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बांसवाड़ा में दहशत,श्यामपुरा इलाके में फिर दिखे दो पैंथर

बांसवाड़ा अगर आप मॉर्निंग वॉक पर जाए और पैंथर से सामना हो तो क्या होगा? कुछ ऐसा ही डर, इन दिनों बांसवाड़ा में बरकरार है. शहर से सटे श्यामपुरा वन क्षेत्र में एक बार फिर पैंथर ने दस्तक दी है. पैंथर की मौजूदगी से इलाके में हड़कंप मच गया है. इस बार दो पैंथर मुख्य सड़क के पास बनी दीवार पर बैठे नजर आए, जिससे वहां से गुजरने वाले लोगों में दहशत फैल गई. यह क्षेत्र शहर के बेहद करीब होने के साथ-साथ एक व्यस्त मार्ग भी है, जहां दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रहती है. ऐसे में खुले इलाके में पैंथर का दिखना खतरे की घंटी माना जा रहा है. इलाके में लगातार पैंथर का मूवमेंट स्थानीय लोगों के अनुसार, इस इलाके में पहले भी कई बार पैंथर देखे जा चुके हैं, जिससे आसपास के रहवासियों में लगातार डर बना हुआ है. श्यामपुरा क्षेत्र में बने जॉगिंग ट्रैक पर सुबह-सुबह टहलने आने वाले लोगों में खासा भय देखा जा रहा है. लोगों ने वन विभाग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और गश्त बढ़ाने की मांग की है. तापमान बढ़ने से वन्यजीवों का खतरा भी बढ़ा विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती गर्मी और जंगलों में पानी की कमी के कारण वन्यजीव आबादी वाले इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं. यही वजह है कि पैंथर जैसे जानवर शहर के करीब नजर आ रहे हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा भी बढ़ रहा है. वहीं, वन विभाग की तैयारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं. यही वजह है कि इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं.

डीग पुलिस का बड़ा एक्शन,नकली सोना और साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़

डीग डीग के मेवात क्षेत्र में संगठित अपराध और साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया. शुक्रवार (24 अप्रैल) को ठगों के नेटवर्क पर करारा प्रहार करते हुए ‘ऑपरेशन एंटी-वायरस' और ‘वज्र प्रहार' के तहत कार्रवाई की गई. पुलिस ने जुरहरा थाना क्षेत्र के कलतरिया के जंगलों और भंडारा गांव की सीमा में करीब 4 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया. इस मेगा ऑपरेशन में कुल 18 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से 11 आरोपी नकली सोने की ईंट दिखाकर ठगी करने वाले गिरोह से जुड़े हैं, जबकि 4 आरोपी साइबर फ्रॉड में लिप्त पाए गए. इसके अलावा लंबे समय से फरार चल रहे 3 वांछित अपराधियों को भी दबोचा गया है. कई गाड़ियां, मोबाइल और फर्जी सिम जब्त पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी की रकम से खरीदी गई थार, स्कॉर्पियो जैसी कई गाड़ियां भी जब्त की. साथ ही नकली पीतल की ईंटें, 4 एंड्रॉयड मोबाइल और 7 फर्जी सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं. पुलिस ने आरोपियों को नहीं लगने दी भनक एसपी कांबले शरण गोपीनाथ ने कार्रवाई के निर्देश दिए. इस दौरान 2 डीएसपी, 4 थानाधिकारी और डीएसटी-क्यूआरटी टीम समेत करीब 50 पुलिसकर्मी शामिल रहे. पुलिस टीम ने एक साथ कई ठिकानों पर दबिश दी, जिससे आरोपियों को भागने का मौका नहीं दिया. ब्लैकमेलिंग से लेकर ठगी तक का नेटवर्क प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पीतल की ईंटों को पॉलिश कर ‘प्राचीन सोना' बताकर लोगों को ठगते थे. जबकि साइबर ठग सोशल मीडिया और फर्जी आईडी के जरिए ब्लैकमेलिंग करते थे. फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और बैंक खातों की जांच कर रही है, जिससे और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है.

पटना में नीतीश कुमार की सम्राट चौधरी से मुलाकात, डिप्टी सीएम और मुख्य सचिव से भी भेंट

पटना जनता दल यूनाईटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उनके आवास 1-अणे मार्ग पर पहुंचकर मुलाकात की। सम्राट चौधरी के विश्वास मत हासिल करने के बाद नीतीश की उनसे यह पहली मुलाकात थी। राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने बिहार के उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत से भी मुलाकात की। नीतीश कुमार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के एक-अणे मार्ग आवास पर पहुंचे। उन दोनों की की मुलाकात बेहद सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई। इस मौके पर जेडीयू के नेता राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) भी मौजूद थे। बताया जाता है कि नीतीश की सम्राट चौधरी से यह मुलाकात एक शिष्टाचार भेंट थी। डिप्टी सीएम और चीफ सेक्रेटरी से भी मिले नीतीश बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को बिहार के उप मुख्यमंत्री और जेडीयू के नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव से भी मुलाकात की। इसके अलावा वे बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के आवास भी पहुंचे और उनसे मुलाकात की। सम्राट ने हासिल किया विश्वास मत शुक्रवार को बिहार विधानसभा के विशेष सत्र में नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ध्वनिमत से विश्वासमत हासिल कर लिया। चौधरी ने इस दौरान सदन को संबोधित भी किया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सदन में वक्तव्य के बाद अपनी बात कही। सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में तेजस्वी यादव को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि वे किसी 'पाठशाला' से नहीं बल्कि बिहार के 14 करोड़ लोगों के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री बने हैं। तेजस्वी पर बरसे सम्राट उन्होंने तेजस्वी यादव के कुछ दिन पहले के उस बयान को लेकर यह बात कही जिसमें तेजस्वी ने कहा थी कि बीजेपी के पास योग्य नेता नहीं हैं इसलिए मुख्यमंत्री जो भी बनाएं लालू यादव की पाठशाला का ही निकला हुआ होगा। गौरतलब है कि सम्राट चौधरी ने राजनीति की शुरुआत लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल से ही की थी। सीएम पद किसी की बपौती नहीं सम्राट चौधरी ने तेजस्वी पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का पद किसी की बपौती नहीं है। तेजस्वी यादव अपनी बपौती से बाहर निकलें। उन्होंने कहा एक व्यक्ति या परिवार की सत्ता नहीं होती। 14 करोड़ बिहारियों के आशीर्वाद से आज मैं यहां बैठा हूं। मैं नीतीश कुमार, पीएम नरेंद्र मोदी, नितिन नवीन और चिराग पासवान का आभारी हूं। मैं उपेंद्र कुशवाहा का आभारी हूं। मुझे मांझी जी का आशीर्वाद भी मिला है। तब यहां आकर बैठा हूं। कोई गलतफहमी में नहीं रहे। सम्राट चौधरी ने कहा कि सत्ता किसी की बपौती नहीं होती है। कोई पाठशाला से नहीं आता है। मैं तो यहां तक कहता हूं कि अगर लालू प्रसाद यादव का अत्याचार मुझ पर नहीं होता, तो मैं सीएम नहीं होता। नीतीश कुमार जी की इच्छा थी कि सम्राट चौधरी बिहार के सीएम हों, इससे इनकार नहीं करता हूं।  

माइकल जैक्सन की बायोपिक ‘माइकल’ ने भारत में की धमाकेदार ओपनिंग

माइकल जैक्सन का क्रेज इंडिया में गली-गली, उन बच्चों की शक्ल में मौजूद है जो चलते-फिरते 'मून वॉक' की कोशिश करते रहते हैं. बिना माइकल के डांस स्टाइल को कॉपी किए इंडिया में किसी को डांसर नहीं माना जाता. इसलिए ये अनुमान सभी को था कि पॉप के किंग माइकल जैक्सन की बायोपिक माइकल, इंडिया में खूब पॉपुलर होगी. इन उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरते हुए शुक्रवार को रिलीज हुई माइकल ने इंडिया में धमाकेदार ओपनिंग की है. माइकल आते ही, इस साल इंडिया में सबसे बड़ी ओपनिंग करने वाली हॉलीवुड फिल्म बन गई है. माइकल की शानदार ओपनिंग इंडिया में माइकल जैक्सन की बायोपिक को ज्यादातर पॉजिटिव रिव्यूज ही मिले. फिल्म को इंडिया में माइकल की पुरानी फैन फॉलोइंग का भी फायदा मिलना ही था. सैकनिल्क की रिपोर्ट बताती है कि रिलीज से पहले, गुरुवार को हुए पेड प्रीव्यूज से ही माइकल ने इंडिया में करीब 1.70 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था. शुक्रवार को माइकल ने इंडिया में 3.80 करोड़ नेट ओपनिंग कलेक्शन किया है. खास बात ये है कि एक महीने से ज्यादा पुरानी धुरंधर 2 अभी भी थिएटर्स में डटी हुई है. हॉलीवुड की लिमिटेड रिलीज प्रोजेक्ट हेल मैरी भी थिएटर्स में टिकी हुई है. और पिछले हफ्ते रिलीज हुई अक्षय कुमार की भूत बंगला भी जमकर कमाई कर रही है. इसलिए माइकल को शोज बहुत ज्यादा नहीं मिले. शुक्रवार को इस फिल्म के करीब तीन हजार शोज ही पूरे इंडिया में चले और इन शोज में ही माइकल ने शानदार ओपनिंग की. जबकि शुक्रवार को ही साढ़े आठ हजार से ज्यादा शोज में चली भूत बंगला ने 6 करोड़ के आसपास कलेक्शन किया है. इसी से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि माइकल को इंडिया में कितना तगड़ा रिस्पॉन्स मिला है. ये 2026 में हॉलीवुड की इंडिया में सबसे बड़ी ओपनिंग भी है. माइकल से पहले प्रोजेक्ट हेल मैरी ने इंडिया में 2.25 करोड़ और द ममी ने 2 करोड़ ओपनिंग कलेक्शन किया था. इस साल इंडिया में चल रही हॉलीवुड की पार्टी 2026 के पहले 4 महीनों में ही हॉलीवुड के लिए माइकल, इंडिया में तीसरी बड़ी हिट बनने के रास्ते पर है. इंडिया में हॉलीवुड की कामयाबी का राज रिलीज की स्ट्रेटेजी में छुपा है. बड़े स्टूडियोज की ये फिल्में बहुत ज्यादा स्क्रीन की डिमांड करके देसी फिल्मों के सामने नहीं आतीं. मेकर्स इन्हें अपनी टारगेट ऑडियंस यानी शहरी इलाकों के उन थिएटर्स में रिलीज करने पर ज्यादा ध्यान देते हैं, जहां पहले से इंग्लिश फिल्मों को ऑडियंस मिलती रही हो. दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद जैसे शहर हॉलीवुड के लिए मेन टारगेट रहते हैं. धुरंधर 2 के अगले हफ्ते रिलीज हुई साइंस-फिक्शन हॉलीवुड फिल्म प्रोजेक्ट हेल मैरी, इस लिमिटेड रिलीज के भरोसे ही इंडिया पहुंची. ये फिल्म अभी भी थिएटर्स में दमदार बनी हुई है और 60 करोड़ से ज्यादा कमाकर इंडिया में ब्लॉकबस्टर हो चुकी है. पिछले हफ्ते आई द ममी 8 दिन में करीब 19 करोड़ नेट कलेक्शन कर चुकी है. माइकल ने तो शुक्रवार को सिर्फ शुरुआत की है. जनता का रिस्पॉन्स देखने के बाद इसके शोज भी बढ़ाए जाएंगे और शनिवार-रविवार को कलेक्शन में जंप देखने को मिलेगा. अब नजरें इस बात पर रहेंगी कि माइकल इंडिया में कितनी बड़ी हिट साबित होती है.

डेंगू और मलेरिया में क्या फर्क है? जानें लक्षण, कारण और बचाव के तरीके

 गर्मी और बारिश का मौसम आते ही मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है. इनमें डेंगू और मलेरिया सबसे ज्यादा देखने को मिलते हैं. अक्सर लोगों को तेज बुखार, शरीर दर्द या कमजोरी होने पर यह समझ नहीं आता कि यह आम बुखार है या फिर डेंगू या मलेरिया. शुरुआत में डेंगू और मलेरिया के लक्षण काफी हद तक एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन असल में इनके कारण, फैलने का तरीका और इलाज अलग होता है. समय पर सही पहचान न हो तो दोनों ही बीमारियां गंभीर रूप ले सकती हैं, इसलिए इनके बीच का फर्क समझना बेहद जरूरी है. डेंगू और मलेरिया में क्या है अंतर डेंगू और मलेरिया दोनों ही मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां हैं, लेकिन इनके पीछे का कारण अलग होता है. मलेरिया एक परजीवी (Plasmodium parasite) के कारण होता है, जबकि डेंगू एक वायरस से फैलता है. मच्छरों की बात करें तो मलेरिया मादा एनोफिलीज (Anopheles) मच्छर के काटने से फैलता है, जो आमतौर पर रात में एक्टिव होता है. वहीं डेंगू एडीस (Aedes aegypti) मच्छर से फैलता है, जो दिन के समय काटता है. यही वजह है कि दोनों बीमारियों से बचाव के तरीके भी अलग-अलग समय पर ध्यान देने की मांग करते हैं. लक्षण और इलाज में क्या फर्क डेंगू और मलेरिया के लक्षणों में कुछ समानता जरूर होती है, लेकिन इनके पैटर्न अलग होते हैं. मलेरिया में ठंड लगना, कंपकंपी के साथ बुखार आना और पसीना आना आम लक्षण हैं. यह बुखार एक निश्चित अंतराल पर बार-बार आ सकता है. वहीं डेंगू में अचानक तेज बुखार, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में तेज दर्द और स्किन पर रैश जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. इलाज की बात करें तो मलेरिया के लिए एंटी-मलेरियल दवाएं दी जाती हैं, जो शरीर में मौजूद परजीवी को खत्म करती हैं. दूसरी तरफ डेंगू का कोई खास एंटीवायरल इलाज नहीं होता, इसमें मरीज को आराम, पर्याप्त पानी और डॉक्टर की निगरानी में रखा जाता है, ताकि शरीर खुद वायरस से लड़ सके. डेंगू और मलेरिया दोनों से बचने के लिए मच्छरों से बचाव सबसे जरूरी है. घर के आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि यही मच्छरों के पनपने की सबसे बड़ी वजह होता है. दिन और रात दोनों समय मच्छरों से बचाव करना जरूरी है, इसलिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का इस्तेमाल करें. सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल भी काफी मददगार होता है. अगर बुखार या कमजोरी जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत जांच करानी चाहिए, ताकि समय पर सही इलाज मिल सके. डेंगू और मलेरिया दोनों ही गंभीर बीमारियां हैं, लेकिन सही जानकारी और सावधानी से इनसे बचा जा सकता है. याद रखें, हर बुखार को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है. समय पर जांच और सही इलाज ही इन बीमारियों से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका है.

गर्मी से राहत,घर पर बनाएं ठंडा और हेल्दी जलजीरा ड्रिंक

 गर्मी के मौसम में जब धूप सिर चढ़कर बोलती है और लू के थपेड़े लगते हैं तो पूरे शरीर की एनर्जी डाउन हो जाती है. तेज धूप और लू की वजह से शरीर में थकान महसूस होने लगती है और उस समय बस कुछ ठंडा-ठंडा पीने का दिल करता है और ऐसे में बाजार की कोल्ड ड्रिंक्स लोग पीते हैं जो उनकी हेल्थ के लिए अच्छी नहीं होती है क्योंकि उसमें अधिक मात्रा में शुगर होती है. अगर आप भी गर्मियों के दिनों में कुछ हेल्दी और टेस्टी पीना चाहते हैं तो आप घर पर जलजीरा बना सकते हैं. तेज धूप के बाद एक गिलास ठंडा-ठंडा जलजीरा राहत देने का काम करता है. बाजार में मिलने वाला जलजीरा भले ही अच्छा लगे, लेकिन घर पर बना ताजा जलजीरा ज्यादा हेल्दी, टेस्टी और हाइजीनिक होता है. खास बात यह है कि इसे बनाना बेहद आसान है और कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाता है. जलजीरा पीने के फायदे जलजीरा सिर्फ एक टेस्टी ड्रिंक नहीं, बल्कि गर्मियों में शरीर को ठंडक पहुंचाने वाला सदियों-पुरानी ड्रिंक है.  इसमें इस्तेमाल होने वाला जीरा डाइजेशन को बेहतर बनाता है, वहीं पुदीना और धनिया शरीर को ताजगी देते हैं. काला नमक और अमचूर इसका टेस्ट बढ़ाने के साथ-साथ पेट को भी आराम पहुंचाते हैं और इस वजह से जलजीरा पीने से पेट की सभी दिक्कतों से आराम मिलता है. शेफ संजीव कपूर के स्टाइल में बनाएं जलजीरा शेफ संजीव कपूर ने घर पर जलजीरा बनाने की रेसिपी शेयर की थी, जो बेहद आसान है और उसे आप भी ट्राई कर सकते हैं. स्टेप बॉय स्टेप ऐसे बनाएं जलजीरा     जब जीरे से खुशबू आने लगे, तो उसे ठंडा करके मिक्सर में पीस लें.     अब इसमें काला नमक, थोड़ा सा अमचूर पाउडर, एक मुट्ठी पुदीना की पत्तियां डालें.     जार में ही थोड़ा धनिया, दो से तीन हरी मिर्च, और दो बड़े चम्मच नींबू का रस भी मिलाएं.     अब इन सभी चीजों में थोड़ा पानी मिलाकर एक स्मूद पेस्ट तैयार कर लें.     एक बड़े जग या ग्लास में बर्फ के टुकड़े और तैयार पेस्ट डालें और ऊपर से ठंडा पानी मिलाकर अच्छे से मिक्स कर लें.     अगर चाहें तो इसमें भुना हुआ जीरा पाउडर, चाट मसाला या बूंदी भी डाल सकते हैं. इससे इसका जलजीरा का टेस्ट और भी बढ़ जाएगा. घर पर बना जलजीरा न सिर्फ गर्मी से राहत देता है, बल्कि डाइजेशन के लिए भी फायदेमंद होता है. बाहर से महंगे ड्रिंक्स खरीदने के बजाय अगर आप यह देसी ड्रिंक घर पर बनाएंगे, तो पूरा परिवार इसे पसंद करेगा. वो आप से इसे बार-बार बनाने की जिद्द भी करेंगे.

बुरहानपुर में नई रेल लाइन का ट्रायल सफल, महाराष्ट्र से कनेक्टिविटी में होगी वृद्धि, 135 की गति से दौड़ी ट्रेन

बुरहानपुर  मध्य प्रदेश के रेल यात्रियों के बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पश्चिम रेल्वे के अंतर्गत एक नए रेलवे रूट (New Rail Line) का ट्रायल किया गया है। दरअसल, महू-अकोला रेल्वे रूट (Mhow-Akola railway route) पर ब्रॉडगेज लाइन कन्वर्जन का लंबे समय से चल रहा है। इसी के अंतर्गत गुरुवार को बुरहानपुर जिले के अमुल्ला खुर्द से तुकईथड़ तक रेलवे रूट (Amulla Khurd-Tukaithed Railway Route) का सीआरएस द्वारा ट्रॉयल किया गया जो पूरी तरह सफल रहा। इस ट्रॉयल में रेल (ट्रेन) 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाई गई। इससे पहले खंडवा से तुकईथड़ गांव तक के रूट का कार्य पूरा हो चुका है। जानकारी के लिए बता दें कि,यह खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज कन्वर्जन परियोजना का हिस्सा है। इसे महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। कई दिनों से चल रही थी तैयारियां मिली जानकारी के अनुसार, इस ट्रॉयल की तैयारियां पिछले 8 दिनों से चल रही थी। इसके लिए तुकईथड़, रत्नापुर, अमूल्ला खुर्द रेल्वे स्टेशन को भव्य तरीके से सजाया गया था। इस ट्रॉयल से समस्त रेलवे अधिकारियों कर्मचारियों जिन ठेकेदारों ने इस रेल्वे ट्रैक को तैयार किया है सभी में एक खुशी की लहर देखने को मिली। इस ट्रॉयल में सीआरएस अधिकारी, डीआरएम नांदेड़, सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। सबसे बड़ा सवाल- कब शुरू होगी ट्रेन सेवा रेलवे रूट का साफा ट्रायल होने के बावजूद अभी रेलवे अधिकारियों ने साफ़ नहीं किया है कि यहां ट्रेन सेवा किस तारीख से शुरू की जाएगी। बता दें कि, क्षेत्र के लोग पिछले 10 सालों से इसका इंतजार कर रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या इस सफ़ल सीआरएस ट्रायल होने के बाद भी रेल्वे अधिकारी जल्दी इस रूट पर रेल गाड़ी चलाने के लिए हरि झंडी दिखाएंगे या सिर्फ इस सफ़ल ट्रायल लेने के बाद भी क्षेत्र वासियों को और इंतजार करवाएंगे। तारीख बता पाना मुश्किल- डीआरएम नांदेड़ डीआरएम नांदेड़ डिविजन संदीप पांडे ने पत्रिका के साथ बातचीत में बताया है कि आज अमुल्ला खुर्द से ग्राम तुकईथड़ रेल्वे रूट का सीआरएस ट्रायल सफल रहा। इसमें अभी भी कुछ कमियां मिली है जिन्हें पूरा करने के निर्देश दिए हैं। पांडे ने कहा कि हालांकि अभी यह कहना मुश्किल है इस रूट पर रेल गाड़ी कब तक चालू होगी। परियोजना एक नजर में अमुल्ला खुर्द से तुकईथड़ ब्रॉडगेज कन्वर्जन परियोजना खंडवा-अकोला रेलवे ट्रैक के आधुनिकीकरण (Khandwa-Akola Broad Gauge Conversion Project) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह परियोजना दक्षिण मध्य रेलवे के नांदेड़ डिवीजन के अंतर्गत आती है। इस परियोजना का उद्देश्य नैरो गेज को ब्रॉडगेज लाइन में परिवर्तन करना है। इसके अंतर्गत टोटल 206 रेलवे लाइन डलेगी। अभी 26 किमी अमूल्ला से खकनारकला तक का काम चल रहा है। इसकी लागत 250 करोड़ बताई जा रही है। संभावना है कि ये प्रोजेक्ट 2026-27 तक पूरा हो जाएगा। 

सोनाली राऊत का बड़ा दाव,विजय माल्या ने बनाया कई एक्ट्रेसेस का करियर

भारतीय करोबारी विजय माल्या कई हजार करोड़ का घपला करके लंदन भाग गए हैं. माल्या सालों से इंडिया में नहीं हैं, लेकिन आज भी उनकी बातें होती हैं. एक्ट्रेस सोनाली राऊत ने भी उन्हें लेकर कई दावे किए हैं. सोनाली का कहना है कि विजय माल्या ने कई बॉलीवुड हसीनाओं के करियर बनाए हैं. ये भी बताया कि वो असल जिंदगी में कैसे शख्स हैं. माल्या ने बनाया करियर मॉडल-एक्ट्रेस सोनाली राऊत हाल ही में बिग बॉस मराठी सीजन 6 में नजर आईं. शो से बाहर निकलने के बाद उन्होंने साफ-सफाई को लेकर मेकर्स की पोल खोली. उन्होंने बताया कि बिग बॉस हाउस में गंदगी की वजह से उन्हें स्किन एलर्जी हो गई. सोनाली से पूछा गया कि क्या बचपन से ही हाइजिन को लेकर यही रवैया रहा है. फिल्मीबीट को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि नहीं. मैंने ये सब विजय माल्या से सीखा है. वो कहती हैं कि जब मैंने किंगफिशर कैलेंडर किया, तो मैं डॉक्टर विजय माल्या से मिली. वो एक क्लासी शख्स हैं, जिन्हें पार्टी करना आता है. किंगफिशर कैलेंडर शूट के दौरान मैं टॉप क्लास के लोगों से मिली. मैं विजय माल्या से बहुत प्रभावित थी. वो बहुत क्लासी और दरियादिल इंसान हैं. उनकी उपस्थिति बहुत स्ट्रॉन्ग है. वो देना जानते हैं. उन्हें इस बात की भी परवाह नहीं है कि लोग क्या सोचेंगे. जो बोला कर दिया. वो पूछते हैं कि बताओ और क्या करना है. किंगफिशर की वजह से हमारे करियर बने हैं. बहुत अच्छा प्लेटफॉर्म है. इससे दीपिका और कटरीना जैसी बहुत सारी एक्ट्रेस फेमस हुई हैं. सोनाली कहती हैं कि विजय माल्या ने बहुत सारी हीरोइनों का करियर बनाया है. सोनाली ने ये भी बताया कि कैलेंडर शूट से पहले बहुत सारी बातों का ख्याल रखा जाता था.   कैलेंडर के लिए कैसे होता था बिकिनी शूट सोनाली कहती हैं कि ये बिकिनी कैलेंडर था, तो आपको बहुत सारी चीजों का ख्याल रखना होता है. मैं किंगफिशर कैलेंडर का पार्ट थी. हमें तीन महीने पहले फिटनेस, स्किन केयर, सबकी ट्रेनिंग दी गई. उनकी तरफ से जिम दिया जाता था. बालों का ख्याल रखना है. क्या खाना है, कैसे रहना है. कैसे बात करना है. मैंने सब विजय माल्या से ही सीखा है. एक्ट्रेस ने बताया कि जब उन्हें किंगफिशर कैलेंडर के शूट का ऑफर आया तब वो चबी थीं. उन्होंने कहा कि तब मैं चबी थी, लेकिन तीन महीने में मेरा सारा मोटापा खत्म हो गया. मैं बेस्ट ट्रेनर के पास गई, ये सब विजय माल्या की वजह से हो पाया. वो सारी चीजों की देखरेख करते थे. उनसे सीखा है कि खुद की वैल्यू कैसे करनी है.

iPhone 18 Pro में बड़ा कैमरा अपग्रेड,मिलेगा वेरिएबल अपर्चर फीचर

Apple हर साल की तरह इस साल भी अपनी न्यू सीरीज को अनवील करेगा, जिसका नाम iPhone 18 और iPhone 18 Pro सीरीज होगा. साथ ही कंपनी इस साल भी स्लिम हैंडसेट एयर को लॉन्च कर सकती है. कंपनी पहली बार कैमरा सेटअप में बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिसकी मदद से यूजर्स को शानदार फोटो क्लिक करने में मदद मिलेगी.    कंपनी की तरफ से कैमरा अपग्रेड्स को कंफर्म नहीं किया है, लेकिन इंडियाटुडे ने अपनी रिपोर्ट में टिप्स्टर का हवाला देते हुए बताया है कि इस बार कंपनी iPhone 18 Pro सीरीज के कैमरा सेटअप में दो बड़े अपग्रेड्स करेगी. स्मार्टफोन इंडस्ट्री में कई ब्रांड हैं, जो हाई एंड कैमरा दे रहे हैं. अब कंपनी भी कुछ नए फीचर्स पर काम कर रही है, जिसमें कंपनी मेगापिक्सल में इजाफा नहीं करेगी, बल्कि यूजर्स को बेहतर कंट्रोल और अपग्रेड्स देना चाहती है. ऐपल की तरफ से अभी तक फिक्स्ड अपर्चर की सुविधा दी जाती है और अब कंपनी बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिसे इस साल ही पेश किया जा सकता है. नए बदलाव के तहत यूजर्स को मेन कैमरा में वेरिएबल अपर्चर मिलेगा. वेरिएबल अपर्चर से क्या फायदा होगा? कैमरा लेंस में वेरिएबल अपर्चर की बदलौत एक स्मार्टफोन को बेहतरीन फोटोग्राफी करने का मौका मिलता है. फोन से ऑटोमेटिकली या मैनुअली लाइट को एडजेस्ट की जा सकेगी. ऐसे में यूजर्स चाहें तो डार्क एनवायरमेंट में लेंस को ज्यादा ओपन करके बेहतर फोटोग्राफी की जा सकती है. यह अपग्रेड सिर्फ लाइटिंग को लेकर नहीं है बल्कि यह यूजर्स को डेप्थ और फील्ड को लेकर बेहतर कंट्रोल देगा. इसकी मदद से यूजर्स एडजेस्ट कर सकेंगे कि उनको फोटो के अंदर बैकग्राउंड को कितना ब्लर करना है. क्रिएटिव फोटोग्राफी में होगा फायदा iPhone 18 Pro सीरीज में होने वाले इन अपग्रेड्स से उन यूजर्स को बहुत फायदा होने वाला है, जो खासतौर से पोर्ट्रेट फोटोग्राफी या क्रिएटिव वीडियो बनाते हैं. ऐपल बीते तीन-चार साल से सिंतबर में एक बड़ा इवेंट आयोजित कर रहा है. इसमें वह न्यू आईफोन फ्लैगशिप सीरीज को अनवील कर रहा है. कंपनी इस साल भी iPhone 18 Pro सीरीज को सितंबर में अनवील करेगी.

सुबह उठते ही आईना देखना क्यों माना जाता है अशुभ? जानें वास्तु के नियम

 हममें से ज्यादातर लोगों की आदत होती है कि सुबह नींद खुलते ही सबसे पहले आईना देखते हैं. बालों को ठीक करना हो या बस चेहरा देखना, हमें लगता है इसमें बुरा क्या है? लेकिन वास्तु शास्त्र की मानें तो ये छोटी सी आदत आपके पूरे दिन को खराब कर सकती है.   चेहरे पर होती है रात भर की सुस्ती वास्तु कहता है कि जब हम सोकर उठते हैं, तो हमारे शरीर में आलस और नकारात्मक ऊर्जा भरी होती है. आपने गौर किया होगा कि सुबह चेहरा थोड़ा सूजा हुआ और बुझा-बुझा सा दिखता है.  जैसे ही आप आईना देखते हैं, वो नकारात्मक तरंगें आपकी आंखों के जरिए वापस शरीर में चली जाती हैं. नतीजतन पूरा दिन भारीपन और चिड़चिड़ेपन में बीतता है.  खुद को देखने से अच्छा है ईश्वर को याद करना शास्त्रों में सुबह के समय को ब्रह्म मुहूर्त के आसपास का सबसे पवित्र समय माना गया है. धर्मग्रंथों के अनुसार, सुबह उठते ही सबसे पहले अपने इष्ट देव का स्मरण करना चाहिए या अपनी हथेलियों के दर्शन करने चाहिए. हथेलियों के दर्शन का रहस्य हथेलियों को देखते समय इस मंत्र का जाप करने की सलाह दी जाती है. "कराग्रे वसते लक्ष्मी: करमध्ये सरस्वती। करमूले स्थितो ब्रह्मा प्रभाते करदर्शनम्॥" इसका अर्थ है कि हाथ के अग्र भाग में माँ लक्ष्मी, मध्य में सरस्वती और मूल भाग में भगवान विष्णु (या ब्रह्मा) का वास होता है. जब आप आईना देखते हैं, तो आप इस दैवीय ऊर्जा के बजाय अपनी शारीरिक माया से जुड़ जाते हैं, जिसे अध्यात्म में मोह-माया का प्रतीक माना गया है. बेड के सामने आईना? अगर आपके बेड के ठीक सामने ड्रेसिंग टेबल है और आपकी आंख खुलते ही सबसे पहले अपनी शक्ल दिखती है, तो ये वास्तु के हिसाब से बड़ा दोष है. धार्मिक दृष्टि से माना जाता है कि सोते समय हमारी आत्मा का एक सूक्ष्म अंश शरीर से बाहर विचरण करता है, और आईना उस ऊर्जा को भ्रमित कर सकता है.  इससे घर में तनाव बढ़ता है. तो फिर सुबह उठकर क्या करें? आईने को ढक दें: अगर बेडरूम में आईना है और उसे हटा नहीं सकते, तो रात को सोते समय उस पर एक साफ पर्दा या सफेद कपड़ा डाल दें. यह नकारात्मक ऊर्जा को सोखने से रोकता है. धार्मिक चित्रों के दर्शन: अपने कमरे में ऐसी जगह पर भगवान, उगते हुए सूरज या चहचहाते पक्षियों की तस्वीर लगाएं जहाँ सुबह सबसे पहले आपकी नजर पड़े. शास्त्रों में इसे मंगल दर्शन कहा गया है. हथेलियां चूमकर दिन शुरू करें: बिस्तर छोड़ने से पहले अपनी हथेलियों को देखें, उन्हें अपने चेहरे पर फेरें. इससे हाथों की सकारात्मक ऊर्जा आपके शरीर में प्रवाहित होती है. चेहरा धोने के बाद ही देखें आईना: जब आप फ्रेश हो जाएं, नहा लें या कम से कम ठंडे पानी से आंखें धो लें, तब आईना देखना सुरक्षित माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि जल से शुद्ध होने के बाद शरीर का आभामंडल (Aura) स्वच्छ हो जाता है.