samacharsecretary.com

घर में लगा मनी प्लांट कहीं आपको कंगाल तो नहीं बना रहा? वास्तु की इन 5 गलतियों को आज ही सुधारें

 घर के कोने में लगा हुआ मनी प्लांट सिर्फ एक पौधा नहीं, बल्कि वास्तु के मुताबिक शुभ पौधा माना जाता है. वास्तु शास्त्र कहता है कि अगर इसकी सही से देखभाल की जाए, तो यह सोई हुई किस्मत जगा सकता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी एक छोटी सी लापरवाही इस धन वर्षा को आर्थिक तंगी में बदल सकती है?अगर कड़ी मेहनत के बाद भी हाथ खाली रहता है, तो चेक करें कहीं आप ये गलतियां तो नहीं कर रहे. 1. दिशा का रखें ध्यान मनी प्लांट को कभी भी उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में न रखें. वास्तु के अनुसार, यह दिशा इस पौधे के लिए सबसे ज्यादा नकारात्मक मानी जाती है. इसे हमेशा दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) में लगाएं, क्योंकि यह भगवान गणेश की दिशा है, जो बाधाओं को दूर करते हैं. 2. जमीन चूमती बेल मनी प्लांट को 'वेल्थ क्रीपर' कहा जाता है.  इसकी बेलें जितनी ऊपर की ओर जाएंगी, आपकी तरक्की का ग्राफ भी उतना ही ऊंचा होगा. अगर इसकी बेलें जमीन पर रेंग रही हैं, तो समझ लीजिए कि आपके घर की लक्ष्मी बाहर जाने का रास्ता ढूंढ रही है.  किसी धागे या डंडी के सहारे इसे हमेशा ऊपर की ओर चढ़ाएं. 3. पीलापन यानी नकारात्मकता का साया मुरझाए और सूखे पत्ते सिर्फ पौधे की बीमारी नहीं, बल्कि आने वाले आर्थिक संकट का इशारा हैं.  अगर आपके मनी प्लांट के पत्ते पीले पड़ रहे हैं, तो उन्हें तुरंत हटा दें.  सूखे पत्ते घर की पॉजिटिव एनर्जी को सोख लेते हैं. 4. कांच की बोतल या मिट्टी का गमला? वास्तु के अनुसार, मनी प्लांट को नीले रंग की कांच की बोतल या मिट्टी के गमले में लगाना सबसे शुभ होता है. ध्यान रखें कि इसे प्लास्टिक के डिब्बे या गंदे बर्तन में न लगाएं, इससे तरक्की के रास्ते बंद हो सकते हैं. 5. दूसरों को कभी न दें अपना मनी प्लांट क्या आप जानते हैं? अपने घर के फलते-फूलते मनी प्लांट की कटिंग कभी किसी और को नहीं देनी चाहिए. माना जाता है कि ऐसा करने से आप अपनी सुख-समृद्धि और 'वीनस' (शुक्र ग्रह) का प्रभाव दूसरे को सौंप देते हैं. मनी प्लांट में पानी देते समय उसमें दो बूंद कच्चा दूध मिला दें. माना जाता है कि ऐसा करने से घर में धन की आवक बढ़ती है ,परिवार के सदस्यों के बीच तालमेल बेहतर होता है.

पीवी सिंधु और एचएस प्रणय की शानदार जीत, चीन के दिग्गजों को मात देकर प्री-क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह

 निंगबो (चीन) दुनिया के सातवें नंबर के खिलाड़ी को हराकर आयुष शेट्टी ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में बड़ा उलटफेर किया. दूसरी ओर, पीवी सिंधु और एचएस प्रणय ने भी अपने अपने मुकाबले जीतकर प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं. पीवी सिंधु प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंची.  भारत के युवा स्टार आयुष शेट्टी ने बुधवार को बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में बड़ा उलटफेर करते हुए दुनिया के सातवें नंबर के खिलाड़ी चीन के लिन शी फेंग को हराया. वहीं पूर्व वर्ल्ड चैंपियन पीवी सिंधु और अनुभवी एचएस प्रणय भी प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं. अमेरिकी ओपन 2025 चैंपियन आयुष ने चीन के स्टार लिन को 51 मिनट में 21-13, 21-16 से हराया. दोनों गेम में लिन ने अच्छी शुरुआत की लेकिन आयुष ने दबदबा बनाते हुए अंतिम 16 में जगह बना ली. लिन ने शुरुआत में 4-1 की बढ़त ली थी लेकिन आयुष ने शानदार वापसी कर स्कोर 7-7 से बराबर कर दिया और फिर पहला गेम जीत लिया. दूसरे गेम में भी चीन के खिलाड़ी ने 4-1 से बढ़त ली और इसे 12-9 तक पहुंचाया, लेकिन आयुष ने लगातार छह अंक बनाकर मैच का रुख पलट दिया और स्कोर 18-13 कर दिया. पीवी सिंधु प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंची. लिन ने अंतर कम कर स्कोर 16-18 किया, लेकिन आयुष ने संयम बनाए रखा और लगातार तीन अंक लेकर खिताब के दावेदार माने जा रहे लिन को बाहर कर दिया. सिंधु ने महिला एकल में मलेशिया की वोंग लिंग चिंग को 57 मिनट में 15-21, 21-11, 21-19 से हराया. अब सिंधु का सामना प्री क्वार्टर फाइनल में दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी चीन की वांग झी यी से होगा. दोनों के बीच अब तक 3-3 का रिकॉर्ड रहा है. पुरुष एकल में प्रणय ने वियतनाम के एनगुएन हेई डांग को 47 मिनट में 24-22, 21-12 से हराया. अब दूसरे दौर में उनका सामना चीन के होंग यांग से होगा जिन्हें पहले दौर में वॉकओवर मिला था. लक्ष्य सेन, किदांबी श्रीकांत, मालविका बंसोड़ और तन्वी शर्मा पहले दौर में ही हारकर बाहर हो गए हैं.  

महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा की शादी पर NHRC का एक्शन, डायरेक्टर सनोज मिश्रा बोले- ‘जिहादी जाएगा जेल’

महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा भोंसले और फरमान की शादी विवादों में आ गई है. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने नाबालिग होने की शिकायत पर नोटिस जारी किया है और जांच के आदेश दिए हैं. कोर्ट के आदेश के बाद मोनालिसा की फिल्म के डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट शेयर कर महादेव का शुक्रिया अदा किया है. अन्याय के खिलाफ जीतेंगे सनोज मिश्रा? सनोज मिश्रा ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर की है, जिसमें वो भगवान शिव की आराधना करते दिख रहे हैं. उन्होंने कैप्शन में लिखा- महादेव जल्दी ही मेरा वनवास खत्म करेंगे कानून ने अपना काम शुरू कर दिया है. मोनालिसा के लव जिहाद में फंसने के बाद मैंने सारे काम छोड़कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मुहिम शुरू की. अब इसका असर दिखाई देने लगा है. हम जल्दी ही विजयी हो सकते हैं और षडयंत्र करने वाले जिहादी को जेल होगी. सनोज मिश्रा लिखते हैं कि हालांकि, इस लड़ाई में फिल्म "द डायरी ऑफ मणिपुर" का नुकसान हुआ. कर्ज के बोझ के साथ जिहादी ने मोनालिसा से मेरे ऊपर झूठे आरोप लगवाए. मुझे झूठे केस में फंसाना चाहा. धमकियां भी लगातार मिलती रहीं, लेकिन धर्मयुद्ध को आप सभी ने रुकने नहीं दिया. क्या है विवाद? 'महाकुंभ वायरल गर्ल' ने 11 मार्च को केरल के  अरुमन्नूर में अपनी फिल्म के को-एक्टर फरहान से कोर्ट मैरिज की. मोनालिसा का कहना था कि परिवार जबरदस्ती उनके कजिन से उनकी शादी कराना चाह रहा था. अगर फरहान उनसे शादी नहीं करते तो वो अपनी जान दे देती. जब मोनालिसा की उम्र को लेकर विवाद हुआ, तो उन्होंने दस्तावेज दिखा कर कहा कि वो नाबालिग नहीं हैं. उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं. शादी के बाद मोनालिसा ने अपने परिवार और सनोज मिश्रा पर भी कई आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि शूटिंग के दौरान सनोज मिश्रा ने उन्हें गलत तरीके से टच करने की कोशिश की थी.   अब मोनालिसा की शादी का मामला कोर्ट पहुंच चुका है. हर किसी की नजर कोर्ट के फैसले पर देखते हैं. देखना दिलचस्प होगा कि इस लड़ाई में जीत किसकी होती है.

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में मिलेगा 20% आरक्षण, अग्निवीर नीति 2024 को कैबिनेट की मंजूरी

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में  यहां आयोजित कैबिनेट की बैठक में अग्निवीर नीति, 2024 को स्वीकृति प्रदान की गई। इससे पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास, उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने तथा वर्दीधारी सेवाओं और सुरक्षा से संबंधित पदों में उनके कौशल का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। साथ ही उन्हें हरियाणा सरकार के अधीन सेवाओं/पदों, जैसे कि फॉरेस्ट गार्ड (पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग), वार्डर (कारागार विभाग) तथा माइनिंग गार्ड (खान एवं भूविज्ञान विभाग) में वर्तमान 10 प्रतिशत हॉरिजॉन्टल आरक्षण को बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने पूर्व में हरियाणा के अधिवासी पूर्व अग्निवीरों को कुछ ग्रुप ‘सी’ पदों, जिनमें फॉरेस्ट गार्ड, वार्डर और माइनिंग गार्ड शामिल हैं, में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया हुआ था। इसके पश्चात, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विभिन्न सेवाओं/पदों की भर्ती में, जहां उनके विशेष सैन्य प्रशिक्षण, शारीरिक क्षमता, अनुशासन और फील्ड अनुभव का प्रभावी उपयोग किया जा सकता है, पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की सलाह दी थी। मंत्रिमंडल के इस निर्णय को सभी चालू तथा भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं में लागू करने के लिए संबंधित प्रशासनिक विभागों को आवश्यक संशोधन करने तथा संशोधित निर्देश जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

पलामू के मेडिकल कॉलेज में मची अफरातफरी, मेस में एलपीजी खत्म होने से बंद हुई छात्रों की चाय और अंडा

 मेदिनीनगर झारखंड के पलामू के पोखराहा स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में एलपीजी गैस की किल्लत से मेडिकल कालेज में अध्ययनरत विद्यार्थियों को सुबह नाश्ता में कटौती की गई है. चाय और अंडा बंद कर दिया गया है. एलपीजी गैस की व्यवस्था नही हो पायी तो लकड़ी व कोयले पर खाना बनाना पड़ सकता है. एलपीजी गैस की व्यवस्था नही हो पायी तो लकड़ी व कोयले पर खाना बनाना पड़ सकता है. छात्र हुए नाराज छात्रों ने बताया कि पिछले एक माह से नाश्ता में केला दिया जा रहा है. एलपीजी गैस की सुविधा रहने से अंडा, केला और चाय सुबह में मिलता था. गैस की कमी के कारण मेस संचालक को काफी परेशानी हो रही है. छात्रों ने बताया कि मेंस संचालक ने छात्रों को जानकारी दिया था कि गैस की कमी के कारण खाना तैयार करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अल्टीमेटम दिया है कि सुबह का नाश्ता और खाना उपलब्ध कराना मुश्किल हो रहा है. इससे छात्र काफी नाराज हो गए थे. संचालक को मेस चलाना मुश्किल मेस संचालक ने ब्लैक में गैस लेकर नाश्ता और खाना बनाना शुरू किया. जो काफी महंगा पड़ रहा है. ब्लैक में गैस लेने के कारण में संचालक को मेस चलाना मुश्किल हो रहा है. उसने विद्यार्थियों को पैसा बढ़ाने की बात कही, जिससे इस समस्या से निजात मिल सके. लेकिेन छात्र संचालक के बात से सहमत नहीं हुए. इस कारण मेस संचालक को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है. मेडिकल कालेज मेस में हर तीन सिलिंडर की खपत मेदिनीराय मेडिकल कालेज के मेस में खाना बनाने के लिए हर दिन 40 केजी गैस की जरूरत है. कालेज में करीब 500 छात्र और छात्राएं पढ़ाई करते हैं. सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना और रात का खाना बनाने के लिए हर दिन गैस की जरूरत पड़ती है. इसके लिए महीने में 60 सिलेंडर की आवश्यकता पड़ती है. गैस की किल्लत के कारण मेस संचालक को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है. जिसके कारण उन्हें ब्लैक में सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है. ऊंचे दामों पर सिलेंडर खरीदने के कारण मेस का खर्च बढ़ जा रहा है. मेस का खर्च बढ़ने के कारण संचालक काफी परेशान हैं. मेस संचालक ने बताया कि गैस की किल्लत होने के कारण लकड़ी या कोयले से खाना बनाना पड़ सकता है. इससे काफी परेशानी होगी. समय पर भोजन नहीं मिल पाएगा. मेडिकल कॉलेज जिला प्रशासन को भेजेगा पत्र मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ जक्का श्रीनिवासन राव ने कहा कि मेस संचालक को आवेदन देने के लिए कहा गया है. आवेदन को जिला प्रशासन को भेजा जाएगा, जिससे कि गैस की उपलब्धता आसानी से हो सके.

पुराने नंबर प्लेट वाले सावधान, परिवहन मंत्री श्रवण कुमार का सख्त निर्देश, अब बिहार में अनिवार्य हुई हाई सिक्योरिटी प्लेट

पटना बिहार में बड़ी संख्या में वाहन अब भी पुरानी नंबर प्लेट के साथ चल रहे हैं. परिवहन विभाग के अनुसार, करीब 52 लाख गाड़ियों में अब तक हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) नहीं लगी है. परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट किया है कि साल 2019 से पहले रजिस्टर्ड सभी वाहनों में HSRP लगाना अनिवार्य है. इसके लिए वाहन मालिकों को एक महीने का समय दिया गया है. कहां और कैसे लगवाएं HSRP वाहन मालिक अपने नजदीकी आथोराइज्ड डीलर या एजेंसी के पास जाकर HSRP लगवा सकते हैं. इसके अलावा, जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) कार्यालय से संपर्क कर भी पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली जा सकती है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपना डेटा अपडेट कराएं और नियमों का पालन करें. नियम तोड़ा तो लगेगा भारी जुर्माना अगर तय समय सीमा के भीतर HSRP नहीं लगवाई गई, तो वाहन मालिकों पर सख्त कार्रवाई होगी.     मोटर वाहन अधिनियम की धारा 192 और 50 के तहत कार्रवाई     5,000 रुपया से 10,000 तक का जुर्माना मैसेज आने पर घबराएं नहीं अगर आपकी गाड़ी में पहले से HSRP लगी है, लेकिन फिर भी प्लेट बदलवाने का मैसेज आ रहा है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. ऐसी स्थिति में संबंधित DTO कार्यालय जाकर सॉफ्टवेयर में डेटा अपडेट करवा लें. क्या है HSRP और क्यों है जरूरी? हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट एक खास तरह की एल्युमिनियम प्लेट होती है, जिसमें कई सुरक्षा फीचर्स होते हैं.     10 अंकों का यूनिक लेजर कोड     नीले रंग का अशोक चक्र होलोग्राम     छेड़छाड़ करना बेहद मुश्किल अपराध रोकने में मिलेगी मदद पहले साधारण नंबर प्लेट को आसानी से बदला जा सकता था, जिससे अपराधी नकली नंबर लगाकर वारदात को अंजाम देते थे. इसी समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी वाहनों में HSRP अनिवार्य किया है. नए वाहनों में यह प्लेट पहले से लगी होती है, जबकि पुराने वाहनों में अब इसे अनिवार्य रूप से बदला जा रहा है. सरकार की सख्ती: अब कोई ढिलाई नहीं सरकार का साफ संदेश है- सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं. HSRP लगाने से न सिर्फ चोरी और अपराध पर लगाम लगेगी, बल्कि वाहन की पहचान भी सुरक्षित और ट्रैक करने योग्य हो जाएगी.

कोल्हान की संपदा पर पहला हक स्थानीय लोगों का, टाटा स्टील और खनिज कंपनियों के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी

  चाईबासा झारखंड के चाईबासा में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में कोल्हान क्षेत्र की दयनीय स्थिति और संसाधनों के दोहन पर गहरी चिंता जताई गई. बैठक में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है जब कोल्हान की दशा को एक नई दिशा दी जाए. ​ मुख्य अतिथि ने क्या कहा? बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि कोल्हान रक्षा संघ के अध्यक्ष डीबार जोंकों ने कहा यह कितनी बड़ी विडंबना है कि टाटा स्टील जैसी कंपनियां जमशेदपुर को दुल्हन की तरह सजाने में लगी हैं, लेकिन जिस सारंडा और कोल्हान की कोख से वह लोहा निकलता है, वहां के लोग आज भी प्यासे हैं. हमारे पास न शुद्ध पीने का पानी है, न रहने को पक्का आवास और न चलने को सड़कें. आज भी यहां का युवा लकड़ी, दातुन और पत्ते बेचकर पेट भरने को मजबूर है. शिक्षा और स्वास्थ्य की व्यवस्थाएं कागजों तक सिमट कर रह गई हैं. बैठक में पेश किया आंकड़ा बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, कोल्हान क्षेत्र झारखंड के लौह अयस्क उत्पादन का 70-80% हिस्सा प्रदान करता है. मात्र एक महीने में 18.72 लाख टन उत्पादन हुआ, जिसका मूल्य ₹585.89 करोड़ है. कोल्हान से होने वाले वार्षिक उत्खनन का मूल्य लगभग 7,000 रू से 7,500 रू करोड़ बैठता है. ​कोल्हान रक्षा संघ के सदस्य रविन्द्र मंडल ने इन आंकड़ों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा अगर सालाना 7,500 करोड़ रुपये का खनिज हमारे पैरों के नीचे से निकाला जा रहा है, तो यहां की जनता दर-दर की ठोकरें क्यों खा रही है? रॉयल्टी और DMF (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन) का पैसा कहां जा रहा है? कोल्हान की जनता अब मूकदर्शक बनी नहीं रहेगी. हमें विकास में हिस्सेदारी चाहिए, केवल आश्वासन नहीं. ​बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कोल्हान के अधिकारों की रक्षा के लिए एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा.  खनिज उत्खनन में लगी कंपनियों में 75% स्थानीय युवाओं को अनिवार्य रोजगार मिलना चाहिए.सारंडा के सुदूर गांवों तक पक्की सड़कें और शुद्ध पेयजल की तत्काल व्यवस्था होनी चाहिए. प्रभावित क्षेत्रों में अत्याधुनिक अस्पताल और तकनीकी शिक्षण संस्थानों की स्थापना होनी चाहिए. जिसके लिये कोल्हान रक्षा संघ ग्रामीणों के हित के लिये उग्र आंदोलन करेगा.   इस संकल्प के साथ बैठक का समापन बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि कोल्हान की संपदा का लाभ सबसे पहले यहां के आदिवासियों और मूलवासियों को मिलना चाहिए. जब तक सारंडा के अंतिम व्यक्ति तक विकास नहीं पहुंचता, खनिज संपदा के इन आंकड़ों का जनता के लिए कोई मोल नहीं है. इस मौके पर महासचिव मानसिंह हेंब्रम, जय सिंह हेम्ब्रम, अधिवक्ता पूनम हेंब्रम, शिवनंदन किस्कू ,लक्ष्मण मंडल, सुमित्रा जोंको,रमेश केराई,हरीश लागुरी,बागुन केराई ,राजेन्द्र केराई,महती बोयपाई,विशाला बोयपाई ,डूरा केराई,रोया बोयपाई,मुर्गा केराई समेत काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.

‘दयाबेन’ के सिर से उठा पिता का साया, दिग्गज अभिनेता भीम वकानी के निधन से शोक में डूबा टीवी जगत

दिग्गज एक्टर और रंगमंच कलाकार भीम वकानी का 7 अप्रैल को निधन हो गया। पूरा टीवी जगत उनके निधन से शोक में डूबा हुआ है। वे 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के कलाकारों दिशा वकानी और मयूर वकानी के पिता थे। उनके निधन से उनके परिवार और दोस्तों को गहरा सदमा लगा है, जो अभी भी इस सदमे से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी मृत्यु का सटीक कारण अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है। इस बीच, अंतिम संस्कार के कई वीडियोज सामने आए हैं जिनमें दिशा और मयूर वकानी अपने पिता के निधन से पूरी तरह टूट गए हैं और फूटकर रो रहे हैं। खबरों के अनुसार, भीम वकानी कुछ समय से बीमार थे। दिशा वकानी और उनका परिवार इस समय शोक में डूबा हुआ है और इस कठिन समय में उन्होंने अपनी निजी संवेदनाएं व्यक्त न करने का फैसला किया है। टेलीविजन जगत के कई लोगों ने वकानी परिवार को अपनी संवेदनाएं भेजी हैं। भीम वकानी का अंतिम संस्कार हाल ही में संपन्न हुआ, जहां दिशा और मयूर अपने पिता को अंतिम विदाई देते नजर आए। पिता के अंतिम संस्कार में टूटीं दयाबेन अंतिम संस्कार के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इन वीडियोज में दिशा वकानी अपने पिता को अंतिम श्रद्धांजलि देते हुए भावुक होती नजर आ रही हैं। अंतिम संस्कार के दौरान उनकी आंखों में आंसू साफ दिख रहे थे। उन्होंने अपना चेहरा मास्क से ढका और सिर पर दुपट्टा ओढ़ा हुआ था। वीडियो में वह अपने रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों के साथ दिख रही हैं। दिशा काफी दुखी लग रही हैं और अपने आंसुओं को रोकने की कोशिश करती नजर आ रही हैं। उनके भाई मयूर भी पूरी तरह टूट गए हैं। दिशा वकानी और मयूर वकानी का करियर बनाया दिशा वकानी ने हमेशा अपनी निजी जिंदगी को गोपनीय रखा है, अपने पिता के बेहद करीब थीं। वह बचपन से ही अपने पिता के थिएटर ग्रुप में उनके साथ काम करती रही हैं। उनके मार्गदर्शन में दिशा और उनके भाई मयूर दोनों ने अभिनय की बारीकियां सीखीं। भीम वकानी दिशा के सबसे बड़े समर्थक थे और उन्होंने ही उन्हें मनोरंजन जगत में आने के लिए प्रेरित किया था। हमारे एक इंटरव्यू में मयूर ने बताया था कि दिशा ने 5 साल की उम्र में अपना पहला नाटक किया था, जिसमें उन्होंने 90 साल की एक बुजुर्ग महिला का किरदार निभाया था। कौन हैं भीम वकानी? गुजराती थिएटर में एक बड़ा चेहरा होने के साथ-साथ, इस अनुभवी एक्टर ने कई लोकप्रिय बॉलीवुड फिल्मों में सपोर्टिंग रोल्स भी किए। भीम वकानी को कई फिल्मों में सहायक भूमिकाओं के लिए जाना जाता था। उनका लंबा करियर रहा और उन्हें 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के एक एपिसोड में भी देखा गया। टेलीविजन के अलावा, भीम वकानी ने 'हम दिल दे चुके सनम' और 'लगान' जैसी कई बॉलीवुड ब्लॉकबस्टर फिल्मों में भी काम किया। उन्होंने शाहरुख खान, माधुरी दीक्षित और ऐश्वर्या राय की 'देवदास' में भी अभिनय किया था।  

जेल से छूटते ही फिर शुरू किया नशे का काला खेल, गुमला पुलिस ने चर्चित होटल मालिकों को किया गिरफ्तार

 गुमला   झारखंड के गुमला जिले में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच पुलिस को एक बड़ी और सफलता हाथ लगी है. देर रात गुमला और सिसई थाना क्षेत्र में पुलिस की स्पेशल टीम ने जब एक साथ कई होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंट्स पर धावा बोला, तो अंदर का नजारा देखकर खुद पुलिस भी सन्न रह गई. बाहर से खाने-पीने के ठिकाने दिखने वाले ये जगहें दरअसल नशे के काले कारोबार के अड्डे बन चुके थे. छापेमारी में नशा हुआ बरामद छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब डेढ़ किलो अफीम, तीन किलो गांजा और लगभग एक किलो कच्चा अफीम बरामद किया है. इस कार्रवाई में तीन बड़े नाम बलराम साहू, उमेश साहू और कमल सिंह को हिरासत में लिया गया है. ये तीनों कोई मामूली लोग नहीं, बल्कि इलाके के चर्चित होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट के मालिक बताए जा रहे हैं, जो लंबे समय से इस अवैध धंधे को पर्दे के पीछे से चला रहे थे. आरोपियों से पूछताछ पुलिस ने तीनों आरोपियों को गुप्त स्थान पर रखकर कड़ी पूछताछ शुरू कर दी है. शुरुआती पूछताछ में ही कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं. जिससे यह साफ हो गया है कि यह कोई छोटा-मोटा नेटवर्क नहीं, बल्कि नशे का एक संगठित और गहराई तक फैला सिंडिकेट है. पंजाब जेल से छूटकर आया है कमल गुमला और सिसई पुलिस को इनके पास से भारी मात्रा में नगद राशि भी मिली है, जिसे अवैध कारोबार की कमाई मानी जा रही है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हिरासत में लिया गया कमल सिंह पहले भी नशे के बड़े मामले में पकड़ा जा चुका है. पांच जुलाई 2024 को पंजाब के फाजिल्का जिले की पुलिस ने उसे 66 किलो अफीम के साथ उसके ही रेस्टोरेंट से गिरफ्तार किया था. उस वक्त वह लंबे समय तक जेल में रहा और हाल ही में बाहर आया था. लेकिन जेल से निकलते ही उसने फिर उसी पुराने रास्ते को चुन लिया. पुलिस ने एक ब्रेजा गाड़ी भी जब्त की है. जिसे गुमला थाना में रखा गया है. शराब के बाद अफीम का कारोबार बलराम साहू का नाम भी पहले से अपराध की दुनिया में चर्चित रहा है. हाल ही में उसे अवैध शराब के कारोबार में पकड़ा गया था और जेल भेजा गया था. अब एक बार फिर उसका नाम नशे के बड़े नेटवर्क में सामने आना यह साबित करता है कि जिले में नशे के कारोबारियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से मिले सुरागों के आधार पर आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं. कई अन्य नाम भी जांच के दायरे में हैं और गिरफ्तारियां होने की संभावना है. फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए पूरी ताकत झोंक चुकी है.

नासिक में IT कंपनी का शर्मनाक कांड: HR हेड पर आरोप, 6 गिरफ्तार, 4 साल से चल रहा था रेप और धर्मांतरण का खेल

नासिक  महाराष्ट्र के नासिक में एक बड़ी आईटी कंपनी में महिलाओं के साथ छेड़छाड़, रेप और जबरन धर्मांतरण का गंभीर मामला सामने आया है. नासिक पुलिस ने इस मामले में छह टीम लीडर को गिरफ्तार कर लिया है. सभी छह आरोपी अलग-अलग आरोपों में गिरफ्तार किए गए हैं. इनमें से एक टीम लीडर पर रेप का आरोप है, जबकि बाकी पर महिला सहकर्मियों से छेड़छाड़ और दफ्तर में धार्मिक भावनाओं से जुड़ी अपमानजनक बातें करने के आरोप लगे है।  रिपोर्ट के मुताबिक संदिग्ध आरोपी तैसिफ अत्तार, दानिश, शाहरुख शेख और रजा मेमन पर एक हिंदू युवक को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने की शिकायत दर्ज करवाई गई है. कंपनी में हिंदू युवक को दोपहर के समय नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किए जाने का भी आरोप है. इसके अलावा, शिकायत में यह भी उल्लेख कि युवक को जबरन बीफ खिलाया गया. उसी युवक के धर्म परिवर्तन के बाद की तस्वीरें सामने आईं।  चार सालों से चल रहा था गंदा खेल पुलिस के अनुसार ये घटनाएं पिछले चार सालों के दौरान अलग-अलग समय पर हुईं. पीड़ित महिलाओं ने कंपनी के एचआर हेड को पॉश यानी प्रीवेंशन ऑफ सेक्सुअल हैरासमेंट के नियमों के तहत लिखित शिकायत की थी. लेकिन एचआर हेड ने कोई कार्रवाई नहीं की. बल्कि एक पीड़िता के अनुसार जब उसने सेक्सुअल हैरासमेंट की जानकारी दी तो एचआर हेड ने कहा कि यह सब एमएनसी में नॉर्मल है, शांत रहो।  पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने एचआर हेड के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एसआईटी का गठन किया है. पुलिस को शक है कि इस मामले में कई और पीड़ित महिलाएं भी हो सकती हैं, जो अभी सामने नहीं आई हैं. जांच टीम सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है और अन्य संभावित पीड़ितों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है. अभी तक पुलिस ने इस पूरे प्रकरण में कुल नौ एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें से आठ महिलाओं की शिकायतों पर आधारित हैं. इनमें यौन अपराधों और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से संबंधित धाराएं शामिल हैं।  कंपनी में करीब 300 कर्मचारी काम करते हैं और गिरफ्तार किए गए ज्यादातर आरोपी टीम लीडर के पद पर थे. पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से अपनी पोजिशन का दुरुपयोग कर महिलाओं को परेशान कर रहे थे. नासिक पुलिस अब सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की गहराई तक जांच जारी है. अगर अन्य पीड़ित सामने आती हैं तो एफआईआर की संख्या और बढ़ सकती है।