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2026 QJ Motor SRV 300 मोटरसाइकिल भारत में हुई पेश, कीमत और फीचर्स की पूरी जानकारी

मुंबई  दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी QJ Motor India ने भारत में अपडेटेड QJ SRV 300 को लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने इस बाइक को 3.29 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर उतारा है. नई SRV 300 में मैकेनिकल तौर पर कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसमें सब-300cc सेगमेंट में एक अनोखा V-ट्विन इंजन इस्तेमाल किया गया है, जो इसकी सबसे बड़ी खासियत (USP) है।  नई QJ SRV 300 का इंजन साल 2026 के लिए, नई SRV 300 में वही 296cc, V-ट्विन इंजन इस्तेमाल किया गया है, जो 9,000 rpm पर 29.9 bhp की पावर और 5,000 rpm पर 26 Nm का अधिकतम टॉर्क प्रदान करता है. यह इंजन 6-स्पीड ट्रांसमिशन और स्लिपर क्लच के साथ जोड़ा जाता है।  नई QJ SRV 300 के कलर ऑप्शन QJ Motor ने 2026 SRV 300 में कुछ छोटे-मोटे कॉस्मेटिक अपडेट किए हैं, जिनमें एक नया डुअल-एग्जॉस्ट डिज़ाइन, अपडेटेड डेकल्स, नए कलर ऑप्शन और एक बदला हुआ इंस्ट्रूमेंट कंसोल शामिल है. इसके अलावा, नई QJ SRV 300 दो कलर ऑप्शन में पेश किया गया है, जिनमें मैट ब्लैक या ग्लॉसी रेड कलर शामिल हैं।  नई QJ SRV 300 का आकार इसके आकार में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसका वजन 164 kg कर्ब वेट, 160 mm का ग्राउंड क्लीयरेंस, 700 mm सीट हाइट और 14-लीटर का फ्यूल टैंक दिया गया है. यह बाइक 16-इंच के आगे और 15-इंच के रियर व्हील पर चलती है. ब्रेकिंग के लिए बाइक में आगे की ओर 280 mm की सिंगल डिस्क और पीछे की तरफ 240 mm की सिंगल डिस्क लगाई गई है।  इसके साथ ही इसमें डुअल-चैनल ABS का सपोर्ट भी मिलता है. सस्पेंशन में आगे की तरफ अपसाइड-डाउन फोर्क और पीछे की तरफ ट्विन कॉइल स्प्रिंग ऑयल डैम्प्ड शॉक्स शामिल हैं. 2026 के लिए, SRV 300 की कीमत को भी अपडेट किया गया है, जिससे यह उस कीमत के करीब पहुंच गई है, जो नई GST दरों के लागू होने से पहले थी।  नई QJ SRV 300 की कीमत इससे पहले, SRV 300 की कीमत 3.19 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) थी. लेकिन जब आदिश्वर ऑटो राइड इंडिया ने GST का फ़ायदा ग्राहकों तक पहुंचाया, तो इसकी कीमत घटकर 1.97 लाख रुपये हो गई. इस बाइक को अब 3.29 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की अपडेटेड कीमत पर उतारा गया है, जिसके चलते QJ Motor SRV 300 असल में थोड़ी और महंगी हो गई है। 

स्टार खिलाड़ी Rankireddy बोले, मॉडल्स की तुलना में हमारी उपेक्षा होती है

मुंबई   भारत के स्टार डबल्स बैडमिंटन खिलाड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने भारतीय खेल व्यवस्था, सरकार और सोशल मीडिया कल्चर को लेकर खुलकर नाराजगी जाहिर की है. इंड‍िया टुडे को दिए एक भावुक इंटरव्यू में सात्विक ने कहा कि देश के लिए मेडल जीतने के बाद भी खिलाड़ियों को वह सम्मान नहीं मिलता जिसके वे हकदार हैं।  थॉमस कप 2026 में भारत ने चाइनीज ताइपे को हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता, लेकिन सेमीफाइनल में फ्रांस से हारकर बाहर हो गया. यह तीन एडिशन में भारत का दूसरा मेडल था. इससे पहले 2022 में भारत ने ऐतिहासिक गोल्ड जीता था, जिसमें सात्विक और उनके जोड़ीदार च‍िराग शेट्टी की बड़ी भूमिका रही थी।  भारत लौटने के बाद सात्विक ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपना दर्द जाहिर किया. उन्होंने लिखा- हम वापस आ गए हैं. लेकिन हमेशा की तरह किसी को नहीं पता कि पिछले दो हफ्तों में क्या हुआ और शायद किसी को फर्क भी नहीं पड़ता।  'एयरपोर्ट पर किसी ने नहीं पूछा हम कौन हैं सात्विक ने कहा कि खिलाड़ियों के साथ उपेक्षा की शुरुआत टूर्नामेंट से पहले ही हो जाती है. उन्होंने खुलासा किया कि थॉमस कप के लिए टीम को अपनी जर्सी खुद डिजाइन और प्रिंट करवानी पड़ी।  उनके मुताबिक, एचएस प्रणॉय ने सुझाव दिया था कि टीम एक स्टार वाली थॉमस कप टी-शर्ट पहने. खिलाड़ियों ने खुद डिजाइन तैयार किया, प्रिंट करवाया और कुछ टी-शर्ट बेचकर पैसा चैरिटी में दान भी किया। सात्विक ने कहा- एयरपोर्ट पर किसी ने नहीं पूछा कि हम भारतीय बैडमिंटन टीम हैं या नहीं. इमिग्रेशन से लेकर फ्लाइट तक किसी को फर्क नहीं पड़ा. यह दिल तोड़ देता है।  'हमें पैसे नहीं, बस सम्मान चाहिए' भारतीय स्टार ने कहा कि खिलाड़ियों को सिर्फ थोड़ी सराहना चाहिए. उन्होंने कहा- हमें पैसे नहीं चाहिए. बस कोई कह दे कि हमने आपका मैच देखा, बहुत अच्छा खेला. एयरपोर्ट पर एक छोटा स्वागत हो जाए, बच्चे मिल लें, इतना काफी है.  सात्विक का दर्द उस समय और बढ़ गया जब सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने टीम की उपलब्धि को कमतर बताया. एक वायरल पोस्ट में कहा गया कि “तीसरे-चौथे स्थान पर आने से स्टारडम नहीं मिलता है।  1983 वर्ल्ड कप जैसा पल था थॉमस कप  सात्विक ने कहा कि 2022 का थॉमस कप गोल्ड भारतीय बैडमिंटन के लिए वैसा ही मोमेंट हो सकता था जैसा 1983 वर्ल्ड कप क्रिकेट के लिए था.उन्होंने कहा- 1983 के बाद क्रिकेट बदल गया. पैसा आया, स्टारडम आया, इंफ्रास्ट्रक्चर आया. लेकिन थॉमस कप जीतने के बाद भी बैडमिंटन की स्थिति नहीं बदली।  उनके मुताबिक, आज भी हैदराबाद में लोग उन्हें पहचानते तक नहीं हैं. उन्होंने कहा कि कई बार रेस्तरां में उन्हें टेबल तक नहीं मिलती, जबकि इंस्टाग्राम इंफ्लुएंसर को तुरंत एंट्री दे दी जाती है।  कभी-कभी लगता है बैडमिंटन छोड़ दूं: सात्व‍िक  25 वर्षीय सात्विक ने कहा कि कभी-कभी उन्हें लगता है कि बैडमिंटन छोड़कर इंस्टाग्राम कंटेंट क्रिएटर बन जाना चाहिए. उन्होंने कहा- मैं सोचता हूं कि इंस्टाग्राम पर डांस और गाने डालूं. शायद वहीं ज्यादा पहचान और पैसा है. अभी भी सपोर्ट नहीं है और शायद आगे भी नहीं मिलेगा।  उन्होंने आंध्र प्रदेश सरकार पर भी नाराजगी जताई और कहा कि उन्हें अपने राज्य से कोई मदद या सम्मान नहीं मिलता. वहीं 2024 में उनके साथी च‍िराग शेट्टी ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा क्रिकेटरों को करोड़ों की इनामी राशि देने पर सवाल उठाए थे।  'रिटायरमेंट के बाद कोई याद नहीं रखेगा' सात्विक ने कहा कि एक खिलाड़ी का करियर बहुत छोटा होता है और उन्हें डर है कि रिटायरमेंट के बाद लोग उन्हें पूरी तरह भूल जाएंगे. उन्होंने कहा कि अगर अभी कोई पहचान नहीं रहा तो रिटायर होने के बाद कौन याद रखेगा?  सात्विक ने साफ कहा कि खिलाड़ियों को सिर्फ इतना एहसास चाहिए कि देश उनके मेडल की कद्र करता है। 

सीसीटीवी से खुला रेलवे मोबाइल चोरी गैंग का राज, 9 साल के बच्चे ने बताया पूरा नेटवर्क

 रांची  रांची रेलवे स्टेशन पर सक्रिय एक अंतरराज्यीय मोबाइल चोर गिरोह का खुलासा करते हुए आरपीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। इस गिरोह में शामिल 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 4 नाबालिग भी शामिल हैं। चौंकाने वाली बात यह रही कि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश एक 9 साल के बच्चे से हुआ, जिसे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पकड़ा गया। मंगलवार को राहुल कुमार नामक यात्री ने जीआरपीएस रांची में मोबाइल चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलते ही आरपीएफ हरकत में आई और स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की गई। फुटेज में साफ दिखा कि एक नाबालिग लड़का लगेज स्कैनर के पास खड़ा होकर बड़ी सफाई से यात्री की जेब से मोबाइल निकालकर भाग गया। प्लेटफार्म से पकड़ा गया बच्चा, पूछताछ में उगला पूरा नेटवर्क सीसीटीवी के आधार पर संदिग्ध नाबालिग को प्लेटफार्म नंबर 3 से हिरासत में लिया गया। जब उसे फुटेज दिखाया गया, तो उसने न सिर्फ चोरी की बात कबूल की, बल्कि पूरे गिरोह का खुलासा कर दिया। उसने बताया कि वह अकेला नहीं है, बल्कि संगठित तरीके से 8–10 लोगों के गैंग में काम करता है। ये लोग झारखंड के साहिबगंज (तीन पहाड़ क्षेत्र) और अन्य इलाकों से रांची आते हैं। एक टीम में 4–5 लोग स्टेशन पर सक्रिय रहते हैं, जिनमें छोटे बच्चे भी शामिल होते हैं ताकि किसी को शक न हो। ऐसे करते थे चोरी गिरोह का तरीका बेहद सुनियोजित था। नाबालिग बच्चों को आगे कर भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे लगेज स्कैनर, टिकट काउंटर और प्लेटफार्म पर लगाया जाता था। ये बच्चे यात्रियों के पास खड़े होकर मौका मिलते ही मोबाइल निकाल लेते थे। चोरी के बाद मोबाइल तुरंत गैंग के बड़े सदस्यों को दे दिया जाता था, जो उसे सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाते थे। इसके बाद इन मोबाइल को झारखंड के तीन पहाड़ इलाके और पश्चिम बंगाल के आसनसोल में ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह का एक सदस्य विकास कुमार चोरी के मोबाइल खरीदने और खपाने का काम करता था, हालांकि उसका वर्तमान ठिकाना पता नहीं चल सका है। न्यू पुंदाग और कठल मोड़ में छापेमारी, रातभर चली कार्रवाई नाबालिग के खुलासे के बाद आरपीएफ ने तुरंत जाल बिछाया। सीआईबी रांची की टीम के साथ मिलकर न्यू पुंदाग और कठल मोड़ इलाके में छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में कुल 8 लोगों को पकड़ा गया, जिनमें 4 नाबालिग शामिल हैं। इनके पास से 9 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी कुल कीमत करीब 3.40 लाख रुपये आंकी गई है। बरामद मोबाइल में इनफिनिक्स, वनप्लस, वीवो, रियलमी, ओप्पो, रेडमी और आईफोन जैसे ब्रांड शामिल हैं। दो मई को ही रांची पहुंचा था नया गैंग, पहले भी कर चुके हैं वारदात जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह 2 मई को ही रांची पहुंचा था और लगातार स्टेशन व आसपास के इलाकों में सक्रिय था। इससे पहले भी ये कई यात्रियों को निशाना बना चुके हैं। पुलिस के अनुसार, ऐसे कई और गैंग सक्रिय हैं, जो अलग-अलग राज्यों से आकर रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। केस दर्ज, सभी आरोपित जीआरपी को सौंपे गए पूरी कार्रवाई के बाद सभी गिरफ्तार और हिरासत में लिए गए आरोपितों को जीआरपीएस रांची को सौंप दिया गया है। इस मामले में कांड संख्या 23/26, दिनांक 6 मई 2026 के तहत बीएनएस की धारा 303(2) और 317(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरपीएफ की इस कार्रवाई में एसआई सूरज पांडेय के नेतृत्व में पूरी टीम ने अहम भूमिका निभाई। लगातार सक्रिय हैं गिरोह, आरपीएफ की सख्ती जारी इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि रेलवे स्टेशन पर मोबाइल चोर गिरोह सुनियोजित तरीके से सक्रिय हैं। हालांकि, सीसीटीवी और सतर्कता के चलते ऐसे गिरोह अब लगातार पकड़े जा रहे हैं। आरपीएफ ने संकेत दिया है कि आगे भी इसी तरह अभियान जारी रहेगा और अन्य सक्रिय गैंगों पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।

नगर परिषद की कार्रवाई से हंगामा, दुकानदारों ने मुआवजे की मांग की

अंबाला  सेवा समिति स्कूल के नजदीक सरकारी नाले पर करीब छह माह पहले अवैध रूप से बनाए गए 22 खोखे नगर परिषद की टीम ने जेसीबी से ध्वस्त कर दिए। इस कार्रवाई का खोखा संचालकों ने कड़ा विरोध किया। उनका कहना था कि एक-एक लाख रुपये खर्च करके इन खोखों को बनवाया था। जब खोखे तैयार हो गए और उन्होंने काम-धंधा शुरू कर दिया तो अब नगर परिषद की टीम ने बिना पूर्व सूचना के इन्हें तोड़ दिया। यह कार्रवाई पुलिस की मौजूदगी में हुई। कार्रवाई से आक्रोशित दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने पाई-पाई जोड़कर करीब 22 लाख रुपये की लागत से ये खोखे तैयार किए थे। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि जब इन खोखों का निर्माण हो रहा था तब अधिकारी क्यों सोए थे और जबकि इसकी शिकायत भी उनके पास पहुंची थी लेकिन अब सारा पैसा लग गया और व्यापार शुरू हुआ तो उन्हें बेघर कर दिया गया। कर्ज लेकर बनाया था हमने कर्ज लेकर रोजगार का जुगाड़ किया था। प्रशासन ने बिना किसी ठोस विकल्प के हमारी रोजी-रोटी छीन ली है। अब हम अपने बच्चों का पेट कैसे भरेंगे। हमारे इन खोखों से किसी के आवागमन में कोई बाधा नहीं थी। कुछ लोगों ने सड़क पर रेहड़ी खड़ी करके कब्जा किया हुआ है। -सौरभ कुमार सबकुछ खत्म हो गया 50 साल से यहां तहबाजारी के तहत काम कर रहे हैं। नगर परिषद को किराया भी देते आए हैं। उन्हें उम्मीद थी कि जिस प्रकार अन्य तहबाजारी की दुकानों का लोगों को मालिकाना हक मिला है। ऐसी सौगात उन्हें भी मिलेगी लेकिन आज सबकुछ खत्म हो गया। -गगनदीप सिंह। कैसे पालेंगे परिवार यह धक्काशाही है। गरीब के साथ हमेशा ऐसा होता आया है। पहले उन्हें यहां बसाने के निर्देश दिए गए और अब एकदम से उनकी दुकानों को तोड़ दिया गया है। ऐसे में उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। परिवार का भरण-पोषण कैसे करेंगे, समझ नहीं आ रहा। -प्रदीप कुमार प्रशासन ने कहा- बिना अनुमति हुआ था निर्माण दूसरी ओर, नगर परिषद के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये खोखे सरकारी नाले के ऊपर बिना किसी अनुमति के रखे गए थे। नाले पर अतिक्रमण के कारण जल निकासी बाधित हो रही थी। इससे आगामी मानसून में शहर में जलभराव का खतरा पैदा हो सकता था। अधिकारियों के मुताबिक, दुकानदारों को पहले चेतावनी दी गई थी लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। सरकारी नाले पर अतिक्रमण की शिकायत मिली थी। जब मौके पर जाकर जांच की गई तो हालात कुछ और नजर आए इसलिए नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवैध खोखों को हटा दिया गया है। साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगर किसी ने दोबारा कब्जे का प्रयास किया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। देवेंद्र नरवाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद सदर,अंबाला

पंजाब पुलिस पर फायरिंग के आरोपी शूटर राजस्थान से पकड़ा गया, रंगदारी नेटवर्क का पर्दाफाश होने की संभावना

चंडीगढ़  पंजाब के गैंगस्टर जीशान अख्तर गिरोह पर शिकंजा कसते हुए राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने उसके करीबी सहयोगी चंद्र प्रकाश शर्मा उर्फ चंदू को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पंजाब पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पंजाब पुलिस अब आरोपित को संबंधित जिलों में ले जाकर अलग-अलग मामलों में पूछताछ करेगी। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में रंगदारी और शूटआउट से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं। चंदू पर जालंधर के नकोदर में कारोबारी के दफ्तर पर फायरिंग कराने, रंगदारी मांगने और पंजाब पुलिस टीम पर गोली चलाने जैसे गंभीर आरोप हैं। पंजाब पुलिस ने तीन फरवरी को उसे पकड़ने के लिए नाकाबंदी के दौरान कार्रवाई की थी, लेकिन वह पुलिस टीम पर फायरिंग कर भाग निकला। इस दौरान उसके साथी अंकित कुमार और हरजिंदर गुप्ता जवाबी कार्रवाई में घायल हुए थे। जीशान के निर्देश पर चल रहा नेटवर्क पुलिस जांच में सामने आया कि चंदू विदेश में बैठे गैंगस्टर जीशान अख्तर के निर्देश पर पंजाब में रंगदारी नेटवर्क चला रहा था। कारोबारी वर्ग को धमकाकर पैसे वसूलने और विरोध करने वालों पर फायरिंग कर दहशत फैलाने का जिम्मा उसी के पास था। जांच एजेंसियों के अनुसार, 18 जनवरी को नकोदर स्थित बक्शी ट्रैवल्स कार्यालय पर हुई फायरिंग में भी चंदू का नाम सामने आया। कारोबारी से कथित तौर पर रंगदारी मांगी गई थी। रकम नहीं देने पर दफ्तर पर गोलियां चलाकर डराने की कोशिश की गई। इस मामले में पंजाब पुलिस पहले ही दीपक, अंकित कुमार और हरजिंदर गुप्ता समेत कई आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि चंदू लगातार ठिकाने बदलकर बचता फिर रहा था। राजस्थान में छिप गया था शूटर सूत्रों के मुताबिक, पंजाब से भागने के बाद चंदू राजस्थान के जयपुर, दौसा, लालसोट और परासर धाम इलाके में छिपकर रह रहा था। एजीटीएफ पिछले एक महीने से तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट के आधार पर उसकी तलाश कर रही थी। पुलिस जांच में सामने आया कि चंदू विदेश में बैठे गैंगस्टर जीशान अख्तर के निर्देश पर पंजाब में रंगदारी नेटवर्क चला रहा था। कारोबारी वर्ग को धमकाकर पैसे वसूलने और विरोध करने वालों पर फायरिंग कर दहशत फैलाने का जिम्मा उसी के पास था। सूत्रों के मुताबिक, पंजाब से भागने के बाद चंदू राजस्थान के जयपुर, दौसा, लालसोट और परासर धाम इलाके में छिपकर रह रहा था। एक महीने से पीछे थी एजीटीएफट एजीटीएफ पिछले एक महीने से तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट के आधार पर उसकी तलाश कर रही थी। मंगलवार रात बांदीकुई में जाल बिछाकर उसे दबोच लिया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि चंदू का पुराना आपराधिक रिकार्ड नहीं था और वह हाल ही में जीशान अख्तर गैंग से जुड़ा था। पुलिस अब उससे गैंग के नेटवर्क, हथियार सप्लाई और पंजाब में सक्रिय अन्य शूटरों को लेकर पूछताछ करेगी। पंजाब पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में रंगदारी और शूटआउट से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

मध्यप्रदेश का बड़ा लक्ष्य: टेक्सटाइल सेक्टर से 2030 तक 5 अरब डॉलर का निर्यात

मध्यप्रदेश टेक्सटाइल सेक्टर में बड़ा लक्ष्य, 2030 तक 5 अरब डॉलर निर्यात का टारगेट उद्योग, कौशल और ग्लोबल बाजार को जोड़कर बनाया रोडमैप भोपाल  मध्यप्रदेश ने टेक्सटाइल सेक्टर में वर्ष 2030 तक 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निर्यात का लक्ष्य निर्धारित करते हुए इसके लिए एक स्पष्ट और समग्र कार्ययोजना तैयार की है। इसी उद्देश्य से राज्य निर्यात कार्य योजना के अंतर्गत वस्त्र, हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र पर राज्य स्तरीय हितधारक परामर्श बैठक एमपीआईडीसी, भोपाल में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह ने की। बैठक में उद्योग जगत के प्रतिनिधि निर्यात संवर्धन परिषदों, वित्तीय संस्थानों, एमएसएमई इकाइयों और पारंपरिक वस्त्र समूहों के प्रतिनिधियों ने राज्य की निर्यात क्षमता को सशक्त बनाने के लिए सुझाव दिए। इसका उद्देश्य वर्ष 2030 तक भारत के 100 अरब डॉलर टेक्सटाइल निर्यात लक्ष्य में मध्यप्रदेश की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये रणनीति बनाना था। 11 जिलों पर फोकस, उत्पादन से निर्यात तक पूरी रणनीति राज्य में टेक्सटाइल निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 11 जिलों को चिन्हित किया गया है। इनमें सीहोर, रायसेन, धार, इंदौर, खरगोन, उज्जैन और भोपाल को चैंपियन जिले तथा जबलपुर, ग्वालियर, छिंदवाड़ा और बुरहानपुर को आकांक्षी जिले के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन जिलों में उत्पादन, प्रोसेसिंग और निर्यात गतिविधियों को एकीकृत रूप से विकसित करने की रणनीति बनाई गई। पीएम मित्र पार्क से निवेश और रोजगार को बल धार के पीएम मित्र पार्क के माध्यम से टेक्सटाइल सेक्टर को नई गति मिल रही है। यहां 38 कंपनियों द्वारा 21,500 करोड़ रूपए के निवेश की प्रतिबद्धता सामने आई है, जिससे लगभग 55 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। यह विकास राज्य को टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात के मजबूत केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है। कौशल विकास और नए निर्यातकों पर विशेष जोर बैठक में यह तय किया गया कि राज्य में एक लाख से अधिक युवाओं को टेक्सटाइल सेक्टर के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए समर्थ 2.0, निफ्ट भोपाल के विस्तार और चैंपियन जिलों में नए प्रशिक्षण संस्थानों का उपयोग किया जाएगा। राज्य से एक हजार नए निर्यातकों को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। जिला स्तरीय निर्यात समितियों, एक्ज़िम बैंक, ईसीजीसी और अन्य संस्थाओं के सहयोग से छोटे और मध्यम उद्यमों को वैश्विक बाजार से जोड़ा जाएगा। लॉजिस्टिक्स और अधोसंरचना होगी मजबूत निर्यात को आसान और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए लॉजिस्टिक्स पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पीथमपुर में नया इनलैंड कंटेनर डिपो विकसित किया जा रहा है और मण्डीदीप में मौजूदा सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही पीएम मित्र पार्क से इंदौर तक कनेक्टिविटी को बेहतर किया जा रहा है। राज्य में कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जहां परीक्षण, डिजाइन और मूल्य संवर्धन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे एमएसएमई इकाइयों को गुणवत्ता सुधार में सहायता मिलेगी। नई तकनीक और डिज़ाइन से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए टेक्सटाइल इकाइयों में ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और डिजिटल गुणवत्ता प्रणालियों को बढ़ावा दिया जाएगा। डिज़ाइन क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए निफ्ट भोपाल में तकनीकी वस्त्र, टिकाऊ फैशन और ब्रांडिंग आधारित नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिससे उत्पादों का मूल्य संवर्धन हो सके। ग्लोबल बाजार और एफटीए का लाभ उठाने की रणनीति राज्य ने अमेरिका, यूरोप, यूनाइटेड किंगडम, यूएई और जापान जैसे प्रमुख बाजारों को ध्यान में रखते हुए निर्यात रणनीति तैयार की है। यूके, यूएई, ईएफटीए और ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ उठाने के लिए जिला स्तर पर उत्पाद मैपिंग और उद्योग समन्वय किया जाएगा। पारंपरिक वस्त्रों को मिलेगा वैश्विक मंच “टेक्सटाइल्स ऑफ एमपी” अभियान में चंदेरी, माहेश्वरी, बाग प्रिंट और बाटिक प्रिंट जैसे पारंपरिक उत्पादों की अंतर्राष्ट्रीय ब्रांडिंग की जाएगी। इससे कारीगरों को नए बाजार मिलेंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी। उद्योग की भागीदारी से तैयार हो रहा मजबूत तंत्र बैठक में प्रमुख टेक्सटाइल कंपनियों, निर्यात परिषदों और उद्योग संगठनों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए व्यावहारिक सुझाव दिए। इससे राज्य में उद्योग और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो रहा है, जो निर्यात वृद्धि के लिए आवश्यक है। प्राप्त सुझावों को राज्य निर्यात कार्य योजना में शामिल करते हुए इसे निर्धारित समय सीमा में केंद्र सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की रणनीति को आगे बढ़ाते हुए टेक्सटाइल सेक्टर में राज्य को अग्रणी बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।  

विवादित पेनाल्टी फैसलों के बीच एटलेटिको का टूटा यूसीएल जीतने का सपना

लंदन  एटलेटिको मैड्रिड का पहली बार यूएफा चैंपियंस लीग खिताब जीतने का सपना एक बार फिर टूट गया। मंगलवार रात लंदन के एनफील्ड एरिना में खेले गए सेमीफाइनल के दूसरे लेग में आर्सेनल ने बुकायो साका के गोल से एटलेटिको पर 1-0 की जीत दर्ज की और कुल 2-1 से फाइनल में जगह बना ली। इसके साथ ही आर्सेनल ने 20 साल बाद चैंपियंस लीग फाइनल में प्रवेश किया। हालांकि मैच के बाद चर्चा आर्सेनल की जीत से ज्यादा उन विवादित पेनाल्टी निर्णयों की रही, जो एटलेटिको के विरुद्ध गए। आर्सेनल के लिए बुकायो साका के पहले हाफ के अंतिम मिनट में गोल दागा, जो मैच का एकमात्र गोल था। 45वें मिनट में लिएंड्रो ट्रोसार्ड के शाट को जान ओब्लाक ने बचा लिया, जिसके बाद साका ने रिबाउंड पर गोल दागकर आर्सेनल को बढ़त दिला दी। बढ़त हासिल करने के बाद आर्सेनल की रक्षापंक्ति ने उसे बरकरार रखने में अहम भूमिका निभाई। वहीं डिएगो सिमोन की टीम एटलेटिको मैड्रिड ने शुरुआत से आक्रामक खेल खेला, लेकिन दूसरे हाफ में दो अहम मौकों पर रेफरी के फैसले उसके विरुद्ध चले गए। 51वें मिनट में एटलेटिको के युवा विंगर गुइलियानो सिमोने पेनाल्टी बाक्स के अंदर गिर पड़े। उन्होंने आर्सेनल के गोलकीपर डेविड राया को पार कर लिया था और शाट लेने ही वाले थे कि पीछे से डिफेंडर गैब्रियल मैगलहेस ने उन्हें चुनौती दी। सिमोने ने तुरंत पेनाल्टी की मांग की, लेकिन जर्मन रेफरी डेनियल सीबर्ट ने खेल जारी रखा। वीडियो रिव्यू जांच के बाद भी फैसला नहीं बदला गया। इसके सिर्फ पांच मिनट बाद एटलेटिको को एक और झटका लगा। फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर एंटोइन ग्रीजमैन पेनाल्टी बाक्स में आर्सेनल डिफेंडर रिकार्डो कालाफियोरी के संपर्क में आने के बाद गिर पड़े। रीप्ले में ग्रीजमैन के पैर पर स्टड पड़ता साफ दिखाई दिया, लेकिन रेफरी ने इससे पहले एटलेटिको खिलाड़ी मार्क प्यूबिल द्वारा गैब्रियल पर फाउल मानते हुए पेनाल्टी नहीं दी। एटलेटिको के कोच डिएगो सिमोने ने सीधे तौर पर रेफरी की आलोचना करने से बचते हुए कहा, अब कहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है। हम बाहर हो गए हैं और आर्सेनल को बधाई देनी होगी। लेकिन कुछ फैसले ऐसे थे जिन्हें सभी ने देखा। पहले चरण में भी दोनों टीमों ने पेनाल्टी फैसलों को लेकर शिकायत की थी। उस मुकाबले में दोनों टीमों ने एक-एक पेनाल्टी गोल किया था और मैच 1-1 से बराबरी पर समाप्त हुआ था। मैच समाप्त होने के बाद एटलेटिको के खिलाडि़यों और कोचिंग स्टाफ ने दर्शकों का अभिवादन किया। हालांकि हार के साथ एक बार फिर चैंपियंस लीग का उनका सपना टूट गया, जबकि आर्सेनल अब दो दशक बाद यूरोप की सबसे बड़ी क्लब प्रतियोगिता के फाइनल में खिताब जीतने से सिर्फ एक कदम दूर है। आर्सेनल ने अब तक तीनों नाकआउट राउंड में अपने घरेलू मैदान पर एक भी गोल नहीं खाया है। टीम ने लीग चरण में अपने सभी आठ मैच जीतकर प्रतियोगिता में सबसे कम चार गोल खाए थे।

कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान

 लखनऊ यूपी में अभी बारिश का सिलासिला थमने वाला नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ केंद्र ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए अगले तीन घंटों के लिए मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार, कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं कई जगह में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और बिजली चमकने का भी अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार देश के अलग अलग हिस्सों पर बने एक चक्रवातीय हवाओं के दबाव का क्षेत्र पूर्वी उत्तर प्रदेश पर बना हुआ है। बीते दिनों हुई बारिश की नमी अभी भी वातावरण में मौजूद है। हवाओं की दिशा बदली है और पहाड़ों की ओर से आ रही हवाएं भी मिलकर चल रही हैं। जिनसे तापमानों में स्थिरता देखी गई। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले कुछ दिनों के दौरान तापमान में वृद्धि हो सकती है। अलबत्ता अगले 24 घंटों के दौरान भी आसमान पर बादल नजर आने तेज धूप में तापमान बढने पर कुछ स्थानों पर बारिश की गतिविधियां भी हो सकती हैं। अगला पश्चिमी विक्षोभ 10 मई के आसपास पहाड़ों पर पहुंच सकता है। जिससे एक बार फिर मौसम में बदलाव होने की संभावना बन सकती है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के दौरान तापमान में वृद्धि होने की संभावना जताई है। मुरादाबाद समेत आसपास के क्षेत्रों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी मौसम विभाग ने जालौन, आगरा, कानपुर नगर, इटावा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, कासगंज, उन्नाव, औरैया, कन्नौज, हरदोई, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, बरेली, रामपुर, बदायूं, संभल, अमरोहा और मुरादाबाद समेत आसपास के क्षेत्रों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में मध्यम बारिश भी हो सकती है। कई जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हल्की आंधी इसके साथ ही प्रयागराज, प्रतापगढ़, चित्रकूट, महोबा, बांदा, कौशांबी, हमीरपुर, फतेहपुर, झांसी, हाथरस, सीतापुर, अयोध्या, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बिजनौर, मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर सहित कई जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हल्की आंधी, बिजली और हल्की बारिश के आसार जताए गए हैं। तापमान में गिरावट ने बढ़ाई बच्चों में बीमारी पिछले कुछ दिनों में तापमान में आई गिरावट का असर अब बच्चों के स्वास्थ्य पर दिखाई दे रहा है। तापमान की गिरावट ने छोटे बच्चों को सबसे अधिक प्रभावित किया है। इससे पिछले दो दिन में निमोनिया से बीमार बच्चे जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए आ रहे है। ओपीडी में आने वाले ज्यादातर बच्चों को खांसी, जुकाम और सांस लेने में तकलीफ रहती है।

सुशासन तिहार: आवेदन के घंटे भर में कौशिल्या को मिला आयुष्मान कार्ड, चेहरे खिले

सुशासन तिहार:आवेदन के चंद घंटों में कौशिल्या को मिला आयुष्मान कार्ड, खिले चेहरे रायपुर राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु आयोजित सुशासन तिहार शिविर ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। इसी क्रम में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम पंचायत मोहतरा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में प्रशासन की संवेदनशीलता का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला, जहाँ ग्राम मोहतरा निवासी महिला कौशिल्या साहू को आवेदन करते ही तत्काल आयुष्मान कार्ड प्रदान किया गया। मौके पर ही हुआ समाधान          शिविर में अपनी स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को लेकर पहुँची कौशिल्या साहू ने जैसे ही आयुष्मान कार्ड के लिए अपना आवेदन प्रस्तुत किया, संबंधित विभाग के अधिकारियों ने सक्रियता दिखाई। मौके पर ही पात्रता की जाँच कर ऑनलाइन प्रक्रिया पूर्ण की गई और तत्काल कार्ड प्रिंट कर उन्हें सौंप दिया गया। ग्रामीणों के द्वार तक पहुँची सरकार         हाथों-हाथ आयुष्मान कार्ड मिलने पर कौशिल्या साहू ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, ष्पहले छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन सुशासन तिहार के माध्यम से अब सरकार खुद हमारे द्वार तक आ रही है। उन्होंने इस त्वरित सुविधा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्ड उनके परिवार के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी है। सुशासन की नई मिसाल         जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से मिल रहे इन त्वरित समाधानों की ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक सराहना हो रही है। प्रशासन की इस कार्यप्रणाली ने न केवल सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाई है, बल्कि आम नागरिकों का शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ किया है।

बीकानेर में 3.4 लाख पांडुलिपियों का रिकॉर्ड, भारत की ज्ञान परंपरा को मिल रहा संरक्षण

जयपुर भारत सरकार ने इस वर्ष प्राचीन पांडुलिपियों को सहेजने का एक अभियान शुरू किया है. ‘ज्ञान भारतम मिशन' नाम के इस अभियान की शुरुआत 16 मार्च को की गई थी जो तीन महीने तक चलेगा. इसका उद्देश्य देश भर में स्थित पांडुलिपियों की पहचान करना और दस्तावेजों के तौर पर उनका रिकॉर्ड तैयार करना है, ताकि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को सुरक्षित और संरक्षित किया जा सके. अभियान के तहत पांडुलिपियों के संरक्षण और सर्वे का कार्य तेज गति से जारी है. बताया जा रहा है कि इसमें राजस्थान में सबसे अधिक पांडुलिपियों का सर्वे किया जा चुका है. प्रदेश में भी सबसे अधिक काम बीकानेर में हुआ है. तीन महीने तक चलेगा ‘ज्ञान भारतम मिशन' का सर्वे देश भर में ‘ज्ञान भारतम मिशन' अभियान के तहत 16 जून तक सर्वे कार्य जारी रहेगा. प्रदेशों में राजस्थान में अब तक 15 लाख से अधिक पांडुलिपियों का सर्वे किया जा चुका है जो देश में सबसे अधिक माना जा रहा है. वहीं बीकानेर जिला भी इस मिशन में अहम भूमिका निभा रहा है जहां अब तक करीब 3 लाख 40 हजार पांडुलिपियों का सर्वे पूरा हो चुका है. बीकानेर में तेजी से हो रहा काम बीकानेर की खास बात यह है कि यहां स्थित अभय जैन ग्रंथालय में ही करीब 2 लाख पांडुलिपियां संरक्षित हैं जो अपने आप में एक बड़ी धरोहर मानी जाती हैं. इन पांडुलिपियों में इतिहास, संस्कृति, धर्म और परंपरा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां संजोई गई हैं. खास बात यह भी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने अपने ‘मन की बात' कार्यक्रम में बीकानेर की इन पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए हो रहे कार्य का उल्लेख किया था जिससे इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली. बीकानेर की जिला नोडल अधिकारी डॉ. नितिन गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान पूरी तरह लक्ष्य आधारित है और इसके तहत घर-घर जाकर और विभिन्न संस्थानों में पहुंचकर पांडुलिपियों का सर्वे, सत्यापन और दस्तावेजीकरण किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस मिशन का उद्देश्य न केवल इन अमूल्य धरोहरों को सुरक्षित रखना है बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से इनका डिजिटलीकरण कर इन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना भी है ताकि आने वाली पीढ़ियां भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ सकें.