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वास्तु टिप्स: आटे में तुलसी-केसर रखने से घर में बढ़ती है बरकत

 रसोई घर केवल खाना बनाने की जगह नहीं है, बल्कि यह पूरे घर की ऊर्जा का केंद्र होता है. इस ऊर्जा का सबसे बड़ा आधार है आटा. शास्त्रों में इसे अन्नपूर्णा का आशीर्वाद और कनक (सोना) के समान कीमती माना गया है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर आप अपनी रसोई में आटे के रख-रखाव पर थोड़ा ध्यान दें, तो घर की गरीबी दूर हो सकती है और तरक्की के नए रास्ते खुल सकते हैं. आटे के डिब्बे में रखें ये चीजें, होगी बरकत वास्तु के अनुसार, आटे के डिब्बे में हमेशा 5 तुलसी के पत्ते और 2 केसर के धागे डालकर रखने चाहिए. तुलसी मां लक्ष्मी का रूप है जो घर में कभी अनाज की कमी नहीं होने देती, और केसर से घर में सुख-सुविधाएं आती हैं. इसके अलावा, शनिवार को आटे में थोड़े काले चने मिलाकर पिसवाना शुभ होता है, इससे शनि और राहु-केतु के बुरे असर खत्म होते हैं. सही बर्तन और सही दिशा का चुनाव आटा रखने के लिए प्लास्टिक के डिब्बे का इस्तेमाल न करें, क्योंकि यह सकारात्मक ऊर्जा को रोकता है. हमेशा स्टील या तांबे के डिब्बे का उपयोग करें. आटे के भारी डिब्बे को रसोई की दक्षिण-पश्चिम (South-West) दिशा में रखना सबसे अच्छा होता है. इससे घर में पैसा टिकता है और फालतू खर्चे कम होते हैं. इससे इनकम के नए स्त्रोत खुलते हैं. आटे का डिब्बा कभी पूरा खाली न करें वास्तु का एक बड़ा नियम है कि आटे का डिब्बा कभी भी पूरी तरह खाली नहीं होना चाहिए. डिब्बा खाली होने से पहले ही उसमें नया आटा भर दें.  खाली डिब्बा घर में पैसों की तंगी और मानसिक परेशानी ला सकता है. गूंधा हुआ आटा फ्रिज में न रखें वास्तु में गूंधे हुए आटे को ज्यादा देर रखना गलत माना गया है, क्योंकि इसे 'पिंड' (मृतकों को अर्पित किया जाने वाला) माना जाता है.  फ्रिज में रखा बासी आटा घर में बीमारियां और झगड़े पैदा करता है. इसलिए हमेशा ताजा आटा गूंधें और ताजी रोटियां ही बनाएं. किस दिन खरीदें या पिसवाएं आटा? समृद्धि के लिए सोमवार या शनिवार को आटा पिसवाना या खरीदना सबसे अच्छा है. सोमवार को पिसवाया आटा मन को शांति देता है और शनिवार का आटा आर्थिक स्थिति मजबूत करता है. रविवार के दिन आटा पिसवाने से बचना चाहिए, क्योंकि यह शुभ नहीं माना जाता. सफाई और सम्मान का ध्यान रखें आटे के डिब्बे को हमेशा ढक्कन लगाकर रखें, जिस जगह डिब्बा रखा हो, वहां साफ-सफाई और अच्छी रोशनी होनी चाहिए.  यदि आटा जमीन पर गिर जाए, तो उसे तुरंत साफ करें. अन्न का अपमान करना मां अन्नपूर्णा को नाराज करता है, जिससे घर की बरकत चली जाती है.

प्याज-अदरक शैंपू नहीं रोकते बाल झड़ना, जावेद हबीब ने बताई असली वजह

मार्केट में आजकल हेयर फॉल कंट्रोल करने के नाम पर अदरक, प्याज और नींबू वाले शैंपू की बाढ़ आई हुई है. हम लोग इन विज्ञापनों के झांसे में आकर महंगे प्रोडक्ट्स खरीद लेते हैं क्योंकि वो सोचने लगते हैं कि शैंपू में नेचुरल तत्व मिले हुए हैं जिससे रातों-रात बालों का झड़ना बंद हो सकता है. हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब ने इस बारे में एक पॉडकास्ट में बताया है कि क्या सच में ऐसे शैंपू काम करते हैं? उनके मुताबिक, अगर आप सही तरीके से बाल धोते हैं तो कोई भी प्रोडक्ट यूज कर सकते हैं. क्या कहते हैं जावेद हबीब? जावेद हबीब के अनुसार, लोग अक्सर यह गलती कर बैठते हैं कि किसी शैंपू में प्याज या अदरक है तो वह जादुई असर करेगा.लेकि बाल गिरना तब रुकता है जब आपका स्कैल्प साफ हो. यदि आप इन महंगे शैंपू की जगह साधारण साबुन का इस्तेमाल भी सही तरह से करें तो भी वैसा ही असर दिखेगा. आप बालों की नियमित सफाई करें भले ही आप महंगा शैंपू इस्तेमाल करें या सस्ता, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. फर्क पड़ता है कि आप अपने बालों को कितना साफ रखते हैं. क्या कहती हैं रिसर्च? इंटरनेशनल एक्सपर्ट्स और रिसर्च भी जावेद हबीब की बात से काफी हद तक एग्री करती हैं. बालों के झड़ने के पीछे अक्सर स्कैल्प पर जमी गंदगी, तेल और इंफेक्शन होता है. जब आप बाल धोते हैं तो यह लेयर हट जाती है जिससे फॉलिकल्स बेहतर तरीके से सांस ले पाते हैं. Healthline के अनुसार, हालांकि क्लिनिकल स्टडीज में सीधे स्कैल्प पर प्याज का रस लगाने से बालों के दोबारा उगने की संभावना देखी गई है, लेकिन शैंपू जैसे धोए जाने वाले प्रोडक्ट्स में एक डाइल्यूटेड इंग्रीडिएंट के रूप में इसकी प्रभावशीलता पर एकमत नहीं है. अधिकतर शैंपू स्कैल्प पर इतने समय तक नहीं टिकते कि ऐसे तत्व गहराई तक जा सकें. Medical News Today के अनुसार, रिसर्चर्स का सुझाव है कि शैंपू का प्राइमरी फंक्शन स्कैल्प को साफ करना है. बालों का झड़ना अक्सर जेनेटिक्स, हार्मोन या मेडिकल कंडीशंस से जुड़ा होता है. सरफेस-लेवल के सफाई वाले प्रोडक्ट्स केवल तभी मदद कर सकते हैं जब समस्या स्कैल्प की हाइजीन या डैंड्रफ से जुड़ी हो. सफाई है असली चाबी अंत में, जावेद हबीब का मैसेज साफ है कि स्कैल्प की हेल्थ ही हेयर हेल्थ है. किसी भी चमत्कारिक इंग्रीडिएंट के पीछे भागने के बजाय, अपने बालों को रेगुलर धोने और उन्हें साफ रखने पर ध्यान दें. यदि आपका स्कैल्प साफ है तो बालों की जड़ें मजबूत रहेंगी. किसी भी शैंपू को चुनने से पहले यह देखें कि वह आपके बालों से धूल-मिट्टी और एक्स्ट्रा तेल को कितनी अच्छी तरह निकाल पा रहा है, न कि उसमें कौन सा मसाला डाला गया है.

सपने में सांप दिखने के संकेत, स्वप्न शास्त्र क्या कहता है

स्वप्न शास्त्र में सपनों को भविष्य के संकेत और मन की स्थिति से जोड़कर देखा जाता है. खासकर सपने में सांप दिखना एक बहुत ही महत्वपूर्ण संकेत माना गया है. सांप को कहीं शुभ तो कहीं चेतावनी का प्रतीक भी माना जाता है. जो इस बात पर निर्भर करता है कि वह सपने में किस रूप में दिखाई दिया है. स्वप्न शास्त्र के अनुसार, सांप शक्ति, ऊर्जा, छिपे हुए डर और परिवर्तन का प्रतीक है. कई बार यह संकेत देता है कि आपके जीवन में कोई बड़ा बदलाव आने वाला है या कोई पुरानी स्थिति बदल सकती है. तो आइए पंडित प्रीतिका मजूमदार जी से जानते हैं कि सपने में सांप दिखने का महत्व. मंदिर में सांप दिखना अगर सपने या वास्तविक जीवन में मंदिर में सांप दिखाई दे, तो इसे बहुत शुभ माना जाता है. यह संकेत है कि आपकी मनोकामनाएं जल्द पूरी हो सकती हैं और भगवान शिव की कृपा आप पर बनी हुई है. सांप का पेड़ पर चढ़ना अगर सपने में सांप पेड़ पर चढ़ता हुआ दिखे, तो यह शुभ संकेत माना जाता है. इसका मतलब है कि जीवन में कोई अच्छी खबर मिल सकती है, नौकरी या बिजनेस में तरक्की हो सकती है और अचानक लाभ के योग बन सकते हैं. सांप से धन प्राप्ति का संकेत अगर कोई निर्धन व्यक्ति सपने में सांप को पेड़ से नीचे उतरते हुए देखे, तो इसे धन लाभ का संकेत माना जाता है. वहीं, धनवान व्यक्ति के लिए यह संकेत आर्थिक नुकसान की ओर इशारा कर सकता है. शिवलिंग पर सांप देखना अगर सपने में सांप शिवलिंग पर लिपटा हुआ दिखाई दे, तो यह बहुत ही शुभ संकेत है. यह भगवान शिव के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है और रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना बनती है. रास्ता काटता हुआ सांप अगर कोई सांप दाईं ओर से रास्ता काट दे, तो यह शुभ माना जाता है और कार्य सफल होने के संकेत देता है. लेकिन अगर बाईं ओर से रास्ता काटे, तो इसे बाधा या असफलता का संकेत माना जाता है. मरा हुआ सांप देखना सपने में मरा हुआ सांप देखना सामान्यतः अच्छा संकेत नहीं माना जाता. यह आने वाले समय में किसी परेशानी या चुनौती का संकेत हो सकता है. सांप का काटना या पीछा करना अगर सांप आपको काटता है या पीछा करता है, तो यह तनाव, डर या स्वास्थ्य संबंधी समस्या का संकेत माना जाता है. यह भी दर्शाता है कि आप किसी बात को लेकर मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं. सांप और नेवले की लड़ाई अगर सपने में सांप और नेवले की लड़ाई दिखाई दे, तो यह कानूनी विवाद या संघर्ष का संकेत माना जाता है. सांप का छिपना या गायब होना सपने में अगर सांप आपको देखकर छिप जाए, तो यह सुरक्षा या किसी बड़ी परेशानी से बचाव का संकेत माना जाता है. बिल में जाता सांप अगर सांप बिल में जाता हुआ दिखे, तो इसे धन लाभ का संकेत माना जाता है. लेकिन अगर बिल से बाहर निकलता दिखे, तो यह धन हानि का संकेत हो सकता है. बार-बार सांप दिखना अगर आपको बार-बार सपने में सांप दिखता है, तो इसे मानसिक तनाव या किसी चिंता का संकेत माना जाता है. सांप के सपने के प्रभाव को कम करने के उपाय ऐसे सपनों से नकारात्मक प्रभाव कम करने के लिए लोग सोमवार को शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित करें. साथ ही 'ऊं नमः शिवाय' का जाप करें और शिव भक्ति जरूर करें.

100 करोड़ के GST फर्जीवाड़ा मामले में ईडी रिमांड पर संजीव अरोड़ा, गुरुग्राम कोर्ट में सुनवाई

 गुरुग्राम   पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने ईडी रिमांड पर भेजे जाने के बाद गुरुग्राम की विशेष अदालत में एक अर्जी दाखिल की है। इसमें अदालत से अनुमति मांगी गई कि ईडी अधिकारी उन्हें अपनी पसंद का वकील चुनने दें, जिसके लिए वकालतनामा पर हस्ताक्षर करने दें, ताकि वह आधिकारिक तौर पर उनका केस लड़ सकें। मामले की सुनवाई पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश एवं जिला जज नरेंद्र सूरा की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से मौजूद विशेष लोक अभियोजक साइमन बेंजामिन ने इस मांग पर कोई आपत्ति नहीं जताई। उन्होंने अदालत को बताया कि विभाग को इस बात से कोई एतराज नहीं है कि संजीव अरोड़ा अपनी पसंद के वकील को नियुक्त करें। इसके बाद अदालत ने अर्जी स्वीकार करते हुए जांच अधिकारी को तुरंत आदेश का पालन करने के निर्देश दिए। ED ने 100 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग में किया है गिरफ्तार अदालत ने आदेश में कहा कि जांच अधिकारी मंत्री संजीव अरोड़ा को वकालतनामा पर हस्ताक्षर करने की अनुमति दें। दस्तावेज को विधिवत सत्यापित करें और उसके बाद संबंधित दस्तावेज उनके वकील या परिवार के सदस्य को सौंपें। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आदेश का तत्काल प्रभाव से पालन किया जाए। (ईडी) ने करीब 100 करोड़ रुपये के मनी लाॅन्ड्रिंग और फर्जी जीएसटी बिलिंग मामले में पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार करने के बाद शनिवार देर रात गुरुग्राम पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश व जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सूरा की अदालत में पेश किया। रिमांड खत्म होने पर 16 मई को अदालत में पेश किया जाएगा रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद आरोपित को 16 मई को अदालत में पेश किया जाएगा। मामला फर्जी कंपनियों के जरिए मोबाइल फोन खरीद-बिक्री के नाम पर करोड़ों रुपये के फर्जी जीएसटी बिल तैयार करने और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। जांच एजेंसी का दावा है कि संजीव अरोड़ा से जुड़ी कंपनियों ने दिल्ली की कथित फर्जी फर्मों के माध्यम से 100 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन किए। इसी सिलसिले में दिल्ली, चंडीगढ़ और गुरुग्राम समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की गई। ईडी ने गुरुग्राम स्थित कुछ कार्यालयों और कारोबारी साझेदारों के परिसरों पर भी कार्रवाई की है। रिमांड अवधि के दौरान ही यह आवेदन दायर किया गया। अदालत ने आदेश की प्रति दोनों पक्षों को तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 16 मई को निर्धारित है संजीव अरोड़ा को रोजाना एक घंटे वकील से मिलने की अनुमति पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा की ईडी रिमांड के दौरान विशेष अदालत ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। अदालत ने जांच अधिकारी को निर्देश दिया है कि हिरासत अवधि के दौरान आरोपित को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 11 बजे तक एक घंटे के लिए अपने वकील से मिलने की अनुमति दी जाए। इसके साथ ही अदालत ने ईडी को मेडिकल अधिकारी द्वारा सलाह दी गई सभी सुविधाएं, दवाइयां और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। विशेष न्यायाधीश नरेंद्र सूरा ने आदेश जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 16 मई तय की है।

15 मई को बनने वाले राजयोग से मेष, सिंह, कन्या और धनु राशि वालों के लिए खुलेंगे अच्छे दिन

जब भी किसी ग्रह का गोचर, राशि परिवर्तन या नक्षत्र परिवर्तन होता है तो उसका प्रभाव हर जातक के जीवन पर पड़ता है. वहीं, उन विशेष गोचर से बनने वाले राजयोग भी महत्वपूर्ण होते हैं. द्रिक पंचांग के अनुसार, 15 मई का दिन बहुत ही खास होने वाला है. इस दिन कई सारे संयोगों का एक साथ निर्माण होने वाला है. जिस चलते इस दिन मेष राशि में लक्ष्मी राजयोग, वृषभ राशि में बुधादित्य योग और मिथुन राशि में लक्ष्मी नारायण योग बनेगा. ज्योतिषियों की मानें तो, इन राजयोगों के बनने से कई राशियों का जीवन सोने की तरह चमक जाएगा. उन राशियों के अच्छे दिनों की भी शुरुआत हो जाएगी. तो आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में. मेष राशि (Aries) 15 मई के बाद मेष राशि के लोगों के लिए अच्छे दिन शुरू हो सकते हैं. लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिलने के संकेत हैं. अगर आप किसी नए काम की शुरुआत करना चाहते हैं, तो समय आपके पक्ष में रहेगा. समाज में आपकी पहचान और सम्मान बढ़ सकता है, साथ ही पैतृक संपत्ति से भी फायदा मिलने की संभावना है. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि वालों के करियर में इस समय तेजी से प्रगति देखने को मिल सकती है. ऑफिस में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो आगे चलकर प्रमोशन का रास्ता खोलेंगी. सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए भी यह समय सकारात्मक है. कोई बड़ी डील या महत्वपूर्ण काम पूरा होने की संभावना है. कन्या राशि (Virgo) कन्या राशि के लिए यह समय नई शुरुआत और सफलता लेकर आ सकता है. जीवन में सुख-सुविधाएं बढ़ेंगी और विदेश जाने के अवसर भी बन सकते हैं. मनचाही नौकरी मिलने के योग हैं और पुराने कर्ज से राहत मिलने की संभावना है. इस दौरान कोई नया काम शुरू करना भी फायदेमंद रहेगा. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के लोगों के लिए 15 मई के बाद का समय काफी लाभकारी हो सकता है. निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने के संकेत हैं. कोई खुशखबरी मिल सकती है और रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं. कुल मिलाकर यह समय तरक्की और लाभ लेकर आ सकता है.  

रणवीर सिंह का बड़ा प्रोजेक्ट: भगवान शिव बनेंगे स्क्रीन पर

धुरंधर से धमाका करने के बाद सुपरस्टार रणवीर सिंह आगे भी धुआंधार फिल्मों की तैयारी कर रहे हैं. अपनी अगली फिल्म, जॉम्बी-थ्रिलर प्रलय पर काम कर रहे रणवीर ने अब एक ऐसे प्रोजेक्ट की तैयारी शुरू कर दी है, जो सही स्केल और ट्रीटमेंट के साथ बना तो बड़ा पर्दा छोटा पड़ जाएगा! इस प्रोजेक्ट में रणवीर भगवान शिव के रोल में नजर आ सकते हैं. मेलुहा के शिव बनेंगे रणवीर! दोनों धुरंधर फिल्मों की धुआंधार कामयाबी के बाद अब रणवीर आजकल आगे की प्लानिंग में जुटे हैं और अपने नए बॉक्स ऑफिस कद को सूट करने वाले किरदार तलाश रहे हैं. अब रणवीर ने अमीश त्रिपाठी के बेहद पॉपुलर उपन्यास 'मेलुहा के मृत्युंजय' (The Immortals of Meluha) को बड़ी स्क्रीन पर लाने का मूड बना लिया है. बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट बताती है कि अमीश त्रिपाठी के इस चर्चित नॉवेल के राइट्स रणवीर ने खरीद लिए हैं. इस डील के लिए रणवीर ने 40 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जो अपने आप में बॉलीवुड फिल्म के लिए किसी नॉवेल के राइट्स पर खर्च हुआ सबसे बड़ा अमाउंट है. रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से बताया गया कि मेलुहा के मृत्युंजय पर डायरेक्टर संजय लीला भंसाली फिल्म बनाने वाले थे, लेकिन उनका प्रोजेक्ट सेट नहीं हो पाया. कई बार खुद को शिव भक्त बता चुके रणवीर को अमीश के उपन्यास में दर्ज संसार में बहुत इंटरेस्ट था और इस संसार में भगवान शिव का किरदार निभाना उनका सपना था. 'जैसे ही मेलुहा के मृत्युंजय पर संजय लीला भंसाली के राइट्स एक्सपायर हुए, रणवीर ने तुरंत हाथ आगे बढ़ा दिया और अपने बैनर- मां कसम फिल्म्स, के लिए ये राइट्स खरीद लिए', सूत्र ने बताया. पांच साल पहले रणवीर, भगवान शिव का किरदार निभाने का सपना लिए भंसाली की तरफ देख रहे थे. लेकिन अब चूंकि राइट्स उनके ही पास हैं, तो वो मेलुहा के शिव को बड़े पर्दे पर लाने के लिए खुद डायरेक्टर चुन सकते हैं. जानकारी ये भी कहती है कि इस प्रोजेक्ट के लिए रणवीर ने बिरला स्टूडियोज से हाथ मिलाया है. कब शुरू होगा फिल्म का शूट? वो अमीश की मेलुहा की तीन-पार्ट सीरीज वाले नॉवेल को स्क्रीन पर लाने के लिए बहुत पक्के विश्वास के साथ उतरे हैं. लेकिन बाकी डिटेल्स तब सामने आएंगी, जब फिल्म की स्क्रिप्ट लॉक हो जाएगी. फिलहाल फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम शुरू होने वाला है और उम्मीद की जा रही है कि रणवीर की ये फिल्म 2028 से फ्लोर्स पर जाएगी. दिलचस्प ये है कि अमीश की किताब में भगवान शिव की पत्नी, सती का किरदार भी बहुत हीरोइक है और उसका ट्रीटमेंट बहुत दमदार है. प्रोजेक्ट पर रणवीर का क्रिएटिव कंट्रोल होने से इसमें उनकी पत्नी दीपिका पादुकोण की एंट्री के रास्ते भी खुल जाते हैं. अगर रियल लाइफ का ये दमदार एक्टर कपल फिल्म में शिव-सती के रोल में नजर आता है, तो ये एक और धमाकेदार चीज होगी. बाकी तो वक्त बताएगा कि मेलुहा के मृत्युंजय को रणवीर, नॉवेल वाले ही ट्रीटमेंट और स्केल पर बड़े पर्दे तक लाने में कितने कामयाब होते हैं.

खान सचिव का सख्त निर्देश—229 बालू घाटों की प्रक्रिया जल्द पूरी करें, अवैध खनन पर निगरानी तेज

रांची  राज्य में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद तीन दर्जन के करीब बालू घाटों का संचालन शुरू नहीं होने के पीछे के कारणों को दूर करने का निर्देश खान सचिव अरवा राजकमल ने दिया है। बालू घाटों का संचालन शुरू नहीं होने के पीछे मुख्य वजह लीज डीड की प्रक्रिया लंबित होना है। राज्य के 16 जिलों के 229 बालू घाट केवल लीज डीड नहीं होने के कारण अटके हुए हैं। लीज डीड की जिम्मेदारी संबंधित जिलों के डीसी पर है। इनमें से 35 लीज डीड महज उपायुक्त के स्तर से हस्ताक्षर नहीं होने के कारण अटके हुए हैं। 10 जून से पहले लीज डीड की प्रक्रिया पूरी करें सोमवार को बालू घाटों के संचालन और अवैध खनन की समीक्षा को लेकर आयोजित टास्क फोर्स की ऑनलाइन बैठक में खान सचिव अरवा राजकमल ने सभी डीसी को निर्देश दिया कि वे 10 जून से पहले हर हाल में लीज डीड की प्रक्रिया पूरी कर लें। बैठक में सभी जिलों के डीसी, डीएमओ तथा खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा भी जुड़े थे। खान सचिव ने कहा कि 10 जून से बालू घाटों से बालू निकासी पर एनजीटी की रोक प्रभावी हो जाती है। ऐसे में उससे पहले लंबित सभी घाटों का लीज डीड पूरा कर संचालन शुरू करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि नया लीज डीड ड्राफ्ट भी जारी कर दिया गया है, जिससे प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। अवैध खनन पर सख्ती के निर्देश बैठक में सचिव ने अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक और विभिन्न विभागों के समन्वय से काम किया जाये। उन्होंने बताया कि लघु खनिजों के अवैध खनन की निगरानी के लिए सभी खनन पट्टों की डिजिटल फाइल तैयार की जा रही है। इसके जरिए सैटेलाइट से खनन क्षेत्रों की निगरानी होगी। इसके साथ ही खान सचिव ने खनन प्रहरी मोबाइल ऐप पर मिलने वाली सूचनाओं की तत्काल जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। संवेदनशील मार्गों पर वाहन ट्रैकिंग सिस्टम, चेकपोस्ट निर्माण और रेलवे साइडिंग व प्रवेश-निकासी बिंदुओं पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी आदेश दिए गये। बैठक के दौरान खान निदेशक ने कागजी कार्रवाई पूर्ण कर चुके सभी 35 बालू घाटों को जल्द से जल्द शुरू करने का निर्देश दिया। इन 35 बालू घाटों की लीज प्रक्रिया अगले 10 दिनों के अंदर पूरा करने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया है। इन घाटों से संबंधित कागजी कार्रवाई हो चुकी है पूर्ण     बोकारो : पिछरी -2 बालू घाट, खेटको चलकारी घाट     दुमका : हरिपुर बालू घाट, छोटाकमती बालू घाट, कटनाई बालू घाट, सिमरा और हरिपुर बालू घाट।     खूंटी : पांडू बालू घाट, बुधिरोमा बालू घाट     जामताड़ा : बनखेत बालू घाट     हजारीबाग : कंदटारी, सांढ़ एम सोनपुरा, बैरिसाल, लंगातू सिकरी, गोसाईं बलिया, चोबदार बलिया     रांची : चोकसेरेंगे बालू घाट, श्यामनगर, सुंडिल बालू घाट     गोड्डा : जसमाता बालू घाट-2, राहा बालू घाट, घाट झिलुआ, सनातन बालू घाट     पूर्वी सिंहभूम : बनकाटा बालू घाट, कोरियामोहन पाल बालू घाट, कोरियामोहन घाट एवं सुवर्णरेखा घाट     रामगढ़ : सिरका, टोकीसूद-1 एवं पैंकी बालू घाट     लातेहार : मरमर बालू घाट, राजहर बालू घाट, बाजकुम घाट और तुबेद बालू घाट।  

खरबूजे के बीज नहीं कचरा, जानें ‘मगज’ के फायदे और कीमत

अक्सर ज्यादातर लोग फल खाते समय उसके छिलकों और बीजों को कचरा समझकर फेंक देते हैं. चाहे कोई तरबूज खा रहा हो या फिर खरबूजा उसके छिलकों और बीजों को फेंक ही देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि खरबूजे के जिन बीजों को आप डस्टबिन के हवाले कर देते हैं, वे असल में वाइट गोल्ड हैं? जी हां, बाजार में यही बीज 'खरबूजे के मगज' के नाम से 600 से 800 रुपये किलो तक बिकते हैं. इन बीजों को मिठाइयों से लेकर ग्रेवी बनाने तक में इस्तेमाल किया जाता है. इनका इस्तेमाल करके मिठाइयों और सब्जी की ग्रेवी में एक रॉयल टेक्शचर आता है, जो स्वाद को दोगुना कर देता है. ऐसे में खरबूजे के मगज को मिठाइयों और ग्रेवी की शान कहा जाता है. जिन बीजों को आप साफ करना झंझट भरा काम समझते हैं, उन्हें घर पर साफ करना बेहद आसान है. चलिए जानते हैं कि आप कैसे बेकार समझे जाने वाले इन बीजों से मगज बनाकर आप अपनी रसोई के खर्च को कम कर सकते हैं और पकवानों का स्वाद बढ़ा सकते हैं.   खरबूजे के बीजों से मगज निकालने का आसान तरीका घर पर मगज तैयार करने का तरीका बहुत आसान है, बस आपको इन स्टेप्स को फॉलो करना होगा: 1. बीजों को इकट्ठा करें: खरबूजा काटते समय चम्मच की मदद से बीजों वाले हिस्से को एक अलग कटोरे में निकाल लें. इसमें थोड़ा गूदा लगा रहे तो घबराएं नहीं, जब आप इन्हें साफ करेंगे तो वो आसानी से निकल जाएगा. 2. पानी से चिपचिपाहट दूर करें: बीजों वाले बर्तन में पानी भरें और हल्के हाथों से मसलकर उन्हें धोएं. हाथों से मसलने पर गूदा पानी के ऊपर तैरने लगेगा और बीज नीचे बैठ जाएंगे. इसके बाद बीजों को एक बारीक छलनी में डालकर नल के नीचे अच्छी तरह धोएं ताकि उनकी पूरी चिपचिपाहट खत्म हो जाए. 3. धूप में सुखाना है सबसे जरूरी: धुले हुए बीजों को एक सूती कपड़े या बड़ी प्लेट पर फैला दें. इन्हें कम से कम 1 से 2 दिन तक तेज धूप में सुखाएं. बीज जितने अच्छे से सूखेंगे, उनका छिलका उतनी ही आसानी से उतरेगा. 4. छिलका उतारने की जादुई ट्रिक: जब बीज सूखकर एकदम कड़क हो जाएंगे, तो उन्हें एक साफ कपड़े के बीच में रख लें. अब बेलन की मदद से बहुत हल्का दबाव देते हुए उन पर बेलन चलाएं. ध्यान रहे कि जोर नहीं लगाना है, वरना अंदर का मगज चूरा हो जाएगा. बस इतना दबाव दें कि ऊपर का छिलका चटक जाए. 5. मगज को करें स्टोर: छिलके हटाने के बाद उन्हें थाली में लेकर फटक लें. हल्का छिलका उड़ जाएगा और आपके पास सफेद मगज बच जाएंगे. इसे लंबे समय तक स्टोर करने के लिए हल्का सा ड्राई रोस्ट कर लें और एयरटाइट डिब्बे में भर कर रखें. मगज को इस तरह करें इस्तेमाल शाही ग्रेवी: अगर आप होटल जैसी गाढ़ी और क्रीमी ग्रेवी तैयार करना चाहते हैं, तो काजू के साथ इन बीजों को पीसकर डालें. ये शाही पनीर और मलाई कोफ्ता का स्वाद दोगुना कर देती है. हलवाई जैसी मिठाइयां: बेसन के लड्डू हों या गाजर का हलवा, अगर आप ऊपर से खरबूजे के बीज डालें तो उसे देखने और खाने दोनों में लाजवाब बना देते हैं. देसी एनर्जी ड्रिंक: गर्मियों में ठंडाई या शेक बनाते समय इसमें मगज पीसकर डालें, ये शरीर को ठंडक और ताकत देता है. रोस्टेड स्नैक्स: हल्का नमक और काली मिर्च डालकर भुने हुए मगज एक बेहतरीन और हेल्दी स्नैक का काम करते हैं.

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 5 लाख तक लोन, ऑनलाइन ट्रेनिंग अनिवार्य

 लखनऊ यूपी में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत अब किसी अभ्यर्थी को लोन 30 घंटे के ऑनलाइन ट्रेनिंग के बाद ही मिलेगा। यह पैसा बैंक को प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र मिलने के बाद जारी कर दी जाएगी। दरअसल, राज्य सरकार ने इसके लिए नियमों में बदलाव कर दिया है। सीएम युवा योजना के तहत बिना बैंक गारंटी पांच लाख रुपये तक ब्याज मुक्त लोन हासिल मिलता है। इसे लेने में युवाओं को कोई कठिनाई न हो और कहीं कोई तकनीकी बाधा न आए, इसके लिए बड़ी पहल की गई है। योजना के तहत किसी युवा उद्यमी को अब लोन स्वीकृत होने के बाद चुनिंदा तीन संस्थानों से 30 घंटे का प्रशिक्षण सत्र पूरा करना अनिवार्य होगा। ट्रेनिंग के बाद प्रमाण पत्र ऑनलाइन ही बैंक को प्राप्त हो जाएगा। जिसके मिलने पर बैंक लोन राशि आवेदक के खाते में ट्रांसफर कर देगा। कहीं कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए विभाग ने फेस रिक्ग्नीशन प्रणाली अपनाई है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत बैंकों के बड़ी संख्या में आवेदनों को निरस्त किए जाने और युवाओं को अलग-अलग सेक्टर में बेहतर प्रशिक्षण के लिए प्रणाली में बड़ा सुधार किया गया है। सीएम युवा उद्यमी विकास योजना की प्रमुख बातें सीएम युवा उद्यमी विकास योजना के तहत कौशल प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को उत्पादन और सेवा संबंधी उद्यम स्थापित कराकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना है। हर साल एक लाख युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना। इसके अलावा 10 सालों में कुल 10 लाख स्वरोजगार के अवसर सृजित करना। इस योजना के तहत 5 लाख तक का लोन मिलता है। पात्रता और शर्तें आवेदनकर्ता की न्यूनतम उम्र 21 साल और अधिकतम 40 साल हो। आवेदनकर्ता कम से कम आठवीं पास होना चाहिए। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, ओडीओपी प्रशिक्षण योजना, एससी/एसटी/ओबीसी प्रशिक्षण योजना, यूपी कौशल विकास मिशन, के अंतर्गत ट्रेनिंग या किसी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान से कौशल संबंधी प्रमाण पत्र/डिग्री/डिप्लोमा मिला हो। आवेदक पहले से किसी अन्य सरकारी सब्सिडी योजना का लाभ न ले रहा हो। आवश्यक दस्तावेज कौशल प्रमाण पत्र/प्रशिक्षण प्रमाण पत्र/कंप्यूटर प्रमाण पत्र/ आईटीआई प्रमाण पत्र परियोजना रिपोर्ट पैन कार्ड आधार कार्ड निवास प्रमाण पत्र बैंक पासबुक आयु प्रमाण पत्र हस्ताक्षर पासपोर्ट साइज फोटो स्वघोषणा पत्र कैसे करें आवेदन एमएसएमई पोर्टल https://msme.up.gov.in पर जाएं। यहां Register के बटन पर क्लिक करें। अपना मोबाइल नंबर और OTP के जरिए वेरीफाई करें। लॉगिन करने के बाद 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' का पर जाएं और मांगी गई जानकारी भरें इसके बाद डॉक्यूमेंट्स अपलोड कर दें।

रांची में परीक्षा सुरक्षा पर विशेषज्ञों की चेतावनी—रिंग-0 मैलवेयर से सिस्टम हैकिंग का दावा

रांची  कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं में, विशेष रूप से लोकल नेटवर्क वातावरण में, एक नया और अत्यंत परिष्कृत साइबर सुरक्षा खतरा सामने आया है। इस तकनीक को जीरो-टच लोकल नेटवर्क हाईजैकिंग कहा जा रहा है, जिसके माध्यम से हमलावर बिना परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों या किसी अंदरूनी व्यक्ति की शारीरिक सहायता के, अभ्यर्थी के कंप्यूटर सिस्टम पर दूरस्थ रूप से नियंत्रण स्थापित कर सकते हैं। पारंपरिक नकल के तरीकों में जहां छिपे हुए नोट्स या मानवीय हस्तक्षेप का सहारा लिया जाता था, वहीं यह आधुनिक खतरा पूर्णतः तकनीक आधारित है और कंप्यूटर सिस्टम की आंतरिक संरचना में गहराई तक समाहित रहता है। रिंग-0 कर्नेलड्राइवर्स नामक उन्नत मैलवेयर का उपयोग बताया जा रहा है कि साइबर अपराधी समूह रिंग-0 कर्नेलड्राइवर्स नामक उन्नत मैलवेयर का उपयोग कर रहे हैं, जो कंप्यूटर सिस्टम के सर्वोच्च विशेषाधिकार स्तर पर कार्य करता है तथा पारंपरिक सुरक्षा उपकरणों से आसानी से पकड़ा नहीं जाता है। कैंब्रिज इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी, रांची के डीन एकेडमिक्स प्रो. अरसद उस्मानी ने बताया कि यह मैलवेयर सीधे ऑपरेटिंग सिस्टम स्तर पर कार्य करते हुए सामान्य लॉकडाउन ब्राउजर और मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर को भी निष्प्रभावी कर सकता है। लोकल नेटवर्क की कमजोरियों का फायदा लोकल नेटवर्क की कमजोरियों का लाभ उठाकर अनधिकृत संचालक गुप्त संचार चैनल स्थापित कर सकते हैं, जिनके माध्यम से परीक्षा स्क्रीन को दूरस्थ रूप से देखा जा सकता है तथा वर्चुअल ह्यूमन इंटरफेस डिवाइस (एचआइडी) ड्राइवर्स की सहायता से इनपुट भेजे जा सकते हैं। उन्होंने संभावना जताई कि गत दिनों पिस्का मोड़ स्थित एक परीक्षा केंद्र में हुए फर्जीवाड़े में इस तरह की तकनीक का प्रयोग किया गया होगा। बताया कि परीक्षा सर्वर के लिए ये कमांड बिल्कुल वैसे ही प्रतीत होते हैं जैसे वे किसी वास्तविक रूप से जुड़े हुए माउस या कीबोर्ड से दिए गए हों। हालांकि, ऐसी संदिग्ध गतिविधियों की पहचान तकनीकी निगरानी और मानवीय पर्यवेक्षण के संयुक्त प्रयासों से की जा सकती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहायित सुरक्षा प्रणालियां असामान्य कर्सर मूवमेंट, अनियमित कमांड निष्पादन, असामान्य प्रतिक्रिया समय तथा रिमोट एक्सेस से जुड़ी संदिग्ध नेटवर्क गतिविधियों का पता लगाने में सक्षम हैं। साथ ही, परीक्षा निरीक्षक भी एक महत्वपूर्ण सुरक्षा पंक्ति के रूप में कार्य करते हैं, जो अभ्यर्थियों के असामान्य व्यवहार, इनपुट डिवाइस के साथ असंगत गतिविधियों या अत्यधिक तेजी से उत्तर देने के पैटर्न पर निगरानी रखते हैं। ये हैं सुरक्षा और मैलवेयर से बचाव के तरीके ऐसे खतरों से बचाव के लिए डिजिटल पेपर ट्रेल बनाए रखना अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है। नेटवर्क लाग्स, सिस्टम मेटाडेटा, की-स्ट्रोक पैटर्न, डिवाइस संचार रिकॉर्ड तथा गतिविधियों की समय-रेखा को परीक्षा के बाद फॉरेंसिक विश्लेषण के लिए सुरक्षित रखा जाना चाहिए। ये रिकॉर्ड बाद में टाइम-टू-सॉल्व आडिट में सहायक हो सकते हैं, जिनके माध्यम से उन मामलों की पहचान की जाती है जहां अत्यंत जटिल प्रश्नों के उत्तर सामान्य मानवीय क्षमता से कहीं अधिक तेजी से दिए गए हों। ऐसे मामलों में विस्तृत मैनुअल जांच की जा सकती है। कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के बढ़ते प्रचलन को देखते हुए यह माना जा रहा है कि लोकल नेटवर्क सुरक्षा, एंडप्वाइंट प्रोटेक्शन, परीक्षा निरीक्षण प्रक्रियाओं तथा फॉरेंसिक मॉनिटरिंग तंत्र को और अधिक मजबूत बनाना डिजिटल परीक्षा प्रणालियों की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक होगा।