samacharsecretary.com

Census 2027: ऑनलाइन प्रक्रिया में तकनीक का इस्तेमाल, जानें पूरी जानकारी

भोपाल  देश की डिजिटल कुंडली यानी जनगणना 2027 का आगाज गुरुवार से हो गया है। इस बार आपको प्रगणक के घर आने और घंटों पूछताछ का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। स्व-गणना के जरिए अब नागरिक खुद पोर्टल पर अपनी और अपने परिवार की जानकारी अपडेट कर सकते हैं। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया में एक यूनिक एसई आईडी सबसे अहम कड़ी होगी, जिसे संभालकर रखना आपकी जिम्मेदारी होगी। 34 सवालों के जवाब और लोकेशन का मैप ऑनलाइन जनगणना की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इसे तकनीक से जोड़ा गया है। इसमें मोबाइल नंबर और ईमेल पर ओटीपी वेरिफिकेशन के साथ ही गूगल मैप के जरिए घर की सटीक लोकेशन भी दर्ज करनी होगी। परिवार के सदस्यों की शिक्षा, रोजगार और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से जुड़े करीब 34 सवालों के जवाब देने होंगे। डिजिटल जनगणना: ऐसे करें खुद का पंजीकरण चरण प्रकिया स्टेप 1-2 पोर्टल पर मोबाइल नंबर/ईमेल दर्ज कर ओटीपी से वेरिफिकेशन। स्टेप 3-4 परिवार के मुखिया का विवरण और गूगल मैप पर घर की लोकेशन। स्टेप 5-6 सदस्यों की संख्या, शिक्षा, रोजगार और आय से जुड़े 34 सवालों के जवाब। स्टेप 7-8 जानकारी का प्रीव्यू कर फाइनल सबमिट और 'एसई आइडी' सुरक्षित करना। क्यों जरूरी है आइडी: मई माह में जब प्रगणक आपके घर सत्यापन के लिए आएगा, तो आपको बस यह आइडी दिखानी होगी। भूल गए तो क्या होगा: यदि आप आइडी गुम कर देते हैं या नहीं दिखा पाते, तो आपकी ऑनलाइन मेहनत बेकार जाएगी। प्रगणक को दोबारा शुरुआत से आपका डेटा मैनुअल भरना पड़ेगा। ग्राउंड जीरो पर तैयारी: प्रगणकों को मिल रही ट्रेनिंग एक तरफ नागरिक ऑनलाइन डेटा भर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने सत्यापन के लिए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की फौज तैयार कर ली है। शहर में आइआइटीटीएम और शिक्षा महाविद्यालय हजीरा में सघन प्रशिक्षण चल रहा है। ग्रामीण इलाकों में तहसील और विकासखंड स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स कर्मचारियों को डिजिटल डेटा हैंडलिंग के गुर सिखा रहे हैं। 30 अप्रैल तक चलेगी स्व-गणना की प्रक्रिया मध्यप्रदेश में 16 से 30 अप्रैल तक ऑनलाईन स्व-गणना का कार्य होगा। एक से 30 मई तक मकान सूचीकरण होगा। यह प्रक्रिया डिजिटल रूप से होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में जनगणना 2027 की प्रक्रिया के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में आयोजित कार्यक्रम में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व-गणना पोर्टल se.census.gov.in पर प्रारंभिक पंजीकरण कर प्रदेश में स्व-गणना प्रक्रिया का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों की प्रक्रिया नहीं बल्कि राष्ट्र के भविष्य को सही दिशा देने का महत्वपूर्ण कदम है। इससे हम जान सकेंगे कि विकास की धारा समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सुगमता से पहुंच रही है या नहीं। यह जनगणना हमारी अगली पीढ़ी के उज्जवल भविष्य के लिए है।

18 अप्रैल का राशिफल: कुछ राशियों के लिए सफलता का दिन, कुछ को झेलनी पड़ेंगी मुश्किलें

मेष राशि आज मेष राशि वालों को थोड़ा थकान या कमजोरी महसूस हो सकती है। हालांकि प्यार और रिश्तों के मामले में दिन अच्छा रहेगा। पार्टनर के साथ नजदीकियां बढ़ेंगी। काम-धंधे में फायदा होगा। बस खर्चे पर थोड़ा कंट्रोल करना होगा। आराम के लिए थोड़ा टाइम निकालेंगे तो बेहतर महसूस कर पाएंगे। वृषभ राशि करियर में चीजें पहले से बेहतर होती दिख रही हैं। लव लाइफ भी ठीक रहेगी। ऑफिस में किसी बड़े से उलझने से बचें। सेहत ठीक है लेकिन किसी भी तरह की लापरवाही ना करें। छोटी-छोटी बातों पर शांत रहेंगे तो दिन आसान रहेगा। मिथुन राशि आज का दिन आपके लिए अच्छा है। मन खुश रहेगा और कोई अच्छी खबर मिल सकती है। रिश्तों में मिठास बढ़ेगी और अपनापन भी बढ़ेगा। काम में थोड़ी भागदौड़ रहेगी लेकिन आखिर में आपको इसका फायदा भी होगा। दोस्तों या परिवार के साथ समय बिताकर अच्छा लगेगा। कर्क राशि आज थोड़ा संभलकर चलने वाला दिन है। सेहत का ध्यान रखें और बेवजह की टेंशन ना लें। रिश्तों में थोड़ी खटास आ सकती है इसलिए अपनों से बात सोच-समझकर करें। धैर्य रखेंगे तो स्थिति जल्दी संभल सकती है। सिंह राशि आज कोई जोखिम लेने से बचें। चोट-चपेट का ध्यान रखें। बाकी पार्टनर और परिवार का साथ अच्छा रहेगा। काम में धीरे-धीरे चीजें ठीक होती दिखेंगी। जल्दबाजी की जगह समझदारी से कदम बढ़ाना बेहतर रहेगा। तुला राशि दिन मिला-जुला रहेगा। पेट से जुड़ी दिक्कत हो सकती है। काम में थोड़ा दबाव रहेगा। रिश्तों में भी छोटी-मोटी बातों पर मन खट्टा हो सकता है। ओवरथिकिंग ना करें। आप अपने खानपान पर ध्यान देंगे तो राहत मिलेगी और मन भी सही रहेगा। धनु राशि आप अपने विरोधियों पर भारी पड़ेंगे। काम में आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे। हालांकि मन थोड़ा अशांत रह सकता है। सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। आज के दिन थोड़ा पॉजिटिव सोचेंगे तो कॉन्फिडेंस बना रहेगा। मकर राशि मन थोड़ा परेशान रह सकता है। रिश्तों में बहस से बचें। कोई बड़ा फैसला आज टाल देना बेहतर रहेगा। सेहत भी थोड़ा कमजोर रह सकती है। शांत रहकर सोचेंगे तो बेहतर रास्ता मिल सकता है। कुंभ राशि घर-परिवार में थोड़ी खींचतान हो सकती है। मां की सेहत को लेकर चिंता रह सकती है। खर्च बढ़ सकते हैं। बाकी काम-धंधा ठीक चलता रहेगा। बजट बनाकर चलेंगे तो टेंशन कम रहेगी। कन्या राशि सेहत को लेकर थोड़ा ध्यान रखें, खासकर गला या नाक की दिक्कत हो सकती है। काम में उतार-चढ़ाव रहेगा। हालांकि प्यार और परिवार का साथ अच्छा मिलेगा। गर्म चीजें लेने से आराम मिल सकता है। वृश्चिक राशि पैसों के मामले में थोड़ा सावधान रहें। बेवजह खर्च या नुकसान हो सकता है। झगड़े-फसाद से दूर रहें। बाकी काम सामान्य चलता रहेगा। सोच-समझकर खर्च करेंगे तो स्थिति कंट्रोल में रहेगी। मीन राशि आज मन में थोड़ी घबराहट या डर बना रह सकता है। रिश्तों में भी थोड़ा तनाव आ सकता है। सेहत का खास ध्यान रखें। खुद को व्यस्त रखेंगे तो मन हल्का महसूस करेगा।

बकाया भुगतान नहीं करने पर सरकारी दफ्तर में कुर्की, मचा हड़कंप

 करौली राजस्थान के करौली कलेक्ट्रेट में  उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कोर्ट की एक टीम अचानक सामान जब्त करने पहुंच गई. मामला इतना बढ़ गया कि टीम ने अल्प बचत अधिकारी के कार्यालय में रखी उनकी कुर्सी तक कुर्क कर ली. सरकारी दफ्तर में हुई इस कार्रवाई को देख वहां मौजूद कर्मचारी और अधिकारी दंग रह गए. दरअसल, यह पूरा मामला एक पुराने वित्तीय विवाद का नतीजा है, जिसमें अदालत के आदेश की पालना न होने पर यह सख्त कदम उठाना पड़ा. आखिर क्या है पूरा मामला? यह पूरी कहानी हिण्डौन के रहने वाले राजेश कुमार गुप्ता से जुड़ी है. राजेश ने अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (ADJ Court) में एक शिकायत दर्ज कराई थी. उनका दावा था कि अल्प बचत योजना के तहत उनके 1.91 लाख रुपये विभाग के पास बकाया हैं. सिर्फ पैसा ही नहीं, राजेश ने 780 ग्राम चांदी और 33 ग्राम सोने के आभूषणों का भी दावा कोर्ट के सामने रखा था. अदालत में लंबी सुनवाई चली, लेकिन जब विभाग की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कुर्की का वारंट जारी कर दिया. कलेक्ट्रेट में कुर्सी की जब्ती हिण्डौन कोर्ट के आदेश पर करौली कोर्ट की टीम कलेक्ट्रेट स्थित अल्प बचत अधिकारी के दफ्तर पहुंची. टीम का नेतृत्व सेल अमीन तस्लीम हसन कर रहे थे. उस समय वहां जिला कोषाधिकारी अवधेश कुमार भी मौजूद थे. कोर्ट की टीम ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए दफ्तर का सामान समेटना शुरू किया. देखते ही देखते अधिकारी की कुर्सी को भी जब्त कर लिया गया. सरकारी दफ्तर से अधिकारी की कुर्सी उठाकर ले जाना विभाग की बड़ी किरकिरी माना जा रहा है. 'हक के लिए लड़ता रहूंगा' इस कार्रवाई के बाद परिवादी राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि वे लंबे समय से न्याय के लिए भटक रहे थे. उन्होंने कहा कि कोर्ट का यह फैसला उनके हक में आया है और फिलहाल अधिकारी की कुर्सी को कुर्क किया गया है. राजेश के मुताबिक, यह तो बस शुरुआत है, यदि उनका बकाया पैसा और सोना-चांदी नहीं मिला, तो आगे की कार्रवाई भी न्यायालय के निर्देशानुसार ही की जाएगी.

राजस्थान विधानसभा में अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम कल

जयपुर राजस्थान विधानसभा में कल अंतर्राष्ट्रीय ट्रेनिंग प्रोग्राम होगा. इसमें बांग्लादेश, भूटान, घाना, केन्या, श्रीलंका, तंजानिया और जाम्बिया सहित कुल 17 देशों के 43 प्रतिभागी भाग लेंगे. यह 37वां अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम लोकसभा सचिवालय के पार्लियामेंट्री रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी द्वारा आयोजित किया जा रहा है. इस दौरान प्रतिभागी राज्य की विधायी प्रक्रिया, संसदीय परंपराओं और कार्यप्रणाली से अवगत कराया जाएगा. साथ ही प्रतिभागियों का पीठासीन अधिकारियों और विधानसभा सचिव के साथ संवाद, विधि विशेषज्ञों से मुलाकात और राज्य के प्रमुख विधि संस्थानों का दौरा भी निर्धारित है. ITEC के तहत होगा कार्यक्रम कार्यक्रम का विषय इंटरनेशनल लेजिस्लेटिव ड्राफ्टिंग है, जिसका उद्देश्य प्रतिभागियों को विधायी मसौदा तैयार करने की वैचारिक समझ, कौशल और तकनीकी ज्ञान प्रदान करना है. यह आयोजन भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (ITEC) योजना के अंतर्गत संचालित हो रहा है. कल आएगा प्रतिनिधिमंडल विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बताया कि 18 अप्रैल को विदेशी प्रतिनिधियों का दल राजस्थान विधानसभा के सदन, भवन और राजनीतिक आख्यान संग्रहालय का भ्रमण करेगा. उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से विदेशी प्रतिनिधियों को राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित कराया जाएगा, जिसके तहत स्थानीय दर्शनीय स्थलों का भ्रमण शामिल है. संसदीय सहयोग को मिलेगी मजबूती इस पहल से विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों को भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझने का मौका मिलेगा. प्रतिनिधिमंडल राज्यों की विधायी प्रणाली को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा. साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संसदीय सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान को मजबूती मिलेगी.

योगी कैबिनेट में फेरबदल की तैयारी तेज, अप्रैल में फैसला

 लखनऊ उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल के विस्तार के साथ ही भाजपा संगठन को दुरुस्त करने की उलटी गिनती शुरु हो गई है। यह सब अप्रैल महीने में ही होगा। बीते पखवारे लखनऊ से लेकर दिल्ली तक भाजपा के प्रदेश और शीर्ष नेतृत्व के बीच गहन मंथन के बाद अब बदलाव और विस्तार पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुहर लगनी है। भाजपा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष और भारत सरकार में मंत्री पंकज चौधरी की शुक्रवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात प्रस्तावित है। उनकी हरी झंडी के बाद लखनऊ में तैयारी प्रारंभ होगी। रविवार या सोमवार को मंत्रिमंडल विस्तार होने की पूरी संभावना है। इसके बाद संगठन के नये पदाधिकारियों की सूची जारी कर दी जाएगी। दिल्ली में गुरुवार को समीकरणों को फिर मथा गया। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी व प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के साथ बैठक कर सभी पहलुओं को समझा। इससे पहले इन सभी ने भाजपा के थिंक टैंक माने जाने वाले अमित शाह के साथ मंत्रिमंडल और संगठन विस्तार पर मंथन किया। भारतीय जनता पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में संगठन और सरकार के सियासी समीकरण को दुरुस्त कर लेना चाहती है। अब भाजपा उत्तर प्रदेश में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। जिसके तहत योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल और प्रदेश संगठन में भी फेरबदल होगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह की पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से भेंट के बाद मंत्रिमंडल विस्तार और भाजपा उत्तर प्रदेश संगठन में बदलाव हो जाएगा। भाजपा प्रमुख कार्यकर्ताओं और नेताओं को निगम आयोग और बोर्ड में समायोजन करना चाहती है, इससे पहले सभासदों और नगर पंचायत सदस्यों को भी मनोनीत किया गया था। संगठन से ज्यादातर नेताओं की विदाई तय भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तर प्रदेश को लेकर संगठन महामंत्री बीएम संतोष, भाजपा यूपी के अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह और यूपी के प्रभारी राष्ट्रीय संगठन मंत्री विनोद तावड़े के साथ बैठक की। इसके बाद यूपी बीजेपी संगठन की नई टीम फाइनल कर दी गई। महामंत्री और उपाध्यक्ष पदों पर जमे ज्यादातर नेताओं की विदाई तय हो गई है। इसके साथ युवा मोर्चा का नया अध्यक्ष और प्रवक्ताओं की सूची पर भी विचार किया गया। ज्यादा चर्चा मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर क्षेत्रीय अध्यक्षों व प्रदेश पदाधिकारियों का नाम तय होने के साथ ही वहीं निगम, आयोग व बोर्ड में समायोजन करना है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में ज्यादा चर्चा मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर है। सबसे ज्यादा बदलाव स्वतंत्र प्रभार के मंत्रियों में होने की संभावनाएं हैं। तीन से चार चेहरों को हटाकर संगठन में लाने पर मंथन किया गया है। पिछले दो माह की तस्वीर देखें कि लखनऊ में आरएसएस के सर संघचालक मोहन भागवत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के अलावा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक के साथ बैठक कर चुके हैं। अप्रैल में ही सभी कसरतों को किया जाएगा पूरा इसके बाद संघ और भाजपा के बड़े पदाधिकारियों की बैठक सीएम योगी आदित्यनाथ के आवास पर हुई। अब राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने दो दिन लखनऊ में रुककर प्रदेश अध्यक्ष व प्रदेश महामंत्री संगठन से मिलकर सभी बिंदुओं पर चर्चा की। दोनों उप मुख्यमंत्रियों से अलग-अलग मिले थे। इसके बाद तत्काल बाद दिल्ली में फिर बैठक से साफ है कि पार्टी अप्रैल में ही सभी कसरतों को पूरा कर लेगी। मंत्रिमंडल में होगा बड़ा बदलाव माना जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में 12-14 बदलाव होंगे। संगठन और शीर्ष नेतृत्व ने मंत्रियों के चार वर्ष के कार्य की समीक्षा करने के साथ क्षेत्र में उनके कामों का खाका तैयार किया है। मंत्री के काम काज के आकलन के बाद नॉन या लेस परफॉर्मर मंत्रियों की कैबिनेट से छुट्टी हो सकती है और उनकी जगह पर नए चेहरों को मंत्री बनाया जा सकता है।  

विवेक खंड-2 में 410 कारों की अंडरग्राउंड पार्किंग बनाने की योजना

 लखनऊ  गोमती नगर के विवेक खंड दो में भूमिगत पार्किंग बनाने के लिए गोमती नगर जनकल्याण महासमिति ने प्रयास तेज कर दिए हैं। विवेक खंड दो में बनने वाली यह ऐसी भूमिगत पार्किंग होगी जो आधुनिक सुविधाओं से जहां लैस होगी, वहीं गोमती नगर के विवेक खंड दो व आसपास क्षेत्र का जाम पूरी तरह नियंत्रित करने में सहायक भी होगी। इसमें स्मार्ट व्हीकल गाइडेंस एंड नेविगेशन होगा। आधुनिक सिक्योरिटी और सर्विलांस की सुविधा भी। आटोमेटेड पार्किंग के साथ ही वैलेट सिस्टम भी होगा। एसेस कंट्रोल, इलेक्ट्रानिक व्हीकल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा सहित अन्य सुविधाओं से यह परिसर लैस होगा। खासबात है कि विवेक खंड दो स्थित लक्ष्मण मण्डपम के सामने स्थित पार्क में यह पार्किंग बनाने का प्रस्ताव है। महासमिति के महासचिव डा. राघवेंद्र शुक्ल कहते हैं कि प्रस्ताव बनकर तैयार है, लखनऊ विकास प्राधिकरण को इसे बनाना है। जल्द ही लोकार्पण इसका होना है। इस प्रयास से पत्रकारपुरम से लेकर विवेक खंड दो, तीन, रेलवे स्टेशन, मिठाई वाला चौराहे के आसपास के व्यापारी व ग्राहक अपने चार पहिया वाहन खड़ा कर सकेंगे। भूमिगत पार्किंग में चार पहिया वाहन 410 खड़े हों सकेंगे और दो पहिया वाहन 84 खड़े हो जाएंगे। पार्किंग का कुल क्षेत्र 14,176 वर्ग फिट का होगा। यह अपर ग्राउंड व लोअर ग्राउंड में बनाई जाएगी। महासिमित के अध्यक्ष प्रो (डा.) बीएन सिंह और सचिव संजय निगम कहते हैं कि गोमती नगर में सरकारी महिला डिग्री कालेज का स्थान तो है लेकिन डिग्री कालेज खुलवाने का प्रयास जारी है। महिला डिग्री कालेज में ही ला कालेज की स्थापना भी की जाएगी। उद्देश्य होगा कि छात्राओं को एक छत के नीचे उच्च शिक्षा मिल सके। इसके अलावा गोमती नगर में रेलवे स्टेशन तो खुल गया है, इससे गोमती नगर, इंदिरा नगर, चिनहट, शहीद पथ सहित चार लाख से अधिक आबादी को लाभ मिल रहा है। भविष्य में मुंशी पुलिया तक जाने वाली मेट्रो को विस्तार देते हुए गोमती नगर से भी जोड़ने की जरूरत है। निगम कहते हैं कि अगर यह सुविधा मिल जाए तो गोमती नगर भी चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट के साथ ही नए व पुराने लखनऊ से मेट्रो के जरिए गोमती नगर से जुड़ा जाएगा। लखनऊ मेट्रो का विस्तार राजधानी में केंद्र व प्रदेश सरकार कर रही है। पुराने लखनऊ में मेट्रो का विस्तार इसी की बानगी है। समिति सदस्य कर्नल एएन पांडे व पीआर पांडे ने बताया कि विक्रांत खंड में जर्जर सड़कों एवं नालों के फिर से निर्माण को लेकर आवाज उठाई जा चुकी है। उम्मीद है कि कार्यदायी संस्थाएं जल्द ही इस दिशा में काम करेंगी। महासमिति सदस्य केके मौर्य और सी गोपाल कृष्णन नायर ने बताया कि विनीत खंड पांच और छह में पुरानी सीवर पाइपलाइन को बदलना और विकास खंड पांच में जिम जैसे कार्य भी महासमिति की सूची में प्राथमिकता है। इन पर जल्द ही काम होगा।

BCCI ने राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर पर लगाया जुर्माना, बड़ा फैसला

जयपुर   राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर को आईपीएल के सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन के मामले में बीसीसीआई से बड़ी राहत मिली है. गुवाहाटी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मुकाबले के दौरान भिंडर को डगआउट में मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए देखा गया था, जो सीधे तौर पर PMOA नियमों का उल्लंघन है. हालांकि, भ्रष्टाचार निरोधक इकाई की जांच के बाद, बोर्ड ने उनके द्वारा बताए गए ‘मेडिकल कारणों’ को स्वीकार कर लिया है. इसके चलते उन पर किसी गंभीर प्रतिबंध के बजाय केवल जुर्माना और चेतावनी देकर मामला सुलझा लिया गया है. इस घटना में युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी की भूमिका पर भी बोर्ड ने उदारता दिखाई है।  यह मामला तब गरमाया जब बीसीसीआई के कड़े नियमों (PMOA प्रोटोकॉल) के उल्लंघन की तस्वीरें सामने आईं. गुवाहाटी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए मुकाबले के दौरान यह वाकया पेश आया. राजस्थान की पारी के 11वें ओवर में टीवी कैमरों ने टीम मैनेजर रोमी भिंडर को डगआउट में मोबाइल फोन चलाते हुए कैद कर लिया. उनके ठीक बगल में 13 साल के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी बैठे थे, जो उत्सुकतावश रोमी भिंडर (Romi Bhinder) के फोन की स्क्रीन में झांक रहे थे. क्रिकेट के मैदान पर, विशेष रूप से आईपीएल जैसे हाई-प्रोफाइल टूर्नामेंट में, भ्रष्टाचार को रोकने के लिए खिलाड़ियों और अधिकारियों के क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग सख्त बैन है।  ACSU की जांच और ‘मेडिकल’ राहत बीसीसीआई की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई ने इस घटना का तुरंत संज्ञान लिया और रोमी भिंडर को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया. सूत्रों के मुताबिक, भिंडर ने अपनी सफाई में एक ठोस चिकित्सा कारण (Medical Reasoning) पेश किया. उन्होंने बताया कि उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति ऐसी थी कि उन्हें आपातकालीन स्थिति या स्वास्थ्य निगरानी के लिए फोन अपने पास रखना अनिवार्य था।  एक वरिष्ठ बीसीसीआई अधिकारी ने बताया, ‘ ACSU ने पूरी जांच की और फ्रेंचाइजी को औपचारिक पत्र भेज दिया गया है. भिंडर पर जुर्माना लगाया गया है और भविष्य के लिए चेतावनी दी गई है. हालांकि, जांचकर्ता उनके मेडिकल कारणों से संतुष्ट थे, इसलिए उन पर कोई गंभीर प्रतिबंध या निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई नहीं की गई.’ बीसीसीआई ने रोमी भिंडर मामले में तोड़ी चुप्पी।  क्या कहता है PMOA प्रोटोकॉल? बीसीसीआई के PMOA (Players and Match Officials Area) प्रोटोकॉल के नियम बहुत स्पष्ट हैं: ड्रेसिंग रूम बनाम डगआउट: टीम मैनेजर को ड्रेसिंग रूम के भीतर फोन रखने की अनुमति तो होती है, लेकिन डगआउट (मैदान के किनारे बैठने की जगह) में इसका उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है।  अनुमति प्राप्त सदस्य: टीम के केवल कुछ चुनिंदा सदस्यों (जैसे मीडिया मैनेजर) को ही पीएमओए क्षेत्र में फोन रखने की अनुमति होती है, लेकिन उनके उपयोग के नियम भी टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही स्पष्ट कर दिए जाते हैं।  उद्देश्य: इन नियमों का मुख्य उद्देश्य सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग जैसी अवैध गतिविधियों की संभावना को शून्य करना है. वैभव सूर्यवंशी पर क्यों नहीं हुई चर्चा? इस पूरे प्रकरण में युवा वैभव सूर्यवंशी की मौजूदगी ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। हालांकि, बीसीसीआई ने उनके खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई या चर्चा से साफ इनकार कर दिया है. अधिकारी ने इस पर स्पष्ट करते हुए कहा, ‘वैभव अभी बच्चा है. वह सिर्फ बगल में बैठा था और फोन की तरफ देख रहा था. उसे डराने-धमकाने का कोई मतलब नहीं है. यह फ्रेंचाइजी की जिम्मेदारी है कि वे अपने युवा खिलाड़ियों को नियमों के बारे में बेहतर ढंग से समझाएं.’ वैभव को केवल एक सीखने वाले अनुभव के तौर पर देखा गया है, न कि किसी साजिश के हिस्से के रूप में। 

धनबाद-बोकारो सड़क हादस,गैस रिसाव और भू-धंसान के बाद विस्थापन ही अंतिम विकल्प

धनबाद केंदुआडीह में धनबाद-बोकारो सड़क धंसने के दूसरे दिन वहां बड़े पैमाने पर गैस रिसाव शुरू हो जाने से हड़कंप मच गया है। गैस रिसाव की सूचना पर पहुंचे धनबाद डीसी आदित्य रंजन एवं बीसीसीएल सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि विस्थापन ही अब अंतिम विकल्प है। अधिकारियों ने साइंटिफिक एजेंसियों की स्टडी के हवाले से बताया कि यह इलाका डेंजर जोन है। भूमिगत आग, भू-धंसान और गैस रिसाव पर नियंत्रण संभव नहीं लग रहा है। इसलिए बेलगड़िया शिफ्टिंग ही विकल्प है। एसएसपी प्रभात कुमार भी मौके पर मौजूद थे। डीसी ने कहा कि भूमिगत आग के कारण गैस रिसाव बंद नहीं होगा। समय के साथ-साथ इसका दायरा बढ़ेगा। आईआईटी आईएसएम, खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस), सिंफर सहित अन्य तकनीकी संस्थानों ने इस स्थान का निरीक्षण कर निष्कर्ष निकला है कि पूरा क्षेत्र डेंजर जोन है। भविष्य में इससे भी अधिक भयावह स्थित हो सकती है। इसलिए सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रभावित क्षेत्र से परिवारों का शिफ्ट होना ही एकमात्र विकल्प है। प्रभावितों को दिए जाएंगे दो फ्लैट झरिया मास्टर प्लान 2.0 में सरकार के स्पष्ट निर्देशानुसार प्रभावित परिवारों को बेलगड़िया में दो फ्लैट दिए जा रहे हैं। उनके रोजगार के लिए कौशल विकास केंद्र भी बनाया गया है। बिजली, पानी, सोलर स्ट्रीट लाइट, आवागमन के लिए बस का परिचालन, ई-रिक्शा, विद्यालय, हेल्थ सेंटर, रानी रोड का चौड़ीकरण, गुणवत्तापूर्ण कंस्ट्रक्शन सहित सभी बुनियादी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। आनेवाले दिनों में यहां के निवासियों को किसी भी निजी सोसाइटी से अधिक सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के कारण डेंजर जोन में रहने वाले भोले-भाले परिवारों को दिग्भ्रमित कर रहे हैं। 535 परिवार प्रभावित डीसी ने बताया कि प्रभावितों की सूची में 535 परिवार हैं, लेकिन सर्वे में कुछ परिवार छूट गए हैं। जिला प्रशासन को अग्नि प्रभावित क्षेत्र में रहनेवाले हर परिवार की सुरक्षा की चिंता है। इसलिए प्रशासन का प्रभावित परिवारों से अनुरोध है कि वे तत्काल बेलगड़िया में शिफ्ट हो जाएं। वहीं अग्नि एवं भू-धंसान से प्रभावित धनबाद-बोकारो सड़क को लेकर डीसी ने लोगों से वैकल्पिक मार्ग का प्रयोग करने का अनुरोध किया। साथ में कहा कि एनएचएआई एवं आरसीडी नई सड़क का आकलन कर रहे हैं। यह सड़क अब उपयोग के लायक नहीं है। मौके पर निदेशक तकनीकी (संचालन) संजय कुमार सिंह भी मौजूद थे। रूट होगा डायवर्ट, थाना दूसरी जगह शिफ्ट होगा आरसीडी की रिपोर्ट के अनुसार सड़क को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। डायवर्ट रूट पर विचार किया जाएगा। अधिकारियों ने गैस रिसाव स्थल का भ्रमण किया। इसके बाद डीसी, सीएमडी एवं एसएसपी सहित जीएम आदि की मौजूदगी में बैठक की गई। डीसी ने बताया कि अग्नि एवं भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र से परिवारों को बेलगड़िया शिफ्ट करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। साथ में सोमवार तक केंदुआडीह थाना, जो भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र में है, उसे भी दो दिन में केंदुआ स्थित पुराने बीएसएनएल के टेलीफोन एक्सचेंज में शिफ्ट कर दिया जाएगा। अधिकारियों ने बैठक के बाद उक्त स्थल का भी निरीक्षण किया।

बिहार आदेश: टीसी के आधार पर बच्चों का नामांकन नहीं रोका जाएगा

 सुपौल  जिले में अब निजी स्कूलों से स्थानांतरण प्रमाण-पत्र अर्थात टीसी लेकर आने वाले बच्चों का सरकारी स्कूलों में दाखिला नहीं रोका जा सकेगा। जिला शिक्षा विभाग ने इसे लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सभी स्कूलों को स्पष्ट निर्देश जारी किया है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, समग्र शिक्षा अभियान प्रवीण कुमार ने इसको लेकर सभी सरकारी व निजी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को पत्र भेजकर कहा कि कई अभिभावकों से शिकायत मिली है कि निजी स्कूल की टीसी के आधार पर सरकारी स्कूलों में बच्चों का नामांकन नहीं लिया जा रहा। तुरंत लिया जाएगा एक्शन विभाग ने इसे विभागीय निर्देशों की अवहेलना माना है। कहा है कि ऐसी शिकायत पर अब सीधे कार्रवाई की जाएगी। जारी निर्देश में डीपीओ ने कहा है कि निजी स्कूल की टीसी के आधार पर सरकारी स्कूल में बच्चे का एडमिशन होगा। अगर बच्चे का आधार नहीं बना है, तो जन्म प्रमाण-पत्र या अन्य पहचान पत्र देखकर भी दाखिला देना होगा। आधार के नाम पर किसी का नामांकन नहीं रोका जाएगा। नामांकन लटकाना गलत जिला कार्यालय से टीसी सत्यापित कराने के नाम पर दाखिले को लटकाना गलत है। यदि टीसी में वर्णित जानकारी पर कोई शक होता है तो सरकारी स्कूल के प्रधान निजी स्कूल से मौखिक या पत्राचार से एक सप्ताह में सत्यापन करा लेंगे। हालांकि, निजी विद्यालयों को भी इसमें कुछ बिंदुओं को अंकित करना अनिवार्य कर दिया है। उन्होंने कहा है कि ट्रांसफर सर्टिफिकेट पर स्कूल का यू-डायस कोड, मान्यता अवधि आदि अंकित रहना अनिवार्य होगा। विभाग ने साफ किया है कि सभी स्कूल सरकार के नियम से बंधे हैं। किसी बच्चे का दाखिला रोकना अब कार्रवाई के दायरे में आएगा। दरअसल, कई निजी स्कूल संचालक सरकारी स्कूल में जाने वाले बच्चों को टीसी देने में आनाकानी करते हैं या सरकारी स्कूल टीसी को अमान्य बता देते थे। इससे बच्चों का एक साल बर्बाद होने का खतरा रहता था। नए आदेश से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी।  

शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन,कंप्यूटर शिक्षकों की फाइलों की जांच तेज

 भागलपुर  जिले में कार्यरत कंप्यूटर शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता की जांच को लेकर शिक्षा विभाग एक्शन मोड में आ गया है। कुल 282 कंप्यूटर शिक्षकों की शैक्षणिक कुंडली खंगालने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस प्रक्रिया के तहत विभाग ने सभी संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा करने का निर्णय लिया है, जिससे नियुक्ति और योग्यता की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। 207 शिक्षकों की फाइल उपलब्ध, 75 की मांगी गई जानकारी जिला शिक्षा विभाग के पास फिलहाल 207 कंप्यूटर शिक्षकों की शैक्षणिक फाइल उपलब्ध है, जबकि ट्रांसफर होकर आए 75 शिक्षकों की फाइल अब तक विभाग को प्राप्त नहीं हो सकी है। इसको लेकर डीपीओ स्थापना ने सभी संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी कर 24 घंटे के भीतर फाइल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। साथ ही सभी शिक्षकों की सूची भी भेजी गई है, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न हो। प्रधानाध्यापक करेंगे काउंटर सिग्नेचर जारी निर्देश के अनुसार, संबंधित शिक्षकों के प्रमाण पत्रों वाली फाइल पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक का काउंटर सिग्नेचर अनिवार्य किया गया है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जमा किए गए दस्तावेज सत्यापित और प्रमाणिक हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना काउंटर सिग्नेचर के फाइल को अधूरा माना जाएगा। हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में हो रही कार्रवाई डीपीओ स्थापना द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि यह पूरी कार्रवाई उपनिदेशक, माध्यमिक शिक्षा के पत्रांक 383 दिनांक 13 अप्रैल 2026 तथा माननीय उच्च न्यायालय में लंबित सीडब्ल्यूजेसी संख्या 874/2024 (निरंजन कुमार एवं अन्य बनाम बिहार राज्य एवं अन्य) में 14 अक्टूबर 2025 को पारित आदेश के आलोक में की जा रही है। विभाग ने इस आदेश को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू की है। लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई शिक्षा विभाग ने इस कार्य को ‘अति आवश्यक’ श्रेणी में रखा है और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर फाइल उपलब्ध नहीं कराने वाले संबंधित विद्यालयों और प्रधानाध्यापकों पर कार्रवाई की जा सकती है। आदेश जारी होते ही विद्यालयों में बढ़ी हलचल जैसे ही विभाग की ओर से यह आदेश जारी हुआ, जिले के विभिन्न विद्यालयों में हलचल तेज हो गई। प्रधानाध्यापक संबंधित शिक्षकों के दस्तावेज जुटाने और उन्हें व्यवस्थित करने में जुट गए हैं। कई स्कूलों में रिकॉर्ड को अपडेट करने का काम तेजी से चल रहा है। इन प्रखंडों से मांगी गई है फाइल जिला शिक्षा विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार ट्रांसफर होकर आए 75 कंप्यूटर शिक्षकों की शैक्षणिक फाइल विभिन्न प्रखंडों से मांगी गई है। इनमें बिहपुर से तीन, गोपालपुर से चार, गोराडीह और जगदीशपुर से एक-एक, इस्माइलपुर से तीन, कहलगांव और खरीक से सात-सात शिक्षक शामिल हैं। इसके अलावा नगर निगम क्षेत्र से 11, नारायणपुर से चार, नाथनगर से तीन, नवगछिया से एक, पीरपैंती से नौ, रंगरा चौक से दो, सबौर से तीन, सन्हौला से सात, शाहकुंड से पांच और सुल्तानगंज से चार शिक्षक शामिल हैं। पारदर्शिता सुनिश्चित करना विभाग का उद्देश्य शिक्षा विभाग का मानना है कि इस जांच के जरिए नियुक्ति प्रक्रिया और शिक्षकों की योग्यता में पारदर्शिता लाई जा सकेगी। साथ ही भविष्य में किसी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि सभी दस्तावेजों की गहन जांच के बाद ही अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी।