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24वीं नेशनल जूनियर फेडरेशन एथलेटिक्स प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश अकादमी के खिलाड़ियों ने किया शानदार प्रदर्शन

24वीं नेशनल जूनियर फेडरेशन एथलेटिक्स प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश अकादमी के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन रंजना यादव ने रेस वॉक में तोड़ा राष्ट्रीय रिकॉर्ड, जीता स्वर्ण पदक तुमकुर (कर्नाटक) में खिलाड़ियों ने बढ़ाया प्रदेश का मान, 2 स्वर्ण, 2 रजत व 1 कांस्य पदक जीते भोपाल मध्यप्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित एथलेटिक्स अकादमी के खिलाड़ियों ने कर्नाटक के तुमकुर में 24 से 26 अप्रैल 2026 तक आयोजित 24वीं नेशनल जूनियर फेडरेशन एथलेटिक्स प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश को गौरवान्वित किया। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए 2 स्वर्ण, 2 रजत एवं 1 कांस्य पदक अर्जित किये। खेल मंत्री सारंग ने दी बधाई मध्यप्रदेश के सहकारिता,खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों की कठिन मेहनत, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन तथा राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही आधुनिक खेल सुविधाओं का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय मंच पर लगातार नया इतिहास रच रहे हैं। राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाकर रंजना यादव ने रचा इतिहास प्रतियोगिता में अकादमी की प्रतिभाशाली खिलाड़ी रंजना यादव ने जूनियर महिला 5000 मीटर रेस वॉक स्पर्धा में 23:21.12 सेकंड का शानदार समय निकालते हुए स्वर्ण पदक अर्जित किया तथा नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम किया। इससे पूर्व यह रिकॉर्ड राजस्थान की खिलाड़ी मनीषा के नाम 23:43.58 सेकंड था। रंजना की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने मध्यप्रदेश का गौरव राष्ट्रीय स्तर पर और बढ़ाया है। दमदार प्रदर्शन से जीते पदक अकादमी की खिलाड़ी राधा यादव ने जूनियर महिला 1500 मीटर दौड़ स्पर्धा में 4:32.64 मिनट का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। प्रतियोगिता के पहले दिन (शुक्रवार को) आशीष कुमार यादव ने जूनियर पुरुष पोल वॉल्ट स्पर्धा में 4.70 मीटर की ऊँचाई पार करते हुए रजत पदक अर्जित किया। तीसरे दिन (रविवार) प्रातः सत्र में संदीप यादव ने जूनियर पुरुष 3000 मीटर दौड़ स्पर्धा में 8:26.88 मिनट का शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक प्राप्त किया। वहीं दीपिका शर्मा ने जूनियर महिला 3000 मीटर दौड़ स्पर्धा में 9:45.57 मिनट का समय निकालते हुए कांस्य पदक जीता। उनका मुकाबला स्वर्ण एवं रजत पदक विजेताओं से बेहद करीबी रहा। प्रदेश की एथलेटिक्स प्रतिभा का सशक्त प्रदर्शन इन उपलब्धियों ने एक बार फिर सिद्ध किया है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। खिलाड़ियों की यह सफलता प्रदेश में विकसित हो रही खेल संस्कृति, उच्च स्तरीय प्रशिक्षण व्यवस्था तथा खेल अधोसंरचना की गुणवत्ता को दर्शाती है। अकादमी का प्रशिक्षण बना सफलता की कुंजी मध्यप्रदेश की खेल अकादमियों में वैज्ञानिक प्रशिक्षण, फिटनेस प्रबंधन, खेल विज्ञान सहयोग तथा अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन से खिलाड़ियों को तराशा जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार देखने को मिल रहे हैं। युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा यह उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। एथलेटिक्स में मिल रही यह सफलता न केवल खेलों को बढ़ावा दे रही है, बल्कि मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी खेल राज्यों में स्थापित कर रही है।  

नारी शक्ति वंदन विधेयक पर सियासी संग्राम, भाजपा लाएगी निंदा प्रस्ताव

चंडीगड़ हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र की कार्यवाही शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शोक प्रस्ताव पढ़ रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने सदन का बहिष्कार कर दिया है।  नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई। हुड्डा साढ़े 11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। भाजपा नारी शक्ति वंदन विधेयक पर कांग्रेस की भूमिका के खिलाफ सदन में निंदा प्रस्ताव लेकर आएगी। कांग्रेस ने इसे नियमानुसार गलत बताते हुए विरोध करने का फैसला किया है। इस मुद्दे पर सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच हंगामा तय है। कांग्रेस विधायक आफताब अहमद के मुताबिक पार्टी देशभर में लोकसभा की 543 सीटों में से 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने और यही व्यवस्था सभी राज्यों की विधानसभाओं में भी लागू करने का प्रस्ताव लाएगी। भाजपा सरकार कांग्रेस की इसी भूमिका को लेकर निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। सरकार का तर्क है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पहले ही महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का रास्ता साफ कर चुका है इसलिए कांग्रेस का रुख विरोधाभासी है। सत्र में एक अहम विधेयक भी पेश किया जाएगा। हरियाणा क्लेरिकल सर्विस बिल 2026 को कैबिनेट पहले ही मंजूरी दे चुकी है। इसके तहत ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए क्लर्क पद पर प्रमोशन का कोटा 20 फीसदी से बढ़ाकर 30 फीसदी किया जाएगा। साथ ही 5 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को पदोन्नति का पात्र माना जाएगा और 5 फीसदी एक्स-ग्रेशिया पद भी अनिवार्य होंगे। निलंबित विधायकों पर नजर राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के आरोप में निलंबित पांचों विधायक शैली चौधरी, रेनू बाला, मोहम्मद इसराइल, मोहम्मद इलियास और जरनैल सिंह को भी विधायक दल की बैठक में शामिल होने का संदेश भेजा गया है। इन पांचों विधायकों पर बैठक में शामिल होने से लेकर सदन तक में सभी नजर रहेंगी।  

देसी पशुओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी, किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस

लखनऊ पहले चरण में अवधी भेड़ व जौनपुरी बकरी, दूसरे चरण में गायों की अलग-अलग प्रजातियों पर काम किया जाएगा। कृषि विश्वविद्यालय जेनेटिक परीक्षण करेंगे। देसी नस्लों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देने का काम किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में देसी नस्ल के पशुओं की पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत इन नस्लों का जेनेटिक परीक्षण कराया जाएगा। पहले चरण में अवधी भेड़ और जौनपुरी बकरी पर काम शुरू किया गया है, जबकि दूसरे चरण में गायों की विभिन्न देसी प्रजातियों पर शोध और परीक्षण किया जाएगा। सरकार की योजना है कि देसी नस्लों का संरक्षण करते हुए उन्हें समवर्ती (स्थानीय अनुकूल) नस्लों के साथ गर्भाधान कराकर नई और अधिक उपयोगी नस्ल विकसित की जाए। इससे पशुपालकों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा और स्थानीय जलवायु के अनुकूल मजबूत नस्लें भी तैयार होंगी।   प्रदेश में बड़ी संख्या में देसी नस्ल के पशु मौजूद हैं, लेकिन संरक्षण के अभाव में ये तेजी से खत्म हो रहे हैं। अधिक दूध उत्पादन की चाह में विदेशी नस्लों के सीमेन (वीर्य) का उपयोग किया गया, जिससे मिश्रित नस्लें तो तैयार हुईं, लेकिन वे प्रदेश की जलवायु और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिहाज से लंबे समय तक सफल नहीं रहीं। इससे पशुपालकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसे देखते हुए अब सरकार ने देसी नस्ल सुधार की नई रणनीति बनाई है। भारत सरकार के सहयोग से कृषि विश्वविद्यालयों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। विश्वविद्यालय पहले देसी नस्लों का नेटवर्क तैयार करेंगे, फिर उनका जेनेटिक परीक्षण कर राष्ट्रीय स्तर पर पंजीकरण और पहचान दिलाएंगे। इसके बाद उनके गुणों, उपयोगिता और अगली पीढ़ी सुधार पर शोध किया जाएगा। नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय की टीम ने पहले चरण में जौनपुरी बकरी और अवधी भेड़ को चिह्नित कर इन पर काम शुरू कर दिया है। जिलेवार हो रही देसी नस्लों की पहचान जौनपुर जिले के जफराबाद और शाहगंज क्षेत्र की जौनपुरी बकरी को चिह्नित किया गया है। इसी तरह अयोध्या और बाराबंकी क्षेत्र में अवधी नस्ल की गाय की पहचान की गई है। भविष्य में बलिया, गाजीपुर और चंदौली की गंगातीरी गाय को भी इस अभियान में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा बुंदेलखंड की केन नस्ल, लखीमपुर की खेरीगढ़ी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की साहीवाल सहित कई अन्य नस्लों पर भी काम होगा। इसके लिए जिलेवार देसी नस्लों की पहचान की जा रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बकरियों की नस्ल सुधार पर केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान भी कार्य कर रहा है। नस्ल संरक्षण के साथ पशुपालकों को फायदा देने का प्रयास नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के जेनेटिक विभाग के प्रो. जसवंत सिंह ने बताया कि देसी नस्लों को चिह्नित करने के लिए नेटवर्क परियोजना पर कार्य चल रहा है। इन नस्लों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा और इनके जेनेटिक पहलुओं का गहन अध्ययन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उदाहरण के तौर पर जौनपुरी बकरी के जेनेटिक तत्वों की पहचान कर यह देखा जाएगा कि उसमें इटावा-औरैया क्षेत्र की जमुनापारी नस्ल के साथ क्रॉस ब्रीडिंग का कितना लाभ मिलेगा। पूरी रणनीति का उद्देश्य यह है कि देसी नस्लें भी सुरक्षित रहें और पशुपालकों की आय भी बढ़े। इसके लिए संबंधित क्षेत्र की जलवायु, चारा, खानपान और उत्पादक क्षमता पर भी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। देसी बकरी: जौनपुरी, जमुनापारी, बरबरी, बुंदेलखंडी आदि। देसी भेड़- मुजफ्फरनगरी, जालोनी, भदौरी, अवधी आदि। देसी गाय: गंगातीरी, केनकथा, खेरीगढ़, मेवती, पोनवार, हरियाणा, साहीवाल आदि। देसी भैंस: भदवारी, तराई, यूपी मुर्रा आदि। देसी नस्लों को बचाना जरूरी गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता का कहना है कि प्रदेश सरकार नंद बाबा दुग्ध मिशन और मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के जरिए देसी नस्लों के संरक्षण और संवर्धन पर जोर दे रही है। सभी कृषि विश्वविद्यालयों, पशु शोध संस्थानों को भी इस दिशा में कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया है। देसी नस्लों को बचाना जरूरी है। इस दिशा में हर स्तर पर कार्य हो रहा है।  

गर्मी में बढ़ा किडनी स्टोन का खतरा, डिहाइड्रेशन बन रहा बड़ा कारण

गर्मियों का मौसम आ गया है और देश के कई राज्यों-शहरों का तापमान 40-42 डिग्री से ऊपर जा चुका है. ऐसे में इस मौसम में कई लोगों को स्वास्थ्य समस्याएं भी होने लगती हैं लेकिन हमेशआ की तरह इस बार भी गर्मी का मौसम आते ही किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी के मामलों में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है. डॉक्टरों का मानना है कि तापमान में बढ़ोतरी और लाइफस्टाइल की कुछ गलतियां सीधे तौर पर हमारी किडनी पर भारी पड़ रही हैं. दरअसल, जब बाहर का पारा बढ़ता है तो शरीर को ठंडा रखने के लिए हमें सामान्य से कहीं ज्यादा पानी की जरूरत होती है. अगर इसमें चूक हुई तो किडनी में मिनरल्स जमा होने लगते हैं जो बाद में दर्दनाक पथरी का रूप ले लेते हैं. इससे बचने के लिए क्या करें, इस बारे में जानना काफी जरूरी है. पसीना और डिहाइड्रेशन का कनेक्शन हार्वर्ड हेल्थ की रिपोर्ट के मुताबिक, तापमान बढ़ने पर शरीर में कैल्शियम का संतुलन बिगड़ता है जिससे स्टोन का रिस्क बढ़ता है इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. राजनाथ कश्यप के अनुसार, पसीने के माध्यम से शरीर का तरल पदार्थ निकल जाता है, जिससे यूरिन में कैल्शियम और ऑक्सालेट जैसे तत्वों का कंसंट्रेशन बढ़ जाता है. आसान शब्दों में समझें तो गर्मी में किडनी स्टोन होने का सबसे बड़ा कारण डिहाइड्रेशन है. जब हमें बहुत ज्यादा पसीना आता है तो शरीर का पानी कम हो जाता है. ऐसी स्थिति में किडनी कम यूरिन बनाती है जो काफी गाढ़ी होती है. यूरिन में कैल्शियम और ऑक्सालेट जैसे तत्व जब पानी की कमी के कारण बाहर नहीं निकल पाते तो वे आपस में जुड़कर क्रिस्टल बनाने लगते हैं. यही क्रिस्टल धीरे-धीरे बड़े होकर पथरी बन जाते हैं. खान-पान की इन गलतियों से बचें गर्मियों में लोग अक्सर कोल्ड ड्रिंक्स या ज्यादा नमक वाले स्नैक्स अधिक खा लेते हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ज्यादा नमक (सोडियम) यूरिन में कैल्शियम की मात्रा बढ़ा देता है, जो स्टोन का मुख्य कारण है. इसके अलावा, रेड मीट और ज्यादा शुगर वाली ड्रिंक्स भी इस खतरे को दोगुना कर देती हैं. अगर आप गर्मियों में एक्सरसाइज ज्यादा करते हैं और उस अनुपात में पानी नहीं पीते तो भी रिस्क बढ़ जाता है. बचाव के लिए क्या करें? मेयो क्लिनिक की रिसर्च के मुताबिक, किडनी स्टोन से बचने का सबसे आसान तरीका है कि आप दिन भर में कम से कम 2.5 से 3 लीटर पानी पिएं. नींबू पानी का सेवन भी बेहद फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें मौजूद साइट्रेट पथरी बनने की प्रक्रिया को रोकता है. साथ ही भोजन में नमक की मात्रा कम रखें और ताजी हरी सब्जियों को प्राथमिकता दें. अगर यूरिन का रंग गहरा पीला है, तो समझ लीजिए कि आपके शरीर को तुरंत पानी की जरूरत है.

2 जून से बनेगा हंस राजयोग, इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत

 ज्योतिष के अनुसार, जब बृहस्पति ग्रह कर्क राशि में प्रवेश करते हैं, तो हंस राजयोग बनता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, गुरु 2 जून को कर्क राशि में जाएंगे और 31 अक्टूबर तक वहीं रहेंगे. इस दौरान कुछ राशियों के जीवन में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. खासतौर पर 3 राशियों के लिए यह समय बेहद शुभ रहने वाला है, जिनकी किस्मत इस दौरान चमक सकती है. क्या होता है हंस महापुरुष राजयोग? वैदिक ज्योतिष के मुताबिक, हंस राजयोग बहुत ही शुभ योग माना जाता है. यह पंचमहापुरुष योगों में से एक है. जब कुंडली में बृहस्पति (गुरु) मजबूत और खास स्थिति में होते हैं, तब यह योग बनता है. इस योग के बनने से व्यक्ति को मान-सम्मान, धन, ज्ञान और सुख-समृद्धि मिलती है. जब बृहस्पति अपनी खुद की राशि धनु या मीन में हों या अपनी उच्च राशि कर्क में हों और कुंडली के केंद्र भाव में बैठे हों, तब हंस राजयोग का निर्माण होता है. तो आइए जानते हैं कि 2 जून को बनने जा रहे हंस राजयोग से किन राशियों को लाभ होगा. कर्क राशि (Cancer) इस समय बृहस्पति आपकी ही राशि में उच्च अवस्था में रहेंगे, इसलिए सबसे ज्यादा लाभ आपको ही मिल सकता है. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और करियर में अच्छी प्रगति देखने को मिलेगी. जो लोग शादी का इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए अच्छे रिश्ते आ सकते हैं. व्यापार में फायदा होगा और रुके हुए काम पूरे होने लगेंगे. आमदनी में भी बढ़ोतरी के संकेत हैं. वृश्चिक राशि (Scorpio) वृश्चिक राशि वालों के लिए यह योग काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. अचानक धन लाभ के मौके बन सकते हैं. लंबे समय से रुके काम पूरे होंगे और करियर में नए अवसर मिल सकते हैं. नौकरी बदलने या नई नौकरी मिलने के योग हैं. बिजनेस करने वालों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है. पुराने कर्ज से राहत मिलने की संभावना है और कानूनी मामलों में भी सफलता मिल सकती है. मीन राशि (Pisces) मीन राशि के लोगों के लिए यह समय खुशखबरी लेकर आ सकता है. आमदनी में अच्छा इजाफा देखने को मिलेगा. घर या वाहन खरीदने के योग बन सकते हैं. विवाह से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है. अगर आप नया काम शुरू करना चाहते हैं, तो यह समय अनुकूल रहेगा. विदेश जाने या वहां नौकरी मिलने के भी संकेत हैं. परिवार से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है.

मोहिनी एकादशी व्रत कथ,धृष्टबुद्धि के जीवन में आया बड़ा बदलाव

 द्रिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी के रूप में मनाया जाता है. इस दिन भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार की पूजा का विशेष महत्व होता है. मोहिनी एकादशी को विशेष रूप से पापों के नाश और मानसिक शांति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से इस व्रत को करता है, उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं. धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत की कथा सुनने से भी व्यक्ति के जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. आइए जानते हैं कि मोहिनी एकादशी की व्रत कथा. मोहिनी एकादशी की कथा पुराणों में मोहिनी एकादशी की एक कथा का वर्णन मिलता है. बहुत समय पहले सरस्वती नदी के किनारे भद्रावती नाम का एक समृद्ध नगर हुआ करता था. वहां धनपाल नाम का एक धनी और दयालु व्यक्ति रहता था, जो हमेशा दान-पुण्य और अच्छे कार्यों में लगा रहता था. उसके पांच बेटे थे, लेकिन सबसे छोटा बेटा धृष्टबुद्धि स्वभाव से बिल्कुल अलग था. धृष्टबुद्धि बुरी संगत में पड़ गया था और गलत आदतों में अपने पिता की संपत्ति बर्बाद करता रहता था. जब उसकी हरकतें हद से ज्यादा बढ़ गईं, तो पिता ने मजबूर होकर उसे घर से बाहर निकाल दिया. घर छोड़ने के बाद वह भटकता हुआ जंगलों में रहने लगा और अपने कर्मों पर पछताने लगा. एक दिन भटकते-भटकते वह ऋषि कौंडिन्या के आश्रम पहुंच गया. उस समय ऋषि स्नान करके लौटे थे. दुखी और परेशान धृष्टबुद्धि ने उनके चरणों में गिरकर अपने जीवन की समस्याएं बताईं और उनसे कोई उपाय पूछने लगा. ऋषि ने उसकी हालत देखकर उसे मोहिनी एकादशी व्रत के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि यह व्रत बहुत ही पुण्यदायक है और इसे श्रद्धा से करने पर व्यक्ति अपने पापों से मुक्ति पा सकता है. धृष्टबुद्धि ने पूरे विश्वास और नियम के साथ इस व्रत को किया. व्रत के प्रभाव से उसके जीवन में बदलाव आया. उसके पुराने पाप नष्ट हो गए और अंत में उसे मोक्ष की प्राप्ति हुई. तभी से यह मान्यता प्रचलित है कि मोहिनी एकादशी का व्रत व्यक्ति को बुरे कर्मों के प्रभाव से मुक्त करने में सहायक होता है. मोहिनी एकादशी की पूजा विधि – सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र पहनें. – घर के पूजा स्थान पर कलश स्थापित करें और दीपक जलाएं. – भगवान विष्णु को चंदन, अक्षत, फूल, धूप, दीप और फल अर्पित करें. – श्रद्धा से 'विष्णु सहस्रनाम' या मंत्रों का जाप करें. – दिनभर व्रत रखें और मन को शांत रखते हुए भगवान का स्मरण करें. – शाम के समय आरती करें और कथा का पाठ या श्रवण जरूर करें. – रात में भजन-कीर्तन या ध्यान करते हुए जागरण करना भी शुभ माना जाता है.

भीषण गर्मी को देखते हुए करौली प्रशासन का बड़ा फैसला, सुबह लगेंगी कक्षाएं

करौली करौली में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने आदेश जारी कर सभी सरकारी और प्राइवेट स्‍कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल समय में बदलाव किया है. यह आदेश 27 अप्रैल 2026 से 16 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा. प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. सुबह 7:30 बजे से चलेंगी कक्षाएं    जिला कलेक्टर के जारी आदेश के अनुसार, अब जिले के सभी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक की कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से 11 बजे तक ही संचालित होंगी. कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए पूर्व निर्धारित समय यथावत रखा गया है. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि गर्मी के बढ़ते प्रभाव और मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ज‍िससे विद्यार्थियों को लू और अत्यधिक तापमान से बचाया जा सके. नियमों का पालन करने के निर्देश जिला कलेक्टर ने यह आदेश आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत जारी किया है. साथ ही सभी विद्यालय संचालकों को सख्ती से निर्देश दिए गए हैं कि वे इस आदेश की पालना सुनिश्चित करें. अगर आदेश की अवहेलना की गई तो स्कूल संचालकों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. सहायक निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के धर्मेंद्र कुमार मीणा ने जानकारी दी है. यह जो फैसला लिया गया, इसलिए क्योंकि जिले में हीट वेब शुरू हो चुकी है, जिसके कारण छोटे-छोटे बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.  स्कूल प्रबंधकों से अपील की गई है क‍ि प्रभावी तरीके से नियमों का पालन करें.

हीटवेव से झुलस रहा राजस्थान, 48 घंटे के लिए येलो अलर्ट जारी

 जयपुर राजस्थान इस समय भीषण गर्मी और झुलसाने वाली लू (Heatwave) की चपेट में है. मरुधरा के बाड़मेर में रविवार को पारा 46.4 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुँचा, जिसने इसे राज्य का सबसे गर्म शहर बना दिया. फलोदी, जैसलमेर और जालौर जैसे जिलों में भी तापमान 45 डिग्री के ऊपर बना हुआ है. दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री अधिक दर्ज किया जा रहा है. अगले 48 घंटे भारी, जारी हुई 'येलो वार्निंग' मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हीटवेव का दौर जारी रहेगा. नागौर, जोधपुर, जैसलमेर, कोटा, बीकानेर और अजमेर सहित कई जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है. प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलने और सावधानी बरतने की सलाह दी है. पश्चिमी विक्षोभ बदलेगा मौसम का मिजाज तपती गर्मी के बीच एक अच्छी खबर भी सामने आई है. मौसम केंद्र जयपुर के मुताबिक, एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है और साथ ही बंगाल की खाड़ी से आने वाली पूर्वी हवाएं भी जोर पकड़ रही हैं. इस दोहरे प्रभाव के कारण अगले 3-4 दिनों में राजस्थान के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. आंधी और बारिश से गिरेगा पारा आगामी दिनों में दोपहर के बाद बादलों की गर्जना के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी चलने और हल्की बारिश होने की संभावना है. चूरू, झुंझुनू और सीकर जैसे जिलों में भी बूंदाबांदी के आसार हैं. इस मौसमी बदलाव से तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट आएगी, जिससे झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है.

अरुणाचल कनेक्शन से यूपी में लाइसेंस खेल, बिना लर्नर बने DL जारी

बस्ती यूपी के बस्ती जिले में दलालों के सिंडिकेट ने 4500 से अधिक फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनवा दिए। इनसे करीब 4.75 करोड़ रुपये की वसूली की गई है। दलालों ने फर्जी तरीके से आवेदकों की बैकलॅाग एंट्री अरुणाचल प्रदेश से करवाकर बस्ती में लाइसेंस बनवाए हैं। इतना ही नहीं अफसरों की शह पर दलालों ने मिर्जापुर, संतकबीनगर, पडरैाना, गोरखपुर और आसपास के जिलों के आवेदकों के डीएल बस्ती से बनवा दिए हैं। ऐसे में सड़क सुरक्षा पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। रामतीरथ मैार्य का डीएल नंबर यूपी63 20180030028 है। जोकि मिर्जापुर आरटीओ का है। उनके डीएल की बैकलॅाग एंट्री सेप्पा(अरुणाचल प्रदेश) से वर्ष 2018 में करवाई और बस्ती में वर्ष 2026 में एड्रेस चेंज की रसीद काटकर डीएल बनाया गया। ऐसे ही मनीष यादव का डीएल नंबर यूपी57 20170098799 है। यह पडरैाना का है। उनके डीएल की भी बैकलॅाग एंट्री सेप्पा से 2017 में हुई और बस्ती में रिन्यूवल करवाया गया। करण गुप्ता का डीएल नंबर यूपी51 20200018137 है, जिसकी बैकलॅाग एंट्री सियांग(अरुणाचल प्रदेश) से हुई और दलालों ने लाइसेंस बस्ती से बनवा दिया। यूपी51 20200034451, यूपी53 20190077236, यूपी57 20170098787, यूपी63 20180030001, यूपी63 20180030028, यूपी53 20190077236 सहित दर्जनों ऐसे फर्जी तरीके से बनवाए गए डीएल हैं, जिनका रिकॅार्ड अमर उजाला के पास है। इन डीएल में दलालों के सिंडिकेट ने अफसरों की शह पर फर्जी तरीके से डीएल बनवाकर आवेदकों से मोटी रकम वसूली है। खास बात यह है कि इन आवेदकों का लर्नर लाइसेंस नहीं बनवाया गया और नियमों को ताक पर रखकर डीएल बनवाए गए हैं। प्रक्रिया: ऐसे बनते हैं डीएल डीएल बनवाने के लिए आवेदक को पहले लर्नर लाइसेंस बनवाना होता है। इसकी प्रक्रिया ऑनलाइन है। आवेदक को आरटीओ जाने की आवश्यकता नहीं होती है। ऑानलाइन आवेदन कर टेस्ट देने के बाद यह बन जाता है। लर्नर बनने के एक महीने बाद से लेकर छह महीने के बीच परमानेंट डीएल बनता है। इसमें आरटीओ जाकर बायोमेटि्रक और वाहन टेस्ट पास करना पड़ता है। इसके बाद हफ्ते से दो हफ्ते के अंदर डाक से डीएल घर पहुंचता है। हेवी लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदक के पास एक साल पुराना डीएल होना जरूरी है। खेल: अरुणाचल में फीडिंग, बस्ती में रिन्यूवल दलालों का सिंडिकेट बस्ती में अफसरों की शह पर काम कर रहा है। यही वजह है कि डीएल पडरैाना का हो, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर या अन्य किसी जिले का, उसकी बैकलॅाग एंट्री अरुणाचल प्रदेश के सेप्पा व सियांग से करवाई जाती है। उसके बाद डीएल में पता बदलने या रिन्यूवल का आवेदन बस्ती से करवाकर लाइसेंस बनवा दिया जाता है। इसके एवज में आवेदक से मोटी रकम वसूली जाती है। अफसरों की मिलीभगत से पनपा सिंडिकेट आरटीओ बस्ती परिवहन विभाग का संभाग है। संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर प्रमुख रूप से इसके अंतर्गत आते हैं। बस्ती में आरटीओ फरीदउद्दीन, आरआई सीमा गैातम, एआरटीओ माला बाजपेयी की तैनाती है। लेकिन दलालों का सिंडिकेट खुलेआम काम कर रहा है और अफसरों को इसकी जानकारी तक नहीं। उपरोक्त अफसरों की जवाबदेही भी है। उनकी कार्यशैली पर सवाल उठने लाजिमी हैं। वसूली: आवेदकों से डीएल के एवज में वसूले गए 4.50 करोड़ बस्ती में एक्टिव दलालों के सिंडिकेट ने अफसरों की मिलीभगत से जो रैकेट तैयार किया, उसमें अनुमानित तैार पर 4500 से अधिक डीएल बनवाए गए। आवेदकों से औसतन दस हजार रुपये वसूले गए। इससे करीब 4.75 करोड़ रुपये कमाए गए। सूत्र बताते हैं कि दलालों ने वसूली की इस रकम में अफसरों को भी हिस्सा दिया। सवाल: बैकलॅाग एंट्री क्यों, कहां हैं लर्नर लाइसेंस जनवरी, 2013 से पहले मैनुएली लाइसेंस बनते थे। जिनका रिकॅार्ड रजिस्टर में रखा जाता था। इसके बाद स्मार्ट कार्ड बनने शुरू हो गए। रिकॅार्ड कम्प्यूटर में रखा जाने लगा। वर्ष 2013 के बाद लाइसेंसों का रिकॅार्ड ऑनलाइन ही है। उन्हें रजिस्टर में रखने की आवश्यकता खत्म हो गई। लेकिन दलालों ने अफसरों से मिलीभगत कर बैकलॅाग एंट्री करवाई और एड्रेस चेंज व रिन्यूवल करवाकर डीएल बनवा दिए। ऐसे में सवाल उठता है कि बैकलॅाग फीडिंग की जरूरत क्यों पड़ी। इतना ही नहीं सूत्र बताते हैं कि लर्नर लाइसेंस बनवाए बगैर परमानेंड डीएल बना दिए गए। इतना ही नहीं भारी वाहनों के हेवी लाइसेंस के लिए एक साल पुराना लाइसेंस अनिवार्य है। इस नियम को भी ताक पर रखकर डीएल बनवाए गए। सड़क सुरक्षा की सिर्फ फिक्र, संजीदगी नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से लगातार सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही जा रही है, लेकिन परिवहन विभाग के अफसर तनिक भी संजीदगी नहीं बरत रहे हैं। यही वजह है कि लखनऊ राजधानी में सड़क हादसे बढ़ रहे हैं, फिर जिलों की स्थिति समझी जा सकती है। फर्जी तरीके से लाइसेंस बनाए जा रहे हैं, ऐसे में सड़क सुरक्षा को अमलीजामा पहनाया जाना नामुमकिन है।-दयाशंकर सिंह, परिवहन मंत्री  

सिटी की रोमांचक जीत, निको गोंजालेज के गोल से साउथेम्प्टन पर 2-1 से कब्जा

लंदन, एपी मैनचेस्टर सिटी एक बार फिर एफए कप फुटबॉल टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच गया है, जबकि आर्सेनल न्यूकैसल को हराकर इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) में फिर से शीर्ष पर पहुंचने में सफल रहा। सिटी ने शनिवार को वेंबले में खेले गए मैच में साउथेम्प्टन को 2-1 से हराकर रिकॉर्ड चौथी बार एफए कप के फाइनल में जगह बनाई। दूसरे हाफ में एक गोल से पिछड़ने के बाद निको गोंजालेज के 87वें मिनट में किए गए गोल से सिटी ने जीत दर्ज की। इस जीत ने सिटी की घरेलू स्तर पर तीन खिताब जीतने की उम्मीदों को बरकरार रखा है। वह पहले ही इंग्लिश लीग कप जीत चुका है और प्रीमियर लीग खिताब के लिए आर्सेनल के सामने कड़ी चुनौती पेश कर रहा है। हालांकि प्रीमियर लीग में आर्सेनल ने एबेरेची एजे के गोल की मदद से न्यूकैसल के विरुद्ध 1-0 से जीत हासिल करके सिटी पर तीन अंक की बढ़त बना ली है। आर्सेनल के 34 मैच में 73 और सिटी के 33 मैच में 70 अंक हैं। इस बीच लिवरपूल की टीम क्रिस्टल पैलेस को 3-1 से हरा दिया और लीग में गोल अंतर के आधार पर चौथे स्थान पर पहुंच गई। उसने एस्टन विला को पीछे छोड़ा, जिसे फुलहम से 1-0 से हार का सामना करना पड़ा। लगातार दूसरे खिताब के करीब पहुंचा बार्सिलोना लामिने यमाल की गैर मौजूदगी में बार्सिलोना गेटाफे को 2-0 से हराकर स्पेनिश फुटबॉल लीग ला लीगा में लगातार दूसरी बार खिताब जीतने के करीब पहुंच गया है। जबकि एटलेटिको मैड्रिड चैंपियंस लीग सेमीफाइनल में आर्सेनल का सामना करने से पहले ला-लीगा में आत्मविश्वास भरी जीत हासिल करने में सफल रहा। बार्सिलोना की तरफ से पहला गोल फर्मिन लोपेज ने 45वें मिनट में किया। वहीं मार्कस रैशफोर्ड 74वें मिनट में दूसरा गोल दागा। यह बार्सिलोना की गेटाफे में छह सत्र में पहली जीत है। इससे बार्सिलोना ने दूसरे स्थान पर काबिज रीयल मैड्रिड पर अपनी बढ़त 11 अंक कर दी है। वहीं एटलेटिको मैड्रिड ने एंटोनी ग्रिजमैन के 49वें मिनट के गोल और अलेक्जेंडर सोरलाथ के दो गोल की मदद से एथलेटिक बिलबाओ को 3-2 से हराया। इंटर मियामी ने खेला एक और ड्रॉ लियोनेल मेसी और इंटर मियामी अभी भी अपने नए घरेलू मैदान पर अपनी पहली जीत का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिका के फुटबाल टूर्नामेंट मेजर लीग साकर (एमएलएस) में जर्मन बर्टेरामे ने 76वें मिनट में गोल कर इंटर मियामी को न्यू इंग्लैंड रिवोल्यूशन के विरुद्ध 1-1 से ड्रॉ की स्थिति में पहुंचाया। इससे पहले न्यू इंग्लैंड की ओर से कार्लेस गिल ने 56वें मिनट में गोल किया। मौजूदा एमएलएस कप चैंपियन इंटर मियामी अपने नए मियामी स्टेडियम में खेले गए तीन मैचों में से किसी में भी जीत हासिल नहीं कर पाई है। वहीं इससे पहले न्यू इंग्लैंड की टीम इंटर मियामी के खिलाफ अपने पिछले चारों मुकाबले हार चुकी थी।