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सिटी की रोमांचक जीत, निको गोंजालेज के गोल से साउथेम्प्टन पर 2-1 से कब्जा

लंदन, एपी मैनचेस्टर सिटी एक बार फिर एफए कप फुटबॉल टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच गया है, जबकि आर्सेनल न्यूकैसल को हराकर इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) में फिर से शीर्ष पर पहुंचने में सफल रहा। सिटी ने शनिवार को वेंबले में खेले गए मैच में साउथेम्प्टन को 2-1 से हराकर रिकॉर्ड चौथी बार एफए कप के फाइनल में जगह बनाई। दूसरे हाफ में एक गोल से पिछड़ने के बाद निको गोंजालेज के 87वें मिनट में किए गए गोल से सिटी ने जीत दर्ज की। इस जीत ने सिटी की घरेलू स्तर पर तीन खिताब जीतने की उम्मीदों को बरकरार रखा है। वह पहले ही इंग्लिश लीग कप जीत चुका है और प्रीमियर लीग खिताब के लिए आर्सेनल के सामने कड़ी चुनौती पेश कर रहा है। हालांकि प्रीमियर लीग में आर्सेनल ने एबेरेची एजे के गोल की मदद से न्यूकैसल के विरुद्ध 1-0 से जीत हासिल करके सिटी पर तीन अंक की बढ़त बना ली है। आर्सेनल के 34 मैच में 73 और सिटी के 33 मैच में 70 अंक हैं। इस बीच लिवरपूल की टीम क्रिस्टल पैलेस को 3-1 से हरा दिया और लीग में गोल अंतर के आधार पर चौथे स्थान पर पहुंच गई। उसने एस्टन विला को पीछे छोड़ा, जिसे फुलहम से 1-0 से हार का सामना करना पड़ा। लगातार दूसरे खिताब के करीब पहुंचा बार्सिलोना लामिने यमाल की गैर मौजूदगी में बार्सिलोना गेटाफे को 2-0 से हराकर स्पेनिश फुटबॉल लीग ला लीगा में लगातार दूसरी बार खिताब जीतने के करीब पहुंच गया है। जबकि एटलेटिको मैड्रिड चैंपियंस लीग सेमीफाइनल में आर्सेनल का सामना करने से पहले ला-लीगा में आत्मविश्वास भरी जीत हासिल करने में सफल रहा। बार्सिलोना की तरफ से पहला गोल फर्मिन लोपेज ने 45वें मिनट में किया। वहीं मार्कस रैशफोर्ड 74वें मिनट में दूसरा गोल दागा। यह बार्सिलोना की गेटाफे में छह सत्र में पहली जीत है। इससे बार्सिलोना ने दूसरे स्थान पर काबिज रीयल मैड्रिड पर अपनी बढ़त 11 अंक कर दी है। वहीं एटलेटिको मैड्रिड ने एंटोनी ग्रिजमैन के 49वें मिनट के गोल और अलेक्जेंडर सोरलाथ के दो गोल की मदद से एथलेटिक बिलबाओ को 3-2 से हराया। इंटर मियामी ने खेला एक और ड्रॉ लियोनेल मेसी और इंटर मियामी अभी भी अपने नए घरेलू मैदान पर अपनी पहली जीत का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिका के फुटबाल टूर्नामेंट मेजर लीग साकर (एमएलएस) में जर्मन बर्टेरामे ने 76वें मिनट में गोल कर इंटर मियामी को न्यू इंग्लैंड रिवोल्यूशन के विरुद्ध 1-1 से ड्रॉ की स्थिति में पहुंचाया। इससे पहले न्यू इंग्लैंड की ओर से कार्लेस गिल ने 56वें मिनट में गोल किया। मौजूदा एमएलएस कप चैंपियन इंटर मियामी अपने नए मियामी स्टेडियम में खेले गए तीन मैचों में से किसी में भी जीत हासिल नहीं कर पाई है। वहीं इससे पहले न्यू इंग्लैंड की टीम इंटर मियामी के खिलाफ अपने पिछले चारों मुकाबले हार चुकी थी।

40 जिलों में हीटवेव अलर्ट, जल्द बारिश से मिलेगी राहत

 लखनऊ उत्तर प्रदेश में अप्रैल के आखिरी सप्ताह में ही जून जैसी तपिश महसूस की जा रही है। पूरब से पश्चिम तक गर्म हवाओं के थपेड़ों ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिख रहा है और आसमान से बरसती आग जैसी धूप जनजीवन को बेहाल कर रही है। रविवार को बांदा 46.6 डिग्री सेल्सियस के साथ लगातार दूसरे दिन प्रदेश में सबसे गर्म रहा। प्रयागराज में 45.7 डिग्री, अमेठी में 44.7 डिग्री और हमीरपुर में 44.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इस बीच रविवार शाम ललितपुर में हुई बूंदाबांदी से राहत की उम्मीद जगी है। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार देर रात या मंगलवार से पूरे प्रदेश में हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए प्रदेश के 40 जिलों में लू की चेतावनी जारी की है। आंचलिक माैसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 28 अप्रैल से पश्चिमी यूपी व तराई से शुरू होकर लगभग पूरे प्रदेश में हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं, जिससे तापमान में 3 से 5 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। कुल मिलाकर अब अप्रैल के बचे हुए दिनों में लू की परिस्थितियों से फाैरी ताैर पर राहत की उम्मीद है। बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, हरदोई, फरुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर व आसपास के इलाकों में । अप्रैल में गर्मी का तीन वर्ष का रिकॉर्ड टूटा  बीते कई दिनों से राजधानी भीषण गर्मी की चपेट में है। अप्रैल के आखिरी सप्ताह में जून जैसी तपिश महसूस की जा रही है। 43 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ रविवार इस सीजन के सबसे गर्म दिन के ताैर पर दर्ज हुआ। इस तापमान में बीते तीन वर्ष में अप्रैल में गर्मी का रिकॉर्ड भी तोड़ा। इससे पहले अप्रैल 2022 में अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था जो एक दशक में सर्वाधिक है। रविवार को दिन चढ़ने के साथ ही गर्म हवा के थपेड़े चलने लगे। दोपहर तक शहर भट्टी की तरह तपने लगा। सड़कों पर सन्नाटा नजर आया। कुछ सड़कों पर लॉकडाउन जैसे हालात देखने को मिले। माैसम विभाग का कहना है कि सोमवार को भी कमोबेश ऐसा ही भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा। मंगलवार से माैसम में बदलाव के आसार हैं। आंचलिक माैसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 27 अप्रैल से सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजधानी में बादलों की सक्रियता बढ़ेगी। 28 से 30 अप्रैल के बीच हल्की बूंदाबांदी होने से तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की गिरावट के संकेत हैं। इससे लू की परिस्थितियों से फाैरी ताैर पर राहत मिलेगी। हालांकि हवा में नमी की माैजूदगी से आभासी गर्मी बनी रहेगी। रविवार को अधिकतम तापमान 0.1 डिग्री की बढ़त के साथ 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं न्यूनतम तापमान 1.8 डिग्री की बढ़त के साथ 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।  

अरुण जेटली स्टेडियम में आज बड़ा मुकाबला, टॉप पर लौटने उतरेगी RCB

नई दिल्ल  दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच आज आईपीएल 2026 का 39वां मुकाबला खेला जाना है। दोनों टीमों की टक्कर दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में होगी। इस मुकाबले में डीसी की कोशिश जीत के साथ प्वाइंट्स टेबल में अपनी स्थिति सुधारने की होगी। वहीं, एक और जीत आरसीबी के चैंपियनशिप खिताब को बरकरार रखने की दावेदारी को और भी मजबूत करेगी। दोनों टीमों के बीच सीजन का 26वां मुकाबला भी हुआ था। उसमें दिल्ली ने आखिरी ओवर में 6 विकेट से जीत हासिल की थी। आरसीबी टेबल में दूसरे नंबर पर दिल्ली कैपिटल्स 7 में से 4 मैच गंवाकर प्वाइंट्स टेबल में सातवें पायदान पर मौजूद है। यह टीम 18 अप्रैल को खेले गए मुकाबले में आरसीबी के खिलाफ 6 विकेट से जीत दर्ज कर चुकी है। दूसरी तरफ आरसीबी ने 7 में से 5 मैच जीते हैं। यह टीम प्वाइंट्स टेबल में दूसरे पायदान पर मौजूद है। आरसीबी की निगाहें इस मुकाबले को जीतकर एक बार फिर नंबर-1 पायदान अपने नाम करने पर हैं। सोमवार का यह मुकाबला टूर्नामेंट के दो सबसे बेहतरीन फॉर्म में चल रहे बल्लेबाजों के बीच होगा। जहां एक तरफ आरसीबी के पास जबरदस्त फॉर्म में चल रहे कोहली हैं, वहीं दूसरी तरफ डीसी को उम्मीद होगी कि केएल राहुल एक बार फिर बल्ले से मोर्चा संभालेंगे। कोहली को आईपीएल के इतिहास में 9,000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बनने के लिए सिर्फ 11 रनों की दरकार है। इस मैदान पर कोहली का औसत 66.8 का रहा है, जिसमें 11 पारियों में लगाए गए सात अर्धशतक भी शामिल हैं। यह विराट का घरेलू मैदान भी है। इस सीजन में आरसीबी को मिली पांचों जीत में, 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार पांच अलग-अलग खिलाड़ियों को मिला है। टीम का तेज गेंदबाजी आक्रमण इस समय अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर है, जिसकी अगुवाई भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड कर रहे हैं। इन दोनों ही गेंदबाजों ने मैच के हर चरण में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाज फॉर्म में दिल्ली कैपिटल्स एक ऐसी टीम है जिसे पिछले मैच में हार का सामना करना पड़ा था और अब वह दोबारा एकजुट होकर वापसी करने की कोशिश में है। पंजाब किंग्स के खिलाफ केएल राहुल ने 67 गेंदों में नाबाद 152 रनों की शानदार पारी खेली थी लेकिन फिर भी टीम हार गई। डीसी के लिए एक और अच्छी बात यह है कि नीतीश राणा भी अब अपनी लय में लौट आए हैं और लगातार दो अर्धशतक जड़ चुके हैं। लुंगी एनगिडी के सिर में चोट लगने के कारण टीम के तेज गेंदबाजी विभाग में एक बड़ा खालीपन आ गया है और उनकी जगह कवर के तौर पर दुशमंथा चमीरा को टीम में शामिल किए जाने की संभावना है। फील्डिंग भी उतनी ही बड़ी चिंता का विषय रही है। डीसी ने इस सीजन में 16 कैच छोड़े हैं। इस प्रकार हैं दोनों टीमें दिल्ली कैपिटल्स: अक्षर पटेल (कप्तान), केएल राहुल, कुलदीप यादव, करुण नायर, डेविड मिलर, पथुम निसांका, ट्रिस्टन स्टब्स, समीर रिजवी, नितीश राणा, टी. नटराजन, मुकेश कुमार, आशुतोष शर्मा, दुष्मंथा चमीरा, लुंगी एनगिडी, विप्रज निगम, साहिल परख, पृथ्वी शॉ, अभिषेक पोरेल, अजय मंडल, त्रिपुरा विजय, माधव तिवारी, औकिब नबी डार, मिशेल स्टार्क और काइल जेमिसन। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, टिम डेविड, जैकब बेथेल, रोमारियो शेफर्ड, जोश हेजलवुड, नुवान तुषारा, देवदत्त पडिक्कल, जितेश शर्मा, क्रुणाल पंड्या, रसिख डार, भुवनेश्वर कुमार, जॉर्डन कॉक्स, सुयश शर्मा, वेंकटेश अय्यर, स्वप्निल सिंह, जैकब डफी, कनिष्क चौहान, अभिनंदन सिंह, मंगेश यादव, फिल साल्ट, सात्विक देसवाल, विक्की ओस्तवाल, और विहान मल्होत्रा।

सूर्य का नक्षत्र परिवर्तन 28 अप्रैल से, इन राशियों को रहना होगा सतर्क

 ज्योतिष शास्त्र में सूर्य का नक्षत्र परिवर्तन उतना ही महत्वपूर्ण कहलाता है, जितना की सूर्य का गोचर. कहते हैं कि सूर्यदेव जिनपर मेहरबान होते हैं उनकी किस्मत सोने जैसी चमकने लगती है. दरअसल, द्रिक पंचांग के अनुसार, सूर्य देवता 28 अप्रैल यानी कल नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं. सूर्य शुक्र के भरणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 11 मई तक इसी स्थान पर विराजमान रहेंगे. भरणी नक्षत्र के स्वामी शुक्र ग्रह हैं और सूर्य-शुक्र के बीच दुश्मनी का रिश्ता होता है. जो कुछ राशियों के जीवन में उतार-चढ़ाव ला सकता है. साथ ही, उन राशियों को आर्थिक जीवन में नुकसान हो सकता है. तो आइए जानते हैं कि सूर्य के इस नक्षत्र परिवर्तन से किन राशियों को अगले 14 दिनों तक सावधान रहना होगा. वृषभ राशि वृषभ राशि के लोगों के लिए सूर्य का नक्षत्र परिवर्तन थोड़ा मुश्किल समय लेकर आ सकता है. इस दौरान ऑफिस में सहकर्मियों के साथ तालमेल बिगड़ सकता है, जिससे आपके काम की रफ्तार धीमी पड़ सकती है. पैसों से जुड़े मामलों में भी सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर किसी नए निवेश से फिलहाल दूरी बनाकर रखें. बड़े फैसले लेने से बचना होगा. घर-परिवार में भी कुछ छोटी-मोटी परेशानियां आपको मानसिक रूप से परेशान कर सकती हैं. कन्या राशि कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय थोड़ा मानसिक उलझन वाला हो सकता है. काम पर ध्यान देने के बजाय आप बेवजह की चिंताओं में घिरे रह सकते हैं. नौकरी करने वाले लोगों को अचानक ट्रांसफर जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है, जिससे तनाव बढ़ेगा. पैसों के मामले में भी सावधानी जरूरी है, क्योंकि खर्च बढ़ सकते हैं. अगर आप सही तरीके से बजट बनाकर चलेंगे तो स्थिति संभाल सकते हैं. अपनी सेहत को नजरंदाज करना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है. मकर राशि मकर राशि वालों के लिए सूर्य का यह बदलाव आर्थिक मामलों में दबाव ला सकता है. अचानक खर्चों में बढ़ोतरी होने से आपका बजट बिगड़ सकता है. परिवार में किसी की सेहत खराब होने से भी चिंता बढ़ सकती है. जो लोग नौकरी की तलाश कर रहे हैं, उन्हें इस दौरान थोड़ा संघर्ष करना पड़ सकता है. नौकरीपेशा लोगों के लिए भी कार्यस्थल का माहौल पूरी तरह अनुकूल नहीं रहेगा, जिससे काम में मन कम लग सकता है. सूर्य देव की कृपा के लिए उपाय – रोजाना या रविवार के दिन सुबह सूर्यदेवता को अर्घ्य दें. – आदित्य हृदय स्तोत्र या गायत्री मंत्र का जाप करें. – रविवार के दिन गरीबों को दान करें. – तांबे के बर्तन में पानी पीना और तांबे का उपयोग करना भी सूर्य को मजबूत करने में सहायक माना जाता है.

एक सेट से पिछड़कर भी जीता मैच, गफ ने क्रिस्टी को 3 सेटों में हराया

 मैड्रिड  विश्व नंबर-3 कोको गफ ने शानदार वापसी करते हुए रोमानिया की सोराना क्रिस्टी को हराकर मैड्रिड ओपन के प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। पिछले साल इस टूर्नामेंट की उपविजेता रहीं 22 वर्षीय अमेरिकी खिलाड़ी ने एक सेट और ब्रेक से पिछड़ने के बाद जबरदस्त जुझारूपन दिखाते हुए 4-6, 7-5, 6-1 से जीत दर्ज की। अब उनका मुकाबला 13वीं वरीयता प्राप्त लिंडा नोस्कोवा से होगा। 25वीं वरीयता प्राप्त क्रिस्टी ने मुकाबले की शानदार शुरुआत की। उन्होंने पहले सेट में शुरुआती ब्रेक लिया और गफ के 4-4 की बराबरी करने के बावजूद नियंत्रण बनाए रखा। रोमानियाई खिलाड़ी ने फिर दोबारा ब्रेक लेकर 6-4 से पहला सेट अपने नाम किया। दूसरे सेट में भी रहा क्रिस्टी का दबदबा दूसरे सेट में भी क्रिस्टी का दबदबा जारी रहा। उन्होंने जल्दी ही 2-0 की बढ़त बना ली और बाद में 4-3 से आगे निकल गईं। लेकिन गफ ने हार नहीं मानी। मैच के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें मेडिकल सहायता लेनी पड़ी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर दिया। दबाव के क्षणों में बेहतरीन संयम दिखाते हुए गफ ने दूसरे सेट के 12वें गेम में ब्रेक हासिल किया और मुकाबले को निर्णायक सेट तक पहुंचा दिया। तीसरे सेट में लय पूरी तरह उनके पक्ष में थी। 1-1 की बराबरी के बाद उन्होंने लगातार पांच गेम जीतकर दो घंटे 21 मिनट में मैच अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ गफ ने क्रिस्टी के विरुद्ध अपना हेड-टू-हेड रिकार्ड 3-0 कर लिया और खास बात यह रही कि तीनों जीत तीन सेटों में आई हैं।

अमेरिकी प्रतिबंधों की आहट, चाबहार प्रोजेक्ट पर भारत के विकल्पों पर मंथन

नई दिल्ली   ईरान के चाबहार पोर्ट और रूस से तेल आयात को लेकर भारत जटिल कूटनीतिक स्थिति का सामना कर रहा है। अमेरिका की ओर से ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों की समयसीमा समाप्त होने के करीब है, जिससे भारत के सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि वह अपने रणनीतिक और आर्थिक हितों को कैसे सुरक्षित रखे। अगर पाबंदियों में छूट नहीं मिलती है तो चाबहार परियोजना में भारत की भूमिका प्रभावित हो सकती है, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए बेहद अहम मानी जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत चाबहार पोर्ट में अपनी भागीदारी को लेकर कई विकल्पों पर विचार कर रहा है। इनमें अस्थायी रूप से संचालन अधिकार किसी तीसरे पक्ष को सौंपना या निवेश ढांचे में बदलाव करना शामिल हो सकता है, ताकि अमेरिकी प्रतिबंधों से सीधे टकराव से बचा जा सके। हालांकि, यह भी साफ किया गया है कि भारत इस प्रोजेक्ट से पूरी तरह बाहर निकलने का इरादा नहीं रखता, बल्कि किसी भी तरह अपनी रणनीतिक उपस्थिति बनाए रखना चाहता है। चाबहार पोर्ट भारत के लिए कितना अहम चाबहार पोर्ट भारत के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि यह उसे पाकिस्तान को दरकिनार करते हुए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच मुहैया कराता है। यह बंदरगाह अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) का एक प्रमुख हिस्सा माना जाता है, जो भारत के व्यापारिक विस्तार और भू-राजनीतिक प्रभाव को बढ़ाने में मदद करता है। ऐसे में इस परियोजना से दूरी बनाना भारत के दीर्घकालिक हितों को नुकसान पहुंचा सकता है और क्षेत्र में उसकी भूमिका कमजोर कर सकता है। जानकारों का कहना है कि भारत को अमेरिकी दबाव में आकर चाबहार प्रोजेक्ट से बाहर नहीं निकलना चाहिए। नई दिल्ली की विदेश नीति हमेशा रणनीतिक स्वायत्तता पर आधारित रही है और उसे अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार फैसले लेने चाहिए। अगर भारत इस परियोजना से पीछे हटता है, तो इससे न केवल उसकी विश्वसनीयता प्रभावित होगी बल्कि क्षेत्रीय साझेदारों के साथ उसके संबंध भी कमजोर हो सकते हैं। रूस से तेल की खरीद कितनी जरूरी इसी तरह रूस से तेल खरीद का मुद्दा भी भारत के लिए बेहद अहम है। रूस से मिलने वाला सस्ता कच्चा तेल भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारत अमेरिकी दबाव में आकर रूस से तेल खरीद कम करता है, तो इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें अस्थिर बनी हुई हैं। भारत के सामने चुनौती यह है कि वह अमेरिका, ईरान और रूस के बीच संतुलन कैसे बनाए रखे। एक ओर अमेरिका के साथ रणनीतिक साझेदारी अहम है, वहीं दूसरी ओर ईरान और रूस के साथ आर्थिक व भू-राजनीतिक संबंध भी उतने ही जरूरी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को संतुलित और स्वतंत्र नीति अपनाते हुए अपने दीर्घकालिक हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि वह बदलते वैश्विक हालात में अपनी स्थिति मजबूत बनाए रख सके।

जीनोमिक्स क्रांत,AIIMS में भविष्य की चिकित्सा पर चर्चा

 नई दिल्ली बीमारियों का उपचार अब सबके लिए एक जैसा नहीं रहेगा, बल्कि अब यह हर मरीज के जीन (DNA) के आधार पर तय किया जाएगा। इसे प्रिसिजन मेडिसिन कहा जाता है, जिसमें उपचार अधिक सटीक, प्रभावी और व्यक्तिगत होता है। इससे स्वास्थ्य सेवाएं और ज्यादा उन्नत तथा प्रभावी हो जाएंगी। यह बात अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में ‘डीएनए डे 2026’ पर आयोजित संगोष्ठी में सामने आई। विशेषज्ञों ने बताया कि जीनोमिक्स (डीएनए आधारित विज्ञान) के उपयोग से भविष्य में उपचार का तरीका बदलने वाला है। चिकित्सक मरीज की जेनेटिक जानकारी के आधार पर बीमारी का बेहतर निदान और सही उपचार कर सकेंगे। जीनोमिक विज्ञान को क्लिनिकल प्रैक्टिस से जोड़ने पर जोर संगोष्ठी में जीनोमिक विज्ञान को क्लिनिकल प्रैक्टिस से जोड़ने पर जोर दिया गया। संगोष्ठी का आयोजन डीएनए सोसायटी आफ इंडिया और सोसाइटी ऑफ यंग साइंटिस्ट्स (एसवाईएस-एम्स) ने संयुक्त रूप से कराया। संगोष्ठी में 1953 में डीएनए की डबल हेलिक्स संरचना की खोज और 2003 में ह्यूमन जीनोम प्रोजेक्ट की पूर्णता को भी रेखांकित किया गया। उद्घाटन सत्र डीएनए सोसायटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष प्रो. अशोक शर्मा ने प्रिसिजन मेडिसिन में जीनोमिक्स की भूमिका पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि, सीएसआईआर इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलाजी (आईजीआईबी) के मुख्य वैज्ञानिक प्रो. अभय शर्मा ने मानव जीनोमिक्स और रोग विज्ञान पर न‌ई जानकारी साझा की। उन्होंने मानव जीनोमिक्स और रोग विज्ञान के उभरते आयामों को समझाया। कैंसर: एपिजीनोम की बीमारी' पर शोध प्रस्तुत मुख्य व्याख्यान में शिव नादर इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस के प्रो. संजीव गलांडे ने 'कैंसर: एपिजीनोम की बीमारी' पर शोध प्रस्तुत किया। डीएसआइ के वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य प्रो. श्रीकांत कुकरेती ने जीनोमिक्स अनुसंधान और क्लिनिकल उपयोग के बीच सेतु बनाने की आवश्यकता बताई। प्रीमास लाइफ साइंसेज के डा. भास्कर मैती ने स्पैटियल बायोलॉजी और मल्टीओमिक्स तकनीकों के उपयोग को समझाया। 300 से अधिक प्रतिभागियों की उपस्थिति वाले इस आयोजन में विशेषज्ञों ने ‘जीनोम इंडिया प्रोजेक्ट’ और ‘आयुष्मान भारत’ जैसी पहलों को देश में किफायती और सुलभ जीनोमिक चिकित्सा के लिए अहम बताया।

पहले नरेन का जादू, फिर रिंकू का फिनिश—सिर्फ 4 गेंदों में जीता सुपर ओवर

लखनऊ  इकाना स्टेडियम में रविवार की रात आईपीएल 2026 का सबसे रोमांचक मुकाबला खेला गया। लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मैच आखिरी गेंद तक खिंचा और अंततः टाई रहा। इसके बाद हुए सुपर ओवर में वो ड्रामा देखने को मिला जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। सुनील नारायण की जादुई गेंदबाजी और रिंकू सिंह के विजयी चौके की बदौलत कोलकाता ने न केवल यह मैच जीता, बल्कि खुद को अंक तालिका के सबसे निचले पायदान से भी बाहर निकाला। मैच का रोमांच, शमी के छक्के ने मुकाबले को किया टाई 156 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए लखनऊ की टीम एक समय हार की कगार पर थी। आखिरी ओवर में जीत के लिए 13 रनों की जरूरत थी। कार्तिक त्यागी की गेंदबाजी और रिंकू सिंह के शानदार कैचों ने मैच को फंसा दिया था। अंतिम गेंद पर लखनऊ को जीत के लिए 7 रनों की दरकार थी और स्ट्राइक पर थे मोहम्मद शमी। शमी ने त्यागी की स्लॉट बॉल को लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से छक्के के लिए भेजकर स्कोर बराबर कर दिया और मैच को सुपर ओवर में धकेल दिया। सुपर ओवर का ड्रामा, नारायण ने लखनऊ को 1 रन पर समेटा सुपर ओवर में लखनऊ पहले बल्लेबाजी करने उतरी, लेकिन उनके सामने सुनील नारायण की चुनौती थी। नारायण ने पहली ही गेंद पर निकोलस पूरन को बोल्ड कर लखनऊ को तगड़ा झटका दिया। अगली गेंद पर ऋषभ पंत ने एक रन लिया, जिससे मार्करम स्ट्राइक पर आए। मार्करम ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन बाउंड्री पर खड़े रोवमैन पॉवेल ने गजब की सूझबूझ दिखाई। पॉवेल ने बाउंड्री के बाहर जाने से ठीक पहले गेंद को हवा में उछाला और पास खड़े रिंकू सिंह ने कैच लपक लिया। इस तरह लखनऊ की पूरी टीम सुपर ओवर में महज 1 रन पर ऑलआउट हो गई। आपको बता दें कि सुपर ओवर में सिर्फ दो ही विकेट मिलते हैं। रिंकू सिंह का फिनिशिंग टच, पहली गेंद पर खत्म किया खेल मैच के असली हीरो रिंकू सिंह रहे। पहले मुख्य मैच में उन्होंने 51 गेंदों पर 83 रनों की शानदार पारी खेलकर केकेआर को 155 रन तक पहुंचाया और फील्डिंग में भी चार शानदार कैच पकड़े। जब सुपर ओवर में जीत के लिए सिर्फ 2 रनों की जरूरत थी, तो रिंकू सिंह स्ट्राइक पर आए। प्रिंस यादव की पहली ही गेंद को रिंकू ने कवर-पॉइंट के बीच से बाउंड्री की राह दिखाई और चौका जड़कर कोलकाता को एक यादगार जीत दिला दी। शमी ने आखिरी गेंद पर छक्का जड़ टाई कराया मैच टारगेट का पीछा करने उतरी LSG की आधी टीम 93 रन पर ही सिमट गई थी। मिचेल मार्श (2), एडन मारक्रम (31), कप्तान ऋषभ पंत (42), निकोलस पूरन (9) और मुकुल चौधरी (1) पवेलियन लौट चुके थे। यहां से आयुष बदोनी और इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर उतरे हिम्मत सिंह ने मोर्चा संभाला और LSG की उम्मीदें जगाईं। हालांकि KKR ने बदोनी (24) को चलता कर मेजबान टीम को फिर से बैकफुट पर धकेल दिया। LSG को आखिरी 2 ओवर में 28 रन बनाने थे। 19वां ओवर लेकर आए वैभव अरोड़ा ने सिर्फ 11 रन खर्चे और जॉर्ज लिंडे (8) का विकेट भी चटकाया। अब LSG को आखिरी ओवर में 17 रन की जरूरत थी। KKR की ओर से आखिरी ओवर लेकर आए कार्तिक त्यागी ने दो नो-बॉल डालने के बावजूद 5 गेंद में 11 रन ही दिए और साथ ही हिम्मत का विकेट भी झटक लिया। मुकाबला KKR की मुट्ठी में लग रहा था लेकिन मोहम्मद शमी ने आखिरी गेंद पर छक्का जड़ स्कोर बराबर कर दिया, जिससे LSG को वापसी का मौका मिला लेकिन उसने सुपर ओवर में हथियार डाल दिए। रिंकू सिंह ने खेली 83 रन की धाकड़ पारी इससे पहले KKR ने पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाए जाने पर 93 रन पर 7 विकेट खो दिए थे। KKR की पारी 120 के नीचे सिमटती दिख रही थी लेकिन रिंकू सिंह ने एक छोर पर खड़े रहकर उसे लड़ने लायक स्कोर तक पहुंचा दिया। रिंकू ने 51 गेंद में 83 रन की नाबाद पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 7 चौके और 5 छक्के निकले, जिसमें 4 छक्के उन्होंने दिग्वेश राठी के खिलाफ आखिरी ओवर में जड़े। रिंकू ने धाकड़ बल्लेबाजी करने के बाद फील्ड में भी फुर्ती दिखाते हुए 4 महत्वपूर्ण कैच लपके। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया।

नायब सरकार की इंडस्ट्री पॉलिस,रोजगार, सब्सिडी और टेक्नोलॉजी पर जोर

चंडीगढ़  बहुत जल्द नायब सरकार अपनी नई उद्योग पालिसी-2026 लेकर आ रही है। ड्राप्ट तैयार हो चुका है। पिछले सप्ताह दो दिन उद्यमियों के साथ नई दिल्ली में बैठक कर पालिसी को लेकर सुझाव और निवेश पर चर्चा करने के बाद उसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। पॉलिसी बनने के बाद कैबिनेट की मंजूरी लेने के बाद उसे लागू कर दिया जाएगा। नई पॉलिसी में रोजगार, निवेश और नई तकनीक के साथ-साथ बेहतर उत्पाद बनाने वाली औद्योगिक इकाई को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। नायब सरकार का दावा है कि देश की सबसे बेहतर उद्योग पॉलिसी होगी। युवाओं और महिलाओं को मिलेगी और अधिक नौकरी नई पॉलिसी में हरियाणा के युवाओं को अधिक रोजगार देने वाली कंपनियों के लिए सरकार से मिलने वाली सालाना प्रोत्साहन राशि में बढ़ोत्तरी हो सकती है। कंपनी अगर दिव्यांग और स्थानीय महिलाओं को नौकरी देगी तो सरकार की ओर से उसे प्रति वर्ष 1.2 लाख रुपये की प्राेत्साहन राशि देगी। जो कंपनी सबसे अधिक हरियाणा के युवाओं को लगाएगी उसे अधिक सब्सिडी मिल सकती है। रिसर्च सेंटर बनाने पर 50 प्रतिशत सब्सिडी लार्ज इंडस्ट्री को दस करोड़ तो मेगा कंपनियों को पसास करोड़ रुपये तक देने का भी प्रविधान बन सकता है। यदि कोई कंपनी अपने उत्पाद का नेशनल स्तर पर पेटेंट कराती है तो उसे 50 लाख और विश्व स्तर पर कराने पर बतौर इनाम एक करोड़ की राशि राज्य सरकार देगी। ऐसे होगा निगरानी तंत्र पॉलिसी के तहत एक उच्चस्तरीय समिति होगी जिसके मुख्यमंत्री खुद होंगे। यह समिति अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट को मंजूरी देगी। हरियाणा एंटरप्राइजेज प्रमोशन बोर्ड का गठन होगा जिसे अध्यक्ष उद्योग मंत्री होंगे जो मेगा प्रोजेक्ट को मंजूरी देगा। एक उद्योग विभाग की समिति होगी हो छोटी औद्योगिक इकाइयों को मंजूरी देगी। नई पॉलिसी की खसियत     कंपनियों को निवेश पर नहीं बल्कि प्रदर्शन के आधार पर लाभ मिलेगा     कोर क्षेत्र में 30 प्रतिशत इंटरमीडिएट में 60 सब प्राइम में 75 और प्राइम क्षेत्र में 100 स्टांप डयूटी पर छूट मिलेगी     सिंगल विंडो सिस्टम होगा। एक पोर्टल पर सभी सुविधा मिलेगी, जिसमें आनलाइन आवेदन, ट्रैकिंग सिस्टम और तय समय में स्वीकृत मिलना शामिल है।     आटोमोबाइल, ऑटो पार्टस, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रानिक्स, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, डिफेंस, ग्रीन एनर्जी, ईवी, केमिकल, तथा पेट्रोकेमिकल इन्हें पांच प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी का प्रविधान बनाया जा सकता है।  

HRRL रिफाइनरी में आग के बाद मरम्मत तेज, मई में उत्पादन की तैयारी

बाड़मेर  राजस्थान के बालोतरा (पचपदरा) में अग्निकांड के बाद खुशखबरी मिली है। देश की महत्वाकांक्षी परियोजना एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) में फिर से जल्द ही सुचारू होगी। हाल ही में हुई अग्नि दुर्घटना को लेकर कंपनी ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। रिफाइनरी के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से, क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) में लगी आग के बाद अब मरम्मत कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। कंपनी का लक्ष्य है कि मई 2026 के अंत तक यूनिट को दोबारा चालू कर उत्पादन शुरू कर दिया जाए। जांच में खुलासा: लीकेज बना हादसे की वजह कंपनी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, यह आग सीडीयू यूनिट के हीट एक्सचेंजर स्टैक तक ही सीमित रही। दुर्घटना का मुख्य कारण वैक्यूम रेजिड्यू एक्सचेंजर की इनलेट लाइन पर लगे प्रेशर गेज टैपिंग पॉइंट से हाइड्रोकार्बन का रिसाव माना जा रहा है। राहत की बात यह रही कि सुरक्षा प्रणालियों के सक्रिय होने से आग पूरे प्लांट में नहीं फैली। इस हादसे में कुल छह एक्सचेंजर और उनसे जुड़े सहायक उपकरणों को नुकसान पहुंचा है, जिन्हें अब बदला या दुरुस्त किया जा रहा है। मई 2026 से मिलेगा स्वदेशी ईंधन एचआरआरएल प्रबंधन के अनुसार, प्रभावित हिस्सों की मरम्मत का काम अगले 3 से 4 सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा। कंपनी की योजना के मुताबिक मई 2026 का दूसरा पखवाड़ा से सीडीयू यूनिट को दोबारा शुरू किया जाएगा। कंपनी ने इसके लिए मई के तीसरे- चौथे सप्ताह की समयसीमा रखी है। इसी महीने के दौरान एलपीजी, पेट्रोल (MS), डीजल (HSD) और नैफ्था जैसे उत्पादों का ट्रायल प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा। अन्य सहायक इकाइयां पहले से ही कमीशनिंग के अंतिम चरण में हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से स्थिर किया जाएगा। राजस्थान की पचपदरा रिफाइनरी में लगी भीषण आग, PM मोदी करने वाले थे उद्घाटन पढ़िये पदपचरा रिफाइनरी अग्निकांड से जुड़ी प्रमुख बातें     कंपनी की प्रारम्भिक जांच के अनुसार आग लगने की मुख्य वजह हाइड्रोकार्बन का रिसाव था।     यह रिसाव वैक्यूम रेजिड्यू एक्सचेंजर की इनलेट लाइन पर लगे एक प्रेशर गेज टैपिंग पॉइंट से हुआ था।     पदपचरा रिफाइनरी 80,000 करोड़ रुपये की विशाल परियोजना है, जिसकी ल क्षमता 9 मिलियन टन प्रति वर्ष है।