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ताराचंडी धाम तक पहुंच रही फूलों की खुशबू, सरकारी मदद की उठी मांग

 गढ़वा जहां भीषण गर्मी और 43 डिग्री के टॉर्चर से आम जनजीवन बेहाल है और खेतों में फसलें दम तोड़ रही हैं, वहीं झारखंड के गढ़वा जिले के एक किसान ने अपनी मेहनत से गुल खिला दिए हैं. मझिआंव नगर पंचायत के पृथ्वी चक्र गढ़ौटा गांव के रहने वाले रमाशंकर माली फूलों की खेती के जरिए न केवल अपनी किस्मत बदल रहे हैं, बल्कि आज पूरे इलाके के लिए मिसाल बन गए हैं. ताराचंडी धाम तक पहुंच रही खुशबू रमाशंकर के खेतों की खुशबू सात समंदर पार तो नहीं, लेकिन पड़ोसी राज्य बिहार के प्रसिद्ध मां ताराचंडी धाम (सासाराम) तक जरूर पहुंच रही है. रमाशंकर ने बताया कि हर दूसरे दिन करीब 400 से 500 गेंदे के फूलों की मालाएं बिहार के सासाराम भेजी जाती हैं. साधन न होने पर रमाशंकर खुद बाइक से सासाराम तक फूल पहुंचाने जाते हैं जिससे कि भक्तों को ताजे फूल मिल सकें. पारंपरिक खेती छोड़ अपनाई नई राह पारंपरिक खेती छोड़ फूलों की राह चुनने वाले रमाशंकर ने बताते हैं  कि यह मुनाफे का सौदा है. एक बीघा खेत में बीज, खाद और सिंचाई मिलाकर करीब 25,000 रुपये खर्च होते हैं. सीजन के अंत तक करीब 2 लाख रुपये की आमदनी हो जाती है. गर्मी में फूलों को बचाना बड़ी चुनौती रमाशंकर कहते हैं कि 43 डिग्री तापमान में फूलों को बचाना आसान नहीं है. पौधों को हर दो दिन में सींचना पड़ता है जिससे कि वे मुरझाएं नहीं. सरकारी सहायता की कमी रमाशंकर अपने तीन बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च इसी खेती से चला रहे हैं. हालांकि, उन्हें मलाल है कि इतनी मेहनत के बाद भी अब तक कोई सरकारी सहायता नहीं मिली. इधर क्षेत्र के अन्य किसान और करुआ कला के फूल उत्पादक बृजेश तिवारी भी लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि गढ़वा को ‘बागवानी मिशन’ से जोड़ा जाए. किसानों का कहना है कि गढ़वा की भौगोलिक स्थिति (बिहार, यूपी और छत्तीसगढ़ की सीमा) इसे फूलों के व्यापार का बड़ा केंद्र बना सकती है, बस जरूरत है तो सरकार के थोड़े से सहयोग की. रामाशंकर का कहना है कि अगर सरकार आर्थिक या तकनीकी मदद दे, तो हम इस काम को और बड़े स्तर पर ले जा सकते हैं. पारंपरिक खेती के मुकाबले फूलों की खेती ने मुझे पहचान और बेहतर आजीविका दी है. 

खाड़ी में तनाव से कच्चे तेल पर संकट, उत्पादन 57% तक गिरने की आशंका

नई दिल्ली गोल्डमैन सैक्स रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के फिर से खुलने के कुछ ही महीनों के भीतर खाड़ी क्षेत्र का कच्चा तेल उत्पादन काफी हद तक ठीक हो सकता है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि युद्ध-पूर्व के स्तर तक पूरी तरह से वापसी में समय लग सकता है। अगर यह महत्वपूर्ण जलमार्ग बंद रहता है तथा पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो कच्चे तेल के उत्पादन को और भी अधिक जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है। रिसर्च में अनुमान लगाया गया है कि खाड़ी क्षेत्र का उत्पादन युद्ध-पूर्व के स्तर की तुलना में 14.5 मिलियन बैरल प्रति दिन यानी 57% तक गिर गया है। गोल्डमैन सैक्स ने कहा है कि अगर तेल संपत्तियों पर नए सिरे से कोई हमला नहीं होता है और आने वाले महीनों में यह जलडमरूमध्य पूरी तरह से और सुरक्षित रूप से फिर से खुल जाता है, तो उत्पादन में तेजी से सुधार संभव है। उत्पादन में सुधार की गति परिवहन और कुओं से तेल निकलने की दर पर निर्भर करेगी। एक बार जब यह जलमार्ग फिर से खुल जाएगा, तो मुख्य बाधाएं पाइपलाइन की क्षमता, पहले से निकाले गए तेल को ले जाने के लिए खाली टैंकरों की उपलब्धता, और तेल क्षेत्रों में मरम्मत व रखरखाव के काम के लिए जरूरी सामग्री और कर्मचारियों को जुटाने से जुड़ी हो सकती हैं। संघर्ष शुरू होने के बाद से खाड़ी क्षेत्र में उपलब्ध खाली टैंकरों की क्षमता में लगभग 50 फीसदी की गिरावट आई है। रिपोर्ट चेतावनी देती है कि पूरी तरह से ठीक होने में कई तिमाहियां लग सकती हैं। माइंस हटाने का काम जारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिकी नौसेना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ईरानी बारूदी सुरंगों को हटाने का काम शुरू कर चुकी है। यह कदम वैश्विक तेल आपूर्ति को बहाल करने के लिए उठाया गया है, क्योंकि इस मार्ग के बंद होने से दुनिया की अर्थव्यवस्था संकट में है। समुद्र के नीचे बिछाई गई इन विस्फोटक सुरंगों को साफ करने में कम से कम 6 महीने लग सकते हैं। वहीं, जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने शनिवार को कहा कि उनका देश भूमध्य सागर में बारूदी सुंरग हटाने वाला पोत तैनात कर सकता है।

भामाशाह जयंती पर नीतीश ने दिया संदेश, ‘काम बोलता है’ पर दिया जोर

पटना मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के 12 दिन बाद जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार अपनी पार्टी के प्रदेश कार्यालय पहुंचे। यहां पर जदयू के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। नीतीश कुमार के समर्थकों ने जमकर उनके समर्थन में नारेबाजी की। इसी बीच कुछ कार्यकर्ताओं ने नीतीश कुमार पर बनाए गए गीतों को बजाया। इन गीतों को सुनकर नीतीश कुमार ताली बजाने लगे और मंच पर बैठे लोगों से ताली बजवाई। नीतीश कुमार के साथ दोनों डिप्टी सीएम विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव भी मौजूद थे। भामाशाह जयंती पर नीतीश कुमार के पांच संदेश बताया जा रहा कि रविवार यानी 26 अप्रैल को भामाशाह जयंती पर जदयू दफ्तर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें ही नीतीश कुमार शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान जदयू कार्यालय में एक पंपलेट भी बांटा गया। इसमें भामाशाह के परिचय के अलावा नीतीश कुमार का संदेश भी लिखा था। इसमें नीतीश कुमार के हवाले से लिखा गया था कि मैं काम करता हूं, मेरा काम ही बोलता है। राजनीति सेवा के लिए है, मेवा के लिए नहीं। न्याय के साथ विकास यानी हर क्षेत्र और हर तबके का विकास। आधे मन से कोई बड़ा काम नहीं होता है। बिहार को मैं उस ऊंचाई पर ले जाना चाहता हूं, जहां से चाहकर कोई भी नीचे नहीं जा सकता है। निशांत कुमार और मंत्रिमंडल विस्तार पर विजय चौधरी ने क्या कहा? इधर, नीतीश कुमार और अन्य नेताओं की भी जदयू समर्थक निशांत कुमार को भी खोज रहे थे। वह निशांत कुमार को बड़ी जिम्मेदारी देने की मांग कर रहे थे। कुछ कार्यकर्ता तो उन्हें बिहार का अगला मुख्यमंत्री तक बता रहे थे। इसी बीच डिप्टी सीएम विजय चौधरी से कुछ पत्रकारों और निशांत कुमार और मंत्रिमंडल विस्तार पर सवाल पूछ लिया। उन्होंने कहा कि निशांत पार्टी में आ चुके हैं। वह काफी सक्रिय भी हैं। जदयू की पूरी टीम उन्हें पसंद करती है। मंत्रिमंडल विस्तार पर उन्होंने कहा कि बातचीत चल रही है। एनडीए में सबकुछ ठीक है। जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। 

औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों को राहत, 1000–1500 रुपये में मिलेगा आवास

नोएडा  उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहरों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए सबसे बड़ी समस्या हमेशा सस्ते और सुरक्षित आवास की रही है। बढ़ते किराए, लंबी दूरी और सीमित आय के बीच जीवन यापन करना उनके लिए चुनौती बना हुआ है। अब इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार और प्राधिकरण स्तर पर बड़े फैसले लिए गए हैं। नोएडा में जहां श्रमिकों के लिए चार बड़े हॉस्टल बनाए जाएंगे, वहीं पूरे राज्य में किफायती किराया आवास नीति को औद्योगिक क्षेत्रों में लागू करने की तैयारी है, जिससे मजदूरों को उनके कार्यस्थल के पास ही सस्ती और सुविधाजनक रहने की व्यवस्था मिल सकेगी। नोएडा में बनेंगे 4 श्रमिक हॉस्टल नोएडा प्राधिकरण श्रमिकों के लिए चार आधुनिक हॉस्टल बनाने जा रहा है। इनमें से दो हॉस्टल प्राधिकरण स्वयं बनाएगा, जबकि दो का निर्माण श्रम कल्याण बोर्ड के साथ संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) में किया जाएगा। चारों हॉस्टल एक-एक एकड़ जमीन पर विकसित होंगे और प्रत्येक हॉस्टल में लगभग 1000 श्रमिकों के रहने की क्षमता होगी। इन हॉस्टल्स को औद्योगिक सेक्टरों के पास बनाया जाएगा, जिससे श्रमिकों को कार्यस्थल तक पहुंचने में अतिरिक्त परिवहन खर्च नहीं करना पड़ेगा। औद्योगिक क्षेत्रों में बनेंगे श्रमिक आवास राज्य स्तर पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह तय किया गया है कि औद्योगिक क्षेत्रों की 30 प्रतिशत भूमि पर श्रमिकों के लिए आवास विकसित किए जाएंगे। इस निर्णय में आवास, औद्योगिक विकास, नगर विकास और नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग शामिल रहे, जिन्होंने श्रमिकों को कार्यस्थल के नजदीक रहने की सुविधा देने पर सहमति जताई। सरकारी एजेंसियों के साथ निजी डेवलपर्स भी होंगे शामिल इस योजना को बड़े स्तर पर लागू करने के लिए सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ निजी डेवलपर्स को भी जोड़ा जाएगा। निजी बिल्डरों को अपनी परियोजनाओं में श्रमिकों के लिए किराए के मकान बनाने की अनुमति दी जाएगी। इसके बदले उन्हें भू-उपयोग में छूट, मानचित्र स्वीकृति में तेजी और विकास शुल्क में राहत जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे परियोजना को तेजी से जमीन पर उतारा जा सके। 1000 से 1500 रुपये तक होगा किराया इस योजना का सबसे बड़ा आकर्षण इसका किफायती किराया है। सूत्रों के अनुसार, इन श्रमिक आवासों का मासिक किराया लगभग 1000 से 1500 रुपये के बीच रखा जा सकता है। मौजूदा समय में बड़े शहरों में एक कमरे का किराया 4 से 5 हजार रुपये तक पहुंच चुका है, ऐसे में यह योजना कम आय वाले श्रमिकों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। कुशल और अकुशल दोनों श्रमिकों को मिलेगा लाभ यह योजना केवल फैक्ट्री मजदूरों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि वेंडर, पेंटर, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन और अन्य कुशल व अकुशल श्रमिकों को भी इसका लाभ मिलेगा। आवास का आवंटन इस तरह किया जाएगा कि यदि कोई श्रमिक शहर छोड़ता है तो उसी मकान को दूसरे जरूरतमंद को दे दिया जाएगा, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके। प्रधानमंत्री आवास योजना का विस्तार राज्य सरकार पहले ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत किफायती किराया आवास (ARH) नीति को मंजूरी दे चुकी है। अब इस नीति को औद्योगिक विकास विभाग में लागू करने का निर्णय लिया गया है, जिससे इसका दायरा और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे। क्यों जरूरी हुआ यह फैसला? हाल के वर्षों में नोएडा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों ने महंगे किराए, बच्चों की फीस और बढ़ती महंगाई को लेकर विरोध जताया था। कोविड-19 महामारी के दौरान भी श्रमिकों के सामने आवास की गंभीर समस्या सामने आई थी, जिसने इस दिशा में ठोस नीति बनाने की आवश्यकता को और स्पष्ट किया।  

धुर्वा में फेज-2 विकास की तैयारी, आधुनिक आवासीय व व्यावसायिक क्षेत्र का होगा विस्तार

रांची रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन ने अपना दायरा बढ़ाने की तैयारी की है। राज्य सरकार ने धुर्वा स्थित एचईसी से 500 एकड़ अतिरिक्त जमीन लेने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस अतिरिक्त जमीन में स्मार्ट सिटी फेज 2 के रूप में विकसित किया जाने की तैयारी है। इसका उद्देश्य स्मार्ट सिटी का क्षेत्रफल बढ़ाकर आधुनिक आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र का विस्तार करना है। यह प्रस्तावित जमीन मौजूदा 656 एकड़ के प्रोजेक्ट के अलावा होगी। रांची स्मार्ट सिटी 656 एकड़ में धुर्वा क्षेत्र में विकसित की जा रही है, जो पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से युक्त है। अतिरिक्त जमीन मिलने से स्मार्ट सिटी का दायरा बढ़ने के साथ यहां कई अत्याधुनिक सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी। भारी उद्योग मंत्रालय प्रस्ताव पर कर रहा विचार अतिरिक्त जमीन लेने से राज्य सरकार ने एचईसी से बातचीत भी शुरू की है। बीते कुछ माह पहले रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने नई दिल्ली में केंद्र सरकार से इसे लेकर चर्चा की थी। अब भारी उद्योग मंत्रालय इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। जानकारी के अनुसार अब एचईसी जमीन चिन्हित कर रहा है। इसके तहत एचईसी को बड़ी राशि मिलने की संभावना है, जो लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहे निगम के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। इसके अलावा मिलने वाली राशि से कर्मचारियों के बकाया भुगतान और मशीनों के आधुनिकीकरण का रास्ता खुलेगा। एचईसी के पास बड़ी मात्रा में अप्रयुक्त जमीन है, जहां अतिक्रमण की समस्या भी बढ़ रही है। सरकार का मानना है कि इस जमीन का स्मार्ट सिटी में उपयोग कर इसे व्यवस्थित विकास में बदला जा सकता है। शहर के विकास का नया मॉडल होगा तैयार प्रस्तावित अतिरिक्त 500 एकड़ जमीन में एक ही स्थान पर आवासीय, व्यावसायिक या संस्थागत उपयोगों वाली गतिविधियों को बढ़ावा देने की तैयारी है। इससे छोटे कैफे, बुटीक, कंसल्टेंसी फर्म व रिटेल आउटलेट्स के लिए नए मौके खुलेंगे। स्मार्ट सिटी के विस्तार से धुर्वा, हटिया व जगन्नाथपुर क्षेत्र में संरचनात्मक ढांचे में भी सुधार होगा। चौड़ी सड़कें, 24 घंटे बिजली व हाईटेक ड्रेनेज सिस्टम से आसपास के क्षेत्रों को भी फायदा मिलेगा। अतिरिक्त जमीन में स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन द्वारा विकास का नया मॉडल भी तैयार करने का प्रस्ताव है। यानी छोटे-छोटे प्लॉट तैयार होंगे, जिससे रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। वर्तमान में जिस 656 एकड़ जमीन में स्मार्ट सिटी विकसित हो रही है, उसकी सबसे बड़ी बाधा जमीन का दाखिल-खारिज थी। वर्षों पहले एचईसी को मिली जमीन का म्यूटेशन नहीं कराया गया था, जिससे वर्ष 2016 में प्रोजेक्ट शुरू होने के बावजूद प्लॉट आवंटन और निर्माण कार्य ठप पड़ा था। पिछले माह ही नामकुम अंचल में इस तकनीकी खामी को दूर करते हुए 656 एकड़ में से करीब 450 एकड़ जमीन का म्यूटेशन पूरा कर लिया है। शेष जमीन पर भी प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

भारतीय महिला टीम की दमदार वापसी, चीन से होगा निर्णायक मुकाबला

डेनमार्क डेनमार्क के होर्सेंस में खेले जा रहे उबेर कप 2026 में भारतीय महिला टीम ने अपनी क्वार्टर फाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखा है। ग्रुप-A के अपने दूसरे मुकाबले में भारत ने यूक्रेन को 4-1 से करारी शिकस्त दी। पहले मैच में मेजबान डेनमार्क से 2-3 से हारने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने जबरदस्त वापसी की। इस जीत के साथ ही भारत अब सोमवार को डिफेंडिंग चैंपियन चीन से भिड़ेगा, जो क्वार्टर फाइनल की राह तय करने के लिए बेहद अहम होगा। उन्नति हुड्डा और तन्वी शर्मा ने अपने- अपने मैच जीते भारत की ओर से पहले सिंगल्स मैच में उन्नति हुड्डा ने शानदार शुरुआत की। उन्होंने यूक्रेन की पोलिना बुहरोवा को सीधे सेटों में 21-19, 22-20 से हराकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप की सिल्वर मेडलिस्ट तन्वी शर्मा ने अपनी लय बरकरार रखी। तन्वी ने येवहेनिया कांटेमिर को तीन सेटों तक चले कड़े मुकाबले में 21-12, 17-21, 21-10 से हराकर स्कोर 2-0 कर दिया। देविका सिहाग ने पक्की की जीत इस मुकाबले में टीम मैनेजमेंट ने पूर्व वर्ल्ड चैंपियन पीवी सिंधु को सिंगल्स मैच में आराम दिया था। उनकी जगह थाइलैंड मास्टर्स चैंपियन देविका सिहाग को तीसरा सिंगल्स खेलने का मौका मिला। देविका ने इस भरोसे को सही साबित किया और मारिया स्टोलियारेन्को को 23-21, 21-13 से हराकर भारत की जीत पक्की कर दी। उनके जीतते ही भारत ने मुकाबले में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली थी। डबल्स में मिला-जुला रहा प्रदर्शन, सिंधु-तनीषा की जोड़ी जीती भारत को इकलौती हार पहले महिला डबल्स मुकाबले में मिली। कविप्रिया सेल्वम और सिमरन सिंघी की जोड़ी यूक्रेन की बुहरोवा और कांटेमिर के सामने नहीं टिक सकी और 11-21, 17-21 से मैच हार गई। हालांकि, आखिरी मैच में पीवी सिंधु और तनीषा क्रास्टो की जोड़ी ने भारत का दबदबा कायम रखा। उन्होंने सोफिया लावरोवा और स्टोलियारेन्को को 21-18, 21-15 से हराकर स्कोरलाइन 4-1 कर दी। अब चीन से टक्कर, क्वार्टर फाइनल के लिए जीत जरूरी यूक्रेन पर जीत के बाद अब भारतीय टीम का मनोबल बढ़ा हुआ है। ग्रुप-A में भारत का अगला और आखिरी मुकाबला सोमवार को चीन से होगा। चीन इस टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। भारत को नॉकआउट स्टेज यानी क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की करने के लिए चीन के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। टूर्नामेंट के नियमों के मुताबिक, ग्रुप की टॉप दो टीमें ही अगले दौर में पहुंचेंगी।

नए पार्टी कार्यालय का उद्घाटन, राजस्थान में 7 दफ्तरों का वर्चुअल शुभारंभ

टोंक टोंक में भारतीय जनता पार्टी की मेगा सभा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. 27 अप्रैल को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा टोंक पहुंचेंगे. राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन का राजस्थान में पहला दौरा होगा. यह दौरा कई मायनों में खास माना जा रहा है. खास इसलिए भी क्योंकि टोंक विधानसभा कांग्रेस नेता सचिन पायलट का गढ़ भी है. इस लिहाज से भी बीजेपी का यह आयोजन अहम माना जा रहा है.   7 नए पार्टी ऑफिस का भी होगा उद्घाटन इसी दौरान, टोंक में बीजेपी के नए कार्यालय का उद्घाटन भी किया जाएगा. साथ ही राजस्थान के छह अन्य पार्टी कार्यालयों का वर्चुअली उद्घाटन भी किया जाएगा. इसके बाद बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ एक बड़ी जनसभा आयोजित होगी. हेलीपैड से लेकर सभा स्थल तक 11 जगहों पर होगा स्वागत सभा को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है. राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत राजस्थानी परंपरा होगा. हेलीपैड से सभा स्थल तक 11 जगहों पर ढोल-नगाड़े और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भव्य स्वागत की तैयारी है. प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पहले ही सभा स्थल का पूजन कर तैयारियों का जायजा लिया है. वहीं, कैबिनेट मंत्री भी तैयारी में जुटे हैं. जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर भी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं. 

लाल जोड़े में पहुंची मीरा परमार, वोट डालकर निभाया नागरिक कर्तव्य

गुजरात गुजरात के जामनगर में लोकतंत्र के प्रति समर्पण की खूबसूरत तस्वीर सामने आई. यहां एक युवती ने अपनी जिंदगी के सबसे खास दिन पर मतदान को प्राथमिकता दी. शादी की रस्मों और तैयारियों के बीच वह दुल्हन के जोड़े में सीधे मतदान केंद्र पहुंची और अपने वोट डाला. जामनगर नगर निगम क्षेत्र में स्थानीय स्वशासन चुनाव के लिए मतदान हो रहा था. इसी दौरान गुलाबनगर की रहने वाली मीरा परमार ने जिम्मेदार नागरिक होने का उदाहरण पेश किया. अपनी शादी के दिन जब आमतौर पर दुल्हन तैयारियों में व्यस्त रहती है, मीरा ने सबसे पहले मतदान केंद्र पहुंचने का फैसला किया. लाल जोड़े में मीरा जब पोलिंग बूथ पहुंचीं तो वहां मौजूद लोग उन्हें देखकर हैरान रह गए. मतदान कर्मियों से लेकर अन्य मतदाता तक सभी ने उनके इस कदम की सराहना की. मीरा ने मतदान किया, उंगली पर स्याही लगवाई और फिर मुस्कुराते हुए कैमरे के सामने तस्वीरें भी खिंचवाईं. मीरा ने कहा कि मतदान हर नागरिक का अधिकार ही नहीं, बल्कि कर्तव्य भी है. लोकतंत्र को मजबूत करने का अवसर भी महत्वपूर्ण है. उनका मानना है कि अगर हर नागरिक मतदान को प्राथमिकता दे, तो देश और समाज दोनों मजबूत होंगे. मीरा के इस फैसले का उनके परिवार और रिश्तेदारों ने भी खुलकर स्वागत किया. सभी ने उनकी जागरूकता और जिम्मेदारी की तारीफ की. परिवार का कहना है कि मीरा ने न सिर्फ अपने लिए, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणादायक संदेश दिया है. जामनगर जिला प्रशासन ने भी मीरा के इस कदम की सराहना की. अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की पहल युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक करने में बेहद कारगर साबित होती है. बता दें कि गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव के तहत 15 महानगरपालिकाओं, 84 नगरपालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों की 9,000 से अधिक सीटों के लिए मतदान हो रहा है. मतदान शाम 6 बजे तक जारी रहेगा. अब मीरा परमार की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. लोग उनकी सराहना कर रहे हैं.

कोल थॉमस एलन बैकग्राउंड खुलासा, लिंक्डइन और डोनेशन सामने

 वॉशिंगटन शनिवार रात व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन डिनर में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित बाकी लोगों पर जानलेवा हमला करने वाले शूटर के बारे में कई खुलासे हो रहे हैं. सार्वजनिक रिकॉर्ड्स से पता चला है कि वह दक्षिणी कैलिफोर्निया का रहने वाला एक टीचर और वीडियो गेम डेवलपर था.यही नहीं उसने पिछले राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस को चंदा भी दिया था. मिल चुका टीचर ऑफ द मंथ का अवार्ड हमलावर टॉमस एलन को हिरासत में लेने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी लिंक्डइन प्रोफाइल खंगाली. प्रोफाइल सर्च करने पर पता चला कि टॉमस C2 एजुकेशन नाम की टेस्ट की तैयारी कराने वाली और ट्यूटरिंग कंपनी में पार्ट‑टाइम शिक्षक के रूप में काम करता था. कंपनी के सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक, दिसंबर 2024 में C2 ने टॉमस एलन को “टीचर ऑफ द मंथ” भी घोषित किया था. हालांकि शनिवार देर रात C2 के दिए गए फोन नंबर पर संपर्क नहीं हो सका. कमला हैरिस को दिया था 25 डॉलर का दान   लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, कोल टोमस एलन ने 2017 में कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्री प्राप्त की है. इसके बाद उसने पिछले वर्ष कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी‑डोमिंगुएज हिल्स से कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री हासिल की थी.  फेडरल इलेक्शन कमीशन (FEC) के रिकॉर्ड के अनुसार, एलन ने अक्टूबर 2024 में कमला हैरिस के राष्ट्रपति अभियान को 25 डॉलर का दान भी दिया था. अकेले ही मारने आया था शूटर वॉशिंगटन डीसी की मेयर म्यूरियल बोउजर ने सीएनएन को बताया कि फिलहाल अधिकारियों के पास इस बात का कोई संकेत नहीं है कि व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर की घटना में किसी और की भूमिका थी.उन्होंने कहा,“इस समय ऐसा मानने की कोई वजह नहीं है कि इसमें कोई और शामिल था.” वहीं, वॉशिंगटन डीसी के अंतरिम पुलिस प्रमुख जेफरी कैरोल ने भी कहा, “इस वक्त ऐसा प्रतीत होता है कि संदिग्ध अकेला व्यक्ति था, यानी एक ही शूटर आया था और उसके साथ कोई नहीं था.”

माइकल जैक्सन बायोपिक का भारत में धमाका, दो दिनों में 10.5 करोड़ का कलेक्शन

माइकल जैक्सन का क्रेज इंडिया में कितना तगड़ा रहा है, इसके गवाह तो हम सब रहे हैं. इसलिए ये अनुमान लगाना किसी के भी लिए मुश्किल नहीं था कि 'किंग ऑफ पॉप' माइकल जैक्सन की बायोपिक को इंडिया में बहुत सॉलिड रिस्पॉन्स मिलने वाला है. मगर ये रिस्पॉन्स इतना तगड़ा होगा, ये शायद किसी ने नहीं सोचा था! शुक्रवार को रिलीज हुई ये बायोपिक माइकल, इंडियन बॉक्स ऑफिस पर शानदार कलेक्शन कर रही है. पहले से थिएटर्स में भीड़ जुटा रही कई बड़ी फिल्मों के बीच भी माइकल इंडिया में धमाका करने में कामयाब हुई है. इंडिया में माइकल का जलवा माइकल जैक्सन की बायोपिक का क्रेज गुरुवार शाम से नजर आने लगा था, जब इसने प्रीव्यू शोज से ही करीब 1.70 करोड़ का नेट कलेक्शन किया था. शुक्रवार को कमाए 3.70 करोड़ के साथ माइकल का टोटल ओपनिंग कलेक्शन 5 करोड़ से ज्यादा रहा. 2026 में इंडियन बॉक्स ऑफिस पर हॉलीवुड फिल्मों की सबसे बड़ी ओपनिंग लेकर आई माइकल लगातार जमकर दर्शक जुटा रही है. शनिवार को फिल्म ने एक शानदार जंप के साथ बता दिया है कि माइकल का क्रेज इंडिया में कितना तगड़ा है. सैकनिल्क के अनुसार माइकल ने शनिवार को 5.10 करोड़ कलेक्शन किया है. ये शुक्रवार के मुकाबले ऑलमोस्ट 40% का जंप है. जनरली ऐसा तब होता है जब फिल्मों के शोज बढ़ाए जाते हैं. लेकिन माइकल के मामले में ये फैक्टर भी बहुत बड़ा नहीं है. शुक्रवार को इसके शोज 3000 से थोड़े ज्यादा थे और शनिवार को 3200 से थोड़े कम. ये साफ है कि माइकल के शोज में शुक्रवार से ज्यादा भीड़ शनिवार को नजर आई. पेड प्रीव्यूज मिलाकर माइकल ने दो दिनों में इंडिया में 10.5 करोड़ नेट कलेक्शन कर डाला है. माइकल का ये इंडिया कलेक्शन इसलिए दमदार है क्योंकि ये कई बड़ी फिल्मों के बीच थिएटर्स में पहुंची है. महीने भर से ज्यादा पुरानी धुरंधर 2 को अभी भी अच्छे दर्शक मिल रहे हैं. दूसरे हफ्ते में चल रही अक्षय कुमार की भूत बंगला भी जमकर भीड़ जुटा रही है. हॉलीवुड की दो फिल्में प्रोजेक्ट हेल मैरी और द ममी को ऐसा रिस्पॉन्स मिला है कि कोई भी थिएटर इनके पहले से सेट शोज हटाकर नई फिल्म नहीं लगाना चाहेगा. मगर फिर भी माइकल ने जनता को इतना इंप्रेस कर दिया है कि इतनी फिल्मों के बीच ये तगड़ी कमाई कर रही है. ये इंडिया में माइकल जैक्सन के जादू का कमाल है.