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इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर को बूस्ट: 503 करोड़ की योजना से EV मालिकों की होगी बल्ले-बल्ले

 नई दिल्ली देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग बढ़ी है, लेकिन चुनौतियां अभी कम नहीं हुई है. भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी 5.77 फीसदी तक पहुंच गई है. हालांकि, अभी भी लोगों के मन में बैठी रेंज एंजाइटी खत्म नहीं हुई है. ऐसे में सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिससे ईवी वालों की बड़ी चिंता दूर हो जाएगी।  भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए भारी उद्योग मंत्रालय ने चार्जिंग स्टेशन इंस्टॉल करने का ऐलान किया है. मंत्रालय देशभर में 4,874 इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन लगाएगा. इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार 503.86 करोड़ रुपये खर्च करेगी. ये प्रोजेक्ट पीएम ई-ड्राइव स्कीम का हिस्सा है.   कई राज्यों में लगेंगे EV चार्जिंग स्टेशन 12 मई को बेंगलुरू में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने इस बारे में जानकारी दी है. इस कदम का उद्देश्य लोगों के मन में बैठी रेंज एंजाइटी को कम करना है. इसके लिए सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करना चाहती है. इससे जब भी लोगों को जरूरत होगी वे अपने व्हीकल को चार्ज कर पाएंगे।  इन चार्जिंग स्टेशन पर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स, थ्री व्हीलर्स, पैंसेजर कार, बस और हैवी ड्यूटी ट्रक्स को भी चार्ज किया जा सकेगा. सरकार की मानें तो इन चार्जिंग स्टेशन को प्लानिंग के तहत अलग-अलग राज्यों में लगाया जाएगा. इसमें कर्नाटक, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, केरल, तेलंगाना और तमिलनाडु शामिल हैं।  बढ़ रहा ईवी का दबदबा इस फंडिंग का बड़ा हिस्सा कर्नाटक में खर्च होगा. रिपोर्ट्स की मानें, तो राज्य में 1243 चार्जिंग स्टेशन इंस्टॉल किए जाएंगे, जिसें लगभग 123.66 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस प्रोजेक्टर को पूरा करने में प्रमुख पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइसेस का भी योगदान होगा. प्रमुख तेल कंपनियां (जिनके नाम से आप पेट्रोल पंप देखते हैं) इस इंस्टॉलेशन प्रोजेक्ट को लीड करेंगी।  मौजूदा स्थिति की बात करें, तो पैसेंजर व्हीकल कैटेगरी में ईवी की हिस्सेदारी 5.77 फीसदी की है. वहीं टू-व्हीलर कैटेगरी में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की हिस्सेदारी 7.76 फीसदी तक पहुंच गई है. कमर्शियल व्हीकल कैटेगरी में ईवी का शेयर 2.26 फीसदी है. थ्री व्हीलर कैटेगरी में ईवी का दबदबा है. यहां इलेक्ट्रिक व्हीकल की हिस्सेदारी 60.38 फीसदी की है. ये आंकड़े अप्रैल 2026 में हुई सेल के हैं। 

बच्चों की सेहत से खिलवाड़! सैकरीन और गंदे पानी से तैयार आइस कैंडी पर छापा

 इंदौर  शहर में मिलावटखोर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सैकरीन से आइस कैंडी का निर्माण किया जा रहा था, जिसे खाद्य विभाग की टीम ने जब्त किया। टीम द्वारा राजाराम नगर स्थित डायमंड पेप्सी का औचक निरीक्षण किया गया। मौके पर मालिक मनोज कुशवाहा उपस्थित मिले। निरीक्षण के दौरान विभिन्न फ्लेवर जैसे मैंगो, ऑरेंज, काला खट्टा, कोकोनट एवं चॉकलेट फ्लेवर की आइस कैंडी का निर्माण एवं पैकिंग किया जाना पाया गया। बच्चों की सेहत से खिलवाड़ और सैंपलिंग मौके पर निर्माण कार्य में बोरिंग के पानी का उपयोग किया जाना पाया गया। जांच के दौरान निर्माण में सैकरीन का उपयोग किया जाना पाया गया, जो छोटे बच्चों के सेवन के लिए हानिकारक होता है। मौके से मैंगो आइस कैंडी, ऑरेंज कैंडी एवं सैकरीन के तीन सैंपल जांच के लिए गए। साथ ही मौके पर संग्रहित लगभग 300 लीटर आइस कैंडी जब्त की है। डेयरी उत्पादों और अन्य दुकानों पर जांच इसके अलावा तिलक नगर स्थित एफसी इंटरप्राइजेज का निरीक्षण किया गया। मौके पर प्रोपराइटर जिग्नेश मेहता मिले। यहां से टोन्ड मिल्क, कंडेंस्ड मिल्क, क्रीम, हनी एवं फ्लेवर्ड मिल्क के पांच सैंपल लिए। इसी प्रकार डेल्टा मार्केटिंग ओल्ड पलासिया का निरीक्षण किया गया, यहां प्रभारी पुष्पेंद्र चतुर्वेदी मिले। फ्लेवर्ड मिल्क, डेयरी बेस्ड ड्रिंक, लैक्टोज फ्री मिल्क, कुकीज एवं रस्क के कुल पांच सैंपल जांच के लिए गए। सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर कार्रवाई वहीं सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायत के आधार पर जेल रोड स्थित विजय श्री सैंडविच से बेक समोसे का सैंपल लिया।

भोपाल शहर में संपर्क अभियान 2026’ के तहत होगा बिजली संबंधी शिकायतों का त्वरित निराकरण

भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा “संपर्क अभियान 2026” का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत 14 मई को शहर वृत्त भोपाल अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान करना और उन्हें बिजली संबंधित विभिन्न सेवाओं और योजनाओं की जानकारी देना है। उपभोक्ताओं को शिविरों में मिलेंगी त्वरित सेवाएँ संपर्क अभियान के दौरान आयोजित किये जाने वाले शिविरों में उपभोक्ताओं को त्रुटिपूर्ण बिल, मीटर रीडिंग और अन्य बिलिंग संबंधी शिकायतों का तत्काल निराकरण किया जाएगा। साथ ही मात्र 5 रुपये में नवीन ग्रामीण घरेलू एवं कृषि पम्प कनेक्शन प्रदान किये जाएंगे साथ ही भार वृद्धि, नाम परिवर्तन, श्रेणी परिवर्तन, स्थाई कनेक्शन विच्छेदन, अस्थायी कनेक्शन, ई-केवायसी और अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC), बंद/खराब मीटर बदलना, स्मार्ट मीटर संबंधी शिकायतें, सर्विस केबल सुधार, वोल्टेज की समस्या और ट्रांसफार्मर से जुड़ी शिकायतों, बिजली बिलों का आंशिक एवं पूर्ण भुगतान, अग्रिम भुगतान पर छूट, बकाया राशि भुगतान, समाधान योजना तथा अन्य जनहितैषी योजनाओं की जानकारी और लाभ प्रदान करने की सुविधाएं मिलेंगी।    उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए चार अलग-अलग काउंटर रहेंगे उपलब्ध  संपर्क अभियान के दौरान आयोजित किये जाने वाले शिविरों में उपभोक्ताओं की सुविधा और सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली के लिए शिविरों में चार अलग-अलग काउंटर होंगे।              काउंटर नंबर 1 (हेल्प डेस्क): यहाँ उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे और टोकन प्राप्त करेंगे।            काउंटर नंबर 2 (बिलिंग सुधार): यहाँ बिजली बिल से संबंधित सभी शिकायतों (जैसे गलत रीडिंग, सुधार आदि) का तत्काल निराकरण किया जाएगा।            काउंटर नंबर 3 (नया कनेक्शन व अन्य सेवाएं): यहाँ ₹5 में नवीन कनेक्शन, भार वृद्धि और नाम परिवर्तन जैसे कार्यों के लिए आवेदन लिए जाएंगे।            काउंटर नंबर 4 (तकनीकी सेवाएं एवं भुगतान की सुविधा): बंद मीटर बदलने, वोल्टेज की समस्या और बकाया राशि के भुगतान/वसूली के लिए यह काउंटर कार्य करेगा। इन स्थानों पर लगेंगे शिविर  भोपाल शहर के विभिन्न वितरण केन्द्र/जोन में शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें अयोध्या जोन में अयोध्या नगर, आनंद नगर जोन में पीएमएवाय मल्टी, भानपुर जोन में शंकर नगर नगर निगम ऑफिस, चांदबड़ जोन में राजेन्द्र नगर, इंडस्ट्रियल गेट वितरण केन्द्र में रूपनगर, करोंद जोन में संजीव नगर, बैरागढ़ जोन में वॉटर वर्क्स, ईमामीगेट जोन में बारेला गांव, बस स्टैंड जोन में रेतघाट, छोला जोन में नारियल खेड़ा, सिटी कोतवाली जोन में हाथीखाना स्क्वेयर, इंद्रविहार जोन में गांधीनगर बस स्टैंड, सुल्तानिया जोन में संजय नगर, बैरागढ़ चीचली सिटी जोन में सुमित्रा परिसर, दानिशकुंज सिटी जोन में दानिश हिल्स व्यू-1, मिसरोद शहर जोन में हिनौतिया डीएलएफ, अरेरा कॉलोनी वितरण केन्द्र में श्याम नगर, भदभदा जोन में सेवा सदन, कोटरा जोन में शबरी नगर, एम.पी. नगर जोन में गायत्री नगर, टी.टी. नगर जोन में टीटीआईटी, जहांगीराबाद जोन में न्यू भीम नगर, शक्तिनगर जोन में बरखेड़ा पठानी वार्ड ऑफिस, विद्या नगर जोन में राम फीडर, कटारा हिल्स वितरण केन्द्र में एमरॉल्ड-1, शाहपुरा जोन में यशोदा नगर एंव वल्लभ नगर जोन में लक्ष्मीपति क्षेत्र शामिल हैं, जहां उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी शिकायतों का समाधान किया जाएगा। क्या करना होगा उपभोक्ताओं को  संपर्क अभियान के दौरान आयोजित होने वाले शिविरों में मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को बिल सुधार के लिए अपना नवीनतम बिजली बिल लेकर आना होगा। शिकायत दर्ज कराने केलिए अपना मोबाइल नंबर और उपभोक्ता क्रमांक (IVRS) उपलब्ध कराना होगा ताकि निराकरण की सूचना प्राप्त हो सके। नए कनेक्शन के लिए समग्र आईडी, स्वामित्व दस्तावेज एवं पासपोर्ट साइज फोटो लाना होगा। काउंटर पर संबंधित अधिकारी से मिलने पर शिकायतों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इन शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपनी शिकायतों का निराकरण कराएं और कंपनी की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाएं। बिजली उपभोक्ता संपर्क अभियान 2026 संबंधी किसी भी जानकारी के लिए नजदीकी बिजली वितरण केन्द्र/जोन अथवा कॉल सेन्टर के टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं।  

कई पेट्रोल पंपों पर खत्म हुआ ईंधन स्टॉक, घबराहट में लोगों की लंबी कतारें

रायपुर पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल तनाव और ईंधन संकट की आशंकाओं के बीच छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल को लेकर कृत्रिम संकट की स्थिति बन गई है। बालोद, जगदलपुर, गुरुर और धमतरी समेत कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे कई पेट्रोल पंपों का स्टॉक समय से पहले खत्म हो गया। कुछ पंपों पर तो 'नो डीजल' और 'पेट्रोल नहीं है' के पोस्टर तक लगाने पड़े हैं। बालोद और बस्तर में गंभीर हुए हालात बालोद जिले में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। जिले के 76 पेट्रोल पंपों में से 10 पंपों का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है। जिला मुख्यालय के संतोष पेट्रोल पंप और झलमला स्थित पंपों पर “डीजल नहीं है” के बोर्ड लगा दिए गए हैं। हालात ऐसे हैं कि ट्रक और बस चालक ईंधन के लिए भटक रहे हैं, जबकि कई मालवाहक वाहन सड़कों किनारे खड़े होने को मजबूर हैं। पंप संचालकों ने केन, डिब्बों और ड्रम में पेट्रोल-डीजल देने पर भी रोक लगा दी है। वहीं बस्तर संभाग के जगदलपुर में भी अफवाहों के चलते भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने वाहनों की टंकियां फुल कराने के साथ अतिरिक्त ईंधन जमा करना शुरू कर दिया। हाईवे स्थित सोढ़ी पेट्रोल पंप के मैनेजर सुंदरलाल के मुताबिक सामान्य दिनों की तुलना में बिक्री दोगुनी से अधिक रही और एक दिन में साढ़े चार हजार लीटर से ज्यादा ईंधन बिक गया। गुरुर और धमतरी में अफरा-तफरी का माहौल गुरुर तहसील के बोहारडीह पेट्रोल पंप में भी बुधवार को अफरा-तफरी का माहौल रहा। सुबह से ही दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लंबी कतारें मुख्य सड़क तक पहुंच गईं। बड़ी संख्या में लोग प्लास्टिक के केन और ड्रम में ईंधन भरवाते नजर आए। घंटों इंतजार के बावजूद लोग लाइन छोड़ने को तैयार नहीं थे। पंप कर्मचारियों को भीड़ नियंत्रित करने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। इधर धमतरी जिले में भी सप्लाई प्रभावित होने लगी है। शहर के रत्नाबांधा रोड और नगरी-धमतरी मार्ग स्थित कुछ पेट्रोल पंपों पर “पेट्रोल-डीजल नहीं है” के बोर्ड लगाए गए। पंप संचालकों का कहना है कि मांग के मुकाबले कम सप्लाई मिल रही है। तीन टैंकर की मांग पर सिर्फ एक टैंकर ही उपलब्ध हो पा रहा है। प्रशासनिक निर्देश और खाद्य विभाग का दावा कुछ पंप संचालकों ने बताया कि 200 लीटर से अधिक डीजल देने पर भी अनौपचारिक रोक जैसी स्थिति है। वहीं सरकारी वाहनों के लिए अलग से स्टॉक सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस बीच धमतरी के महापौर रामू रोहरा ई-रिक्शा से नगर निगम कार्यालय पहुंचे, जिसकी शहर में काफी चर्चा रही। हालांकि खाद्य विभाग ने दावा किया है कि प्रदेश में ईंधन की कोई वास्तविक कमी नहीं है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार बालोद जिले में तेल कंपनियों के पास बुधवार तक 13 लाख 42 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल उपलब्ध था। अधिकारियों का कहना है कि अफवाहों के कारण अस्थायी दबाव बना है। रायपुर ऑयल डिपो से लगातार टैंकर रवाना किए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता अनुसार ही ईंधन खरीदें।  

योगी सरकार ने मंत्री व अधिकारियों की फ्लीट में 50% कमी का निर्देश दिया

लखनऊ पेट्रोल और डीजल कम खर्च करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद विधानसभा की विभिन्न संसदीय समितियों के पूर्व निर्धारित अध्ययन भ्रमण कार्यक्रमों को अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के निर्देश के बाद प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप दुबे ने इस संबंध में बुधवार को आदेश जारी किया। इसके मुताबिक देशहित व वर्तमान परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए संसदीय समितियों के सभी अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम तत्काल प्रभाव से स्थगित रहेंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील का सम्मान करते हुए विधानसभा की ओर से यह निर्णय लिया गया है, ताकि राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी संसाधनों एवं व्यवस्थाओं का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। जनप्रतिनिधियों व संस्थाओं की यह जिम्मेदारी है कि वे राष्ट्रहित के प्रत्येक आह्वान में सहभागी बनें और परिस्थितियों के अनुरूप संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी का परिचय दें। मुख्यमंत्री, मंत्रियों आदि की फ्लीट में 50 प्रतिशत की कमी करें: योगी इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री के आह्वान से जुड़ने की मंगलवार को अपील की है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से कहा कि ईंधन की खपत कम करें और अनावश्यक सोने की खरीद न करें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान को प्रदेश में व्यावहारिक रूप से अपनाए जाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, डीजीपी, सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव की बैठक में निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री व मंत्रियों आदि की फ्लीट में तत्काल 50 प्रतिशत की कमी की जाए। काफिले से अनावश्यक वाहनों को हटाया जाए। वर्क फ्राम होम को दें प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने प्रदेश में वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति को भी प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने पीएनजी, मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों आदि के उपयोग पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री जी का सरकारी बैठकों, सेमिनारों, कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप आदि के वर्चुअली आयोजन पर जोर रहा। औद्योगिक विकास विभाग व आईआईडीसी द्वारा औद्योगिक संस्थानों, बड़े स्टार्टअप्स आदि में वर्क फ्रॉम होम के लिए प्रेरित किया जाए। वहीं जहां बड़ी संख्या में कार्मिक कार्यरत हैं, उन्हें सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की अनुशंसा के लिए राज्य स्तर पर एडवाइजरी जारी की जाए। मंत्री सांसद एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें मुख्यमंत्री ने वैश्विक हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री के आह्वान से प्रदेशवासियों को जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुनिया में उथल-पुथल है, ऐसे में सभी को सावधानी बरतनी होगी। प्रधानमंत्री के आह्वान का पालन करने के लिए राज्यों को तैयार रहना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि सप्ताह में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे आयोजित किया जाए। इस अभियान से सरकारी कर्मचारियों, स्कूलों-कॉलेजों के विद्यार्थियों समेत समाज के विभिन्न वर्गों को भी जोड़ें।

पश्चिम, दक्षिण और पूर्व राजस्थान में भीषण गर्मी, मौसम विभाग ने सतर्क रहने को कहा

 जयपुर राजस्थान में गर्मी तेजी से बढ़ती जा रही है. वहीं मौसम विभाग ने अब हीटवेब का अलर्ट जारी किया है. प्रदेश के बड़े हिस्से में हीटवेब का असर दिखने वाला है. ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने को कहा है. मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी किया है. साथ ही कहा जा रहा है कि पारा 48 डिग्री के पार जा सकता है. मौसम विभाग ने बताया है कि राजस्थान के पश्चिमी और दक्षिण क्षेत्र में तेज हीटवेब का अनुमान है. कहां-कहां बढ़ रहा तापमान मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, वर्तमान में दक्षिण-पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान में अधिकतम तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है. पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक तापमान बाड़मेर में 48.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग का कहना है कि आगामी दिनों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है. जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ इलाकों में अगले 4 से 5 दिनों तक तीव्र हीटवेव और ऊष्णरात्री की स्थिति बनी रह सकती है. दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में भी तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना जताई गई है. यहां भी कुछ स्थानों पर हीटवेव और गर्म रातें दर्ज हो सकती हैं. कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की भी संभावना हालांकि भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में राहत की संभावना भी जताई है. अगले 48 घंटों के दौरान बीकानेर संभाग, शेखावाटी क्षेत्र, जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी भागों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है. मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने, पर्याप्त पानी पीने और गर्म हवाओं से बचाव करने की सलाह दी है.

जेलों की खाली जमीन पर पेट्रोल पंप, कैदियों को मिलेगी पारिश्रमिक

पटना बिहार की जेलों के कैदी पेट्रोल पंप चलाएंगे। गृह (कारा) विभाग ने इसे लेकर विस्तृत प्रारूप तैयार किया है। जेल प्रशासन की खाली पड़ी जमीन पर पेट्रोल पंप स्थापित किए जाएंगे। इन पेट्रोल पंपों के संचालन का दायित्व उस जेल में रहने वाले कैदियों को दिया जाएगा। गृह (कारा) विभाग ने प्रस्ताव को वित्त विभाग की मंजूरी के लिए भेजा है। इसके बाद विधि विभाग से भी मंजूरी ली जाएगी। राज्य मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद यह लागू होगा। राज्य सरकार की मंजूरी के बाद गृह (कारा) विभाग पेट्रोलियम कंपनियों के साथ पेट्रोल पंप संचालन के लिए समझौता (एमओयू) करेगा। कारा विभाग ने हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के साथ पहले ही करार करने का निर्णय लिया है। पेट्रोल पंप आवंटन के बाद उसे जेलों की खाली भूमि पर लगाया जाएगा। सुधार प्रक्रिया से जुड़े कैदी संभालेंगे दायित्व जेलों में लंबे समय से सजा भुगतने वाले वैसे कैदी जो सुधार प्रक्रिया में शामिल हैं, उन्हें इसके संचालन का दायित्व दिया जाएगा। जेलों में सजायाफ्ता या विचाराधीन खूंखार एवं गंभीर अपराध के आरोपी कैदियों को संचालन का दायित्व नहीं दिया जाएगा। इन पेट्रोल पंपों पर होने वाली पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री की निगरानी के लिए भी तंत्र विकसित किया जाएगा। 59 जेलों में करीब 60 हजार है कैदी बिहार में आठ केंद्रीय कारागारों समेत कुल 59 जेलों की क्षमता 47,750 है, लेकिन इन जेलों में 61,891 कैदी हैं। इसका मतलब यह हुआ कि जेलों में क्षमता के मुकाबले 30 फीसदी अधिक कैदी हैं। जेलों में उद्यमिता के विकास, योग, ध्यान एवं सुधार के भी कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। कैदियों को पारिश्रमिक मिलेगा पेट्रोल पंप के संचालन का दायित्व संभालने वाले कैदियों को पारिश्रमिक का भुगतान किया जाएगा। कैदियों को जेल मैनुअल के अनुसार ही राशि मिलेगी। वर्तमान में, जेलों में विभिन्न प्रकार के उत्पादन कार्यों में जुड़े कैदियों को पारिश्रमिक का भुगतान किया जाता है। जानकारी के अनुसार, बिहार की जेलों में सजायाफ्ता कैदियों को उनके कौशल के आधार पर प्रतिदिन ₹147 से ₹397 रुपए तक का पारिश्रमिक मिलता है। इन्हें 4 श्रेणियों में बांटा गया है, जिसमें अकुशल (4 घंटे कार्य) को ₹147 रुपये, अकुशल को ₹294, अर्द्ध कुशल को ₹309 और कुशल कैदियों को ₹397 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जाता है।

किशाऊ बांध और जल प्रबंधन मुद्दों पर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की

जयपुर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में यमुना जल समझौते के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए समयसीमा तय की गई है.  इसके साथ ही किशाऊ बांध से जुड़े जल प्रबंधन मुद्दों पर भी सकारात्मक चर्चा हुई. रआरटीएस परियोजना की प्रगति की समीक्षा बैठक में दिल्ली-हरियाणा-राजस्थान आरआरटीएस परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री के अनुसार, इन परियोजनाओं से जल प्रबंधन, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, निवेश और आमजन को मिलने वाली सुविधाओं को नई गति मिलेगी. मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि डबल इंजन सरकार राजस्थान को सुरक्षित, समृद्ध और आधुनिक बनाने के लिए संकल्पबद्ध है. 10 मई को भी दिल्ली गए थे सीएम सीएम भजनलाल शर्मा ने 10 मई को हुई मुलाकात के बाद नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर लिखा था कि राजस्थान में जल जीवन मिशन की प्रगति, राम जल सेतु लिंक परियोजना और यमुना जल समझौते सहित विभिन्न सिंचाई एवं पेयजल परियोजनाओं पर सकारात्मक चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार 'हर घर जल' के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध.

पटना में जदयू दफ्तर में शुरू हुआ सप्ताहिक जन सुनवाई कार्यक्रम

पटना बिहार की सम्राट सरकार में जनता दल यूनाइटेड (JDU) कोटे के मंत्रियों का जन सुनवाई कार्यक्रम फिर से शुरू हो गया है। पटना स्थित जदयू दफ्तर में अब 3-3 मंत्री रोजाना जनता दरबार लगाकर लोगों की शिकायतें सुनेंगे। पार्टी के राष्ट्र्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने जदयू के सभी मंत्रियों की पार्टी दफ्तर में ड्यूटी लगा दी है और कौन 3 मंत्री किस दिन कितने बजे से जन सुनवाई करेंगे, इसकी टाइमिंग भी फिक्स कर दी गई है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की ओर से मंगलवार को कार्यक्रम जारी कर दिया गया। प्रत्येक दिन तीन-तीन मंत्री पार्टी दफ्तर में लोगों की समस्या सुनेंगे। जन सुनवाई कार्यक्रम रोजाना सुबह 11.30 बजे से शुरू होगा। सोमवार और मंगलवार को किसकी ड्यूटी सोमवार को ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह और ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार आम लोगों की समस्याएं सुनेंगे। मंगलवार को डिप्टी सीएम विजय चौधरी, विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री शीला मंडल और ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल लोगों की समस्याएं सुनेंगे। निशांत बुधवार को बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, परिवहन मंत्री दामोदर रावत, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा लोगों की समस्या सुनेंगे। गुरुवार को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, मदन सहनी और समाज कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता जन समस्या सुनेंगी। इसी तरह शुक्रवार को डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव, योजना एवं विकास मंत्री एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री लोगों की समस्या सुनेंगे। चुनाव के चलते स्थगित हुआ था जनता दरबार बता दें कि जदयू दफ्तर में जन सुनवाई कार्यक्रम लंबे समय से चलता रहा है। नीतीश कुमार जब मुख्यमंत्री थे, तब भी वे जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं सुनते थे। पिछले साल विधानसभा चुनाव के चलते जन सुनवाई कार्यक्रम स्थगित हो गया था। अब पार्टी की ओर से फिर से इसे शुरू कर दिया गया है। जदयू अध्यक्ष ने पूरे सप्ताह का कार्यक्रम विधिवत घोषित किया है। ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े यहां देखें पूरी लिस्ट सोमवार, सुबह 11.30 बजे से–     श्रवण कुमार, ग्रामीण विकास मंत्री     लेशी सिंह, भवन निर्माण मंत्री     सुनील कुमार, ग्रामीण कार्य मंत्री मंगलवार, सुबह 11.30 बजे से–     विजय चौधरी, डिप्टी सीएम, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री     शीला मंडल, विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री     शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, ऊर्जा मंत्री बुधवार, सुबह 11.30 बजे से–     निशांत कुमार, स्वास्थ्य मंत्री     दामोदर रावत, परिवहन मंत्री     रत्नेश सदा, आपदा प्रबंधन मंत्री गुरुवार, सुबह 11.30 बजे से–     अशोक चौधरी, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री     मदन सहनी, मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन मंत्री     श्वेता गुप्ता, समाज कल्याण मंत्री शुक्रवार, सुबह 11.30 बजे से–     बिजेंद्र प्रसाद यादव, डिप्टी सीएम, वित्त एवं वाणिज्य कल मंत्री     भगवान सिंह कुशवाहा, योजना विकास मंत्री     जमा खान, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री

पोस्टमार्टम रिपोर्ट,प्रतीक यादव के शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं पाई गई

लखनऊ उत्तर प्रदेश के प्रभावी राजनीतिक परिवार मुलायम सिंह यादव फैमिली के छोटे बेटे प्रतीक यादव की मौत ने लोगों को दुखी कर दिया है। फिटनेस और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े प्रतीक यादव के निधन के बाद कई प्रकार के दावे किए जा रहे हैं। प्रतीक के दोस्तों का दावा है कि उनके शरीर पर चोट के निशान थे। बॉडी नीली पड़ गई थी। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर कोई चोट के निशान न होने की बात कही गई है। डॉक्टरों की टीम के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रतीक यादव की शरीर पर किसी तरह का बाहरी चोट का कोई निशान नहीं मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, मौत की असली वजह अब भी साफ नहीं हो सकी है। इस कारण डॉक्टरों ने आगे की जांच के लिए बिसरा सुरक्षित रखा है। उनके हार्ट को भी सुरक्षित रखा गया है। इसकी जरूरत पड़ने पर दोबारा जांच की जा सकेगी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या? केजीएमयू के तीन डॉक्टरों के पैनल ने प्रतीक यादव की बॉडी का पोस्टमार्टम किया। डॉ. मौसमी सिंह ने पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टरों की टीम का नेतृत्व किया। इसमें फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. अनूप कुमार रायपुरिया और डॉ. फातिमा हर्षा भी शामिल रहे। पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई है। बाहरी चोट को लेकर कई प्रकार की बातें पहले से हो रही थी। सूत्रों का दावा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रतीक यादव के शरीर पर चोट या संघर्ष के निशान नहीं मिलने की बात सामने आ रही हैं। उनकी छाती का भी एक्सरे कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद किसी साजिश जैसी बात पर फिलहाल विराम लगता दिख रहा है। प्रतीक की मौत का कारण क्या? प्रतीक यादव की मौत को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। इसमें प्रतीक यादव की मौत की असली वजह पल्मोनरी एम्बोलिज्म (Pulmonary Embolism) बताई गई है। विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार, पल्मोनरी एम्बोलिज्म ऐसी स्थिति है, जहां शरीर में खून का थक्का यानी ब्लड क्लॉट बन जाता है। अक्सर पैरों की नसों में इस प्रकार की समस्या आती है। यह थक्का नसों से बहकर सीधे फेफड़ों की धमनियों में जाकर फंस जाता है। विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि पल्मोनरी एम्बोलिज्म से फेफड़ों तक ऑक्सीजन और खून का पहुंचना अचानक रुक जाता है। प्रतीक यादव के मामले में क्लॉट इतना बड़ा था कि इसने अचानक सांसें रोक दीं। इसने दिल पर बहुत ज्यादा दबाव डाल दिया, जिससे महज कुछ ही मिनटों में उनकी मौत हो गई। हार्ट रखा गया सुरक्षित प्रतीक यादव का वेट काफी बढ़ गया था। इसको देखते हुए डॉक्टरों ने उनके हार्ट को सुरक्षित रख लिया है। प्राथमिक जांच में हार्ट अटैक से मौत का मामला सामने आने के बाद इसकी आगे दोबारा जांच की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में सुरक्षित रखे गए हार्ट से जांच कराई जाएगी। वहीं, बिसरा को जांच के लिए भेजा जाएगा। इससे साफ होगा कि प्रतीक यादव के शरीर में किसी प्रकार के विषैले तत्व या अन्य कारण तो मौजूद नहीं थे। सस्पेक्टेड पॉइजनिंग से इनकार सिविल अस्पताल प्रशासन की ओर से सस्पेंक्टेड पॉइजिंग से इनकार किया गया है। अस्पताल प्रशासन ने साफ किया कि हमारी तरफ से इस प्रकार की बात कभी भी नहीं कही गई है। अस्पताल के निदेशक जीपी गुप्ता ने कहा कि बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे प्रतीक यादव के ड्राइवर अस्पताल आए थे। यहां से डॉक्टर को तुरंत चलने को कहा गया। मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। उस समय प्रतीक यादव के शरीर में कोई प्रतिक्रिया नहीं थी। निदेशक का कहना है कि बाद में उन्हें अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि परिजन पहले प्रतीक यादव के शव को घर ले जाना चाहते थे। बाद में उन्होंने खुद शव के पोस्टमार्टम कराने की इच्छा जताई। पुलिस को मामले की सूचना दी गई। पंचनामा कर शव को केजीएमयू भेजा गया।