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ब्यूटी टूल या मल्टी-टास्किंग गैजेट? जानें हेयर स्ट्रेटनर से चिप्स के पैकेट सील करने और प्रेस करने का तरीका

आजकल हर लड़की खुद को अप-टू-डेट रखना चाहती है, जिसके लिए अक्सर वो पार्लर जाती हैं. लेकिन रोजाना पार्लर जाना मुमकिन नहीं है. ऐसे में बालों को स्टाइल करने के लिए अब घर पर ही कर्लर और हेयर स्ट्रेटनर जैसी मशीन लाए रखती हैं. बालों को सीधा करने के लिए वो हेयर स्ट्रेटनर का इस्तेमाल करती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये गैजेट सिर्फ बालों को 'सिल्की-स्मूद' बनाने के ही काम नहीं आता? दरअसल, आपके ड्रेसिंग टेबल पर रखा ये छोटा सा टूल आपके घर के कई कामों को आसान बना सकता है. हेयर-स्ट्रेटनर को 'मल्टी-टास्किंग जीनियस' कहना गलत नहीं होगा. किचन से लेकर बच्चों के स्कूल प्रोजेक्ट्स तक, हेयर स्ट्रेटनर मशीन घर के कई ऐसे कामों को चुटकियों में निपटा सकती है जिसके लिए हम अक्सर परेशान होते हैं. इसे सिर्फ एक ब्यूटी प्रोडक्ट समझना छोड़ दीजिए. चलिए जानते हैं हेयर स्ट्रेटनर के कुछ ऐसे जादुई इस्तेमाल जो आपकी डेली लाइफ को बेहद आसान बना देंगे. 1. पैकेट को एयर-टाइट सील करें: आपके बालों को सीधा करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हेयर स्ट्रेटनर घर में खुले पैकेट्स को आसानी से सील कर सकता है. सोचिए, घर में अक्सर चिप्स, बिस्किट या नमकीन का पैकेट आधा बच जाता है और खुला रह जाने से वह जल्दी सील जाते हैं. ऐसे में पैकेट को वापस सील करना जरूरी है. कैसे करें: हेयर स्ट्रेटनर को हल्का गर्म करें और पैकेट के खुले हिस्से को उसके बीच में दबा दें. गर्मी से प्लास्टिक चिपक जाएगा और पैकेट फिर से सील हो जाएगा. अब आपके चिप्स-नमकीन जैसे स्नैक्स लंबे समय तक क्रिस्पी बने रहेंगे.   2. झटपट कपड़ों की प्रेस करें: यूं को घर कपड़ों की सिलवटें हटाने के लिए प्रेस का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन अगर आपको कहीं जल्दी जाना है और कपड़ों पर हल्की सिलवटें दिख जाएं, तो स्ट्रेटनर आपकी मदद कर सकता है. कैसे करें: ऐसा करने के लिए हेयर स्ट्रेटनर को गर्म करें और शर्ट के कॉलर, कफ या बटन के बीच के हिस्सों पर हल्के हाथ से चलाएं. इस गैजेट से कपड़ों की छोटी-छोटी सिलवटें तुरंत हटाना आसान हो जाता है. 3. क्राफ्ट और DIY प्रोजेक्ट्स में मददगार: अगर आप या आपके बच्चे क्राफ्टिंग पसंद करते हैं, तो स्ट्रेटनर एक मजेदार टूल साबित हो सकता है. बच्चों के स्कूल प्रोजेक्ट्स को आसान बनाने के लिए इसे इस्तेमाल कर सकते हैं. कैसे करें: सोचिए अगर आपको फोम शीट को मोड़ना हो या रिबन को कर्ल देना हो तो आप स्ट्रेटनर की मदद से इन्हें आसानी से मनचाहा शेप दे सकते हैं. स्कूल प्रोजेक्ट्स के लिए ये बहुत काम का है. 4. बेड को दें होटल जैसा परफेक्ट लुक: जब आप कभी होटल के कमरे में जाते तो देखते ही लगता है कि वहां का बेड हमेशा इतना सलीकेदार दिखता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये ऐसा क्यों दिखता है?   कैसे करें: चादर बिछाने के बाद उसके किनारों और तकिए के कवर के बॉर्डर पर आप हल्के हाथ से स्ट्रेटनर चला सकते हैं. इससे कपड़ा एकदम फ्लैट और शार्प दिखेगा और आपका बेड बिल्कुल होटल जैसा लगेगा. इन बातों का जरूर रखें ध्यान: 1. तापमान का ध्यान रखें: हेयर स्ट्रेटनर का इस्तेमाल करते हुए हमेशा तापमान का ध्यान रखना जरूरी है. प्लास्टिक या नाजुक कपड़ों पर इस्तेमाल करते समय स्ट्रेटनर को हमेशा लो हीट पर रखें. 2. साफ-सफाई जरूरी है: अगर आप इसका इस्तेमाल खाने का पैकेट सील करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, तो पहले उसकी सूखे कपड़े से अच्छे से साफ-सफाई कर लें. क्योंकि उस पर बाल लगे हो सकते हैं.

सावधान! शनि बदल रहे हैं अपना नक्षत्र, मेष और मकर समेत इन राशियों पर बढ़ेगा मानसिक और आर्थिक दबाव

 ज्योतिष शास्त्र में शनि को कर्मों का न्यायाधीश माना जाता है.  जब यह ग्रह अपनी चाल या नक्षत्र बदलता है, तो इसका असर सिर्फ राशियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि व्यक्ति की सोच, निर्णय लेने की क्षमता और आर्थिक हालात पर भी साफ दिखाई देता है. इस बार शनि नक्षत्र परिवर्तन 2026 17 अप्रैल 2026 से एक नए नक्षत्रीय चरण में प्रवेश करेगा. यह स्थिति लगभग एक महीने तक बनी रहेगी . इस दौरान कई लोगों को जीवन में धीमापन और दबाव महसूस हो सकता है. इस समय रुके हुए कामों में देरी बढ़ सकती है, जल्दबाजी में लिए गए फैसले नुकसान दे सकते हैं. कई बार ऐसा लगेगा कि हालात आपके खिलाफ जा रहे हैं, लेकिन वास्तव में यह समय आपको परखने और मजबूत बनाने का होता है. हालांकि, जो लोग धैर्य रखते हैं, सही रणनीति अपनाते हैं और बिना शॉर्टकट के आगे बढ़ते हैं, उनके लिए यही समय भविष्य की सफलता की नींव रख सकता है. यही वजह है कि इस अवधि को सिर्फ कठिन समय नहीं, बल्कि एक तरह का रीसेट पीरियड भी माना जा रहा है. इन 4 राशियों पर रहेगा सबसे ज्यादा असर 1. मेष राशि (Aries) इस दौरान मेष राशि वालों के लिए हालात थोड़े चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं. करियर में रुकावट या अचानक बदलाव देखने को मिल सकते हैं. जल्दबाजी में लिए गए फैसले नुकसान दे सकते हैं. आर्थिक मामलों में सतर्क रहना जरूरी होगा. 2. कर्क राशि (Cancer) कर्क राशि वालों को इस समय भावनात्मक उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है. रिश्तों में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं.परिवार से जुड़ी चिंताएं परेशान कर सकती हैं. मानसिक तनाव महसूस हो सकता है, शांत रहें . बातचीत से समस्याएं सुलझाएं. 3. तुला राशि (Libra) तुला राशि वालों के लिए यह समय मेहनत का होगा, लेकिन परिणाम धीरे मिलेंगे. करियर में प्रगति धीमी हो सकती है.काम का दबाव बढ़ सकता है. आत्मविश्वास में कमी महसूस हो सकती है. लगातार मेहनत करते रहें, समय के साथ स्थिति बेहतर होगी. 4. मकर राशि (Capricorn) मकर राशि पर शनि का प्रभाव गहरा माना जाता है, इसलिए यह समय थोड़ा भारी रह सकता है. खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है. सेहत को लेकर लापरवाही नुकसान दे सकती है. जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं. खर्चों पर नियंत्रण रखें. आखिर में क्या होगा? शनि का यह चरण भले ही शुरुआत में मुश्किलों से भरा लगे, लेकिन इसका असली उद्देश्य आपको मजबूत बनाना है. यह समय आपकी गलतियों को सुधारने, धैर्य सीखने और सही दिशा में आगे बढ़ने का मौका देता है.अगर आप इस दौरान संयम और मेहनत के साथ आगे बढ़ते हैं, तो यही समय आपके जीवन में बड़ा बदलाव लाकर एक नई शुरुआत की नींव रख सकता है.

कालाष्टमी 2026: 10 अप्रैल को है ‘काशी के कोतवाल’ का व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और प्रिय भोग

:कालाष्टमी का दिन भगवान काल भैरव को समर्पित है, जिन्हें भगवान शिव का ही एक रूप माना जाता है. साल 2026 में यह पर्व 10 अप्रैल को मनाया जाएगा. मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा करने से भय दूर होता है और जीवन की परेशानियां समाप्त हो जाती हैं. काल भैरव को “काशी का कोतवाल” भी कहा जाता है, जो अपने भक्तों की हर संकट से रक्षा करते हैं. कालाष्टमी 2026: शुभ मुहूर्त और समय हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत और समाप्ति का समय इस प्रकार है:     अष्टमी तिथि प्रारंभ: 9 अप्रैल 2026, रात्रि 09:19 बजे से     अष्टमी तिथि समाप्त: 10 अप्रैल 2026, रात्रि 11:15 बजे तक     मुख्य व्रत तिथि: उदय तिथि के अनुसार, मुख्य व्रत 10 अप्रैल 2026, शुक्रवार को रखा जाएगा. प्रिय भोग मान्यता है कि भगवान काल भैरव को इमरती, जलेबी, बाटी-चूरमा, तली हुई पापड़, बेसन के लड्डू और काले उड़द से बनी चीजें अत्यंत प्रिय हैं. इसलिए पूजा के लिए भोग में इन चीजों को अवश्य शामिल करें. इसके अलावा, इस दिन कच्चा दूध और मीठी रोटी का भोग लगाना भी शुभ माना जाता है. शुभ रंग भगवान काल भैरव का संबंध शनि और राहु से भी माना जाता है. इसलिए उन्हें काला और नीला रंग पहनाना शुभ माना जाता है. प्रिय फूल काल भैरव को कनेर और आक के फूल चढ़ाना श्रेष्ठ माना गया है. इसके अलावा उन्हें नीले रंग के फूल जैसे अपराजिता भी अर्पित किए जा सकते हैं. पूजन विधि: ऐसे करें आराधना     स्नान और संकल्प: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और भगवान काल भैरव के व्रत का संकल्प लें.     स्थापना: चौकी पर काल भैरव की मूर्ति या चित्र स्थापित करें.     अभिषेक: काल भैरव का पंचामृत या कच्चे दूध से अभिषेक करें.     दीपक: चौमुखी दीपक जलाएं, जिसमें सरसों का तेल प्रयोग करें.     पाठ और मंत्र: भगवान काल भैरव के मंत्र “ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं” या “ॐ कालभैरवाय नमः” का जप करें. इस दिन काल भैरव अष्टक का पाठ करना विशेष फलदायी होता है.     कथा और चालीसा: भगवान काल भैरव की व्रत कथा और चालीसा का पाठ करें.     आरती: अंत में आरती कर पूजा पूर्ण करें. कालाष्टमी की पौराणिक कथा शिव पुराण के अनुसार, एक बार सृष्टि की रचना करने वाले ब्रह्मा जी और पालनकर्ता भगवान विष्णु के बीच यह बहस छिड़ गई कि उनमें सबसे महान कौन है. इस विवाद को सुलझाने के लिए महादेव एक अंतहीन ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए. दोनों के बीच यह शर्त रखी गई कि जो भी इस प्रकाश स्तंभ का आदि या अंत खोज लेगा, वही श्रेष्ठ माना जाएगा. भगवान विष्णु ने वराह का रूप धारण कर पाताल की ओर जाकर सत्य स्वीकार किया कि इसका कोई अंत नहीं है. दूसरी ओर, ब्रह्मा जी हंस बनकर आकाश की ओर गए. अंत न मिलने पर भी उन्होंने छल करके दावा किया कि उन्होंने अंत देख लिया है और केतकी के पुष्प को भी झूठ बोलने के लिए राज़ी कर लिया. ब्रह्मा जी के इस अहंकार और असत्य को देखकर भगवान शिव अत्यंत क्रोधित हो गए, और उनके क्रोध से भयंकर रूप वाले काल भैरव प्रकट हुए. काल भैरव ने अपने नाखून से ब्रह्मा जी का पांचवां मुख काट दिया, जिससे उन्होंने झूठ बोला था और शिव की निंदा की थी. चूंकि काल भैरव ने एक ब्राह्मण (ब्रह्मा जी) का सिर काटा था, इसलिए उन पर ‘ब्रह्महत्या’ का पाप लगा और वह कटा हुआ सिर उनके हाथ से चिपक गया. इस पाप से मुक्ति पाने के लिए वे तीनों लोकों में भटके, लेकिन अंततः जब वे काशी (वाराणसी) पहुंचे, तो वह सिर उनके हाथ से छूट गया और वे मुक्त हो गए. तभी से काल भैरव को ‘काशी का कोतवाल’ कहा जाता है, जिनके दर्शन के बिना काशी की यात्रा अधूरी मानी जाती है.

नायब सैनी कैबिनेट का बड़ा फैसला, न्यूनतम मजदूरी बढ़कर हुई ₹15,220 और राशन डिपो में महिलाओं को 33% कोटा

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित कैबिनेट की बैठक में अग्निवीर नीति, 2024 को स्वीकृति प्रदान की गई। इससे पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास, उन्हें रोजगार उपलब्ध करवाने तथा वर्दीधारी सेवाओं और सुरक्षा से संबंधित पदों में उनके कौशल का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। साथ ही उन्हें हरियाणा सरकार के अधीन सेवाओं/पदों, जैसे कि फॉरेस्ट गार्ड, वार्डर तथा माइनिंग गार्ड में वर्तमान 10 प्रतिशत हॉरिजॉन्टल आरक्षण को बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया। वहीं राज्य सरकार ने प्रदेश के श्रमिक वर्ग के हित में बड़ा फैसला लेते हुए अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 15,220 रुपए प्रति माह करने का निर्णय लिया है। विधानसभा के बजट सत्र में उन्होंने घोषणा की थी कि एक्सपर्ट कमेटी ने अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाने की सिफारिश की है। रिटायरमेंट हाऊसिंग पॉलिसी में संशोधन, एफ.ए.आर. बढ़ाकर किया 3.0 बैठक में हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन अधिनियम, 1975 के अंतर्गत लाइसैंस प्रदान करके नियोजित रिटायरमेंट हाऊसिंग पॉलिसी में संशोधन को मंजूरी दी गई। ऐसा वृद्धजनों की आबादी को ध्यान में रखते हुए हस्तांतरणीय विकास अधिकार (टी.डी. आर.) नीति, 2021 के प्रावधानों के अनुरूप, मंत्रिमंडल ने रिटायरमेंट हाऊसिंग कॉलोनियों के लिए अनुमत फ्लोर एरिया रेशियो (एफ.ए.आर.) में वृद्धि को मंजूरी दी है। टी.डी. आर. के माध्यम से अतिरिक्त एफ.ए. आर. को मौजूदा अनुमत एफ. ए. आर. 2.25 से बढ़ाकर 3.0 कर दिया गया है। राशन डिपो की दुकानों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण बैठक में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए उचित मूल्य की दुकानों के लाइसेंस आबंटन में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान को मंजूरी दी। इनका उद्देश्य विशेष रूप से महिलाओं को इस प्रणाली में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करके समावेशिता और व्यापक भागीदारी को बढ़ावा देना भी है। उचित मूल्य की दुकान क लाइसैंस लेने के लिए 12वीं पास होना जरूरी उचित मूल्य की दुकान का लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदकों के लिए अब न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं, साथ ही कम्प्यूटर का बेसिक ज्ञान होना आवश्यक होगा। आयु सीमा 21 से 45 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है और आवेदकों के पास एक वैध परिवार पहचान पत्र होना तथा संबंधित क्षेत्र का निवासी होना अनिवार्य होगा। पंजाब कोर्ट्स एक्ट, 1918 की धारा 30 में संशोधन, पुराने कानूनों की जगह इंडियन सक्सेशन एक्ट 1925 लागू हरियाणा में लागू पंजाब कोर्टस एक्ट, 1918 की धारा-30 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य पुराने कानूनों के रैफरेंस को अपडेट करके मौजूदा कानूनी उलझनों को दूर करना है। वर्तमान एक्ट के सैक्शन 30 में इंडियन सक्सेशन एक्ट 1865 और प्रोबेट एंड एडमिनिस्ट्रेशन एक्ट 1881 दोनों के स्थान पर इंडियन सक्सेशन एक्ट 1925 लाया गया है। निजी परियोजनाओं के लिए शामलात देह से दिया जाएगा रास्ता बैठक में हरियाणा ग्राम साझा भूमि (विनियमन) नियम, 1964 में संशोधन और निजी परियोजनाओं के लिए शामलात देह (सांझा भूमि) से होकर रास्ता देने की नीति को मंजूरी दी गई। इन नियमों को हरियाणा ग्राम सांझा भूमि (विनियमन) संशोधन नियम, 2026 कहा जाएगा। यह नया रास्ता पंचायत के ही स्वामित्व में रहेगा और इसका उपयोग सभी लोग कर सकेंगे।

राजस्थान रॉयल्स की हैट्रिक जीत बनाम बेंगलुरु का विजय रथ; बरसापारा की बैटिंग पिच पर रनों की बरसात तय

गुवाहाटी राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु शुक्रवार, 10 अप्रैल को आईपीएल 2026 के एक हाई-वोल्टेज मुकाबले में आमने-सामने होंगे। लीग की दो सबसे बेहतरीन फॉर्म वाली टीमें गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में भिड़ेंगी। यह 16वां मैच काफी रोमांचक होने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों ही टीमों के पास विस्फोटक टॉप ऑर्डर है और टूर्नामेंट में उनका हालिया प्रदर्शन भी काफी मजबूत रहा है। राजस्थान रॉयल्स अपने शुरुआती तीन मैचों में से तीनों जीतकर पॉइंट्स टेबल में सबसे ऊपर है; इन जीतों में चेन्नई सुपर किंग्स, गुजरात टाइटन्स और मुंबई इंडियंस के खिलाफ मिली जीतें शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर, रॉयल चैलेंजर्स ने सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ लगातार दो जीत हासिल की हैं, जिससे उनकी निरंतरता और मैच को फिनिश करने की क्षमता में काफी सुधार देखने को मिला है। बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम, गुवाहाटी पिच रिपोर्ट गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में आईपीएल 2026 में अब तक दो मैच खेले जा चुके हैं। पहले मैच में, रॉयल्स ने सुपर किंग्स के खिलाफ 128 रनों का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया। दूसरे मैच में, रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 11-11 ओवर के मैच में 150/3 का स्कोर बनाया। जवाब में, मुंबई 123/9 पर ही रुक गई। फैंस राजस्थान और बेंगलुरु के बीच एक और हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद कर सकते हैं, क्योंकि दोनों ही टीमों में बाउंड्री लगाने वाले खिलाड़ियों की भरमार है। यहां की पिच बैटिंग के लिए अच्छी है, जहां खूब रन बनते हैं। ओस की वजह से टीमें अक्सर चेज करना पसंद करती हैं; स्कोर 185 से ऊपर भी जा सकता है। शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद मिल सकती है, लेकिन बाद में बल्लेबाजों के लिए खेलना आसान हो जाता है। आरआर बनाम आरसीबी अनुमानित प्लेइंग इलेवन राजस्थान रॉयल्स: यशस्वी जयसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (सी), शिम्रोन हेटमायर, डोनोवन फरेरा, रवींद्र जड़ेजा, जोफ्रा आर्चर, नंद्रे बर्गर, तुषार देशपांडे, संदीप शर्मा इम्पैक्ट प्लेयर: रवि बिश्नोई रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: विराट कोहली, फिल साल्ट, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (सी), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, अभिनंदन सिंह, जैकब डफी

बिहार के चार जिलों से गुजरेगा 610 किलोमीटर लंबा सिक्सलेन एक्सप्रेसवे, जानें क्यों चौथे फेज की मंजूरी में हुआ बदलाव

पटना    वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाना है. इस बीच खबर है कि इस एक्सप्रेसवे के चौथे पैकेज की मंजूरी को लेकर केंद्र ने नए सिरे से प्रस्ताव मांगा है. इस प्रस्ताव में सड़क निर्माण के साथ ही उसमें ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस की रेट सहित पूरी जानकारी भी मांगी गई है. क्यों नए सिरे से मांगा गया प्रस्ताव? जानकारी के मुताबिक, इसका मकसद सड़क निर्माण और उस पर आवागमन शुरू होने के बाद उसकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए बेहतर मेंटेनेंस की व्यवस्था करना है. अब यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वाराणसी-रांची-कोलकाता के चौथे पैकेज को केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अधीन आर्थिक कार्य विभाग के सचिव की अध्यक्षता में गठित पीपीपीएसी (पब्लिक प्राइवेट पाटर्नरशिप एप्रेजल कमेटी) की मंजूरी मिलेगी. चौथे फेज में किस जिले में बनेगी सड़क? सूत्रों के अनुसार, बिहार में वाराणसी कोलकाता एक्सप्रेसवे के चौथे फेज की लंबाई 41 किलोमीटर है. इस फेज में यह सड़क रोहतास और कैमूर जिले से गुजरेगी. इसका निर्माण हाइब्रिड एन्यूटी मोड में किया जाना है. इसके तहत निर्माण एजेंसी को अपनी ओर से 60 प्रतिशत राशि खर्च करनी होगी. जबकि 40 प्रतिशत राशि सरकार खर्च करेगी. निर्माण एजेंसी टोल के रूप में अपनी लागत की वसूली करेगी. बिहार में एक्सप्रेसवे की लंबाई जानकारी के मुताबिक, बिहार में यह एक्सप्रेसवे करीब 159 किलोमीटर लंबाई में चार जिलों से होकर गुजरेगा. इसमें रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद और गया शामिल हैं. फिलहाल बिहार में इस सड़क का निर्माण रोहतास जिले में हो रहा है. साथ ही कैमूर जिले में भी निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है. टोटल 13 फेज में निर्माण होगा पूरा सूत्रों के अनुसार, वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे का निर्माण 13 फेज में होगा. इसकी पूरी लंबाई करीब 610 किलोमीटर है. सिक्सलेन एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के वाराणसी से बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ेगा. साल 2027 तक इसके निर्माण का लक्ष्य है.

सावधान, क्या आपको भी आया है गैस कनेक्शन कटने का कॉल, पटना पुलिस ने जारी की बड़ी चेतावनी

पटना   अगर आपके पास भी गैस एजेंसी के नाम पर कोई कॉल आ रहा है, जिसमें आपकी रसोई गैस की सेवा बंद होने या KYC अपडेट न होने की धमकी दी जा रही है, तो ठहर जाइए. यह एक शातिर चाल है जो आपको पलक झपकते ही कंगाल बना सकती है. पटना में इन दिनों साइबर अपराधियों ने ‘गैस बुकिंग’ को ठगी का नया हथियार बना लिया है. आपकी गैस सेवा बंद हो जाएगी रसोई गैस हर घर की बुनियादी जरूरत है. साइबर ठग इसी का फायदा उठा रहे हैं. वे खुद को नामी गैस एजेंसियों का कर्मचारी बताकर लोगों को फोन करते हैं. ठग अक्सर कहते हैं, “आपका आधार कार्ड गैस कनेक्शन से लिंक नहीं है, इसलिए आपकी सब्सिडी रोक दी गई है और आज शाम तक आपका कनेक्शन काट दिया जाएगा. ” यह सुनते ही उपभोक्ता घबरा जाता है और ठगों के बताए निर्देशों का पालन करने लगता है. अपराधी ग्राहकों को एक संदिग्ध लिंक भेजते हैं या कोई अनजान ऐप डाउनलोड करने को कहते हैं. जैसे ही आप उस लिंक पर क्लिक करते हैं, आपके फोन का पूरा एक्सेस ठगों के पास चला जाता है. इसके बाद वे आपके फोन में आने वाले ओटीपी (OTP) को खुद ही पढ़ लेते हैं और आपके बैंक खाते से बड़ी रकम पार कर देते हैं. सतर्कता ही सुरक्षा है पटना साइबर थाने के डीएसपी नितिश चंद्र धारिया ने इस बढ़ते खतरे को देखते हुए नागरिकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं. पुलिस का कहना है कि कोई भी सरकारी या निजी गैस एजेंसी कभी भी फोन पर आपसे पिन या ओटीपी नहीं मांगती. गैस बुकिंग के लिए केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही सहारा लें. अगर आपको केवाईसी अपडेट करना है, तो फोन के बजाय सीधे अपनी गैस एजेंसी के दफ्तर जाएं. किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए ‘रिमोट एक्सेस ऐप’ को भूलकर भी इंस्टॉल न करें. शिकायत कहां करें? यदि आप या आपका कोई परिचित इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो बिना समय गंवाए नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें. इसके साथ ही आप आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

घर की खिड़कियां भी बदल सकती हैं आपकी किस्मत, जानें किस दिशा में खिड़की होना लाता है सुख-समृद्धि

आमतौर पर घर की खिड़कियों को रोशनी और हवा आने का माध्यम माना जाता है। लेकिन वास्तु शास्त्र में इन्हें सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश द्वार के रूप में भी देखा जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार खिड़कियों की दिशा, संख्या और उनकी स्थिति का सीधा प्रभाव घर के माहौल और वहां रहने वाले लोगों के जीवन पर पड़ता है। यदि इन बातों पर ध्यान न दिया जाए, तो आर्थिक दिक्कतें, मानसिक तनाव और रिश्तों में दूरी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए खिड़कियों से जुड़े वास्तु नियमों को समझना और समय रहते सुधार करना बेहद जरूरी है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं। दिशा का महत्व वास्तु के अनुसार दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिशा में बड़ी खिड़कियां होना शुभ नहीं माना जाता। इससे घर की स्थिरता प्रभावित होती है और धन संचय में बाधा आ सकती है। ऐसी स्थिति में मोटे पर्दे या मजबूत फ्रेम का उपयोग करके इस प्रभाव को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। वहीं, उत्तर और पूर्व दिशा में खिड़कियां होना अधिक लाभकारी माना गया है, क्योंकि इन दिशाओं से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। खिड़कियों की संख्या खिड़कियों की संख्या भी वास्तु में अहम मानी जाती है। आमतौर पर सम संख्या को शुभ माना जाता है, जबकि विषम संख्या असंतुलन पैदा कर सकती है। इसके अलावा, यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कुल संख्या का अंत शून्य पर न हो। यह छोटी-सी बात लग सकती है, लेकिन वास्तु शास्त्र में इसका विशेष महत्व बताया गया है। खुलने की दिशा अगर खिड़कियां बाहर की ओर खुलती हैं, तो इसे ऊर्जा के बाहर जाने का संकेत माना जाता है। इससे मेहनत का फल टिक नहीं पाता। बेहतर यही है कि खिड़कियां अंदर की ओर खुलें। यदि ऐसा करना संभव न हो, तो अंदर की ओर पर्दे या हरे पौधे लगाकर ऊर्जा के संतुलन को बनाए रखा जा सकता है।   खराब खिड़कियों को नजरअंदाज न करें टूटी हुई या आवाज करने वाली खिड़कियां घर में नकारात्मकता बढ़ा सकती हैं। इससे वातावरण भारी और असहज महसूस होता है। इसलिए समय-समय पर उनकी मरम्मत कराना जरूरी है। साफ और सही स्थिति में रखी गई खिड़कियां सकारात्मक माहौल बनाए रखने में मदद करती हैं।

सफलता की कहानी-किराना दुकान से लगभग 25 हजार रुपये की कर रहीं हैं आय अर्जित

सफलता की कहानी-आजीविका मिशन से रमशीला कश्यप को मिला आत्मनिर्भरता का संबल सफलता की कहानी-किराना दुकान से लगभग 25 हजार रुपये की कर रहीं हैं आय अर्जित रायपुर एक समय माओवाद से प्रभावित रहा कोंडागांव जिले का दूरस्थ ग्राम कुधुर आज विकास और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहा है। शासन की योजनाओं की पहुँच ने इस क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है, और इसी परिवर्तन की मिसाल हैं ग्राम की निवासी श्रीमती रमशीला कश्यप। किराना दुकान संचालन से प्रति माह लगभग 25 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहीं हैं l           राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर रमशीला कश्यप ने अपने जीवन को नई दिशा दी। वर्ष 2018 में उन्होंने ‘जय मां दंतेश्वरी’ स्व-सहायता समूह की सदस्य बनकर आत्मनिर्भर बनने की शुरुआत की। उस समय गांव में केवल एक किराना दुकान था, जिसके कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लगभग 20 किलोमीटर दूर मर्दापाल जाना पड़ता था। ग्रामीणों की इस समस्या को समझते हुए रमशीला कश्यप ने गांव में ही किराना दुकान खोलने का साहसिक निर्णय लिया। स्व-सहायता समूह से प्राप्त 50 हजार रुपये की सहायता से उन्होंने अपनी दुकान की शुरुआत की। समय के साथ उन्होंने दुकान में जरूरत के अनुसार सामग्री बढ़ाई और अपने व्यवसाय को मजबूत किया।      आज रमशीला की यह छोटी-सी पहल पूरे गांव के लिए बड़ी सुविधा बन चुकी है। जहां एक ओर ग्रामीणों को आवश्यक वस्तुएं गांव में ही उपलब्ध हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर रमशीला कश्यप के परिवार की आर्थिक स्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्तमान में वे प्रति माह लगभग 20 से 25 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। पहले केवल खेती पर निर्भर रहने वाला उनका परिवार अब अतिरिक्त आय के स्रोत से सशक्त हो गया है।          रमशीला कश्यप की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। आज वे अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। रमशीला कश्यप ने शासकीय योजनाओं से मिली सहायता के लिए शासन प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

मार्क जकरबर्ग ने बदली टीम और रणनीति, ‘म्यूज स्पार्क’ के जरिए AI की रेस में सबसे आगे निकलने की तैयारी

फेसबुक की पेरेंटल कंपनी मेटा ने बुधवार को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) की इंडस्ट्री में बड़ा ऐलान किया है. कंपनी ने नए AI मॉडल को लॉन्च किया है, जिसका नाम म्यूज स्पार्क है. यह कंपनी के न्यू AI डिविजन का बनाया नया प्रोडक्ट है, जिसको लेकर कंपनी ने बीते करीब एक साल में बड़े स्तर पर इनवेस्टमेंट की है. लॉन्चिंग से पहले इस प्रोजेक्ट को इंटरनल नाम दिया गया था, जो 'एवोकाडो' था. अब म्यूज स्पार्क को मेटा के स्टैंडअलोन AI ऐप पर लॉन्च कर दिया है. अब आने वाले दिनों में इसको को मेटा के ऐप के लिए जारी किया जाएगा, जिसमें वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम और मेटा एआई स्मार्ट ग्लास के नाम शामिल हैं. गूगल और ओपनएआई को देगा टक्कर वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम में मिलने वाला मेटा एआई कई जगह पिछड़ने लगा था. अब म्यूज स्पार्क की मदद से कंपनी को बड़े फायदे की उम्मीद कर रही है. राइटिंग और रीजनिंग के मामले में म्यूज स्पार्क ने बेहतर रिजल्ट दिया है, जिसकी वजह से यह ओपनएआई, गूगल और एंथ्रोपिक के बेहतरीन मॉडल के लेवल के आसपास पहुंच चुका है. रिपोर्ट्स में कोडिंग को लेकर बड़ा अंतर दिखाया गया है. मौजूदा समय में एआई रेस में कोडिंग काबिलियत एक जरूरी स्टैंडर्ड बन चुके हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, कोडिंग के मामले में म्यूज स्पार्क अपने राइवल्स से थोड़ा पीछे रह गया है. मार्क जकरबर्ग ने बीते साल बनाई AI टीम मार्क जकरबर्ग AI को लेकर बीते करीब एक साल से बड़ी इनवेस्टमेंट कर रहे हैं और इंडस्ट्री के कई बड़े टैलेंट को उन्होंने अपनी AI टीम में मोटी रकम देकर शामिल किया है. जकरबर्ग ने 29 साल के एलेक्जेंटर वांग को मोटी रकम देकर कंपनी में शामिल कर चुके हैं और उनको चीफ एआई ऑफिसर की पोस्ट दी, साथ ही कंपनी ने लामा-4 मॉडल पर काम करने वाली पुरानी टीम को बदल दिया. नए टीम में ओपनएआई, गूगल और अन्य राइवल्स कंपनियों से नए लोगों को मोटी रकम देकर मेटा में शामिल किया गया. म्यूज स्पार्क को अभी बंद मॉडल रखा मेटा ने म्यूज स्पार्क के साथ एक बड़ा बदलाव किया है और इसके कोड को मौजूदा समय में प्राइवेट रखा है. इसको क्लोज्ड मॉडल भी कह सकते हैं. बताते चलें कि मेटा अपने एआई मॉडल्स को ओपेन सोर्स करता था, जिसकी मदद से डेवलपर्स को कोड यूज करने की परमिशन मिलती थी. मेटा का बड़ा इनवेस्टमेंट जकरबर्ग ने एआई डेवलपमेंट के लिए बड़े इनवेस्टमेंट की तैयारी करके रखी है. एआई डेवलपमेंट के नए डेटा सेंटर पर 600 अरब डॉलर खर्च करने का प्लान बनाया हुआ है. साल 2026 में मेटा लगभग 135 अरब डॉलर तक खर्च करने का प्लान बनाया है, जो बीते साल की तुलना में लगभग दोगुना है. बीते साल कंपनी ने 72 अरब डॉलर की इनवेस्टमेंट की थी. म्यूज स्पार्क को लेकर कंपनी ने बड़ा दांव लगाया है और इससे कंपनी अपने राइवल्स से आगे निकलना चाहती है. गूगल, ओपनएआई और एन्थ्रॉपिक जैसे नाम मेटा से काफी आगे निकल चुके थे. म्यूज स्पार्क कंपनी के लिए कितना फायदेमंद साबित होगा, वो तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा.