samacharsecretary.com

जिम में भारी वर्कआउट से बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा, एक्सपर्ट की चेतावनी

 आजकल जिम जाना सिर्फ सेहत की जरूरत नहीं, बल्कि एक लाइफस्टाइल स्टेटमेंट बन गया है. लेकिन पिछले कुछ समय में जिम के फर्श पर गिरते और दम तोड़ते युवाओं की खबरों ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. क्या हम फिट होने के चक्कर में खुद को खत्म कर रहे हैं? न्यूज 18 की इस खास रिपोर्ट में विशेषज्ञों से समझिए कि आखिर गलती कहां हो रही है. हार्ट डिजीज स्पेशलिस्ट डॉ. रिपेन गुप्ता, वाइस चेयरमैन एवं यूनिट हेड – कार्डियोलॉजी, मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत का मानना है कि युवाओं में बढ़ता ‘ईगो लिफ्टिंग’ (दूसरों को देखकर क्षमता से अधिक वजन उठाना) का चलन सबसे खतरनाक है. सोशल मीडिया के लिए रील बनाने के चक्कर में युवा अपनी सीमाओं को पार कर रहे हैं. ज्यादा वेट उठाने का शरीर पर असर एक्सपर्ट बताते हैं कि जब आप अचानक भारी वजन उठाते हैं, तो ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ता है, जिससे दिल की धमनियों में दरार आ सकती है और अचानक हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट हो सकता है. क्यों फेल हो रहा है युवाओं का दिल? – बिना जांच के भारी वर्कआउट. ज्यादातर युवा जिम जॉइन करने से पहले बेसिक हार्ट चेकअप नहीं कराते. कई लोगों को जन्मजात दिल की बीमारियां होती हैं जो सामान्य जीवन में पता नहीं चलतीं, लेकिन भारी एक्सरसाइज के दौरान ‘ट्रिगर’ हो जाती हैं. – शॉर्टकट का लालच. रातों-रात मसल्स बनाने के लिए सप्लीमेंट्स, फैट बर्नर और स्टेरॉयड का बढ़ता इस्तेमाल दिल की धड़कन को बिगाड़ता है. -नींद और रिकवरी की कमी. दिन भर की नौकरी का तनाव, रात को देर तक जागना और फिर सुबह उठकर बिना रिकवरी के इंटेंस वर्कआउट करना. ऐसे में थकान के कारण दिल पर प्रेशर पड़ता है, जिससे वो बर्दास्त नहीं कर पाता है. कोविड का साइड इफेक्ट डॉक्टर्स चेतावनी दे रहे हैं कि कोविड के बाद कई लोगों की नसों में खून के थक्के जमने या दिल की मांसपेशियों में सूजन की समस्या देखी गई है. ऐसे में बिना ‘ग्रैजुअल प्रोग्रेस’ के भारी जिमिंग जानलेवा साबित हो रही है. क्या हैं खतरे के संकेत? वर्कआउट के दौरान अगर शरीर ये इशारे दे, तो उसे ‘चुनौती’ न समझें, बल्कि तुरंत रुक जाएं- – सीने के बीचों-बीच दबाव या जलन महसूस होना. – बहुत ज्यादा पसीना आना और अचानक घबराहट होना. – गर्दन, जबड़े या बाएं कंधे में खिंचाव महसूस होना. – आंखों के सामने अंधेरा छाना या चक्कर आना. कैसे रहें सुरक्षित? अगर आप जिम की शुरुआत कर रहे हैं, तो पहले कुछ हफ्ते केवल लाइट कार्डियो और बॉडी-वेट एक्सरसाइज करें. 30 की उम्र पार कर चुके हैं, तो जिम जाने से पहले एक TMT और ECG जरूर कराएं. जिम ट्रेनर के कहने पर कोई भी अनकही गोलियां या पाउडर न लें. किसी क्वालीफाइड न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह ही मानें. अगर किसी दिन नींद पूरी नहीं हुई या आप बीमार महसूस कर रहे हैं, तो उस दिन जिम स्किप करना ही समझदारी है.  

सीएम मोहन यादव ने बहनों को दिया तोहफा, खातों में आए 1500 रुपये

 भोपाल मध्य प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक महिलाओं के लिए 12 अप्रैल का दिन खुशियों की सौगात लेकर आया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 35वीं किस्त सिंगल क्लिक के माध्यम से जारी कर दी। इस बार बहनों के खातों में 1500 रुपये की सम्मान राशि अंतरित की गई है। मुख्‍यमंत्री लाडली बहना योजना की 35वीं क‍िस्‍त जारी हो गई है। सीएम मोहन यादव ने स‍िहोर के आष्‍टा नगर से स‍िंंगल क्‍ल‍िक के माध्‍यम से 1.25 करोड़ मह‍िलाओं के खाते में 1875 करोड़ रुपये की राश‍ि ट्रांसफर की है। आंकड़ों में योजना की सफलता साल 2023 में शुरू हुई यह योजना प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का सबसे बड़ा आधार बन गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि:     कुल लाभार्थी: लगभग 1.25 करोड़ महिलाएं।     ताजा किस्त: 35वीं किस्त के रूप में 1875 करोड़ रुपये जारी किए गए।     अब तक की कुल राशि: 34 किस्तों के माध्यम से अब तक 54,000 करोड़ रुपये बहनों के खातों में भेजे जा चुके हैं।  बढ़ी हुई राशि: पिछले नवंबर से योजना की राशि 1250 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये कर दी गई है। आखा तीज पर कन्यादान योजना का बड़ा तोहफा लाडली बहनों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि आगामी आखा तीज के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत नव-विवाहित जोड़ों को 55,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, कार्यक्रम के दौरान डॉ. यादव ने नन्ही बालिकाओं को लाडली लक्ष्मी योजना के प्रमाण पत्र भी वितरित किए, जो राज्य सरकार की महिला एवं बाल विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भुगतान का स्टेटस और ई-केवाईसी (eKYC) गाइड जिन महिलाओं के खाते में राशि आनी है, वे घर बैठे अपना स्टेटस चेक कर सकती हैं। वहीं, जिन लाभार्थियों की किस्त रुकी है, उन्हें अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है। यदि आपने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराया है, तो तुरंत समग्र पोर्टल पर जाकर आधार और समग्र आईडी के माध्यम से इस प्रक्रिया को पूरा करें। इसके बिना आगामी किस्तों का लाभ मिलने में समस्या हो सकती है। स्टेटस कैसे चेक करें?     आधिकारिक पोर्टल https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' विकल्प का चयन करें।     अपनी समग्र आईडी या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें।     मोबाइल पर आए OTP को भरें और अपना स्टेटस देखें।  

AC का Auto Clean फीचर क्या है और यह कैसे काम करता है?

अगर आप इस फीचर की वजह से AC खरीद रहे हैं या इसे AC सर्विस का विकल्प समझ रहे हैं, तो जरूरी है कि आप जान लें कि Auto Clean फीचर कैसे काम करता है और कितनी ताकत रखता है। हालांकि ऐसा नहीं है कि यह फीचर पूरी तरह बेकार है, लेकिन यह AC सर्विस की जगह नहीं ले सकता। असल में यह फीचर AC में से आने वाली बदबू या बैक्टीरिया आदि को दूर करने में काफी हद तक सक्षम होता है लेकिन इसके चलते सर्विस को नजरअंदाज करना बड़ी भूल हो सकती है। कैसे काम करता है Auto Clean फीचर? Auto Clean फीचर असल में AC को साफ करने की जगह अंदर से सुखाता है। इसे आप ड्राइंग प्रोसेस समझ सकते हैं। दरअसल AC को इस्तेमाल करने के बाद उसमें नमी और पानी रह जाता है। यह नमी बैक्टीरिया या फंगस के पनपने का कारण बन सकती है, जिसकी वजह से AC से बदबू भी आती है। इस समस्या को दूर Auto Clean फीचर करता है। इसमें AC का कंप्रेसर काम नहीं करता और सिर्फ ब्लोअर फैन चालू रहता है। यह पंखा अंदर की कॉइल्स पर तेज हवा फेंकता है, जिससे वहां जमा सारी नमी पूरी तरह सूख जाती है। इससे AC में से किसी तरह की बदबू नहीं आती। Auto Clean Feature की सीमाएं क्या हैं? Auto Clean फीचर आपके AC को चकाचक साफ नहीं कर सकता। यह आपके AC से बदबू हटा सकता है लेकिन:     यह फीचर नमी को दूर कर सकता है, लेकिन धूल, मिट्टी और गंदगी की मोटी परत साफ नहीं कर सकता।     यह AC के फिल्टर को भी साफ नहीं कर सकता। इन्हें आपको हर 15 दिन में खुद साफ करना चाहिए।     इस फीचर से आउटडोर यूनिट क्लीन नहीं होती। ऐसा इसलिए क्योंकि यह सिर्फ इंडोर यूनिट के अंदर ही चलता है।     इसके अलावा ड्रेन पाइप में फंसी गंदगी को भी यह फीचर नहीं साफ करता। Auto Clean फीचर के रहते सर्विस करवानी चाहिए? इसका सीधा और स्पष्ट जवाह है हां, क्योंकि Auto Clean फीचर AC में मौजूद नमी को सुखाने से ज्यादा कुछ भी नहीं कर सकता। AC में लगे फिल्टर से लेकर कंडेंसर तक में जमा होेने वाली गंदगी सिर्फ AC सर्विस के बाद ही साफ हो सकती है। दरअसल Auto Clean फीचर का नाम कुछ ऐसा है कि लोग इसे AC की सफाई से जोड़कर देख सकते हैं। हालांकि अगर आप इस फीचर के चक्कर में AC सर्विस को नजरअंदाज कर रहे हैं, तो इससे आपका बिजली बिल तो बढ़ ही सकता है लेकिन साथ ही AC में आग लगने जैसी घटनाएं भी हो सकती हैं। यही वजह है कि Auto Clean फीचर को सिर्फ AC से आने वाली बदबू को रोकने लायक ही मानना चाहिए।

दिल्ली से ऋषिकेश का सफर होगा 3 घंटे में, RRTS विस्तार की तैयारी

नई दिल्ली  दिल्ली से हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है। दिल्ली से मेरठ तक चलने वाली नमो भारत ट्रेन जल्दी ही हरिद्वार-ऋषिकेश तक दौड़ती नजर आएगी। उत्तराखंड सरकार ने नमो भारत (RRTS) नेटवर्क को मेरठ से आगे हरिद्वार और ऋषिकेश तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है, जिस पर केंद्र सरकार विचार कर रही है। वर्तमान में नमो भारत ट्रेन दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर चल रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्ताव है कि मेरठ के मोदीपुरम से इस रैपिड रेल को राष्ट्रीय राजमार्ग-58 के साथ आगे बढ़ाया जाए, जो हरिद्वार और ऋषिकेश तक पहुंचे। अगर इस ट्रेन का विस्तार होता है तो दिल्ली-एनसीआर से ऋषिकेश तक का सफर ढाई से 3 घंटे में पूरा हो जाएगा। अभी ऋषिकेश पहुंचने में करीब 6 से 7 घंटे का समय लगता है। किन-किन शहरों से गुजरेगी ट्रेन? इस विस्तार में कई प्रमुख स्टेशनों पर विचार किया जा रहा है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। प्रस्तावित रूट पर ये नए स्टेशन शामिल होंगे:     पश्चिमी उत्तर प्रदेश: दौराला, सकौती, खतौली और पुरकाजी।     उत्तराखंड: रुड़की, हरिद्वार (ज्वालापुर) और ऋषिकेश। पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट इस प्रस्ताव को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के बीच उच्च स्तरीय बैठक हो चुकी है। अधिकारियों का मानना है कि इससे पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।     यह कॉरिडोर हाईवे पर लगने वाले लंबे जाम का एक विश्वसनीय विकल्प बनेगा। खासकर पीक टूरिस्ट सीजन और कुंभ जैसे धार्मिक आयोजनों के दौरान।     बेहतर कनेक्टिविटी से पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड में पर्यटन, रियल एस्टेट और स्थानीय व्यवसायों को जबरदस्त गति मिलेगी।     दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए वीकेंड ट्रिप और तीर्थयात्रा पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक हो जाएगी। अभी क्या है रूट? नमो भारत ट्रेन अभी दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक चलती है। बीच में न्यू अशोक नगर, आनंद विहार, गाजियाबाद, मुराद नगर, मेरठ साउथ, बेगमपुल आदि प्रमुख स्टेशन आते हैं। सराय काले खां से मोदीपुरम तक की दूरी करीब 82 किमी है। इसे पूरा करने में नमो भारत ट्रेन को करीब 60 मिनट लगते हैं

पश्चिम एशिया तनाव के बीच अमेरिका का बड़ा कदम, समुद्री सुरक्षा बढ़ाई गई

 नई दिल्ली  पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षा बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी सेना ने इस अहम समुद्री रास्ते में बिछी संभावित बारूदी सुरंगों को हटाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए उन्नत युद्धपोत, ड्रोन और हेलिकॉप्टर तैनात किए गए हैं। अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) के तहत दो गाइडेड मिसाइल विध्वंसक युद्धपोत इस ऑपरेशन में शामिल हैं। इनका मुख्य काम समुद्र में छिपी बारूदी सुरंगों का पता लगाना और उन्हें नष्ट करना है, ताकि जहाजों की आवाजाही सुरक्षित हो सके। अमेरिकी सेना के मुताबिक, यह अभियान खास तौर पर उन सुरंगों को हटाने के लिए है जिन्हें ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से जोड़ा जा रहा है। ये सुरंगें बड़े जहाजों और तेल टैंकरों के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। ड्रोन से होगी समुद्र की जांच अमेरिका इस काम के लिए सीधे जहाजों को खतरे में नहीं डाल रहा है। इसके बजाय पानी के अंदर चलने वाले रोबोटिक ड्रोन यानी यूयूवी (अनमैन्ड अंडरवाटर व्हीकल) का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये ड्रोन टॉरपीडो के आकार के होते हैं और अपने आप समुद्र में घूमकर हाईटेक सोनार तकनीक से समुद्र की सतह का नक्शा बनाते हैं। इससे छिपी हुई बारूदी सुरंगों का पता लगाया जाता है। हेलिकॉप्टर भी निभा रहे अहम भूमिका इसके अलावा अमेरिका ने एमएच-60एस जैसे हेलिकॉप्टर भी तैनात किए हैं। ये हेलिकॉप्टर खास लेजर सिस्टम (एएलएमडीएस) की मदद से समुद्र की सतह या उसके ठीक नीचे मौजूद सुरंगों को पहचान सकते हैं। जब किसी सुरंग का पता चलता है, तो उसे नष्ट करने के लिए एक और रिमोट कंट्रोल सिस्टम (एएमएनएस) का इस्तेमाल किया जाता है। यह छोटा रोबोट सुरंग के पास जाकर उसे विस्फोट से खत्म कर देता है। सुरक्षा के साथ-साथ रक्षा भी ये युद्धपोत सिर्फ सुरंग हटाने में मदद नहीं कर रहे, बल्कि सुरक्षा भी दे रहे हैं। इनमें आधुनिक एजिस कॉम्बैट सिस्टम और इंटरसेप्टर मिसाइलें लगी हैं, जो हवाई या समुद्री हमलों को रोक सकती हैं। अमेरिकी एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि नया सुरक्षित समुद्री रास्ता तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द ही जहाजों के लिए खोला जाएगा ताकि व्यापार सामान्य हो सके। क्यों अहम है यह ऑपरेशन? होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का बेहद अहम तेल मार्ग है, जहां से करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस की सप्लाई होती है। हाल के संघर्ष के चलते यहां करीब 800 जहाज फंसे हुए हैं। ईरान द्वारा रास्ता बाधित किए जाने के बाद हालात और बिगड़ गए हैं, जिससे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं। ऐसे में इस रास्ते को सुरक्षित बनाना पूरी दुनिया के लिए जरूरी हो गया है।  

UCC से लेकर विपक्ष पर हमला, मंत्री दिलीप जायसवाल ने दिया बड़ा बयान

पटना बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने विभिन्न मुद्दों पर बयान देते हुए विकास योजनाओं, यूनिफॉर्म सिविल कोड और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बताया कि राजधानी पटना में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए केंद्र सरकार के भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत एक बड़े रिंग रोड निर्माण की योजना बनाई जा रही है। पटना में बनेगी दिल्ली की तरह रिंग रोड बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने बात करते हुए कहा, 'पटना में बन रही यह रिंग रोड लगभग 150 किलोमीटर लंबी होगी और इसके निर्माण पर करीब 15 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना की प्रारंभिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।' इन जिलों तक पहुंच हो जाएगी और भी आसान उन्होंने कहा कि पटना में रिंग रोड के बनने से जिले के आसपास के जिलों जैसे वैशाली, सारण, समस्तीपुर और अन्य क्षेत्रों में आवागमन काफी सुगम हो जाएगा। साथ ही, राजधानी में लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या से भी लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना दिल्ली की तर्ज पर विकसित की जा रही है, जिससे शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुचारू बनाया जा सके। राजधानी पटना में सरकार रिंग रोड बनाने जा रही है। ये 150 किमी लंबी होगी और इसे बनाने में 15 हजार करोड़ का खर्च आएगा। UCC पर भी बोले दिलीप जायसवाल यूनिफॉर्म सिविल कोड के मुद्दे पर मंत्री जायसवाल ने कहा कि यह कोई विवाद का विषय नहीं है, बल्कि इससे देश के सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से उछाल रहे हैं, लेकिन जनता अब इन बातों को समझ चुकी है। कांग्रेस सबसे बड़ी महिला विरोधी- बीजेपी इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने दशकों तक महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी से दूर रखा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए अधिक अवसर दिए जाएं और उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। ममता बनर्जी पर भी तीखा हमला पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला करते हुए जायसवाल ने कहा कि वह बार-बार भ्रामक बयान देकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी राजनीतिक जमीन खिसक रही है, जिसके कारण वह इस तरह के बयान दे रही हैं। साथ ही, उन्होंने मालदा को घुसपैठ का केंद्र बताते हुए कहा कि देश विरोधी गतिविधियों के लिए इस क्षेत्र का इस्तेमाल किया जाता रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है।

मन ही बंधन और मोक्ष का कारण है, जानें धर्मशास्त्रों के विचार

मन के विषय में धर्मशास्त्रों से लेकर अनेक विद्वानों ने अपने-अपने मत व्यक्त किए हैं, मन ही बंधन मुक्ति या मोक्ष का कारण बनता है। मन को साध लेने से किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त की जा सकती है। मन ही परिस्थितियों का निर्माण कर सुख-दुःख की संरचना करता है। जो व्यक्ति अपने मन को नियंत्रित नहीं रख पाते हैं, वे सफलता से दूर होते चले जाते हैं। आइए जानें मन के विषय में महापुरुषों के विचार। ब्रह्माण्ड के गूढ़ रहस्य एवं गहराइयां मनुष्य के अंतर्मन में निहित हैं। मन ही परिस्थितियों का निर्माण कर सुख-दुःख की संरचना करता है। जीवन में प्राप्त होने वाली सफलता या असफलता, मानव मन पर निर्भर है। सृष्टि के नियम और मन का विज्ञान जानकर व्यक्ति किसी भी प्रकार की उन्नति कर सकता है, महत्वाकांक्षाओं को पूरा कर सकता है। यह पूरा ब्रह्माण्ड एक कल्पवृक्ष है, जो हमारे भावों के अनुरूप सृष्टि का निर्माण करता है। श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, मन बहुत चंचल है, मनुष्य को मथ डालता है। जैसे वायु को दबाना बहुत कठिन है, वैसे ही मन को वश में करना भी अत्यंत कठिन है। स्वामी विवेकानन्द कहते हैं कि मन लाडले बच्चे के समान है। जैसे लाडला बच्चा सदैव अतृप्त रहता है, उसी तरह हमारा मन भी अतृप्त रहता है, अतएव मन का लाड़ कम करके उसे दबाकर रखना चाहिए। धम्मपद के अनुसार जैसे कच्ची छत में पानी भरता है, वैसे ही अविवेकी मन में कामनाएं धंसती हैं। शेक्सपियर के अनुसार, मन को हर्ष और उल्लासमय बनाओ, इससे हजारों हानियों से बचोगे और लम्बी उम्र पाओगे। मनुस्मृति के अनुसार आकार, इंगित, गति, चेष्टा, वाणी एवं नेत्र और मुख के बदलते हुए भावों से मन के विचारों का पता लग जाता है। ज्योतिष शास्त्र में ज्योतिषी जन्मपत्री और ग्रहदशा के साथ व्यक्ति के मन की स्थिति को समझकर उसके भविष्य की व्याख्या करता है। रामकृष्ण परमहंस कहते हैं, जब तक मन अस्थिर और चंचल है, तब तक अच्छा गुरु और साधु संगति मिल जाने पर भी व्यक्ति को कोई लाभ नहीं होता। आदिगुरु शंकराचार्य के अनुसार जिसने मन को जीत लिया, उसने जगत को जीत लिया। विनोबा भावे कहते हैं, जब तक मन नहीं जीत जाता और राग-द्वेष शांत नहीं होते, तब तक मनुष्य इंद्रियों का गुलाम बना रहता है। गोस्वामी तुलसीदास जी कहते हैं, जब तक मन में काम, क्रोध, मद और लोभ रहता है, तब तक ज्ञानी और अज्ञानी एक समान होते हैं। नीति शास्त्र के अनुसार मनुष्य का मन ही समूचा मनुष्य है।

नोएडा से मंगाई गई स्पिरिट से बनी जहरीली शराब, 10 लोगों की मौत के बाद बड़ा खुलासा

मोतिहारी/साहिबाबाद  बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब कांड मामले में बड़ी सफलता मिली है। इस कांड के मुख्य आरोपी और शराब सप्लाई करने वाली कंपनी के मालिक सतीश चौधरी को उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद (गाजियाबाद) से गिरफ्तार किया गया। मोतिहारी पुलिस की विशेष टीम ने दिल्ली से सटे इस इलाके में छापेमारी कर उसे दबोचा। मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही पुलिस सप्लायरों के नेटवर्क को खंगाल रही थी। सतीश चौधरी न केवल कंपनी का मालिक है, बल्कि वो बड़े पैमाने पर बिहार में शराब सप्लाई भी करता है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने में जुटी है। नोएडा से मंगाई गई थी स्पिरिट दरअसल, मोतिहारी में जिस स्पिरिट का इस्तेमाल कर जहरीली शराब बनाई गई थी, वह औद्योगिक इस्तेमाल के नाम पर नोएडा से मंगाई गई थी। इस स्पिरिट वाले जार पर 'सुपर पावर एडब्ल्यू-68 हाइड्रोलिक आयल' लिखा हुआ है। बिहार पुलिस और मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग की अब तक की जांच में इसका खुलासा हुआ है। पुलिस छापेमारी में अब तक ऐसे 26 लीटर वाले 50 से अधिक जार बरामद किए जाने की सूचना है। मोतिहारी में जहरीली शराब से 10 की मौत मोतिहारी जहरीली शराब कांड में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से बीमार पड़े थे। जांच में पता चला है कि गिरफ्तार नामजद अभियुक्त राजा कुमार ने कन्हैया राय के साथ मिलकर स्पिरिट वाली जार मंगाई थी। स्थानीय सप्लाई चेन में इनकी प्रमुख भूमिका रही। इसके अलावा आत्मसमर्पण करने वाले अभियुक्त सुनील साह की भी भूमिका मिली है। उनके बीच पैसे के लेन-देन के साक्ष्य मिले हैं। जहरीली शराब कांड में पुलिस की कार्रवाई एसआईटी ने जहरीली शराब बनाने वाली कंपनी के मालिक सह सप्लायर सतीश चौधरी को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (साहिबाबाद) से गिरफ्तार किया। आरोपी 'एसएस केमिकल' नाम से बिना किसी रजिस्ट्रेशन के फर्जी कंपनी चला रहा था, जिसके जरिए जहरीली स्प्रिट का अवैध निर्माण और सप्लाई की जा रही थी।  गाजियाबाद से पूरे नेटवर्क को कंट्रोल कर रहा था आरोपी सतीश चौधरी। इसकी सप्लाई चेन बिहार समेत कई अन्य राज्यों में शराब माफियाओं तक फैली हुई है। तुरकौलिया थाना कांड संख्या 174/26 के तहत गिरफ्तारी के बाद पुलिस को कई चौंकाने वाले सुराग मिले हैं, जिससे अन्य ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी है।  इससे पहले पुलिस ने मुख्य सप्लायर लवकुश यादव को कोटवा के सबैया गांव से पकड़ा था, जिसकी निशानदेही पर इस गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सका। एक-एक सबूत जुटाने में जुटी है टीम मोतिहारी शराबकांड के बाद मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (Prohibition and State Narcotics Control Bureau) ने गहन अनुसंधान के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसमें घटनास्थल से जब्त सारे साक्ष्यों के शृंखलाबद्ध अभिलेखीकरण (चेन ऑफ कस्टडी) सावधानी से तैयार करने का निर्देश दिया गया है, ताकि ट्रायल के दौरान कोई परेशानी न हो। पुलिस को रजिस्टर अपडेट करने की हिदायत इसके साथ ही मालखाने के रजिस्टर में उसे अनिवार्य रूप से दर्ज करने को कहा गया है। इससे पहले बिहार पुलिस ने जहरीली शराब कांड को लेकर एसओपी भी जारी की थी। एसओपी (Standard Operating Procedure) में सभी जिलों को इस संबंध में आसूचना संकलन (Intelligence Gathering) कराने और अपने-अपने जिलों के थानों, चौकीदारों और दफादारों को सतर्क करने का निर्देश दिया गया है। कहीं भी ऐसे संदिग्ध जार बरामद होने पर उसकी रासायनिक जांच कराने का निर्देश है।  

MCX पर महंगा हुआ गोल्ड-सिल्वर, निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rate) में बीते सप्ताह तेजी दर्ज की गई, लेकिन इसके बाद भी अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से दोनों कीमती धातुएं काफी सस्ती मिल रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर एक किलो चांदी हाई से अब भी 1.96 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती है, तो वहीं सोना भी 50,000 रुपये से कम कीमत पर मिल रहा है. अगर आप सोना-चांदी खरीदने का या इनमें निवेश का प्लान बना रहे हैं, तो फिर हफ्तेभर में इनकी कीमतों में आए बदलाव पर नजर जरूर डाल लें. चांदी चमकी, फिर भी हाई से सस्ती सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमत में आए बदलाव के बारे में तो, MCX Silver Price बीते 2 अप्रैल को 2,32,495 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी, जबकि पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार ये 5 मई की एक्सपायरी वाली चांदी 2,43,300 रुपये पर क्लोज हुई. यानी हफ्तेभर में 1 Kg Silver 10,805 रुपये महंगी हो गई.   न सिर्फ एमसीएक्स पर, बल्कि घरेलू मार्केट में भी चांदी की कीमत चढ़ी है. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट IBJA.Com पर अपडेट किए गए रेट्स को देखें, तो हफ्तेभर में चांदी 2,27,813 रुपये से चढ़कर 2,39,934 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई और इस हिसाब से ये 12,121 रुपये प्रति किलो महंगी हुई है. भले ही बीते सप्ताह चांदी का भाव तेज रफ्तार के साथ उछला हो, लेकिन इस तेजी के बावजूद भी ये कीमती धातु अपने लाइफ टाइम हाई लेवल 4,39,337 रुपये प्रति किलो की तुलना में अभी भी 1,96,037 रुपये सस्ती मिल रही है. 24 कैरेट सोने का अब ये रेट बात सोने की कीमतों में आए चेंज की करें, तो हफ्तेभर में इसकी कीमत भी उछली है. बीते 2 अप्रैल को 5 जून की एक्सपायरी वाले गोल्ड का वायदा भाव 1,49,680 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो शुक्रवार को 1,52,690 रुपये पर पहुंच गया और इस हिसाब से 10 Gram 24 Karat Gold  3,010 रुपये महंगा हुआ. घरेलू मार्केट में इसकी कीमत 1,46,608 रुपये से उछलकर 1,50,330 रुपये प्रति 10 ग्राम का हो गया. चांदी की तरह से ही सोने के भाव में इस ताजा उछाल के बाद भी ये कीमती पीली धातु अपने हाई लेवल से काफी सस्ती बनी हुई है. MCX Gold Rate देखें, तो इसका लाइफ टाइम हाई लेवल 2,02,984 रुपये है और लेटेस्ट रेट 1,52,690 रुपये तुलना करें, तो Gold Rate फिलहाल यहां से 50,294 रुपये प्रति 10 ग्राम कम है. घरेलू मार्केट में अलग-अलग क्वालिटी के गोल्ड रेट पर नजर डालें, तो. गोल्ड क्वालिटी     गोल्ड रेट (GST+Making Charge के बिना) 24 Karat Gold     1,50,330 रुपये/10 ग्राम 22 Karat Gold     1,46,720 रुपये/10 ग्राम 20 Karat Gold     1,33,790 रुपये/10 ग्राम 18 Karat Gold     1,21,770 रुपये/10 ग्राम 14 Karat Gold     96,960 रुपये/10 ग्राम ज्वेलरी खरदीने से पहले जानें ये बात अगर आप  Gold-Silver Jewellery खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो फिर हफ्ते भर के रेट चेंज के साथ ही इस बात को जान लेना जरूरी है, कि आईबीजेए के द्वारा अपडेट किए गए रेट्स देशभर में एक समान होते हैं, लेकिन जब आप ज्वेलरी खरीदते हैं, तो इन पर लागू GST के साथ ही मेकिंग चार्ज भी देना होता है, जो विभिन्न राज्यों शहरों में अलग-अलग हो सकता है और इनके जुड़ने से कीमत बढ़ जाती है.

दिल्ली-एनसीआर में पाइप गैस का विस्तार, हजारों नए PNG कनेक्शन देने की तैयारी

नई दिल्ली   इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने दिल्ली-एनसीआर में पाइप के जरिये खाना पकाने की गैस (PNG) का कनेक्शन देने का काम तेज कर दिया है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी कमल किशोर चटिवाल का कहना है कि आईजीएल का उद्देश्य रसोई गैस पर दबाव कम करना और ज्यादा से ज्यादा कस्टमर को सुविधा उपलब्ध कराना है। मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच ऊर्जा की आपूर्ति बाधित होने के बाद सरकार पीएनजी को काफी बढ़ावा दे रही है और इसे एलपीजी के एक सुविधाजनक विकल्प के रूप में पेश कर रही है। चटिवाल ने बताया कि पहले आईजीएल रोजाना 600-700 पीएनजी कनेक्शन देती थी, जिसे अब बढ़कर 2,100-2,200 प्रतिदिन कर दिया गया है। कंपनी का लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर 5,000 प्रतिदिन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि कंपनी अब केवल घरेलू रसोई तक सीमित नहीं है, बल्कि फास्ट-फूड श्रृंखला और पुलिस स्टेशनों को भी पीएनजी कनेक्शन देने पर ध्यान दे रही है। हाल ही में एलपीजी आपूर्ति में बाधा के कारण कई तत्काल खाने का सामान उपलब्ध कराने वाले फास्ट-फूड आउटलेट प्रभावित हुए हैं। कहां-कहां पहुंच गया कनेक्शन देश की सबसे बड़ी शहर गैस वितरक कंपनी आईजीएल अब तक दो प्रमुख फास्ट-फूड श्रृंखला की 100 से अधिक दुकानों को पीएनजी से जोड़ चुकी है और इतने ही कनेक्शन प्रक्रिया में हैं। कुल मिलाकर आईजीएल की योजना लगभग 400 आउटलेट को पीएनजी से जोड़ने की है। इसके साथ ही, दिल्ली के सभी पुलिस थानों को पीएनजी कनेक्शन देने की प्रक्रिया भी जारी है, जिससे कैंटीन में एलपीजी सिलेंडर के रिफिल की समस्या से राहत मिलेगी। कहां तक पहुंची पाइपलाइन नयी दिल्ली के कारोबारी केंद्र कनॉट प्लेस में भी अब पीएनजी नेटवर्क पर काम शुरू हो गया है। पहले अनुमति न मिलने के कारण इस क्षेत्र में पीएनजी की पहुंच नहीं थी। हालांकि, अब सरकार द्वारा नियमों में ढील दिए जाने के बाद इसपर काम शुरू हो गया है। अधिकारी ने बताया कि अब पाइपलाइन कनॉट प्लेस के आउटर सर्किल में पहुंच चुकी है। 90 दिनों में 4.85 लाख कनेक्शन चटिवाल ने बताया कि कंपनी अगले 90 दिन में अपने परिचालन वाले क्षेत्र में 4.85 लाख नए कनेक्शन देने का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने कहा कि भारत के पास प्राकृतिक गैस की पर्याप्त उपलब्धता है, जिसे पाइप के जरिये घरों में रसोई में पहुंचाया जाता है। इसके अलावा इसकी आपूर्ति उद्योगों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों मसलन होटल और रेस्तरां को की जाती है। भारत में कितना होता है उत्पादन भारत में प्रतिदिन 9.2 करोड़ मानक घनमीटर प्राकृतिक गैस का उत्पादन होता है। शहर गैस (पीएनजी और सीएनजी मिलाकर) में इसके एक-तिहाई हिस्से की खपत की जाती है। आईजीएल के पास 28,000 किलोमीटर से अधिक लंबा पाइपलाइन नेटवर्क है। इसका शहर गैस वितरण नेटवर्क ढांचा दिल्ली के अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, रेवाड़ी, गुरुग्राम, करनाल, कैथल, फतेहपुर, अजमेर, पाली, शामली, बांदा, मुजफ्फरनगर, कानपुर और मेरठ तक फैसला हुआ है। साथ ही यह 950 से अधिक सीएनजी स्टेशन के जरिये 21 लाख से अधिक वाहनों को ईंधन उपलब्ध करा रही है।