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जहाँ बंदूकें थीं, अब बहता है पानी – हेटारकसा की बदली हुई तस्वीर

जहॉ बन्दूकें थीं, अब बहता है पानी- हेटारकसा की बदली तस्वीर रायपुर   कभी नक्सल गतिविधियों के कारण विकास से अछूता रहा कोयलीबेड़ा विकासखंड के ग्राम हेटारकसा आज बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। जहां पहले सड़क, संचार और मूलभूत सुविधाओं तक पहुंच मुश्किल थी, वहीं अब शासन के नक्सल उन्मूलन अभियान और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से गांव में विकास दिखने लगा है। नक्सल प्रभाव के कारण वर्षों तक इस क्षेत्र में योजनाओं का क्रियान्वयन चुनौतीपूर्ण रहा। दुर्गम भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा कारणों से पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा भी गांव तक नहीं पहुंच पा रही थी। ग्रामीण, कुएं और नालों पर निर्भर थे, और गर्मी के दिनों में पानी के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता था। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन और राज्य शासन के प्रयासों से ग्राम हेटारकसा के 63 घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाए गए हैं। दो सोलर पंप आधारित जल टंकियों के माध्यम से अब गांव के हर घर में नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। गांव के निवासी राजनाथ पोटाई बताते हैं कि पहले पानी लाने के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था, जिसमें अधिक समय व श्रम लगता था। वहीं अब घर में ही दिनभर पानी मिलने से दैनिक जीवन काफी आसान हो गया है। गांव की महिला सविता बेन ने कहती हैं कि पहले पानी की समस्या के कारण दिन का बड़ा हिस्सा इसी कार्य में चला जाता था, लेकिन अब नल-जल सुविधा से उन्हें राहत मिली है और वे अन्य कामों में समय दे पा रही हैं। स्वास्थ्य और आजीविका पर सकारात्मक असर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से गांव में जलजनित बीमारियों में कमी आई है। साथ ही ग्रामीण अब घरों के आसपास सब्जी-बाड़ी कर रहे हैं, जिससे टमाटर, मिर्ची, बरबट्टी जैसी फसलें उगाकर वे पोषण के साथ-साथ अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं। नक्सल प्रभावित इस दूरस्थ क्षेत्र में योजनाओं का सफल क्रियान्वयन प्रशासन के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। आज ग्राम हेटारकसा यह साबित कर रहा है कि जब सुरक्षा, विश्वास और विकास एक साथ आगे बढ़ते हैं, तो सबसे दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी बदलाव संभव है।

टेनिस स्टार Daniil Medvedev ने 40 सेकंड में तोड़ा 7 रैकेट, झेली करियर की सबसे शर्मनाक हार

 नई दिल्ली टेनिस कोर्ट पर अपने तेवरों के लिए मशहूर डेनिल मेदवेदेव का गुस्सा एक बार फिर फूट पड़ा. मोंटे कार्लो मास्टर्स (Monte Carlo Masters) में उन्हें अपने करियर की सबसे करारी हार झेलनी पड़ी और इसी के साथ दिखा 40 सेकंड का ‘मेल्टडाउन’, जिसमें उन्होंने अपना रैकेट 7 बार पटक दिया।  पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 रूस के मेदवेदेव को क्ले कोर्ट सीजन की शुरुआत में ही मुश्किल चुनौती मिली, जब उनका सामना इटली के माटेओ बेरेटिनी (Matteo Berrettini) से हुआ. मैच की शुरुआत भले ही उन्होंने आक्रामक अंदाज में की और शुरुआती गेम में ब्रेक पॉइंट भी बनाए, लेकिन बेरेटिनी ने सर्विस बचा ली और यहीं से मैच का रुख बदल गया।  इसके बाद मुकाबला पूरी तरह एकतरफा हो गया.  बेरेटिनी  ने महज 25 मिनट में पहला सेट 6-0 से अपने नाम कर लिया. दूसरे सेट की शुरुआत में ही जब मेदवेदेव की सर्विस फिर टूटी और स्कोर 0-2 हुआ, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा।  मेदवेदेव ने पहले रैकेट को कोर्ट पर पटका, फिर उसे गुस्से में फेंका. इसके बाद उन्होंने लगातार चार बार रैकेट उछाला और अंत में अपने खिलाड़ी बेंच के पास सातवीं बार जोरदार तरीके से पटककर उसे तोड़ दिया. पूरा ड्रामा सिर्फ 40 सेकंड तक चला, लेकिन दर्शकों की तालियों और हूटिंग ने इसे और भी नाटकीय बना दिया।  कॉमेंट्री कर रहे Sky Sports के कमेंटेटर ने कहा, 'ये तो होना ही था' और फिर मजाक में जोड़ा- 'अब ये रैकेट इस्तेमाल लायक नहीं बचा। अंपायर ने मेदवेदेव को 'अनस्पोर्ट्समैनलाइक कंडक्ट' के लिए चेतावनी भी दी, लेकिन इससे खेल पर कोई फर्क नहीं पड़ा. Matteo Berrettini ने मैच को 6-0, 6-0 से खत्म कर ‘व्हाइटवॉश’ जीत दर्ज की- जो मेदवेदेव के करियर की पहली ऐसी हार रही।  पूर्व ब्रिटिश स्टार Jamie Murray ने भी इस घटना पर हैरानी जताई. उन्होंने कहा, 'ये चौंकाने वाला है, ऐसा नहीं होना चाहिए… लेकिन हुआ. मुझे लगता है कि लॉकर रूम में जाते वक्त उन्हें शर्मिंदगी जरूर महसूस होगी।  मेदवेदेव का कोर्ट पर गुस्सा कोई नई बात नहीं है. US Open 2025 में भी वह अंपायर से तीखी बहस के चलते सुर्खियों में आए थे, जिससे मैच छह मिनट तक रुका रहा था।   

लखनऊ में अप्रैल में हुआ नवंबर जैसी सर्दी का अहसास, पारा गिरकर 27 डिग्री पर पहुंचा, जानें मौसम विभाग का नया अपडेट

लखनऊ प्रदेश में जारी बेमौसम वर्षा, तड़ित झंझावत और ओलावृष्टि के दौर से बृहस्पतिवार से राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार से पूरे प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क हो जाएगा। यह मौसमी बदलाव एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और निचले क्षोभमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण हो रहा था, जिसने पूरे प्रदेश को प्रभावित किया है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ मध्य एवं ऊपरी क्षोभमंडल में बना हुआ था। यह उत्तरी पाकिस्तान और संलग्न जम्मू-कश्मीर के आसपास एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में केंद्रित था। एक और चक्रवाती परिसंचरण मौजूद इसके अतिरिक्त, निचले क्षोभमंडल में प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी भाग पर एक और चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। यह परिसंचरण मणिपुर तक एक द्रोणी के रूप में फैला हुआ है, जिससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि हुई। बुधवार को प्रदेश के ऊपरी क्षोभमंडल से इन मौसमी प्रणालियों में प्रभावी कमी आने की संभावना है। इस कमी के बाद बृहस्पतिवार से मौसम में धीरे-धीरे सुधार शुरू हो जाएगा। शुक्रवार से मौसम पूर्णतया शुष्क होने की संभावना है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। तापमान में उतार-चढ़ाव का अनुमान मौसम में सुधार के साथ ही प्रदेश के अधिकतम तापमान में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेगा। आगामी चौबीस घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में छह से आठ डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। यह गिरावट हल्की ठंडक का अनुभव कराएगी। हालांकि, उसके बाद के दिनों में तापमान में आठ से दस डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। यह बढ़ोतरी मौसम को सामान्य स्थिति में लाएगी और गर्मी का अनुभव कराएगी। नवंबर जैसी सर्दी का अहसास मात्र 24 घंटे में मौसम के बदले मिजाज ने राजधानी में अप्रैल के महीने में नवंबर जैसा अहसास करा दिया। सुबह से शुरु हुई रिमझिम बारिश दिन में रुक-रुककर होती रही। हालांकि इस दौरान धूप भी निकली और बादलों की आवाजाही भी लगी रही। इस बदलाव से अधिकतम तापमान पर पारा 7.5 डिग्री का गोता लगाते हुए 34.5 डिग्री से 27 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मंगलवार रात की बारिश 5.3 मिमी दर्ज की गई जबकि बुधवार को शाम तक तीन मिमी बारिश हुई। आमतौर पर अप्रैल का महीना गर्म होता है, लेकिन इस बार लखनऊ में स्थिति भिन्न रही। बारिश के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई। दिन के समय भी मौसम में ठंडक बनी रही। रात में ठंड का अहसास इतना बढ़ गया कि लोगों को नवंबर के मौसम की याद आ गई। पश्चिमी विक्षोभ के असर से मंगलवार शाम में ही तेज हवा के साथ बारिश देखने को मिली। रात में रुक-रुककर बारिश होती रही। बुधवार को भी सुबह में हल्की बारिश ने ठंड का अहसास कराया। शाम को भी बूंदाबांदी हुई। देर शाम मौसम काफी सुहाना हो गया।  

गैस संकट के कारण टलने लगीं शादियां, कैटरर्स ने चाट और डोसा के काउंटर घटाए, एडीएम से मिले व्यापारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश आदर्श टेंट, कैटरिंग एवं डेकोरेशन व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने एडीएम सिविल सप्लाई ज्योति गौतम से उनके कार्यालय में मुलाकात की। पदाधिकारियों ने कैटरिंग क्षेत्र के व्यवसायियों की समस्याओं को उनके सामने रखा। एडीएम ने कहा कि शादी का कार्ड दिखाने पर सिलिंडर मिल सकेगा। उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने बताया कि 15 अप्रैल से सहालगों की शुरुआत हो रही है। इससे कैटरिंग क्षेत्र के व्यापारियों के सामने व्यावसायिक सिलिंडरों की बड़ी चुनौती आ रही है। कैटरिंग व्यापारियों को सहालग में सुगमता से व्यावसायिक सिलिंडर मिलने चाहिए। अपर जिलाधिकारी खाद्य एवं अपूर्ति ज्योति गौतम ने व्यापारियों को भरोसा दिया कि कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शादी के कार्ड और प्री ऑर्डर बुकिंग के प्रपत्र के साथ जिला आपूर्ति कार्यालय या मेरे कार्यालय में जमा करा दें। कैटरर्स या शादी वाले घरों के लोग पत्र देकर व्यावसायिक गैस सिलेंडर की मांग कर सकते हैं। संबंधित गैस एजेंसी को व्यापारियों की मांग भेज कर व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। प्रतिनिधि मंडल में उत्तर प्रदेश आदर्श टेंट, कैटरिंग एवं डेकोरेशन व्यापार मंडल के अध्यक्ष राघवेंद्र चौधरी, संतोष गुप्ता, उपाध्यक्ष मोहम्मद रिजवान, आयुष पांडेय, संजीव सिंह मौजूद रहे। रिश्तेदारों की मेहमान नवाजी बड़ी समस्या उत्तर प्रदेश टेंट कैटरर्स एंड डेकोरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय कुमार बताते हैं कि गैस की किल्लत की वजह से लोग शादी टाल रहे हैं। घर आने वाले रिश्तेदारों के खाने-पीने की व्यवस्था कैसे होगी, इसकी चिंता बढ़ती जा रही है। बताया कि मेरे परिचित के पांच परिवारों ने नवंबर तक के लिए शादियां टाल दी हैं। मार्च में टाली थी शादी, नहीं मिली राहत: उत्तर प्रदेश आदर्श टेंट कैटरिंग एंड डेकोरेशन व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष संतोष गुप्ता ने बताया कि इंदिरानगर और चिनहट के दो परिवारों ने मार्च में आयोजित अपने घरों की शादियां गैस किल्लत को देखते हुए एक महीने के लिए टाल दी थीं। अब वह अप्रैल के अंत में शादी के लिए हिम्मत जुटा रहे हैं। हालांकि, उन्हें अब भी डर है कि कहीं सिलिंडर नहीं मिला तो मेहमानों को कैसे खिलाएंगे। व्यंजन भी हुए कम, काउंटर घटाए गए कारोबारी बताते हैं कि व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने पर हम हर जगह लकड़ी और कोयला नहीं जला सकते। धुआं होने के कारण मैरिज लॉन वाले ऐसे चूल्हे पर आपत्ति करते हैं। ऐसे में हम लोगों ने शादियों में चाट, पावभाजी, डोसा आदि के काउंटर कम किए गए हैं। इन काउंटर पर लगातार गैस की जरूरत पड़ती है।  

प्राइवेट वेन्यू पर सरकारी इवेंट्स पर लगी रोक, फालतू खर्च कम करने के लिए मुख्य सचिव ने जारी किए निर्देश

जयपुर राजस्‍थान सरकार ने खर्च कम करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. अब सरकारी कार्यक्रम जैसे समारोह, प्रदर्शनी, सेमिनार वगैरह निजी जगहों पर नहीं किए जाएंगे. साफ शब्दों में कहें तो होटल या प्राइवेट हॉल में सरकारी इवेंट कराने पर रोक लगा दी गई है. प्राइवेट जगह पर आयोजन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी की मंजूरी जरूरी. कमेटी से मंजूरी लेनी पड़ेगी   हां, अगर कोई खास स्थिति हो, और निजी जगह पर कार्यक्रम करना बहुत जरूरी हो, तो इसके लिए पहले कमेटी से मंजूरी लेनी पड़ेगी. ये कमेटी मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में काम करेगी. बिना उनकी अनुमति के निजी स्थल पर आयोजन नहीं हो सकेगा. सरकारी भवनों में होंगे कार्यक्रम सरकार का कहना है कि इस फैसले से सरकारी सुविधाओं का सही इस्तेमाल होगा, और फालतू खर्च भी रुकेगा. इसको लेकर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सभी विभागों, निगमों और स्वायत्तशासी संस्थाओं को निर्देश जारी कर दिए हैं, अब उन्हें कहा गया है कि अपने कार्यक्रम सरकारी भवनों और कॉन्फ्रेंस हॉल में ही करें. सरकार ने तय कर रखी है जगह सरकारी कार्यक्रम के लिए सरकार ने कुछ जगहें भी तय कर रखी है, जैसे राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब, इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान, एचसीएम रीपा और दुर्गापुर का सियाम इन जगहों पर सरकारी कार्यक्रम किए जा सकते हैं.

बिहार की सत्ता में बड़ा बदलाव, बीजेपी संभालेगी कमान और जेडीयू को मिल सकते हैं दो डिप्टी सीएम के पद

 पटना   बिहार की राजनीति में पिछले कई दिनों से चल रहा सस्पेंस अब खत्म होने की कगार पर है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेताओं के साथ फाइनल दौर की बैठक करेंगे. इस बैठक का एजेंडा नई सरकार के स्वरूप और मंत्रालयों के बंटवारे को अंतिम रूप देना होगा. बीजेपी के पास होगी कमान मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बनने वाली नई सरकार में मुख्यमंत्री बीजेपी का होगा. अब तक नीतीश कुमार ही एनडीए की कमान संभालते रहे हैं, लेकिन बदले हुए सियासी समीकरणों में बीजेपी ने अपनी भूमिका को बढ़ाने फैसला किया है. जेडीयू और अन्य सहयोगियों का हिस्सा सत्ता के संतुलन को बनाए रखने के लिए जेडीयू को दो डिप्टी सीएम पद दिए जाने की संभावना है. इसके अलावा, जेडीयू के 13-14 विधायक कैबिनेट का हिस्सा बनेंगे. छोटी पार्टियों को भी उनकी ताकत के हिसाब से सरकार में जगह दी जा सकती है. जीतनराम मांझी की हम पार्टी से उनके बेटे संतोष सुमन, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी (RLM) से दीपक प्रकाश और चिराग पासवान की पार्टी (LJP-R) से संजय पासवान और संजय सिंह को मंत्री पद मिलने की चर्चा है. जातीय समीकरण का रखा जायेगा ध्यान नई सरकार के गठन में केवल सत्ता का बंटवारा ही नहीं, बल्कि सोशल मैसिजिंग का भी ध्यान रखा जायेगा. बीजेपी और जेडीयू की रणनीति ओबीसी, सवर्ण, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को बराबरी का प्रतिनिधित्व देने की है. यह पूरी कवायद अगले चुनावों को ध्यान में रखकर की जा रही है. दिल्ली में होने वाली बैठक में इन चेहरों के नाम पर अंतिम चर्चा होगी. नीतीश कुमार के दिल्ली से लौटते ही इस्तीफे की औपचारिकता पूरी होगी और बिहार में एक नई सुबह की शुरुआत होगी. यहां बीजेपी पहली बार राज्य के बॉस की भूमिका में नजर आ सकती है.

सफल होना है तो सीखें चुप रहने की कला, आचार्य चाणक्य के अनुसार कम बोलने वाले ही बनते हैं समझदार

आचार्य चाणक्य प्राचीन भारत के महान विद्वान, शिक्षक, अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ थे, जिनको कौटिल्य और विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है. चाणक्य ने चंद्रगुप्त मौर्य को मार्गदर्शन देकर मौर्य साम्राज्य की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उनकी नीतियों और बुद्धिमत्ता के कारण उन्हें भारतीय इतिहास के सबसे प्रभावशाली विचारकों में गिना जाता है. इन्हीं नीतियों का उदाहरण था चाणक्य नीति. चाणक्य नीति एक ऐसा ग्रंथ है, जिसमें जीवन को सही तरीके से जीने के नियम और ज्ञान के बारे में बताया गया है. इसमें व्यक्ति के व्यवहार, रिश्तों, सफलता, धन, शिक्षा, राजनीति और समाज से जुड़े कई महत्वपूर्ण बातों के बारे में बताया गया है. चाणक्य नीति की बातें आज के जीवन में बहुत ही उपयोगी मानी जाती है, जिनमें सबसे विशेष बात है कम बोलना. आचार्य चाणक्य के अनुसार, कम बोलने की आदत व्यक्ति को समझदार बनाती है. जो लोग कम बोलते हैं, वे अक्सर जीवन में ज्यादा सफल और सम्मानित होते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि वे अपनी ऊर्जा बेवजह की बातों में खर्च करने के बजाय सही जगह इस्तेमाल करते हैं. सोच-समझकर बोलना बनाता है समझदार आचार्य चाणक्य के मुताबिक, कम बोलने वाले लोग हर बात पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं देते हैं. वे पहले स्थिति को समझते हैं, फिर अपनी बात रखते हैं. इससे उनके फैसले ज्यादा सही होते हैं और वे गलतफहमियों से भी बचे रहते हैं. यही आदत उन्हें दूसरों से ज्यादा परिपक्व बनाती है. जो लोग कम बोलते हैं उनकी बातें ज्यादा महत्व रखती हैं. वे फालतू की चर्चा में नहीं पड़ते, इसलिए जब भी कुछ कहते हैं, लोग ध्यान से सुनते हैं. इससे उनकी बातों का प्रभाव भी बढ़ता है और समाज में उनकी अलग पहचान बनती है. हर बात शेयर करना नहीं है सही कम बोलने का एक फायदा यह भी है कि व्यक्ति अपनी योजनाएं और निजी बातें हर किसी को नहीं बताता है. चाणक्य मानते हैं कि अपनी रणनीति को सीमित लोगों तक रखना ही समझदारी है. इससे नुकसान होने की संभावना कम हो जाती है. कई बार चुप रहना ही सबसे अच्छा फैसला होता है. खासकर तब, जब सामने वाला आपकी बात समझने के मूड में न हो. ऐसे में शांत रहकर स्थिति को संभालना ज्यादा बेहतर होता है. जो लोग कम बोलते हैं, उन्हें लोग ज्यादा गंभीरता से लेते हैं. उनकी बातों की अहमियत होती है और समाज में उन्हें सम्मान मिलता है. यही आदत उन्हें धीरे-धीरे सफलता की ओर भी ले जाती है.

एमएलसी सीट के लिए चुनावी बिगुल फूंका, भागलपुर-सह-बक्सर सीट पर उपचुनाव का शेड्यूल जारी, आचार संहिता लागू

पटना    बिहार विधान परिषद की एक महत्वपूर्ण सीट पर उपचुनाव की तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है. यह सीट पिछले साल नवंबर से खाली पड़ी थी, जिस पर अब चुनावी घमासान शुरू होने वाला है. आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, इस सीट के लिए 12 मई को वोट डाले जाएंगे और 14 मई को यह साफ हो जाएगा कि सदन में राधाचरण शाह का उत्तराधिकारी कौन बनेगा. क्यों खाली हुई यह सीट और क्या है इसका समीकरण? यह उपचुनाव भागलपुर-सह-बक्सर स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के लिए हो रहा है. इस सीट से विधान परिषद सदस्य रहे राधाचरण शाह ने पिछले साल इस्तीफा दे दिया था. नवंबर 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में वे संदेश विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए, जिसके बाद 16 नवंबर 2025 से यह सीट रिक्त थी. राधाचरण शाह जुलाई 2015 से ही इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. अब इस सीट पर जो भी नया चेहरा जीतकर आएगा, उसका कार्यकाल 7 अप्रैल 2028 तक रहने वाला है. नामांकन से लेकर नतीजों तक- जानें पूरा शेड्यूल चुनाव आयोग ने इस उपचुनाव के लिए एक विस्तृत समय-सारणी तैयार की है. इसकी शुरुआत 16 अप्रैल 2026 को अधिसूचना जारी होने के साथ होगी. इच्छुक उम्मीदवार 23 अप्रैल तक अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे. इसके अगले दिन यानी 24 अप्रैल को नामांकन पत्रों की बारीकी से जांच की जाएगी. जो उम्मीदवार अपना नाम वापस लेना चाहते हैं, उनके लिए 27 अप्रैल की समय सीमा तय की गई है. इसके बाद 12 मई को मतदान की प्रक्रिया पूरी होगी और 14 मई को मतगणना के बाद नतीजों की घोषणा कर दी जाएगी. आयोग ने निर्देश दिया है कि पूरी चुनावी प्रक्रिया 15 मई तक संपन्न करा ली जाए. आचार संहिता लागू निर्वाचन आयोग की इस घोषणा के साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है. इसका सीधा मतलब यह है कि अब सरकार इस क्षेत्र में कोई नई घोषणा या लुभावनी योजनाओं का ऐलान नहीं कर सकेगी. राधाचरण शाह के संदेश विधानसभा से विधायक बनने के बाद अब उनकी विरासत को कौन संभालेगा, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं.  

संजय गांधी जैविक उद्यान में दिखेंगे संगाई हिरण और सफेद बाघ, एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत हुआ बड़ा समझौता

पटना पटना का सबसे पसंदीदा पिकनिक स्पॉट ‘संजय गांधी जैविक उद्यान’ (पटना जू) की रौनक अब दोगुनी होने वाली है. जल्द ही पटना जू में कई नए और दुर्लभ वन्यजीव दस्तक देने वाले हैं. एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत पटना जू ने दिल्ली और हरियाणा के रोहतक जू के साथ एक बड़ा समझौता फाइनल किया है, जिससे यहां सफेद बाघिन और संगाई हिरण जैसे शानदार जीव देखने को मिल सकते है. दिल्ली से आएगा सफेद बाघिन का जोड़ा पटना जू प्रशासन और दिल्ली चिड़ियाघर के बीच हुई इस अदला-बदली में सबसे बड़ा आकर्षण सफेद बाघिन होने वाली है. इसके साथ ही मणिपुर का गौरव माने जाने वाले 6 संगाई हिरण (2 नर और 4 मादा) भी पटना के मेहमान बनेंगे. दिल्ली से 4 सफेद कृष्णमृग, 4 रोजी पेलिकन और 4 पेंटेड स्टॉर्क भी लाए जाएंगे, जिससे जू के पक्षी जोन में काफी हलचल बढ़ जाएगी. रोहतक जाएंगे पटना के ये खास जानवर इस अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले वन्यजीव विनिमय के तहत पटना जू भी अपने कुछ बेहतरीन जानवर अन्य शहरों को सौंपेगा. दिल्ली जू को पटना की ओर से 4 इंडियन वुल्फ (भेड़िये), एक सामान्य नर बाघ, 4 घड़ियाल, 2 कॉमन रैट स्नेक और 2 कॉमन बार्न आउल दिए जाएंगे. भेड़ियों की एक जोड़ी हरियाणा के रोहतक जू भेजी जाएगी. इसके बदले में रोहतक से पटना को 2 ग्रीन इगुआना और 2 सिल्वर फिजेंट मिलेंगे. यह एक्सचेंज प्रोग्राम न केवल जू की विविधता बढ़ाएगा, बल्कि विलुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण में भी मदद करेगा. क्यों जरूरी है जानवरों की यह ‘अदला-बदली’? जू प्रशासन के अनुसार, एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों के बीच जेनेटिक डाइवर्सिटी को बनाए रखना है. अक्सर एक ही चिड़ियाघर में रहने वाले जानवरों के बीच ‘इनब्रीडिंग’ की समस्या पैदा हो जाती है, जिससे उनकी अगली पीढ़ी कमजोर होने लगती है. दूसरे शहरों से नए जानवर आने से प्रजातियों का स्वास्थ्य बेहतर होता है और जेनेटिक कमियां दूर होती हैं. इससे न केवल जानवरों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि पर्यटकों को भी हर बार कुछ नया देखने को मिलेगा.

ब्यूटी टूल या मल्टी-टास्किंग गैजेट? जानें हेयर स्ट्रेटनर से चिप्स के पैकेट सील करने और प्रेस करने का तरीका

आजकल हर लड़की खुद को अप-टू-डेट रखना चाहती है, जिसके लिए अक्सर वो पार्लर जाती हैं. लेकिन रोजाना पार्लर जाना मुमकिन नहीं है. ऐसे में बालों को स्टाइल करने के लिए अब घर पर ही कर्लर और हेयर स्ट्रेटनर जैसी मशीन लाए रखती हैं. बालों को सीधा करने के लिए वो हेयर स्ट्रेटनर का इस्तेमाल करती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये गैजेट सिर्फ बालों को 'सिल्की-स्मूद' बनाने के ही काम नहीं आता? दरअसल, आपके ड्रेसिंग टेबल पर रखा ये छोटा सा टूल आपके घर के कई कामों को आसान बना सकता है. हेयर-स्ट्रेटनर को 'मल्टी-टास्किंग जीनियस' कहना गलत नहीं होगा. किचन से लेकर बच्चों के स्कूल प्रोजेक्ट्स तक, हेयर स्ट्रेटनर मशीन घर के कई ऐसे कामों को चुटकियों में निपटा सकती है जिसके लिए हम अक्सर परेशान होते हैं. इसे सिर्फ एक ब्यूटी प्रोडक्ट समझना छोड़ दीजिए. चलिए जानते हैं हेयर स्ट्रेटनर के कुछ ऐसे जादुई इस्तेमाल जो आपकी डेली लाइफ को बेहद आसान बना देंगे. 1. पैकेट को एयर-टाइट सील करें: आपके बालों को सीधा करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हेयर स्ट्रेटनर घर में खुले पैकेट्स को आसानी से सील कर सकता है. सोचिए, घर में अक्सर चिप्स, बिस्किट या नमकीन का पैकेट आधा बच जाता है और खुला रह जाने से वह जल्दी सील जाते हैं. ऐसे में पैकेट को वापस सील करना जरूरी है. कैसे करें: हेयर स्ट्रेटनर को हल्का गर्म करें और पैकेट के खुले हिस्से को उसके बीच में दबा दें. गर्मी से प्लास्टिक चिपक जाएगा और पैकेट फिर से सील हो जाएगा. अब आपके चिप्स-नमकीन जैसे स्नैक्स लंबे समय तक क्रिस्पी बने रहेंगे.   2. झटपट कपड़ों की प्रेस करें: यूं को घर कपड़ों की सिलवटें हटाने के लिए प्रेस का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन अगर आपको कहीं जल्दी जाना है और कपड़ों पर हल्की सिलवटें दिख जाएं, तो स्ट्रेटनर आपकी मदद कर सकता है. कैसे करें: ऐसा करने के लिए हेयर स्ट्रेटनर को गर्म करें और शर्ट के कॉलर, कफ या बटन के बीच के हिस्सों पर हल्के हाथ से चलाएं. इस गैजेट से कपड़ों की छोटी-छोटी सिलवटें तुरंत हटाना आसान हो जाता है. 3. क्राफ्ट और DIY प्रोजेक्ट्स में मददगार: अगर आप या आपके बच्चे क्राफ्टिंग पसंद करते हैं, तो स्ट्रेटनर एक मजेदार टूल साबित हो सकता है. बच्चों के स्कूल प्रोजेक्ट्स को आसान बनाने के लिए इसे इस्तेमाल कर सकते हैं. कैसे करें: सोचिए अगर आपको फोम शीट को मोड़ना हो या रिबन को कर्ल देना हो तो आप स्ट्रेटनर की मदद से इन्हें आसानी से मनचाहा शेप दे सकते हैं. स्कूल प्रोजेक्ट्स के लिए ये बहुत काम का है. 4. बेड को दें होटल जैसा परफेक्ट लुक: जब आप कभी होटल के कमरे में जाते तो देखते ही लगता है कि वहां का बेड हमेशा इतना सलीकेदार दिखता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये ऐसा क्यों दिखता है?   कैसे करें: चादर बिछाने के बाद उसके किनारों और तकिए के कवर के बॉर्डर पर आप हल्के हाथ से स्ट्रेटनर चला सकते हैं. इससे कपड़ा एकदम फ्लैट और शार्प दिखेगा और आपका बेड बिल्कुल होटल जैसा लगेगा. इन बातों का जरूर रखें ध्यान: 1. तापमान का ध्यान रखें: हेयर स्ट्रेटनर का इस्तेमाल करते हुए हमेशा तापमान का ध्यान रखना जरूरी है. प्लास्टिक या नाजुक कपड़ों पर इस्तेमाल करते समय स्ट्रेटनर को हमेशा लो हीट पर रखें. 2. साफ-सफाई जरूरी है: अगर आप इसका इस्तेमाल खाने का पैकेट सील करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, तो पहले उसकी सूखे कपड़े से अच्छे से साफ-सफाई कर लें. क्योंकि उस पर बाल लगे हो सकते हैं.