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अमेरिका-ईरान शांति वार्ता बिना समझौते के समाप्त, ट्रंप के बयान से बढ़ा तनाव

नई दिल्ली  अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में हुई अहम शांति वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हो गई है। बातचीत के टूटते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कड़ा बयान देते हुए कहा कि अमेरिका 'ईरान का जो थोड़ा बहुत बचा है, उसे भी खत्म कर देगा'। यह वार्ता 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद दोनों देशों के बीच सबसे उच्च स्तर की बातचीत मानी जा रही थी। लेकिन रविवार को यह बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका फिर से गहरा गई है। हालांकि फिलहाल दोनों देशों के बीच तुरंत किसी नए हमले की खबर नहीं है, लेकिन हालात नाजुक बने हुए हैं दुनिया ने दी संयम बरतने की सलाह वार्ता के टूटने के बाद दुनिया भर के नेताओं ने अमेरिका और ईरान से अपील की है कि वे मौजूदा अस्थायी युद्धविराम का पालन करें और कूटनीतिक रास्ता अपनाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देश बातचीत का रास्ता छोड़ते हैं, तो इससे पूरे पश्चिम एशिया में हालात और बिगड़ सकते हैं। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों पक्षों पर शांति बनाए रखने का दबाव बना रहा है। अमेरिका ने दिया 'अंतिम प्रस्ताव' अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी इस वार्ता में शामिल थे और बातचीत खत्म होने के बाद पाकिस्तान से लौट गए। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के सामने अपना 'अंतिम और सबसे अच्छा प्रस्ताव' रखा था। वेंस के मुताबिक, अमेरिका चाहता था कि बातचीत के जरिए समाधान निकले, लेकिन फिलहाल यह प्रयास सफल नहीं हो सका।  

अबू धाबी में विदेश मंत्री की कूटनीतिक सक्रियता, भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर फोकस

नई दिल्ली मिडिल ईस्ट संकट (Midlle East Crisis) के बीच भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दौरे पर हैं. जहां अबू धाबी में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की. इस मुलाकात को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बेहद ही सार्थक और उपयोगी बताया. साथ ही विदेश मंत्री ने बताया कि बातचीत के दौरान क्षेत्रीय हालात में हो रहे बदलावों और उसके व्यापक प्रभावों पर चर्चा हुई. विदेश मंत्री ने यूएई सरकार का जताया आभार एस जयशंकर ने यूएई में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित किए जाने के लिए यूएई सरकार के प्रति गहरा आभार जताया. उन्होंने विश्वास जताया कि भारत‑यूएई के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी आने वाले समय में और मजबूत होती जाएगी. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की अपनी आधिकारिक यात्रा की शुरुआत भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत से की. ऊर्जा संबंधों को किया जा रहा और मजबूत विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को कहा कि जयशंकर और केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी का खाड़ी देशों का दौरा, पश्चिम एशिया में बदलते क्षेत्रीय समीकरणों के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है. पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान बोलते हुए, MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि ये दौरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर किए जा रहे हैं, ताकि भारत की ऊर्जा साझेदारियों को बढ़ावा दिया जा सके और स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके. मारीशस के बाद यूएई में जयशंकर एस जयशंंकर दो-दिवसीय दौरे पर यूएई पहुंचे है. विदेश मंत्री मॉरीशस की अपनी यात्रा समाप्त करने के बाद शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे. मॉरीशस में उन्होंने नौवें हिंद महासागर सम्मेलन में भाग लिया था. जयशंकर ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा था कि मैंने संयुक्त अरब अमीरात की अपनी यात्रा की शुरुआत भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत से की. मैंने पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच उनकी भलाई और सुरक्षा के लिए भारत सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में बात की. इस कठिन समय में स्थानीय समाज के प्रति उनके योगदान की सराहना की जाती है.  

आबू रोड में बड़ा फर्जीवाड़ा: 2023 से 2026 तक प्रमाण पत्रों की जांच के आदेश

स‍िरोही स‍िरोही के आबू रोड में फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में 7 ग्राम विकास अधिकारी (VDO) को सस्‍पेंड कर द‍िया गया है. जांच पूरी होने तक न‍िलंब‍ित रहेंगे. मामले में जांच टीम गठ‍ित कर दी गई है. आबू रोड की 32 ग्राम पंचायत में साल 2023 से 2026 तक जारी सभी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र की जांच के न‍िर्देश द‍िए गए हैं. डीएम ने 10 द‍िन में र‍िपोर्ट देने के न‍िर्देश द‍िए हैं. शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई   सबसे पहले जिला परिषद सीईओ को शिकायत दी गई थी, लेकिन यहां पर कार्रवाई नहीं हुई तो सीएमओ में शिकायत की. इसके बाद जिला कलेक्टर ने टीम का गठन करके र‍िपोर्ट मांगी है.  जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र फर्जी बनाए   प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह फर्जी प्रमाण पत्र बीमा क्लेम पाने के ल‍िए बनाए गए थे. आबू रोड के खडात में 42, सियावा में 24, उपलागढ़ में 95 प्रमाण पत्र और निचलागढ़ में 40 फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए गए हैं. निचलागढ़ में 154 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के मामले सामने आए हैं. प्रमाण पत्र पर ग्राम विकास अधिकारी के हस्ताक्षर पाए गए हैं. जिला परिषद को कई बार इसकी शिकायत की गई, इसके बाद भी जिला परिषद के सीईओ ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे यह प्रतीत हो रहा है कि इस पूरे प्रकरण में जिला परिषद के अधिकारियों का संरक्षण सामने आ रहा है.

अफीम और गांजे पर पुलिस का बड़ा प्रहार, राजस्थान में 5860 पौधे नष्ट और 7 गिरफ्तार

जयपुर राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशे के खिलाफ अभियान को तेज करते हुए एक ही दिन में राज्य के सात जिलों में 7 बड़ी कार्रवाइयां की हैं. इस अभियान में 5860 अफीम के पौधे नष्ट किए गए, 85 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त और लगभग 15 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया. कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें गुजरात पुलिस का वांछित अपराधी भी शामिल है. इन जिलों में हुई कार्रवाई राजसमंद (खमनोर थाना): ऑपरेशन गांजाजुली के तहत 5860 अफीम के पौधे नष्ट किए गए. 12.130 किलोग्राम गांजा बरामद कर 1 आरोपी गिरफ्तार.     बाड़मेर (सदर थाना): 76.108 किलोग्राम डोडा पोस्त बरामद, 1 आरोपी गिरफ्तार.     बाड़मेर (गुढ़ामलानी थाना): 7.960 किलोग्राम डोडा-चूरा बरामद.     कोटा (कुन्हाड़ी थाना): 1.750 किलोग्राम गांजा बरामद, 1 आरोपी गिरफ्तार.     कोटा (नयापुरा थाना): 432.984 ग्राम गांजा बरामद, 1 आरोपी गिरफ्तार.     जयपुर (पत्रकार कॉलोनी थाना): 16.20 ग्राम गांजा, 154 ग्राम डोडा पोस्त पाउडर और 2780 रुपये नकद बरामद, 1 आरोपी गिरफ्तार. प्रतापगढ़: गुजरात पुलिस का वांछित अपराधी गिरफ्तार. पुलिस का दावा एएनटीएफ की इन सातों कार्रवाइयों से नशे के तस्करों पर बड़ा प्रहार हुआ है. पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

शादी के नाम पर ठगी: बक्सर पुलिस ने नकली दुल्हन गैंग का किया भंडाफोड़

बक्सर बिहार के बक्सर जिले से ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और आम जनता दोनों को हैरान कर दिया है। यहाँ शादी के नाम पर भोले-भले लोगों को अपना शिकार बनाने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। बक्सर पुलिस ने इस 'लुटेरी दुल्हन' गिरोह के कुल आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चार महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं। नकली शादी और फिर गहनों की लूट यह गिरोह काफी योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम दिया करता था। गिरोह के सदस्य पहले ऐसे लोगों की तलाश करते थे, जिनकी शादी नहीं हो रही होती थी। फिर उन्हें शादी का झांसा देकर एक महिला को 'दुल्हन' के रूप में पेश किया जाता था। शादी संपन्न होने के कुछ ही समय बाद गिरोह के अन्य सदस्य 'नकली पुलिसकर्मी' या दुल्हन के परिजन बनकर पहुँच जाते थे और लड़के वालों को डरा-धमकाकर गहने और पैसे लूट लेते थे। दो बच्चों की मां बनी थी 'दुल्हन' बक्सर एसपी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में वह महिला भी शामिल है जिसे दुल्हन बनाकर पेश किया गया था। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जिस महिला को कुंवारी बताकर शादी करवाई गई, वह पहले से ही शादीशुदा है और दो बच्चों की मां है। यह गिरोह न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि बक्सर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में भी सक्रिय था। कैश, गहने और ऑटो बरामद पुलिस ने आरोपियों के पास से 38,500 रुपये नकद, सोने की बाली, चांदी की पायल, मोबाइल फोन और वह ऑटो बरामद किया है जिसका इस्तेमाल ये लोग वारदात को अंजाम देने के लिए करते थे। एसपी शुभम आर्य ने बताया कि ये लोग योजना के तहत घटना को अंजाम देते थे ताकि पीड़ित पक्ष लोक-लाज के डर से पुलिस के पास न जाए। फिलहाल, पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और पूर्व में की गई ठगी की वारदातों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि शादी-विवाह जैसे मामलों में पूरी सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

तनाव के बीच ईरान की खुली चेतावनी, विशेषज्ञों ने दिए बड़े संकेत

वॉशिंगटन. सीजफायर बातचीत में आई रुकावट को देखते हुए, विदेश मामलों के जानकार वाएल अव्वाद ने कहा कि ईरान ने अमेरिका को यह संदेश दिया है कि किसी नतीजे पर पहुंचने के लिए दोनों पक्षों को एक-दूसरे की गरिमा और संप्रभुता का सम्मान करना होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका का 'या तो इसे मानो या छोड़ दो' वाला रवैया अंतरराष्ट्रीय राजनीति में काम नहीं करता, और हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए, ईरान अब मजबूत स्थिति से बातचीत कर रहा है। रविवार को न्यूज एजेंसी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि ये वही गारंटियां हैं जो ईरान अमेरिका से किसी भी तरह की डील करने से पहले चाहता था, क्योंकि उनका अमेरिकियों पर से भरोसा उठ गया है। अमेरिकियों ने उन पर दो बार हमला किया, जबकि उन दिनों बातचीत चल रही थी और बातचीत में कुछ प्रगति भी हुई थी।" अव्वाद ने आगे कहा कि आजकल अमेरिकी रवैया 'या तो इसे मान लो या छोड़ दो' वाला है, जो अंतरराष्ट्रीय राजनीति में काम नहीं करता, खासकर तब जब ईरान जैसा कोई देश यह महसूस करता हो कि उसने यह दौर जीत लिया है और वह कमजोरी के बजाय मजबूती की स्थिति से बात कर रहा है। उन्होंने जिक्र किया कि जहां एक तरफ ट्रंप दुनिया को यह बताते रहते हैं कि अमेरिका जीत रहा है, बातचीत के नतीजों से बेपरवाह, वहीं दूसरी तरफ ईरान उन्हें साफ संदेश दे रहा है कि उसकी गरिमा और संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "मेरा मानना ​​है कि ईरान उन्हें साफ संदेश दे रहा है कि अगर आप किसी समझौते पर पहुंचना चाहते हैं, तो आपको ईरान की गरिमा और संप्रभुता का सम्मान करना होगा, और आपको इजरायल के साथ मिलकर उन पर हमले करना बंद करना होगा।" उन्होंने यह भी बताया कि वॉशिंगटन और ईरान के बीच तालमेल कम है, क्योंकि तीन अहम मुद्दे अभी भी बातचीत के लिए बाकी हैं। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि यह अमेरिका के लिए है, क्योंकि उसने यह नहीं कहा कि यह एक नाकामी है। यही सबसे अहम बात है। उसने कहा कि कोई समझौता नहीं हो पाया, क्योंकि अमेरिका ने ईरानियों के मानने के लिए अपनी शर्तें रखीं, जबकि ईरानियों ने भी अपनी तरफ से अपनी शर्तें रखीं, और उन्होंने अमेरिकियों को अपनी 10 मांगों पर गौर करने का मौका भी दिया। इसलिए मुझे लगता है कि दोनों पक्षों के बीच तालमेल कम था, हालांकि ईरानियों का कहना है कि अभी भी तीन बड़े मुद्दे बाकी हैं, और मेरा मानना ​​है कि ये मुद्दे हैं, परमाणु मुद्दा, होर्मुज और ईरान पर हमला न करने का फैसला।

हेलीकॉप्टर से दागी जाने वाली ध्रुवास्त्र मिसाइल से भारतीय सेना को मिलेगा नया दम

नई दिल्ली डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) द्वारा विकसित ध्रुवास्त्र मिसाइल भारतीय सेना के बेड़े में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह हेलीकॉप्टर से दागी जाने वाली नाग एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) का आधुनिक संस्करण है, जिसे पहले हेलिना (HELINA) के नाम से जाना जाता था। यह मिसाइल न केवल भारत की आत्मनिर्भर भारत मुहिम को मजबूती प्रदान करेगी, बल्कि युद्ध के मैदान में खासकर ऊंचे पहाड़ी इलाकों में भारतीय वायुसेना और थल सेना की मारक क्षमता को कई गुना बढ़ा देगी। रुवास्त्र की क्या-क्या खूबियां? ध्रुवास्त्र भारत के इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम का हिस्सा है। इसकी परिकल्पना 1980 के दशक में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के नेतृत्व में की गई थी। नाग मिसाइल परिवार के तहत अब तक जमीन से दागी जाने वाली नाग, कैरियर (NAMICA) और मैन-पोर्टेबल (MPATGM) जैसे कई संस्करण तैयार किए जा चुके हैं। ध्रुवास्त्र इसी कड़ी का हवाई संस्करण है। ध्रुवास्त्र की सबसे बड़ी ताकत इसकी थर्ड-जनरेशन फायर एंड फॉरगेट प्रणाली है। एक बार लक्ष्य पर लॉक होने के बाद, मिसाइल ऑटोमैटिक रूप से उसे ट्रैक कर नष्ट कर देती है। यह मिसाइल खराब मौसम और रात के अंधेरे में भी दुश्मन के टैंकों की गर्मी को पहचान कर उन्हें सटीक निशाना बना सकती है। आधुनिक टैंकों का ऊपरी हिस्सा सबसे कमजोर होता है। ध्रुवास्त्र पहले ऊंचाई पर जाती है और फिर सीधे ऊपर से हमला करती है, जिससे भारी से भारी बख्तरबंद वाहन भी नष्ट हो जाते हैं। इसकी मारक दूरी 7 किलोमीटर तक है। 43 किलोग्राम वजनी यह मिसाइल 800 मिलीमीटर मोटी स्टील प्लेट को भेदने की क्षमता रखती है। स्वदेशी हेलीकॉप्टरों की ताकत ध्रुवास्त्र को विशेष रूप से लद्दाख जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए तैयार किया गया है। इसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित रुद्र और प्रचंड जैसे अटैक हेलीकॉप्टरों से दागा जा सकता है। हाल ही में सरकार ने 156 प्रचंड हेलीकॉप्टरों के ऑर्डर दिए हैं। इन हेलीकॉप्टरों पर ध्रुवास्त्र की तैनाती से भारतीय सेना को सीमा पर दुश्मन के टैंकों और बख्तरबंद गाड़ियों के खिलाफ एक निर्णायक बढ़त मिलेगी। सरकार ने सितंबर 2023 में लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से 200 से अधिक ध्रुवास्त्र मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दी थी। एक मिसाइल की लागत 1 करोड़ रुपये से भी कम रहने का अनुमान है। इसकी तैनाती के बाद भारत को रूस या यूरोप से कोंकुर्स और मिलान जैसी पुरानी मिसाइलें आयात करने की जरूरत कम हो जाएगी। ध्रुवास्त्र की सफलता के बाद DRDO अब SANT पर काम कर रहा है। इसकी रेंज और भी अधिक होगी और इसमें मिलीमीटर-वेव रडार जैसे और भी आधुनिक सेंसर लगे होंगे।

बिरसा स्टेडियम में छऊ, मोहीनीअट्टम और झूमर गीतों से सजी सांस्कृतिक शाम

सरायकेला  झारखंड के सरायकेला जिले के बिरसा स्टेडियम में सरकार के कलासंस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में  चैत्र पर्व  सह छऊ महोत्सव 2026 का रंगारंग आगाज हो गया. कार्यक्रम में विश्व प्रसिद्ध छऊ नृत्य के साथ साथ दुसरे राज्यों से आए क्लासिकल नृत्यकार द्वारा नृत्य प्रस्तुत किया गया वहीं इंडियन आयडल फेम प्रियांशु दत्ता द्वारा सुरों की महफिल सजाई गई. कार्यक्रम का उदघाटन मुख्य अतिथि सिंहभूम सांसद जोबा मांझी के द्वारा  किया गया. समारोह को संबोधित करते हुए सांसद मांझी ने कहा कि छऊ हमारी संस्कृति है इसका विकास हम सबों का दायित्व है. छऊ के कारण सरायकेला की पहचान विदेशों तक है साथ ही देश के प्रतिष्ठित पुरस्कार पद्मश्री छऊ कलाकारों को मिले हैं यह सरायकेला के लिए गौरव की बात है. राज्य सरकार उससे राजकीय महोत्सव का दर्जा दिया है आने वाले दिनों में कला के साथ कलाकार का विकास होगा. कार्यक्रम का उद्घाटन दीप जलाकर किया गया. कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज चौधरी, आदित्यपुर महा पौर संजय सरदार, डीसी नीतीश कुमार सिंह, एसपी मुकेश लुनायत का मोमेंटो और अंग वस्त्र देकर स्वागत किया गया. मंगलाचारण के साथ शुरू हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम कार्यक्रम के पहले दिन छऊ कलाकारों द्वारा मंगलाचरण के साथ शुरुआत किया गया. सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुरुआत सरायकेला शैली छऊ राधा कृष्ण नृत्य से किया गया. इसके बाद माटीर मोनीषो नृत्य प्रस्तुत किया गया. कार्यक्रम में मानभुम शैली, खरसावां शैली नृत्य ने भी समां बांधा. पहले दिन ग्रामीण छऊ नृत्य प्रतियोगिता में दूसरे स्थान में रहने वाली टीम द्वारा नृत्य प्रस्तुत किया गया. केरल की शास्त्रिय संगीत मोहीनीअट्टम कलाकार मोमीता ने किया नृत्य प्रस्तुत पश्चिम बंगाल के कोलकाता से आई मोहीनीअट्टमम कलाकार मोमिता पाल एंड टीम ने मोहिनीअट्टम नृत्य प्रस्तुत किया. जिला के छऊ नृत्य के साथ मोहिनीअट्टम नृत्य को भी दर्शकों ने खूब सराहा. मोहिनीअट्टम नृत्य केरल की शास्त्रीय नृत्य है साथ ही पुरे देश में काफी लोकप्रिय है. इसके अलावा, दूसरे राज्यों से आए कलाकारों द्वारा भी नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी. झुमर सम्राट संतोष महतो ने प्रस्तुत किया झुमर गीत खरसावां के झुमर स्रम्राट संतोष महतो ने झुमर गीत प्रश्तुत कर समा बांधा. उन्होंने अपनी टीम के साथ कुडमाली, ओडिया, नागपुरी गीत प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लुटी. उन्होंने अपने गीत और संगीत से उपस्थित श्रोताओं को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया.

वृंदावन नाव दुर्घटना: 250 रेस्क्यू कर्मियों की टीम सर्च ऑपरेशन में जुटी

मथुरा मथुरा के वृंदावन में यमुना में हुए नाव हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है. हादसे के तीन दिन बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, जहां 13 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 3 लोग अब भी लापता हैं. सेना, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की बड़ी टीम लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी है. वृंदावन में एक नाव हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं. वहीं कुछ परिवार अब भी अपने अपनों के मिलने की आस में नदी किनारे टकटकी लगाए खड़े हैं. हादसा शुक्रवार को हुआ, जब श्रद्धालुओं से भरी एक मोटर बोट देवरहा बाबा के दर्शन के लिए जा रही थी. किसे पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा. अचानक मौसम ने करवट ली. तेज हवा चली और देखते ही देखते नाव का बैलेंस बिगड़ गया. नाव पांटून पुल से टकरा गई और कुछ ही पलों में यमुना की धारा में पलट गई. चीख-पुकार मच गई. जो तैर सकते थे, उन्होंने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन कई लोग नदी की गहराई में समा गए. हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया. सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमों को मौके पर तैनात किया गया. करीब 250 लोगों की टीम लगातार तीन दिनों से रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई है. अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन 13 लोगों की मौत हो चुकी है. आज रविवार को तीसरे दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी रहा और सुबह दो और शव बरामद किए गए. इनकी पहचान पंजाब के लुधियाना की डिंकी और जगराओं के ऋषभ शर्मा के रूप में हुई. प्रशासन के अनुसार, शव नदी में फूलकर ऊपर आ गए थे, जिन्हें रस्सियों की मदद से नाव में खींचकर बाहर निकाला गया. परिजनों ने मौके पर पहुंचकर उनकी पहचान की. यह दृश्य इतना दर्दनाक था कि वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं. डिंकी बीए फाइनल ईयर की छात्रा थी, जिसके सपने अभी अधूरे ही रह गए. वहीं ऋषभ शर्मा 12वीं पास था और अपने पिता के काम में हाथ बंटाता था. दोनों अपने परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर निकले थे, लेकिन यह यात्रा कभी खत्म न होने वाले दर्द में बदल गई. इससे पहले शनिवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान पंजाब के ही मानिक टंडन का शव देवरहा बाबा घाट के पास मिला था. इसके साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है. अब भी तीन लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है. रेस्क्यू टीमों ने सर्च ऑपरेशन का दायरा बढ़ाकर 20 किलोमीटर तक कर दिया है. गोताखोर नदी की गहराई में लगातार तलाश कर रहे हैं, जबकि किनारों पर भी सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है. इस बीच हादसे को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं. लोगों का आरोप है कि नाव चालक की लापरवाही और प्रशासन की अनदेखी इस हादसे की बड़ी वजह है. उनका कहना है कि नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे, न तो लाइफ जैकेट की व्यवस्था थी और न ही सुरक्षा के अन्य इंतजाम. कुछ लोगों ने यह भी बताया कि हादसे के बाद उन्होंने कई बार 108 एंबुलेंस सेवा पर कॉल किया, लेकिन कॉल बार-बार कटती रही. चौथी बार कॉल कनेक्ट होने के बाद ही मदद पहुंच सकी. परिजनों का यह भी सवाल है कि जब पांटून पुल पर काम चल रहा था, तो उस क्षेत्र में नावों के संचालन पर रोक क्यों नहीं लगाई गई. अगर समय रहते एहतियात बरता जाता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था. प्रशासन की ओर से एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी ताकत के साथ जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है. वहीं सीओ मांट संदीप कुमार सिंह ने कहा कि हर पहलू की जांच की जा रही है और सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, नदी किनारे खड़े परिजनों की आंखें सिर्फ एक ही उम्मीद में लगी हैं कि उनके अपने जल्द मिल जाएं. यमुना की लहरें अब भी उठ रही हैं, लेकिन अपने साथ कई जिंदगियों की कहानी और अधूरे सपने समेटे हुए… इसी के बीच जारी है तलाश- उन तीन लोगों की, जिनका अब तक कोई पता नहीं चल सका है.    

झारखंड में भाजपा का हमला तेज, झामुमो-कांग्रेस सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

रांची भारतीय जनता पार्टी के ‘गांव चलो अभियान’ के तहत पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने रांची जिले के अनगड़ा प्रखंड के तुरूप गांव का दौरा किया. यहां उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों को संबोधित करते हुए पार्टी की नीतियों और केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि भाजपा केवल कार्यकर्ताओं की पार्टी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों से गरीब कल्याण की विभिन्न योजनाएं सफलतापूर्वक धरातल पर उतारी जा रही हैं. विपक्ष पर तीखा प्रहार विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए प्रदेश अध्यक्ष साहू ने कहा कि यदि नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री नहीं बनते, तो कांग्रेस आज देश को पाकिस्तान के हाथों बंधक बना देती. इसके साथ ही उन्होंने राज्य की झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार पर भी जोरदार हमला बोला. साहू ने आरोप लगाते हुए कहा कि झामुमो-कांग्रेस की सरकार में राज्य की महिलाओं, युवतियों के साथ-साथ आम लोगों में भारी असुरक्षा का वातावरण बना हुआ है. राज्य में महिलाओं से जुड़ी घटनाएं आम हो गई हैं. कानून-व्यवस्था की स्थिति इतनी बदतर है कि घर से निकली कोई मां या बहन शाम को सुरक्षित घर लौटेगी या नहीं, इसे लेकर भी लोग हमेशा डरे  रहते हैं. हर चेहरे पर मुस्कान लाना कार्यकर्ताओं का लक्ष्य: साहू उन्होंने उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे ‘गांव चलो अभियान’ को सफल बनाते हुए हर घर तक पहुंचें. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता ग्रामीणों को केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी और विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी दें, जिससे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को लाभ मिल सके और उनके चेहरों पर मुस्कान लाई जा सके. इस मौके पर क्षेत्र के समुचित विकास और पार्टी की आगामी सांगठनिक कार्ययोजनाओं पर भी गहन मंथन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा के जिलाध्यक्ष विनय महतो धीरज ने की, जबकि मंच का संचालन मंडल अध्यक्ष सुनील महतो ने किया. इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र महतो, जिला उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी, अजय महतो, रामनाथ महतो, रामेश्वर महतो, ज्योतिष महतो, गोवर्धन महतो, ब्रजेश कुमार, रामसाय मुंडा, संतोष महतो, मनीराम महतो, गोपाल महतो, सुप्रेश महतो, घनेनाथ महतो, रामेश्वर महतो, ज्योतिष महतो, दूर्गा महतो, बालकराम महतो सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे.