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थंथनिया कालीबाड़ी पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, 300 साल पुराने मंदिर और अनोखी परंपरा ने खींचा ध्यान

नॉर्थ कोलकाता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्थ कोलकाता में अपना रोड शो शुरू करने से पहले थंथनिया कालीबाड़ी में मां काली का आशीर्वाद लिया। थंथनिया कालीबाड़ी कोलकाता के सबसे प्राचीन और श्रद्धेय काली मंदिरों में से एक है। इसकी स्थापना वर्ष 1703 में हुई थी, यानी इसका इतिहास 300 साल से भी पुराना है। यह शहर के औपचारिक विकास से भी पहले का है। यहां मां काली की पूजा मां सिद्धेश्वरी के रूप में की जाती है और मंदिर की अधिष्ठात्री देवी को जाग्रत माना जाता है। मान्यता है कि रामकृष्ण परमहंस अक्सर इस मंदिर में आते थे और मां सिद्धेश्वरी के लिए भक्ति गीत गाया करते थे। उन्होंने यहां जो वाणी कही थी, उसे मंदिर की दीवारों पर अंकित किया गया है, जैसे कि शंकर के हृदय में मां काली विराजमान हैं। यह भारत के उन चुनिंदा काली मंदिरों में से एक है, जहां देवी को मांसाहारी प्रसाद अर्पित किया जाता है। इस परंपरा की शुरुआत भी रामकृष्ण परमहंस ने ही की थी। कहा जाता है कि उन्होंने डाब-चिंगरी (नारियल और झींगा) का भोग लगाकर मां सिद्धेश्वरी से केशव चंद्र सेन के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की थी। उस दिन के बाद से मंदिर में मांसाहारी प्रसाद चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है। जब रामकृष्ण देव श्यामापुकुर में बीमार पड़े थे, तब उनके अनुयायियों ने मां सिद्धेश्वरी से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए इसी मंदिर में मांसाहारी प्रसाद अर्पित कर प्रार्थना की थी। सालभर लगी रहती है भक्तों की भीड़ थंथनिया कालीबाड़ी में सालभर भक्तों की भीड़ लगी रहती है, लेकिन विशेष अवसरों पर यहां अलग ही माहौल देखने को मिलता है। खासकर काली पूजा और दुर्गा पूजा के दौरान मंदिर को भव्य रूप से सजाया जाता है। इन दिनों दूर-दूर से श्रद्धालु यहां आते हैं और मां काली के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चार और भक्ति संगीत से पूरा परिसर भक्तिमय हो जाता है। मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह कोलकाता की सांस्कृतिक विरासत का भी एक अहम हिस्सा है। यहां आने वाले श्रद्धालु न केवल पूजा-अर्चना करते हैं, बल्कि इस ऐतिहासिक स्थल की शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव भी करते हैं।  

राजस्थान की राजनीति में मारवाड़ बना केंद्र, कांग्रेस-बीजेपी की गतिविधियां तेज

 मारवाड़ राजस्थान के मारवाड़ की राजनीति में इन दिनों बड़ी हलचल दिख रही है. भले रिफाइनरी का उद्घाटन स्थगित ही गया हो, लेकिन कांग्रेस के नेताओं की गतिविधियां भी इस अंचल में बढ़ीं हैं. कांग्रेस के चार बड़े चेहरों में से तीन के दौरे मारवाड़ के अलग-अलग जिलों में तय हुए तो मारवाड़ की तरफ सबका ध्यान गया, जबकि दूसरे नेता कांग्रेस के दूसरे नेता मारवाड़ पर ध्यान देते दिखे तो इस बीच मारवाड़ मूल के नेता अशोक गहलोत की नजर दिल्ली दरबार पर थी. 200 में से 21 फीसदी सीट मारवाड़ से दरअसल, राजस्थान की राजनीति में मारवाड़ का बड़ा रुतबा है. प्रदेश के 200 विधानसभा क्षेत्र में से तकरीबन 21 फीसदी सीट इसी अंचल से आती हैं. ऐसे में राजस्थान विधानसभा के पांचवें हिस्से पर कोई भी बड़ी पार्टी मजबूती से ध्यान देना चाहेगी. यही कारण है कि राजस्थान विधानसभा में मजबूत जगह बनाने की मंशा रखने वाली पार्टियां इस अंचल पर पूरा फोकस करती हैं, फिर चाहे वह कांग्रेस हो, बीजेपी या फिर आरएलपी जैसी नवोदित पार्टी. हाल ही में मारवाड़ की चर्चा कांग्रेस और भाजपा दोनों की गतिविधियों को लेकर रही. पहले राजस्थान की रिफाइनरी के उद्घाटन का कार्यक्रम तय हुआ तो सीएम  भजनलाल शर्मा, के साथ ही सरकार के दूसरे मंत्री और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ समेत कई बड़े चेहरे यहां सक्रिय दिखे. रिफाइनरी के एक हिस्से में आग के चलते उद्घाटन टल गया, तो इसके बाद कांग्रेस नेताओं की सक्रियता मारवाड़ में बढ़ती दिखी. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली दो दिन के कार्यक्रम में पाली और सिरोही पहुंचे. वहां संगठन के कार्यक्रम में शामिल होने के साथ जनसुनवाई भी की. मारवाड़ की धरती से नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर निशाना भी साधा. रिफाइनरी और निकाय चुनाव पर सरकार को घेरा नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सिरोही से उदयपुर के लिए रवाना हुए तो उधर राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद डोटासरा बाड़मेर पहुंच गए. डोटासरा ने बाड़मेर में संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की तो कार्यकर्ताओं ने उनसे संगठन की आपसी खींचतान दूर करने की गुहार भी लगाई. इसके बाद डोटासरा जैसलमेर में संगठन के कार्यक्रम में शामिल हुएय अपने दौरे पर डोटासरा भी रिफाइनरी और निकाय चुनाव समेत दूसरे मुद्दों पर सरकार को घेरते दिखे. कांग्रेस नेताओं के दौरे से मारवाड़ में बढ़ा सियासी तापमान राजस्थान कांग्रेस में पीसीसी चीफ और नेता प्रतिपक्ष जैसे दो बड़े पदों पर बैठे नेताओं के मारवाड़ दौरे ने इस अंचल का सियासी तापमान बढ़ाया. इस बीच पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट का भी कार्यक्रम मारवाड़ अंचल के सांचौर जिले में तय हुआ, लेकिन विमान में आई तकनीकी खामी के चलते सचिन पायलट यहां नहीं पहुंच सके. इधर मारवाड़ में कांग्रेस नेताओं के दौरों के बीच अंचल में एक चर्चा दो दिन पहले दिल्ली से आई तस्वीर की भी दिखी. तस्वीर वही जिसमें गहलोत–पायलट हाथ मिलाते दिख रहे थे. हालांकि कांग्रेस नेताओं के मारवाड़ दौरे के बीच अशोक गहलोत दिल्ली दरबार को भी साधते दिखे. दो दिन पहले राहुल गांधी की मौजूदगी में हुई कांग्रेस ओबीसी एडवाइजरी कमेटी की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री शामिल हुए. मीटिंग में राहुल गांधी से गहलोत की मुलाकात भी हुई तो लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के साथ उनकी तस्वीर भी आई. इस बीच मारवाड़ के लोगों में तो यह बात भी है कि भले गहलोत मारवाड़ में हों या नहीं लेकिन मारवाड़ मूल का नेता अंचल की लगभग हर गतिविधि पर अपनी नजर हमेशा ही रखता है. क्षेत्र के लोगों की इस भावना पर मोहर लगाते हुए अशोक गहलोत ने कांग्रेस नेताओं के मारवाड़ और मेवाड़ दौरों को महत्वपूर्ण बताया. गहलोत ने यह भी कह दिया कि मारवाड़ में कांग्रेस कमजोर हुई है. ऐसे में मारवाड़ हो या मेवाड़, पूर्व, पश्चिम समेत प्रदेश के सभी हिस्सों में पार्टी को ध्यान देना चाहिए.  

धनबाद CSIR विवाद,1 लाख से 16 लाख किराया बिल, हाईकोर्ट ने पुनर्मूल्यांकन का आदेश

रांची झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत में सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ माइनिंग एंड फ्यूल रिसर्च (सीएसआइआर), धनबाद के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के सरकारी आवास के किराया बिल में छह माह के भीतर एक लाख रुपये से बढ़कर 16 लाख रुपये हो जाने के मामले सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए CSIR के निदेशक से पूछा कि आखिर इतनी कम अवधि में हाउस रेंट की राशि में इतना बढ़ोतरी कैसे हो गई। खंडपीठ ने CSIR के निदेशक को निर्देश दिया कि सेवानिवृत्त कर्मी गोपाल चंद्र लोहार के 16 लाख रुपये के हाउस रेंट बिल का पुनर्मूल्यांकन कर नए सिरे से गणना की जाए। मामले की अगली सुनवाई एक मई को निर्धारित की गई है। सुनवाई के दौरान कोर्ट के पूर्व आदेश के अनुपालन में सीएसआइआर के निदेशक, सेक्शन अफसर और प्रशासनिक अधिकारी अदालत में उपस्थित हुए। अदालत ने अगली सुनवाई में निदेशक को व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दे दी, लेकिन सेक्शन अफसर और प्रशासनिक अधिकारी को उपस्थित रहने का निर्देश दिया। प्रार्थी गोपाल चंद्र लोहार वर्ष 1989 में सीएसआइआर धनबाद में टेक्नीशियन पद पर नियुक्त हुए थे। वह 31 दिसंबर 2021 को सेवानिवृत्त हुए। आरोप है कि सेवानिवृत्ति के बाद करीब आठ माह तक उन्हें सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान नहीं किया गया। संस्थान की ओर से उन्हें पत्र देकर सूचित किया गया था कि सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें आवंटित आवास का किराया 9,995 रुपये प्रतिमाह देना होगा। 17 अप्रैल 2023 को संस्थान ने उन्हें आवास किराया का बकाया 1,06,403 रुपये बताया। इसके बाद नवंबर 2023 में उन्होंने आवास खाली कर दिया। बाद में संस्थान ने आवास किराया बकाया राशि बढ़ाकर 16,11,163 रुपये बता दिया। प्रार्थी का आरोप है कि ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट मद में बकाया लगभग 23 लाख रुपये में से 16 लाख रुपये काटने की मंशा से यह राशि बढ़ाई गई। ट्रिब्यूनल के आदेश पर भी सवाल प्रार्थी ने सरकारी क्वार्टर के किराया एवं दंडात्मक शुल्क की गणना को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। उनका कहना है कि ट्रिब्यूनल ने बिना उचित कारण बताए उनकी याचिका खारिज कर दी और आदेश अत्यंत संक्षिप्त दिया। हाई कोर्ट ने पूर्व की सुनवाई में टिप्पणी करते हुए था कि 17 अप्रैल 2023 को 1,06,403 रुपये और 22 अप्रैल 2024 को 16,11,163 रुपये की गणना के बीच भारी अंतर है, जबकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इतनी वृद्धि किस आधार पर हुई। अदालत ने यह भी कहा था कि पहली गणना प्रशासनिक अधिकारी ने की थी, जबकि बाद की गणना उससे निम्न स्तर के सेक्शन अफसर द्वारा की गई। ट्रिब्यूनल ने बिना जवाब मांगे ही मामले का निपटारा कर दिया, जो प्रथम दृष्टया उचित नहीं प्रतीत होता।

रोहित गोदारा गैंग पर शिकंजा, मोस्ट वांटेड कृष्ण सिंह दबोचा गया

जयपुर राजस्थान में संगठित अपराध और गैंगस्टरों के खिलाफ प्रदेश की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है. एडीजी दिनेश एम एन के कड़े निर्देशन में काम कर रही टीम ने सुजानगढ़ के बहुचर्चित 'जेडीजे ज्वैलर्स' फायरिंग मामले के मुख्य आरोपी कृष्ण सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. वह पिछले 3 सालों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था. रोहित गोदारा गैंग का सक्रिय मोहरा गिरफ्तार पकड़ा गया आरोपी कृष्ण सिंह कुख्यात अपराधी रोहित गोदारा और वीरेन्द्र चारण गैंग का बेहद सक्रिय सदस्य है. कृष्ण सिंह पर रंगदारी वसूलने के लिए फायरिंग करने और हत्या जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं. पुलिस लंबे समय से इसकी तलाश में जुटी थी. एजीटीएफ की पैनी नजर और सटीक मुखबिरी के चलते इस मोस्ट वांटेड अपराधी को सलाखों के पीछे भेजा जा सका है. 27 मुकदमों का अपराधी लक्ष्मण सिंह भी दबोचा गया इस कार्रवाई में टास्क फोर्स ने केवल कृष्ण सिंह को ही नहीं बल्कि एक और आदतन अपराधी लक्ष्मण सिंह को भी दबोचने में सफलता पाई है. लक्ष्मण सिंह के खिलाफ अलग-अलग थानों में 27 मुकदमे दर्ज हैं. वह वैशाली नगर और मकराना पुलिस के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ था. इन दोनों की गिरफ्तारी से गैंग के नेटवर्क को तगड़ा झटका लगा है. इन जांबाज पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका इस सफल ऑपरेशन में टीम प्रभारी सोहन सिंह और हेड कांस्टेबल महेश सोमरा के नेतृत्व में पूरी टीम ने जी-जान लगा दी. टीम के सदस्य होशियार सिंह, प्रवीण कुमार, जुगन सिंह, महावीर सिंह और कांस्टेबल मोहित महला, जगदीप, जितेंद्र कुमार व सुरेंद्र कुमार ने अपनी विशेष भूमिका निभाई.

मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी, 43 डिग्री तक पहुंचा तापमान; इंदौर-उज्जैन में सबसे गर्म रातें दर्ज

इंदौर रात के तापमान में पिछले 24 घंटे में 6.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखने को मिली। वहीं उज्जैन में न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस अधिक था। उज्जैन में पिछले 24 घंटे में 4.1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखने को मिली है। सोमवार को दिन व रात के तापमान का दिखेगा उच्च स्तर सोमवार को इंदौर में दिन का पारा 43 डिग्री के आसपास रहेगा। दोपहर तक धूप की तपिश बरकरार रहेगी। दोपहर बाद बादल छाएंगे। रविवार दोपहर से रात तक बादल छाए रहने के कारण रविवार की रात भी सबसे गर्म रात रहने की संभावना है। इस वजह सोमवार को न्यूनतम तापमान 28 डिग्री के आसपास ही रहेगा। अरब सागर से आई नमी ने बदला मौसम का मिजाज वर्तमान में पूर्वी उत्तर प्रदेश पर एक चक्रवाती हवाओं का घेरा बना हुआ है। वही मप्र के मध्य क्षेत्र के ऊपर 1.5 किलोमीटर पर चारों दिशाओं से हवाएं आकर एक चक्रवाती हवाओं का घेरा बना रही है। ऐसे में अरब सागर से आ रही नमी के कारण इंदौर में दोपहर बाद मौसम का मिजाज बदला और बादल व वर्षा की स्थितियां दिखाई दी। आज प्रदेश का 50 फीसद हिस्सा होगा लू की चपेट में रविवार को प्रदेश में सिर्फ खजुराहों में लू चली। सोमवार को प्रदेश के 25 जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है। इनमें भोपाल,विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, दतिया, भिंड, सतना, उमरिया, छिदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी शामिल है। प्रदेश में सबसे अधिकतम तापमान     खजुराहो : 45     नौगांव : 44.6     नर्मदापुरम : 44.4     सागर : 44.4     दमोह : 44.2 नोट: तापमान डिग्री सेल्सियस में एचएस पांडे, मौसम विज्ञानी, मौसम केंद्र भोपाल की राय सवाल: क्यों गर्म हो रहा शबे मालवा? जवाब: सड़क, फ्लायओवर व सीमेंट कांक्रीट की इमारतों का निर्माण, विकास कार्यो के लिए पेड़ों की अंधाधुंध कटाई। सवाल : इंदौर व उज्जैन में रातें प्रदेश में सबसे गर्म क्यों? जवाब: दिन में सूरज की किरणें जो जमीन पर आई। रात में इन दोनों शहरों में बादल छाने के कारण गर्मी वापस वायुमंडल में लौट नहीं पाई। ग्रीन हाउस इफैक्ट बना। बादलों के प्रभाव से गर्मी दोनों शहरों में थम गई। इस वजह से रात का पारा बढ़ा। सवाल : इंदौर में पानी क्यों बरसा? जवाब: गर्मी के मौसम जब कभी 43 व 44 डिग्री सेल्सियस तक तापमान बढ़ जाता है, तो शुष्क हवाएं नमी खींचती है। बादल छाते है और वर्षा की गतिविधि गरज-चमक के साथ दिखाई देती है।  

असरगंज में जनसभ,सम्राट चौधरी बोले—बिहार में 5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य

 मुंगेर  तारापुर विधानसभा के असरगंज पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जनसभा को संबोधित करते हुए विकास और निवेश को लेकर बड़ा विजन पेश किया। मन की बात कार्यक्रम के बाद आयोजित सभा में उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि जिस धरती पर उनका जन्म हुआ, वहीं पहली बार मुख्यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि यह अवसर जनता के प्यार और समर्थन का परिणाम है और अब क्षेत्र के हर अधूरे सपने को पूरा करना उनकी प्राथमिकता होगी। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार विकास कार्यों में कोई कमी नहीं छोड़ेगी। नीतीश के काम को आगे बढ़ाने की बात मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक नीतीश कुमार ने बिहार को संवारने का काम किया है। अब उसे समृद्धि की ओर ले जाना एक बड़ी चुनौती है, जिस पर सरकार ने काम शुरू कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के लिए वित्त की कोई कमी नहीं है। सभी लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा और नई योजनाओं को भी तेजी से जमीन पर उतारा जाएगा। महिलाओं, युवाओं और शिक्षा पर फोकस सम्राट चौधरी ने कहा कि महिलाओं को उद्योग से जोड़ना, बच्चियों की शिक्षा को मजबूत करना और युवाओं को रोजगार से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने जीविका योजना के तहत महिलाओं को सहायता राशि जल्द उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। साथ ही युवाओं को राज्य में ही रोजगार के अवसर देने की दिशा में तेजी से काम करने की बात कही। प्रशासनिक व्यवस्था होगी मजबूत मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीएमओ स्तर से लेकर ब्लाक, अंचल और थाना तक की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। हर माह दो दिन विशेष अभियान चलाकर लंबित मामलों का निपटारा किया जाएगा। एक माह से अधिक आवेदन लंबित रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इको-टूरिज्म से बढ़ेगा पर्यटन असरगंज में ढोल पहाड़ी पर 12.49 करोड़ रुपये की लागत से इको-टूरिज्म परियोजना की आधारशिला रखी गई। मुख्यमंत्री ने इसे प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को फोरलेन सड़क से जोड़कर सुल्तानगंज तक सीधी कनेक्टिविटी दी जाएगी, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। देवघरा पहाड़ के विकास को मंजूरी मुख्यमंत्री ने देवघरा पहाड़ के विकास के लिए 26 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की परियोजनाएं क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देंगी और पर्यटन के जरिए आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। 2026 तक 5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार ने 2026 तक पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने बताया कि पीरपैंती पावर प्लांट में ही 1.36 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस निवेश से राज्य में उद्योगों का विस्तार होगा और युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीन ड्राइव परियोजना के जरिए गंगा के पानी को नियंत्रित किया जाएगा। इससे बाढ़ की समस्या में कमी आएगी और सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी। हनुमाना डैम, खड़गपुर झील और फूलीडूमर तक पानी पहुंचाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है, जिससे किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। सोलर ऊर्जा और बिजली पर फोकस उन्होंने कहा कि सोलर ऊर्जा के माध्यम से हर घर को एक किलोवाट बिजली उपलब्ध कराने की योजना है। इससे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और लोगों को सस्ती बिजली मिल सकेगी। जमीन अधिग्रहण पर सख्त रुख मुख्यमंत्री ने जमीन अधिग्रहण को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए जमीन की जरूरत होती है और इसमें किसी तरह की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। कुल मिलाकर, असरगंज की सभा में मुख्यमंत्री ने विकास, निवेश और प्रशासनिक सुधार को लेकर सरकार का स्पष्ट रोडमैप सामने रखा और क्षेत्र के लोगों को तेजी से बदलाव का भरोसा दिलाया।  

भाजपा-जदयू में नए चेहरों को मौका मिलने की चर्चा, पुराने मंत्रियों की हो सकती है वापसी

पटना बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक गलियारे में यह चर्चा तेज है कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार में क्षेत्रीय व सामाजिक समीकरण का नया स्वरूप दिख सकता है। अगड़ी, पिछड़ी और अति पिछड़ी जाति तीनों के संदर्भ में यह बात कही जा रही है। वहीं, जदयू अपने कुछ पूर्व मंत्रियों के नाम पर यथास्थिति मोड में हैं। भाजपा कुछ पुराने चेहरे पर दृढ़ तो है ही, लेकिन क्षेत्रीय व सामाजिक समीकरण को ध्यान में रख कई नए नाम काे मंत्रिमंडल में जगह मिलने की उम्मीद है। क्षेत्रीय समीकरण को साधेगी बीजेपी भाजपा में क्षेत्रीय समीकरण के मामले को सामाजिक समीकरण से जोड़ा जा रहा। मगध क्षेत्र से भाजपा ने अति पिछड़ी जाति को महत्वपूर्ण पद पर जगह दिया हुआ है। इसलिए यह कहा जा रहा कि मगध क्षेत्र से किसी सवर्ण जाति के विधायक को मंत्री बनाया जा सकता है। जिस जिले में भाजपा ने 2025 के विधानसभा चुनाव में बेहतर उपलब्धि हासिल की है, वहां से किसी सवर्ण विधायक को मंत्री पद की जिम्मेदारी मिल सकती है। इसी तरह तिरहुत प्रमंडल के बारे में भी बात की जा रही। तिरहुत इलाके से पिछली सरकार में अति पिछड़ा वर्ग से एक महिला मंत्री थीं भाजपा कोटे से। इसलिए तिरहुत से भी किसी सवर्ण विधायक को भाजपा कोटे से मंत्री बनाया जा सकता है। दरभंगा इलाके से किसी ब्राह्मण विधायक को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। पूर्व में भाजपा ने दो बार अपने कोटे से ब्राह्मण समाज के विधायक को मंत्री बनाया था। एक महिला विधान पार्षद को भी सम्राट सरकार में जगह मिल सकती है। अभी तक वह मंत्री नहीं रही हैं। जदयू में कुछ नए चेहरे को पहली बार मिलेगा मौका जदयू कोटे से सम्राट सरकार में कौन-कौन मंत्री बनेंगे? इस बारे में यह कहा जा रहा कि कई नामों पर यथास्थिति रहेगी। जिन नामों पर यथास्थिति की बात कही जा रही उनमें वे लोग शामिल हैं, जो नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार में कई बार मंत्री रह चुके हैं। इनकी संख्या 8 से 9 के बीच रह सकती है। वहीं, जदयू कोटे से कई युवा विधायक जो पहली बार चुनाव जीतकर आए हैं, उनको इस बार मंत्रिमंडल में जगह दिए जाने की चर्चा है। इस क्रम में वैसे विधायकों का नाम लिया जा रहा, जिन्होंने बड़े संस्थानों से उच्च शिक्षा प्राप्त की है। लाेजपा (रामविलास), रालोमो व हम में बदलाव की गुंजाइश नहीं मंत्रिमंडल विस्तार के तहत एनडीए के तीन अन्य घटक दल लोजपा (रामविलास) रालोमो व हम की सूची में किसी तरह के बदलाव की गुंजाइश नहीं दिख रही। लोजपा (रामविलास) से पूर्व की सरकार में मंत्री रहे एक विधायक को जगह नहीं मिलने की बात चर्चा में जरूर है, लेकिन लोजपा नेतृत्व इसे अफवाह बता रहा।  

संजय दत्त की ‘वास्तव 2’ पर बड़ा अपडेट, सीक्वल पर काम शुरू

1999 में रिलीज हुई फिल्म वास्तव: द रियलिटी को महेश मांजरेकर ने डायरेक्ट किया था. उसमें संजय दत्त ने रघुनाथ 'रघु' नामदेव शिवलकर का दमदार किरदार निभाया था. फिल्म ने एक्टर को अलग ही पहचान दिलाई थी. अब संजय दत्त ने रिवील किया कि इस आइकॉनिक फिल्म का सीक्वल बनाया जा रहा है. 24 अप्रैल 2026 को खलनायक रिटर्न्स के लॉन्च इवेंट में संजय दत्त ने ऑफिशियली बताया कि वो वास्तव 2 पर काम कर रहे हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके कोई और मशहूर किरदार भी वापसी करेंगे, तो उन्होंने जवाब दिया. वास्तव 2 पर क्या बोले संजय दत्त? रिपोर्ट्स के मुताबिक संजय दत्त ने कहा कि वास्तव 2 पर काम चल रहा है. साथ ही उन्होंने मुन्ना भाई फ्रेंचाइजी के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा- हम वास्तव 2 पर काम कर रहे हैं. जहां तक मुन्ना भाई का सवाल है, इसके लिए आपको राजकुमार हिरानी से पूछना होगा. राजू, प्लीज मुन्ना भाई फिर से बनाओ. उनके इस बयान के बाद एक बार फिर मुन्ना भाई की वापसी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. ‘खलनायक’ की कास्टिंग की कहानी इसी दौरान फिल्ममेकर सुभाष घई ने खलनायक की कास्टिंग से जुड़ी एक दिलचस्प कहानी शेयर की. उन्होंने बताया- जब मैंने खलनायक पर काम शुरू किया, तो इंडस्ट्री में इसकी चर्चा होने लगी. कई स्टार्स मुझसे मिलने आए और फिल्म में काम करने की इच्छा जताई. लेकिन मैंने उनसे कहा कि मेरे दिमाग में पहले से ही एक एक्टर है. उन्होंने संजय दत्त को बुलाकर कहानी सुनाई, जिस पर संजय ने कहा- सर, मुझे आप पर भरोसा है. हम ये फिल्म करेंगे. ये फिल्म 90 के दशक की सबसे यादगार फिल्मों में से एक बनी, जिसमें संजय दत्त के साथ माधुरी दीक्षित और जैकी श्रॉफ भी थे. जेल में आया ‘खलनायक 2’ का आइडिया संजय दत्त ने बताया कि खलनायक रिटर्न्स का आइडिया उन्हें 90 के दशक में जेल के दौरान आया था. उन्होंने कहा- जेल में मैं म्यूजिक बजाता था और कैदी सिर्फ खलनायक के गाने सुनना चाहते थे. मैंने उनसे पूछा कि अगर खलनायक दोबारा बने, तो कौन देखना चाहेगा? सभी 4000 कैदियों ने एक साथ कहा कि वो इसे देखना चाहेंगे. उन्होंने आगे बताया- मैंने उनसे फिल्म के लिए आइडिया लिखकर देने को कहा. मुझे 4000 पन्ने पढ़ने पड़े. उनमें से एक आइडिया मुझे बहुत पसंद आया. बाद में पैरोल पर बाहर आने के बाद उन्होंने सुभाष घई को वो आइडिया सुनाया, जिसे सुनकर वो भी उत्साहित हो गए और बोले कि ये फिल्म बननी चाहिए. हाल ही में संजय दत्त फिल्म धुरंधर: द रिवेंज में नजर आए थे. अब उनकी 'आखिरी सवाल' रिलीज होने वाली है.  

सम्राट चौधरी का अल्टीमेटम, अवैध कब्जों पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू

मुंगेर  बिहार में अब योगी मॉडल की तर्ज पर सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराया जाएगा। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों को अल्टीमेटम दे दिया है। आज रविवार को तारापुर पहुंचे सीएम सम्राट चौधरी ने साफ लफ्जों में कहा कि बिहार में अब कानून का राज चलेगा। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ 'बुलडोजर' कार्रवाई की जाएगी। तारापुर में मेरे घर पर भी प्रशासन कार्रवाई कर रहा: सम्राट चौधरी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी, चाहे वह किसी का भी घर क्यों न हो। उन्होंने यह भी बताया कि तारापुर में उनके अपने घर पर भी प्रशासन की कार्रवाई हो रही है। कानून सभी के लिए समान है। इससे कोई नहीं बचेगा। तारापुर में सम्राट चौधरी ने सुनी पीएम मोदी के 'मन की बात' सम्राट चौधरी अपने विधानसभा क्षेत्र तारापुर पहुंचे। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को सुना। यहां पर लोगों को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला है, जो उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी और चुनौती है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने क्षेत्र की सेवा करने का अवसर मिला है। और वे अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए आए हैं। नीतीश कुमार ने लंबे समय तक बिहार को सजाने और विकास करने का काम किया। अब उसी कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। फाइल लटकाई तो अधिकारी पर होगी कार्रवाई: सम्राट चौधरी उन्होंने अधिकारियों को सख्ती के संकेत देते हुए कहा कि अब मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से ब्लॉक और अंचल स्तर तक मॉनिटरिंग की जाएगी। अगर कोई पदाधिकारी एक महीने से अधिक किसी फाइल को लंबित रखता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। फाइल लटकाने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार के पास पैसे की कोई कमी नहीं: CM मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जा रही है। सरकार के पास पैसे की कोई कमी नहीं है। उन्होंने हर घर तक एक किलोवाट सोलर बिजली पहुंचाने की योजना की जानकारी देते हुए कहा कि भविष्य में लोगों को बिजली के लिए सरकार पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।  

योगी बोले—यूपी पुलिस देश की सर्वश्रेष्ठ फोर्स, अपराध पर जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन, लखनऊ में पुलिस कांस्टेबल के 2025 बैच की पासिंग-आउट परेड की सलामी ली और अपने संबोधन के दौरान पुलिस बल का हौसला भी बढाया। उन्होंने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी ताकत उसका अनुशासन है। मुख्यमंत्री ने समारोह में कांस्टेबलों को प्रशंसा पत्र और पुरस्कार भी वितरित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस तो प्रदेश और प्रदेश के बाहर भी संकट में रहती थी। अब यह अब देश के बेहतरीन पुलिस बलों में से एक बनकर उभरी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब उत्तर प्रदेश में सरकार और पुलिस पर माफिया का राज नहीं चलता। यहां पर कानून का राज चलता है और राज्य का सशक्त पुलिस बल माफिया को सरंक्षण देने नहीं, बल्कि उनको कुचलने का काम कर रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के सभी पुलिस बल की काफी प्रशंसा की और कहा कि अब राज्य में दंगे नहीं होते हैं। यहां से रंगदारी और गुंडा टैक्स खत्म हो गए हैं। अपराधी काफी डरे-सहमे हुए हैं और पुलिस का मनोबल भी ऊंचा है। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश में न तो बेटियां सुरक्षित थीं और न ही व्यापारी। हमारा राज्य अस्थिरता और अराजकता का पर्याय बन गया था। जहां 2017 से पहले दंगे हुआ करते थे, वहीं आज उत्तर प्रदेश पुलिस उन्हें होने से पहले ही रोकने में सफल है। योगी आदित्यनाथ ने नए भर्ती हुए जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि अपराधियों के प्रति कानून उतना ही सख्त होना चाहिए जितना वह नागरिकों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने और विश्वास जताया कि नवागत सभी कांस्टेबल उत्तर प्रदेश पुलिस की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने महिला कर्मियों को भी बधाई दी और कहा कि बेटियों ने पूरी मजबूती, तत्परता और अनुशासन के साथ अपना प्रशिक्षण पूरा किया है, जो कि सराहनीय है। 2.18 लाख से अधिक पुलिस कर्मियों की भर्ती मुख्यमंत्री ने प्रदेश में भर्ती को लेकर कहा कि 15 जून, 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 60,000 से अधिक कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र वितरित किए थे, जिनका प्रशिक्षण पिछले वर्ष 21 जुलाई को शुरू हुआ था। पिछले नौ वर्षों में 2.18 लाख से अधिक पुलिस कर्मियों की भर्ती की गई है और एक लाख से अधिक को पदोन्नति दी गई है, जबकि 2017 के बाद से पुलिस का बजट तीन गुना बढ़ गया है। उन्होंने आगे कहा कि सात पुलिस कमिश्नरेट स्थापित किए गए हैं। महिला कार्यबल 13 से बढ़ाकर 26 प्रतिशत यूपी पुलिस में महिला कार्यबल 13 से बढ़ाकर 26 प्रतिशत किया गया है। यूपी पुलिस की परंपरा को आगे बढ़ाने की उम्मीद है। जिससे कि अपराध और अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहे। उन्होंने कहा कि 2017 में प्रशिक्षण क्षमता सिर्फ तीन हजार थी जो अब 60 हजार हो गई है। इनको आधुनिक हथियारों से प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें सिपाहियों को इंसास राइफल से ट्रेनिंग दी गई है। ATS को NIA की तर्ज पर प्रशिक्षण सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की तर्ज पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर पुलिस स्टेशन और फोरेंसिक लैब स्थापित किए गए हैं, और 'मिशन शक्ति' के तहत महिलाओं की सुरक्षा के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इस बार की भर्ती में 20 प्रतिशत महिलाएं शामिल की गई हैं। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि 2025 का बैच देश में पहली बार ऐसा मौका है जब 60,244 कांस्टेबल सीधे भर्ती किए गए हैं, जिनमें 12,000 से अधिक महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम बताया।