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लाइन बिछी पर पानी नहीं आया: भागीरथपुरा में बढ़ा जल संकट

इंदौर देश के सबसे स्वच्छ और मध्य प्रदेश के आर्थिक नगर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अबतक 36 लोग जान गवा चुके हैं। इलाके के बड़े हिस्से में नगर निगम ने नर्मदा लाइन बिछा दी है, लेकिन फिर भी रहवासियों को जलसंकट से जूझना पड़ रहा है। नई लाइन से ज्यादातर रहवासी अपनी हौज में कनेक्शन नहीं ले पाए हैं। नीले पाइपों के जरिए वे हौज भर रहे हैं। इस कारण उन्हें जलसंकट झेलना पड़ रहा है। दरअसल नई लाइन से कनेक्शन लेने के लिए रहवासियों को हौज के आसपास खुदाई करना होगी। हौज तक पाइप लाने के लिए आंगन में भी खुदाई होगी। इसमें काफी पैसा खर्च होता है, इससे रहवासी बच रहे हैं। कई घरों में अस्थाई पाइपों से पानी पहुंचाया जा रहा है। टैंकरों से भी पहुंचाया जा रहा जल जिन इलाकों में नई लाइन नहीं बिछी, वहां टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को है, जो संकरी गलियों में रहते हैं। वहां टैंकर भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। रहवासी मदन यादव ने कहा कि बस्ती के लोगों को जलसंकट का सामना करना पड़ रहा है।   नए कनेक्शन नहीं ले पाए कई लोग कई लोग नई लाइनों से कनेक्शन नहीं ले पाए हैं। अस्थाई कनेक्शन लेने की वजह से फिर लाइन में गंदगी जाने का खतरा बना रहेगा। अभी भी कई गलियों में खुदाई चल रही है और सड़कें खराब पड़ी हैं। लोग सड़कों के पेंचवर्क की मांग भी कर रहे हैं।   बता दें कि, इंदौर के भागीरथपुरा में दो माह पहले डायरिया और हैजा फैलने से एक हजार से ज्यादा लोग बीमार हो गए थे। साढ़े चार सौ से ज्यादा लोगों को भर्ती किया गया था और 36 लोगों की मौत हो चुकी है। इसका मामला कोर्ट में भी है। कोर्ट ने जांच के लिए एक आयोग गठित किया है। आयोग ने लोगों से दूषित पेयजल कांड को लेकर साक्ष्य भी मंगाए हैं।

मध्य प्रदेश में 200 गांवों का एरियल सर्वे शुरू, जमीन का मिलेगा पक्का मालिकाना अधिकार

भोपाल मध्यप्रदेश के भोपाल जिले के 200 गांव में प्रशासन हवाई सर्वे करेगा। घर और निर्माणों पर फोकस होगा। हर मकान-दुकान, निर्माण की चतुर्सीमा को नापकर उसे रिकॉर्ड में लिया जाएगा। इससे गांवों में विकास योजनाओं में मदद मिलने के साथ ही घरों का मालिकाना हक देने की दिशा में भी काम बढ़ेगा। महाराष्ट्र, यूपी समेत दक्षिण भारत के राज्यों में इसी तरह ड्रोन से हवाई सर्वे कर हर घर की मैपिंग की गई है। अब भोपाल में भी ऐसा होगा। गौरतलब है कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अगले एक साल में 700 करोड़ रुपए की बड़ी राशि खर्च होना है। गांवों की मैपिंग के आधार पर इस राशि को खर्च करने की योजना में मदद मिलेगी। जनगणना में मददगार पहले चरण में मकान का सूचीकरण होना है। ग्रामीण क्षेत्र में हवाई सर्वे से मकानों के सीमांकन से सूचीकरण में मदद मिलेगी। उनके पास जियो टैगिंग मैपिंग का रिकॉर्ड होगा। उन्हें सिर्फ एक बार फिजिकल वेरिफिकेशन कर ओके करने से काम बन जाएगा।   मेट्रोपोलिटन रीजन के लिए निकलेगी जमीन प्रशासनिक अफसरों के अनुसार मेट्रोपोलिटन रीजन को लेकर अभी डीपीआर तय हो रही है। भोपाल समेत आसपास के पांच शहरों को इसमें शामिल किया है। ये सर्वे भोपाल के बाद संबंधित जिलों में भी होगा। इससे जमीन की वास्तविक उपलब्धता व मकान निर्माण की स्थिति सामने आएगी।   दो चरणों में होगी जनगणनाजनगणना 2027 का कार्य दो चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य अप्रैल से सितंबर 2026 के मध्य, राज्य शासन द्वारा निर्धारित 30 दिवस की अवधि में संपन्न किया जाएगा। द्वितीय चरण अंतर्गत जनसंख्या की गणना का कार्य नौ से 28 फरवरी 2027 की अवधि में किया जाएगा। जनगणना 2027 के लिए संदर्भ तिथि एक मार्च 2027 की रात्रि 12 बजे होगी।

जंग की मार आम लोगों पर: ईरान-इजराइल तनाव से भारत में कपड़ों की कीमतें बढ़ने के आसार

बुरहानपुर ईरान-इजराइल युद्ध(Iran-Israel War) का असर अब बुरहानपुर के प्रमुख कपड़ा उद्योग पर पड़ने लगा है। यहां सबसे अधिक 20-23 और 50-60 काउंट के यार्न से कपड़ा उत्पादन होता है और इन्हीं दोनों यार्न के भाव पर 10 रुपए तक तेजी आई है। इससे डिमांड में भी कमी आ गई है। ऐसे में युद्ध लंबा खिंचा तो इसका असर कपड़ों की कीमतों पर भी पड़ेगा। वहीं युद्ध के कारण पंजाब और कोयंबटूर से आने वाले यार्न के सप्लाई पर भी असर पड़ा है। बुरहानपुर देशभर में कपड़ा उत्पादन के लिए जाना जाता है। यहां हर दिन दस गाड़ी यानी 2.5 लाख किलो तक यार्न की आवक होती है। व्यापारियों ने कहा कि कोविड के बाद जो हालात बने थे, वैसे तो नहीं हैं, लेकिन यार्न के भाव में अचानक वृद्धि हो गई है। पहले 20-23 नंबर का यार्न 105-108 था, जो अब 112 रुपए किलो तक हो गया है। वहीं 50 से 60 नंबर का यार्न 180-200 से बढ़कर 190-210 रुपए किलो तक पहुंच गया है। इससे नए यार्न की डिमांड में कमी आई है। फिलहाल कपड़ा उत्पादन पर असर नहीं हुआ है, लेकिन हालत नहीं सुधरे तो कपड़ा भी महंगा होगा। यह है मुख्य कारण यार्न कारोबारी अशोक अग्रवाल बताते हैं कि यह युद्ध(Iran-Israel War) का साइड इफेक्ट है। कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के कारण पॉलिएस्टर यार्न और सिंथेटिक फाइबर के दाम बढ़ गए हैं, जिसका सीधा असर टेक्सटाइल उद्योग पर पड़ा है। कच्चे माल की लागत में वृद्धि का कारण यह है कि पॉलिएस्टर धागा पेट्रोकेमिकल से बनता है, जो कच्चे तेल का एक उत्पाद है। तेल की कीमतें बढ़ने से इसके मुख्य कच्चे माल जैसे प्यूरीफाइड टेरेफ्थेलिक एसिड और मोनोएथिलीन ग्लाइकॉल महंगे हो गए हैं। शिपिंग और लॉजिस्टिक्स में भी रुकावट आई है। तनाव के कारण जहाजों को दूसरे लंबे रूट से जाना पड़ रहा है, जिससे माल ढुलाई का खर्च बढ़ गया है।   यहां से आता है यार्न यार्न के भाव बढ़ने का एक कारण देशभर में सरकारी यार्न की एनटीसी मिलें बंद होना भी है। बुरहानपुर में यार्न की आवक कोयंबटूर, महाराष्ट्र व पंजाब से हो रही है, जिससे बुरहानपुर में कैमरिक का कपड़ा बनता है। कच्चा माल तैयार होने के बाद इसे बाहर सप्लाई किया जाता है। अभी जो यार्न के दाम बढ़े हैं, उससे बुरहानपुर में 60 फीसदी लूमों पर यही कपड़ा तैयार होता है।   युद्ध लंबा चला तो आएगा संकट युद्ध शुरू होने के बाद से इसका असर दिखने लगा है। एलपीजी गैस महंगी हो गई है। घरेलू गैस पर 60 और व्यावसायिक गैस 115 रुपए तक महंगी हो गई है। अब युद्ध लंबा चलता है तो बुरहानपुर के कपड़ा उत्पादन पर भी असर आएगा। फिलहाल 50 फीसदी कपड़ा इसी यार्न से बनता है। इसमें मुख्य रूप से गमछा तैयार होता है। यार्न के भाव तो बढ़ गए हैं, लेकिन कपड़े के भाव में अभी कोई तेजी नहीं आई है।

घर खरीदना होगा महंगा! भोपाल में कलेक्टर गाइडलाइन बढ़ाने की तैयारी, 20–100% तक इजाफे का प्रस्ताव

भोपाल भोपाल में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तैयार की गई कलेक्टर गाइडलाइन में कई क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की कीमतों में भारी वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है। शहर की करीब 500 से अधिक लोकेशन पर जमीन और प्रॉपर्टी के दामों में 50 से 100 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की तैयारी की गई है। हालांकि नई गाइडलाइन में लोकेशन की संख्या घटाकर 2,175 कर दी गई है, जबकि वर्तमान गाइडलाइन में 2,881 लोकेशन शामिल थीं। कई क्षेत्रों में सरकारी परियोजनाओं के कारण कीमतों में वृद्धि प्रस्तावित नहीं की गई है। 706 लोकेशन कम की गईं नई कलेक्टर गाइडलाइन में कुल 706 लोकेशन कम कर दी गई हैं। पहले जहां 2,881 लोकेशन शामिल थीं, वहीं अब केवल 2,175 लोकेशन को ही गाइडलाइन में रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार कई क्षेत्रों में सरकारी परियोजनाएं शुरू होने के कारण वहां किसी प्रकार की वृद्धि प्रस्तावित नहीं की गई है। कई इलाकों में 20 से 100 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कलेक्टर गाइडलाइन के प्रस्ताव के अनुसार शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों में प्रॉपर्टी के दामों में बड़ी वृद्धि की तैयारी है। करोंद, पलासी, गांधीनगर, बैरागढ़, परवलिया सड़क, अयोध्या बायपास, आनंद नगर, रातीबड़, नीलबड़ और कोलार सहित कई क्षेत्रों में जमीन की कीमतों में 20 से 100 प्रतिशत तक वृद्धि प्रस्तावित की गई है। इसके अलावा रायसेन रोड, विदिशा रोड, बैरसिया रोड, नर्मदापुरम रोड, भोपाल-इंदौर रोड, भोपाल बायपास, बंगरसिया, 11 मील और कटारा हिल्स जैसे क्षेत्रों में भी कीमतों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है। 621 लोकेशन पर 11 प्रतिशत वृद्धि का दावा पंजीयन और राजस्व अधिकारियों ने प्रस्ताव में 621 लोकेशन पर औसतन 11 प्रतिशत वृद्धि का दावा किया है। हालांकि जब यह प्रस्ताव पोर्टल पर अपलोड हुआ तो कई क्षेत्रों में इससे कहीं अधिक वृद्धि का प्रस्ताव सामने आया। अभी तक नहीं आई आपत्ति कलेक्टर गाइडलाइन का प्रस्ताव दो दिन पहले ही आम लोगों के लिए पोर्टल पर अपलोड किया गया है। जानकारी के अभाव में अब तक इस पर एक भी ऑनलाइन आपत्ति दर्ज नहीं हुई है। अगर, इसी तरह कोई आपत्ति नहीं आती है, तो अधिकतम वृद्धि वाले प्रस्ताव को केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेज दिया जाएगा। सर्वर ठप होने से रजिस्ट्री में परेशानी प्रॉपर्टी की कीमतों में संभावित वृद्धि को देखते हुए लोग जल्दी रजिस्ट्री कराने के लिए पंजीयन कार्यालय पहुंच रहे हैं। हालांकि सोमवार को सर्वर ठप होने के कारण कई लोगों को रजिस्ट्री के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।

फैंस का इंतजार खत्म! 12 मार्च तक आएगा आईपीएल के शुरुआती 20 दिनों का कार्यक्रम

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) 12 मार्च तक इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के शुरुआती 20 दिनों का शेड्यूल जारी करेगा। यह जानकारी बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने दी है। आईपीएल का 19वां सीजन 28 मार्च से 31 मई के बीच खेला जाना है। देवजीत सैकिया ने मंगलवार को आईएएनएस से कहा, "हम 12 मार्च तक आईपीएल 2026 का शेड्यूल जारी करने की योजना बना रहे हैं। फिलहाल, हम आईपीएल के पहले 20 दिनों का शेड्यूल जारी करने जा रहे हैं।" ऐसा समझा जा रहा है कि बीसीसीआई पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनावों के साथ किसी भी तरह के टकराव की स्थिति से बचना चाहता है। ऐसे में टूर्नामेंट के शेष मुकाबलों का शेड्यूल बाद में जारी किया जाएगा। इसके बावजूद, टीमों ने अपने प्री-सीजन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स ने 1 मार्च को नवलूर स्थित अपने हाई-परफॉर्मेंस सेंटर में अभ्यास शुरू कर दिया है। वहीं, मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 10 फरवरी को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में एक छोटा-सा तैयारी शिविर आयोजित किया था, जबकि 2022 की चैंपियन गुजरात टाइटंस ने नाथद्वारा के मिराज इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में दो बार अभ्यास सत्र आयोजित किए थे। पंजाब किंग्स ने फरवरी की शुरुआत में अबू धाबी में अभ्यास किया था। फिलहाल टीम के खिलाड़ी धर्मशाला में अभ्यास शिविर में हिस्सा ले रहे हैं। सनराइजर्स हैदराबाद ने 1 मार्च को अपने घरेलू खिलाड़ियों के साथ अपना शिविर शुरू किया था। पांच बार की विजेता मुंबई इंडियंस भी आगामी सीजन के लिए अपना अभ्यास शुरू कर चुकी है। कोलकाता नाइट राइडर्स 18 मार्च को अपना प्री-सीजन शिविर शुरू करेगी, जबकि राजस्थान रॉयल्स के 15 मार्च से जयपुर में एक अभ्यास शिविर के लिए इकट्ठा होने की उम्मीद है। दिल्ली कैपिटल्स ने हाल ही में हैदराबाद में एक शिविर आयोजित किया था। अब इस टीम के दिल्ली में भी एक शिविर आयोजित करने की उम्मीद है। इस बीच लखनऊ सुपर जायंट्स ने लखनऊ में एक तैयारी सत्र आयोजित किया था।

आज का राशिफल 11 मार्च 2026: इन राशियों पर बरसेगी किस्मत की मेहरबानी, पढ़ें अपना भविष्यफल

मेष राशि मेष राशि वालों को इस बात का खास ध्यान रखना है कि गुस्से पर काबू रखें। क्रोध के अतिरेक से बचें। इस समय बड़े फैसले आपको बाद में दिक्कत में डाल सकते हैं। इसिलए शांत रहकर काम करें। नौकरी में बदलाव के साथ तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। इसका सही इस्तेमाल करें। वृष राशि वृषभ राशि वालों के मन प्रसन्न रहेगा, लेकिन आपकी लवलाइफ में आज परेशानी रहेगी। आत्मविश्वास से काम लें। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। तरक्की के अवसर मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। कार्यभार भी बढ़ेगा। कर्क राशि कर्क राशि वालों का मन परेशान हो सकता है,लेकिन आपको अपना काम अच्छे से करना हैष नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है, इसलिए अलर्ट रहें।। परिश्रम अधिक रहेगा। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार में लाभ के मौके आपको मिल मिलेंगे। मिथुन राशि मिथुन वालों के लिए समय अच्छा है। आपको इस समय ऑफिस में और पर्सनल लाइफ में ईगो को बाहर रखना है। आत्मसंयत रहें। क्रोध से बचें। बातचीत में संयत रहें। नौकरी में अफसरों का सहयोग तो मिलेगा, परंतु नौकरी में बदलाव होगा। परिश्रम अधिक रहेगा। सिंह राशि सिंह राशि वालों को मन में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। सिंह राशि वालों के लिए हेल्थ से लेकर पर्सनल लाइफ में कुछ समस्याएं आ सकती हैं। इस समय आर्थिक फैसले लेते समय खास ध्यान रखें। पिता की सेहत का ध्यान रखें। परिवार का साथ मिलेगा। कारोबार के लिए विदेश यात्रा से आपको लाभ मिल सकता है। कन्या राशि कन्या वालों को अच्छी खबर मिल सकती है, लेकिन आपको आत्मसंयत रहें। बेकार के क्रोध से बचें। इस समय कारोबार में जो भी बदलाव हो रहे हैं, उन्हें आपको अपनाना होगा। परिवार व मित्रों का सहयोग मिलेगा। लाभ के अवसर मिलेंगे। तुला राशि तुला राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा है। आपको मन प्रसन्न रहेगा, लवलाइफ रोमांटिक रहेगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। भागदौड़ अधिक रहेगी। मित्रों का सहयोग भी मिल सकता है। धनु राशि धनु राशि वालों के आत्मविश्वास में कमी रहेगी। इस समय चंद्रमा की स्थिति अच्छी रहेगी, मन में उतार-चढ़ाव भी हो सकते हैं। माता की सेहत का ध्यान रखें। पिता का साथ आपको इस समय मिलेगा। खर्चों में वृद्धि होगी, इसलिए अपना बजट बनाकर रखें वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय खास है, आपको ऑफिस में ऐसा मौका मिलेगा, जिसमें आप अपनी काबिलियत साबित कर सकते हैं। धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। कारोबार का विस्तार होगा। परिवार का साथ मिलेगा। लाभ के अवसर मिलेंगे। मकर राशि मकर राशि वाले लोगों का यह समय आर्ट में अच्छा रहेगा, आपको नए काम मिल सकते हैं।रोमांस के सितारे मजबूत हैं। नौकरी में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। सेहत का ध्यान रखें। खर्चों की अधिकता भी हो सकती है। कुंभ राशि कुंभ राशि के लोगों का दिन आज आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। घर में धार्मिक कार्य हो सकते हैं, जिसके लिए आपको पैसा देना पड़ सकता है। भवन के रख-रखाव तथा साज-सज्जा के कार्यों पर खर्च बढ़ेंगे। शैक्षिक कार्यों में आपको समस्याएं आ सकती हैं। मीन राशि मीन राशि के लोगों के लिए आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। इस समय पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। भागदौड़ अधिक रहेगी। आपकी लाइफ में एक के साथ एक कई समस्याएं आ सकती है, इसलिए थोड़ा सावधान रहें। बजट को रिव्यू करें।

राहत की खबर: बढ़ी LPG की सप्लाई, रिफाइनरियों ने उत्पादन में किया 10% इजाफा

ईरान ईरान युद्ध और मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच तेल और गैस सप्लाई में आई बाधा के बीच केंद्र सरकार ने मंगलवार को स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी (रसोई गैस) की कोई कमी नहीं है और हाल के दिनों में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की संभावित कमी को लेकर जो चिंताएं सामने आई थीं, अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, तेल रिफाइनरियों को निर्देश दिए जाने के बाद एलपीजी उत्पादन में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। साथ ही जमाखोरी और अनियमितताओं को रोकने के लिए अतिरिक्त प्रशासनिक कदम भी उठाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि देश की सभी तेल रिफाइनरियां फिलहाल 100 प्रतिशत क्षमता के साथ काम कर रही हैं ताकि एलपीजी की आपूर्ति लगातार बनी रहे। इसके अलावा वितरण व्यवस्था पर निगरानी को और सख्त करने के लिए मॉनिटरिंग अवधि को 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। सरकार ने जमाखोरी और काला बाजारी पर रोक लगाने के लिए Essential Commodities Act के प्रावधान लागू किए हैं। हालांकि अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि Essential Services Maintenance Act (ESMA) लागू नहीं किया गया है। अफवाहों से बचने की अपील सरकार ने कहा कि कुछ समय के लिए बाजार में चिंता की स्थिति बनी थी, लेकिन अब आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हो चुकी है। लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करने की अपील की गई है, क्योंकि ऐसी अफवाहें अनावश्यक घबराहट पैदा कर सकती हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता अधिकारियों ने बताया कि घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। कुछ उद्योग संगठनों द्वारा व्यावसायिक एलपीजी की संभावित कमी को लेकर चिंता जताई गई थी, लेकिन सरकार ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। वैश्विक संकट के बीच भारत की तैयारी सरकारी सूत्रों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव के बावजूद India ऊर्जा आपूर्ति के मामले में कई देशों से बेहतर स्थिति में है। ऊर्जा मंत्रालय और तेल कंपनियां लगातार अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं के संपर्क में हैं ताकि आपूर्ति श्रृंखला में कोई बाधा न आए। सरकार का कहना है कि देश में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और मांग को संभालने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं मौजूद हैं। किसी प्रकार का संकट नहीं है।  

ट्रेड डील पर सियासी संग्राम: AAP और कांग्रेस साथ आए, सदन में कड़ा प्रस्ताव पास

चंडीगढ़ अमेरिका और भारत के बीच हुई ट्रेड डील के खिलाफ पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया गया है। इस प्रस्ताव को लेकर आम आदमी पार्टी का साथ कांग्रेस और शिअद ने भी दिया है। पंजाब विधानसभा में मंगलवार को अमेरिका और भारत के बीच हुई ट्रेड डील के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया गया। इस प्रस्ताव को आप के साथ-साथ कांग्रेस, शिअद व बसपा के विधायकों का भी समर्थन मिला। सीएम भगवंत मान, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा समेत सभी मंत्रियों और विधायकों ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार और पीएम को निशाने पर लेते हुए इस व्यापारिक समझौते में पंजाब के किसान और किसानी के हितों व अधिकारों को सुरक्षित रखने की अपील की।   कई विधायकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि केंद्र ने अमेरिका के दबाव में घुटने टेके तो एक और बड़ा किसान आंदोलन खड़ा किया जाएगा। पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने सदन के समक्ष भारत-अमेरिका व्यापारिक समझौते से पंजाब की खेतीबाड़ी के साथ धोखा संबंधी निंदा प्रस्ताव रखा। स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने इस पर चर्चा की अनुमति दे दी। इस दौरान आप समेत सभी दलों के विधायकों ने इस ट्रेड डील का असर पंजाब की खेतीबाड़ी पर कैसे पड़ सकता है, उस पर अपने विचार व्यक्त किए। इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कृषि मंत्री ने कहा केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करे कि अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील से पंजाब समेत देशभर के सभी किसानों के हित व बीज इस्तेमाल करने के अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे। कांग्रेसी विधायक परगट सिंह ने कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक समझौता हो जाता है और हमें इसकी जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सोशल मीडिया से मालूम चलती है। यह ट्रेड डील नहीं एक तरह से सरेंडर है। विधायकों, मंत्रियों ने की केंद्र की घेराबंदी नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि अपने कारोबारी मित्रों को बचाने और एपस्टीन फाइल के खुलासे के डर से केंद्र ने न चाहते हुए भी यह व्यापारिक समझौता किया है। वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि अमेरिका हमें व्यापारिक तरीके से अपना गुलाम बनाना चाहता है और केंद्र चुप है। मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि अमेरिका की शर्तों पर तैयार इस डील को स्वीकार करना उसके सामने घुटने टेकने जैसा है। सरदूलगढ़ से विधायक गुरप्रीत सिंह बनावली ने कहा, इस डील से मंडियां खत्म हो जाएंगी और किसान व आढ़ती बर्बाद हो जाएंगे। बटाला से विधायक शैरी कलसी ने कहा कि इस व्यापारिक समझौते को न तो किसान बर्दाश्त करेंगे और न ही मजदूर और व्यापारी। क्या बोले विधायक? फाजिल्का से विधायक नरिंदरपाल सिंह ने कहा कि इस डील की आड़ में अमेरिका यहां भारत में अपना बड़ा व्यापार खोलना चाहती है। जलालाबाद से विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी ने कहा कि यह समझौता डेयरी सेक्टर को बहुत ज्यादा नुकसान करेगा। रूपनगर के विधायक दिवेश कुमार चड्डा ने तंज कसते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान से सीजफायर हो गया, इस एलान के बाद अब हमें यह बात भी अमेरिका से ही मालूम चली कि भारत के साथ उनका व्यापारिक समझौता भी हो गया है। यह केंद्र पर कैसा दबाव है। अजनाला से कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि हम पंजाब में समझौता लागू नहीं होने देंगे, भले ही बलिदान देना पड़े। कपूरथला से विधायक राणा गुरजीत ने कहा, यह समझौता कॉरपोरेट फ्रेंडली है और किसानों के खिलाफ। मंत्री लालजीत भुल्लर और नकोदर से विधायक इंदरजीत कौर मान ने कहा कि किसानों को बचाने के लिए आप संघर्ष करेगी।

ट्रंप पर भड़का ईरान, दी सीधी चेतावनी: सावधान रहें, अंजाम खुद भुगतना पड़ सकता है

ईरान ईरान और अमेरिका के बीच जंग जारी है। गोला-बारूद के अलावा अब जुबानी हमले भी तेज हो गए हैं। बढ़ते तनाव के बीच ईरान के एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी दी है। न्यूज एजेंसी के अनुसार, अधिकारी ने कहा कि ट्रंप को अलर्ट रहना चाहिए, कहीं ऐसा न हो कि वह खुद ही खत्म हो जाएं। गौरतलब है कि यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के ठिकानों पर हमलों और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान की ओर से कहा गया है कि अगर अमेरिका ने हमले जारी रखे तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि ईरान के खिलाफ युद्ध अल्पकालिक हो सकता है, लेकिन उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर इस्लामी गणराज्य वैश्विक तेल आपूर्ति को बाधित करता है तो लड़ाई और तेज हो सकती है। ट्रंप ने मियामी के पास अपने गोल्फ क्लब में रिपब्लिकन सांसदों से कहा कि हम कुछ शैतानी ताकतों को खत्म करने के इरादे से कुछ समय के लिए पश्चिम एशिया में थे और मुझे उम्मीद है कि यह सब जल्द खत्म हो जाएगा। इस बयान के कुछ घंटे बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल के प्रवाह को रोकने वाला कोई भी कदम उठाता है तो अमेरिका उस पर अब तक की तुलना में बीस गुना अधिक जोरदार हमले करेगा। इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि अमेरिका के साथ बातचीत का अनुभव 'कड़वा' रहा है और अब उसके साथ नए सिरे से कूटनीतिक वार्ता की संभावना नहीं है। अराघची ने पीबीएस को दिए एक साक्षात्कार में अमेरिका पर बार-बार विश्वासघात और सैन्य आक्रामकता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि अमेरिकियों से बातचीत या उनके साथ बातचीत करने का सवाल अब एजेंडे में होगा। हमारे लिए यह अनुभव बहुत कड़वा रहा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने पिछले वर्ष जून में अमेरिका के साथ अच्छे इरादे से बातचीत शुरू की थी, लेकिन बातचीत के दौरान ही उस पर हमला कर दिया गया। अराघची के अनुसार इस वर्ष भी अमेरिका ने यह भरोसा दिलाया था कि वह हमला नहीं करेगा और ईरान के परमाणु मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है। विदेश मंत्री ने कहा कि तीन दौर की बातचीत में प्रगति के बावजूद हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ गए। उन्होंने कहा कि अमेरिकी वार्ता दल ने भी प्रगति को स्वीकार किया था, लेकिन इसके बावजूद हमला किया गया। अराघची ने फारस की खाड़ी के देशों को संदेश देते हुए कहा कि क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के हमले आत्मरक्षा के अधिकार के तहत किये गये हैं। उन्होंने कहा कि यदि अन्य देश अपनी सुविधाओं की सुरक्षा के लिए कदम उठा सकते हैं तो ईरान को भी अपने लोगों की रक्षा करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध ईरान ने नहीं चुना बल्कि उस पर थोपा गया है और देश केवल अपनी रक्षा कर रहा है। अराघची ने यह भी कहा कि ईरान जरूरत पड़ने तक मिसाइल हमले जारी रखने के लिए तैयार है। उन्होंने क्षेत्रीय देशों के साथ संबंधों को लेकर उठ रही चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि ईरानी जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।  

प्रशासन में हलचल: हड़ताल के दौरान 5 CO-RO के इस्तीफे स्वीकार, महिला अधिकारियों की संख्या ज्यादा

पटना   बिहार में राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। इस बीच राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से बड़ी खबर आई है। विभाग ने पांच अधिकारियों के इस्तीफे पर मंजूर की मुहर लगा दी है। इनमें तीन महिला और दो पुरुष अधिकारी शामिल हैं। मंगलवार को विभाग की ओर से पत्र जारी करके इसकी जानकारी दी है। स बीचविभागीय मंत्री विजय कुमार ने हड़ताल पर गए अधिकारियों और कर्मियों को कार्रवाई की चेतावनी दी है। जानकारी के मुताबिक राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार राजस्व् सेवा के पांच अधिकारियों का त्याग पत्र स्वीकार कर लिया है। जिलाधिकारियों से मिले अनुशंसा पत्र के आलोक में विभाग ने अधिकारियों का त्याग पत्र बीते दिनों के प्रभाव से ही स्वीकार किया है। जिन अधिकारियों का त्याग पत्र स्वीकार किया गया है उसमें वैशाली के गोरौल के सीओ रहे अंशु कुमार हैं। इनका त्याग पत्र 19 दिसम्बर 2025 के प्रभाव से स्वीकार किया गया है। बिक्रमगंज के राजस्व् अधिकारी रहे राजन कुमार का त्याग पत्र 26 जून 2025 के प्रभाव से स्वीकार किया गया है। इसी प्रकार सारण के परसा की राजस्व् अधिकारी रहीं शिवांगी पांडेय का त्याग पत्र सात मई 2025 तो रोहतास के राजपुर की सीओ रही अंकिता वर्मा का त्याग पत्र 27 अगस्त 2024 के प्रभाव से ही स्वीकार किया गया है। जबकि हाजीपुर सदर की राजस्व अधिकारी रहीं स्मृति कुमारी का त्याग पत्र 20 अगस्त 2025 के प्रभाव से स्वीकार किया गया है। इधर उपमुख्यमंत्री सह भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राज्य में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। दिसंबर 2027 तक बिहार में भूमि सर्वेक्षण का कार्य हर हाल में पूरा किया जाएगा। भूमि सर्वेक्षण पूरा होने से राज्य में भूमि अभिलेख पूरी तरह अद्यतन और पारदर्शी हो जाएंगे, जिससे आम लोगों को जमीन से जुड़े विवादों से काफी राहत मिलेगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वेक्षण के कार्य को गति प्रदान करने के उद्देश्य से ही समीक्षा बैठक बुलाई गई है। इस दौरान हरेक मुद्दे की समीक्षा कर तय समय सीमा में कार्य पूरा कराना उद्देश्य है। राज्य में चल रहे विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए 13 मार्च को बैठक होगी। यह बैठक राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना के सभाकक्ष में आयोजित होगी। भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक सुहर्ष भगत की ओर से पत्र जारी किया गया है।