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‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ फेम माइकल पैट्रिक का 35 की उम्र में निधन, मोटर न्यूरोन बीमारी से हार गए जिंदगी की जंग

गेम ऑफ थ्रोन्स फेम एक्टर माइकल पैट्रिक का निधन हो गया है. 8 अप्रैल 2026 को ए्क्टर ने 35 की उम्र में आखिरी सांस ली. माइकल मोटर न्यूरोन नाम की बीमारी (MND) से जूझ रहे थे. माइकल इस दुनिया में अब नहीं रहे इसकी जानकारी उनकी पत्नी नाओमी शीहान ने दी. वहीं एक्टर ने भी निधन से पहले एक फेसबुक पोस्ट में इस बीमारी से अपनी लड़ाई के बारे में खुलकर बात की थी. वो अपने आखिरी वक्त में व्हीलचेयर पर आ चुके थे. अलविदा 'GOT' स्टार माइकल खुशी-खुशी इस दुनिया को अलविदा कहना चाहते थे. इसलिए उन्होंने ट्रेकियोस्टोमी (Tracheostomy- गले में छेद करके सांस लेने की प्रक्रिया) कराने से भी इनकार कर दिया था. माइकल की पत्नी नाओमी ने इंस्टाग्राम पर बताया कि उनके पति, जिन्हें वो प्यार से 'मिक' कहती थीं, नॉर्थ आयरलैंड के बेलफास्ट में एक हॉस्पिस केयर सेंटर में 10 दिनों तक एडमिट थे. लेकिन आखिरकार वो न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी से अपनी जिंदगी की जंग हार गए. नाओमी ने लिखा- मिक को 10 दिन पहले हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी देखभाल एक शानदार टीम ने की. उन्होंने अपने परिवार और दोस्तों के बीच शांति से अंतिम सांस ली. हमारे दिल टूट गए हैं, इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. माइकल पैट्रिक एक एक्टर होने के साथ-साथ नाटककार भी थे. उन्होंने गेम ऑफ थ्रोन्स के सीजन 6 के एक एपिसोड में वाइल्डलिंग का किरदार निभाया था. उन्होंने अपनी MND की बीमारी को अपने फेमस नाटक माय राइट फुट के लिए प्रेरणा बनाया, जिसमें उन्होंने ये दिखाया कि वो उसी बीमारी का सामना कैसे कर रहे थे, जिससे उनके पिता की मृत्यु हुई थी. इलाज के लिए पब्लिक ने की थी मदद माइकल ने फरवरी में इंस्टाग्राम पर अपनी हेल्थ के बारे में लिखा था, जो बाद में उनका आखिरी संदेश साबित हुआ. वो बोले थे- मुझे MND हुए 3 साल हो गए हैं. अब भी हालात बहुत खराब हैं. 'हेल्थ अपडेट: मैं और नाओमी एक हफ्ते से ज्यादा समय तक अस्पताल में रहे. डॉक्टरों से बात की और कई जांच करवाईं. हम ट्रेकियोस्टॉमी कराने के जोखिम और उसके असर के बारे में बात कर रहे थे. ऑपरेशन के बाद रोजमर्रा की जिंदगी कैसी होगी, इस पर भी चर्चा हुई. 'संक्षेप में, मैं ट्रेकियोस्टॉमी नहीं करवाऊंगा. मुझे बताया गया कि स्टाफ की कमी के कारण ऑपरेशन के बाद घर लौटने में लगभग 6–12 महीने लग सकते हैं. इस कोशिश में मदद करने वाले सभी लोगों का बहुत धन्यवाद- सीनियर सोशल वर्कर्स से लेकर नेताओं और अस्पताल के मुख्य अधिकारी तक. सबने बहुत कोशिश की, लेकिन स्टाफ की कमी है.' माइकल के पास वक्त कम बचा था. इलाज के लिए उन्हें एक एप के जरिए पैसे भी जमा करने पड़े थे. उन्होंने बताया था कि- मेरे न्यूरोलॉजिस्ट ने हमें बताया कि मेरे पास शायद लगभग 1 साल का समय बचा है (हालांकि ये पक्का नहीं है और हमें अभी भी उम्मीद है कि दवाइयों के ट्रायल से थोड़ा और समय मिल सकता है). इसलिए मैं अपना इतना समय अस्पताल के बिस्तर पर बिताने का जोखिम नहीं लेना चाहता. 'गोफंडमी पर मिले सभी दान के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद. भले ही मैंने ट्रेकियोस्टॉमी नहीं करवाई, लेकिन ये पैसा मेरे जीवन के आखिरी चरण में विशेष देखभाल के लिए इस्तेमाल होगा. आपकी दरियादिली से मैं बहुत भावुक हूं. खैर, अभी भी जीने के लिए बहुत कुछ है और कई योजनाएं हैं. ये मेरा छोटा गॉडसन माइकल है, जो मुझसे अस्पताल में मिलने आया है.' दुनिया भर के कई फैंस उन्हें गेम ऑफ थ्रोन्स से याद करते हैं. वो सीजन 6 के द ब्रोकेन मैन एपिसोड में नजर आए थे, जहां उन्होंने एक वाइल्डलिंग दंगाई का किरदार निभाया था. ये एक छोटा रोल था, लेकिन इसके जरिए वो टेलीविजन इतिहास के सबसे बड़े शो में से एक से जुड़ गए. जो लोग उन्हें जानते थे- उनका कहना है कि उनकी असली ताकत सिर्फ एक्टिंग नहीं थी, बल्कि लोगों के साथ उनका व्यवहार भी था. वो दयालु, मजाकिया और अपने काम की ओर पूरी तरह समर्पित थे. बीमार होने के बाद भी वो अपने क्रिएटिव काम और दोस्तों से जुड़े रहे.

रणबीर कपूर से पहले उनके परदादा भी बन चुके हैं ‘राम’, 92 साल पहले पृथ्वीराज कपूर की इस फिल्म ने रचा था इतिहास

 हर तरफ रणबीर कपूर की रामायण फिल्म के चर्चे हैं. साल 2026 के इतिहास में पहली बार इतनी महंगी फिल्म बनने जा रही है. फैंस बेसब्री से 2026 की दिवाली का इंतजार कर रहे हैं. फिल्म को लेकर उत्सुकता तो पिछले 2 सालों से चली आ रही है जब इस फिल्म को लेकर सुगबुगाहट शुरू हुई थी. हिंदू माइथोलॉजी में रामायण का अलग ही महत्व है और रामायण पर कई सारे टीवी सीरियल्स और फिल्में बन चुकी हैं. अब नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही रामायण फिल्म चर्चा में है. इस फिल्म में राम का रोल एक्टर रणबीर कपूर प्ले कर रहे हैं. हाल ही में फिल्म से उनका लुक आया है जो खूब चर्चा बंटोर रहा है. कुछ लोगों को रणबीर कपूर भगवान राम के रोल में फिट नजर आ रहे हैं वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस रोल में उन्हें उतना सटीक नहीं मान रहे हैं. हालांकि कुछ लोगों का ऐसा मानना है कि अभी तो फिल्म का फर्स्ट लुक ही आया और किसी भी ओपनियन तक पहुंचने से पहले इसके टीजर और ट्रेलर को भी देख लेना चाहिए. फिलहाल अभी तो रणबीर कपूर की रामायण की रिलीज में वक्त है. इसी बीच बात करते हैं 9 दशक पहले आई उस फिल्म की जो रामायण पर बेस्ड पहली फिल्म मानी जाती है और इस फिल्म का नाम इतिहास में कई वजहों से दर्ज भी है. जब पृथ्वीराज कपूर बनें थे राम रणबीर कपूर फिल्म रामायण में भगवान राम का रोल प्ले करने जा रहे हैं. लेकिन बहुत कम लोग जानते होंगे कि उनसे 9 दशक पहले ही उनके परदादा ने भी भगवान राम का रोल प्ले किया था. पृथ्वीराज कपूर ने साल 1934 में आई फिल्म सीता में भगवान राम का रोल प्ले किया था. इस फिल्म में उनके छोटे भाई त्रिलोक कपूर भी थे. वे इस फिल्म में लव का रोल प्ले करते नजर आए थे. इत्तेफाक देखिए कि अब जब रणबीर कपूर रामायण फिल्म में भगवान राम का रोल करने जा रहे हैं तो उसके 9 दशक पहले ही कपूर खानदान के 2 एक्टर रामायण पर बनी फिल्म पर काम करते नजर आ चुके हैं. 92 साल पहले आई थी फिल्म सीता सीता फिल्म की बात करें तो ये एक बंगाली फिल्म थी जो साल 1934 में रिलीज की गई थी. फिल्म में सीता के रोल में दुर्गा घोटे नजर आई थीं. ये वो समय था जब वे इंडस्ट्री में नई-नई थीं और एक्ट्रेस के हाथ ये बड़ा लीड रोल लगा था. सीता फिल्म का निर्देशन ईस्ट इंडिया फिल्म कंपनी द्वारा किया गया था. जबकी फिल्म का निर्देशन देबाकी बोस ने किया था. फिल्म की खास बात ये भी थी कि ये उत्तर रामायण पर आधारित थी और भारत के अबतक के इतिहास की रामायण पर बनी पहली बड़ी फिल्म के तौर पर जानी जाती है. वेनिस फिल्म फेस्टिवल में ‘सीता’ ने रचा था इतिहास सीता फिल्म की खास बात ये थी कि ये भारतीय इतिहास की उन कुछ फिल्मों में शुमार की जाती है जिसे इंटरनेशनल लेवल पर सबसे पहले लोकप्रियता मिली थी. फिल्म को तो वेनिस फिल्म फेस्टिवल में खास सम्मान मिला था और इस फिल्म फेस्टिवल में स्क्रीनिंग वाली ये पहली भारतीय फिल्म भी मानी जाती है. फिल्म को वेनिस फिल्म फेस्टिवल के दूसरे संस्करण में ऑनरेरी डिप्लोमा का अवॉर्ड मिला था. दो पार्ट्स में रिलीज होगी रामायण फिल्म रामायण फिल्म की बात करें तो रणबीर कपूर की ये फिल्म 4000 करोड़ रुपये के बजट में बन रही है और इसे दो पार्ट्स में रिलीज किया जाएगा. नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस फिल्म का पहला पार्ट दिवाली 2026 के मौके पर रिलीज किया जाएगा. जबकी फिल्म का दूसरा पार्ट साल 2027 में रिलीज के लिए तैयार है. फिल्म की कास्ट में कई सारे रोल्स फाइनल हो चुके हैं. फिल्म में सीता के रोल में सई पल्लवी हैं, कुंभकरण के रोल में विजय सेतुपति हैं वहीं राजा दशरथ के रोल में अरुण गोविल नजर आ रहे हैं. फिल्म में साउथ सुपरस्टार यश नेगेटिव रोल में होंगे और वे रावण के रोल में नजर आएंगे.  

गोल्फ का सबसे बड़ा महाकुंभ ‘द मास्टर्स’, 90वें संस्करण में दिखेगा परंपराओं और इतिहास का शानदार संगम

ऑगस्टा (अमेरिका) गोल्फ की दुनिया में ‘द मास्टर्स’ का स्थान चारों मेजर टूर्नामेंट में सबसे ऊपर माना जाता है। इस साल प्रतिष्ठित मेजर चैम्पियन​शिप का 90वां संस्करण खेला जा रहा है। ऑगस्टा नेशनल गोल्फ क्लब के हरे-भरे और शानदार मैदानों पर यह केवल एक टूर्नामेंट नहीं है, बल्कि परंपराओं और इतिहास का महाकुंभ है। मास्टर्स टूर्नामेंट की स्थापना वर्ष 1934 में गोल्फ के दिग्गज एमेच्योर चैम्पियन बॉबी जोन्स और निवेश बैंकर क्लिफर्ड रॉबर्ट्स ने की थी। मैदान के इतिहास (एक पूर्व नर्सरी) का सम्मान करते हुए, कोर्स के हर होल का नाम किसी न किसी पेड़ या झाड़ी के नाम पर रखा गया है। मास्टर्स की सबसे बड़ी पहचान ‘ग्रीन जैकेट’ की शुरुआत 1937 में हुई थी। शुरुआत में इसे क्लब के सदस्यों के लिए पेश किया गया था ताकि वे अलग दिख सकें, लेकिन बाद में इसे विजेताओं को दिया जाने लगा। क्लिफर्ड रॉबर्ट्स द्वारा 1940 के दशक में शुरू की गई एक परंपरा के तहत, मास्टर्स में कैडी (खिलाड़ी का बैग उठाने वाले) हमेशा सफेद जंपसूट (ओवरऑल) और हरी टोपी पहनते हैं। ड्वाइट आइजनहावर ऑगस्टा नेशनल के सदस्य बनने वाले एकमात्र अमेरिकी राष्ट्रपति हैं। उनके लिए केबिन बनाया गया था, जिसकी डिजाइन में सीक्रेट सर्विस की भी भूमिका थी। टूर्नामेंट का सबसे कड़ा नियम यह है कि मैदान पर सेल फोन या मोबाइल उपकरणों पर प्रतिबंध है। यदि कोई फोन के साथ पकड़ा जाता है, तो उसे तुरंत बाहर निकाल दिया जाता है और उस पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया जाता है। मोबाइल न होने की भरपाई के लिए, पूरे कोर्स में पुराने जमाने के काले लैंडलाइन फोन लगाए गए हैं, जहां से मुफ्त कॉल कर सकते हैं। प्रवेश के लिए आवश्यक आधिकारिक टिकट को ‘बैज’ कहा जाता है। ये बैज इतने मूल्यवान होते हैं कि लोग इन्हें पीढ़ियों तक सहेज कर रखते हैं। बैज पाने का तरीका ‘मास्टर्स लॉटरी’ है। हर साल अनुमानित रूप से 20 लाख से अधिक लोग इसके लिए आवेदन करते हैं और जीतने की संभावना 1% से भी कम होती है। ट्रॉफी रूम में मास्टर्स चैम्पियन जीत की रात क्लब के सदस्यों के साथ डिनर करता है। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले मंगलवार को एक विशेष डिनर आयोजित किया जाता है। इसमें केवल मास्टर्स विजेताओं (वर्तमान में 35 जीवित हैं) को आमंत्रित किया जाता है। डिनर का मेन्यू पिछले साल का विजेता तय करता है। मास्टर्स जीतने वाले खिलाड़ी को इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए आजीवन निमंत्रण मिलता है। मास्टर्स में खेलने वाले सभी खिलाड़ियों को उनके व्यक्तिगत उपयोग के लिए मर्सिडीज-बेंज कार दी जाती है। ऑटोग्राफ का भी खास नियम; कोर्स की सूखी जगह पर हरे रंग से पेंट यदि किसी फैन ने मास्टर्स के लोगो वाले झंडे पर ऑटोग्राफ मांगा है, तो एक दिलचस्प नियम लागू होता है। जिन खिलाड़ियों ने मास्टर्स जीता है, वे झंडे पर बने अमेरिका के नक्शे के अंदर हस्ताक्षर करते हैं, जबकि अन्य खिलाड़ियों को नक्शे के बाहर हस्ताक्षर करने होते हैं। मैदान को टीवी पर बिल्कुल परफेक्ट और हरा-भरा दिखाने के लिए कोर्स पर किसी भी सूखे या खाली स्थान को हरे रंग से पेंट कर दिया जाता है। विजेता ट्रॉफी चांदी के 900 टुकड़े जोड़कर बनाई है।

योगी सरकार का बड़ा फैसल,प्रयागराज, लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों के पुलिस अफसर बदले

लखनऊ यूपी सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल कर दिया। शासन ने 12 आईपीएस अफसरों का तबादला कर दिया है। इनमें तीन अपर पुलिस अधीक्षक, चार सहायक पुलिस अधीक्षक और पांच सहायक पुलिस आयुक्त के पद पर तैनात थे। अचानक हुए इस तबादले से विभाग में हड़कंप मचा है। शासन ने जिनका तबादला किया है उनमें सहारनपुर अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सागर जैन को प्रयागराज पुलिस उपायुक्त प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट, गोंडा पूर्वी अपर पुलिस अधीक्षक रहे मनोज कुमार रावत को संभल में अपर पुलिस अधीक्ष दक्षिणी, मेरठ अपर पुलिस अधीक्षक आयुष विक्रम सिंह को बहराइच का अपर पुलिस अधीक्षक नगर बनाया है। इसी तरह सीतापुर के सहायक पुलिस अधीक्षक विनायक गोपाल भोसले को मेरठ अपर पुलिस अधीक्षक नगर, मेरठ सहायक पुलिस अधीक्षक अंतरिक्ष जैन को बुलंदशहर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, संभल के सहायक पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार को प्रतापगढ़ का अपर पुलिस अधीक्षक (नगर पूर्वी), अलीगढ़ सहायक पुलिस अधीक्षक मयंक पाठक को सहारनपुर में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), सहायक पुलिस आयुक्त पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद सुश्री लिपि नागयाच को अपर पुलिस उपायुक्त वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट, नोएडा पुलिस कमिश्नरेट सहायक पुलिस आयुक्त सुश्री टि्विंकल जैन को लखनऊ अपर पुलिस उपायुक्त पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ, सहायक पुलिस आयुक्त पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज राजकुमार मीणा को अपर पुलिस अधीक्षक (नक्सल) मिर्जापुर, सहायक पुलिस आयुक्त पुलिस कमिश्नेट लखनऊ ऋषभ रुनवाल को सोनभद्र का अपर पुलिस अधीक्षक (नक्सल), सहायक पुलिस आयुक्त वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट डॉ. ईशान सोनी को जालौन का अपर पुलिस अधीक्षक बनाया है। एक दिन पहले पांच आईएएस अधिकारियों का हुआ था तबादला एक दिन पहले शासन ने पांच आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है। प्रतीक्षारत गुंजन द्विवेदी को मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) तथा रत्नेश सिंह को अपर निदेशक, उप्र प्रशासन व प्रबंधन अकादमी के पद पर तैनाती दी गई है। सचिव उप्र लोक सेवा आयोग अशोक कुमार को विशेष सचिव सिंचाई, जल संसाधन व परती भूमि विकास विभाग तथा कारागार प्रशासन बनाया गया है। विशेष सचिव उच्च शिक्षा विभाग तथा कुलसचिव डा.राम मनोहर लोहिया विधि विवि गिरिजेश कुमार त्यागी को सचिव उप्र लोक सेवा आयोग बनाया गया है। विशेष सचिव सिंचाई, जल संसाधन व परती भूमि विकास विभाग तथा कारागार प्रशासन अनीता वर्मा सिंह को विशेष सचिव उच्च शिक्षा विभाग तथा कुलसचिव डा.राम मनोहर लोहिया विधि विवि बनाया गया है।

हरियाणा के सिखों को मिला रिकॉर्ड संख्या में वीजा, ननकाना साहिब और करतारपुर साहिब में नतमस्तक होंगे श्रद्धालु

  कुरुक्षेत्र धर्मनगरी कुरुक्षेत्र से आज आस्था और उत्साह की एक विशेष तस्वीर सामने आई। पाकिस्तान स्थित पवित्र गुरुधामों के दर्शन और बैसाखी पर्व मनाने के लिए 255 भारतीय सिख श्रद्धालुओं का जत्था आज रवाना हुआ। कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही से हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGMC) के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 5 विशेष बसों में अमृतसर के लिए रवानगी श्रद्धालुओं को ले जाने के लिए कुल 5 बसों की व्यवस्था की गई है। यह जत्था कुरुक्षेत्र से सीधा अमृतसर पहुँचेगा, जहाँ रात्रि विश्राम के बाद कल वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश करेगा। यात्रियों में अपने पवित्र स्थलों के दर्शन को लेकर भारी उत्साह देखा गया। बैसाखी और खालसा सृजन दिवस का संगम इस वर्ष पाकिस्तान में बैसाखी पर्व को खालसा सृजन दिवस के रूप में बेहद श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। श्रद्धालु वहां ननकाना साहिब, पंजा साहब और करतारपुर साहिब सहित विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारों में नतमस्तक होंगे। कई श्रद्धालुओं ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें जीवन में पहली बार इन पवित्र स्थलों के दर्शन का सौभाग्य मिल रहा है। रिकॉर्ड संख्या में वीजा मिलना बड़ी उपलब्धि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अनुसार, इस बार हरियाणा प्रदेश से रिकॉर्ड 255 यात्रियों को वीजा जारी किया गया है। प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने बताया कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को अनुमति मिली है, जो सिख समाज के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। 10 दिनों की यात्रा के बाद 19 अप्रैल को होगी वापसी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सभी श्रद्धालु पाकिस्तान के अलग-अलग गुरुधामों में धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे। दर्शन और बैसाखी समारोह संपन्न करने के बाद, यह जत्था 19 अप्रैल को वापस भारत (वतन वापसी) लौटेगा। रवानगी के समय पूरा वातावरण 'बोले सो निहाल, सत श्री अकाल' के जयकारों से गूंज उठा।  

आर्थिक मोर्चे पर यूपी की बड़ी छलांग, नेट जीएसटी संग्रह में कर्नाटक और गुजरात को पीछे छोड़ा

लखनऊ उत्तर प्रदेश ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य कर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में प्रदेश नेट कलेक्शन के आधार पर देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। पोस्ट सेटलमेंट वृद्धि के मामले में राज्य ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। जारी आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश को एसजीएसटी और आईजीएसटी से कुल 84.80 हजार करोड़ रुपये मिले। इसमें से 2.37 हजार करोड़ रुपये की रिकवरी के बाद नेट संग्रह 82.42 हजार करोड़ रुपये रहा। इस आधार पर उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर रहा। महाराष्ट्र 1.84 लाख करोड़ रुपये के नेट संग्रह के साथ पहले स्थान पर है। मार्च 2026 में राज्य का संग्रह 7.53 हजार करोड़ रुपये रहा। यह पिछले वर्ष की तुलना में आठ प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि मजबूत आर्थिक गतिविधियों का संकेत है। नेट संग्रह की स्थिति  वित्त वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश का एसजीएसटी और आईजीएसटी कलेक्शन 82.42 हजार करोड़ रुपये रहा। यह महाराष्ट्र के 1.84 लाख करोड़ रुपये के बाद दूसरा सबसे बड़ा संग्रह है। कर्नाटक का नेट संग्रह 81.06 हजार करोड़ रुपये रहा। गुजरात का नेट संग्रह 73.17 हजार करोड़ रुपये और तमिलनाडु का 72.97 हजार करोड़ रुपये दर्ज किया गया। वृद्धि दर में अग्रणी प्रदर्शन  उपभोक्ता आधारित राज्यों में उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन वृद्धि के मामले में सबसे बेहतर रहा है। मार्च 2026 में राज्य के संग्रह में आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे कई राज्यों में गिरावट आई। जीएसटी संग्रह में यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर व्यापार और उपभोग से जुड़ी है। जीएसटी 2.0 में करों में कटौती के बावजूद उत्तर प्रदेश का कर संग्रह बढ़ा है। राज्यकर आयुक्त डॉ. नीतिन बंसल का कहना है कि जीएसटी संग्रह में बढ़ोतरी सीधे तौर पर व्यापार और उपभोग से जुड़ी होती है। जीएसटी 2.0 में आम लोगों को राहत के लिए करो में कटौती के बावजूद उत्तर प्रदेश का कर संग्रह बढ़ा है। जबकि उपभोक्ता आधारित अन्य राज्यों में नकारात्मक ग्रोथ है। वर्तमान वित्त वर्ष में इसे और बढ़ाने के लिए विभाग कई नए प्रयास कर रहा है। कई नई शुरुआत कर रहा है जिसका असर जल्द सामने आएगा।  

उत्तर प्रदेश में 5.5 लाख प्रगणक संभालेंगे डिजिटल जनगणना का जिम्मा, मुख्य सचिव ने 10 अप्रैल तक तैयारी पूरी करने के दिए निर्देश

लखनऊ उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 के पहले चरण को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्‍होंने निर्देश दिए कि मकान सूचीकरण और गणना से जुड़े सभी प्रारंभिक कार्य 10 अप्रैल तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। बैठक में महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण भी शामिल हुए। उन्होंने भी जनगणना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। पर्यवेक्षकों को 16 अप्रैल से 7 मई के बीच ट्रेनिंग इस मौके पर मुख्य सचिव ने कहा कि यूपी में लगभग 5.5 लाख प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की तैनाती की जानी है, जिसके लिए उनका सत्यापित और ताजा डिजिटल डेटाबेस निर्धारित समय सीमा के भीतर तैयार किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से घनी शहरी बस्तियों, झुग्गी क्षेत्रों और अधिक गतिशील आबादी वाले इलाकों में सटीक और पूर्ण गणना सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को फील्ड में भेजने से पहले 16 अप्रैल से 7 मई के बीच अनिवार्य और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाए। जनगणना के आंकड़े देश के विकास की दिशा तय करते हैं। यह विकास की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। सभी अधिकारी और कर्मचारी इसे जन-अभियान के रूप में संचालित करें ताकि सटीक और विश्वसनीय आंकड़े प्राप्त हो सकें। तकनीकी सहायकों की होगी भर्ती प्रशिक्षण से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं जैसे कक्ष, प्रोजेक्टर, जलपान और उपस्थिति शासनादेश के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं और यह प्रक्रिया 6 मई से पहले पूरी कर ली जाए। गोयल ने कहा कि गणना ब्लॉकों का सीमांकन स्पष्ट और त्रुटिरहित होना चाहिए। इसके लिए तकनीकी सहायकों की भर्ती शीघ्र पूरी कर जियो-टैगिंग और सीमांकन कार्य को मजबूत बनाया जाए। स्व-गणना की सुविधा भी रहेगी मुख्‍य सचिव ने बताया कि इस बार जनगणना में आम नागरिकों के लिए स्व-गणना की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। उत्तर प्रदेश में स्व-गणना पोर्टल 7 मई से 21 मई 2026 तक सक्रिय रहेगा, जिसके माध्यम से नागरिक स्वयं अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।     उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी।     डेटा संग्रहण, प्रविष्टि, सत्यापन और निगरानी सभी प्रक्रियाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित होंगी।     पहले चरण में 22 मई से 20 जून 2026 तक मकानों की गणना की जाएगी।     दूसरे चरण में 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक जनसंख्या गणना का कार्य संपन्न होगा।    

वनप्लस ने लॉन्च किया 9000mAh बैटरी वाला दमदार फोन, एक बार चार्ज करने पर चलेगा ढाई दिन

स्मार्टफोन इंडस्ट्री में आजकल ढेरों स्मार्टफोन ऐसे लॉन्च हुए हैं, जिनके अंदर मेगा बैटरी का यूज किया है. यानी फोन में 7000mAh से लेकर  9000mAh बैटरी पैक तक के कई फोन मिल जाएंगे.  मंगलवार को वनप्लस ने भी 9000mAh की बैटरी वाला फोन लॉन्च किया है. बड़ा बैटरी पैक देने से स्मार्टफोन को सिंगल चार्ज में ज्यादा चलाया जा सकेगा. वनप्लस का दावा है कि 9000mAh बैटरी वाला वनप्लस नॉर्ड 6 एक बार फुल चार्जिंग के बाद ढाई दिन तक का बैटरी बैकअप देने की काबिलियत रखता है. आज के समय में लोगों का स्क्रीन टाइम बढ़ चुका है. ऑफिस के काम से लेकर इंडियन प्रीमियर लीक (IPL 2026) के मैच देखने तक में मोबाइल का यूज होता है. ऐसे में ज्यादा बैटरी बैकअप से यूजर्स को फायदा मिलता है. यूजर्स को बार-बार चार्जिंग की जरूरत नहीं होती है. मेगा बैटरी पैक होने के नुकसान भी     स्मार्टफोन में मेगा बैटरी पैक देने के कई नुकसान भी हैं. इसकी वजह से मोबाइल की थिकनेस बढ़ जाती है और फोन ज्यादा बल्की नजर नजर आता है.     मेगा बैटरी पैक की वजह से स्मार्टफोन में चार्जिंग टाइम में इजाफा हो जाता है. ऐसे में यूजर्स को मोबाइल बैटरी को फुल चार्ज करने में ज्यादा समय लगेगा.     स्मार्टफोन में ज्यादा बड़ी बैटरी होने की वजह से उसमें ओवर हीटिंग से संबंधित समस्या सामने आने लगती है. मोबाइल में ओवर हीटिंग की वजह से मोबाइल की परफोर्मेंस प्रभावित होती है और वह कई बार हैंग भी हो सकता है.     मेगा बैटरी होने की वजह से स्मार्टफोन में ब्लास्ट होने का खतरा बढ़ जाता है. अगर बैटरी पर ज्यादा प्रेशर बनता है तो बैटरी में आग लग सकती है. ऐपल और सैमसंग जैसी कंपनियां क्यों नहीं करती सैमसंग और ऐपल के फ्लैगशिप हैंडसेट भारत समेत दुनियाभर में पॉपुलर हैं. इसके बावजूद ये कंपनियां अपने हैंडसेट में मेगा बैटरी जैसे 7000mAh या 9000mAh बैटरी का यूज नहीं करती हैं. इसके पीछे कई वजह हैं, जैसे स्मार्टफोन थिकनेस, फोन सेफ्टी, इंटरनेशनल स्टैंडर्ड और एफिसिएंसी मैनेजमेंट. सैमसंग और ऐपल अपनी फ्लैगशिप सीरीज में भले ही 5000mAh से कम साइज का बैटरी पैक यूज करते हैं, उसके बावजूद उसमें बेहतर बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को प्रोवाइड कराते हैं. ऐसे में छोटा बैटरी पैक होने के बावजूद फुल डे बैटरी बैकअप मिलता है.

बैंक फ्रॉड मामला, हरियाणा में IAS अधिकारियों का बड़ा फेरबदल

  चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने बुधवार रात 15 आई.ए.एस. अफसरों के तबादले करके कई अफसरों को सख्त संदेश दिया है। अहम यह है कि आई.डी.एफ.सी. बैंक फ्रॉड के मामले में सी.बी. आई. जांच की मंजूरी से पहले 3 आई.ए.एस. अफसरों पर सरकार ने गाज गिरा दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त प्रधान सचिव (ए.पी.एस.) आई.ए.एस. साकेत कुमार को उनके सभी पदों से हटाते हुए अभिलेखागार विभाग की जिम्मेदारी दे दी है। वहीं अजय कुमार को चीफ मिनिस्टर के डिप्टी प्रिंसीपल सैक्रेटरी-11 (नया पद) बनाया गया है। इसी तरह सीनियर आई. ए. एस. पंकज अग्रवाल और डी.के. बेहरा को महत्वपूर्ण विभागों से पदमुक्त करते हुए साइड लाइन कर दिया गया है। पंकज अग्रवाल को आर्किटेक्चर विभाग का प्रधान सचिव वहीं डी. के. बेहरा को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन का सचिव लगाया गया है। चर्चा है कि इन तीनों अफसर का नाम आई.डी.एफ.सी. बैंक फ्रॉड में सामने आया है। ये सभी अफसर पूर्व में पंचायत विभाग में तैनात रह चुके हैं। चर्चा है कि ए.सी.बी. की ओर से इन अफसरों के खिलाफ 17ए की कार्रवाई शुरू करने के लिए मंजूरी मांगी गई है। वहीं अन्य तबादलों में विनीत गर्ग पहले हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन थे, अब अतिरिक्त मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार, प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग बनाए गए हैं। ए.सी.एस. अनुराग अग्रवाल पहले टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग और अर्बन एस्टेट्स विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव थे, अब इसके अलावा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ-साथ हरियाणा सरस्वती हैरिटेज बोर्ड के एडवाइजर भी होंगे। विजयेन्द्र कुमार कृषि एवं किसान कल्याण, पर्सनल, सैनिक कल्याण समेत कई विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, अब विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भी होंगे। राजीव रंजन लेबर और यूथ एम्पावरमेंट विभाग के प्रिंसीपल सैक्रेटरी थे, अब सहकारिता विभाग के प्रिंसीपल सैक्रेटरी भी बनाए गए हैं। आई.ए.एस. सी.जी. राजिनी कान्थन फाइनैंस विभाग (हरियाणा-III) के कमिश्नर एवं सैक्रेटरी थे, अब माइंस एवं जियोलॉजी विभाग के कमिश्नर एवं सैक्रेटरी भी होंगे। जे. गणेशन- फूड, सिविल सप्लाइज, हाऊसिंग फॉर ऑल और हारट्रोन समेत कई पदों पर थे, अब हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन और पब्लिक हैल्थ इंजीनियरिंग विभाग के कमिश्नर एवं सैक्रेटरी भी होंगे। अतुल कुमार ट्रांसपोर्ट कमिश्नर थे, अब फाइनेंस विभाग (हरियाणा-1) के कमिश्नर एवं सैक्रेटरी भी बनाए गए हैं। मनी राम शर्मा सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार थे, अब स्वास्थ्य विभाग के सैक्रेटरी बनाए गए हैं। डॉ. आदित्य दहिया हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के एम.डी. थे, अब हरियाणा पावर जैनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एम.डी. भी होंगे। अजय कुमार गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर और श्री माता शीतला देवी श्राइन बोर्ड के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर थे, अब चीफ मिनिस्टर के डिप्टी प्रिंसीपल सैक्रेटरी-II (नया पद) बनाए गए हैं। उत्तम सिंह करनाल के डिप्टी कमिश्नर और स्मार्ट सिटी के सी.ई.ओ. थे, अब गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर और श्री माता शीतला देवी श्राइन बोर्ड के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर होंगे। आनंद कुमार शर्मा रोहतक के डिस्ट्रिक्ट म्यूनिसिपल कमिश्नर समेत कई पदों पर थे, अब करनाल के डिप्टी कमिश्नर और करनाल स्मार्ट सिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बनाए गए हैं।

सीएम नायब सैनी की सख्त कार्रवाई, IAS राम कुमार सिंह और प्रदीप कुमार सस्पेंड, बैंक फ्रॉड से जुड़े तार

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने 590 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले में संलिप्तता के आरोपों के चलते दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में राम कुमार सिंह, आईएएस (एचवाई 2012) शामिल हैं, जो राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में विशेष सचिव के साथ-साथ पंचकूला मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर तैनात थे। सरकार के आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान राम कुमार सिंह का मुख्यालय मुख्य सचिव, हरियाणा के कार्यालय (सर्विसेज-1 शाखा) में निर्धारित किया गया है। इसी तरह, प्रदीप कुमार-1, आईएएस (एचवाई 2011), जो राज्य परिवहन विभाग में निदेशक और परिवहन विभाग में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत थे, को भी निलंबित किया गया है। उनके निलंबन के दौरान मुख्यालय भी मुख्य सचिव, हरियाणा के कार्यालय (सर्विसेज-1 शाखा), चंडीगढ़ में रहेगा। बताया जा रहा है कि दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़े करीब 590 करोड़ रुपये के घोटाले में उनकी भूमिका को लेकर की गई है। सरकार द्वारा की गई इस कार्रवाई को प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।