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व्हाट्सएप पर मिली शिकायत और 10 मिनट में एक्शन, अवैध गैस भंडारण के मामले में दुकान सील

 गढ़वा झारखंड के गढ़वा में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक व्यवसायी को रंगे हाथों पकड़ लिया. अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने व्हाट्सएप पर मिली शिकायत की पुष्टि करते हुए मौके पर छापेमारी की और दुकान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया. इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. व्हाट्सएप शिकायत बनी कार्रवाई का आधार प्रशासन को यह सूचना व्हाट्सएप के जरिए मिली थी कि एक व्यक्ति घरेलू गैस सिलेंडर को अवैध रूप से 2700 रुपए में बेच रहा है. शिकायत मिलते ही एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत लोकेशन की जानकारी जुटाई. महज 10 मिनट के भीतर ही वे प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी राहुल मिंज के साथ मौके पर पहुंच गए. मौके पर पहुंचकर पकड़ा गया आरोपी जांच के दौरान आरोप सही पाए गए. संबंधित व्यवसायी मेन रोड स्थित विजय कश्यप के मकान में किराए पर किचन पार्ट्स और गैस चूल्हे की दुकान चला रहा था. इसी दुकान के पीछे बने बेसमेंट में अवैध रूप से गैस सिलेंडरों का भंडारण किया जा रहा था. प्रशासन ने तत्काल दुकान को बंद करवा दिया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी. लंबे समय से चल रहा था अवैध कारोबार प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह अवैध कारोबार लंबे समय से चल रहा था. घरेलू उपयोग के लिए मिलने वाले एलपीजी सिलेंडरों को गलत तरीके से एकत्रित कर ऊंचे दाम पर बेचा जा रहा था. यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है. मकान मालिक की भी तय होगी जिम्मेदारी एसडीएम संजय कुमार ने मौके पर मकान मालिक और आरोपी व्यवसायी से पूछताछ की और उनसे लिखित जवाब मांगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि घनी आबादी के बीच अवैध रूप से गैस सिलेंडर रखने की अनुमति देने के कारण मकान मालिक की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी. इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. पूरे नेटवर्क की जांच में जुटा प्रशासन प्रशासन अब इस अवैध कारोबार के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गया है. एसडीएम ने कहा कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सिलेंडर कहां से लाए जा रहे थे और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं. संबंधित गैस एजेंसी की भूमिका की भी जांच की जाएगी. दोषी पाए जाने पर सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. कालाबाजारी पर सख्त रुख एसडीएम ने सख्त लहजे में कहा कि आपदा के समय में अवसर तलाशने वाले ऐसे लालची कारोबारियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति इस तरह के अवैध कार्यों में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. आम जनता से सहयोग की अपील प्रशासन ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है. एसडीएम ने कहा कि यदि कहीं भी गैस सिलेंडर की कालाबाजारी या अवैध भंडारण की सूचना मिले, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें. इससे समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी और बड़े हादसों को रोका जा सकेगा. सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला घनी आबादी वाले इलाके में गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण एक गंभीर सुरक्षा खतरा है. इससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है. प्रशासन की इस कार्रवाई को न सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखने बल्कि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. आगे भी जारी रहेगा अभियान एसडीएम संजय कुमार ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में इस तरह के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा. प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले में कालाबाजारी और अवैध भंडारण की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जाए, ताकि आम जनता को सुरक्षित और उचित दर पर गैस सिलेंडर उपलब्ध हो सके.

ठेकेदार की लापरवाही से चार दिनों से जलापूर्ति ठप, मानगो में पुलिस की मौजूदगी में थमा विवाद

जमशेदपुर  झारखंड के ​जमशेदपुर जिले के मानगो के शंकोसाई रोड नंबर 1 में एमजीएम अस्पताल के लिए बिछाई जा रही पानी की पाइपलाइन की वजह से स्थानीय निवासियों और कार्य कर रहे संवेदक (ठेकेदार) के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस को हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराना पड़ा. फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और स्थानीय लोग आज सुबह मरम्मत कार्य शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं. स्थानीय निवासियों की शिकायत स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान ठेकेदार की लापरवाही के कारण दर्जनों घरों के पुराने घरेलू जल कनेक्शन टूट गए. इसके चलते पिछले चार दिनों से कई घरों में पानी की आपूर्ति ठप है और लोग पानी के लिए परेशान हैं. इसके कारण पिछले चार दिनों से क्षेत्र के कई घरों में जलापूर्ति ठप है और लोग पानी के लिए बहुत परेशान हैं. जब उन्होंने इसकी शिकायत की, तो संवेदक और संबंधित अधिकारी अपनी पावर का रौब दिखाकर बिना मरम्मत किए काम जारी रखा. ​ भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह मौके पर पहुंचे मामले की जानकारी मिलते ही भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह देर रात मौके पर पहुंचे. उन्होंने कार्यस्थल पर मौजूद कर्मचारियों और धमकाने वाले लोगों को  फटकार लगाते हुए काम को रुकवा दिया. जिससे विवाद बढ़ गया. उसके बाद देर रात हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची. पुलिस की मौजूदगी में संवेदक और अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पहले क्षतिग्रस्त पाइपों की मरम्मत की जाए, उसके बाद ही आगे का कार्य शुरू होगा. ​ लापरवाही बरतने वालों पर दर्ज होगा मुकदमा ​विकास सिंह ने चेतावनी दी है कि अगर सुबह होते ही घरेलू पाइपों की मरम्मत सुनिश्चित नहीं की गई, तो संबंधित संवेदक और अधिकारियों के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी.

Redmi A7 Pro 5G की लॉन्च डेट कंफर्म, 6300mAh बैटरी और ‘iPhone जैसी नॉच’ के साथ 13 अप्रैल को देगा दस्तक

Xiaomi का रेडमी ब्रांड भारत में नया स्मार्टफोन लेकर आ रहा है, जिसका नाम Redmi A7 Pro 5G है. कंपनी ने कंफर्म कर दिया है कि 13 अप्रैल को यह हैंडसेट लॉन्च होगा और कंपनी ने इसके साथ किंग ऑफ पावर एंड स्टाइल टैगलाइन का यूज किया है. Xiaomi के ऑफिशियल पोर्टल पर एक माइक्रोसाइट तैयार की है, जहां पर Redmi A7 Pro 5G को लेकर डिटेल्स शेयर की है. यह एक अफोर्डेबल 5G फोन है. कंपनी ने स्मार्टफोन का बैक पैनल, प्रोसेसर और बैटरी आदि के बारे में डिटेल्स शेयर की है. Xiaomi ने अनवील कर दिया है कि Redmi A7 Pro 5G में 6300mAh की बैटरी दी गई है. कंपनी ने बताया है कि एक बार फुल चार्जिंग के बाद यह हैंडसेट पूरे दिन आसानी से इस्तेमाल किया जा सकेगा. हालांकि चार्जिंग कैपिसिटी को लेकर कोई ऑफिशियली जानकारी नहीं दी गई है. Redmi A7 Pro 5G का डिस्प्ले Redmi A7 Pro 5G में 6.9 इंच का डिस्प्ले दिया जाएगा. ऑफिशियल पोर्टल पर लिस्ट डिटेल्स में बताया गया है कि यह सेगमेंट का सबसे बड़ा और स्मूद डिस्प्ले मिलेगा. ऑफिशियल पोर्टल पर बताया गया है कि इसमें शाओमी हाइपरलैंड दिया जाएगा. जहां आईफोन की तरह की तरह नॉच के पास नोटिफिकेशन्स और कुछ कंट्रोल्स नजर आएंगे. Redmi A7 Pro 5G का कैमरा Redmi A7 Pro 5G के बैक पैनल को दिखाया जा चुका है, जिससे पता चलता है कि इसमें डुअल कैमरा लेंस मिलेगा. साथ ही कंपनी ने ऑफिशियल पोर्टल पर बताया गया है कि इसमें 32MP का डुअल AI कैमरा है. ऑफिशिल पोर्टल पर इस हैंडसेट के जरिए दिखाया गया है कि यह एक ड्यूरेबल हैंडसेट है. हालांकि अभी ड्यूरेबिलिटी की रेटिंग और सर्टिफिकेशन आदि के बारे में डिटेल्स नहीं दी है.

योगी आदित्यनाथ, देश के 21 प्रतिशत खाद्यान्न का अकेले उत्पादन करता है उत्तर प्रदेश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य है। यहां पर दुनिया की सबसे उर्वरा भूमि और सबसे अच्छा जल संसाधन है। भारत की कुल आबादी की 16-17 फीसदी जनसंख्या उत्तर प्रदेश में निवास करती है। राज्य के पास देश की 11 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि है पर इस 11 फीसदी भूमि में भारत के कुल खाद्यान्न का 21 फीसदी उत्पादन उत्तर प्रदेश करता है। उन्होंने कहा कि थोड़ा प्रयास करने पर परिणाम कैसे आते हैं ये बीते नौ वर्षों में देखा जा सकता है। हमने बीते नौ साल में कृषि विकास दर को उत्तर प्रदेश में 8 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी तक पहुंचाने में सफलता प्राप्त की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में  छठी उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस-2026 के शुभारंभ के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यहां जितने कृषि वैज्ञानिक और शोधार्थी हैं उन्होंने भारत के राष्ट्रगीत वंदेमातरम की गाथा को सुना होगा। यह भारत के आनंदमठ उपन्यास का एक पार्ट है। जो कि बंगाल की त्रासदी पर आधारित गीत है। बंगाल में जब अकाल पड़े थे। लोग भूखे मर रहे थे। वहां के एक जमीदार महेंद्र नाथ के परिवार पर किस प्रकार जुल्म हुआ था। इससे पता चलता है। फिर सन्यासी विद्रोह हुआ। ब्रिटिश औपनिवेशिक काल में किस प्रकार शोषण होता था, उसकी पूरी गाथा आनंदमठ में समाहित की गई है। भारत के उत्पादक किसान को कर्जदार बना दिया गया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब भारत का दुनिया की 44-45 फीसदी अर्थव्यवस्था पर अधिकार था तब उसका आधार भारत की कृषि थी। अन्नदाता किसान और कारीगर इसका आधार थे। किसान सिर्फ खेती तक सीमित नहीं थे। वह कारीगर भी था। दोनो काम मिलकर होते थे। किसान उत्पादक था और जब कारीगर बनकर कार्य करता था तो उद्यमी के रूप में भी खुद को स्थापित करता था।उन्होंने कहा कि भारत की कृषि उत्पादक से उद्यमी बनने की गाथा है। आक्रांताओं ने खेती पर ही हमला नहीं किया था बल्कि यहां की उद्यमिता पर भी हमला किया।  

नीम करोली बाबा, फिल्म का टीजर आउट और सुबोध भावे निभाएंगे मुख्य किरदार

नीम करोली बाबा की जिंदगी पर कई फिल्में बन रही हैं, जिनकी काफी समय से चर्चा है। इनमें से एक फिल्म है 'श्री बाबा नीब करोरी महाराज', जिसका टीजर रिलीज कर दिया गया है। यह फिल्म 24 अप्रैल को रिलीज होगी और एक्टर सुबोध भावे, बाबा नीम करोलमहाराज का किरदार निभाते दिखेंगे। ' श्री बाबा नीब करोरी महाराज' के टीजर में क्या? 'श्री बाबा नीब करोरी महाराज' के टीजर की शुरुआत नीम करोली बाबा के किरदार में सुबोध भावे से होती है। वह गहन मुद्रा में बैठे हैं, और फिर आवाज आती है- ये देख मैं आ गया हूं तेरे लिए। इसी दिन का इंतजार था ना तुझे? देख मैं तेरे सामने खड़ा हूं। वहीं, राजेश शर्मा को उनके हाथ जोड़ते हुए दिखाया जाता है। टीजर पर यूजर्स के भी रिएक्शन आ रहे हैं, और वो कास्टिंग की भी तारीफ कर रहे हैं। सुबोध भावे कौन हैं? सुबोध भावे एक एक्टर, राइटर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर हैं। उनका मराठी सिनेमा में खूब नाम है। साल 2000 में उन्होंने टीवी की दुनिया में कदम रखे और 'गीत रामायण', 'अवंतिका' और 'कुलवधू' जैसे सीरियल्स किए। साल 2002 में उन्होंने मराठी फिल्मों में एंट्री की, और वहां भी अपने कदम जमा लिए। अपने अभी तक के करियर में सुबोध भावे ने कई यादगार फिल्में दी हैं, जिनमें 'मन पखारू पखारू' (2008), 'रणभूल' (2010), 'अनुमती' (2013), 'फुगे' (2017) और 'हृदयांतर' जैसे नाम शामिल हैं। इनके अलावा वह 'बालगंधर्व', 'लोकमान्य: एक युगपुरुष', 'अनी' और हर हर महादेव भी शामिल हैं। सुबोध भावे ने 'कट्यार कलजात घुसली' नाम की फिल्म से बतौर डायरेक्टर शुरुआत की थी। यह 2015 में आई थी और मराठी सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई वाली फिल्मों में से एक रही। साथ ही इसके लिए सुबोध भावे को बेस्ट डायरेक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था। ' श्री बाबा नीब करोरी महाराज' की कास्ट 'श्री बाबा नीब करोरी महाराज' में हितेन तेजवानी,राजेश शर्मा, स्मिता तांबे, गौरीशंकर, समीक्षा भटनागर, मिलिंद गुणाजी, मोहित गुप्ता, हेमंत पांडे, आरती नागपाल, वर्षा मानिकचंद, हरदीप कौर, अनिरुद्ध दवे और गरिमा अग्रवाल जैसे कलाकार हैं। इसे बलराम गर्ग, बलवीर सिंह, शरद सिंह ठाकुर, खड़ग सिंह गौड़ और नीलम सिंह ने प्रोड्यूस किया है। वहीं, शरद सिंह ठाकुर डायरेक्टर हैं। कौन थे नीम करोली बाबा? नीम करोली बाबा 20वीं सदी के महान संत थे और उन्हें हनुमान जी का सिद्ध अवतार माना जाता है। वह उत्तर प्रदेश के अकबरपुर में पैदा हुए थे। तब उनका नाम लक्ष्मीनारायण शर्मा था। सिर्फ 11 साल की उम्र में उन्होंने घर छोड़ दिया था, और फिर आध्यात्मिक खोज में लगे रहे। माना जाता है कि नीम करोली बाबा के पास दिव्य शक्तियां थीं, और वो हर श्रद्धालु की परेशानी को समझ जाते थे और सुलझा देते थे। कई सेलिब्रिटीज नीम करोली बाबा को मानते हैं और दर्शन करने उनके बनाए कैंची धाम जाते रहते हैं। इनमें अनुष्का शर्मा और विराट कोहली से लेकर सामंथा रुथ प्रभु और कैलाश खेर का भी नाम शामिल है।  

कैट का आदेश रद्द, हाईकोर्ट ने रेलवे की कार्रवाई को बताया भेदभावपूर्ण और मनमाना

रांची झारखंड हाईकोर्ट ने रेलवे भर्ती से जुड़े एक मामले में फैसला सुनाते हुए कैट (केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण) की रांची सर्किट बेंच के 23 अक्टूबर 2024 के आदेश को निरस्त कर दिया. साथ ही अदालत ने रेलवे को निर्देश दिया कि चार सप्ताह के अंदर याचिककर्ता को नियुक्ति पत्र जारी किया जाए. भेदभावपूर्ण और मनमाना था निर्णय जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद व जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने कैट की रांची सर्किट बेंच के आदेश को रद्द कर दिया. खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि समान परिस्थितियों में अलग-अलग व्यवहार करना असंवैधानिक है. कहा कि समान परिस्थितियों में अन्य उम्मीदवारों को नियुक्ति दी गई है, लेकिन याचिककर्ता को नियुक्ति से वंचित किया गया. ऐसा करना भेदभावपूर्ण और मनमाना है. क्या है पूरा मामला प्रार्थी रविशंकर कुमार भारतीय सेना में 16 वर्षों से अधिक समय तक सेवा दे चुके थे. उन्होंने रेलवे की नॉन टेक्निकल पापुलर कैटिगरीज के तहत आवेदन किया था. नियम के मुताबिक अभ्यर्थी का 31 मार्च 2020 तक सेना से सेवानिवृत्त होना जरूरी था, जबकि प्रार्थी 30 अप्रैल 2020 को सेवानिवृत्त हुए थे. दस्तावेज सत्यापन के दौरान रेलवे ने उनकी उम्मीदवारी को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि वे कट-ऑफ तिथि के भीतर सेवानिवृत्त नहीं हुए और आवेदन में गलत जानकारी दी है.  इसके बाद प्रार्थी ने रेलवे के निर्णय को कैट में चुनाैती दी थी. कैट ने रविशंकर कुमार की याचिका खारिज करते हुए रेलवे के निर्णय को सही ठहराया था. याचिककर्ता रविशंकर कुमार ने कोर्ट में याचिका दायर कर कैट के आदेश को चुनाैती दी थी और अपनी नियुक्ति की मांग की थी.

बच्चों की संदिग्ध मौतों से सलूंबर में हड़कंप, 17 मेडिकल टीमों ने संभाला मोर्चा

सलूंबर सलूंबर जिले के लसाड़िया ब्लॉक में बच्चों की लगातार हो रही मौतों ने चिंता बढ़ा दी है। बीते पांच दिनों में पांच मासूमों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर बच्चों और परिजनों की जांच कर रही हैं। दो से चार साल के बच्चों में बुखार, उल्टी-दस्त और ऐंठन जैसे लक्षण सामने आए हैं, जिससे बीमारी को लेकर रहस्य और गहरा गया है। संदिग्ध मरीजों की पहचान की गई कलेक्टर मुहम्मद जुनैद पीपी के नेतृ्त्व में प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने मेडिकल टीमों को विस्तृत सर्वे कर जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को 17 मेडिकल टीमों ने 429 परिवारों का सर्वे किया। इस दौरान 17 बुखार के मरीज मिले, जिनके सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया गया है। उदयपुर से आई डॉक्टरों की टीम मौके पर तैनात है, जो कि लगातार हालातों पर नजर बनाए हुए है। बच्चों को किया गया रेफर स्वास्थ्य जांच के बाद कई बच्चों को बेहतर इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में रेफर किया गया है। इनमें पेट दर्द, बुखार और उल्टी-दस्त की शिकायतें सामने आई हैं। कुछ बच्चों को उदयपुर तो कुछ को जिला अस्पताल सलंबूर भेजा गया है, जहां उनका इलाज जारी है। स्वास्थ्य ने की अपील सीएमएचओ डॉ महेंद्र परमार के अनुसार, विशेष मेडिकल टीम गांव में डेरा डालकर लगातार जांच कर रही। ग्रामीणों को साफ-सफाई रखने, शुद्ध पानी पीने और पानी उबालकर इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है। इधर, लसाड़िया ब्लॉक के प्रभावित इलाकों में लगातार सर्वे और सैंपलिंग का काम जारी है। प्रशासन किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए सावधानी बरत रहा है।  

भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बायोमेट्रिक और आरएफआईडी तकनीक का पहरा, डीसी ने किया निरीक्षण

धनबाद राज्य सरकार के निर्देश से धनबाद जिला प्रशासन द्वारा होमगार्ड भर्ती के लिए आयोजित की जा रही शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) पूरी सख्ती और पारदर्शिता के साथ तीसरे दिन भी संचालित की जा रही है. चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पूरी प्रक्रिया की डिजिटल निगरानी की जा रही है. कड़ी निगरानी में चल रही चयन प्रक्रिया उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन समेत जिला के अन्य वरीय पदाधिकारी बिरसा मुंडा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हर एक गतिविधि पर कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं. उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया है कि कोई भी अभ्यर्थी किसी भी तरह की इलेक्ट्रॉनिक गैजेट लेकर अंदर न जाए. इसका विशेष रूप से ध्यान दें. सीसीटीवी और वीडियोग्राफी से रखी जा रही नजर परीक्षा केंद्र के हर कोने पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है. साथ ही, दौड़ और अन्य शारीरिक स्पर्धाओं की भी वीडियोग्राफी कराई जा रही है जिससे कि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे. योमेट्रिक सत्यापन अभ्यर्थियों के एंट्री के समय बायोमेट्रिक हाजिरी और आधार सत्यापन अनिवार्य किया गया है. इससे फर्जी अभ्यर्थियों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. FID तकनीकी का इस्तेमाल दौड़ का समय सटीक रूप से मापने के लिए RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) चिप तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे नतीजा पूरी तरह सटीक, निष्पक्ष और पारदर्शी बना रहे. रिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी परीक्षा स्थल पर जिला समादेष्टा (District Commandant) और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम लगातार मौजूद है, जो पूरी प्रक्रिया का औचक निरीक्षण कर रही है. अधिकारियों का संदेश उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि चयन केवल योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर होगा. उन्होंने अभ्यर्थियों को सचेत किया है कि वे किसी भी बिचौलिए या ठग के झांसे में न आएं. किसी भी तरह की अनियमितता की सूचना मिलने पर तुरंत इसकी सूचना केंद्र पर तैनात पुलिस बल या हेल्पडेस्क या कंट्रोल रूम को दें. किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है और सफल अभ्यर्थियों की सूची प्रक्रिया पूरी होने के बाद आधिकारिक वेबसाइट (NIC) पर प्रदर्शित की जाएगी.

बुध का मीन राशि में गोचर, 11 अप्रैल से बनेगा ‘नीचभंग राजयोग’, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत

11 अप्रैल 2026 को बुध ग्रह मीन राशि में प्रवेश करने जा रहा है. बुध मीन में 29 अप्रैल तक रहने वाले हैं. ज्योतिष में बुध को बुद्धि, बोलचाल, व्यापार और निर्णय लेने की क्षमता का कारक माना जाता है.  ऐसे में इसका यह गोचर कई राशियों के जीवन पर असर डाल सकता है. खास बात यह है कि मीन राशि में बुध कमजोर स्थिति में माना जाता है, लेकिन इस बार कुछ खास योग बन रहे हैं, जो इसके नकारात्मक प्रभाव को कम कर सकते हैं. इस दौरान गुरु ग्रह की स्थिति के कारण नीचभंग राजयोग बन रहा है. इसका मतलब है कि भले ही बुध अपनी कमजोर राशि में हो, लेकिन अच्छे ग्रहों का साथ मिलने से इसके शुभ परिणाम मिल सकते हैं. इसके साथ ही अन्य ग्रहों की स्थिति भी मिलकर कुछ सकारात्मक योग बना रही है, जिससे कई लोगों को फायदा हो सकता है. जानते हैं वो कौन सी राशियां हैं जिनपर यह समय खास तौर पर अच्छा रहने वाला है वृषभ – वृषभ राशि के लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है. आय बढ़ने के योग बनेंगे .  परिवार का सहयोग भी मिलेगा.  मिथुन राशि वालों के लिए करियर में तरक्की के संकेत हैं. उन्हें काम में सम्मान और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. कर्क– कर्क राशि के लोगों को विदेश से जुड़े अवसर मिल सकते हैं . समाज में उनकी पहचान मजबूत हो सकती है.  वहीं कन्या राशि के जातकों को प्रमोशन या सैलरी बढ़ने जैसी खुशखबरी मिल सकती है. उनकी मेहनत का पूरा फल मिलने के संकेत हैं. मीन- मीन राशि के लिए यह गोचर मिलाजुला असर लेकर आएगा.  एक तरफ करियर में नए मौके मिल सकते हैं , आय बढ़ सकती है, तो दूसरी तरफ रिश्तों में थोड़ी उलझन या उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. इसलिए इस समय धैर्य और समझदारी से काम लेना जरूरी होगा. हालांकि कुछ स्थितियों में संचार से जुड़ी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं.  गलतफहमियां बढ़ सकती हैं या बातों को सही तरीके से समझने में दिक्कत हो सकती है.  इसलिए इस समय सोच-समझकर बोलना और निर्णय लेना बहुत जरूरी होगा. कुल मिलाकर, बुध का यह गोचर पूरी तरह नकारात्मक नहीं है. सही प्रयास और संतुलित व्यवहार से लोग इस समय का अच्छा लाभ उठा सकते हैं. यह समय समझदारी, धैर्य और सही निर्णय लेने का है, जिससे जीवन में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं.

सफलता मिलते ही लोग क्यों बनाने लगते हैं दूरी? आचार्य चाणक्य ने बताए ईर्ष्या और मानसिक स्थिति के असली कारण

 क्या आपने कभी ऐसा महसूस किया है कि जैसे-जैसे आप जीवन में आगे बढ़ रहे होते हैं या फिर सफल हो रहे होते हैं, कुछ लोग आपसे दूरी बनाने लग जाते हैं. ये लोग आपकी खुशियों में शामिल न होकर बिलकुल ही अजीब तरीके से बर्ताव करने लग जाते हैं. इन लोगों को आपकी छोटी से छोटी सफलता भी चुभने लग जाती है. हो सकता है जब आपके साथ ऐसा हो तो समझ में न आए, लेकिन आचार्य चाणक्य ने सालों पहले ही अपनी नीतियों में इसके पीछे का कारण साफ तौर पर बता दिया था. चाणक्य के अनुसार यह सिर्फ आपकी सफलता नहीं, बल्कि दूसरों की सोच और उनके मानसिक स्थिति का नतीजा है. जब आप इस सच्चाई को समझ लेंगे तो आपको सिर्फ मेंटल पीस नहीं मिलेगा, इसे जान लेने के बाद आप एक सही दिशा में आगे भी बढ़ पाएंगे. तो चलिए जानते हैं आखिर किन कारणों से लोग आपकी सफलता से जलने लगते हैं. दूसरों से तुलना करने की आदत आचार्य चाणक्य के अनुसार, जब लोग खुद की तुलना दूसरों से करना शुरू करते हैं, तो उनके दिल में जलन की भावना पैदा होती है. अगर कोई व्यक्ति मेहनत करके अपने जीवन में सफलता हासिल करते है, तो दूसरे अपनी कमियों को स्वीकार करने की जगह पर उससे जलना शुरू कर देते हैं. दिमाग में चल रही यह कंपेरिजन ही जलन की सबसे बड़ी वजह साबित होती है. कॉन्फिडेंस की कमी चाणक्य नीति के अनुसार जिन लोगों में कॉन्फिडेंस की कमी होती है, वे कभी भी दूसरों की सफलता को सह नहीं पाते हैं. चाणक्य कहते हैं जो लोग खुद पर भरोसा नहीं करते हैं वे हमेशा ही दूसरों की अचीवमेंट्स से जलते हैं और परेशान भी रहते हैं. उसके दिमाग में यह बात चल रही होती है कि वह कभी भी वैसा नहीं कर पाएगा. उसकी यह सोच उसे अंदर ही अंदर जलने के लिए मजबूर कर देती है. अहंकार और स्वार्थ की वजह से आचार्य चाणक्य के अनुसार कुछ लोग अपने अहंकार की वजह से भी दूसरों की सफलता से जलने लगते हैं, उन्हें ऐसा लगता है कि सिर्फ वे ही जीवन में आगे बढ़ने के काबिल हैं. ऐसे में जब सफलता किसी और को मिलती है, तो उनके अंदर के अहंकार को ठेस पहुंचती है और वे जलने लग जाते हैं. मेहनत से बचने की आदत जो लोग जीवन में खुद मेहनत नहीं कर पाते हैं या फिर नहीं करना चाहते हैं, अक्सर वे दूसरों की मेहनत का भी सम्मान नहीं करते हैं. आचार्य चाणक्य के अनुसार इस तरह के लोग दूसरों की सफलता को किस्मत का दिया हुआ मानकर खुद को सही ठहराने लग जाते हैं. लेकिन अंदर ही अंदर उन्हें इस बात का अंदाजा होता है कि उन्होंने इतनी मेहनत नहीं की है. निगेटिव सोच का असर निगेटिव सोच भी जलन के पीछे एक बड़ा कारण हो सकता है. आचार्य चाणक्य कहते हैं, जिन लोगों की आदत हर चीज में कमी निकालने की होती है, वे कभी भी दूसरों की सफलता को खुले दिल से स्वीकार नहीं कर पाते हैं. उनकी सोच ही उन्हें हमेशा दूसरों से कम्पेरिजन और जलन की तरफ लेकर जाती है.