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योगी बोले—यूपी पुलिस देश की सर्वश्रेष्ठ फोर्स, अपराध पर जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन, लखनऊ में पुलिस कांस्टेबल के 2025 बैच की पासिंग-आउट परेड की सलामी ली और अपने संबोधन के दौरान पुलिस बल का हौसला भी बढाया। उन्होंने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी ताकत उसका अनुशासन है। मुख्यमंत्री ने समारोह में कांस्टेबलों को प्रशंसा पत्र और पुरस्कार भी वितरित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस तो प्रदेश और प्रदेश के बाहर भी संकट में रहती थी। अब यह अब देश के बेहतरीन पुलिस बलों में से एक बनकर उभरी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब उत्तर प्रदेश में सरकार और पुलिस पर माफिया का राज नहीं चलता। यहां पर कानून का राज चलता है और राज्य का सशक्त पुलिस बल माफिया को सरंक्षण देने नहीं, बल्कि उनको कुचलने का काम कर रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के सभी पुलिस बल की काफी प्रशंसा की और कहा कि अब राज्य में दंगे नहीं होते हैं। यहां से रंगदारी और गुंडा टैक्स खत्म हो गए हैं। अपराधी काफी डरे-सहमे हुए हैं और पुलिस का मनोबल भी ऊंचा है। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश में न तो बेटियां सुरक्षित थीं और न ही व्यापारी। हमारा राज्य अस्थिरता और अराजकता का पर्याय बन गया था। जहां 2017 से पहले दंगे हुआ करते थे, वहीं आज उत्तर प्रदेश पुलिस उन्हें होने से पहले ही रोकने में सफल है। योगी आदित्यनाथ ने नए भर्ती हुए जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि अपराधियों के प्रति कानून उतना ही सख्त होना चाहिए जितना वह नागरिकों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने और विश्वास जताया कि नवागत सभी कांस्टेबल उत्तर प्रदेश पुलिस की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने महिला कर्मियों को भी बधाई दी और कहा कि बेटियों ने पूरी मजबूती, तत्परता और अनुशासन के साथ अपना प्रशिक्षण पूरा किया है, जो कि सराहनीय है। 2.18 लाख से अधिक पुलिस कर्मियों की भर्ती मुख्यमंत्री ने प्रदेश में भर्ती को लेकर कहा कि 15 जून, 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 60,000 से अधिक कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र वितरित किए थे, जिनका प्रशिक्षण पिछले वर्ष 21 जुलाई को शुरू हुआ था। पिछले नौ वर्षों में 2.18 लाख से अधिक पुलिस कर्मियों की भर्ती की गई है और एक लाख से अधिक को पदोन्नति दी गई है, जबकि 2017 के बाद से पुलिस का बजट तीन गुना बढ़ गया है। उन्होंने आगे कहा कि सात पुलिस कमिश्नरेट स्थापित किए गए हैं। महिला कार्यबल 13 से बढ़ाकर 26 प्रतिशत यूपी पुलिस में महिला कार्यबल 13 से बढ़ाकर 26 प्रतिशत किया गया है। यूपी पुलिस की परंपरा को आगे बढ़ाने की उम्मीद है। जिससे कि अपराध और अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहे। उन्होंने कहा कि 2017 में प्रशिक्षण क्षमता सिर्फ तीन हजार थी जो अब 60 हजार हो गई है। इनको आधुनिक हथियारों से प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें सिपाहियों को इंसास राइफल से ट्रेनिंग दी गई है। ATS को NIA की तर्ज पर प्रशिक्षण सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की तर्ज पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर पुलिस स्टेशन और फोरेंसिक लैब स्थापित किए गए हैं, और 'मिशन शक्ति' के तहत महिलाओं की सुरक्षा के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इस बार की भर्ती में 20 प्रतिशत महिलाएं शामिल की गई हैं। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि 2025 का बैच देश में पहली बार ऐसा मौका है जब 60,244 कांस्टेबल सीधे भर्ती किए गए हैं, जिनमें 12,000 से अधिक महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम बताया।  

“हम नहीं रुकेंगे”: ईरान के खिलाफ रणनीति जारी रखने पर अडिग ट्रंप

 वॉशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शनिवार को व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन डिनर के दौरान हुई फायरिंग के बाद बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस घटना से वह ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध को जीतने के अपने इरादे से पीछे नहीं हटेंगे। ट्रंप ने कहा कि यह हमला उन्हें डराने या रोकने वाला नहीं है। यह घटना हिल्टन होटल वॉशिंगटन में आयोजित वार्षिक व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन डिनर के दौरान हुई। फायरिंग की घटना के बाद कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। ट्रंप इस दौरान सुरक्षित बच गए और उन्हें कोई चोट नहीं आई। ईरान युद्ध से संबंध पर क्या बोले ट्रंप पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप से पूछा गया कि क्या यह हमला ईरान युद्ध से जुड़ा हो सकता है। इस पर उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा नहीं लगता, लेकिन आप कभी नहीं जानते। यह मुझे ईरान में युद्ध जीतने से नहीं रोकेगा। हम अपना काम जारी रखेंगे और बहुत अच्छा काम करेंगे। ट्रंप ने बताया कि जांच एजेंसियां हमलावर के मकसद की जांच कर रही हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे लोन वुल्फ यानी अकेले काम करने वाला हमलावर बताया गया है। आरोपी की पहचान 31 वर्षीय कोल टॉमस के रूप में हुई है। ट्रंप ने कहा कि वह कई हथियारों से लैस होकर सुरक्षा चेकपॉइंट की तरफ बढ़ा था। सीक्रेट सर्विस एजेंट पर चलाई गोली ट्रंप के अनुसार आरोपी ने एक सीक्रेट सर्विस एजेंट पर गोली चलाई, लेकिन एजेंट की बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से उसकी जान बच गई। उन्होंने कहा कि आरोपी लगभग 50 गज दूर से तेजी से दौड़ता हुआ आया था। इसी बीच ट्रंप ने अपने अधिकारियों की पाकिस्तान यात्रा भी रद्द कर दी। यह टीम पाकिस्तान में ईरान के साथ शांति वार्ता के लिए जाने वाली थी। उन्होंने कहा कि बातचीत का कोई फायदा नहीं दिख रहा था, इसलिए यात्रा रद्द की गई। ट्रंप ने कहा, “हमारे पास सारे पत्ते हैं। वे जब चाहें हमें कॉल कर सकते हैं, लेकिन अब 18 घंटे की उड़ान भरकर बेकार बैठने की जरूरत नहीं है।” ईरान नेतृत्व पर भी साधा निशाना ट्रंप ने दावा किया कि जैसे ही उन्होंने दौरा रद किया, 10 मिनट के भीतर ईरान की तरफ से नया प्रस्ताव आया, जो पहले से बेहतर था। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमें एक पेपर दिया था जो बेहतर होना चाहिए था। मैंने यात्रा रद्द की और तुरंत नया पेपर आया। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि वहां भारी अंदरूनी कलह और भ्रम की स्थिति है। उन्होंने लिखा कि उन्हें खुद नहीं पता कि वहां कौन प्रभारी है।

DC vs RCB: अरुण जेटली स्टेडियम में हाई-वोल्टेज मुकाबले की तैयारी

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 39वें मैच में दिल्ली कैपिटल्स (DC) का सामना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से होगा। RCB ने अब तक 7 मुकाबले खेले हैं। 5 मैच में उसे जीत मिली है। 2 मैच में रजत पाटीदार की टीम को हार का सामना करना पड़ा है। DC ने भी 7 मैच खेले हैं, जिसमें से 3 जीते हैं और 4 मुकाबलों में हार मिली है। आइए मुकाबले से जुड़ी सभी जरूरी बातों पर नजर डालते हैं। DC के खिलाफ RCB का पलड़ा रहा है भारी IPL के इतिहास में दोनों टीमों के बीच अब तक 34 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान RCB ने 20 मैच में जीत दर्ज की है।DC को 13 मुकाबलों में जीत मिली है। एक मैच में कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। इस संस्करण दोनों के बीच दूसरा मुकाबला होगा। पहले मैच में DC को 6 विकेट से जीत मिली थी। IPL 2025 में एक मैच DC ने जीता था और एक मुकाबला RCB ने अपने नाम किया था। ऐसी हो सकती है DC की प्लेइंग इलेवन DC अपने पिछले मुकाबले में 264/2 का स्कोर बनाने के बाद भी हार गई। टीम के तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी भी मैच के दौरान बुरी तरह से चोटिल हो गए। ऐसे में उनकी जगह दुष्मंथा चमीरा खेल सकते हैं। खराब फॉर्म में चल रहे पथुम निसांका की जगह पृथ्वी शॉ ले सकते हैं। संभावित एकादश: पृथ्वी शॉ, केएल राहुल (विकेटकीपर), समीर रिजवी, नितीश राणा, ट्रिस्टन स्टब्स, अक्षर पटेल (कप्तान), डेविड मिलर, कुलदीप यादव, मुकेश कुमार, टी नटराजन और दुष्मंथा चमीरा। इस संयोजन के साथ उतर सकती है RCB RCB के पिछले मैच में सलामी बल्लेबाज फिलिप सॉल्ट नहीं खेले थे। ऐसे में उनकी वापसी तय मानी जा रही है। विराट कोहली अच्छे फॉर्म में चल रहे हैं। ऐसे में उनसे एक और जोरदार पारी की उम्मीद होगी। गेंदबाजी की कमान भुवनेश्वर कुमार और जोस हेजलवुड के कंधों पर होगी। संभावित एकादश: फिलिप सॉल्ट, विराट कोहली, देवदत्त पडीक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), टिम डेविड, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, और सुयश शर्मा। ये हो सकते हैं दोनों टीमों के इम्पैक्ट प्लेयर RCB: रसिख सलाम डार, वेंकटेश अय्यर, जैकब बेथेल, जैकब डफी, और अभिनंदन सिंह। DC: करुण नायर, आशुतोष शर्मा, काइल जैमीसन त्रिपुराना विजय और आकिब नबी। कैसी होगी पिच? अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग है। तेज आउटफील्ड और छोटी सीमाएं बल्लेबाजों को तेजी से रन बनाने की प्रेरित करती हैं। इस पिच पर तेज गेंदबाजों के लिए ज्यादा कुछ नहीं है। ऐसे में उन्हें विकेट निकालने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने होते हैं। स्पिनरों को पिच से मदद मिलती है और उनका रिकॉर्ड भी अच्छा है। इस स्टेडियम की पिच काली मिट्‌टी से बनी है, जो काफी कठोर और सपाट है। ऐसा होगा दिल्ली का मौसम एक्यूवेदर के मुताबिक 27 अप्रैल को दिल्ली में अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम 30 डिग्री रहने की उम्मीद है। मैच रात 7:30 बजे शुरू होगा। ऐसे में गर्मी से खिलाड़ियों को कम परेशानी होगी। बारिश की कोई भी संभावना नहीं है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजरें राहुल ने पिछले 10 मुकाबलों में 182.62 की स्ट्राइक रेट से 515 रन बनाए हैं। RCB के लिए कोहली ने पिछले 10 मैचों में 157.19 की स्ट्राइक रेट से 437 रन बनाए हैं। सॉल्ट के बल्ले से पिछले 9 मैच में 304 रन निकले हैं। गेंदबाजी में कुलदीप ने पिछले 10 मैच में 10 विकेट चटकाए हैं। RCB के लिए भुवनेश्वर ने पिछले 10 मैच में 15 विकेट लिए हैं। क्रुणाल के नाम पिछले 10 मैच में 10 विकेट है। कब और कहां देखें मुकाबला? DC और RCB के बीच यह मुकाबला 27 अप्रैल को दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में रात 7:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

नर्चर वेल इंडस्ट्रीज बना मल्टीबैगर स्टॉक, 5 साल में 24970% रिटर्न

नई दिल्ली शेयर बाजार में कई ऐसे स्टॉक हैं जिन्होंने लॉन्ग टर्म में निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। ऐसा ही एक स्टॉक-नर्चर वेल इंडस्ट्रीज लिमिटेड है। इस स्टॉक की कीमत पांच साल पहले 14 पैसे थी, जो अब 35 रुपये के स्तर पर है। इस पांच साल की अवधि में शेयर ने 24970% से अधिक का रिटर्न दिया है। रकम के हिसाब से इस रिटर्न की बात करें तो अगर किसी निवेशक ने पांच साल पहले एक लाख रुपये निवेश किया था तो अब उसकी रकम लगभग 2.50 करोड़ रुपये हो गई होगी। शेयर का परफॉर्मेंस नर्चर वेल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयर की बात करें तो 34.08 रुपये की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले करीब ढाई पर्सेंट चढ़कर 34.90 रुपये पर पहुंच गया। ट्रेडिंग के दौरान शेयर 35.69 रुपये पर पहुंच गया। 17 फरवरी 2026 को शेयर 46 रुपये पर था, जो 52 हफ्ते का हाई भी है। सिंतबर 2025 में शेयर 17 रुपये पर था। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो है। बता दें कि नर्चर वेल इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने साल 2024 में स्टॉक स्प्लिट और बोनस इश्यू का ऐलान किया था। स्प्लिट के तहत एक शेयर को 10 टुकड़ों में बांटा गया था तो एक शेयर के बदले एक बोनस शेयर मिलेगा। शेयरहोल्डिंग पैटर्न FY26 की मार्च तिमाही में नर्चर वेल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रमोटर की हिस्सेदारी 53.81 प्रतिशत पर स्थिर रही। विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FIIs की हिस्सेदारी साल-दर-साल (YoY) 4.25 प्रतिशत से गिरकर 0.18 प्रतिशत रह गई जबकि घरेलू निवशकों यानी DIIs की हिस्सेदारी 0.07 प्रतिशत पर बनी रही। पब्लिक शेयरहोल्डिंग 41.86 प्रतिशत से बढ़कर 45.94 प्रतिशत हो गई, जो कंपनी में रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी को दिखाता है। हाल ही में नर्चर वेल इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने अपने बोर्ड की बैठक में बड़े बदलाव की घोषणा की। कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) अनिल कुमार ने व्यक्तिगत व्यस्तताओं के कारण अपना इस्तीफा दे दिया है, जो 20 अप्रैल 2026 को कारोबार समाप्त होने के साथ प्रभावी हो गया। उनके स्थान पर बोर्ड ने नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति की सिफारिश पर शीतल सोनी को 21 अप्रैल 2026 से कंपनी की नई CFO नियुक्त कर दिया है। यह जानकारी सेबी (LODR) रेगुलेशन 30 के तहत स्टॉक एक्सचेंज को दी गई है। कैसे रहे तिमाही नतीजे FY26 की दिसंबर तिमाही में परिचालन से राजस्व 1.04 प्रतिशत बढ़कर 290 करोड़ रुपये हो गया और परिचालन मार्जिन आधार पर 11 प्रतिशत पर स्थिर रहा। इसके साथ ही, नेट प्रॉफिट 31 करोड़ रुपये हो गया। EPS (प्रति शेयर आय) में 3.9 प्रतिशत की वृद्धि होकर यह 1.06 रुपये हो गया।

आसनसोल हत्या मामले के बाद राहुल गांधी का टीएमसी पर तीखा प्रहार, कानून व्यवस्था पर सवाल

नई दिल्‍ली पश्चिम बंगाल चुनाव में इस बार बीजेपी ही नहीं, कांग्रेस के टारगेट पर भी ममता बनर्जी नजर आ रही हैं. पिछले कुछ चुनाव में ऐसा देखने को नहीं मिला था,  लेकिन 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान के बाद आसनसोल में एक कांग्रेस कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई. पश्चिम बंगाल कांग्रेस का आरोप है कि टीएमसी से जुड़े गुंडों ने ही पार्टी कार्यकर्ता की हत्या की है, जो राज्य में खत्म हो चुके कानून व्यवस्था का परिचायक है. हालांकि, बंगाल की राजनीति में दखल रखने वाले मानते हैं कि ममता पर हमला कर कांग्रेस अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश कर रही है. राहुल का ममता पर बड़ा हमला इस घटना के बाद राहुल गांधी के X पर पोस्ट लिखकर पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ टीएमसी पर बहुत बड़ा आरोप लगाया है. राहुल गांधी ने लिखा- "कांग्रेस के कार्यकर्ता देबदीप चटर्जी की चुनाव बाद TMC से जुड़े गुंडों द्वारा की गई हत्या बेहद निंदनीय है शोकाकुल परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. पश्चिम बंगाल में आज लोकतंत्र नहीं, TMC का गुंडा राज चल रहा है. वोट के बाद विरोधी आवाज़ों को डराना, मारना, मिटाना- यही TMC का चरित्र बन चुका है. भारत की अहिंसक परंपरा को कलंकित करने वाली इस राजनीति के सामने हम झुकेंगे नहीं. न्याय होकर रहेगा.' अबतक बचते रहे थे राहुल बंगाल में हुए पिछले कुछ चुनावों को देखें तो राहुल गांधी ने राज्य में न के बराबर चुनाव प्रचार किया था. 2021 के विधानसभा चुनाव में जहां उन्होंने महज 2 जनसभाएं की थीं, वहीं 2024 के लोकसभा चुनाव में तो वो राज्य में प्रचार करने तक नहीं गए. 2021 की दोनों जनसभाओं में वो ममता बनर्जी और टीएमसी पर ज़्यादा हमला करने से बचते नज़र आए थे और उनके केंद्र में प्रमुख रूप से बीजेपी ही रही थी. मगर इस बार थोड़ी तस्वीर बदली हुई नज़र आ रही है. इस बार भी राहुल गांधी केवल दो दिन ही चुनाव प्रचार करने गए हैं और अभी तक 5 जनसभाएं की हैं, लेकिन टीएमसी और ममता बनर्जी पर उनका हमला इसबार ज़्यादा तीखा नज़र आ रहा है. अपनी सभी सभाओं में वो कहते आ रहे हैं कि बंगाल में टीएमसी के चलते बीजेपी की ताक़त बढ़ी और केवल कांग्रेस ही बीजेपी का मुक़ाबला कर सकते हैं. उन्होंने यहां तक कहा कि बीजेपी और ममता में सांठ गांठ है और जहां बाक़ी विपक्षी नेताओं पर मोदी सरकार केस करवा रही है, ममता के खिलाफ कोई केस नहीं है. क्या हो सकती है वजह? राहुल गांधी का ममता और टीएमसी का हमला ऐसे समय में आया है, जब कुछ ही दिनों पहले महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल पर कांग्रेस और टीएमसी ने मिलकर मोदी सरकार का विरोध किया था और बिल पारित नहीं हो पाया था. इतना ही नहीं, दो दिनों पहले ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए जो राज्यसभा में नोटिस दिया गया है. उसपर भी कांग्रेस और टीएमसी सांसदों के हस्ताक्षर हैं. ऐसे में राहुल गांधी के बदले हुए तेवर की लेकर चर्चा शुरू हो गई है. कुछ जानकारों का मानना है कि कांग्रेस बंगाल में अपनी खोई हुई ज़मीन पाना चाहती है और इसके लिए टीएमसी के वोट बैंक को तोड़ना ज़रूरी है. इस वोट बैंक में सबसे अहम है अल्पसंख्यक मुसलमानों का वोट. बार-बार ये कहकर कि कांग्रेस ही बीजेपी का मुक़ाबला कर सकती है, राहुल उसी वोट बैंक को साधने की कोशिश कर रहे हैं. एक चर्चा ये भी है कि बंगाल में इस बार टीएमसी को बीजेपी से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में यदि राज्य में कोई अप्रत्याशित परिणाम आता है, तो बीजेपी के खिलाफ कांग्रेस ज़्यादा बड़ी प्रतिद्वंदी नजर आनी चाहिए , न कि टीएमसी.

योगी सरकार का सख्त निर्देश, 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों को स्कूल से जोड़ने का लक्ष्य

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे को सशक्त बनाने के लिए ‘स्कूल चलो अभियान’ को निर्णायक और मिशन मोड में लागू कर दिया है। सरकार का यह कदम इस स्पष्ट संदेश के साथ आया है कि अब प्रदेश का कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर नहीं रहेगा। इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिलाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि 6 से 14 वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे का नामांकन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। वंचित वर्गों पर विशेष ध्यान इस अभियान के तहत आगामी पहली मई से पूरे प्रदेश में एक व्यापक और विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत मुख्य रूप से श्रमिक बस्तियों, ईंट-भट्ठों और समाज के वंचित वर्गों के बच्चों को चिह्नित कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। सरकार ने दिव्यांग बच्चों के नामांकन को प्राथमिकता देने के साथ-साथ 'शिक्षा के अधिकार' (RTE) के तहत लॉटरी से चयनित पात्र बच्चों का आवंटित विद्यालयों में शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में भी छात्राओं के प्रवेश को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। ड्रॉपआउट रोकने की अभूतपूर्व रणनीति बच्चों की पढ़ाई बीच में छूटने (ड्रॉपआउट) की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने जमीनी स्तर पर ठोस रणनीति तैयार की है। शिक्षा की निरंतरता बनाए रखने के लिए कक्षा 5 से 6, 8 से 9 और 10 से 11 के स्तर पर 100% ट्रांजिशन (कक्षा परिवर्तन) सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रारंभिक या माध्यमिक शिक्षा पूरी करने के बाद बच्चे अगली बड़ी कक्षा में अनिवार्य रूप से प्रवेश लें। सक्रिय भागीदारी और कड़ी मॉनिटरिंग इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन की सक्रिय भागीदारी और निरंतर मॉनिटरिंग की योजना बनाई गई है। अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक गाँव, वार्ड और बस्ती स्तर पर घर-घर जाकर सर्वे करें और स्कूल से बाहर रह गए बच्चों को चिह्नित कर उन्हें तुरंत विद्यालयों से जोड़ें। जहाँ पूर्व में ड्रॉपआउट एक गंभीर चिंता का विषय था, वहीं अब योगी सरकार तकनीक और व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से हर बच्चे को स्कूल तक पहुँचाने का कार्य कर रही है।  

12 घंटे की जटिल सर्जरी के बाद दोनों हाथ प्रत्यारोपण सफल

नई दिल्ली दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में एक ऐसी सर्जरी हुई है, जिसने एक महिला की जिंदगी बदल दी. दो बच्चों की मां जिसने एक हादसे में अपने दोनों हाथ खो दिए थे, अब फिर से सामान्य जीवन की ओर लौटने की उम्मीद कर रही है. अस्पताल के डॉक्टरों ने उसका सफलतापूर्वक दोनों हाथों का ट्रांसप्लांट किया है. जानकारी के मुताबिक, महिला के दोनों हाथ चारा काटने वाली मशीन में कट गए थे. इस हादसे के बाद वह अपने रोजमर्रा के छोटे-छोटे काम भी खुद नहीं कर पाती थी. खाना खाना, कपड़े पहनना, बच्चों की देखभाल करना, हर काम के लिए उसे दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था. ऐसे में हाथों का ट्रांसप्लांट उसके लिए नई जिंदगी जैसा साबित हुआ. ब्रेन-डेड व्यक्ति था डोनर यह सर्जरी तब संभव हो सकी जब एक ब्रेन-डेड व्यक्ति के परिवार ने उसके हाथ दान करने की सहमति दी. उनके इस फैसले ने एक जरूरतमंद महिला को फिर से जीने का मौका दिया. अस्पताल ने इस परिवार के प्रति आभार जताया और इसे इंसानियत की मिसाल बताया. 12 घंटे तक चली सर्जरी डॉक्टरों के अनुसार, यह सर्जरी करीब 12 घंटे तक चली. इसमें डोनर के दोनों हाथ महिला के शरीर से जोड़े गए. दाहिना हाथ कोहनी के ऊपर से और बायां हाथ कलाई के पास से जोड़ा गया. डॉक्टरों ने हड्डियां, नसें, मांसपेशियां, खून की नलियां और टेंडन बहुत सावधानी से जोड़े, ताकि हाथों में फिर से ब्लड सर्कुलेशन और हरकत आ सके. अस्पताल के विशेषज्ञों ने बताया कि यह बेहद कठिन और संवेदनशील प्रक्रिया होती है, जिसमें हर मिनट की अहमियत होती है. अगर समय पर सही तरीके से काम न हो, तो ट्रांसप्लांट किए गए अंग को बचाना मुश्किल हो सकता है. डॉक्टरों का कहना है कि सर्जरी सफल होने के बाद भी असली सफर अब शुरू हुआ है. महिला को लंबे समय तक दवाएं लेनी होंगी ताकि शरीर नए हाथों को स्वीकार कर सके. इसके साथ ही उसे नियमित फिजियोथेरेपी और अभ्यास की जरूरत होगी, जिससे वह धीरे-धीरे हाथों का इस्तेमाल सीख सके. यह अस्पताल में किया गया दूसरा ऐसा ट्रांसप्लांट है. इस पूरी प्रक्रिया में प्लास्टिक सर्जरी, हड्डी रोग, एनेस्थीसिया, न्यूरोलॉजी, फिजियोथेरेपी और कई अन्य विभागों के डॉक्टर शामिल थे.

थरूर ने पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल, आतंकवाद पर सख्त रुख जरूरी बताया

नई दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने भारत की विदेश नीति, विशेष रूप से पाकिस्तान और अमेरिका के साथ संबंधों पर अपनी बेबाक राय रखी है। थरूर ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अगर ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता किया भी है तो इससे भारत का कद छोटा नहीं होगा। आपको बता दें कि कांग्रेस पार्टी अक्सर पाकिस्तान की मध्यस्थता के बहाने केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश करती है और मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाती है। शशि थरूर ने पाकिस्तान को लेकर भारत के रुख पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह तब तक नहीं बदलेगा जब तक सीमा पार से होने वाली आतंकी गतिविधियों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती। शशि थरूर ने एक इंटरव्यू के दौरान पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों ने पाकिस्तान को ओसामा बिन लादेन जैसे मामले में माफ कर दिया, जबकि वह वर्षों तक उनकी नाक के नीचे छिपा रहा। थरूर ने इसे पाकिस्तान का 'दोहरा चरित्र' करार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत तब तक पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार की वार्ता या कूटनीतिक नरमी नहीं दिखाएगा, जब तक वह अपनी धरती पर पनप रहे आतंकी समूहों को खत्म करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाता। उन्होंने 26/11 मुंबई हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि पर्याप्त सबूत होने के बावजूद पाकिस्तान ने आज तक किसी भी दोषी को सजा नहीं दी है। ईरान-अमेरिका तनाव पर भारत की भूमिका जब उनसे पूछा गया कि भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका क्यों नहीं निभाई तो थरूर ने कहा, "भारत के संबंध सभी प्रमुख देशों के साथ अच्छे हैं। पाकिस्तान का ऐसा हाल नहीं है। अगर पाकिस्तान ने मध्यस्थता की कोशिश की तो इससे भारत का कद कम नहीं होता है।" ट्रंप की टिप्पणी पर चुप्पी की सलाह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत के संदर्भ में की गई विवादास्पद 'नरक' वाली टिप्पणी पर थरूर ने भारत सरकार को संयम बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "सोशल मीडिया पोस्ट जैसी छोटी बातों पर भारत को आक्रामक होने की जरूरत नहीं है। यह हमारी कूटनीति के स्तर के अनुकूल नहीं है। अगर मैं सरकार में होता तो इसे पूरी तरह नजरअंदाज कर देता।" आपको बता दें कि 2016 के ऊरी हमले और 2019 के पुलवामा हमले के बाद से भारत ने पाकिस्तान के प्रति 'आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते' की नीति अपनाई है। भारत का वैश्विक मंचों पर हमेशा यह रुख रहा है कि पाकिस्तान जब तक लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी गुटों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं करता तब तक कूटनीतिक सुधार संभव नहीं है।

वैशाली टॉप पर, मधुबनी दूसरे स्थान पर; टॉप-10 जिलों की सूची जारी

पटना बिहार में जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। 17 अप्रैल से शुरू हुई जनगणना की प्रक्रिया में अब तक 24 लाख 35 हजार 105 लोगों ने स्व-गणना किया है। भारतीय जनगणना निदेशालय की ओर से टॉप 10 जिलों की सूची भी जारी कर दी है। इसके अनुसार, वैशाली जिला 4,12,716 स्व-गणना के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि मधुबनी 3,97,059 के साथ दूसरे स्थान पर है। सूची में तीसरे स्थान पर खगड़िया (1,28,813), चौथे पर गोपालगंज (1,26,194), पांचवें पर भोजपुर (1,26,113) और छठे स्थान पर पटना (1,25,944) शामिल हैं। औरंगाबाद में 97383, पश्चिम चंपारण में 79722, दरभंगा में 77223 और रोहतास में लोगों ने 66311 स्व-गणना करवाया। सभी 38 जिलों को मिलाकर कुल 24,35,105 लोगों ने स्व-गणना पूरी की है। नगणना निदेशालय की ओर से कहा गया कि 17 अप्रैल से एक मई तक स्व-गणना का काम चलेगा। बिहारवासी आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से OTP सत्यापन करके खुद अपने परिवार और घर से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं। बिहारवासी घर बैठे ही स्व-गणना कर सकते हैं। स्व-गणना करने की अंतिम तिथि एक मई रात 12 बजे तक है। यह प्रक्रिया आसान और पूरी तरह से सुरक्षित है। परिवार के मुखिया के नाम से पंजीकरण करना होगा जनगणना निदेशालय की डायरेक्टर रंजिता ने कहा कि स्व-गणना के लिए परिवार के मुखिया के नाम और किसी एक सदस्य के मोबाइल नंबर से पंजीकरण करना होगा। स्व-गणना पूरी होने के बाद नागरिकों को एक स्व-गणना आईडी प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा और गणनाकर्मी के घर आने पर उसे दिखाना होगा। यह प्रक्रिया सुरक्षित, सरल और समय की बचत करने वाली है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो लोग मोबाइल से अपनी गणना नहीं कर सकते हैं, वह घबराएं नहीं। दो मई से प्रगणक आपके घर आएंगे, वह गणना का काम कर कसते हैं। साथ ही जो लोग बिहार से बाहर रहते हैं वह भी नहीं घबराएं। आपके जिस राज्य में रह रहे हैं वहां जब जनगणना की प्रकिया शुरू होगी तब आप इसमें शामिल हो सकते हैं। आपकी गणना मान्य वैद्य मानी जाएगी। आपके डाटा को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और डिजिटल माध्यम में एन्क्रिप्टेड सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। इस बार पूरी तरह अलग है जनगणना 2027 जनगणना 2027 के लिए कागजी फॉर्म और रजिस्टरों की जगह अब इलेक्ट्रोनिक डिवाइस, जियो-टैगिंग मैपिंग टूल और एक केंद्रीकृत वेब आधारित प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा। सरकार ने साल 2027 की जनगणना को देश की पहली डिजिटल जनगणना बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। मोबाइल एप के जरिए डेटा इकट्ठा किया जाएगा। ऐप हिंदी, अंग्रेजी और सभी प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगा। इसके अलावा सेंसस मॉनिटरिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएमएस) नाम का एक केंद्रीय पोर्टल बनाया गया है, जो पूरी प्रक्रिया की रियल टाइम निगरानी करेगा। हर घर और इलाके का जियो-टैगिंग भी किया जाएगा

मुख्यमंत्री सैनी का दावा,81 लाख मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड खरीद पूरी

चंडीगड़ हरियाणा के किसानों को अगले सीजन से अपनी फसल बेचने के लिए मंडी में बैठकर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हरियाणा सरकार जल्द ही किसान ई-खरीद एप लॉन्च करेगी। इस एप की मदद से किसानों को जे-फॉर्म, भुगतान की स्थिति, भूमि बुवाई एवं उपज सत्यापन की स्थिति, गेट पास शेड्यूलिंग (अगली सरसों फसल से प्रारंभ), भूमि सत्यापन की स्थिति व सभी सूचनाएं किसान ई-खरीद एप पर ही उपलब्ध होंगी। इससे खरीद कार्य में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी। वहीं, अगले सप्ताह से सभी किसानों को व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड आधारित जे फार्म भेजा जाएगा ताकि उन्हें ऋण या अन्य सुविधाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ें। यह एलान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेसवार्ता में किए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में अब तक हुई गेहूं खरीद का ब्योरा देते हुए कहा कि रबी सीजन 2026-27 में प्रदेश की मंडियों में गेहूं की बंपर आवक हुई है। इसने पिछले चार साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सरकार ने खरीद प्रबंधों को लेकर पुख्ता इंतजाम किए जिसके चलते प्रदेश में गेहूं खरीद का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और किसानों को समय पर भुगतान भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा अब तक प्रदेश की मंडियों में 21 हजार 44 करोड़ रुपये मूल्य की 81 लाख 48 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की जा चुकी है, जो पिछले 4 वर्षों में सर्वाधिक है। अकेले 11 अप्रैल को एक ही दिन में 7 लाख 71 हजार मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड आवक हुई। उन्होंने कहा कि अब तक 5 लाख 80 हजार किसान अपनी उपज लेकर मंडियों में पहुंच चुके हैं। हर किसान की पहचान डिजिटल गेट पास के माध्यम से की जा रही है। इसके साथ ही 79 लाख 14 हजार मीट्रिक टन गेहूं का बायोमेट्रिक सत्यापन हो चुका है, जो लगभग 97 प्रतिशत है। प्रदेश की मंडियों में 70 लाख 23 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पूरी हो चुकी है, साथ ही प्रदेश की मंडियों से 34 लाख 56 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो चुका है। पहले ढाई महीने का सीजन होता था, अब 15 दिन का मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि पहले गेहूं की कटाई और फसल बेचने का सीजन ढाई महीने का होता था। अब यह सीजन सिमटकर 15 दिन में आ गया है। इससे थोड़ी बहुत परेशानी आती है। उन्होंने कहा कि 18 अप्रैल से उठान प्रक्रिया में और तेजी आई है। अब प्रतिदिन साढ़े 3 लाख मीट्रिक टन का उठान हो रहा है। पिछले वर्ष से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि रबी सत्र 2025-26 में जहां कुल 72 लाख 89 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। वहीं, इस वर्ष अब तक 81 लाख 48 हजार मीट्रिक टन की आवक हो चुकी है। किसानों को नहीं, सिर्फ विपक्ष को दिक्कत विपक्ष पर निशाना साधते हुए सैनी ने कहा कि पूर्व की सरकारों के समय न डिजिटल व्यवस्था थी, न पारदर्शिता थी, न समय पर भुगतान होता था। किसानों को मंडियों में लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता था। कागजी टोकन बनते थे और भुगतान के लिए हफ्तों, कभी-कभी महीनों का इंतजार करना पड़ता था। बोले-मंडियों में सब व्यवस्थाएं ठीक हैं। किसी भी किसान को दिक्कत नहीं है, सिवाय विपक्ष को।