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HRRL रिफाइनरी में आग के बाद मरम्मत तेज, मई में उत्पादन की तैयारी

बाड़मेर  राजस्थान के बालोतरा (पचपदरा) में अग्निकांड के बाद खुशखबरी मिली है। देश की महत्वाकांक्षी परियोजना एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) में फिर से जल्द ही सुचारू होगी। हाल ही में हुई अग्नि दुर्घटना को लेकर कंपनी ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। रिफाइनरी के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से, क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) में लगी आग के बाद अब मरम्मत कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। कंपनी का लक्ष्य है कि मई 2026 के अंत तक यूनिट को दोबारा चालू कर उत्पादन शुरू कर दिया जाए। जांच में खुलासा: लीकेज बना हादसे की वजह कंपनी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, यह आग सीडीयू यूनिट के हीट एक्सचेंजर स्टैक तक ही सीमित रही। दुर्घटना का मुख्य कारण वैक्यूम रेजिड्यू एक्सचेंजर की इनलेट लाइन पर लगे प्रेशर गेज टैपिंग पॉइंट से हाइड्रोकार्बन का रिसाव माना जा रहा है। राहत की बात यह रही कि सुरक्षा प्रणालियों के सक्रिय होने से आग पूरे प्लांट में नहीं फैली। इस हादसे में कुल छह एक्सचेंजर और उनसे जुड़े सहायक उपकरणों को नुकसान पहुंचा है, जिन्हें अब बदला या दुरुस्त किया जा रहा है। मई 2026 से मिलेगा स्वदेशी ईंधन एचआरआरएल प्रबंधन के अनुसार, प्रभावित हिस्सों की मरम्मत का काम अगले 3 से 4 सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा। कंपनी की योजना के मुताबिक मई 2026 का दूसरा पखवाड़ा से सीडीयू यूनिट को दोबारा शुरू किया जाएगा। कंपनी ने इसके लिए मई के तीसरे- चौथे सप्ताह की समयसीमा रखी है। इसी महीने के दौरान एलपीजी, पेट्रोल (MS), डीजल (HSD) और नैफ्था जैसे उत्पादों का ट्रायल प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा। अन्य सहायक इकाइयां पहले से ही कमीशनिंग के अंतिम चरण में हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से स्थिर किया जाएगा। राजस्थान की पचपदरा रिफाइनरी में लगी भीषण आग, PM मोदी करने वाले थे उद्घाटन पढ़िये पदपचरा रिफाइनरी अग्निकांड से जुड़ी प्रमुख बातें     कंपनी की प्रारम्भिक जांच के अनुसार आग लगने की मुख्य वजह हाइड्रोकार्बन का रिसाव था।     यह रिसाव वैक्यूम रेजिड्यू एक्सचेंजर की इनलेट लाइन पर लगे एक प्रेशर गेज टैपिंग पॉइंट से हुआ था।     पदपचरा रिफाइनरी 80,000 करोड़ रुपये की विशाल परियोजना है, जिसकी ल क्षमता 9 मिलियन टन प्रति वर्ष है।  

जमीन कब्जा और फाइनेंशियल फ्रॉड केस में कारोबारी रडार पर, जांच तेज

पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल में जारी विधानसभा चुनाव के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों ने  फरार अपराधी 'सोना पप्पू' से जुड़े कथित जमीन कब्जाने और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में कोलकाता के कई स्थानों पर छापे मारे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने आनंदपुर और अलीपुर क्षेत्रों में दो कारोबारियों के आवासों पर छापे मारे। ईडी अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया, ''ये छापे वित्तीय अनियमितताओं और फरार आरोपी सोना पप्पू से संभावित संबंधों की जारी जांच का हिस्सा हैं।" सोना पप्पू को जमीन कब्जाने और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े मामलों का प्रमुख आरोपी माना जाता है और वह पिछले कुछ समय से फरार है। अधिकारियों का मानना है कि उसके कई कारोबारियों से करीबी संबंध थे, जिसके कारण एजेंसी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाया है। ईडी अधिकारी ने कहा, ''पूछताछ के दौरान हमें कुछ अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर हम इन परिसरों तक पहुंचे।'' उन्होंने बताया कि ईडी दो कारोबारियों की कथित वित्तीय गड़बड़ियों में भूमिका की जांच कर रही है और यह भी देखा जा रहा है कि क्या उन्होंने अवैध लेनदेन के माध्यम के रूप में काम किया। ईडी सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच जारी है तथा आने वाले दिनों में और भी छापेमारी हो सकती है। गेहूं घोटाले में भी ईडी की छापेमारी इससे पहले, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत गेहूं घोटाले से जुड़े मामले में कोलकाता, बर्दवान और हाबरा स्थित नौ ठिकानों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई निरंजन चंद्र साहा और अन्य आरोपियों से जुड़े आपूर्तिकर्ताओं तथा निर्यातकों के परिसरों पर की जा रही है। प्रवर्तन निदेशालय ने यह जांच धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत शुरू की है, जो पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा बशीरहाट थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गयी है। यह मामला घोजाडांगा भूमि सीमा शुल्क केंद्र के उप आयुक्त की शिकायत पर दर्ज हुआ था, जिसमें कल्याणकारी योजनाओं के लिए निर्धारित गेहूं की बड़े पैमाने पर हेराफेरी का आरोप लगाया गया था। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से लाभार्थियों के लिए निर्धारित गेहूं को अवैध रूप से आपूर्ति श्रृंखला से बाहर निकालकर कम कीमत पर प्राप्त किया और फिर उसे खुले बाजार में ऊंची कीमत पर बेच दिया। इस प्रक्रिया में आपूर्तिकर्ताओं, अधिकृत वितरकों, डीलरों और बिचौलियों की मिलीभगत बतायी गयी है।

मुगलकालीन विज्ञान की अनमोल धरोहर: एस्ट्रोलेब में विज्ञान और संस्कृति का अनोखा संगम

लंदन जयपुर के शाही संग्रह की सबसे बेशकीमती वैज्ञानिक विरासतों में से एक 17वीं शताब्दी का एक विशाल ‘एस्ट्रोलेब’ (खगोलीय गणना यंत्र) आगामी 29 अप्रैल को लंदन के सोथबी नीलामी घर में वैश्विक बोली के लिए तैयार है। पीतल से बने इस अद्भुत यंत्र को विशेषज्ञ अपनी बहुमुखी क्षमताओं के कारण उस दौर का ‘सुपरकंप्यूटर’ और ‘प्राचीन स्मार्टफोन’ करार दे रहे हैं। सोथबी के ‘इस्लामिक एंड इंडियन आर्ट’ विभाग के प्रमुख बेनेडिक्ट कार्टर ने इस यंत्र को अब तक का सबसे विशाल और दुर्लभ खगोलीय उपकरण बताया है। इसकी ऐतिहासिक जड़ें जयपुर के पूर्व महाराजा सवाई मानसिंह द्वितीय के निजी संग्रह से जुड़ी हैं। महाराजा के निधन के बाद यह उनकी पत्नी और विश्वप्रसिद्ध महारानी गायत्री देवी के पास रहा, जहां से यह कालांतर में एक निजी संग्रह का हिस्सा बन गया। अब पहली बार इसे सार्वजनिक मंच पर प्रदर्शित और नीलाम किया जा रहा है। टूट सकता है वर्ल्ड रिकॉर्ड तकनीकी और वैज्ञानिक दृष्टि से यह यंत्र अपने समय की कला का शिखर है। इसका वजन 8.2 किलोग्राम और ऊंचाई लगभग 46 सेंटीमीटर है, जो सामान्य एस्ट्रोलेब की तुलना में चार गुना बड़ा है। इसकी दुर्लभता और शाही जुड़ाव को देखते हुए, विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह 1.5 से 2.5 मिलियन पाउंड (लगभग 15 से 25 करोड़ रुपए) के बीच बिक सकता है, जो खगोलीय यंत्रों की नीलामी के पिछले सभी विश्व रिकॉर्ड तोड़ सकता है। इस यंत्र की सबसे बड़ी खूबी इसका ‘ऑल-इन-वन’ गैजेट होना है। ऑक्सफोर्ड की इतिहासकार डॉ. फेडेरिका गिगेंटे के अनुसार, इसके जरिए 17वीं सदी में खगोलशास्त्री सूर्योदय-सूर्यास्त का समय, तारों की सटीक स्थिति, किसी कुएं की गहराई और इमारतों की ऊंचाई माप सकते थे। इसके अलावा, इसका उपयोग मक्का की दिशा निर्धारित करने और पंचांग की सहायता से सटीक कुंडलियां तैयार करने के लिए भी किया जाता था। विज्ञान और संस्कृति का समन्वय सांस्कृतिक रूप से यह यंत्र मुगलकालीन भारत की मिली-जुली विरासत का जीवंत प्रमाण है। इसे 17वीं सदी की शुरुआत में लाहौर (अब पाकिस्तान) के मशहूर ‘लाहौर स्कूल’ के दो भाइयों कायम मुहम्मद और मुहम्मद मुकीम ने बनाया था। इस यंत्र पर तारों के नाम फारसी में अंकित हैं, जिनके ठीक बगल में उनके संस्कृत समकक्ष नाम देवनागरी लिपि में उकेरे गए हैं। यह उस दौर में विज्ञान और संस्कृति के अद्भुत समन्वय को दर्शाता है। आज भी बिल्कुल सटीक गणना यह एस्ट्रोलेब लाहौर के तत्कालीन प्रशासक आका अफजल के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया था, जो मुगल सम्राट जहांगीर और शाहजहां के शासनकाल में ऊंचे पदों पर तैनात थे। इसमें 94 शहरों के अक्षांश और देशांतर के साथ-साथ 38 तारों के पॉइंटर्स दिये गये हैं, जो आज भी इतने सटीक हैं कि किसी भी खगोलीय पिंड की ऊंचाई की एकदम सही डिग्री बता सकते हैं। विश्व भर के संग्रहालय और निजी संग्रहकर्ता इस अनूठी वैज्ञानिक धरोहर को हासिल करने के लिए उत्सुक हैं।

आगरा में RTE दाखिले में लापरवाही, 18 स्कूलों पर कार्रवाई की तैयारी

 आगरा  यूपी के आगरा में निशुल्क शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत गरीब और कमजोर आय वर्ग के बच्चों को निजी स्कूल प्रवेश नहीं दे रहे हैं। 2213 बच्चे प्रवेश से वंचित हैं। स्कूल संचालक अभिभावकों को औपचारिकता पूरी कराने के लिए टाल मटोल करने में लगे हैं। शुक्रवार को जिला टास्क फोर्स (डीटीएफ) की बैठक में डीएम मनीष बंसल के सामने यह मामला आया तो उन्होंने ऐसे स्कूलों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कही है। आरटीई के तहत आगरा के 8112 बच्चों को प्रवेश लिए चयनित किया गया था। इनमें से 5899 बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश मिल चुका है। मगर 2213 बच्चे प्रवेश के लिए भटक रहे हैं। उनके माता-पिता स्कूलों के चक्कर काट-काटकर परेशान हो चुके हैं। डीएम ने जब इस लापरवाही का कारण पूछा तो अधीनस्थों ने बताया कि 18 निजी स्कूल हैं जो कि अड़चन पैदा कर रहे हैं। हालांकि इन स्कूलों को नोटिस जारी कर दिए हैं, लेकिन इसके बावजूद भी बच्चों को प्रवेश नहीं हुआ है। इस पर डीएम ने फटकार लगाते हुए इन स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। बीईओ जाकर कराएं प्रवेश: डीएम डीएम मनीष बंसल ने कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ऐसे स्कूलों में खुद जाकर देखें किन कारणों से बच्चों को प्रवेश नहीं मिल रहे हैं। जो औपचारिकताएं पूरी करा चुके हैं, उनके बच्‍चों को तत्काल प्रभाव से प्रवेश कराया जाए। प्रवेश नहीं देने के कारण जानकार उन्हें इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। आरटीई में शत प्रतिशत प्रवेश कराया जाना चाहिए। जो प्रवेश में बाधा डाल रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। बीईओ रोजाना चखेंगे मिडडे मील नवागत डीएम मनीष बंसल ने स्कूल चलो अभियान को जनआंदोलन बनाने की बात कही है। स्कूलों में पंजीकरण की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ ये भी देखा जाए कि बच्चें प्रतिदिन स्कूल पहुंचे। इसके अलावा बच्चों को मिलने वाला मिड डे मील को बीईओ बच्चों के साथ बैठकर मिड डे मील खाएं। ऐसा करते हुए प्रतिदिन फोटो शेयर करें।  

BPSC परीक्षा में सॉल्वर गैंग का जाल, 8 FIR दर्ज

पटना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) की परीक्षा में धांधली की परतें अब तेजी से खुलने लगी हैं। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इसमें एक बड़े संगठित गिरोह और 'सॉल्वर गैंग' की भूमिका सामने आ रही है। इस मामले में अब तक बिहार के 5 अलग-अलग जिलों में 8 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, वहीं पुलिस ने अब तक कुल 38 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। EOU ने मामले की गंभीरता को देखते हुए BPSC से कई अहम जानकारियां मांगी हैं, जिससे आने वाले दिनों में कुछ बड़े नामों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। 5 जिलों में एक जैसा चीटिंग पैटर्न EOU की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मुंगेर, नालंदा, बेगूसराय, शेखपुरा और गया जैसे जिलों के परीक्षा केंद्रों पर धांधली का एक जैसा पैटर्न मिला है। कई अभ्यर्थी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज के साथ रंगे हाथों पकड़े गए। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि इस धांधली के पीछे एक बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा था, जो अभ्यर्थियों को 25 से 30 लाख रुपये में परीक्षा पास कराने का झांसा देता था। SIT का गठन कर अब इस संगठित गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश की जा रही है। ब्लैकलिस्टेड कंपनी पर क्यों मेहरबान था आयोग? जांच का सबसे बड़ा और विवादित पहलू परीक्षा आयोजित कराने वाली निजी एजेंसी 'मेसर्स साई एजु केयर प्राइवेट लिमिटेड, जयपुर' की भूमिका है। रिपोर्ट के अनुसार, जिस कंपनी को परीक्षा के संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी, उसे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पहले ही ब्लैकलिस्टेड कर रखा है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर एक दागी कंपनी को इतनी महत्वपूर्ण परीक्षा का जिम्मा कैसे दिया गया? इसके अलावा, बायोमेट्रिक हाजिरी लेने वाले कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिनसे अब कड़ी पूछताछ की जा रही है। 14 से 21 अप्रैल के बीच हुई थी परीक्षा BPSC ने 14 अप्रैल से 21 अप्रैल के बीच AEDO की परीक्षा आयोजित की थी। परीक्षा के दौरान ही कई केंद्रों से गड़बड़ी की खबरें आने लगी थीं, जिसके बाद EOU ने मोर्चा संभाला। अब EOU ने BPSC से उन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का ब्यौरा मांगा है, जो परीक्षा प्रक्रिया और एजेंसी के चयन में शामिल थे।

हाईटेक एंबुलेंस सेवा से मिलेगा तेज इलाज, GPS और लाइफ सपोर्ट सिस्टम से लैस होंगे वाहन

चंडीगढ़ हरियाणा की सड़कों पर बढ़ते हादसे अब सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि हर मिनट जिंदगी और मौत की जंग बन चुके हैं। कई मामलों में एंबुलेंस की थोड़ी सी देरी भारी पड़ जाती है। इसे देखते हुए राज्य सरकार अब अपने इमरजेंसी एंबुलेंस नेटवर्क की रफ्तार को तेजी देगी ताकि हादसे के बाद मदद मिनटों में पहुंचे, घंटों में नहीं। इसके लिए राज्य सरकार अपने एंबुलेंस बेड़े में 296 नई एंबुलेंस शामिल करने जा रही है। इन एंबुलेंस के जरिये सरकार का लक्ष्य किसी भी हादसे या ट्रामा के स्पॉट पर दस मिनट से कम समय पर पहुंचने का रखा गया है। नए बेड़े में 70 एंबुलेंस एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट वाली होंगी। 59 को आउटसोर्सिंग के जरिये शामिल किया जाएगा। बाकी 167 बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) एंबुलेंस की खरीद प्रक्रिया जारी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया, ट्रॉमा, हार्ट अटैक और सड़क हादसों जैसी आपात स्थितियों में हर मिनट की अहमियत होती है। खासतौर पर हाईवे और घनी आबादी वाले शहरों में बढ़ती इमरजेंसी कॉल्स को देखते हुए त्वरित प्रतिक्रिया बेहद जरूरी हो गई है। कोशिश है कि जरूरत के समय एंबुलेंस दस मिनट से कम समय पर पहुंचे। मार्च का हमारी एंबुलेंस का औसत 9.29 मिनट का आया है। अब इसे नौ मिनट के आसपास ही रखना है। इस पर खासी निगरानी की जा रही है। अमर उजाला ने एंबुलेंस की कमी का भी मुद्दा उठाया था। सात जिलों में एंबुलेंस की संख्या बढ़ेगी राज्य में फिलहाल 550 एंबुलेंस हैं। इनमें 210 के वाहन अपनी उम्र पूरी कर चुके हैं। गुरुग्राम में 27 एंबुलेंस को बढ़ाकर 35, फरीदाबाद में 20 से 27, पंचकूला में 21 से 27, यमुनानगर में 20 से 25, हिसार में 30 से 33, करनाल में 30 से 31 और सिरसा में 32 से 37 एंबुलेंस तैनात करने का प्रस्ताव है। इस विस्तार का मकसद आपातकालीन प्रतिक्रिया समय को कम करना और दुर्घटना या गंभीर मरीजों तक तेजी से चिकित्सा सहायता पहुंचाना है। हाईटेक होगी एंबुलेंस सेवा नई एंबुलेंस सिर्फ संख्या नहीं बढ़ाएंगी, बल्कि तकनीक से भी लैस होंगी। इनमें रियल-टाइम जीपीएस ट्रैकिंग, ऑटोमैटिक कॉल-रूटिंग सिस्टम और डायरेक्ट कम्युनिकेशन डिवाइस लगाए जाएंगे जिससे कॉल से लेकर रिस्पॉन्स तक का समय घटेगा। एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस में कार्डियक मॉनिटर, डिफिब्रिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट और जरूरी दवाओं जैसी सुविधाएं होंगी ताकि मरीज को मौके पर ही स्थिर किया जा सके। इसके साथ ही स्टाफ को भी विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। ड्राइवर, इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन और कॉल सेंटर ऑपरेटरों को खास ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि कॉल आने से लेकर मरीज को अस्पताल पहुंचाने तक हर कदम पर बेहतर तालमेल बन सके। किस साल कितना टाइम रहा साल             एंबुलेंस का टाइम 2017-18             16 मिनट 2018-19             16 मिनट 2019-20             16 मिनट 2020-21             15 मिनट 2021-22             13 मिनट 2022-23             12 मिनट 2023-24             12 मिनट 2024-25             11 मिनट  

27 अप्रैल राशिफल,जानें किस राशि को मिलेगा लाभ, किसे रहना होगा सावधान

आज  27 अप्रैल 2026 को किन राशि वालों को होगा लाभ और किन राशि वालों की बढ़ सकती है परेशानी। पढ़ें मेष से लेकर मीन राशि तक का हाल… मेष राशि– आज आपके अंदर काम करने की अच्छी ऊर्जा रहेगी। सुबह से ही मन करेगा कि सब जल्दी-जल्दी निपटा दें। लेकिन दिक्कत तब आएगी जब सामने वाले आपकी स्पीड से नहीं चलेंगे। इससे चिड़चिड़ापन आ सकता है। बेहतर रहेगा कि थोड़ा धैर्य रखें। एक-एक काम पकड़कर चलेंगे तो ज्यादा अच्छा रहेगा। पैसों के मामले में दिन ठीक है, बस जल्दबाजी में फैसला न लें। वृषभ राशि- आज आपको लगेगा कि रोज का रूटीन थोड़ा भारी हो गया है। मन करेगा कुछ नया करने का। यह फीलिंग गलत नहीं है। छोटा सा बदलाव भी दिन को अच्छा बना सकता है- जैसे काम का तरीका बदलना या टाइम थोड़ा अलग रखना। पैसों और काम में स्थिरता रहेगी। परिवार के साथ समय बिताने से मन हल्का होगा। मिथुन राशि- आज कई काम और बातें एक साथ आ सकती हैं। हर जगह हां बोलने का मन करेगा, लेकिन यही गलती हो सकती है। जितना संभाल सकते हैं उतना ही लें। नहीं तो दिन के बीच में थकान और तनाव दोनों महसूस होंगे। पैसों के मामले में भी छोटे-छोटे खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए ध्यान रखें। कर्क राशि– आज मन थोड़ा भावुक रह सकता है। कोई छोटी बात भी दिल को लग सकती है। आप बाहर से सब ठीक दिखाएंगे, लेकिन अंदर असर रहेगा। बेहतर रहेगा कि खुद को थोड़ा समय दें। ज्यादा लोगों में रहने के बजाय थोड़ा शांत माहौल चुनें। काम धीरे-धीरे करेंगे तो ठीक रहेगा। सिंह राशि- आज काम में आपका दबदबा बना रहेगा। लोग आपकी बात मानेंगे और काम आगे बढ़ेगा। लेकिन ध्यान रखें कि अहंकार न आए। अगर आप शांत और संतुलित रहेंगे तो और ज्यादा फायदा मिलेगा। करियर के लिए दिन अच्छा है, बस व्यवहार सही रखें। कन्या राशि- आज जिम्मेदारियां ज्यादा लग सकती हैं। काम का दबाव रहेगा, लेकिन आप संभाल लेंगे। बस खुद को ज्यादा थकाएं नहीं। बीच-बीच में आराम भी लें। परिवार का साथ मिलेगा, जिससे मन थोड़ा हल्का रहेगा। तुला राशि– आज आप छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान देंगे और यही आपकी ताकत बनेगी। कोई भी काम करेंगे तो उसमें सुधार दिखेगा। लेकिन जरूरत से ज्यादा सोचने से बचें। हर चीज को परफेक्ट बनाने की कोशिश में खुद को थका न लें। धीरे-धीरे काम करेंगे तो बेहतर रहेगा। वृश्चिक राशि- आज दिमाग बहुत एक्टिव रहेगा। हर चीज के बारे में ज्यादा सोच सकते हैं। जरूरी है कि खुद को ओवरथिंकिंग से बचाएं। जो जरूरी है उसी पर ध्यान दें। काम और पैसे दोनों में स्थिरता रहेगी। धनु राशि- आज मन थोड़ा असंतुलित रह सकता है। हर किसी को खुश करने की कोशिश में खुद की जरूरतें पीछे रह सकती हैं। जरूरी है कि अपनी बात भी रखें। हर चीज में समझौता करना जरूरी नहीं है। काम सामान्य रहेगा, बस मानसिक संतुलन बनाए रखें। मकर राशि– आज आप कुछ बातें अंदर ही अंदर रखते रहेंगे। इससे मन भारी हो सकता है। अगर कोई बात परेशान कर रही है, तो उसे सुलझाने की कोशिश करें। काम ठीक चलेगा, लेकिन मन को हल्का रखना जरूरी है। ज्यादा सोचने से बचें। कुंभ राशि- आज आपके दिमाग में कई प्लान आएंगे, लेकिन उन्हें पूरा करना ज्यादा जरूरी है। सिर्फ सोचते रहने से कुछ नहीं होगा। एक काम चुनें और उसे पूरा करें। तभी संतोष मिलेगा। पैसों और काम में दिन ठीक रहेगा। मीन राशि- आज मन थोड़ा ज्यादा संवेदनशील रहेगा। छोटी बात भी ज्यादा महसूस हो सकती है। इसलिए खुद को शांत रखें और बेवजह की बातों से दूर रहें। अपने काम पर ध्यान देंगे तो दिन ठीक निकलेगा।  

हाफिज सईद के सहयोगी की पाकिस्तान में हत्या, अज्ञात हमलावरों ने गोलियों से भूना

पाकिस्तान पाकिस्तान में एक बार फिर से एक बड़े आतंकवादी की अननोन गनमैन ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी है। इस बार हाफिज सईद का खास और खैबर पख्तूनख्वा में लश्कर ए तैयबा कै चीफ शेख यूसुफ आफरीदी निशाना बना है। पाकिस्तान में एक बार फिर से 'अननोन गनमैन' का ऐक्शन देखने को मिला है। इस बार निशाना आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी बना है। अफरीदी को लश्कर प्रमुक हाफिर सईद का सबसे खास आदमी माना जाता है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक खैबर पख्तूनख्वा में हमलावरों ने अफरीदी के ऊपर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसकी वजह से उसकी तत्काल ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पाकिस्तान पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि अभी तक इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शेख यूसुफ अफऱीदी लंबे समय से लश्कर का प्रमुख गुर्गा रहा है। यह खैबर पख्तूनख्वा से मुजाहिद तैयार करने का काम करता था। यहां से इन्हें कश्मीर और अन्य जगह भेजा जाता था। अफरीदी को लश्कर की खैबर पख्तूनख्वा का प्रमुख माना जाता था। उसका लश्कर चीफ हाफिज सईद के साथ भी करीबी नाता है। अफरीदी कई बार हाफिज सईद के साथ सार्वजनिक तौर पर नजर भी आ चुका है। स्थानीय मीडिया आउटलेट्स से बात करते हुए पुलिस ने बताया कि इस मामले की हर ऐंगल से जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में यह टारगेट किलिंग का मामला लग रहा है। हमलावरों की तलाश की जा रही है। अभी तक इस हत्या की जिम्मेदारी किसी भी संगठन ने नहीं ली है। बता दें, पाकिस्तान में पिछले कुछ समय से अननोन गनमैन लगातार भारत विरोधी तत्वों को उनके कर्मों की सजा देते आ रहे हैं। भारत में ऐसे लोगों को कुछ लोग हीरो के तौर पर देखते हैं। हाल में आई फिल्म धुरंधर की कहानी को देखने के बाद कई लोग इस बात को मानते हैं कि पाकिस्तान में बैठे यह भारतीय खुफिया एजेंसी के एजेंट्स हैं, जो पाकिस्तान की धरती पर भारत के हितों की रक्षा करते हैं। हालांकि इस बारे में भारत सरकार का रुख साफ है कि वह किसी भी देश के संप्रभुता का उल्लंघन नहीं करती है और न ही किसी इंसान की हत्या में शामिल होती है।

बड़ा प्रशासनिक विवाद, बंगाल ने MP में पकड़े गए 3,259 लोगों को बताया अपना नागरिक

भोपाल मध्य प्रदेश में पुलिस द्वारा संदिग्ध बांग्लादेशी के रूप में पिछले वर्ष चिह्नित किए गए 3,278 लोगों में से 19 के अलावा बाकी को बंगाल सरकार ने अपने राज्य का निवासी माना है। बंगाल सरकार ने स्वीकार किया है कि इन लोगों के [Aadhaar Redacted], राशन कार्ड और मतदाता परिचय पत्र उनके यहां से ही बने हैं। 19 लोगों के दस्तावेज को वैध नहीं माना था, इसलिए इन्हें बांग्लादेश भेजने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस ने नियमानुसार सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सौंपा था। मुख्य सचिव और पुलिस टीमों की सक्रियता बता दें, केंद्र सरकार ने जून, 2025 में सभी राज्यों से संदिग्ध बांग्लादेशियों की पहचान और उनके दस्तावेज का सत्यापन कराने के लिए कहा था। इसके बाद मुख्य सचिव अनुराग जैन ने गृह व अन्य संबंधित विभागों और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें संदिग्धों को चिह्नित करने के तरीके व आगे की प्रक्रिया पर चर्चा हुई थी। सभी जिलों में थाना प्रभारियों को इन्हें चिह्नित करने की जिम्मेदारी दी गई। इसमें उनकी भाषा, काम आदि को आधार बनाया गया। अभियान में 3,278 लोगों को चिह्नित किया गया था। बंगाल भेजी गईं पुलिस की 20 टीमें संदिग्धों के दस्तावेज की पड़ताल के लिए मध्य प्रदेश से पुलिस की 20 टीमें बंगाल भेजी गई थीं। एक टीम ने तीन से चार जिलों में जाकर शासकीय कार्यालयों से दस्तावेज की पुष्टि की, जिनमें 3,259 को सही बताया गया। हालांकि, मध्य प्रदेश का गृह विभाग बंगाल सरकार द्वारा दस्तावेज को वैध ठहराए जाने को फिलहाल अंतिम नहीं मान रहा है। अधिकारियों का कहना है कि फिर से सत्यापन कराया जा सकता है। एमपी गृह विभाग दोबारा करा सकता है सत्यापन दरअसल, आशंका यह रहती है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों ने बंगाल में आकर फर्जी तरीके से दस्तावेज न बनवा लिए हों। इसी कारण अधिकारियों का कहना है कि संदेह होने पर फिर सत्यापन कराया जाएगा। यह सतत चलने वाली प्रक्रिया है। प्रशासन का मानना है कि सुरक्षा के लिहाज से पहचान और दस्तावेजों की सत्यता की गहराई से जांच करना अनिवार्य है ताकि किसी भी प्रकार की घुसपैठ की आशंका को समाप्त किया जा सके।  

ईरान-अमेरिका वार्ता ठप, पाकिस्तान निभा रहा मध्यस्थ की भूमिका

वाशिंगटन अमेरिका के साथ उच्च स्तरीय शांति वार्ता ठप पड़ने के बीच ईरान गंभीर डिजिटल आपातकाल का सामना कर रहा है। फरवरी के अंत में शुरू हुआ देशव्यापी इंटरनेट ब्लैकआउट अब दूसरे महीने में प्रवेश करने वाला है। अंतरराष्ट्रीय निगरानी संस्था नेटब्लॉक्स ने इसे किसी भी संप्रभु देश में लगा अब तक का सबसे लंबा राष्ट्रव्यापी इंटरनेट शटडाउन घोषित किया है। नेटब्लॉक्स के अनुसार, विस्तारित सेंसरशिप के मानवीय और आर्थिक प्रभाव लगातार बढ़ रहे हैं। यह कनेक्टेड समाज में शटडाउन का नया वैश्विक रिकॉर्ड है। बता दें कि ईरानी शासन ने अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों के तुरंत बाद फरवरी के अंत में यह ब्लैकआउट लागू किया था। इसके बाद से देश की 9 करोड़ से अधिक जनता पर बाहरी डिजिटल पहुंच लगभग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। यह कार्रवाई जनवरी में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान लगाए गए लंबे इंटरनेट शटडाउन की तर्ज पर की गई है। नेटब्लॉक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में पिछले 57 दिनों से इंटरनेट पूरी तरह बंद है। इससे पहले का रिकॉर्ड सूडान के नाम था, जहां 2021 में करीब 35-36 दिन इंटरनेट बंद रहा था। म्यांमार और एथियोपिया में कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट महीनों तक बंद रहा, लेकिन पूरे देश स्तर पर लगातार और एकसाथ शटडाउन के मामले में ईरान अब दुनिया में नंबर एक पर है। ईरान का अपना पुराना रिकॉर्ड 2019 का था, जब केवल सात दिनों के लिए इंटरनेट बंद किया गया था। इस बार का ब्लैकआउट उससे कहीं अधिक गंभीर और लंबा साबित हो रहा है। दूसरी ओर विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह शटडाउन और लंबा चला तो ईरान की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे पर और गंभीर असर पड़ सकता है। ईरान ने एकता का संदेश दिया, ट्रंप के दावों को खारिज किया गौरतलब है कि ईरान में पूर्ण इंटरनेट बंदी का दूसरा महीना समाप्त होने वाला है, लेकिन तेहरान सरकार मजबूत एकता का प्रदर्शन कर रही है। अधिकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आंतरिक विभाजन और रियायतों के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि उन्हें ईरान के साथ समझौता करने की कोई जल्दी नहीं है और बिना सबूत के दावा किया कि ईरानी नेतृत्व विभाजित है। ईरानी अधिकारियों ने इसे खारिज करते हुए सरकारी मीडिया के माध्यम से समन्वित बयान जारी किए हैं। सैन्य, सुरक्षा, न्यायपालिका और सरकारी निकाय अब एकरूप शब्दावली और प्रारूप का इस्तेमाल करते हुए समान संदेश जारी कर रहे हैं। इन संदेशों में सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के प्रति 'पूर्ण आज्ञापालन' का आह्वान भी किया जा रहा है। वार्ता स्थगित, पाकिस्तान जारी रखेगा मध्यस्थता इधर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के ओमान दौरे के बाद इस्लामाबाद लौटने की उम्मीद है, हालांकि ईरान-अमेरिका के बीच आमने-सामने की वार्ता फिलहाल स्थगित है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, प्रमुख मतभेदों के कारण ईरान सीधी बातचीत के लिए तैयार नहीं है। तेहरान अमेरिकी रुख को 'अतिवादी' बता रहा है और अमेरिकी मांगों को अस्वीकार्य मानता है। पाकिस्तान ने मध्यस्थता जारी रखने की इच्छा जताई है। अराघची के इस्लामाबाद में आगे की बातचीत की संभावना है, जबकि उनका प्रतिनिधिमंडल निर्देश लेने के लिए तेहरान लौट गया है। शरीफ और पेजेशकियान में 50 मिनट की फोन वार्ता पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बात की और शांति प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की। दोनों नेताओं ने हालिया राजनयिक संपर्कों की समीक्षा की और समन्वय जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान संवाद का समर्थन करने और क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए सूत्रधार की भूमिका निभाने को तैयार है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने पचास मिनट तक चली सौहार्दपूर्ण बातचीत में क्षेत्रीय स्थिति और शांति-स्थिरता के प्रयासों पर विस्तृत चर्चा की।