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नायब सरकार की नई औद्योगिक नीति 2026 जल्द होगी लागू, 10-15 दिन में कैबिनेट बैठक संभव

चंडीगढ़ हरियाणा में औद्योगिक निवेश बढ़ाने पर जोर दे रही नायब सरकार जून में एक निवेशक सम्मेलन करने जा रही है, जिसमें देश के साथ-साथ बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। इसका मकसद गुरुग्राम में बनाई जा रही ग्लोबल सिटी में निवेश कराना है। इस आयोजन से पहले हरियाणा की नई औद्योगिक नीति (2026) की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। इसके लिए 10 से 15 दिन के अंदर कैबिनेट की बैठक होगी, जिसके बाद नई नीति को लागू कर दिया जाएगा। नई औद्योगिक नीति का ड्राप्ट तैयार होने के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिल्ली में दो दिन तक अलग-अलग सेक्टर के उद्यमियों से चर्चा की थी। चर्चा के बाद तार्किक सुझावों को नई औद्योगिक नीति में जोड़ दिया गया है। राज्य में हुए शहरी निकाय चुनाव की मतगणना होने के बाद किसी भी दिन कैबिनेट बैठक के लिए कार्यक्रम घोषित किया जा सकता है। हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि 10 से 15 दिनों के अंदर लागू होने वाली औद्योगिक नीति को ही केंद्र बनाकर निवेशक सम्मेलन में उद्यमियों से चर्चा की जानी है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम के सेक्टर 36 व 37 में बन रही विश्वस्तरीय ग्लोबल सिटी को विकसित करने का प्रथम चरण पूरा किया जा चुका है। दूसरे चरण का भी कार्य आरंभ कर दिया गया है। ग्लोबल सिटी में ही अपने संयंत्र लगाने के लिए उद्यमियों को प्रेरित किया जाएगा। उद्यमियों को बताया जाएगा कि हरियाणा सरकार अपनी औद्योगिक नीति के तहत विभिन्न प्रकार के लाभ देने जा रही है। राव नरबीर के अनुसार ग्लोबल सिटी में औद्योगिक निवेश होने से हजारों युवाओं को विभिन्न सेक्टरों में रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। निवेशक सम्मेलन की तिथि और जगह अभी तय की जानी बाकी है।  

WhatsApp Plus: नया सब्सक्रिप्शन प्लान लॉन्च

WhatsApp अब सिर्फ मैसेज भेजने वाला ऐप नहीं रहना चाहता. कंपनी अब इसे एक प्रीमियम प्लेटफॉर्म में बदलने की तैयारी कर रही है. अब कंपन WhatsApp Plus ला रही है. ये दरअसल एक सब्सक्रिप्शन सर्विस है जिसके लिए यूजर्स को पैसे देने होंगे. फिलहाल ये सब्सक्रिप्शन प्लान चुनिंदा आईफोन यूजर्स के लिए रोलआउट होना शुरू हो गया है. पिछले कई महीनों से इसकी चर्चा बीटा वर्जन में हो रही थी, लेकिन अब पहली बार कुछ यूजर्स को इसका एक्सेस मिलने लगा है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि काफी समय तक एक फर्जी WhatsApp Plus वायरल होता रहा था. ये ऐप यूजर्स को एक्स्ट्रा फीचर्स दिलाने का दावा करता था, लेकिन बाद में य स्कैम ऐप निकला. लेकिन अब कंपनी खुद ही WhatsApp Plus ला रही है. कंपनी खुद ही लोगों को पहले WhatsApp Plus यूज करने से मना करती रही. कई यूजर्स के अकाउंट परमानेंट ब्लॉक भी हो गए. बहरहाल, कंपनी का नया WhatsApp Plus फीचर सिर्फ कुछ आईफोन यूजर्स को दिख रहा है और धीरे-धीरे बाकी लोगों तक पहुंचाया जाएगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन लोगों के पास WhatsApp का लेटेस्ट iOS वर्जन है, उन्हें सेटिंग्स में इसका ऑप्शन दिख सकता है. पैसे देकर मिलेगा क्या? व्हाट्सऐप प्लस का पूरा फोकस ऐप को ज्यादा पर्सनल और कस्टमाइज्ड बनाने पर है. यानी मैसेजिंग और कॉलिंग जैसी बेसिक सुविधाएं अभी भी मुफ्त रहेंगी, लेकिन जो लोग ऐप का लुक और फीचर्स बदलना चाहते हैं, उन्हें एक्स्ट्रा चीजें मिलेंगी. इस नए प्लान में यूजर्स को 18 नए थीम कलर मिलेंगे. अभी व्हाट्सऐप का ज्यादातर इंटरफेस हरे रंग का होता है, लेकिन प्लस सब्सक्रिप्शन के बाद लोग पर्पल, ब्लू, रेड, यलो और कई दूसरे रंग चुन पाएंगे. ऐप के आइकन भी बदले जा सकेंगे. कंपनी करीब 14 नए ऐप आइकन देने वाली है. नए थीम्स, नए स्टिकर्स इसके अलावा प्रीमियम स्टिकर्स भी मिलेंगे जिनमें एनिमेटेड इफेक्ट होंगे. यानी स्टिकर भेजने का एक्सपीरियंस थोड़ा ज्यादा इंटरैक्टिव और विजुअल होगा. कंपनी नए रिंगटोन भी दे रही है ताकि व्हाट्सऐप कॉल बाकी ऐप्स से अलग महसूस हो. एक बड़ा बदलाव पिन चैट्स में देखने को मिलेगा. अभी आम यूजर्स सिर्फ 3 चैट पिन कर सकते हैं, लेकिन WhatsApp Plus लेने के बाद 20 चैट तक पिन की जा सकेंगी. जिन लोगों के पास बहुत ज्यादा काम या बिजनेस चैट्स होती हैं, उनके लिए यह फीचर उपयोगी माना जा रहा है. व्हाट्सऐप ग्रुपिंग और चैट मैनेजमेंट पर भी काम कर रहा है. उदाहरण के लिए अगर किसी ने ऑफिस नाम से एक चैट लिस्ट बनाई है, तो वह एक साथ सभी ऑफिस चैट्स का थीम, नोटिफिकेशन साउंड और कॉल ट्यून बदल सकेगा. अभी यह सब अलग-अलग करना पड़ता है. 300 रुपये प्रति माह सबसे ज्यादा चर्चा इसकी कीमत को लेकर हो रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक यूरोप में इसकी कीमत करीब 2.49 यूरो प्रति महीना रखी गई है. यानी भारतीय रुपये में लगभग 280 रुपये के आसपास. अलग-अलग देशों में कीमत अलग हो सकती है. कुछ जगहों पर कंपनी ट्रायल भी दे सकती है. हालांकि अभी भारत में इसकी आधिकारिक लॉन्च डेट सामने नहीं आई है. लेकिन टेक रिपोर्ट्स मान रही हैं कि आने वाले हफ्तों या महीनों में यह ज्यादा यूजर्स तक पहुंच सकता है. दिलचस्प बात यह भी है कि मेटा अब धीरे-धीरे अपने सभी प्लेटफॉर्म पर पेड फीचर्स बढ़ा रहा है. इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म पहले से सब्सक्रिप्शन मॉडल पर काम कर रहे हैं. अब व्हाट्सऐप भी उसी दिशा में जाता दिख रहा है. फ्यूचर में जरूरी फीचर्स भी पेड कर सकती है कंपनी इस नए मॉडल को लेकर बहस भी शुरू हो गई है. कुछ लोग मानते हैं कि आज थीम और स्टिकर्स पैसे में मिल रहे हैं, लेकिन फ्यूचर में कहीं जरूरी फीचर्स भी पेड न हो जाएं. आम तौर पर कंपनियां पैसे कमाने के लिए ये स्ट्रैटिजी अपनाती आई हैं. नया सब्सक्रिप्शन ला कर फ्री में मिलने वाले जरूरी फीचर्स पेड कर देती हैं.

फरीदकोट जेल से चल रहा था अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी रैकेट, मास्टरमाइंड सोनू निकला

  बीकानेर बीकानेर के खाजूवाला बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों ने हथियार तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड पंजाब की फरीदकोट जेल में बंद कुख्यात तस्कर सुखविंदर सिंह उर्फ सोनू निकला है. सोनू ने जेल के अंदर से ही पाकिस्तानी तस्करों के साथ संपर्क साधा और ड्रोन के जरिए अंतरराष्ट्रीय सीमा पार हथियार मंगवाने का पूरा नेटवर्क तैयार किया था. आरोपी मूल रूप से श्रीगंगानगर जिले के रावला क्षेत्र का रहने वाला है. तकनीकी खराबी ने फेल की पाकिस्तानी साजिश यह मामला इसी साल फरवरी का है, जब खाजूवाला के 24 KND इलाके के एक सरसों के खेत में पाकिस्तानी ड्रोन गिरा मिला था. जांच में सामने आया कि तस्करों ने हथियारों की डिलीवरी के लिए नहर के पटड़े का रूट तय किया था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण ड्रोन खेत में जा गिरा. ड्रोन के साथ सुरक्षा एजेंसियों ने 5 चाइनीज पिस्टल और 325 कारतूस बरामद किए थे. ड्रोन गिरने के कारण तस्करों की प्लानिंग फेल हो गई और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा. स्थानीय कनेक्शन की तलाश कर रही पुलिस सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की संयुक्त जांच में बॉर्डर पार से चलने वाले इस बड़े स्मगलिंग नेटवर्क की परतें अब खुल रही हैं. सुखविंदर सिंह उर्फ सोनू से पूछताछ के आधार पर उन लोगों को नामजद किया गया है, जो बॉर्डर पर ड्रोन की डिलीवरी लेने पहुंचने वाले थे. पुलिस अब उन स्थानीय मददगारों की तलाश में जुटी है, जो इस नेटवर्क को जमीनी स्तर पर सपोर्ट कर रहे थे. एजेंसियों का मानना है कि इस खुलासे से सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय अन्य तस्करों पर भी शिकंजा कसेगा.

राजस्थान में दिल दहला देने वाली घटना, कुएं में गिरने के बावजूद नवजात को नहीं आई खरोंच

तिजारा कहते हैं कि जिसकी रक्षा खुद ईश्वर करे, उसका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता. राजस्थान के खैरथल तिजारा  जिले के तिजारा कस्बे में मंगलवार सुबह कुछ ऐसा ही कुछ देखने को मिला. यहां एक कलयुगी मां ने अपनी ही चंद घंटों की मासूम बच्ची को पालपुर रोड स्थित एक 60 फीट गहरे कुएं में मरने के लिए फेंक दिया. लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था. इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद मासूम बच्ची को एक खरोंच तक नहीं आई. रस्सी के सहारे नीचे उतरकर युवक ने किया रेस्क्यू सुबह जब कुएं के पास से गुजर रहे ग्रामीणों ने अंदर से किसी के रोने की आवाज सुनी, तो वे ठिठक गए. जब कुएं में झांका गया तो नीचे एक नवजात बच्ची सुरक्षित नजर आई. किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि इतने गहरे और अंधेरे कुएं में गिरने के बाद भी बच्ची सही-सलामत है. ग्रामीणों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया और गांव का एक जांबाज युवक रस्सी के सहारे नीचे उतरा. उसने बच्ची को अपनी गोद में लिया और सुरक्षित बाहर निकाल लाया. बाहर आते ही जब बच्ची का शरीर देखा गया, तो वह पूरी तरह सुरक्षित थी. डॉक्टर भी हैरान, अब अलवर में हो रही देखभाल बच्ची को तुरंत तिजारा के उप जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी जांच की. बीसीएमओ डॉ. मनोज यादव ने बताया कि बच्ची का जन्म करीब 24 घंटे पहले हुआ लग रहा है. सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि प्राथमिक जांच में बच्ची के शरीर पर कोई बाहरी चोट या खरोंच के निशान नहीं मिले. हालांकि, एहतियात के तौर पर और बेहतर निगरानी के लिए उसे अलवर के जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है. पुलिस कर रही 'कलयुगी मां' की तलाश इस घटना ने जहां एक तरफ लोगों को हैरान कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ लोगों में इस कृत्य को लेकर भारी गुस्सा है. तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस की टीमें इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं और स्वास्थ्य केंद्रों से हाल ही में हुए प्रसव का डेटा जुटाया जा रहा है ताकि इस मासूम को मौत के मुंह में धकेलने वालों तक पहुंचा जा सके.

39 किलो गांजा बरामदगी मामले में पुलिसकर्मी की संलिप्तता उजागर, विभागीय जांच शुरू

 अलीगढ़  तीन दिन पहले क्वार्सी पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में जिन छह लोगों को गिरफ्तार किया था उनसे थाने के सिपाही प्रबल प्रताप की संलिप्तता थी। एसपी सिटी की जांच में आरेाप सही पाए जाने पर एसएसपी ने सिपाही को निलंबित कर दिया है। विभागीय कार्रवाई के भी आदेश जारी किए हैं। क्वार्सी पुलिस ने 39 किलो गांजा समेत गिरफ्तार किए थे छह लोग क्वार्सी पुलिस ने शनिवार को क्षेत्र के शहंशाहबाद में गली नंबर एक निवासी आफताब उर्फ कप्तान, आफताब की पत्नी शहरीन व गुड़िया के अलावा मुहल्ले के नबील, अब्दुल्ला और बिलाल को 39 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया था। एक अवैध तमंचा, बिक्री से प्राप्त 1.05 लाख रुपये के अलावा अन्य सामान भी बरामद किया था। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि गांजा का वह ओड़िसा से मंगाते थे। सस्ते दामों में मिलने वाले गांजा की पुड़िया बनाकर 100 में बेचते थे। इतने बड़े स्तर पर गांजा का धंधा होने की बीट कांस्टेबल प्रबल प्रताप की जानकारी में होना से ही अधिकारियों का माथा ठनका। बीट सिपाही की संदिग्ध स्थिति होने पर एसपी सिटी ने की थी जांच एसएसपी ने एसपी सिटी को पूरे मामले की जांच सौंपी। एसपी सिटी की जांच में सिपाही को आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों से मेलजोल रखने तथा अन्य संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाया गया। रिपोर्ट के आधार पर की गई इस कार्रवाई में कहा गया है कि उक्त आरक्षी की गतिविधियों से पुलिस विभाग की छवि धूमिल हो रही थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने आरक्षी के विरुद्ध विभागीय जांच एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी है। मनोयोग से करें कार्यं, अवैध गतिविधियों में संलिप्तता पर होगी कार्रवाई एसएसपी नीरज जादौन ने सभी अधीनस्थ पुलिस कर्मियों को निर्देशित किया है कि वे पूर्ण मनोयोग एवं ईमानदारी के साथ जनहित में कार्य करें। चेतावनी दी कि यदि किसी भी कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनहीनता, लापरवाही अथवा अवैध गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप सामने आते हैं, तो संबंधित के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।  

NEET पेपर लीक विवाद पर गरमाई सियासत, सीकर में जांच जारी, विपक्ष ने CBI जांच की मांग की

जयपुर NEET परीक्षा की गड़बडी को लेकर खबर सुर्खियों में है. NEET परीक्षा में गेस पेपर से हूबहू सवाल मिलने का मुद्दा गरमाया हुआ है. मामले में पुलिस जांच में जुटी है. सीकर जिले में NEET पेपर को लेकर धांधली की खबर के बाद विपक्ष ने इसकी जांच CBI से कराने की मांग कर रहा है. लेकिन इस बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बयान भी सामने आया है. उन्होंने दावा किया है कि  भाजपा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है. परीक्षा प्रणाली पर भरोसा दोबारा स्थापित सीएम भजनलाल ने कहा कि उनकी सरकार युवाओं के सपनों को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रही है और पिछली सरकार के समय जिस तरह से परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर हुआ था उसे दोबारा स्थापित किया गया है. जयपुर में बिरला सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के दौर में राजस्थान का माहौल अलग था लेकिन वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने का काम किया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने चार लाख सरकारी और छह लाख निजी क्षेत्र में रोजगार देने का वादा किया था और अब तक हजारों युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं. उन्होंने अजमेर जिले के कड़ैल गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि हाल के समय में वहां 13 युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है और RAS भर्ती परीक्षा का टॉपर भी इसी गांव से निकला है. मुख्यमंत्री ने इसे युवाओं की मेहनत और सरकार की पारदर्शी भर्ती व्यवस्था का परिणाम बताया. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का फोकस युवाओं को रोजगार, कौशल और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर है ताकि राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर विश्वास का माहौल मजबूत हो सके.

DDA की नई योजना पर काम तेज, द्वारका-रोहिणी-नरेला बनेंगे फाइनेंशियल और टेक्नोलॉजी सेंटर

नई दिल्ल द्वारका को अब घरेलू और विदेशी निवेश का बड़ा सेंटर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। यहां आईटी, हेल्थकेयर, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल कंपनियों के ऑफिस बनाने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए DDA ने तैयारियां शुरू कर दी है। LG टीएस संधु ने ने इस दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए है। DDA को LG ने जल्द योजना तैयार करने के दिए निर्देश द्वारका के साथ ही रोहिणी और नरेला को भी बड़े फाइनैंशल सेंटर के रूप में डिवेलप करने की योजना पर काम किया जा रहा है। हाल ही में DDA अधिकारियों के साथ हुई बैठक में LG ने इन तीनों इलाकों के विकास को लेकर विस्तार से चर्चा की। अधिकारियों के मुताबिक, इन इलाकों में बेहतर सड़कें, मेट्रो नेटवर्क, एजुकेशन सेंटर और बड़े रिहायशी इलाके तेजी से डिवेलप हो रहे हैं। द्वारका में यशोभूमि और बनने वाला डिप्लोमैटिक हब भी इस इलाके को खास बना रहा है। अधिकारियों ने बताया कि LG पिछले कुछ समय से इन इलाकों को बड़े फाइनैंशल सेंटर के रूप में डिवेलप करने की बात कह रहे हैं। उन्होंने हाल ही में द्वारका सब सिटी का दौरा भी किया था, जहां कई अहम प्रोजेक्ट्स का इसके बाद DDA को यहां आईटी, हेल्थकेयर, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल कंपनियों के ऑफिस बनाने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए। डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर प्लांट बनाने की भी योजना अधिकारियों के अनुसार, यूईआर (अर्बन एक्सटेंशन रोड) शुरू होने, बड़े मेट्रो नेटवर्क, टीओडी पॉलिसी, नए एजुकेशन सेंटर और बड़े रिहायशी इलाकों के विकास की वजह से द्वारका, रोहिणी और नरेला तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। नई सड़क परियोजनाओं और एयरपोर्ट से बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से यहां डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर प्लांट और वेयरहाउस बनाने की भी काफी संभावनाएं बताई जा रही है। LG ने अधिकारियों को सभी डिपार्टमेंट्स के साथ चर्चा कर जल्द योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उनका मानना है कि इससे दिल्ली में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए मौके बनेंगे और राजधानी का विकास भी संतुलित तरीके से होगा।  

AI डीपफेक पर सरकार सख्त, 2 घंटे में कंटेंट हटाने का नया नियम लागू

दरअसल पिछले कुछ सालों में AI डीपफेक और फर्जी इंटीमेट तस्वीरों का मामला तेजी से बढ़ा है. कई लोगों की तस्वीरों को मॉर्फ करके अश्लील फोटो और वीडियो बनाए गए. सरकार सख्त, लेकिन कंपनियां अब भी कर रहीं हैं लापरवाही! खासकर महिलाओं और लड़कियों को इसका सबसे ज्यादा नुकसान हुआ. कई मामलों में ब्लैकमेलिंग, ऑनलाइन ट्रोलिंग और मानसिक उत्पीड़न तक की शिकायतें सामने आईं. AI टूल्स की वजह से अब किसी की तस्वीर लेकर कुछ ही मिनटों में नकली वीडियो या फोटो बनाना आसान हो गया है. इसी खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने 2026 में आईटी रूल्स को और सख्त किया. नए नियमों के तहत अगर कोई यूजर किसी प्लेटफॉर्म पर गैर-सहमति वाली इंटीमेट फोटो या डीपफेक कंटेंट की शिकायत करता है, तो सोशल मीडिया कंपनियों को बहुत तेजी से कार्रवाई करनी होगी. कई मामलों में 2 घंटे के अंदर कंटेंट हटाने की बात कही गई है, जबकि सरकारी या कोर्ट ऑर्डर वाले मामलों में 3 घंटे के अंदर एक्शन लेना पड़ सकता है. ET की एक रिपोर्ट के मुताबिक सराकरी ऑफिशियल्स ने कहा है कि अब करीब 75% ऐसे कंटेंट को शिकायत मिलने के दो घंटे के अंदर हटाया जा रहा है. पहले यही प्रक्रिया कई बार 24 घंटे से लेकर कई दिनों तक चलती थी. अब प्लेटफॉर्म्स को तेज मॉडरेशन सिस्टम, AI डिटेक्शन टूल और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम बनानी पड़ रही है. सरकार ने AI कंटेंट पर लेबल भी किया था मैंडेटरी नए नियम सिर्फ कंटेंट हटाने तक सीमित नहीं हैं. सरकार चाहती है कि AI से बने कंटेंट को साफ तौर पर लेबल भी किया जाए ताकि लोग समझ सकें कि फोटो या वीडियो असली नहीं है. कई नियमों में यह भी कहा गया है कि सिंथेटिक या AI जनरेटेड मीडिया पर मार्किंग जरूरी होगी. एक बड़ा बदलाव यह भी है कि अब प्लेटफॉर्म्स पर जिम्मेदारी पहले से ज्यादा बढ़ गई है. अगर कोई कंपनी शिकायत के बाद भी ऐसे कंटेंट को हटाने में लापरवाही करती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है. भारत सरकार का फोकस अब पहले हटाओ, बाद में जांच करो वाले मॉडल पर दिख रहा है क्योंकि डीपफेक कंटेंट बहुत तेजी से वायरल हो जाता है. रिपोर्ट में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) के अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि पुराने नियमों में दिया गया समय बहुत लंबा था और तब तक ऐसा कंटेंट तेजी से वायरल हो जाता था. रिपोर्ट के मुताबिक नए नियमों के बाद इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स और दूसरे प्लेटफॉर्म्स ने अपनी मॉडरेशन टीम और AI सिस्टम को और मजबूत किया है ताकि डीपफेक, मॉर्फ्ड फोटो और रिवेंज पोर्न जैसे कंटेंट को जल्दी पकड़ा जा सके. सरकार का फोकस खासतौर पर महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाने वाले कंटेंट पर है. अधिकारियों ने यह भी माना कि सिर्फ AI पर भरोसा करना आसान नहीं है क्योंकि कई मामलों में गलत तरीके से भी कंटेंट फ्लैग हो सकता है. इसलिए कुछ मामलों में मानव समीक्षा भी की जाती है, जिससे थोड़ी देरी हो सकती है. लेकिन सरकार चाहती है कि ज्यादातर मामलों में तुरंत कार्रवाई हो ताकि पीड़ित को कम से कम नुकसान पहुंचे. ब्रिटेन में कंपनियों पर जुर्माना का प्रोविजन सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया के कई देश अब इस तरह के कंटेंट पर सख्ती बढ़ा रहे हैं. ब्रिटेन में भी सरकार ने टेक कंपनियों को चेतावनी दी है कि अगर रिवेंज पोर्न या डीपफेक इंटीमेट कंटेंट को तय समय में नहीं हटाया गया तो भारी जुर्माना या प्लेटफॉर्म ब्लॉक तक हो सकता है. एक और बड़ी चिंता यह है कि AI टूल्स अब आम लोगों तक पहुंच चुके हैं. रिसर्च में सामने आया है कि हजारों ऐसे मॉडल इंटरनेट पर मौजूद हैं जिनसे किसी की फर्जी तस्वीरें बनाई जा सकती हैं. कई टूल इतने आसान हो चुके हैं कि बिना टेक्निकल जानकारी वाला व्यक्ति भी इन्हें इस्तेमाल कर सकता है. यही वजह है कि सरकारें अब सोशल मीडिया कंपनियों से सिर्फ शिकायत सुनने की उम्मीद नहीं कर रहीं, बल्कि पहले से ऐसे कंटेंट को पकड़ने वाली टेक्नोलॉजी लगाने का दबाव बना रही हैं. आने वाले समय में इंस्टाग्राम, फेसबुक और दूसरे प्लेटफॉर्म पर AI आधारित मॉनिटरिंग और ज्यादा बढ़ सकती है. हालांकि इस पर बहस भी शुरू हो गई है. कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि बहुत तेजी से कंटेंट हटाने के नियम का गलत इस्तेमाल भी हो सकता है और इससे फ्री स्पीच पर असर पड़ सकता है. लेकिन दूसरी तरफ साइबर एक्सपर्ट्स मानते हैं कि डीपफेक और गैर-सहमति वाले इंटीमेट कंटेंट को रोकने के लिए सख्त कदम जरूरी हैं क्योंकि इस

पंजाब निकाय चुनाव की तारीख तय: 26 मई को होगा मतदान, होशियारपुर और शाम चौरासी में चुनाव टला

पठानकोट प्रदेश  में नगर निकाय चुनावों का बिगुल बज गया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राज कमल चौधरी ने  घोषणा करते हुए बताया कि राज्य के 104 स्थानीय निकायों, जिनमें आठ नगर निगम शामिल हैं, के लिए मतदान 26 मई को कराया जाएगा। मतगणना 29 में को कराई जाएगी। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए नामांकन प्रक्रिया 13 मई से शुरू होकर 16 मई तक चलेगी। नामांकन पत्रों की जांच 18 मई को होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 19 मई निर्धारित की गई है। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने नामांकन दाखिल करने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने के आदेश भी दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण कार्य पहले ही पूरा कर लिया है और अंतिम वोटर सूची 5 मई को प्रकाशित कर दी गई थी। इन चुनावों को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य में राजनीतिक माहौल गर्म है और सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी विपक्ष के लगातार हमलों का सामना कर रही है। वहीं भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भी रणनीति बनाने में लगी हुई है। सभी राजनीतिक दल अपने-अपने चुनाव चिन्ह पर चुनाव मैदान में उतरेंगे। माना जा रहा है कि नगर निकाय चुनावों में सभी प्रमुख दल पूरी ताकत झोंकेंगे और यह मुकाबला आगामी 2027 विधानसभा चुनावों की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है। जिन नगर निगमों में चुनाव होंगे उनमें बठिंडा, मोगा, पठानकोट, होशियारपुर, बटाला, मोहाली, अबोहर, बरनाला और कपूरथला शामिल हैं। राज्य सरकार ने पहले इन शहरी निकायों को भंग कर प्रशासकों की नियुक्ति की थी, जो चुनाव होने तक कामकाज संभाल रहे थे। होशियारपुर और शाम चौरासी में मतदान टला पंजाब में 104 स्थानीय निकायों के लिए आगामी 26 मई को मतदान और 29 मई को मतगणना होगी, लेकिन होशियारपुर और शाम चौरासी के मतदाताओं को अभी इंतजार करना होगा। राज्य चुनाव आयोग ने तकनीकी और प्रशासनिक कारणों के चलते इन दोनों स्थानों पर चुनाव फिलहाल स्थगित कर दिए हैं। होशियारपुर में मतदाता सूची का पेंच पंजाब के चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने सोमवार को मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि मतदाता सूची के संशोधन से जुड़े मुद्दों के कारण होशियारपुर में चुनाव तत्काल प्रभाव से नहीं करवाए जा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के संशोधन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वहां चार से पांच महीने के भीतर चुनाव कराए जाने की संभावना है। शाम चौरासी में वार्ड आरक्षण की अड़चन होशियारपुर के साथ-साथ शाम चौरासी स्थानीय निकाय के चुनाव भी रोक दिए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, शाम चौरासी में वार्डों के आरक्षण संबंधी तकनीकी मुद्दों के चलते यह फैसला लिया गया है। इन तकनीकी खामियों को दूर करने के बाद ही यहां चुनाव प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। कार्यकाल पूरा होने पर भंग किए गए थे निगम गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने बठिंडा, मोगा, पठानकोट, होशियारपुर, बटाला, मोहाली, अबोहर, बरनाला और कपूरथला नगर निगमों का 5 साल का कार्यकाल पूरा होने पर उन्हें भंग कर दिया था। नगर निगमों का कामकाज सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार ने चुनाव होने तक वहां प्रशासकों की नियुक्ति की हुई है। अब राज्य के बाकी निकायों में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने जा रही है, जबकि होशियारपुर और शाम चौरासी को अभी कुछ और महीनों का इंतजार करना पड़ेगा। एक नजर: बाकी 104 निकायों का चुनाव कार्यक्रम होशियारपुर और शाम चौरासी को छोड़कर, पंजाब के बाकी 104 स्थानीय निकायों (8 नगर निगमों सहित) के लिए चुनाव आयोग ने निम्नलिखित कार्यक्रम तय किया है:  नामांकन की शुरुआत: 13 मई नामांकन की अंतिम तिथि: 16 मई नामांकन पत्रों की जांच: 18 मई नाम वापसी की अंतिम तिथि: 19 मई मतदान की तिथि: 26 मई मतगणना (नतीजे): 29 मई

पंजाब सरकार का बड़ा फैसला: अरोड़ा के मंत्रालय दूसरे मंत्रियों को सौंपे गए, जानें किसे क्या मिला

चंडीगढ़ ED द्वारा संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद पंजाब की राजनीति और प्रशासन में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद राज्य सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने और विभागीय कामकाज में किसी तरह की बाधा न आने देने के लिए तेजी से कदम उठाए। सरकार ने अरोड़ा के पास मौजूद विभागों का पुनर्वितरण करते हुए उन्हें अन्य मंत्रियों को सौंप दिया है। पंजाब में भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के विभागों को सोमवार को अन्य मंत्रियों अमन अरोड़ा, हरजोत सिंह बैंस और तरुणप्रीत सिंह सोंद के बीच बांट दिया। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत विभाग संभाल रहे अमन अरोड़ा को उद्योग एवं वाणिज्य तथा निवेश प्रोत्साहन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को स्थानीय निकाय विभाग सौंपा गया है। ग्रामीण विकास, पंचायत, पर्यटन और श्रम मंत्री सोंद को विद्युत मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया है। ईडी ने नौ मई को पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को उनसे जुड़ी कुछ कंपनियों में कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये के जीएसटी धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया। शनिवार सुबह चंडीगढ़ के सेक्टर दो स्थित उनके आधिकारिक आवास पर छापेमारी के बाद 62 वर्षीय संजीव अरोड़ा को धन शोधन रोकथाम अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया। गुरुग्राम की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने रविवार को अरोड़ा को एक सप्ताह के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया।