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इलेक्ट्रिक प्लाज्मा चूल्हा vs इंडक्शन: कौन है ज्यादा प्रैक्टिकल ऑप्शन?

 शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने नई टेक्नोलॉजी वाले इलेक्ट्रिक प्लाज्मा चूल्हे की जानकारी X पर पोस्ट की। इस अनोखे चूल्हे के बारे में बताया गया कि यह बिना LPG या PNG कनेक्शन के बिजली से आग की लपटें पैदा कर सकता है। हालांकि इसके बाद यह सवाल उठने लगा कि क्या वाकई इलेक्ट्रिक प्लाज्मा चूल्हा, इंडक्शन चूल्हे से बेहतर है? दरअसल वीडियो में बिजली से आग की लपटें पैदा करने वाली यह टेक्नोलॉजी किसी जादू से कम नहीं लगती लेकिन असल सवाल यही है कि यह तकनीक कितनी प्रैक्टिकल है? क्या यह LPG-PNG के बाद रसोई में इस्तेमाल होने के लायक है? गौर करने वाली बात है कि इंडक्शन के मुकाबले 10 गुना ज्यादा कीमत और बिजली के ज्यादा इस्तेमाल के चलते यह आपके बिल को काफी ज्यादा बढ़ा सकता है। इसके अलावा जहां इंडक्शन चूल्हे एफिशिएंसी 90% तक होती है, वहीं प्लाज्मा चूल्हा अपनी ज्यादातर ऊर्जा रोशनी और शोर में बर्बाद कर देता है। ऐसे में नई टेक्नोलॉजी को लेकर ज्यादा उम्मीदें लगाने से पहले दोनों के फर्क को समझ लेना जरूर हो जाता है। इंडक्शन और प्लाज्मा चूल्हे की कीमत में फर्क इंडक्शन और प्लाज्मा चूल्हे में सबसे बड़ा फर्क कीमत को लेकर दिखता है। भारत में जहां एक अच्छा इंडक्शन चूल्हा 2500 से 4500 रुपये में खरीदा जा सकता है। वहीं नई तकनीक होने की वजह से प्लाज्मा चूल्हे की कीमत 35000-45000 रुपये तक जाती है। वहीं अगर किसी खास मॉडल को आप चीन या वियतनाम जैसे दूसरे देश से इंपोर्ट कर रहे हैं, तो प्लाज्मा चूल्हे की कीमत 60,000 रुपये तक भी पहुंच सकती है। इसके बाद इस चूल्हे की मेंटेनेंस भी इंडक्शन चूल्हे से कई गुना ज्यादा पड़ती है। इस वजह से LPG-PNG के बाद इंडक्शन चूल्हा ज्यादा प्रैक्टिकल ऑप्शन नजर आता है।(REF.) टेक्नोलॉजी और बिजली की खपत में फर्क अब भले इंडक्शन और इलेक्ट्रिक प्लाज्मा चूल्हा बिजली पर काम करते हैं लेकिन अलग-अलग टेक्नोलॉजी की वजह से इनकी बिजली की खपत और खर्च अलग-अलग पड़ता है। प्लाज्मा चूल्हा हवा को आयोनाइज करके प्लाज्मा फ्लेम बनाता है। इससे आग तो पैदा होती है, लेकिन ऊर्जा का बड़ा हिस्सा रौशनी और आवाज के रूप में बर्बाद होता है। साथ ही इसकी बर्तन में हीट ट्रांसफर करने की ताकत भी एक साधारण LPG या इंडक्शन चूल्हे के मुकाबले काफी कम होती है। वहीं इंडक्शन चूल्हा मैग्नेटिक फील्ड से सीधा बर्तन को गर्म करता है। इसमें ऊर्जा की बर्बादी न के बराबर होती है। आसान भाषा में समझाएं, अगर आप इंडक्शन और इल्केट्रिक प्लाज्मा चूल्हे पर 1 घंटा खाना पकाएं, तो प्लाज्मा बिजली की ज्यादा खपत करते हुए महीने भर में 60-100 यूनिट तक बिजली खा सकता है। वहीं इंडक्शन इससे आधे से भी कम में खाना पका देगा। भारतीय रसोई के लिए कौन प्रैक्टिकल अब बात अगर भारतीय रसोई की करें, जहां ज्यादा आंच पर सब्जी, रोटी-पराठें पकाए जाते हैं। वहां इंडक्शन चूल्हा ज्यादा प्रैक्टिकल साबित होता है। दरअसल प्लाज्मा चूल्हे की खासियत है कि उसके लिए किसी खास बर्तन की जरूरत नहीं होती लेकिन प्लाजमा चूल्हे की आंच इतनी स्थिर नहीं होती कि भारतीय पकवान अच्छे से पकाए जा सकें।  

एडुटेक कंपनी फिजिक्सवाला पर ब्रोकरेज बुलिश, 140 रुपये का लक्ष्य मूल्य तय

एडुटेक कंपनी PhysicsWallah के शेयर में सुस्ती वाले माहौल के बीच ब्रोकरेज फर्म Elara सिक्योरिटीज ने इसे खरीदने की सलाह दी है। ब्रोकरेज ने इस शेयर के लिए एक टारगेट प्राइस भी दिया है जो वर्तमान कीमत से 35 पर्सेंट से भी अधिक है। शेयर का परफॉर्मेंस और टारगेट प्राइस फिजिक्सवाला के शेयर की बात करें तो अभी 101 रुपये पर है। शेयर के लिए ब्रोकरेज ने 'Buy' रेटिंग दी है। इसके साथ ही ₹140 प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ कवरेज शुरू किया है। इसका मतलब है कि मौजूदा स्तरों से इसमें लगभग 35% से अधिक बढ़त की संभावना है। इस शेयर के 52 हफ्ते का हाई 162.05 रुपये और 52 हफ्ते का लो 77.75 रुपये है। क्या कहा ब्रोकरेज ने? ब्रोकरेज का मानना ​​है कि इस कंपनी की ताकत उसके ओमनीचैनल मॉडल में निहित है, जिसके तहत वह सबसे पहले मुफ्त कंटेंट और जुड़ाव के जरिए बड़ा यूजर बेस तैयार करता है और फिर उन्हें पैसे देने वाले ग्राहकों में बदल देता है। इसके मुख्य ऑफर JEE और NEET कोर्स ही हैं जबकि यह क्षेत्रीय भाषाओं और नई कैटेगरीज में भी अपना विस्तार जारी रखे हुए है। ब्रोकरेज को क्या है उम्मीद? Elara को उम्मीद है कि विकास की मजबूत गति बनी रहेगी। ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY25 और FY28 के बीच रेवेन्यू CAGR 27% और एबिटा CAGR लगभग 85% रहेगा। यह भी उम्मीद है कि FY27 तक कंपनी एडजस्टेड PAT लेवल पर मुनाफा कमाने लगेगी। अपने डिजिटल बिजनेस के साथ-साथ, कंपनी ने तेजी से बढ़ती हुई ऑफलाइन मौजूदगी भी बनाई है। कंपनी अब 200 शहरों में 300 से अधिक सेंटर चलाती है, जो क्लासरूम लर्निंग चाहने वाले स्टूडेंट्स को सेवा देते हैं। ब्रोकरेज ने मजबूत कैश जेनरेशन पर भी जोर दिया है। काफी कैश बैलेंस होने की वजह से कंपनी अपनी बैलेंस शीट पर बिना कोई दबाव डाले अपने विस्तार के लिए अंदरूनी तौर पर फंड जुटा रही है। Elara कंपनी के ऑनलाइन और ऑफलाइन बिजनेस की अलग-अलग वैल्यू लगाती है और मानती है कि इसकी ग्रोथ की संभावना और बढ़ते मुनाफे को देखते हुए, मौजूदा वैल्यूएशन अभी भी आकर्षक हैं। फिजिक्सवाला आईपीओ की डिटेल बता दें कि पिछले साल फिजिक्सवाला का आईपीओ आया था। यह ₹3480 करोड़ का एक बुक-बिल्डिंग इशू था, जिसमें ₹3100 करोड़ का नया इशू और प्रमोटर अलख पांडे और प्रतीक बूब द्वारा ₹380 करोड़ का 'ऑफर फॉर सेल' शामिल था। इसकी प्राइस बैंड ₹103 से ₹109 प्रति शेयर के बीच तय की गई थी।

वास्तु शास्त्र: घर में जल तत्व से बढ़ती है सुख-समृद्धि, जानें सही दिशा

 अक्सर वास्तु वास्तु शास्त्र के जानकार घर में फव्वारा या जल से संबंधित सजावटी वस्तुएं रखने का सुझाव देते हैं. इसके पीछे की मुख्य वजह जल तत्व की सकारात्मक ऊर्जा है. कहा जाता है कि जीवन में सुख-शांति और समृद्धि के लिए , जब से जुड़े वास्तु उपाय बेहद कारगर होते हैं. हालांकि, वास्तु शास्त्र के जानकार बताते हैं कि जल का लाभ तभी मिलता है जब उसे सही दिशा और स्थान पर रखा जाए. गलत स्थान पर रखा गया जल आर्थिक और मानसिक समस्याओं का कारण भी बन सकता है. अधिकांश घरों में जल यानी पानी से जुड़े वास्तु दोष देखने को मिलते हैं. वास्तु शास्त्र के जानकारों की मानें तो जल से जुड़े वास्तु नियमों की अनदेखी करने से परिवार में कलह और क्लेश जैसी अनेक समस्या उत्पन्न होने लगती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि पानी या जल का स्थान घर की किस दिशा में होना चाहिए और इससे जुड़े खास वास्तु नियम क्या हैं. वॉटरफॉल के लिए सही दिशा वास्तु शास्त्र के मुताबिक, अगर आपके घर में बगीचा है, तो वहां वॉटरफॉल लगाना अत्यंत शुभ होता है, लेकिन यहां एक जरूरी नियम का ध्यान रखें रखना चाहिए. पानी के बहाव की दिशा हमेशा घर के अंदर की ओर होनी चाहिए. अगर जल का प्रवाह घर के बाहर की तरफ दिखता है, तो धन भी उसी गति से बाहर चला जाता है. वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर में अंदर की तरफ बहता हुआ पानी मां लक्ष्मी के आगमन का प्रतीक है. पानी से जुड़े शोपीस कहां रखें वास्तु सास्त्र के नियम के अनुसार, किचन में अग्नि देवता का वास होता है, जबकि जल उसका विपरीत तत्व है.  इसलिए किचन में पीने या उपयोग के पानी के अलावा किसी प्रकार का जलीय शोपीस, नदी-झरने की तस्वीर नहीं लगानी चाहिए. क्योंकि ऐसा करने से जल और अग्नि तत्व का संतुलन बिगड़ जाता है. इसके अलावा सेहत पर भी नकारात्मक असर पड़ता है, जो कि आर्थिक स्थिति को बिगाड़ देता है. बुरी नजर और निगेटिव एनर्जी को दूर करने के लिए अगर आपके परिवार में लोग बार-बार बीमार पड़ रहे हैं या करियर में बाधाएं आ रही हैं, तो पानी का शोपीस एक प्रभावी उपाय हो सकता है. वास्तु नियम के मुताबिक, इसे घर के गलियारे या बालकनी में रखना शुभ होता है. कहा जाता है कि यहां जल की तत्व की मौजूदगी बुरी नजर के प्रभाव को कम करती है और सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाती है. किस दिशा में रखें मिट्टी का घड़ा या सुराही? वास्तु शास्त्र के अनुसार, मिट्टी के घड़े या सुराही को घर की उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में रखना शुभ होता है. कहा जाता है कि इस दिशा में देवी-देवताओं का वास होता है. इसलिए यहां मिट्टी के बर्तन में पानी भरकर रखने से दुर्भाग्य दूर होता है. 

सीएम सैनी का बड़ा फैसला: गुरुग्राम में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी मजबूती

 गुरुग्राम दिल्ली से सटे गुरुग्राम में बढ़ती आबादी और स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए हरियाणा सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गुरुग्राम में विभिन्न स्थानों पर 100 से 150 बेड की क्षमता वाले चार अतिरिक्त अस्पताल इसी तर्ज पर खोलने के प्रस्ताव तैयार किए जाएं। मुख्यमंत्री का यह निर्देश न केवल शहर के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि भविष्य की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री सैनी ने यह महत्वपूर्ण निर्देश गुरुग्राम में निर्माणाधीन शीतला माता देवी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक के दौरान दिए। यह परियोजना सहकारी संघवाद और स्थानीय निकायों के आपसी सहयोग का अनूठा उदाहरण है। इसका इंफ्रास्ट्रक्चर जीएमडीए का 50 फीसदी, नगर निगम गुरुग्राम का 45 फीसदी और श्री माता शीतला देवी श्राइन बोर्ड पांच फीसदी के वित्तीय सहयोग से तैयार हो रहा है। आयुष्मान के लाभार्थियों को प्राथमिकता बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल के आरक्षित बेड पर आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा, हमारा उद्देश्य केवल बिल्डिंग खड़ी करना नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ऐसी सेवाएं देना है जो गुरुग्राम को वैश्विक स्वास्थ्य मानचित्र पर स्थापित करें। मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बैठक में प्रोजेक्ट की बारीकियों को साझा किया। आरक्षण और किफायती शिक्षा पर जोर मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्णय लेते हुए निर्देश दिए कि गुरुग्राम के सेक्टर-102ए खेड़की माजरा में बन रहे इस अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज की 150 एमबीबीएस सीटों और 850 बेडों में से 33-33 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा के विद्यार्थियों और स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित किया जाए। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि आरक्षित सीटों पर फीस अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों के समान ही रखी जाएगी, जिससे राज्य के मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से सामान्य परिवारों के छात्रों को चिकित्सा शिक्षा के लिए भारी-भरकम फीस नहीं भरनी होगी।

इस्लामाबाद में 21 घंटे चली मैराथन बातचीत, लेकिन कोई अंतिम समझौता नहीं

नई दिल्ली    अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई हाई लेवल वार्ता भले ही किसी अंतिम समझौते पर नहीं पहुंच सकी, लेकिन इस शांति वार्ता ने एक मैसेज जरूर दिया है। इस शांति वार्ता ने अमेरिका के सियासी गलियारों की हलचल बढ़ा दी है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बयान से इसके संकेत मिले हैं। वेंस ने इस बात का खुलासा किया कि 21 घंटे तक चली इस मैराथन वार्ता के दौरान वे लगातार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हॉट लाइन पर संपर्क में थे। वेंस के अनुसार, वाशिंगटन से राष्ट्रपति ट्रंप केवल निर्देश ही नहीं दे रहे थे, बल्कि वे वार्ता की हर बारीक अपडेट पर नजर रख रहे थे। पत्रकारों के साथ बातचीत में जेडी वेंस ने बताया कि बातचीत के दौरान राष्ट्रपति के साथ उनका संवाद निरंतर बना रहा। उन्होंने कहा, "मैं सटीक संख्या तो नहीं बता सकता, लेकिन पिछले 21 घंटों में हमारी राष्ट्रपति से शायद आधा दर्जन या दर्जन भर बार बात हुई।" यह वार्ता केवल उपराष्ट्रपति तक सीमित नहीं थी। वेंस ने पुष्टि की कि अमेरिका की पूरी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम इस कूटनीतिक दबाव का हिस्सा थी। उन्होंने बातचीत के दौरान निम्नलिखित शीर्ष अधिकारियों के साथ निरंतर परामर्श किया। उनमें विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एडमिरल कूपर जैसे नाम शामिल हैं। वेंस ने जोर देकर कहा कि इतनी बड़ी टीम का एक साथ सक्रिय होना इस बात का प्रमाण है कि अमेरिका नेक नीयत के साथ बातचीत की मेज पर बैठा था। उपराष्ट्रपति ने एक बार फिर दोहराया कि अमेरिका ने अपना सर्वश्रेष्ठ और अंतिम प्रस्ताव ईरान के सामने रख दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब यह तेहरान को तय करना है कि वह इन शर्तों को स्वीकार कर शांति का रास्ता चुनता है या नहीं। आक्रामक ट्रंप प्रशासन विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन इस बार काफी आक्रामक और संगठित कूटनीति अपना रहा है। वार्ता में वित्त मंत्री और रक्षा मंत्री की सक्रियता का मतलब है कि प्रस्ताव में आर्थिक प्रतिबंधों में ढील और सुरक्षा गारंटी जैसे पेचीदा मुद्दे शामिल हैं, जिन पर राष्ट्रपति ट्रंप खुद अंतिम फैसला ले रहे हैं। क्या होगा अगला कदम? फिलहाल अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इस्लाबाद से रवाना हो रहा है, लेकिन उन्होंने तेहरान को सोचने के लिए समय दिया है। वेंस के बयानों से स्पष्ट है कि यदि ईरान ने इस प्रस्ताव को ठुकराया तो इसका मतलब केवल वार्ता की विफलता नहीं होगी, बल्कि अमेरिका की पूरी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के सामूहिक प्रयास को चुनौती देना होगा। अब पूरी दुनिया की नजरें तेहरान की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं कि क्या वह ट्रंप प्रशासन की इन सख्त और समन्वित शर्तों के आगे झुकेगा या क्षेत्र में तनाव का एक नया दौर शुरू होगा?

सेहत पर खतरा: धौलपुर से आ रहा मिलावटी दूध टैंकर पकड़ा गया

 आगरा  अगर आप दूध खरीद रहे हैं तो एक बार उसे अच्छी तरीके से जांच लीजिए। कहीं मिलावटी दूध आपकी सेहत को खराब न कर दे। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने शनिवार दोपहर करहरा (किरावली)गांव के पास न्यू दक्षिणी बाईपास से एक टैंकर से 1200 लीटर मिलावटी मिश्रित दूध जब्त किया। मिलावटी दूध की आपूर्ति धौलपुर से हुई थी। दूध में रिफाइंड की मिलावट की पुष्टि हुई। दूध से दुर्गंध आ रही थी। शहर की विभिन्न डेरी में 45 से 50 रुपये प्रति लीटर में बेचा जाना था। टीम ने दूध का एक नमूना लेने के बाद उसे नष्ट करा दिया। चालक से पूछताछ के बाद संबंधित डेरी का पता लगाया जा रहा है। न्यू दक्षिणी बाईपास के करहरा गांव के पास एफएसडीए टीम ने की कार्रवाई धौलपुर से हर दिन शहर में कई टैंकर दूध, घी, पनीर भेजा जाता है। यह सब ऑन डिमांड आता है। सबसे अधिक आपूर्ति शहर और उसकी सीमा से सटे डेरी में होती है। शनिवार सुबह धौलपुर से एक टैंकर शहर आना था। एफएसडीए टीम ने न्यू दक्षिणी बाईपास स्थित करहरा गांव के पास जांच शुरू कर दी। एक टैंकर को रोका गया। जांच में उसमें दूध मिला। धौलपुर, राजस्थान के वाहन चालक प्रेम नारायण के पास कोई भी वैध दस्तावेज नहीं मिला। बिल की रसीद नहीं थी। न ही दूध की जांच रिपोर्ट थी। यह वीडियो भी देखें डेरी में 45 से 50 रुपये प्रति लीटर होने जा रही थी बिक्री मिलावटी मिश्रित दूध से दुर्गंध आ रही थी। टैंकर में थर्मोस्टेट भी नहीं लगा था। इससे दूध को सुरक्षित तापमान पर नहीं रखा जा रहा था। मोबाइल लैब से दूध का नमूना लिया गया और जांच की गई तो उसमें रिफाइंड की पुष्टि हुई। टैंकर से 1200 लीटर मिलावटी मिश्रित दूध जब्त किया गया। एक नमूना लेने के बाद दूध को कराया नष्ट सहायक खाद्य आयुक्त महेंद्र प्रताप ने बताया कि मिलावटी दूध की कीमत 60 हजार रुपये है। इसे शहर की डेरी में बिक्री के लिए ले जाया जा रहा था। दूध में रिफाइंड की पुष्टि हुई है। यह है दूध की पहचान का तरीका कुछ मात्रा में दूध लें। उसे धीमी आंच में उबाल लें। अगर दूध पीला पड़ जाए तो उसमें यूरिया की मिलावट की गई है। दूध को हाथ में लेने पर उसमें साबुन जैसी चिकनाहट आ सकती है। दूध को उबाल लें। उसमें कुछ नींबू की बूंद डाल दें। मिलावटी दूध को फटने में अधिक समय लगता है। असली दूध का स्वाद हल्का मीठा और मिलावटी दूध का कड़वा होता है। पेट संबंधी हो सकती हैं बीमारियां वरिष्ठ फिजीशियन डॉक्टर मनीष बंसल ने बताया कि लंबे समय तक मिलावटी दूध का प्रयोग करने से पेट संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। जिस मकसद से दूध को पिया जा रहा है। उसके उलट स्थिति सामने आने लगी।इससे उल्टी और दस्त भी हो सकती है।  

नागौर में ड्रग्स नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, काली कमाई से बना घर जब्त

 नागौर राजस्थान के नागौर में नशा तस्करों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. यहां एक आरोपी की अवैध कमाई से बने आलीशान मकान को सीज कर दिया गया. आरोपी ने इस प्रॉपर्टी को अपनी लिव-इन पार्टनर के नाम पर कर रखा था. नागौर के शारदापुरम इलाके में बना करीब 50 लाख रुपये का घर बनाया था. सुरपालिया थाना क्षेत्र के जानवा गांव का रहने वाला बहादुर सिंह उर्फ समीर लंबे समय से पुलिस की रडार पर था. आरोप है कि वह स्मैक (हेरोइन) की सप्लाई के धंधे में लिप्त था. इस अवैध कारोबार से मोटी रकम कमा रहा था. धीरे-धीरे काली कमाई से आलीशान मकान ले लिया. जांच की गई तो पुलिस को पता चला कि यह मकान बहादुर सिंह के नाम पर नहीं, बल्कि उसकी लिव-इन पार्टनर के नाम पर रजिस्टर्ड है. पुलिस ने इस मामले की गहराई से जांच शुरू की. पुराने रिकॉर्ड खंगाले गए तो सामने आया कि बहादुर सिंह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत दो मामले पहले से दर्ज हैं. ये मामले करीब छह साल पुराने थे और इनमें से एक बीकानेर के पांचू थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ था. इन मामलों में पुलिस पहले ही चालान पेश कर चुकी थी, लेकिन असली कहानी अब सामने आ रही थी- काली कमाई की. जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने तस्करी के धंधे से शारदापुरम इलाके में मकान तैयार कराया था. कुछ रिपोर्ट्स में इसकी अनुमानित कीमत एक करोड़ से ज्यादा भी बताई जा रही है. कार्रवाई से बचने के लिए बहादुर सिंह ने यह संपत्ति अपनी लिव-इन पार्टनर के नाम रजिस्टर्ड करवा रखी थी. वह जांच एजेंसियों को भ्रमित करना चाहता था. पुलिस ने इस मामले में मजबूत साक्ष्य जुटाए और दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकरण के सामने पेश किए. प्राधिकरण से मंजूरी मिलने के बाद सुरपालिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मकान को सीज कर दिया. सुरपालिया थानाधिकारी सुमन कुलहरी ने बताया कि जांच में स्पष्ट रूप से सामने आया है कि यह मकान नशे के कारोबार से अर्जित धन से ही बनाया गया था. आरोपी की पहचान छिपाने की कोशिश नाकाम हो गई. पुलिस द्वारा मकान पर नोटिस चस्पा करने के कुछ ही देर बाद आरोपी ने नोटिस हटाने की कोशिश की. पुलिस ने इस हरकत को गंभीरता से लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है. नागौर एसपी रोशन मीणा ने कहा कि जिले में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. अवैध कमाई से बनी प्रॉपर्टी को चिह्नित कर सीज किया जा रहा है. बीते 15 दिनों में चार संपत्तियां सीज की जा चुकी हैं, जबकि कुल पांच मकानों पर कार्रवाई हो चुकी है. पुलिस ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन संकल्प के तहत यह अभियान और तेज होगा.

श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पंजाब की जीत, SRH के खिलाफ सबसे बड़ा चेज

 मुल्लांपुर  आईपीएल 2026 के 17वें मुकाबले में पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) ने सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) को 6 विकेट से हराया। एसआरएच से मिले 220 रनों के लक्ष्य को पीबीकेएस के बल्लेबाजों ने 18.5 ओवर में सिर्फ 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। आईपीएल के इतिहास में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ यह अब तक का सबसे बड़ा रन चेज भी है। पंजाब किंग्स ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड इससे पहले, एसआरएच के खिलाफ सबसे बड़े रन चेज का रिकॉर्ड भी पंजाब किंग्स के नाम था। आईपीएल 2014 में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ पंजाब किंग्स के बल्लेबाजों ने 206 रनों के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल किया था। हालांकि शनिवार को मुल्लांपुर के महाराज यदविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में पंजाब किंग्स ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया। वहीं, यह आईपीएल इतिहास में पंजाब किंग्स का दूसरा सबसे बड़ा रन चेज भी है। श्रेयस अय्यर ने किया पोस्ट पंजाब किंग्स की जीत के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी शेयर किया है। उन्होंने सिर्फ दो शब्द में अपनी टीम की जीत को सेलिब्रेट किया है। श्रेयस अय्यर ने टीम की फोटोज के साथ लिखा, 'चरदी कला।' पंजाब के ही नाम है बड़ा रिकॉर्ड आईपीएल में सबसे बड़े रन चेज का सफलतापूर्वक पीछा करने का रिकॉर्ड भी पंजाब किंग्स के नाम है। टीम ने साल 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में 262 रनों के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल किया था। आईपीएल में पीबीकेएस ने यह 10वीं बार 200 से ज्यादा रनों के लक्ष्य को चेज किया है। पंजाब किंग्स की जीत के नायक कप्तान श्रेयस अय्यर रहे, जिन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 33 गेंदों में 69 रनों की नाबाद पारी खेली और टीम को जीत दिलाकर लौटे। अय्यर ने अपनी इस पारी में 5 चौके और 5 छक्के लगाए। वहीं, प्रियांश आर्या ने महज 20 गेंदों में 285 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 57 रन बनाए तो प्रभसिमरन सिंह ने 25 गेंदों में 51 रन बनाए। दीपेश शर्मा

13 अप्रैल से शुरू हो रहा राज पंचक, जानें तिथि और महत्व

13 अप्रैल से राज पंचक की शुरुआत हो रही है, जो अपने साथ सुख-समृद्धि और सफलता के योग लेकर आ रहा है. हालांकि, इसकी शुभता बनाए रखने के लिए कुछ सावधानियां बरतना अनिवार्य है. जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में गोचर करता है, तो उस अवधि को पंचक कहा जाता है. चूंकि इस बार पंचक सोमवार 13 अप्रैल से शुरू हो रहा है, इसलिए इसे राज पंचक का नाम दिया गया है.  शास्त्रों में राज पंचक को अत्यंत लाभकारी माना गया है.  यह समय सरकारी कार्यों में सफलता, संपत्ति लाभ और करियर में उन्नति के लिए श्रेष्ठ होता है. राज पंचक कब से कब तक पंचांग के अनुसार, राज पंचक सोमवार, 13 अप्रैल 2026 से शुरू होगा, इसका समापन शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को होगा. भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां राज पंचक शुभ होने के बावजूद, ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कुछ कार्यों पर सख्त मनाही होती है.  इन गलतियों से आपके बनते काम बिगड़ सकते हैं. ईंधन का इकट्ठा करना: पंचक के दौरान लकड़ी, घास या अन्य ज्वलनशील सामग्री इकट्ठा करना अशुभ होता है.  माना जाता है कि इससे अग्नि का डर बना रहता है. दक्षिण दिशा की यात्रा: दक्षिण को यम की दिशा माना जाता है.  पंचक के दौरान इस दिशा में यात्रा करने से दुर्घटना या धन हानि का खतरा रहता है. घर की छत डालना: यदि आप घर बनवा रहे हैं, तो इन पांच दिनों में छत (लंटर) डालने का काम रोक दें.  इससे घर में क्लेश और आर्थिक संकट आ सकता है. बिस्तर या चारपाई बनाना: पंचक काल में नया पलंग खरीदना या चारपाई बुनना वर्जित है.  यह परिवार के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है. अंतिम संस्कार के नियम: यदि इस अवधि में किसी का निधन हो जाए, तो अंतिम संस्कार विशेष विधि (कुश के पांच पुतले बनाकर) से ही करना चाहिए, वरना परिवार पर पंचक दोष लग सकता है. राज पंचक में क्या करें? यह समय निवेश करने, नया व्यापार शुरू करने और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए सर्वोत्तम है.  राज पंचक की शुभता का लाभ उठाने के लिए भगवान शिव की आराधना करें, क्योंकि सोमवार महादेव का दिन है.

महंगाई भत्ते में देरी से बढ़ी चिंता, 8वें वेतन आयोग की बैठक पर नजर

नई दिल्ली केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ता यानी डीए में इजाफे का इंतजार बढ़ता जा रहा है। अप्रैल महीने के 10 दिन से भी ज्यादा बीत चुके हैं लेकिन अब तक कर्मचारियों के डीए बढ़ोतरी का ऐलान नहीं हुआ। इस देरी की वजह से अब केंद्रीय कर्मचारियों की अप्रैल की सैलरी पर भी असर पड़ने की आशंका है। आइए समझते हैं पूरा मामला। क्या है मामला? आमतौर पर केंद्र सरकार मार्च के महीने में होली के आसपास डीए बढ़ोतरी का ऐलान कर देती है। यह साल की पहली छमाही के लिए लागू होता है। मार्च महीने में डीए ऐलान के बाद कर्मचारियों की अगले महीने सैलरी बढ़कर आती है। इसमें जनवरी, फरवरी महीने का एरियर भी जुड़ा रहता है। हालांकि, इस बार भत्ते में देरी से अब केंद्रीय कर्मचारियों को मई महीने का इंतजार करना पड़ सकता है। दरअसल, केंद्र सरकार के कई ऐसे भी विभाग हैं जहां सैलरी कैल्कुलेशन 15 से 15 तारीख का चलता है। मतलब ये कि जो सैलरी बनती है वो पिछले महीने की 15 तारीख से चालू महीने की 15 तारीख तक की होती है। अगर डीए के ऐलान में देरी होती है तो यह संभव है कि केंद्रीय कर्मचारियों की मई की सैलरी 4 महीने यानी जनवरी, फरवरी, मार्च और अप्रैल का डीए एरियर जोड़कर बैंक अकाउंट में क्रेडिट हो। क्या कहते हैं एक्सपर्ट? फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स इस बात से सहमत हैं कि पिछले सालों के मुकाबले इस बार डीए में थोड़ी देरी हुई है। BankBazaar के CEO अधिल शेट्टी ने मनीकंट्रोल से इसकी वजह बताते हुए कहा- यह शायद एडमिनिस्ट्रेटिव सीक्वेंसिंग और 8वें CPC फ्रेमवर्क की ओर बदलाव की वजह से है, जिसके लिए अपडेटेड पे स्ट्रक्चर और महंगाई के डेटा के बीच तालमेल जरूरी होता है। उन्होंने आगे कहा कि यह देरी इरादे की नहीं, बल्कि टाइमिंग की बात लगती है। शेट्टी के अनुसार, मौजूदा रुझान लगभग 2-3 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी का संकेत दे रहे हैं जिससे DA का कुल स्तर 60 प्रतिशत के करीब या 61 प्रतिशत पहुंच जाएगा। सरकार से मांगा जा रहा स्पष्टीकरण केंद्र सरकार के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले कई संगठनों ने वित्त मंत्रालय को पहले ही पत्र लिखकर महंगाई भत्ते (DA) के बारे में जल्द से जल्द घोषणा करने या स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने कहा-केंद्र सरकार ने DA के बारे में कोई घोषणा नहीं की है और न ही देरी का कोई कारण बताया है। सरकार को इस देरी के बारे में तुरंत कोई घोषणा करनी चाहिए या स्पष्टीकरण जारी करना चाहिए। इसके अलावा, कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स के एक अन्य पत्र में कहा गया है कि DA आमतौर पर मार्च के आखिरी सप्ताह में घोषित किया जाता था और हर साल अप्रैल के पहले सप्ताह में तीन महीनों का बकाया भुगतान किया जाता था। इसकी घोषणा में हो रही देरी को लेकर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच भारी बेचैनी और आशंका है। 8वें वेतन आयोग के लिए सोमवार को बड़ी बैठक, सैलरी से लेकर पेंशन तक पर होगी बात सोमवार को नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की अहम बैठक होने वाली है। बता दें कि 13 अप्रैल की यह बैठक 12 मार्च को हुई पिछली चर्चाओं के बाद हो रही है। 8वें वेतन आयोग के लिए सोमवार को बड़ी बैठक, सैलरी से लेकर पेंशन तक पर होगी बात 8th Pay Commission latest: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 13 अप्रैल की तारीख काफी अहम है। इस दिन आठवें वेतन आयोग के लिए अपना मेमोरेंडम फाइनल किया जाएगा। इसके लिए नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की अहम बैठक होने वाली है। यह बैठक इसलिए अहम है क्योंकि कर्मचारियों के प्रतिनिधि सैलरी, पेंशन और सेवा शर्तों से जुड़ी अपनी मांगों को एक साझा मेमोरेंडम में इकट्ठा कर रहे हैं, जिसे 8वें वेतन आयोग को सौंपा जाएगा। ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) के सी. श्रीकुमार ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि 13 अप्रैल की बैठक में संभवतः एक साझा ज्ञापन को अंतिम रूप दिया जाएगा। AIDEF, रेलवे, रक्षा और अन्य क्षेत्रों के कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ मिलकर इस बैठक में अपने प्रस्तावों पर चर्चा करेगा और उन्हें अंतिम रूप देगा।