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किसानों के खाते में ₹4,000 का इंतजार खत्म, पीएम किसान सम्मान निधि से मिलेगी राहत

भोपाल  किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan) योजना की 22वीं किस्त का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। कृषि मंत्रालय ने इस किस्त के ट्रांसफर की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। क्या खास है इस बार? जिन किसानों की 21वीं किस्त रुक गई थी, उनके खाते में 21वीं और 22वीं किस्त का पैसा एक साथ आएगा। यानी ऐसे किसानों के खाते में 4-4 हजार रुपये क्रेडिट होंगे। बाकी किसानों के खाते में 2-2 हजार रुपये जल्द ही ट्रांसफर किए जाएंगे। कब आएगी अगली किस्त? पिछली किस्त 2025 में आई थी। सूत्रों की मानें तो होली से पहले यानी मार्च की शुरुआत में 22वीं किस्त जारी हो सकती है। इस साल होली 4 मार्च को है, इसलिए संभावना है कि सरकार इसे होली का तोहफा मानते हुए किसानों के खाते में भेज दे। किसान की किस्त का पैसा सीधे आपके रजिस्टर्ड बैंक खाते में आएगा। PM Kisan Yojana के तहत हर किसान को साल में तीन बार 2-2 हजार रुपये मिलते हैं। अगर पिछली किस्त रुक गई थी तो अब 4 हजार रुपये एक साथ मिलने वाले हैं। लाभार्थी सूची में नाम कैसे जांचें पीएम किसान योजना के तहत लाभार्थी सूची में नाम देखना अब बेहद आसान हो गया है। किसान घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से अपनी स्थिति जांच सकते हैं। इसके लिए पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फार्मर कॉर्नर में उपलब्ध लाभार्थी सूची के विकल्प पर जाना होता है। वहां राज्य, जिला, तहसील, ब्लॉक और गांव का चयन करने के बाद पूरी सूची खुल जाती है। इस सूची में किसान अपना नाम और पिछली किस्तों की भुगतान स्थिति आसानी से देख सकते हैं, जिससे यह साफ हो जाता है कि वे अगली किस्त के लिए पात्र हैं या नहीं। ई-केवाईसी क्यों है जरूरी सरकार ने 22वीं किस्त के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया है। जिन किसानों की ई-केवाईसी पूरी नहीं है, उनकी किस्त रोकी जा सकती है। ई-केवाईसी प्रक्रिया आधार आधारित होती है और इसे पीएम किसान पोर्टल पर ओटीपी के जरिए पूरा किया जा सकता है। इसके अलावा किसान का बैंक खाता आधार से लिंक होना और डीबीटी सुविधा चालू होना भी जरूरी है। कई मामलों में बैंक खाता आधार से लिंक न होने की वजह से भुगतान अटक जाता है या वापस चला जाता है। समय रहते जरूरी सुधार करें किसानों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपनी ई-केवाईसी, बैंक डिटेल और आधार लिंकिंग की स्थिति जांच लें। अगर किसी भी तरह की गलती है तो उसे तुरंत सही करवाएं, ताकि 22वीं किस्त मिलने में कोई परेशानी न हो। सही जानकारी और समय पर अपडेट से किसान बिना किसी रुकावट के योजना का लाभ उठा सकते हैं।

भोपाल में 12 फरवरी को भवन विकास निगम कार्यशाला, मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता

12 फरवरी को भोपाल में भवन विकास निगम की क्षमता संवर्धन कार्यशाला मुख्यमंत्री डॉ. यादव होंगे मुख्य अतिथि भोपाल  लोक निर्माण से लोक कल्याण के विजन को सशक्त आधार देने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा निरंतर क्षमता संवर्धन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 12 फरवरी 2026 को भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के तत्वावधान में एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे। इस संबंध में जानकारी देते हुए लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने बताया कि यह कार्यशाला निर्माण क्षेत्र से जुड़े अभियंताओं एवं तकनीकी अधिकारियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। कार्यशाला में लोक निर्माण विभाग, परियोजना क्रियान्वयन इकाई, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम तथा मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के लगभग 2,000 अभियंता एवं तकनीकी अधिकारी भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण कैलेंडर एवं परियोजना प्रबंधन पुस्तिका का विमोचन किया जाएगा तथा परियोजना प्रबंधन प्रणाली–2.0 डिजिटल प्रबंधन प्रणाली का प्रदर्शन एवं औपचारिक शुभारंभ होगा। इसके साथ ही मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम एवं मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाओं—केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान, भारतीय राजमार्ग अभियंता अकादमी, इंजीनियरिंग स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया,भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई तथा स्कूल ऑफ़ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे। मंत्री  राकेश सिंह ने बताया कि कार्यशाला में राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ क्षमता निर्माण, हरित भवन अवधारणा, आधुनिक भवन निर्माण तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण तथा निर्माण क्षेत्र में नवाचार जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। साथ ही  विक्रांत सिंह तोमर द्वारा क्षमता निर्माण विषय पर विशेष व्याख्यान दिया जाएगा। मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा विकसित परियोजना प्रबंधन प्रणाली पोर्टल–2.0 एक उन्नत डिजिटल प्रबंधन प्रणाली है। इससे समस्त निर्माण कार्यों का सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं दक्ष क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। इस प्रणाली में प्रत्येक परियोजना के लिए उत्तरदायी–जवाबदेह–समय-सीमा प्रणाली के माध्यम से संबंधित अधिकारी, सक्षम स्वीकृतकर्ता तथा निर्धारित समय-सीमा स्पष्ट रूप से दर्ज रहती है, जिससे सतत निगरानी एवं जवाबदेही सुनिश्चित होती है। प्रक्रिया नियंत्रण द्वार प्रणाली के अंतर्गत आवश्यक कार्य, अभिलेख एवं स्वीकृतियाँ पूर्ण होने के पश्चात ही अगले चरण की अनुमति प्रदान की जाती है। मानक कार्य प्रणाली के अनुसार कार्य निष्पादन से सभी परियोजनाओं में एकरूपता एवं प्रशासनिक दक्षता सुनिश्चित होती है, वहीं स्वचालित पत्र निर्माण सुविधा से विभागीय पत्राचार त्वरित, पारदर्शी एवं कागजरहित बनता है। क्षमता संवर्धन कार्यशाला न केवल प्रदेश के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं दक्षता को सुदृढ़ करेगी, बल्कि अभियंताओं एवं तकनीकी अधिकारियों को नवीनतम तकनीकी ज्ञान, गुणवत्ता आधारित निर्माण प्रक्रिया तथा सतत विकास के सिद्धांतों से भी अवगत कराएगी। लोक निर्माण विभाग की यह पहल “लोक निर्माण से लोक कल्याण” के संकल्प को तकनीकी सुदृढ़ता, डिजिटल नवाचार और प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से नई दिशा प्रदान करेगी।  

12 फरवरी राशिफल: ग्रहों की चाल से बदल सकती हैं इन राशियों की किस्मत

मेष 12 फरवरी के दिन आज हर पहलू में संतुलन बनाए रखें। प्यार में शांत रहें, काम पर टीमवर्क पर ध्यान दें। छोटी-मोटी गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं। धन को समझदारी से मैनेज करें और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। वृषभ 12 फरवरी के दिन आप रिश्तों में क्लैरिटी पाएंगे, चाहे वे रोमांटिक हों या नहीं। करियर के लिहाज से, एक नया नजरिया आपके सामने आने वाली किसी भी चुनौती से निपटने में मदद करेगा। मिथुन 12 फरवरी के दिन आर्थिक रूप से, फ्यूचर में स्टेबिलिटी के लिए सावधानी के साथ योजना बनाना महत्वपूर्ण है। मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों को सपोर्ट करने के लिए संतुलित जीवनशैली बनाए रखने पर ध्यान दें। कर्क 12 फरवरी का दिन विकास से भरे अवसरों का दिन है। आज का दिन काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाने, नए अवसरों को सामने लाने, विभिन्न क्षेत्रों में विकास और संतुष्टि लाने के बारे में है। सिंह 12 फरवरी का दिन संभावनाओं से भरा हुआ है। प्यार में, आप गहरे संबंध पाएंगे। करियर के लिहाज से, नई चुनौतियां सामने हैं, जो चमकने के अवसर दे सकती। आर्थिक रूप से, अप्रत्याशित लाभ के लिए नजर बनाए रखें। कन्या 12 फरवरी के दिन तनाव या छोटी-मोटी स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को नजरअंदाज न करें। कुल मिलाकर, दिन को पॉजिटिव बदलाव के साथ अपनाएं। ध्यान रखें कि आप रोमांटिक एक्टिविटी के जरिए लव लाइफ को प्रोडक्टिविटी बनाए रखें। तुला 12 फरवरी के दिन सेहत के लिहाज से, अपने शरीर की सुनें और संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। आगे बढ़ने और फलने-फूलने के हर अवसर का लाभ उठाएं। अगर आप सिंगल हैं, तो आप किसी ऐसे व्यक्ति से मिल सकते हैं, जो आपकी रुचि जगाएगा। वृश्चिक 12 फरवरी के दिन अपने प्रेम जीवन में सुखद पलों की तलाश करें। ऐसे महत्वपूर्ण काम करें, जिनमें स्किल्स की जरूरत हो। वित्तीय जरूरतों को पूरा करें, जबकि सेहत पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। धनु 12 फरवरी के दिन ऑफिस में आप खुद को नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार पाएंगे। आपको ऐसे नए अवसर मिलने की संभावना है, जिनके लिए पॉजिटिव मानसिकता की आवश्यकता होगी। मकर 12 फरवरी के दिन गहरे संबंधों को बढ़ावा देने के लिए प्रियजनों और सहकर्मियों के साथ संवाद बनाए रखें। आज धन के प्रति सचेत रहें और लॉन्ग टर्म स्ट्रैटजी पर विचार करें। आपके स्वास्थ्य को संतुलन की आवश्यकता है। कुंभ 12 फरवरी के दिन आपके पास प्यार का जश्न मनाने के लिए शानदार पल हैं। ऐसी नई जिम्मेदारियां लें, जो उत्पादकता बढ़ाएं। आज आपको धन को सावधानी से संभालने की जरूरत है। आपका शरीर और मन आपकी देखभाल के लिए आपको धन्यवाद देंगे। मीन 12 फरवरी के दिन जब आपको नौकरी में महत्वपूर्ण डिसीजन लेने की आवश्यकता हो, तो दृढ़ रहें। लव के मामले में आपका रवैया आज महत्वपूर्ण है। आर्थिक रूप से आप अच्छे हैं, लेकिन स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

मध्यप्रदेश की 9 स्टोन आधारित एमएसएमई इकाइयों ने जयपुर में इंडिया स्टोन मार्ट में दिखाया जलवा

मध्यप्रदेश की 9 स्टोन आधारित एमएसएमई इकाइयों ने जयपुर में इंडिया स्टोन मार्ट में की सहभागिता भोपाल मध्यप्रदेश की 9 स्टोन आधारित एमएसएमई इकाइयों ने इंडिया स्टोन मार्ट, 2026 जयपुर में सहभागिता कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। यह प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय स्टोन आधारित प्रदर्शनी 5 से 8 फरवरी तक जयपुर में आयोजित की गई थी। प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश की कुल 9 स्टोन आधारित एमएसएमई इकाइयों ने सहभागिता की, जिसमे ग्वालियर से 6 इकाईयों (तंवर स्टोर इंडस्ट्रीज, जैन स्टोन इंडस्ट्रीज, के.आर. स्टोन इंडस्ट्रीज, महाकाय इंडस्ट्रीज, अभ्युदय इंटरप्राइजेज,  साईं राम स्टोन) , कटनी से दो इकाईयों (एमके ग्रेनाइट एवं मार्बल कंपनी तथा  राम मार्बल्स) एवं इंदौर (द राईट एंगल्स) से एक इकाई शामिल है। सभी चयनित इकाइयों को एमएसएमई विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा विभागीय सहयोग प्रदान किया गया।इकाइयों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई। प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए इकाइयों का चयन एमएसएमई विभाग के माध्यम से मुख्यालय स्तर पर किया गया। स्टोन इंडस्ट्रीज के उत्पादों का वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट में शामिल होने के साथ उनकी गुणवत्ता, नवाचार क्षमता एवं बाजार संभावनाओं को चयन का आधार बनाया गया। प्रदर्शनी के दौरान उद्यमियों ने अपने उत्पादों का प्रभावी प्रदर्शन किया एवं देश-विदेश से आए क्रेताओं एवं व्यापारिक प्रतिनिधियों से सार्थक व्यावसायिक संवाद किया।इस सहभागिता से स्टोन जगत के हितधारकों का परिचय मध्यप्रदेश की विशाल स्टोन धरोहर से हो सका एवं सभी ने मध्यप्रदेश के उत्पादों को सराहा। विजिट स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने, निर्यात संभावनाओं के विस्तार तथा महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। माना जा रहा है कि एमएसएमई विभाग की यह पहल प्रदेश में उद्यमिता, रोजगार सृजन एवं आर्थिक विकास को सशक्त रूप से आगे बढ़ाएगी।  

पावर ग्रिड, एमपी ट्रांसको के साथ कदम से कदम मिलाकर करेंगे राष्ट्र निर्माण

एमपी ट्रांसको के साथ कदम से कदम मिलाकर राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनेगी पावर ग्रिड पॉवर ग्रिड के प्रतिनिधि मंडल के साथ एमपी ट्रांसको की उच्च स्तरीय बैठक भोपाल  मध्यप्रदेश में ट्रांसमिशन परियोजनाओं के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको), भारत सरकार के उद्यम, पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेगी। इस संबंध में आपसी सहमति जबलपुर शक्ति भवन में आयोजित एमपी ट्रांसको के प्रबंध संचालक  सुनील तिवारी तथा पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, वेस्टर्न रीजन–2 के मुख्य महाप्रबंधक एवं रीजनल हेड  आर.के. गुप्ता की उपस्थिति मे हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में बनी। वर्तमान स्थिति में ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार चुनौती पूर्ण प्रबंध संचालक  तिवारी ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) तथा फॉरेस्ट अप्रूवल से जुड़ी चुनौतियों के कारण अत्यंत कठिन हो गया है। इसके बावजूद एमपी ट्रांसको, पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के साथ समन्वय एवं सहयोग बनाए रखते हुए कार्य करेगी, ताकि राष्ट्र निर्माण में दोनों ट्रांसमिशन यूटिलिटीज़ की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित हो सके। सहयोग के लिए एम पी ट्रांसको का आभार व्यक्त किया पावर ग्रिड ने पॉवर ग्रिड के सीजीएम  गुप्ता ने मध्यप्रदेश में ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार के लिए एमपी ट्रांसको से मिल रहे सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पॉवर ग्रिड भी राज्य में संचालित सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे देश में तेजी से बढ़ रहे बिजली उत्पादन का समयबद्ध ट्रांसमिशन सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में पॉवर ग्रिड द्वारा किए जा रहे विभिन्न ट्रांसमिशन निर्माण कार्यों तथा भविष्य की योजनाओं पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। 

इंदौर में ED का बड़ा कदम: पूर्व नगर निगम अधिकारी की करोड़ों की संपत्ति कुर्क

इंदौर  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नगर निगम के पूर्व सहायक राजस्व अधिकारी राजेश परमार और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज 1 करोड़ 6 लाख रुपये की अचल संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत की गई है। कुर्क की गई संपत्तियों में एक आवासीय मकान, एक प्लॉट, एक फ्लैट और कृषि भूमि शामिल है। ईओडब्ल्यू ने दर्ज की एफआईआर ईडी ने बताया कि यह जांच भोपाल की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। ईओडब्ल्यू ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत राजेश परमार के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप है कि उन्होंने अपनी ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अपने और परिवार के नाम पर अर्जित की। घोषित आय से 175 प्रतिशत अधिक संपत्ति जांच में सामने आया कि वर्ष 2007 से 2022 के बीच परमार ने करीब 1 करोड़ 66 लाख रुपये की संपत्ति जुटाई। यह राशि उनकी घोषित आय से लगभग 175 प्रतिशत अधिक बताई गई है। ईडी ने अपनी जांच में करीब 1 करोड़ 21 लाख रुपये को संदिग्ध और अवैध आय माना है। दस्तावेज पेश नहीं कर सके परमार जांच एजेंसी के अनुसार परमार और उनके परिवार के बैंक खातों में बड़ी मात्रा में नकद जमा किया गया। यह राशि अलग-अलग खातों के माध्यम से जमा कर बाद में संपत्तियों की खरीद में उपयोग की गई। ईडी का कहना है कि पूछताछ के दौरान परमार इन संपत्तियों के लिए इस्तेमाल किए गए धन के वैध स्रोत से जुड़े ठोस दस्तावेज पेश नहीं कर सके।

विद्यार्थियों की दिनचर्या में शामिल हुआ अखबार वाचन

शासकीय प्राथमिक शाला पीपरडांड की अभिनव पहल रायपुर,  छात्रों के लिए प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़ना एक लाभकारी आदत है। इससे उन्हें समसामयिक घटनाओं, महत्वपूर्ण मुद्दों और विविध विचारों से अवगत होने का अवसर मिलता है। यह आदत गुणवत्तापूर्ण भाषा और सुव्यवस्थित सामग्री के संपर्क में आने से उनकी पढ़ने और लिखने की क्षमताओं को बढ़ाती है। शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर उसे जीवन से जोड़ने की दिशा में सरगुजा जिला के विकासखंड प्रेमनगर के शासकीय प्राथमिक शाला पीपरडांड में एक सराहनीय एवं अभिनव पहल की गई है। विद्यालय में विद्यार्थियों की दैनिक दिनचर्या में अखबार वाचन को शामिल किया गया है। इस प्रयास से परीक्षा-केंद्रित शिक्षा को ज्ञान-केंद्रित शिक्षा में परिवर्तित करने की दिशा में सार्थक कदम उठाया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करना ही नहीं, बल्कि उन्हें सोचने, समझने, तर्क करने और प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित करना है। सहायक शिक्षक श्री राजेन्द्र जायसवाल ने बताया कि वर्तमान समय में बढ़ते मोबाइल स्क्रीन टाइम के कारण बच्चों में पठन संस्कृति कमजोर होती जा रही है। ऐसे में समाचार पत्र वाचन शिक्षा सुधार का एक प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। नई व्यवस्था के तहत विद्यालय की प्रार्थना सभा अब केवल अनुशासनात्मक गतिविधि तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जागरूकता की पाठशाला के रूप में विकसित होगी। छात्र-छात्राएं प्रतिदिन अखबार की प्रमुख सुर्खियां पढ़ेंगे और देश-दुनिया की समसामयिक घटनाओं से अवगत होंगे। इसके अलावा सप्ताह में एक दिन विद्यार्थियों को किसी संपादकीय विषय पर मौलिक लेखन एवं समूह चर्चा के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे बच्चों में विचार-विमर्श, संवाद कौशल, अभिव्यक्ति क्षमता तथा नैतिक मूल्यों का विकास होगा। विद्यालय की इस नवाचारपूर्ण पहल की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है। यह प्रयास निश्चित रूप से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सड़क पर चलते ही बजेगा संगीत! भारत के इस शहर में शुरू हुआ ‘मेलोडी रोड’ प्रयोग

मुंबई क्या आपने कभी सोचा है कि जिस सड़क पर आप गाड़ी चला रहे हैं, वही आपके लिए सुरीला संगीत बजाने लगे? भारत में यह कल्पना अब हकीकत बन चुकी है। देश में पहली बार एक ऐसी सड़क तैयार की गई है, जहां टायरों की गड़गड़ाहट नहीं, बल्कि मधुर संगीत सुनाई देगा। इस अनूठी पहल से न सिर्फ ड्राइविंग का अनुभव बदलेगा, बल्कि यह सड़क सुरक्षा की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में इस जादुई सफर की शुरुआत की गई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को मुंबई के नवनिर्मित कोस्टल रोड (Coastal Road) पर इस 'मेलोडी रोड' खंड का उद्घाटन किया। समुद्र के किनारे सफर का आनंद अब संगीत के साथ दोगुना हो जाएगा। कैसे काम करती है यह जादुई तकनीक? यह कोई लाउडस्पीकर का कमाल नहीं, बल्कि हंगरी की एक विशेष तकनीक है। इसे वैज्ञानिक तरीके से डिजाइन किया गया है…     खास मार्किंग: सड़क के एक निश्चित हिस्से पर विशेष प्रकार की बारीक खांचें (Grooves) बनाई गई हैं।     संगीत का ट्रिगर: जैसे ही गाड़ी के टायर इन खांचों के ऊपर से गुजरते हैं, घर्षण (Friction) से एक खास फ्रीक्वेंसी पैदा होती है जो संगीत की धुन में बदल जाती है।     स्पीड की शर्त: संगीत का पूरा आनंद तभी मिलता है जब वाहन की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा हो। यदि गाड़ी इससे तेज या धीमी होगी, तो धुन बदल जाएगी। सुरक्षा और मनोरंजन का मेल फिलहाल इसे कोस्टल रोड के कुछ मीटर के हिस्से में प्रयोग के तौर पर शुरू किया गया है। सरकार की योजना भविष्य में इसकी लंबाई बढ़ाने और अन्य प्रमुख सड़कों पर भी इसे लागू करने की है। यह तकनीक न केवल मनोरंजन करती है, बल्कि ड्राइवर को एक निश्चित गति सीमा (60 kmph) बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित भी करती है, जिससे हादसों का खतरा कम होता है।

इतिहास रचते-रचते चूका अफगानिस्तान, डबल सुपर ओवर में साउथ अफ्रीका से हार

अहमदाबाद अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कांटे की टक्कर में दक्षिण अफ्रीका ने डबल सुपर ओवर में अफगानिस्तान को हरा दिया है। दोनों टीमों ने 20-20 ओवर के खेल के बाद 187-187 रन बनाए थे। मैच टाई रहने पर सुपर ओवर में पहुंचा था। इसके बाद अफगानिस्तान ने पहले सुपर ओवर में पहले बल्लेबाजी करते हुए 17 रन बनाए। जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने भी 17 रन बना डाले। सुपर ओवर में स्कोर टाई रहने के बाद मैच दूसरे सुपर ओवर में पहुंचा। दूसरे सुपर ओवर में दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 23 रन बनाए। जवाब में अफगानिस्तान की टीम ने शुरुआती दो गेंद में कोई रन नहीं बनाए थे, साथ ही नबी भी आउट हो गए थे। इसके बाद गुरबाज बल्लेबाजी के लिए आए और अगली तीन गेंद पर तीन छक्के लगाए। ऐसे में केशव महाराज की आखिरी गेंद पर अफगानिस्तान को छह रन चाहिए थे। फिर महाराज ने वाइड गेंद फेंकी। ऐसे में अफगानिस्तान को मैच टाई कराने के लिए चार रन और जीत के लिए पांच रन चाहिए थे। हालांकि, आखिरी गेंद पर गुरबाज कैच दे बैठे और आउट हो गए। ऐसे में अफगानिस्तान की टीम हार गई। यह हार अफगानिस्तान के लिए दिल तोड़ देने वाली है। गुरबाज मैच के बाद भावुक दिखे।

2025-26 की तुलना में आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के आवंटन में 76 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी

बोटलनेक टू ब्रेक थ्रू : यूपी ने तकनीकी महाशक्ति बनने की दिशा में बढ़ाया निर्णायक कदम  2025-26 की तुलना में आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के आवंटन में 76 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर  के लिए 2059  करोड़ के प्रावधान के साथ एआई मिशन, साइबर सुरक्षा केंद्र और एआई लैब की बड़ी पहल 30,000 करोड़ निवेश से 8 डाटा सेंटर पार्क, 900 मेगावाट क्षमता का लक्ष्य मोबाइल निर्माण में 65 प्रतिशत हिस्सेदारी, 44744 करोड़ का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात और स्टार्टअप में लीडर का दर्जा लखनऊ उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर पर बड़ा भरोसा जताया है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने इस क्षेत्र के लिए 2059 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित किया गया है,  जो वर्ष 2025-26 की तुलना में 76 प्रतिशत की भारी भरकम वृद्धि की गई है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि उत्तर प्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था और उन्नत तकनीक का अग्रणी केंद्र बनाया जाएगा। बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को विशेष प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश में उत्तर प्रदेश एआई मिशन की शुरुआत की जा रही है, जिसके लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही इंडिया एआई मिशन के तहत प्रदेश की 49 आईटीआई में एआई लैब स्थापित की जाएंगी। प्रदेश में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और इंडिया एआई डाटा लैब्स की स्थापना के लिए 32 करोड़ 82 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को भविष्य की तकनीक से जोड़ते हुए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है। साइबर सुरक्षा को भी बजट में अहम स्थान मिला है। साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र की स्थापना के लिए 95 करोड़ 16 लाख रुपये की नई योजना प्रस्तावित की गई है। डिजिटल विस्तार के साथ बढ़ते साइबर खतरों को देखते हुए इसे रणनीतिक कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एआई प्रज्ञा कार्यक्रम पहले ही शुरू किया जा चुका है। इस पहल में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, इंटेल, आईबीएम और वन एम वन बी जैसी वैश्विक कंपनियां प्रदेश सरकार के साथ मिलकर एआई प्रशिक्षण दे रही हैं। किसानों, स्वयं सहायता समूहों, विद्यार्थियों, डॉक्टरों तथा राजकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को इस कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य एआई तकनीक को जमीनी स्तर तक उतरना है। डाटा सेंटर के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में 30,000 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से 8 डाटा सेंटर पार्क स्थापित करने और 900 मेगावाट क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 8 परियोजनाओं को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किए जा चुके हैं, जिनमें 6 डाटा सेंटर पार्क और 2 डाटा सेंटर इकाइयां शामिल हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 21,342 करोड़ रुपये का निवेश और 644  मेगावाट क्षमता अर्जित की जा चुकी है। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भी प्रदेश की स्थिति मजबूत बनी हुई है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बन चुका है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है। भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स इकाइयां भी उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात बढ़कर 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उद्योग और तकनीक में बढ़ते निवेश तथा नवाचार को प्रोत्साहन देने की नीतियों के चलते उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर का दर्जा प्राप्त हुआ है। बजट में आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र पर 76  प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी को प्रदेश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश उत्तर प्रदेश को तकनीक आधारित विकास मॉडल की ओर तेजी से अग्रसर करेगा।