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प्राइवेट वेन्यू पर सरकारी इवेंट्स पर लगी रोक, फालतू खर्च कम करने के लिए मुख्य सचिव ने जारी किए निर्देश

जयपुर राजस्‍थान सरकार ने खर्च कम करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. अब सरकारी कार्यक्रम जैसे समारोह, प्रदर्शनी, सेमिनार वगैरह निजी जगहों पर नहीं किए जाएंगे. साफ शब्दों में कहें तो होटल या प्राइवेट हॉल में सरकारी इवेंट कराने पर रोक लगा दी गई है. प्राइवेट जगह पर आयोजन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी की मंजूरी जरूरी. कमेटी से मंजूरी लेनी पड़ेगी   हां, अगर कोई खास स्थिति हो, और निजी जगह पर कार्यक्रम करना बहुत जरूरी हो, तो इसके लिए पहले कमेटी से मंजूरी लेनी पड़ेगी. ये कमेटी मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में काम करेगी. बिना उनकी अनुमति के निजी स्थल पर आयोजन नहीं हो सकेगा. सरकारी भवनों में होंगे कार्यक्रम सरकार का कहना है कि इस फैसले से सरकारी सुविधाओं का सही इस्तेमाल होगा, और फालतू खर्च भी रुकेगा. इसको लेकर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सभी विभागों, निगमों और स्वायत्तशासी संस्थाओं को निर्देश जारी कर दिए हैं, अब उन्हें कहा गया है कि अपने कार्यक्रम सरकारी भवनों और कॉन्फ्रेंस हॉल में ही करें. सरकार ने तय कर रखी है जगह सरकारी कार्यक्रम के लिए सरकार ने कुछ जगहें भी तय कर रखी है, जैसे राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब, इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान, एचसीएम रीपा और दुर्गापुर का सियाम इन जगहों पर सरकारी कार्यक्रम किए जा सकते हैं.

बिहार की सत्ता में बड़ा बदलाव, बीजेपी संभालेगी कमान और जेडीयू को मिल सकते हैं दो डिप्टी सीएम के पद

 पटना   बिहार की राजनीति में पिछले कई दिनों से चल रहा सस्पेंस अब खत्म होने की कगार पर है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेताओं के साथ फाइनल दौर की बैठक करेंगे. इस बैठक का एजेंडा नई सरकार के स्वरूप और मंत्रालयों के बंटवारे को अंतिम रूप देना होगा. बीजेपी के पास होगी कमान मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बनने वाली नई सरकार में मुख्यमंत्री बीजेपी का होगा. अब तक नीतीश कुमार ही एनडीए की कमान संभालते रहे हैं, लेकिन बदले हुए सियासी समीकरणों में बीजेपी ने अपनी भूमिका को बढ़ाने फैसला किया है. जेडीयू और अन्य सहयोगियों का हिस्सा सत्ता के संतुलन को बनाए रखने के लिए जेडीयू को दो डिप्टी सीएम पद दिए जाने की संभावना है. इसके अलावा, जेडीयू के 13-14 विधायक कैबिनेट का हिस्सा बनेंगे. छोटी पार्टियों को भी उनकी ताकत के हिसाब से सरकार में जगह दी जा सकती है. जीतनराम मांझी की हम पार्टी से उनके बेटे संतोष सुमन, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी (RLM) से दीपक प्रकाश और चिराग पासवान की पार्टी (LJP-R) से संजय पासवान और संजय सिंह को मंत्री पद मिलने की चर्चा है. जातीय समीकरण का रखा जायेगा ध्यान नई सरकार के गठन में केवल सत्ता का बंटवारा ही नहीं, बल्कि सोशल मैसिजिंग का भी ध्यान रखा जायेगा. बीजेपी और जेडीयू की रणनीति ओबीसी, सवर्ण, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को बराबरी का प्रतिनिधित्व देने की है. यह पूरी कवायद अगले चुनावों को ध्यान में रखकर की जा रही है. दिल्ली में होने वाली बैठक में इन चेहरों के नाम पर अंतिम चर्चा होगी. नीतीश कुमार के दिल्ली से लौटते ही इस्तीफे की औपचारिकता पूरी होगी और बिहार में एक नई सुबह की शुरुआत होगी. यहां बीजेपी पहली बार राज्य के बॉस की भूमिका में नजर आ सकती है.

सफल होना है तो सीखें चुप रहने की कला, आचार्य चाणक्य के अनुसार कम बोलने वाले ही बनते हैं समझदार

आचार्य चाणक्य प्राचीन भारत के महान विद्वान, शिक्षक, अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ थे, जिनको कौटिल्य और विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है. चाणक्य ने चंद्रगुप्त मौर्य को मार्गदर्शन देकर मौर्य साम्राज्य की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उनकी नीतियों और बुद्धिमत्ता के कारण उन्हें भारतीय इतिहास के सबसे प्रभावशाली विचारकों में गिना जाता है. इन्हीं नीतियों का उदाहरण था चाणक्य नीति. चाणक्य नीति एक ऐसा ग्रंथ है, जिसमें जीवन को सही तरीके से जीने के नियम और ज्ञान के बारे में बताया गया है. इसमें व्यक्ति के व्यवहार, रिश्तों, सफलता, धन, शिक्षा, राजनीति और समाज से जुड़े कई महत्वपूर्ण बातों के बारे में बताया गया है. चाणक्य नीति की बातें आज के जीवन में बहुत ही उपयोगी मानी जाती है, जिनमें सबसे विशेष बात है कम बोलना. आचार्य चाणक्य के अनुसार, कम बोलने की आदत व्यक्ति को समझदार बनाती है. जो लोग कम बोलते हैं, वे अक्सर जीवन में ज्यादा सफल और सम्मानित होते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि वे अपनी ऊर्जा बेवजह की बातों में खर्च करने के बजाय सही जगह इस्तेमाल करते हैं. सोच-समझकर बोलना बनाता है समझदार आचार्य चाणक्य के मुताबिक, कम बोलने वाले लोग हर बात पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं देते हैं. वे पहले स्थिति को समझते हैं, फिर अपनी बात रखते हैं. इससे उनके फैसले ज्यादा सही होते हैं और वे गलतफहमियों से भी बचे रहते हैं. यही आदत उन्हें दूसरों से ज्यादा परिपक्व बनाती है. जो लोग कम बोलते हैं उनकी बातें ज्यादा महत्व रखती हैं. वे फालतू की चर्चा में नहीं पड़ते, इसलिए जब भी कुछ कहते हैं, लोग ध्यान से सुनते हैं. इससे उनकी बातों का प्रभाव भी बढ़ता है और समाज में उनकी अलग पहचान बनती है. हर बात शेयर करना नहीं है सही कम बोलने का एक फायदा यह भी है कि व्यक्ति अपनी योजनाएं और निजी बातें हर किसी को नहीं बताता है. चाणक्य मानते हैं कि अपनी रणनीति को सीमित लोगों तक रखना ही समझदारी है. इससे नुकसान होने की संभावना कम हो जाती है. कई बार चुप रहना ही सबसे अच्छा फैसला होता है. खासकर तब, जब सामने वाला आपकी बात समझने के मूड में न हो. ऐसे में शांत रहकर स्थिति को संभालना ज्यादा बेहतर होता है. जो लोग कम बोलते हैं, उन्हें लोग ज्यादा गंभीरता से लेते हैं. उनकी बातों की अहमियत होती है और समाज में उन्हें सम्मान मिलता है. यही आदत उन्हें धीरे-धीरे सफलता की ओर भी ले जाती है.

एमएलसी सीट के लिए चुनावी बिगुल फूंका, भागलपुर-सह-बक्सर सीट पर उपचुनाव का शेड्यूल जारी, आचार संहिता लागू

पटना    बिहार विधान परिषद की एक महत्वपूर्ण सीट पर उपचुनाव की तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है. यह सीट पिछले साल नवंबर से खाली पड़ी थी, जिस पर अब चुनावी घमासान शुरू होने वाला है. आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, इस सीट के लिए 12 मई को वोट डाले जाएंगे और 14 मई को यह साफ हो जाएगा कि सदन में राधाचरण शाह का उत्तराधिकारी कौन बनेगा. क्यों खाली हुई यह सीट और क्या है इसका समीकरण? यह उपचुनाव भागलपुर-सह-बक्सर स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के लिए हो रहा है. इस सीट से विधान परिषद सदस्य रहे राधाचरण शाह ने पिछले साल इस्तीफा दे दिया था. नवंबर 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में वे संदेश विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए, जिसके बाद 16 नवंबर 2025 से यह सीट रिक्त थी. राधाचरण शाह जुलाई 2015 से ही इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. अब इस सीट पर जो भी नया चेहरा जीतकर आएगा, उसका कार्यकाल 7 अप्रैल 2028 तक रहने वाला है. नामांकन से लेकर नतीजों तक- जानें पूरा शेड्यूल चुनाव आयोग ने इस उपचुनाव के लिए एक विस्तृत समय-सारणी तैयार की है. इसकी शुरुआत 16 अप्रैल 2026 को अधिसूचना जारी होने के साथ होगी. इच्छुक उम्मीदवार 23 अप्रैल तक अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे. इसके अगले दिन यानी 24 अप्रैल को नामांकन पत्रों की बारीकी से जांच की जाएगी. जो उम्मीदवार अपना नाम वापस लेना चाहते हैं, उनके लिए 27 अप्रैल की समय सीमा तय की गई है. इसके बाद 12 मई को मतदान की प्रक्रिया पूरी होगी और 14 मई को मतगणना के बाद नतीजों की घोषणा कर दी जाएगी. आयोग ने निर्देश दिया है कि पूरी चुनावी प्रक्रिया 15 मई तक संपन्न करा ली जाए. आचार संहिता लागू निर्वाचन आयोग की इस घोषणा के साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है. इसका सीधा मतलब यह है कि अब सरकार इस क्षेत्र में कोई नई घोषणा या लुभावनी योजनाओं का ऐलान नहीं कर सकेगी. राधाचरण शाह के संदेश विधानसभा से विधायक बनने के बाद अब उनकी विरासत को कौन संभालेगा, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं.  

संजय गांधी जैविक उद्यान में दिखेंगे संगाई हिरण और सफेद बाघ, एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत हुआ बड़ा समझौता

पटना पटना का सबसे पसंदीदा पिकनिक स्पॉट ‘संजय गांधी जैविक उद्यान’ (पटना जू) की रौनक अब दोगुनी होने वाली है. जल्द ही पटना जू में कई नए और दुर्लभ वन्यजीव दस्तक देने वाले हैं. एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत पटना जू ने दिल्ली और हरियाणा के रोहतक जू के साथ एक बड़ा समझौता फाइनल किया है, जिससे यहां सफेद बाघिन और संगाई हिरण जैसे शानदार जीव देखने को मिल सकते है. दिल्ली से आएगा सफेद बाघिन का जोड़ा पटना जू प्रशासन और दिल्ली चिड़ियाघर के बीच हुई इस अदला-बदली में सबसे बड़ा आकर्षण सफेद बाघिन होने वाली है. इसके साथ ही मणिपुर का गौरव माने जाने वाले 6 संगाई हिरण (2 नर और 4 मादा) भी पटना के मेहमान बनेंगे. दिल्ली से 4 सफेद कृष्णमृग, 4 रोजी पेलिकन और 4 पेंटेड स्टॉर्क भी लाए जाएंगे, जिससे जू के पक्षी जोन में काफी हलचल बढ़ जाएगी. रोहतक जाएंगे पटना के ये खास जानवर इस अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले वन्यजीव विनिमय के तहत पटना जू भी अपने कुछ बेहतरीन जानवर अन्य शहरों को सौंपेगा. दिल्ली जू को पटना की ओर से 4 इंडियन वुल्फ (भेड़िये), एक सामान्य नर बाघ, 4 घड़ियाल, 2 कॉमन रैट स्नेक और 2 कॉमन बार्न आउल दिए जाएंगे. भेड़ियों की एक जोड़ी हरियाणा के रोहतक जू भेजी जाएगी. इसके बदले में रोहतक से पटना को 2 ग्रीन इगुआना और 2 सिल्वर फिजेंट मिलेंगे. यह एक्सचेंज प्रोग्राम न केवल जू की विविधता बढ़ाएगा, बल्कि विलुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण में भी मदद करेगा. क्यों जरूरी है जानवरों की यह ‘अदला-बदली’? जू प्रशासन के अनुसार, एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों के बीच जेनेटिक डाइवर्सिटी को बनाए रखना है. अक्सर एक ही चिड़ियाघर में रहने वाले जानवरों के बीच ‘इनब्रीडिंग’ की समस्या पैदा हो जाती है, जिससे उनकी अगली पीढ़ी कमजोर होने लगती है. दूसरे शहरों से नए जानवर आने से प्रजातियों का स्वास्थ्य बेहतर होता है और जेनेटिक कमियां दूर होती हैं. इससे न केवल जानवरों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि पर्यटकों को भी हर बार कुछ नया देखने को मिलेगा.

ब्यूटी टूल या मल्टी-टास्किंग गैजेट? जानें हेयर स्ट्रेटनर से चिप्स के पैकेट सील करने और प्रेस करने का तरीका

आजकल हर लड़की खुद को अप-टू-डेट रखना चाहती है, जिसके लिए अक्सर वो पार्लर जाती हैं. लेकिन रोजाना पार्लर जाना मुमकिन नहीं है. ऐसे में बालों को स्टाइल करने के लिए अब घर पर ही कर्लर और हेयर स्ट्रेटनर जैसी मशीन लाए रखती हैं. बालों को सीधा करने के लिए वो हेयर स्ट्रेटनर का इस्तेमाल करती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये गैजेट सिर्फ बालों को 'सिल्की-स्मूद' बनाने के ही काम नहीं आता? दरअसल, आपके ड्रेसिंग टेबल पर रखा ये छोटा सा टूल आपके घर के कई कामों को आसान बना सकता है. हेयर-स्ट्रेटनर को 'मल्टी-टास्किंग जीनियस' कहना गलत नहीं होगा. किचन से लेकर बच्चों के स्कूल प्रोजेक्ट्स तक, हेयर स्ट्रेटनर मशीन घर के कई ऐसे कामों को चुटकियों में निपटा सकती है जिसके लिए हम अक्सर परेशान होते हैं. इसे सिर्फ एक ब्यूटी प्रोडक्ट समझना छोड़ दीजिए. चलिए जानते हैं हेयर स्ट्रेटनर के कुछ ऐसे जादुई इस्तेमाल जो आपकी डेली लाइफ को बेहद आसान बना देंगे. 1. पैकेट को एयर-टाइट सील करें: आपके बालों को सीधा करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हेयर स्ट्रेटनर घर में खुले पैकेट्स को आसानी से सील कर सकता है. सोचिए, घर में अक्सर चिप्स, बिस्किट या नमकीन का पैकेट आधा बच जाता है और खुला रह जाने से वह जल्दी सील जाते हैं. ऐसे में पैकेट को वापस सील करना जरूरी है. कैसे करें: हेयर स्ट्रेटनर को हल्का गर्म करें और पैकेट के खुले हिस्से को उसके बीच में दबा दें. गर्मी से प्लास्टिक चिपक जाएगा और पैकेट फिर से सील हो जाएगा. अब आपके चिप्स-नमकीन जैसे स्नैक्स लंबे समय तक क्रिस्पी बने रहेंगे.   2. झटपट कपड़ों की प्रेस करें: यूं को घर कपड़ों की सिलवटें हटाने के लिए प्रेस का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन अगर आपको कहीं जल्दी जाना है और कपड़ों पर हल्की सिलवटें दिख जाएं, तो स्ट्रेटनर आपकी मदद कर सकता है. कैसे करें: ऐसा करने के लिए हेयर स्ट्रेटनर को गर्म करें और शर्ट के कॉलर, कफ या बटन के बीच के हिस्सों पर हल्के हाथ से चलाएं. इस गैजेट से कपड़ों की छोटी-छोटी सिलवटें तुरंत हटाना आसान हो जाता है. 3. क्राफ्ट और DIY प्रोजेक्ट्स में मददगार: अगर आप या आपके बच्चे क्राफ्टिंग पसंद करते हैं, तो स्ट्रेटनर एक मजेदार टूल साबित हो सकता है. बच्चों के स्कूल प्रोजेक्ट्स को आसान बनाने के लिए इसे इस्तेमाल कर सकते हैं. कैसे करें: सोचिए अगर आपको फोम शीट को मोड़ना हो या रिबन को कर्ल देना हो तो आप स्ट्रेटनर की मदद से इन्हें आसानी से मनचाहा शेप दे सकते हैं. स्कूल प्रोजेक्ट्स के लिए ये बहुत काम का है. 4. बेड को दें होटल जैसा परफेक्ट लुक: जब आप कभी होटल के कमरे में जाते तो देखते ही लगता है कि वहां का बेड हमेशा इतना सलीकेदार दिखता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये ऐसा क्यों दिखता है?   कैसे करें: चादर बिछाने के बाद उसके किनारों और तकिए के कवर के बॉर्डर पर आप हल्के हाथ से स्ट्रेटनर चला सकते हैं. इससे कपड़ा एकदम फ्लैट और शार्प दिखेगा और आपका बेड बिल्कुल होटल जैसा लगेगा. इन बातों का जरूर रखें ध्यान: 1. तापमान का ध्यान रखें: हेयर स्ट्रेटनर का इस्तेमाल करते हुए हमेशा तापमान का ध्यान रखना जरूरी है. प्लास्टिक या नाजुक कपड़ों पर इस्तेमाल करते समय स्ट्रेटनर को हमेशा लो हीट पर रखें. 2. साफ-सफाई जरूरी है: अगर आप इसका इस्तेमाल खाने का पैकेट सील करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, तो पहले उसकी सूखे कपड़े से अच्छे से साफ-सफाई कर लें. क्योंकि उस पर बाल लगे हो सकते हैं.

सावधान! शनि बदल रहे हैं अपना नक्षत्र, मेष और मकर समेत इन राशियों पर बढ़ेगा मानसिक और आर्थिक दबाव

 ज्योतिष शास्त्र में शनि को कर्मों का न्यायाधीश माना जाता है.  जब यह ग्रह अपनी चाल या नक्षत्र बदलता है, तो इसका असर सिर्फ राशियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि व्यक्ति की सोच, निर्णय लेने की क्षमता और आर्थिक हालात पर भी साफ दिखाई देता है. इस बार शनि नक्षत्र परिवर्तन 2026 17 अप्रैल 2026 से एक नए नक्षत्रीय चरण में प्रवेश करेगा. यह स्थिति लगभग एक महीने तक बनी रहेगी . इस दौरान कई लोगों को जीवन में धीमापन और दबाव महसूस हो सकता है. इस समय रुके हुए कामों में देरी बढ़ सकती है, जल्दबाजी में लिए गए फैसले नुकसान दे सकते हैं. कई बार ऐसा लगेगा कि हालात आपके खिलाफ जा रहे हैं, लेकिन वास्तव में यह समय आपको परखने और मजबूत बनाने का होता है. हालांकि, जो लोग धैर्य रखते हैं, सही रणनीति अपनाते हैं और बिना शॉर्टकट के आगे बढ़ते हैं, उनके लिए यही समय भविष्य की सफलता की नींव रख सकता है. यही वजह है कि इस अवधि को सिर्फ कठिन समय नहीं, बल्कि एक तरह का रीसेट पीरियड भी माना जा रहा है. इन 4 राशियों पर रहेगा सबसे ज्यादा असर 1. मेष राशि (Aries) इस दौरान मेष राशि वालों के लिए हालात थोड़े चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं. करियर में रुकावट या अचानक बदलाव देखने को मिल सकते हैं. जल्दबाजी में लिए गए फैसले नुकसान दे सकते हैं. आर्थिक मामलों में सतर्क रहना जरूरी होगा. 2. कर्क राशि (Cancer) कर्क राशि वालों को इस समय भावनात्मक उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है. रिश्तों में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं.परिवार से जुड़ी चिंताएं परेशान कर सकती हैं. मानसिक तनाव महसूस हो सकता है, शांत रहें . बातचीत से समस्याएं सुलझाएं. 3. तुला राशि (Libra) तुला राशि वालों के लिए यह समय मेहनत का होगा, लेकिन परिणाम धीरे मिलेंगे. करियर में प्रगति धीमी हो सकती है.काम का दबाव बढ़ सकता है. आत्मविश्वास में कमी महसूस हो सकती है. लगातार मेहनत करते रहें, समय के साथ स्थिति बेहतर होगी. 4. मकर राशि (Capricorn) मकर राशि पर शनि का प्रभाव गहरा माना जाता है, इसलिए यह समय थोड़ा भारी रह सकता है. खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है. सेहत को लेकर लापरवाही नुकसान दे सकती है. जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं. खर्चों पर नियंत्रण रखें. आखिर में क्या होगा? शनि का यह चरण भले ही शुरुआत में मुश्किलों से भरा लगे, लेकिन इसका असली उद्देश्य आपको मजबूत बनाना है. यह समय आपकी गलतियों को सुधारने, धैर्य सीखने और सही दिशा में आगे बढ़ने का मौका देता है.अगर आप इस दौरान संयम और मेहनत के साथ आगे बढ़ते हैं, तो यही समय आपके जीवन में बड़ा बदलाव लाकर एक नई शुरुआत की नींव रख सकता है.

कालाष्टमी 2026: 10 अप्रैल को है ‘काशी के कोतवाल’ का व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और प्रिय भोग

:कालाष्टमी का दिन भगवान काल भैरव को समर्पित है, जिन्हें भगवान शिव का ही एक रूप माना जाता है. साल 2026 में यह पर्व 10 अप्रैल को मनाया जाएगा. मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा करने से भय दूर होता है और जीवन की परेशानियां समाप्त हो जाती हैं. काल भैरव को “काशी का कोतवाल” भी कहा जाता है, जो अपने भक्तों की हर संकट से रक्षा करते हैं. कालाष्टमी 2026: शुभ मुहूर्त और समय हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत और समाप्ति का समय इस प्रकार है:     अष्टमी तिथि प्रारंभ: 9 अप्रैल 2026, रात्रि 09:19 बजे से     अष्टमी तिथि समाप्त: 10 अप्रैल 2026, रात्रि 11:15 बजे तक     मुख्य व्रत तिथि: उदय तिथि के अनुसार, मुख्य व्रत 10 अप्रैल 2026, शुक्रवार को रखा जाएगा. प्रिय भोग मान्यता है कि भगवान काल भैरव को इमरती, जलेबी, बाटी-चूरमा, तली हुई पापड़, बेसन के लड्डू और काले उड़द से बनी चीजें अत्यंत प्रिय हैं. इसलिए पूजा के लिए भोग में इन चीजों को अवश्य शामिल करें. इसके अलावा, इस दिन कच्चा दूध और मीठी रोटी का भोग लगाना भी शुभ माना जाता है. शुभ रंग भगवान काल भैरव का संबंध शनि और राहु से भी माना जाता है. इसलिए उन्हें काला और नीला रंग पहनाना शुभ माना जाता है. प्रिय फूल काल भैरव को कनेर और आक के फूल चढ़ाना श्रेष्ठ माना गया है. इसके अलावा उन्हें नीले रंग के फूल जैसे अपराजिता भी अर्पित किए जा सकते हैं. पूजन विधि: ऐसे करें आराधना     स्नान और संकल्प: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और भगवान काल भैरव के व्रत का संकल्प लें.     स्थापना: चौकी पर काल भैरव की मूर्ति या चित्र स्थापित करें.     अभिषेक: काल भैरव का पंचामृत या कच्चे दूध से अभिषेक करें.     दीपक: चौमुखी दीपक जलाएं, जिसमें सरसों का तेल प्रयोग करें.     पाठ और मंत्र: भगवान काल भैरव के मंत्र “ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं” या “ॐ कालभैरवाय नमः” का जप करें. इस दिन काल भैरव अष्टक का पाठ करना विशेष फलदायी होता है.     कथा और चालीसा: भगवान काल भैरव की व्रत कथा और चालीसा का पाठ करें.     आरती: अंत में आरती कर पूजा पूर्ण करें. कालाष्टमी की पौराणिक कथा शिव पुराण के अनुसार, एक बार सृष्टि की रचना करने वाले ब्रह्मा जी और पालनकर्ता भगवान विष्णु के बीच यह बहस छिड़ गई कि उनमें सबसे महान कौन है. इस विवाद को सुलझाने के लिए महादेव एक अंतहीन ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए. दोनों के बीच यह शर्त रखी गई कि जो भी इस प्रकाश स्तंभ का आदि या अंत खोज लेगा, वही श्रेष्ठ माना जाएगा. भगवान विष्णु ने वराह का रूप धारण कर पाताल की ओर जाकर सत्य स्वीकार किया कि इसका कोई अंत नहीं है. दूसरी ओर, ब्रह्मा जी हंस बनकर आकाश की ओर गए. अंत न मिलने पर भी उन्होंने छल करके दावा किया कि उन्होंने अंत देख लिया है और केतकी के पुष्प को भी झूठ बोलने के लिए राज़ी कर लिया. ब्रह्मा जी के इस अहंकार और असत्य को देखकर भगवान शिव अत्यंत क्रोधित हो गए, और उनके क्रोध से भयंकर रूप वाले काल भैरव प्रकट हुए. काल भैरव ने अपने नाखून से ब्रह्मा जी का पांचवां मुख काट दिया, जिससे उन्होंने झूठ बोला था और शिव की निंदा की थी. चूंकि काल भैरव ने एक ब्राह्मण (ब्रह्मा जी) का सिर काटा था, इसलिए उन पर ‘ब्रह्महत्या’ का पाप लगा और वह कटा हुआ सिर उनके हाथ से चिपक गया. इस पाप से मुक्ति पाने के लिए वे तीनों लोकों में भटके, लेकिन अंततः जब वे काशी (वाराणसी) पहुंचे, तो वह सिर उनके हाथ से छूट गया और वे मुक्त हो गए. तभी से काल भैरव को ‘काशी का कोतवाल’ कहा जाता है, जिनके दर्शन के बिना काशी की यात्रा अधूरी मानी जाती है.

नायब सैनी कैबिनेट का बड़ा फैसला, न्यूनतम मजदूरी बढ़कर हुई ₹15,220 और राशन डिपो में महिलाओं को 33% कोटा

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित कैबिनेट की बैठक में अग्निवीर नीति, 2024 को स्वीकृति प्रदान की गई। इससे पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास, उन्हें रोजगार उपलब्ध करवाने तथा वर्दीधारी सेवाओं और सुरक्षा से संबंधित पदों में उनके कौशल का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। साथ ही उन्हें हरियाणा सरकार के अधीन सेवाओं/पदों, जैसे कि फॉरेस्ट गार्ड, वार्डर तथा माइनिंग गार्ड में वर्तमान 10 प्रतिशत हॉरिजॉन्टल आरक्षण को बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया। वहीं राज्य सरकार ने प्रदेश के श्रमिक वर्ग के हित में बड़ा फैसला लेते हुए अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 15,220 रुपए प्रति माह करने का निर्णय लिया है। विधानसभा के बजट सत्र में उन्होंने घोषणा की थी कि एक्सपर्ट कमेटी ने अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाने की सिफारिश की है। रिटायरमेंट हाऊसिंग पॉलिसी में संशोधन, एफ.ए.आर. बढ़ाकर किया 3.0 बैठक में हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन अधिनियम, 1975 के अंतर्गत लाइसैंस प्रदान करके नियोजित रिटायरमेंट हाऊसिंग पॉलिसी में संशोधन को मंजूरी दी गई। ऐसा वृद्धजनों की आबादी को ध्यान में रखते हुए हस्तांतरणीय विकास अधिकार (टी.डी. आर.) नीति, 2021 के प्रावधानों के अनुरूप, मंत्रिमंडल ने रिटायरमेंट हाऊसिंग कॉलोनियों के लिए अनुमत फ्लोर एरिया रेशियो (एफ.ए.आर.) में वृद्धि को मंजूरी दी है। टी.डी. आर. के माध्यम से अतिरिक्त एफ.ए. आर. को मौजूदा अनुमत एफ. ए. आर. 2.25 से बढ़ाकर 3.0 कर दिया गया है। राशन डिपो की दुकानों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण बैठक में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए उचित मूल्य की दुकानों के लाइसेंस आबंटन में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान को मंजूरी दी। इनका उद्देश्य विशेष रूप से महिलाओं को इस प्रणाली में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करके समावेशिता और व्यापक भागीदारी को बढ़ावा देना भी है। उचित मूल्य की दुकान क लाइसैंस लेने के लिए 12वीं पास होना जरूरी उचित मूल्य की दुकान का लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदकों के लिए अब न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं, साथ ही कम्प्यूटर का बेसिक ज्ञान होना आवश्यक होगा। आयु सीमा 21 से 45 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है और आवेदकों के पास एक वैध परिवार पहचान पत्र होना तथा संबंधित क्षेत्र का निवासी होना अनिवार्य होगा। पंजाब कोर्ट्स एक्ट, 1918 की धारा 30 में संशोधन, पुराने कानूनों की जगह इंडियन सक्सेशन एक्ट 1925 लागू हरियाणा में लागू पंजाब कोर्टस एक्ट, 1918 की धारा-30 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य पुराने कानूनों के रैफरेंस को अपडेट करके मौजूदा कानूनी उलझनों को दूर करना है। वर्तमान एक्ट के सैक्शन 30 में इंडियन सक्सेशन एक्ट 1865 और प्रोबेट एंड एडमिनिस्ट्रेशन एक्ट 1881 दोनों के स्थान पर इंडियन सक्सेशन एक्ट 1925 लाया गया है। निजी परियोजनाओं के लिए शामलात देह से दिया जाएगा रास्ता बैठक में हरियाणा ग्राम साझा भूमि (विनियमन) नियम, 1964 में संशोधन और निजी परियोजनाओं के लिए शामलात देह (सांझा भूमि) से होकर रास्ता देने की नीति को मंजूरी दी गई। इन नियमों को हरियाणा ग्राम सांझा भूमि (विनियमन) संशोधन नियम, 2026 कहा जाएगा। यह नया रास्ता पंचायत के ही स्वामित्व में रहेगा और इसका उपयोग सभी लोग कर सकेंगे।

राजस्थान रॉयल्स की हैट्रिक जीत बनाम बेंगलुरु का विजय रथ; बरसापारा की बैटिंग पिच पर रनों की बरसात तय

गुवाहाटी राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु शुक्रवार, 10 अप्रैल को आईपीएल 2026 के एक हाई-वोल्टेज मुकाबले में आमने-सामने होंगे। लीग की दो सबसे बेहतरीन फॉर्म वाली टीमें गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में भिड़ेंगी। यह 16वां मैच काफी रोमांचक होने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों ही टीमों के पास विस्फोटक टॉप ऑर्डर है और टूर्नामेंट में उनका हालिया प्रदर्शन भी काफी मजबूत रहा है। राजस्थान रॉयल्स अपने शुरुआती तीन मैचों में से तीनों जीतकर पॉइंट्स टेबल में सबसे ऊपर है; इन जीतों में चेन्नई सुपर किंग्स, गुजरात टाइटन्स और मुंबई इंडियंस के खिलाफ मिली जीतें शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर, रॉयल चैलेंजर्स ने सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ लगातार दो जीत हासिल की हैं, जिससे उनकी निरंतरता और मैच को फिनिश करने की क्षमता में काफी सुधार देखने को मिला है। बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम, गुवाहाटी पिच रिपोर्ट गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में आईपीएल 2026 में अब तक दो मैच खेले जा चुके हैं। पहले मैच में, रॉयल्स ने सुपर किंग्स के खिलाफ 128 रनों का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया। दूसरे मैच में, रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 11-11 ओवर के मैच में 150/3 का स्कोर बनाया। जवाब में, मुंबई 123/9 पर ही रुक गई। फैंस राजस्थान और बेंगलुरु के बीच एक और हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद कर सकते हैं, क्योंकि दोनों ही टीमों में बाउंड्री लगाने वाले खिलाड़ियों की भरमार है। यहां की पिच बैटिंग के लिए अच्छी है, जहां खूब रन बनते हैं। ओस की वजह से टीमें अक्सर चेज करना पसंद करती हैं; स्कोर 185 से ऊपर भी जा सकता है। शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद मिल सकती है, लेकिन बाद में बल्लेबाजों के लिए खेलना आसान हो जाता है। आरआर बनाम आरसीबी अनुमानित प्लेइंग इलेवन राजस्थान रॉयल्स: यशस्वी जयसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (सी), शिम्रोन हेटमायर, डोनोवन फरेरा, रवींद्र जड़ेजा, जोफ्रा आर्चर, नंद्रे बर्गर, तुषार देशपांडे, संदीप शर्मा इम्पैक्ट प्लेयर: रवि बिश्नोई रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: विराट कोहली, फिल साल्ट, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (सी), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, अभिनंदन सिंह, जैकब डफी