samacharsecretary.com

Prabhas की ‘Spirit’ से टकराव में Salman Khan की SVC63 को 50 करोड़ ओपनिंग का झटका?

Prabhas की Spirit की वजह से Salman Khan की SVC63 कौन सा रिकॉर्ड बनाने से चूक जाएगी? Saif Ali Khan और Saurabh Dwivedi की Kartavya का Trailer कैसा है? क्या Akshay Kumar Salaam-E-Ishq 2 करने वाले हैं? सिनेमा से जुड़ी ऐसी ही और ख़बरों के लिए नीचे स्क्रॉल करें: 'स्पिरिट' के चलते 50 करोड़ भी नहीं कमा पाएगी SVC63? प्रभास की 'स्पिरिट' और सलमान खान की SVC63 आसपास ही रिलीज़ होंगी. 'स्पिरिट' 5 मार्च को आएगी और SVC63 9 या 10 मार्च को. क्योंकि इन्हीं दिनों पर ईद पड़ रहा है. दोनों के बीच क्लैश तय है. और इसका असर दोनों ही फिल्मों के बिज़नेस पर होगा. हालांकि 'स्पिरिट' को सलमान की फिल्म से पहले रिलीज़ होने का अडवांटेज मिलेगा. SVC63 को भी ईद की छुट्टी का फायदा होगा. मगर प्रभास-वांगा के कॉम्बिनेशन की हाइप हिंदी बेल्ट में तगड़ी बन चुकी है. और ये SVC63 की ओपनिंग पर असर डालेगा. कोईमोई के मुताबिक सलमान की फिल्म में 50 करोड़ की ओपनिंग का पोटेंशियल तो है, मगर वो ये कमाई करने से चूक जाएगी. इसकी पहली वजह तो फिल्म का मिड वीक रिलीज़ है. 'स्पिरिट' शुक्रवार को रिलीज़ हो रही है. 6 मार्च को शनिवार के साथ महाशिवरात्रि भी है. वीकेंड और हॉलीडे का फायद 'स्पिरिट' को मिलेगा. जबकि सलमान की फिल्म मंगलवार या बुधवार को आएगी. दूसरा पहलू है स्क्रीन काउंट. SVC63 को स्क्रीन्स तो शेयर करनी ही पड़ेंगी. लिहाज़ा इसके लिए अपना फुल पोटेंशियल शुरुआती हफ्ते में दिखाना मुश्किल होगा. और इन्हीं सब समीकरणों को देखते हुए ट्रेड का मानना है, कि सलमान की फिल्म का 50 करोड़ रुपये की ओपनिंग लेने का टार्गेट इस बार भी अधूरा रह जाएगा. 'टाइगर 3' इस आंकड़े के सबसे करीब पहुंची थी. मगर ये भी 44.5 करोड़ रुपये पर सिमट गई थी.  मैट रीव्स की 'दी बैटमैन 2' का शूट शुरू मैट रीव्स ने 'दी बैटमैन 2' की शूटिंग शुरू कर दी है. आज 8 मई की सुबह उन्होंने सोशल मीडिया पर शूट की कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं. कैप्शन में लिखा, 'स्नो टायर्स'. फिल्म में ब्रूस वेन यानी बैटमैन का रोल रॉबर्ट पैटिन्सन कर रहे हैं. हार्वी डेंट के कैरेक्टर में सेबेस्टियन स्टैन नज़र आएंगे. स्कारलेट जोहैन्सन, हार्वी की पत्नी और चार्ल्स डांस, बैटमैन के दुश्मन हार्वी डेंट के पिता का रोल कर रहे हैं. ये फिल्म 1 अक्टूबर 2027 को रिलीज़ होगी.  सैफ़ अली खान की 'कर्तव्य' की ट्रेलर आया सैफ़ अली खान स्टारर फिल्म 'कर्तव्य' का ट्रेलर आया है. सैफ़ इसमें पुलिस ऑफिसर के रोल में हैं. नाम है पवन मलिक. ट्रेलर में दिखाया गया है कि एक जर्नलिस्ट जिसकी उसे हिफ़ाज़त करनी थी, उसकी हत्या कर दी गई है. हर कोई उसे कोस रहा है. इधर उसके घर में भी हालात ठीक नहीं हैं. ट्रेलर में वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी की झलक भी दिखी. वो इस फिल्म में अनंत श्री नाम के बाहुबली के किरदार में हैं. और फिल्म के विलन हैं. संजय मिश्रा, रसिका दुग्गल और मनीष चौधरी भी इसमें ज़रूरी किरदारों में हैं. पुलकित के डायरेक्शन में बनी ये फिल्म 15 मई को नेटफ्लिक्स पर प्रीमियर होगी. 'रागिनी 3' में नरगिस फाखरी की एंट्री 'रागिनी MMS' फ्रैंचाइज़ की तीसरी फिल्म बनने जा रही है. टाइटल है 'रागिनी 3'. तमन्ना भाटिया और जुनैद खान के बाद अब इसमें नरगिस फाखरी को भी कास्ट कर लिया है. बॉक्स ऑफिस वलर्डवाइड के मुताबिक नरगिस इस फिल्म में पुलिस ऑफिसर का रोल करेंगी. इसे शशांक घोष डायरेक्ट कर रहे हैं. सलमान-अक्षय की 'सलाम-ए-इश्क़' का सीक्वल बनेगा साल 2007 की फिल्म 'सलाम-ए-इश्क़' के सीक्वल की ख़बरें हैं. वैरायटी इंडिया के मुताबिक डायरेक्टर निखिल आडवाणी ने इसकी कास्टिंग भी शुरू कर दी है. अक्षय कुमार का नाम तय हो चुका है. मगर पिंकविला की रिपोर्ट में इस खबर का खंडन किया गया है. इस रिपोर्ट में बताया गया कि अक्षय किसी भी कपैसिटी में निखिल के इस प्रोजेक्ट से नहीं जुड़े हैं.  इटैलियन फिल्म का रीमेक करेंगे शाहिद कपूर? शाहिद कपूर 'बधाई हो' फेम डायरेक्टर अमित शर्मा की फिल्म करने जा रहे हैं. ये इटैलियन साई-फाई कॉमेडी फिल्म 'हसबैंड एंड वाइफ़' का रीमेक है. वैरायटी इंडिया के मुताबिक ये फिल्म बॉडी स्वॉपिंग के कॉन्सेप्ट पर बनेगी. इसमें पति-पत्नी की बॉडीज़ स्वॉप हो जाएंगी. और फिर रूटीन लाइफ़ में सिचुएशनल कॉमेडी होगी. शाहिद का नाम फाइनल हो चुका है. मगर फीमेल लीड अभी तय नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक जान्हवी कपूर और कियारा आडवाणी इस रोल की टॉप कंटेंडर्स हैं.

लेबनान पर 4-0 की जीत से भारत का धमाका, फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप की उम्मीदें भी मजबूत

सुझोउ (चीन) भारत ने शुक्रवार को अपने आखिरी ग्रुप बी मैच में लेबनान के विरुद्ध 4-0 की शानदार जीत के साथ पहली बार एएफसी अंडर-17 महिला एशियाई कप के क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई करके इतिहास रच दिया। भारत का क्वार्टर फाइनल में पहुंचना तब पक्का हो गया जब फिलीपींस और चीनी ताइपे अपने आखिरी ग्रुप सी मैच को 12 या उससे ज्यादा गोल के अंतर से जीतने में नाकाम रहे। भारतीय टीम का दमदार खेल सूझोउ ताइहू फुटबॉल स्पो‌र्ट्स सेंटर में खेले गए मैच में भारत की ओर से प्रीतिका बर्मन ने छठे और 85वें मिनट में दो गोल दागे, जबकि अल्वा देवी सेंजाम ने 36वें मिनट और जया ने 72वें मिनट में गोल कर टीम को ऐतिहासिक उपलब्धि के करीब पहुंचा दिया था। इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचने से भारत का 2026 फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप में स्थान पक्का हो जाएगा।     2005 के बाद मिली जीत भारत ने 2005 के बाद इस टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। इस शानदार जीत ने भारत को टूर्नामेंट की सबसे अच्छी तीसरे स्थान वाली टीमों में से एक के तौर पर क्वार्टर-फाइनल में पहुंचने में मदद की। फिलीपींस को चीनी ताइपे को 12 गोल से हराना था, जबकि चीनी ताइपे को 13 गोल से जीतना था। इससे पहले, भारत को जापान ने 3-0, जबकि आस्ट्रेलिया ने 2-0 से हराया था।

चीन की अदालत का बड़ा फैसला: AI के नाम पर नौकरी नहीं जाएगी

AI आएगा तो नौकरी जाएगी. ये डर अब तक सिर्फ बहस में था, लेकिन अब इस पर एक बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. चीन की एक अदालत के फैसले ने साफ कर दिया है कि सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आ जाने से किसी कर्मचारी को नौकरी से निकाला नहीं जा सकता है. इस फैसले के बाद टेक कंपनियों की स्ट्रैटिजी और कर्मचारियों की सुरक्षा, दोनों पर नई चर्चा शुरू हो गई है. पूरा मामला चीन के हांगझोउ शहर की एक कंपनी से जुड़ा है. गौरतलब है कि हांगझोउ चीन का वही शहर है जहां से दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां निकली हैं. अली बाबा और डीपसीक जैसी कंपनियां भी इसी शहर से निकली हैं. परेशान हो कर इंप्लॉइ ने किया मुकदमा इसी शहर में एक कर्मचारी का काम धीरे-धीरे AI टूल्स और बड़े लैंग्वेज मॉडल्स की वजह से कम हो गया. कंपनी ने सोचा कि अब इंसान की जगह मशीन से काम लिया जा सकता है. इसके बाद उस कर्मचारी को दूसरी पोस्ट ऑफर की गई, लेकिन उस नए रोल में सैलरी काफी कम थी और काम की शर्तें भी अलग थीं. कर्मचारी ने इसे मानने से इनकार कर दिया. इसके बाद कंपनी ने उसे नौकरी से निकाल दिया. मामला कोर्ट पहुंचा और यहीं से कहानी पलट गई. अदालत ने साफ कहा कि कंपनी का ये कदम सही नहीं था. सिर्फ इस आधार पर कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब वही काम कर सकता है, किसी को बाहर का रास्ता नहीं दिखाया जा सकता. AI के नाम पर ना हों जॉब कट कोर्ट ने अपने फैसले में एक अहम बात कही, टेक्नोलॉजी बदलना कंपनी का हक है, लेकिन कर्मचारियों के अधिकार उससे खत्म नहीं हो जाते. अगर कंपनी ऑटोमेशन या AI अपना रही है, तो उसे लेबर कानूनों का भी पालन करना होगा. यानी कंपनी सीधे-सीधे ये नहीं कह सकती कि 'अब AI आ गया है, तुम्हारी जरूरत नहीं है' इस फैसले का मतलब ये भी है कि कंपनियों को कर्मचारियों के साथ सही तरीके से व्यवहार करना होगा. अगर रोल बदलना है, तो जायज सैलरी और शर्तें देनी होंगी. अगर नौकरी खत्म करनी है, तो उसके लिए वैलिड वजह और प्रक्रिया जरूरी होगी. सिर्फ AI सस्ता है ये वजह काफी नहीं मानी जाएगी. दिलचस्प बात ये है कि अदालत ने कर्मचारियों के लिए भी एक संदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि बदलती टेक्नोलॉजी के साथ खुद को अपडेट करना जरूरी है. यानी AI को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन इसका मतलब ये भी नहीं कि इंसानों को बिना वजह बाहर कर दिया जाए. गौरतलब है कि ये पहला मामला नहीं है. इससे पहले 2024 में गुआंझु की एक अदालत ने इसी तरह के एक केस में कहा था टेक्नोलॉजी अपग्रेड किसी की जॉब खत्म करने की वजह नहीं बन सकता है. चीन फिलहाल कई अलग अलग फ्रंट पर प्लान कर रहा है. इसमें अलग प्रोविजन बनाए जा रहे हैं जिससे AI बूम के बावजूद लोगों की जॉब्स पर ज्यादा असर नहीं पड़़ेगा. इस फैसले की चर्चा अब चीन तक सीमित नहीं है. दुनिया भर में Microsoft, Google, Amazon जैसी कंपनियां AI पर तेजी से काम कर रही हैं. कई जगहों पर लागत कम करने के लिए कर्मचारियों की संख्या घटाई जा रही है. ऐसे में चीन की अदालत का ये रुख कर्मचारियों के लिए राहत की खबर माना जा रहा है. अब बड़ा सवाल ये है कि क्या दूसरे देशों में भी ऐसा ही रुख देखने को मिलेगा? क्या भविष्य में AI और नौकरियों को लेकर नए कानून बनेंगे? क्योंकि आने वाले समय में AI का असर हर सेक्टर, मीडिया, टेक, कस्टमर सपोर्ट, यहां तक कि क्रिएटिव फील्ड्स पर पड़ने वाला है. AI बनाम नौकरी की ये लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. लेकिन चीन के इस फैसले ने इतना जरूर तय कर दिया है कि टेक्नोलॉजी की दौड़ में इंसानों के अधिकारों को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा.

दीपिका कुमारी और कुमकुम मोहद को झटका, मजबूत प्रतिद्वंद्वियों से टूटा सफर

 शंघाई रिकर्व तीरंदाज सिमरनजीत कौर और कंपाउंड तीरंदाज साहिल जाधव ने शुक्रवार को उतार-चढ़ाव भरे अभियान में भारत के लिए अप्रत्याशित रूप से शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने पहले तीरंदाजी विश्व कप में पदक की उम्मीदें बरकरार रखी हैं। एशियाई खेलों की टीम कांस्य पदक विजेता सिमरनजीत ने विश्व कप के दूसरे चरण में सेमीफाइनल में पहुंचकर व्यक्तिगत रूप से मिले अवसर का भरपूर फायदा उठाया। वह इससे पहले क्वालीफाइंग दौर में दीपिका कुमारी से तीन अंक पीछे रहने के कारण भारतीय महिला टीम में जगह बनाने से चूक गई थीं। ताइवान की खिलाड़ी ने दी मात हरियाणा की 27 वर्षीय खिलाड़ी ताइवान की किशोरी फोंग यू झू को सीधे सेटों में 6-0 (27-24, 28-26, 29-26) से हराकर विश्व कप में अपना पहला पदक जीतने से सिर्फ एक जीत दूर है। इससे पहले फोंग ने दूसरे दौर में भारत की शीर्ष क्रम की तीरंदाज अंकिता भकत को चौंका दिया था। सिमरनजीत ने क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे की 19 वर्षीय खिलाड़ी के खिलाफ नौ तीरों में से सिर्फ छह अंक गंवाते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखा। उनके सामने अब सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की विश्व नंबर एक खिलाड़ी कांग चेयांग की चुनौती होगी। यह उनके करियर की सबसे कठिन चुनौती है। इस मुकाबले में हारने पर भी उनके पास प्लेऑफ के जरिए कांस्य पदक जीतने का मौका रहेगा। दीपिका कुमारी को मिली हार भारत की अनुभवी खिलाड़ी दीपिका कुमारी और किशोरी कुमकुम मोहद प्री-क्वार्टर फाइनल तक पहुंचीं, लेकिन मजबूत प्रतिद्वंदियों से हार गईं। दीपिका को दक्षिण कोरिया की चेयांग से हार का सामना करना पड़ा जो मौजूदा विश्व चैंपियन और टोक्यो ओलंपिक टीम स्वर्ण पदक विजेता हैं। वहीं कुमकुम को मैक्सिको की अनुभवी खिलाड़ी एलेजांद्रा वालेंसिया से हार मिली, जो दो बार की ओलंपिक टीम कांस्य पदक विजेता हैं। धीरज बोम्मादेवरा पुरुषों के रिकर्व वर्ग में भारतीयों में सर्वश्रेष्ठ रहे। उनका अभियान भी प्री-क्वार्टर फाइनल में फ्रांस के खिलाड़ी जीन-चा‌र्ल्स वलाडोंट से 0-6 से हारकर समाप्त हुआ।  

20 वार्डों और 204 मतदान केंद्रों पर 2.07 लाख मतदाता करेंगे मतदान

 पंचकूला नगर निगम चुनाव के लिए शुक्रवार शाम चुनाव प्रचार थम गया। प्रचार के अंतिम दिन सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंकते हुए रोड शो, जनसभाएं और डोर-टू-डोर संपर्क अभियान चलाए। चुनाव प्रचार समाप्त होने से पहले शहर का राजनीतिक माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंगा नजर आया। अब उम्मीदवारों और उनके समर्थकों का पूरा ध्यान मतदान प्रतिशत बढ़ाने और मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुंचाने पर रहेगा। इस बार नगर निगम चुनाव में सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। भाजपा ने अपने प्रचार अभियान में स्टार प्रचारकों को उतारकर पूरी ताकत दिखाई, जबकि कांग्रेस प्रचार के स्तर पर अपेक्षाकृत कमजोर नजर आई। कांग्रेस के कई बड़े नेता मीडिया से रूबरू तो हुए, लेकिन जनसभाओं और जमीनी प्रचार में उनकी सक्रियता कम दिखाई दी। इसके बावजूद कांग्रेस खेमे में उत्साह बना हुआ है। अंतिम फैसला जनता तथा भगवान पर छोड़ा कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी सुधा भारद्वाज के पति और पार्टी नेता संजीव भारद्वाज ने दावा किया कि इस बार चुनाव परिणाम चौंकाने वाले होंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार जनता के बीच काम कर रही है और अंतिम फैसला जनता तथा भगवान पर छोड़ दिया गया है। सुधा भारद्वाज ने डोर शो करके प्रचार किया। बंसल ने किया 40 हजार से जीतने का दावा भाजपा पूरी तरह आत्मविश्वास से भरी नजर आई। भाजपा के मेयर पद प्रत्याशी श्याम लाल बंसल ने दावा किया कि पार्टी लगभग 40 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि शहर में भाजपा के पक्ष में एकतरफा माहौल बन चुका है और पार्टी मेयर पद के साथ-साथ सभी 20 वार्डों में जीत हासिल करेगी। 204 मतदान केंद्र नगर निगम चुनाव के लिए 20 वार्डों में कुल 204 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। वार्ड-1, 2, 3, 10, 11, 12 और 13 में 10-10 बूथ स्थापित किए गए हैं, जबकि वार्ड-17 में सबसे अधिक 13 बूथ बनाए गए हैं। प्रत्येक मतदान केंद्र पर दो ईवीएम लगाई जाएंगी, एक मेयर और दूसरी पार्षद पद के लिए, ताकि मतदाता अलग-अलग मतदान कर सकें। 2,07,379 मतदाता चुनाव में कुल 2 लाख 7 हजार 379 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 1 लाख 8 हजार 227 पुरुष, 98 हजार 447 महिलाएं और 5 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। वार्ड-17 में सबसे अधिक मतदाता हैं, जबकि वार्ड-15 में मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम है। 204 ईवीएम के साथ 58 रिजर्व मशीनें निर्वाचन व्यवस्था के तहत मेयर पद के लिए 204 ईवीएम मशीनों के साथ 41 रिजर्व मशीनें रखी गई हैं। वहीं, पार्षद चुनाव के लिए 204 ईवीएम के साथ 58 रिजर्व मशीनें निर्धारित की गई हैं। प्रशासन द्वारा पोलिंग स्टाफ की अंतिम रेंडमाइजेशन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और मतदान केंद्रों पर ईवीएम वितरण की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए वार्ड-वार ड्यूटी मजिस्ट्रेट और सेक्टर अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। मतदान 10 मई और मतों की गिनती 13 मई को Government Girls College Sector 14 में सुबह 8 बजे से शुरू होगी। मतगणना पूरी होते ही परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

25 किलोमीटर लंबी अंतिम यात्रा में ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंजा पूरा क्षेत्र

 ब्यावर जम्मू-कश्मीर के अखनूर में आतंकियों से लोहा लेते हुए मातृभूमि पर प्राण न्यौछावर करने वाले अग्निवीर जवान युवराज सिंह चौहान की पार्थिव देह जब उनके गृह नगर ब्यावर पहुंची तो पूरा क्षेत्र गमगीन हो उठा. शहादत को नमन करने के लिए सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा. करीब 25 किलोमीटर लंबी इस गौरवमयी अंतिम यात्रा में शामिल हजारों लोग हाथों में तिरंगा थामे 'भारत माता की जय' और 'युवराज अमर रहे' के नारे लगा रहे थे. चार महीने बाद होना था रिटायरमेंट युवराज सिंह 17 फरवरी 2022 को भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए थे. उन्होंने अपनी सेवा के दौरान जबलपुर, गोवा और पठानकोट जैसे महत्वपूर्ण सैन्य क्षेत्रों में अपनी वीरता का परिचय दिया. वर्तमान में उनकी तैनाती जम्मू के अखनूर सेक्टर में थी. परिवार के लोगों ने बताया कि 5 मई की रात ड्यूटी पर जाने से पहले युवराज ने परिवार से फोन पर बात की थी. उन्होंने सभी का हालचाल पूछा और ढेर सारी बातें कीं. अगले दिन सुबह जब परिजनों ने फोन लगाया तो मोबाइल बंद मिला. दोपहर होते-होते शहादत की खबर घर पहुंच गई थी. दु:खद बात यह है कि उनकी सेवा के मात्र चार महीने ही शेष थे और इसके बाद उनका रिटायरमेंट होने वाला था लेकिन उससे पहले ही उन्होंने देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दे दिया. पैतृक गांव में नम आंखों से विदाई शहीद की अंतिम यात्रा ब्यावर शहर से उनके पैतृक गांव लगेतखेड़ा पहुंची. पूरे मार्ग में ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर वीर सपूत का स्वागत किया. गांव पहुंचते ही माहौल पूरी तरह मातमी हो गया. अपने लाड़ले को तिरंगे में लिपटा देख मां बार-बार बेहोश हो रही थी और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था. बूढ़ी दादी और पिता प्रताप सिंह की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे. राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार गांव के मुक्तिधाम में सेना की टुकड़ी ने शहीद को सशस्त्र सलामी दी. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से स्थानीय विधायकों ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. पिता, माता और बहन बबीता ने अपने वीर योद्धा को अंतिम सैल्यूट किया. राष्ट्रभक्ति के गीतों और जयकारों के बीच युवराज पंचतत्व में विलीन हो गए.

ब्रिज विवाद में सस्पेंड इंजीनियर्स की बहाली, मंत्री के नोटशीट निर्देश से हुआ फैसला

भोपाल  राजधानी भोपाल के चर्चित 90 डिग्री मोड़ वाले रेलवे ओवरब्रिज मामले में निलंबित किए गए सभी सात इंजीनियरों को लोक निर्माण विभाग ने बहाल करने की तैयारी कर ली है। इनमें दो चीफ इंजीनियर स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। इस ओवरब्रिज के डिजाइन और निर्माण को लेकर देशभर में मध्य प्रदेश सरकार और पीडब्ल्यूडी की काफी आलोचना हुई थी। जानकारी के अनुसार, पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने बहाली संबंधी नोटशीट पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि संबंधित अधिकारी जून 2025 से निलंबित हैं, इसलिए उन्हें पुनः सेवा में लिया जाए। इसके बाद विभाग ने बहाली आदेश जारी करने की तैयारी कर रहा है।  सस्पेंशन के दौरान दोनों तत्कालीन प्रभारी चीफ इंजीनियरों को ईएनसी कार्यालय से संबद्ध किया गया था, जबकि अन्य इंजीनियर भोपाल के फील्ड कार्यालयों में अटैच थे। अब बहाली के बाद सभी अधिकारियों की पदस्थापना ईएनसी कार्यालय में किए जाने की तैयारी है।   पहले जारी हो चुके थे आरोप पत्र जानकारी के अनुसार, सभी सात इंजीनियरों को पूर्व में आरोप पत्र जारी किए गए थे और उनसे जवाब मांगा गया था। डिजाइन से जुड़े अधिकारियों ने अपने जवाब में किसी प्रकार की गलती से इनकार किया। विभाग द्वारा जवाबों का परीक्षण करने के बाद अधिकांश अधिकारियों को बिना अतिरिक्त कार्रवाई के बहाल कर दिया गया।  इन अधिकारियों पर हुई थी कार्रवाई मामले में  चीफ इंजीनियर संजय खांडे, चीफ इंजीनियर जीपी वर्मा,  प्रभारी ईई शबाना रज्जाक, सहायक यंत्री शानुल सक्सेना, उप यंत्री उमाशंकर मिश्रा, प्रभारी एसडीओ रवि शुक्ला, प्रभारी ईई जावेद शकील और सेवानिवृत्त अधीक्षण यंत्री एमपी सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। आरोप था कि रेलवे की मंजूरी के बिना ड्राइंग अनुमोदन और डिजाइन से जुड़ी प्रक्रियाओं में गंभीर त्रुटियां हुईं। विभागीय जांच अभी जारी रहेगी पीडब्ल्यूडी ने स्पष्ट किया है कि कुछ अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच आगे भी जारी रहेगी। इसके लिए अलग से जांच अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो दस्तावेज, बयान और साक्ष्यों का परीक्षण करेगा। यह प्रक्रिया अगले चार से पांच महीने तक चल सकती है। बताया गया है कि तत्कालीन चीफ इंजीनियर जीपी वर्मा, एसडीओ रवि शुक्ला और उप यंत्री उमाशंकर मिश्रा के मामलों में बहाली के साथ विभागीय जांच भी जारी रहेगी, जबकि अन्य अधिकारियों को फिलहाल राहत दे दी गई है।  ब्रिज का दोबारा हो रहा री-डिजाइन भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में बने इस रेलवे ओवरब्रिज का तीखा मोड़ शुरुआत से विवादों में रहा है। विशेषज्ञों ने इसे यातायात के लिहाज से जोखिमभरा बताया था। अब पीडब्ल्यूडी और रेलवे मिलकर ब्रिज के टर्निंग हिस्से का दोबारा डिजाइन तैयार कर रहे हैं, हालांकि निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हो पाया है। इससे क्षेत्र के हजारों लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि मामला सामने आने के बाद पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से तकनीकी जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट में ब्रिज पर 35 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक गति से वाहन चलाने को खतरनाक बताया गया था।  

LG ने लॉन्च की 2026 होम अप्लायंसेस रेंज, जानें नए फीचर्स और कीमतें

LG ने 2026 के लिए अपनी नई होम अप्लायंसेस रेंज लॉन्च कर दी है. कंपनी ने इस बार फोकस सिर्फ प्रीमियम सेगमेंट पर नहीं रखा, बल्कि अफोर्डेबल-प्रीमियम सेगमेंट को भी काफी मजबूत किया है. इस लॉन्च में कंपनी ने Essential Series में कुछ नए प्रोडक्ट्स ऐड किए हैं, जिसे अक्टूबर 2025 में शुरू किया गया था. अब इसमें ज्यादा डिजाइन, अलग-अलग कैपेसिटी और अलग प्राइस रेंज जोड़ी गई है ताकि ज्यादा लोग इसे खरीद सकें. इसके साथ ही प्रीमियम कैटेगरी में भी कई नए प्रोडक्ट्स लाए गए हैं, जो बड़े घरों और एडवांस फीचर्स चाहने वाले यूजर्स को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं. LG का कहना है कि यह पूरा पोर्टफोलियो भारतीय जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. यानी ऐसे फीचर्स जो रोजमर्रा की जिंदगी में काम आएं और लंबे समय तक भरोसेमंद रहें. भारत में से एक्सपोर्ट करेगी कंपनी कंपनी अब भारत से बाहर भी इन प्रोडक्ट्स को भेजने की तैयारी में है. 2026 में Essential Series को एशिया, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका के 22 देशों में एक्सपोर्ट करने का लक्ष्य रखा गया है. रेफ्रिजरेटर की बात करें तो Essential Series में 225 लीटर, 251 लीटर और 276 लीटर के नए ऑप्शन जोड़े गए हैं. इनमें स्मार्ट इनवर्टर कंप्रेसर दिया गया है, जिससे बिजली की खपत कम होती है और आवाज भी कम आती है. स्मार्ट मोड खुद ही यूजर के इस्तेमाल के हिसाब से कूलिंग को एडजस्ट करता है. इसके अलावा कनवर्टिबल फीचर के साथ डेयरी मोड भी दिया गया है, जिससे फ्रीजर को जरूरत के हिसाब से फ्रिज में बदला जा सकता है. टर्बो फ्रेश जोन खाने को ज्यादा समय तक ताजा रखने में मदद करता है. इनकी शुरुआती कीमत करीब ₹25,500 रखी गई है. नए फीचर्स के साथ वॉशिंग मशीन वॉशिंग मशीन में भी कंपनी ने काफी बदलाव किए हैं. Essential Series में 8 किलो से 10 किलो तक की नई टॉप लोड मशीनें आई हैं. लो प्रेशर फिल फीचर कम पानी में भी कपड़े धोने में मदद करता है, जबकि इंटेलिजेंट ऑटो स्टार्ट बिजली जाने के बाद भी मशीन को वहीं से चालू कर देता है. इको वॉश और साड़ी मोड जैसे ऑप्शन भारतीय जरूरतों को ध्यान में रखकर दिए गए हैं. इस रेंज की कीमत ₹20,900 से शुरू होती है. इसके अलावा AX सीरीज की सेमी ऑटोमेटिक मशीनें भी लाई गई हैं, जिनकी कैपेसिटी 8 किलो से 12 किलो तक है. इसमें डुअल स्पिन शावर और रोलर जेट प्लसेटर जैसे फीचर्स दिए गए हैं, जो कपड़ों की गहरी सफाई में मदद करते हैं. इनकी शुरुआती कीमत ₹17,300 है. कुकिंग अप्लायंसेस में LG ने 28 लीटर के कनवर्टिबल कन्वेक्शन ओवन पेश किए हैं. इसमें एयर फ्राइ फीचर दिया गया है, जिससे कम तेल में खाना बनाया जा सकता है. चारकोल लाइटिंग हीटर टेक्नोलॉजी खाने का स्वाद बेहतर बनाती है. इसमें 330 से ज्यादा ऑटो कुक मेन्यू दिए गए हैं, जिनमें 28 भारतीय ब्रेड मेन्यू भी शामिल हैं. इसकी कीमत करीब ₹28,700 से शुरू होती है. 1.18 लाख रुपये का फ्रिज प्रीमियम सेगमेंट में कंपनी ने फ्रेंच डोर रेफ्रिज्रेटर लॉन्च किया है, जिसकी सबसे खास बात ऑटो आइस मेकर है, जो बिना पाइप कनेक्शन के बर्फ बना सकता है. इसकी कैपेसिटी 574 लीटर से 610 लीटर तक है और इसमें InstaView Door-in-Door, Hygiene Fresh+ और AI ThinQ जैसे स्मार्ट फीचर्स दिए गए हैं. इसकी शुरुआती कीमत ₹1.18 लाख है. इसके साथ साइड बाइ साइड फ्रिज भी आए हैं, जिनकी कैपेसिटी 790 लीटर तक जाती है. इनकी कीमत ₹1.09 लाख से शुरू होती है. प्रीमियम वॉशिंग मशीन में AI DD 2.0 टेक्नोलॉजी दी गई है, जो कपड़े के फैब्रिक और गंदगी को पहचानकर खुद ही सही वॉश सेटिंग चुनती है. इसमें Steam+ और माइक्रोप्लास्टि केयर जैसे फीचर्स भी हैं. इस रेंज की कीमत ₹62,900 से शुरू होती है. मिड सेगमेंट में TX सीरीज की टॉप लोड मशीनें आई हैं, जिनमें हार्ड वॉटर वॉश और स्टेन क्लीन जैसे फीचर्स दिए गए हैं. इनकी शुरुआती कीमत ₹32,400 है. डिशवॉशर सेगमेंट में LG ने 15 प्लेस सेटिंग वाला ट्रू स्टीम डिशवॉशर लॉन्च किया है, जो भारतीय बर्तनों को ध्यान में रखकर बनाया गया है. इसमें QuadWash टेक्नोलॉजी दी गई है, जिससे हर एंगल से सफाई होती है. इसकी कीमत ₹73,500 है. इसके अलावा कंपनी ने नए वॉटर प्यूरीफायर भी पेश किए हैं, जिनमें UV स्टेरिलाइजेशन और 7+ pH बैलेंस्ड पानी जैसे फीचर्स दिए गए हैं. इसकी शुरुआती कीमत ₹16,600 है.

पंजाब की शाही पेड़े वाली लस्सी, गर्मी में देती है ठंडक और ऊर्जा

पंजाब अपनी मेहमाननवाजी और खानपान के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. यहां की पेड़े वाली लस्सी साधारण लस्सी से थोड़ी अलग और शाही होती है. यह लस्सी न केवल गाढ़ी और मलाईदार होती है बल्कि इसमें घुले हुए दूध के पेड़े इसका स्वाद कई गुना बढ़ा देते हैं. चिलचिलाती गर्मी में एक गिलास पेड़े वाली लस्सी पीते ही शरीर को गजब की ठंडक और ऊर्जा मिलती है. पंजाब में लस्सी को सिर्फ एक ड्रिंक नहीं बल्कि खुराक माना जाता है. पेड़े वाली लस्सी की शुरुआत अमृतसर और पटियाला जैसे शहरों से हुई. इसमें ताजे दही के साथ दूध को जलाकर बनाए गए खोया के पेड़े को मसलकर डाला जाता है. यह लस्सी आम लस्सी के मुकाबले काफी भारी और पौष्टिक होती है. इसमें ऊपर से डाली गई गाढ़ी मलाई की परत और सूखे मेवे इसे एक डेजर्ट जैसा अहसास देते हैं. पेड़े वाली लस्सी के लिए तैयार कर लें ये चीजें ताजा दही: 2 कप (गाढ़ा) दूध के पेड़े: 3-4 (मैश किए हुए) चीनी: 2 बड़े चम्मच (स्वादानुसार, क्योंकि पेड़ों में भी मिठास होती है) इलायची पाउडर: आधा छोटा चम्मच ठंडा दूध: आधा कप मलाई: ऊपर से डालने के लिए (ताजी) गार्निशिंग के लिए: बारीक कटे बादाम, पिस्ता और केसर के धागे बनाने का तरीका एक बड़े बर्तन या मिक्सी जार में गाढ़ा दही और मैश किए हुए पेड़े डालें. पारंपरिक स्वाद के लिए इसे मथनी से मथें. अगर मिक्सी का उपयोग कर रहे हैं, तो बहुत कम चलाएं ताकि दही से मक्खन अलग न हो. अब इसमें चीनी, इलायची पाउडर और थोड़ा ठंडा दूध मिलाएं. इसे तब तक मथें जब तक कि पेड़े दही के साथ अच्छी तरह मिल न जाएं और झाग न बन जाए. लस्सी को मिट्टी के कुल्हड़ या लंबे स्टील के गिलास में निकालें. ऊपर से एक बड़ी चम्मच ताजी मलाई डालें, फिर कटे हुए सूखे मेवे और केसर से इसे सजाएं.

गुलाब जल आइस क्यूब से स्किन को मिलता है नेचुरल ग्लो और ठंडक

गुलाब जल सदियों से भारतीय स्किन केयर का अहम हिस्सा रहा है. लोग इसे फेस पैक में मिलाकर, टोनर के रूप में या क्लींजर की तरह इस्तेमाल करते हैं.  यह स्किन से जुड़ी समस्याओं को कम करने, उसे हाइड्रेट रखने और चेहरे पर नेचुरल ग्लो लाने में मदद करता है. आज हम आपको घर पर गुलाब जल आइस क्यूब्स बनाने का आसान तरीका बताएंगे. ये क्यूब्स स्किन को ठंडक देने के साथ-साथ उसे फ्रेश और ग्लोइंग बनाने में भी मदद करते हैं. आइए जानते हैं घर पर गुलाब जल आइस क्यूब्स कैसे बना सकते हैं और इसे चेहरे पर लगाने का सही तरीका क्या है. इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 2-3 चम्मच गुलाब जल 4-5 गुलाब के पत्तियां आइस ट्रे गुलाब जल आइस क्यूब्स बनाएं कैसे?     गुलाब जल आइस क्यूब बनाने के लिए गुलाब की पंखुड़ियों को तोड़कर अच्छे से धो लें.     इसके बाद एक बाउल लें और इसमें गुलाब जल डालें.     अब इसमें गुलाब की पंखुड़ियों को डालिए और अच्छे से मिलाएं. जरूरत हो तो थोड़ा पानी भी मिला लें.     अब इस मिश्रण को आइस ट्रे में डालें और जमाने के लिए फ्रिज में रख दें.     जब क्यूब्स अच्छी तरह जम जाएं तो आपका गुलाब जल आइस क्यूब तैयार है.     इस आइस क्यूब्स को साफ चेहरे पर लगाकर मसाज करें. गुलाब जल आइस क्यूब्स  चेहरे पर कैसे लगाएं ? गुलाब जल आइस क्यूब्स चेहरे पर लगाने से पहले फेस को अच्छे से साफ कर सुखा लें. अब एक आइस क्यूब लेकर उसे हल्के-हल्के गोल घुमाते हुए पूरे चेहरे पर मसाज करें. मसाज के बाद चेहरे को वैसे ही छोड़ दें. थोड़ी देर बाद चेहरे पर मॉइश्चराइजर लगा लें. बेहतर रिजल्ट के लिए इसे हफ्ते में दो से तीन बार इस्तेमाल कर सकते हैं. इन बातों का रखें ध्यान इन आइस क्यूब्स को आप 10-15 दिन तक फ्रिज में रखकर इस्तेमाल कर सकते हैं. वैसे तो घर पर बने गुलाब जल आइस क्यूब्स बिल्कुल सेफ होते हैं. लेकिन बहुत ज्यादा सेंसिटिव स्किन वाले लोगों को इसका इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. इसके अलावा, जिन लोगों को चेहरे पर पहले से पिंपल्स, एक्ने या स्किन इंफेक्शन की समस्या है, उन्हें भी इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.