोशिशें जारी हैं। कहा जा रहा है कि अगर पीड़ित का परिवार ब्लड मनी को स्वीकार कर लेता है, तो उनकी जान बच सकती है। हालांकि, ताजा रिपोर्ट्स से संकेत मिल रहे हैं कि पीड़ित परिवार ने धनराशि स्वीकार करने से मना कर दिया है। फिलहाल, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। निमिषा साल 2017 में यमन के नागरिक तलाल अब्दो महदी की हत्या की दोषी पाई गईं थीं। यमन की कानूनी व्यवस्था के तहत अगर पीड़ित परिवार ब्लड मनी स्वीकार करने के लिए तैयार हो जाता है, तो निमिषा को क्षमादान मिल सकता है। ब्लड मनी एक तरह का आर्थिक मुआवजा है, जो दोषी की तरफ से पीड़ित परिवार को दिए जाने की पेशकश की जाती है। टेलीग्राफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, निमिषा प्रिया के मामले में 8 करोड़ रुपये की पेशकश की गई है। खबर है कि Save Nimisha Priya International Action Council ने पूरी धनराशि के साथ तलाल के परिवार को शिक्षा, मेडिकल समेत कई अन्य सहयोग देने का भी वादा किया है। लेकिन कहा जा रहा है कि पीड़ित के परिवार ने सभी पेशकश ठुकरा दी हैं। टेलीग्राफ से बातचीत में काउंसिल की उपाध्यक्ष दीपा जोसेफ ने कहा, 'सारे प्रयास किए जा रहे हैं। हम मानवीय रूप से हर मदद पेश कर रहे हैं, लेकिन परिवार ने अब तक कुछ भी स्वीकार नहीं किया है। हम गुरुवार तक सना से कुछ अच्छी खबर का इंतजार कर रहे हैं।' और भी हैं परेशानियां कहा जा रहा है कि यमन में जारी संघर्ष ने निमिषा प्रिया मामले में मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। सना और मुल्क के अधिकांश हिस्से पर हूती विद्रोहियों का नियंत्रण है, जिसके चलते भारतीय अधिकारियों के प्रभाव को कम कर दिया है। जोसेफ बताती हैं, 'प्रेमा कुमारी (निमिषा प्रिया की मां) बीते अप्रैल से यमन में हैं। उन्हें किसी चमत्कार की उम्मीद है। प्रिया के पति और 12 साल की बेटी इडुक्की में हैं।' केरल के पलक्कड़ जिले के कोलेनगोड़े की प्रिया को जुलाई 2017 में यमन के एक व्यक्ति की हत्या का दोषी ठहराया गया था। वह व्यक्ति प्रिया का बिजनेस पार्टनर था। यमन की अदालत ने 2020 में उसे मौत की सजा सुनाई थी और देश की सर्वोच्च न्यायिक परिषद ने नवंबर 2023 में उसकी अपील खारिज कर दी थी। निमिषा यमन की राजधानी सना में जेल में बंद है। सना में इस वक्त ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का नियंत्रण है। पीटीआई भाषा के अनुसार, प्रिया की मां प्रेमकुमारी अपनी बेटी की रिहाई सुनिश्चित कराने के प्रयासों के तहत पिछले वर्ष यमन गई थीं। बताया जाता है कि भारतीय पक्ष ने प्रिया की रिहाई दियात या ब्लड मनी देकर सुनिश्चित करने के विकल्प पर भी विचार किया था लेकिन इसमें भी कुछ बाधा आई।

लॉर्ड्स में धमाका करने को तैयार शुभमन गिल, रिकॉर्ड बुक में दर्ज करने का मौका

नई दिल्ली मशुभमन गिल ने कप्तान बनते ही एक अलग मोड में बल्लेबाजी करते हुए नजर आ रहे हैं। लीड्स में खेले गए पहले टेस्ट में शतक जड़ उन्होंने अपने कैप्टेंसी करियर की शुरुआत की। वहीं एजबेस्टन में खेले गए दूसरे मैच में तो उन्होंने दोनों पारियों में शतक जड़ कमाल ही कर दिया। पहली पारी में दोहरा शतक जड़ते हुए उन्होंने 269 रन बनाए, वहीं दूसरी इनिंग में 161 रनों की लाजवाब पारी खेली। इसी रेड हॉट फॉर्म के साथ गिल लॉर्ड्स टेस्ट खेलने उतरेंगे। इस दौरान उनके सामने एक दो नहीं बल्कि 7-7 रिकॉर्ड्स अपने नाम करने का मौका होगा। इनमें से एक रिकॉर्ड ऐसा है जो 148 साल के टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सिर्फ एक ही कप्तान अपने नाम कर पाया है। गिल अगर वह रिकॉर्ड बनाते हैं तो वह ऐसा करने वाले दुनिया के मात्र दूसरे कप्तान बनेंगे। आईए एक नजर इन 7 रिकॉर्ड्स पर डालते हैं- टेस्ट सीरीज में भारतीय कप्तान द्वारा सर्वाधिक रन शुभमन गिल ने अब तक खेले गए दो टेस्ट मैचों में 585 रन बनाए हैं। अगर वह तीसरे टेस्ट में कम से कम 148 रन बना लेते हैं, तो वह किसी भारतीय कप्तान द्वारा एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का सुनील गावस्कर का रिकॉर्ड तोड़ देंगे। 1978-79 में भारत-वेस्टइंडीज के बीच घरेलू टेस्ट सीरीज के दौरान गावस्कर ने 6 मैचों की 9 पारियों में 732 रन बनाए थे। लिस्ट में दूसरे नंबर पर विराट कोहली (655 बनाम इंग्लैंड, 610 बनाम श्रीलंका, 593 बनाम इंग्लैंड) मौजूद हैं। इंग्लैंड में भारत के लिए एक टेस्ट सीरीज में सर्वाधिक रन शुभमन गिल को इंग्लैंड में भारत के लिए एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन रन बनाने के राहुल द्रविड़ के रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए मात्र 18 रनों की दरकार है। 2002 में भारत के इंग्लैंड दौरे पर द्रविड़ ने चार मैचों की छह पारियों में कुल 602 रन बनाए थे। लॉर्ड्स टेस्ट में गिल के आसानी से इस रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं। इंडिया वर्सेस इंग्लैंड सीरीज में सर्वाधिक रन इंडिया वर्सेस इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड इंग्लैंड के ग्राहम गूच के नाम है, जिन्होंने 1990 में भारत के खिलाफ एक सीरीज में 752 रन बनाए थे। गिल को अगर इस रिकॉर्ड को तोड़ना है तो 168 रन और बनाने होंगे। वहीं भारत के लिए इंडिया वर्सेस इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल के नाम है। 2024 में भारत दौरे पर आई इंग्लैंड की टीम के खिलाफ जायसवाल ने 5 मैचों की 9 पारियों में 712 रन बनाए थे। गिल उनका रिकॉर्ड तोड़ने से 128 रन दूर हैं। भारत के लिए एक टेस्ट सीरीज में सर्वाधिक रन भारत के लिए एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड सुनील गावस्कर के नाम है। 1971 में लिटिल मास्टर ने अपनी पहली टेस्ट सीरीज में वेस्टइंडीज के खिलाफ चार मैचों की 8 पारियों में कुल 774 रन बनाए थे। गिल के नाम अब तक 585 रन हैं, और उन्हें 54 साल पुराने इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए लॉर्ड्स में कम से कम 190 रन बनाने होंगे। कप्तान के तौर पर पहले तीन टेस्ट मैचों में शतक शुभमन गिल ने कप्तान के तौर पर अपने पहले दो टेस्ट मैचों में तीन शतक लगाए हैं। उन्होंने लीड्स टेस्ट की पहली पारी में 147 रन बनाए और एजबेस्टन में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में 269 और 161 रनों की पारी खेली। अगर गिल तीसरे टेस्ट मैच में भी शतक जड़ देते हैं, तो वह कप्तान के तौर पर अपने पहले तीन टेस्ट मैचों में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बन जाएंगे। 148 साल के टेस्ट क्रिकेट में, केवल इंग्लैंड के एलिस्टर कुक ने ही कप्तान के तौर पर अपने पहले तीन टेस्ट मैचों में तीन शतक लगाए हैं। वैसे तो कुक के नाम बतौर कप्तान अपने पहले पांच टेस्ट मैचों में शतक लगाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। इंग्लैंड में एक से ज्यादा टेस्ट जीतने वाले भारतीय कप्तान पिछले 93 सालों में कुल 7 भारतीय कप्तानों ने इंग्लैंड में टेस्ट मैच जीते हैं, लेकिन केवल दो भारतीय – कपिल देव और विराट कोहली – ही एक से ज्यादा मैच जीने में कामयाब रहे हैं। अगर लॉर्ड्स में शुभमन गिल की अगुवाई में टीम इंडिया तिरंगा लहराती है तो गिल इस लिस्ट में जुड़ने वाले तीसरे भारतीय कप्तान बन जाएंगे। लॉर्ड्स में टेस्ट मैच जीतने वाले भारतीय कप्तान कपिल देव, एमएस धोनी और विराट कोहली पिछले 93 सालों में लॉर्ड्स में टेस्ट मैच जीतने वाले केवल तीन भारतीय कप्तान हैं। गिल की नजरें जरूर इस लिस्ट में अपना नाम जोड़ने पर होगी। अगर लॉर्ड्स टेस्ट में गिल जीत दर्ज करने में कामयाब रहते हैं तो वह इंग्लैंड के खिलाफ इंग्लैंड में लगातार दो टेस्ट जीतने वाले दूसरे भारतीय कप्तान बन जाएंगे। कपिल देव ने ऐसा 1986 में किया था जब भारत लीड्स और लॉर्ड्स में लगातार दो मैच जीता था।  

प्रतिद्वंद्वी से सम्मान: शाहीन अफरीदी ने बुमराह को बताया सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज

नई दिल्ली पाकिस्तान के स्टार तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी ने भारत के स्पीड स्टार जसप्रीत बुमराह की शान में कसीदे पढ़े हैं। उन्होंने भारतीय स्टार को परफेक्ट बोलर बताते हुए दुनिया का बेस्ट गेंदबाज करार दिया है। पाकिस्तान के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अफरीदी का एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल है जिसमें वह बुमराह को 10 में से 10 नंबर देते दिख रहे हैं। अफरीदी पाकिस्तान के टी-20 कैप्टन भी रह चुके हैं। उनसे पूछा जाता है कि बुमराह को 10 में से कितने अंक देंगे तो उनका जवाब था 10 नंबर। इसकी वजह पूछने पर अफरीदी ने बताया, 'असल में वह मौजूदा समय के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज हैं। स्विंग, सटीकता, अनुभव। मुझे लगता है कि वह मौजूदा दौर के दुनिया के बेस्ट गेंदबाज हैं।' 31 साल के जसप्रीत बुमराह ने टेस्ट, वनडे और टी-20 तीनों ही फॉर्मेट में अपनी जबरदस्त छाप छोड़ी है। उन्होंने अब तक 46 टेस्ट मैच खेले हैं जिनमें उनके नाम 210 विकेट हैं। इस दौरान उन्होंने 14 बार 5 विकेट हॉल लिए हैं। अब तक 89 ओडीआई में उनके नाम 149 विकेट हैं। बुमराह ने 70 टी-20 इंटरनेशनल मैचों में 89 विकेट लिए हैं। जसप्रीत बुमराह ने एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के पहले टेस्ट मैच में पारी में 5 विकेट लिए थे। हालांकि, लीड्स टेस्ट में भारत हार गया था। वह एजबेस्टन में खेले गए दूसरे टेस्ट में नहीं खेले थे। लॉर्ड्स टेस्ट में वह भारतीय टीम का हिस्सा होंगे। 2024-25 के बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में जसप्रीत बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सभी 5 टेस्ट मैच खेले थे। इस दौरान उन्होंने 32 विकेट झटके। 2024 में उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लिए थे। उन्हें पिछले साल आईसीसी ने क्रिकेटर ऑफ द ईयर और टेस्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर अवॉर्ड से नवाजा था। बुमराह 2025 का चैंपियंस ट्रॉफी लोवर बैक इंजरी के कारण नहीं खेल पाए थे। इस वजह से वह आईपीएल 2025 के शुरुआती मैचों में भी मुंबई इंडियंस के लिए नहीं खेल पाए थे।  

श्रवण नक्षत्र और सौभाग्य योग में मनेगा रक्षाबंधन, पूरे दिन रहेगा राखी बांधने का शुभ समय

रक्षाबंधन का पावन त्योहार 9 अगस्त शनिवार को मनाया जाएगा। इस बार का रक्षाबंधन कई विशेष योगों से युक्त है। पूरे दिन भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा, जिससे किसी भी समय राखी बांधी जा सकेगी। इस वर्ष रक्षाबंधन श्रवण नक्षत्र, सौभाग्य योग, बव करण और पूर्णिमा तिथि में मनाया जाएगा। चंद्रमा मकर राशि में स्थित रहेगा। विशेष बात यह है कि 1728 के बाद पहली बार 2025 में 8 ग्रहों की विशेष स्थिति बन रही है। सूर्य कर्क में, चंद्र मकर में, मंगल कन्या में, बुध कर्क में, गुरु और शुक्र मिथुन में, राहु कुंभ में और केतु सिंह राशि में रहेंगे। ज्योतिषाचार्य पंडित अमर डब्बावाला के अनुसार, इस दिन विभिन्न समय पर अलग-अलग केंद्र त्रिकोण योग बनेंगे। सर्वार्थ सिद्धि योग में प्रातः से दोपहर 2:40 बजे तक शुभ मुहूर्त रहेगा। सायंकाल में भी शुभ योग में राखी बांधी जा सकेगी। शनिवार के दिन श्रावण नक्षत्र का संयोग रक्षा बंधन पर्व पर कई योग संयोग बन रहे है। शनिवार के दिन श्रवण नक्षत्र का योग बहुत कम बनता है। इस दिन चंद्र मकर राशि में रहेगा और मकर राशि के स्वामी शनि है। शनिवार का दिन जिसका स्वामी भी शनि है और श्रवण नक्षत्र जो शनि की राशि की कक्षा में आते है। यह अपने आप में दुर्लभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में श्रवण नक्षत्र का अधिपति विष्णु को बताया गया है। इस दिन सौभाग्य योग भी है, जिसके अधिपति ब्रह्मा है। ऐसे में ब्रह्मा व विष्णु की उपस्थिति में इस बार का रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा।  

तीसरे दिन भी नहीं टूटी छांगुर बाबा की कोठी, बुलडोजर एक्शन में अफसरों की जद्दोजहद जारी

बलरामपुर यूपी के बलरामपुर में अवैध धर्मांतरण के सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के काले साम्राज्य पर तीसरे दिन भी बुलडोजर का एक्शन जारी है. सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाई गई छांगुर बाबा की आलीशान किलेनुमा कोठी पर प्रशासन का बुलडोजर गरज रहा है. हालांकि, बाबा की ये कोठी इतनी मजबूत है कि इसको तोड़ने के लिए जेसीबी को भी जद्दोजहद करनी पड़ रही है.  जानकारी के मुताबिक, छांगुर बाबा ने अपनी इस मजबूत कोठी में 10 मिलीमीटर से 15 मिलीमीटर तक की मोटी-मोटी सरिया लगवा रखी हैं. इसका कंक्रीट मटेरियल भी ऐसा इस्तेमाल किया, जो आमतौर पर ब्रिज और पुल निर्माण में प्रयोग होता है. इसी के चलते बाबा की कोठी बेहद मजबूत है, जिसे तोड़ने में बुलडोजर को भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है.  आपको बता दें कि बलरामपुर स्थित छांगुर बाबा की जिस कोठी को जमींदोज किया जा रहा है, वह किसी महल से कम नहीं है. पूरी कोठी सीसीटीवी से लैस थी. प्राइवेट पावर प्लांट लगाया था. दर्जनों सोलर पैनल लगे थे. बाउंड्री पर कटीले तार बिछे थे. कथित तौर पर इनमें करंट दौड़ता था, ताकि कोई कोठी के पास भी न फटक पाए.  इतना ही नहीं इस कोठी के अंदर ही एक गुप्त कंट्रोल रूम भी था, जिससे पूरे घर के सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की जाती थी. कंट्रोल रूम बाबा के बेडरूम था. अंदर जाने वाले हर व्यक्ति की रिकॉर्डिंग होती थी. मालूम हो कि छांगुर बाबा को उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन के साथ बीते शनिवार को एटीएस ने गिरफ्तार किया था. दोनों बलरामपुर जिले के मधपुर के निवासी हैं. छांगुर बाबा के खिलाफ पहले से गैर जमानती वारंट जारी था. उस पर 50 हजार का इनाम भी घोषित था. फिलहाल, दोनों को कोर्ट में पेश किए जाने के बाद रिमांड पर लेकर लखनऊ जिला जेल भेज दिया गया है. अब एटीएस उनसे पूछताछ करेगी.  इससे पहले, इसी केस में 8 अप्रैल को दो और आरोपियों जमालुद्दीन जो कि नसरीन का पति है और छांगुर बाबा के बेटे महबूब को गिरफ्तार किया जा चुका है. ये दोनों भी बलरामपुर के रहने वाले हैं और फिलहाल लखनऊ जेल में बंद हैं. सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों से इन बड़े सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे- इस अवैध धर्मांतरण के पीछे फंडिंग कहां से आई? अब तक कितने लोगों का धर्म परिवर्तन कराया गया? इस संगठित गिरोह के सदस्य किन-किन राज्यों और जिलों में सक्रिय हैं? क्या इसके पीछे विदेशी ताकतों का इशारा था? इनकी खाड़ी देशों में किससे मुलाकात हुई और किनके निर्देश पर यह पूरा नेटवर्क चलाया जा रहा था?

कौन सा देश बोला ‘नहीं’? Grok AI बैन से मस्क की योजना पर उठा सवाल

नई दिल्ली  तुर्की ने एलॉन मस्क के AI चैटबॉट Grok को ब्लॉक कर दिया है. कोर्ट के आदेश के बाद तुर्की में इस चैटबॉट को ब्लॉक किया गया है, जिसे मस्क की कंपनी xAI ने विकसित किया है. ChatGPT की वाट लगा देगा मस्क का Grok 4? इस दिन होगा लॉन्च एलन मस्क एक बार फिर चर्चा में हैं, इस बार अपने नए AI मॉडल Grok 4 के लॉन्च को लेकर सुर्खियों में हैं. मस्क की AI कंपनी xAI ने इस पावरफुल चैटबॉट को तैयार किया है, जो सीधे तौर पर ChatGPT को टक्कर देने वाला माना जा रहा है. अब सवाल ये है कि क्या सच में Grok 4, OpenAI के सबसे पॉपुलर मॉडल को पीछे छोड़ देगा? एलन मस्क के ने अपनी एक्स पोस्ट में ग्रोक 4 की लॉन्च डेट कंफर्म कर दी है. यहां जानें Grok 4 क्या है, इसमें क्या खास है और इसका लॉन्च कब होने वाला है. Grok 4 क्या है? Grok 4, एलन मस्क की कंपनी xAI का नया AI मॉडल है. ये एक एडवांस चैटबॉट है जो सवालों के जवाब देने, कोडिंग में मदद करने और सवाल-जवाब दे सकता है. एलन मस्क ने इसे इस तरह डिजाइन करवाया है कि ये बिना किसी राजनीतिक रुकावट के, क्लीयर और बेबाक तरीके से जवाब दे सकता है. ये मॉडल खासकर डेवलपर्स, टेक यूजर्स और AI रिसर्चर्स के लिए तैयार किया गया है. कब होगा Grok 4 का लॉन्च? एलन मस्क ने खुद ये जानकारी दी है कि Grok 4 का लॉन्च 9 जुलाई 2025 अमेरिकी टाइम के हिसाब से होगा. भारत में ये 10 जुलाई 2025 की सुबह 8:30 बजे लाइव स्ट्रीम के जरिए पेश किया जाएगा. आप इसे X प्लेटफॉर्म पर लाइव स्ट्रीमिंग कर सकते हैं. इसके अलावा आप xAI की वेबसाइट और YouTube पर कुछ चैनलों के जरिए भी देखा जा सकेगा. Grok 4 में क्या खास है? Grok 4 अपने पिछले वर्जन से कई मायनों में बेहतर हो सकता है. ये कोडिंग एक्सपर्ट है. Grok 4 को खासतौर पर प्रोग्रामिंग और कोडिंग टास्क के लिए ट्रेन किया गया है. ये कोड लिखने, डिबग करने और सिखाने में मदद करेगा. मस्क का दावा है कि ये डीप थिंकिंग में ChatGPT से आगे निकल सकता है. इस वर्जन को एक नए कोडिंग-फोकस्ड मॉडल पर ट्रेन किया गया है जो डेवलपर्स के लिए ज्यादा यूजफुल साबित होगा. इसमें ड्यूल‑पर्सनैलिटी मोड देखने को मिलेगा. एक मोड funny and sarcastic है, जबकि दूसरा फैक्ट बेस्ड और सीरियस मोड हो सकता है. यूजर अपनी पसंद से स्टाइल चुन सकता है. Grok 4 और ChatGPT Grok 4 का लॉन्च AI दुनिया में एक बड़ा मोड़ ला सकता है. एलन मस्क का ये नया मॉडल उन यूजर्स के लिए खास है जो एआई से फास्ट, क्लीयर और टेक्निकल सपोर्ट चाहते हैं. हालांकि ChatGPT सिंपल, भरोसेमंद जवाब और भाषा के वजह से आज भी लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. लेकिन Grok 4 जैसे नए ऑप्शन आने से मुकाबला और भी तगड़ा हो गया है.  

एबी रोड को मिलेगा नया लुक, इंदौर में 90 करोड़ की लागत से होगा सौंदर्यीकरण

 इंदौर  इंदौर शहर से गुजरने वाला एबी रोड जल्द ही 60 मीटर चौड़ा होगा। नगर निगम ने इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली है। चौड़ीकरण पर 90 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। सब कुछ योजनानुसार हुआ तो एक वर्ष में इंदौरियों को एबी रोड नए स्वरूप में नजर आने लगेगा। चौड़ीकरण में साइकिल ट्रेक और सर्विस लेन को शामिल किया जाएगा। बिजली के खंभों और स्टार्म वाटर लाइन को एक लाइन में लाया जाएगा। नगर निगम जल्द ही इस काम के लिए निविदाएं आमंत्रित करेगा। यातायात के बढ़ते दबाव के चलते एबी रोड चौड़ीकरण की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। पिछले दिनों कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में एबी रोड को 60 मीटर चौड़ा करने पर सहमति बनी थी। इसके बाद नगर निगम ने इस संबंध में सर्वे करवाने के बाद डीपीआर तैयार कर ली है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अनुमान है कि एबी रोड चौड़ीकरण पर 90 करोड़ रुपये खर्च होंगे। एबी रोड चौड़ीकरण की डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अनुसार सर्विस लेन और साइकिल ट्रेक को एबी रोड में शामिल करने की बात कही है। चौड़ीकरण के तहत बिजली के पोल, स्टार्म वाटर लाइन को एक लाइन में लाया जाएगा। स्मार्ट सिटी मद से होगा खर्च निगमायुक्त शिवम वर्मा के मुताबिक एबी रोड चौड़ीकरण पर आने वाला 90 करोड़ रुपये का खर्चा स्मार्ट सिटी मद से किया जाएगा। एबी रोड चौड़ीकरण के बाद यातायात में सुगमता होगी। जाम से मुक्ति मिलेगी। बीआरटीएस हटाने के बाद शुरू होगा काम कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम को बीआरटीएस भी हटाना है। इसके अलावा एबी रोड पर डिवाइडर बनाने और एबी रोड के चौड़ीकरण का काम भी होना है। इस काम को पूरा करने के लिए नगर निगम ने एक वर्ष का लक्ष्य निर्धारित किया है। जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि बीआरटीएस तोड़ने वाली एजेंसी 14 जुलाई को तय हो जाएगी। अन्य मार्गों के मुकाबले आसान होगा एबी रोड का चौड़ीकरण शहर के अन्य मार्गों के मुकाबले नगर निगम के लिए एबी रोड का चौड़ीकरण आसान होगा, ऐसा इसलिए क्योंकि इस चौड़ीकरण के लिए नगर निगम को बीआरटीएस के अतिरिक्त दोनों ओर करीब 15-15 मीटर का हिस्सा लेना है। एलआईजी से नौलखा के बीच पुलिस अधिकारियों के बंगले, एमजीएम मेडिकल कॉलेज, डेंटल कॉलेज, पीसी सेठी अस्पताल सहित ज्यादातर शासकीय इमारतें हैं। जो निजी भवन इस चौड़ीकरण की जद में आएंगे, वे भी पीछे हटकर बने हैं। ऐसी स्थिति में अधिकारियों का अनुमान है कि चौड़ीकरण के लिए बाधाएं हटाने में ज्यादा परेशानी नहीं आएगी।

भारत के सबसे महंगे स्टॉक ने रचा इतिहास, एक शेयर की कीमत 150000 रुपये के अधिक

मुंबई  डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा एक शेयर की कीमत, हर किसी के पोर्टफोलियो में नहीं हो सकता है ये शेयर. आज देश के सबसे महंगे शेयर MRF लिमिटेड की कीमत बढ़कर 1.5 लाख रुपये से ज्यादा हो गई. एक बार ये देश का सबसे महंगा शेयर हो गया है. पिछले तीन महीने में MRF के शेयर ने तगड़ा रिटर्न दिया है.  दरअसल, बुधवार को MRF का शेयर 1,44,945 रुपये पर खुला और कारोबार के दौरान 1,50,995 रुपये तक पहुंच गया, जो कि शेयर के ऑल टाइम हाई बेहद करीब है. MRF का ऑल टाइम हाई प्राइस 1,51,283.40 रुपये है, जो इसने फरवरी 2024 में टच किया था. एक बार फिर MRF के शेयर ने Elcid Investments को पीछे छोड़कर देश का सबसे महंगा शेयर बन गया है.   इसी साल 4 मार्च को शेयर गिरकर 1 लाख रुपये के आसपास पहुंच गया था, जहां से पिछले तीन महीने में एकतरफा रैली देखने को मिली है, यानी महज तीन में MRF के शेयर ने करीब 50 फीसदी का रिटर्न दिया है. हालांकि पिछले एक साल में शेयर ने 14 फीसदी रिटर्न बनाकर दिया है. 5 साल में रिटर्न का आंकड़ा बढ़कर 132 फीसदी तक हो जाता है. MRF के फिर डेढ़ लाख रुपये के पार जो भी हो, MRF के शेयर के लिए 1.50 लाख रुपये का आंकड़ा एक साइक्लोजिकल बैरिकेड था, जिसने उसने आज पार कर लिया है. MRF कंपनी की कहानी बेहद की रोचक रही है. कंपनी पैसेंजर कारों, दोपहिया, ट्रक, और यहां तक कि भारतीय वायुसेना के सुखोई-30 एमकेआई विमानों के लिए टायर बनाती है. इसके अलावा, फनस्कूल ब्रांड के तहत खिलौने और पेंट्स भी इसका हिस्सा हैं. वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का राजस्व 28,153 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 1,869 करोड़ रुपये रहा, जो इसकी मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है. अगर कंपनी के इतिहास पर नजर डालें तो MRF के एक शेयर की कीमत 1995 में करीब 1,100 रुपये थी, पिछले 30 वर्षों में शेयर ने 18.5% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) के साथ निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. 2005 तक शेयर मूल्य बढ़कर लगभग 3,500 रुपये हो गया. इस अवधि में कंपनी ने उत्पादन क्षमता बढ़ाई और निर्यात बाजार में प्रवेश किया, जिससे राजस्व में स्थिर वृद्धि हुई. 2005 से 2015 तक MRF ने वैश्विक और घरेलू मांग का लाभ उठाया. कंपनी ने ट्रक, बस, और ऑफ-रोड टायर सेगमेंट में विस्तार किया. 2015 तक शेयर मूल्य 40,000 रुपये के स्तर को पार कर गया, जो 27.8% CAGR का संकेत देता है. इस दौरान कंपनी ने फनस्कूल (खिलौने) और पेंट्स जैसे विविध कारोबार शुरू किए और भारतीय वायुसेना के लिए विशेष टायर बनाए. 2015 के बाद शेयर में ऐतिहासिक उछाल  2015 से 2025 तक MRF के शेयर ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया. जून 2023 में इसका शेयर मूल्य 1 लाख रुपये को पार कर गया, जो भारत में किसी कंपनी का पहला ऐसा रिकॉर्ड था. फिर जनवरी- 2024 में 1.50 रुपये के स्तर को पार किया, उसके बाद शेयर में लंब वक्त तक गिरावट हावी रहा. लेकिन एक बार फिर  MRF के शेयर ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गया है.   MRF कंपनी की कहानी बेहद ही दिलचस्प है, आइए जानते हैं कैसे गुब्बारे बनाते-बनाते ये टायर मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस में आई और कैसे इसके शेयर ने देश के सबसे हैवीवेट शेयर का तमगा हासिल किया. गुब्बारे बनाने से हुआ था बिजनेस शुरू टायर की दुनिया का बादशाह बनने से पहले इस कंपनी के फाउंडर के.एम. मामेन मपिल्लई (K. M. Mammen Mappillai) गुब्बारे बनाते थे. मपिल्लई ने साल 1946 में कारोबारी दुनिया में कदम रखा. उन्होंने तिरुवोट्टियूर, मद्रास में एक छोटे से शेड में गुब्बारे बनाने का कारोबार शुरू किया. वे ज्यादातर बच्चों के खिलौने के साथ ही इंडस्ट्रियल ग्लव्स और लैटेक्स से बनी हुई चीजों का निर्माण करते थे. समय के साथ उन्होंने अपने कारोबार का विस्तार किया और इस पर आगे बढ़ते हुए साल 1952 में मद्रास रबर फैक्ट्री (MRF) की स्थापना की. ट्रेड रबर बनाने का उनका कारोबर की दुनिया में प्रवेश करने के महज 4 वर्षों के भीतर ही कंपनी तेजी से आगे बढ़ी और साल 1956 तक MRF 50% शेयर के साथ भारत में ट्रेड रबर का मार्केट लीडर बन गया. समय के साथ बदला कारोबार  5 नवंबर 1961 को MRF को एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का दर्जा मिला. उस वक्त तक कंपनी मैन्सफील्ड टायर एंड रबर कंपनी के सहयोग से ऑटोमोबाइल, विमान, साइकिल के लिए टायर और ट्यूब बनाती थी. 1965 में कंपनी ने अपने पहले फॉरेन वेंचर के जरिए अमेरिका (US) में टायरों का निर्यात शुरू कर दिया. 80 के दशक में भारतीय ऑटो सेक्टर में बड़ा बदलाव आया, किफायती कारों ने दस्तक दी, जिसका उदाहरण मारुति 800 (Maruti 800) है. वहीं टू-व्हीलर इंडस्ट्री ने भी रफ्तार पकड़ ली थी, 1985 में कंपनी ने टू-व्हीलर्स के लिए टायर बनाने शुरू कर दिए. 1993 तक MRF का कारोबार स्थापित हो चुका था और अब ये कंपनी ट्रक, कार, बाइक-स्कूटर बाजार तक में अव्वल बन गई थी.