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ट्रैफिक नियम उल्लंघन पर जुर्माना: वाइपर न होने समेत छोटी गलतियों पर लगेगा 1500 रुपये तक का चालान

नई दिल्ली दिल्ली की ट्रैफ़िक पुलिस अब केवल तेज़ रफ़्तार से गाड़ी चलाने वालों पर ही कार्रवाई नहीं कर रही है, बल्कि "छोटी" लगने वाली गलतियों पर भी तगड़ा चालान काट रही है. आपकी कार में तेज़ आवाज़ में बजता स्टीरियो, कार के अंदर सिगरेट पीना, वाइपर के बिना गाड़ी चलाना, या गाड़ी को चलता-फिरता विज्ञापन बोर्ड बनाना. अगर इनमें से कोई भी गलती हुई तो आप मुश्किल में फंस जाएंगे. ये ऐसी गलतियां हैं जिन्हें लोग चाहते ना चाहते हुए कर देते हैं. इनमें से ज़्यादातर गलतियों पर ₹500 से ₹1,500 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.  इन गलतियों पर काटता था चालान  लोग आमतौर पर ट्रैफ़िक नियमों के उल्लंघन को ओवर-स्पीडिंग, रेड लाइट जंप करने, शराब पीकर गाड़ी चलाने या सीट बेल्ट न पहनने जैसे बड़े अपराधों से जोड़ते हैं, लेकिन दिल्ली ट्रैफ़िक पुलिस के डेटा से पता चलता है कि "मामूली" समझे जाने वाले उल्लंघनों के लिए भी नियमित रूप से चालान जारी किए जाते हैं. वाहन के अंदर धूम्रपान करना न केवल सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करने और दूसरों को सेकंड-हैंड धुएं के संपर्क में लाने जैसा है, बल्कि यह आग लगने का कारण भी बन सकता है. पहले अपराध के लिए ₹500 और बार-बार उल्लंघन के लिए ₹1,500 का जुर्माना लगता है. इन गलतियों पर भी जुर्माना है तय गाड़ी में ज़ोर से संगीत बजाना जिससे ध्वनि प्रदूषण होता है, वह भी उतना ही बड़ा अपराध है, जितना कि धूम्रपान करना. इससे अन्य वाहनों के हॉर्न की आवाज़ दब सकती है, जिससे दुर्घटनाएं हो सकती हैं. डेटा के अनुसार, 2024 में इस अपराध के लिए 149 चालान किए गए थे, जो 2025 में बढ़कर 202 हो गए. इसी तरह, सरकारी अनुमति के बिना वाहनों पर विज्ञापन प्रदर्शित करने के लिए 2024 में 5,698 के मुक़ाबले 2025 में 28,495 टिकट जारी किए गए हैं. इन उल्लंघनों पर भी जुर्माना वही है जो धूम्रपान के लिए है. इन हल्के माने जाने वाले उल्लंघनों के अलावा, निजी वाहनों में सामान ले जाना भी एक अपराध है (2025 में 4,362 चालान). रियर-व्यू मिरर का अनुचित उपयोग (2025 में 150 से अधिक चालान) भी नियम तोड़ना है. बाज़ारों में अक्सर 'जुगाड़' या improvised वाहनों को सामान ले जाते हुए देखा जाता है जो सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करते. ऐसे वाहनों को चलाने के लिए 2024 में 135 के मुक़ाबले 2025 में 788 लोगों पर जुर्माना लगाया गया. 

एल्युमिनियम बर्तन से दूरी, सतना में मिडडे मील में लोहे की कड़ाही का इस्तेमाल अनिवार्य

सतना   सतना जिले के IAS अधिकारी व जिला पंचायत सीईओ ने मिड-डे मील लोहे के बर्तन में बनाने का फरमान जारी किया है. इसके पीछे तर्क दिया है कि लोहे की कड़ाही में साग-सब्जी या अन्य सामग्री पकाने से बच्चों में एनीमिया की आशंका कम हो जाएगी. जिले के स्व सहायता समूहों के बीच इस आदेश की चर्चा जोरों पर है. लोहे के बर्तन में खाना पकाने से क्या लाभ हैं आइए जानते हैं. सतना जिला पंचायत सीईओ ने दिया आदेश जिला पंचायत सीईओ मझगवा महिपाल सिंह गुर्जर ने स्व सहायता समूह को खाना पकाने के लिए बर्तन बदलने के निर्देश दिए हैं. वर्तमान में उपयोग किए जाने वाले बर्तन एलुमिनियम को दरकिनार करने की सलाह दी गई है. मामले के अनुसार मझगवा ब्लॉक में में स्व सहायता समूह की महिलाओं को मिड-डे मील बनाने के बर्तन बदलने के लिए पत्र जारी हुआ है. पत्र में लिखा "ग्राम पंचायतो में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत महिला स्व सहायता समूह मिड-डे मील का संचालन स्कूलों में किया जा रहा है. देखने में आया है कि आपके द्वारा एल्मूनियम की कड़ाही में सब्जी एवं अन्य खाद्य पदार्थ पकाये जाते हैं." WHO ने भी माना- लोहे के बर्तन का लोहा पत्र में उल्लेख किया गया है "विश्व स्वास्थय संगठन (WHO) ने लोहे के बर्तनों के उपयोग को आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया को कम करने की सलाह दी है. अतः आप समस्त को निर्देर्शित किया जाता है कि एल्मूनियम या जर्मन एल्मूनियम की कड़ाही की जगह अनिवार्यतः लोहे की कड़ाही में साग, भाजी अन्य खाद्य पदार्थ बनाना सुनिश्चित करें, जिससे कि आयरन तत्व की आपूर्ति हो सके." शरीर में आयरन की मात्रा संतुलित रखते हैं लोहे के बर्तन आपको ये समझना जरूरी है कि आयरन इंसान के शरीर के लिए बहुत आवश्यक मिनरल है. आयरन ही फेफड़ों से पूरे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई करता है. आयरन से हीमोग्लोबिन भी बनता है. इसलिए पहले के लोग शरीर में आयरन के स्तर बनाए रखने के लिए लोहे के बर्तनों में सब्जी वगैरह बनाते थे. क्योंकि ऐसा करने से शरीर में आयरन का स्तर बढ़ाता है, खून की कमी दूर होती है. एक तथ्य ये भी है कि थकान, कमजोरी और शरीर में दर्द आयरन की कमी से ही होता है. लोहे की कड़ाही का खाना देर तक रहता गर्म शरीर में आयरन की कमी होने के कारण ही लोग डॉक्टर की सलाह पर विभिन्न प्रकार के सप्लीमेंट्स लेते हैं. लेकिन अगर सप्लीमेंट्स की जगह लोहे की कड़ाही का इस्तेमाल किया जाए तो आयरन की कमी पूरी हो सकती है. इसके अलावा अगर आप लोहे की कड़ाही में खाना पकाएंगे, तो खाना लंबे समय तक गर्म रहेगा. भोपाल की 60 साल की गृहिणी जानकी बताती हैं "वह तो हमेशा से ही लोहे की कड़ाही में सब्जी पकाती हैं. उनकी सास की ये सीख आज भी वह अमल में ला रही हैं." क्या कहते हैं चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञ भोपाल के नर्मदा अस्पताल की सीनियर डायटीशियन डॉ.अमिता सिंह ने बताया "आयरन के बर्तन में बना नियमित खाना खाने से शरीर में आयरन की कमी पूरी हो सकती है, लेकिन यह तभी कारगर होगा, जब इस खाने में खटाई यानि विटामिन सी भी मिलाया जाए. आयरन के बर्तन में पका हुआ खाना खाने से केवल उन लोगों में ही आयरन की मात्रा इंप्रूव होगी, जिन्हें मामूली आयरन की जरूरत है. लेकिन यदि किसी को सीवियर एनीमिया है, तो फिर उसे डॉक्टर से सलाह लेनी की जरूरत है." 

5 दिसंबर का दैनिक राशिफल, जानें 12 राशियों का आज का भविष्य

मेष राशि- 5 दिसंबर के दिन रिलेशन और करियर में थोड़ा तनाव का सामना करना पड़ सकता है। चीजों के कंट्रोल से बाहर जाने से पहले ही प्यार से जुड़ी हर समस्या को सॉल्व करें। आधिकारिक चुनौतियों के बावजूद, आप पेशेवर रूप से सफल होंगे। वृषभ राशि- 5 दिसंबर का दिन पैसों के मामले में अपके लिए शुभ रहेगा। आज जल्दबाजी में किसी भी तरह का डीसीजन लेने से बचें। आज आपकी ऊर्जा क्रीएटिवटी को आकर्षित करती है, लेकिन टास्क चुनने में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। मिथुन राशि- 5 दिसंबर के दिन से ही व्यक्तिगत विकास और सफलता पर ध्यान देना शुरू करें। प्रेम, करियर और वित्त में भाग्य और प्रगति आपका इंतजार कर रही है। परिवर्तन को अपनाएं और चुनौतियों का सामना डटकर करें। कर्क राशि- 5 दिसंबर का दिन शानदार रहने वाला है। सेल्फ-लव की यात्रा आपका इंतजार कर रही है। सितारें आपकी यात्रा में क्लियरिटी और मोटिवेशन प्रदान करने के लिए संरेखित हो रहे हैं। पैसों के मामले में कोई गुड न्यूज भी मिल सकती है। सिंह राशि- 5 दिसंबर का दिन उथल-पुथल भरा साबित हो सकता है। करियर में कई ऐसे टास्क मिल सकते हैं, जिन्हे समय रहते खत्म कर पाना मुश्किल लगेगा। याद रखें, ऐसी कोई भी प्रॉब्लम नहीं है, जिसे आप सॉल्व नहीं कर सकते। कन्या राशि- 5 दिसंबर के दिन स्मार्ट तरीके से पैसों को मैनेज करें। आज आपको सभी डीसीजन सावधानी के साथ लेने होंगे। लॉंग डिस्टेंस रिलेशन वालों की जल्द ही अपने पार्टनर से मुलाकात हो सकती है। तुला राशि- 5 दिसंबर के दिन परिवर्तनों और अप्रत्याशित प्रोजेक्ट्स को अपनाएं। हेल्थ पर भी ध्यान दें। नए अवसरों और विकास के रास्ते को अनलॉक करें। आज बहस से दूरी बनाएं। वित्तीय मामलों पर नजर रखें। वृश्चिक राशि- 5 दिसंबर के दिन पूरे कॉन्फिडेंस के साथ चुनौतियों से निपटें। आज का दिन अवसर और सावधानी का मिश्रण प्रदान करता है। दिन की मांगों से निपटते समय अपने लॉंग टर्म लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित रखें। धनु राशि- 5 दिसंबर के दिन की एनर्जी का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने के लिए तैयार रहें। आज का दिन अवसरों से भरपूर रहेगा। पर्सनल ग्रोथ और नई मुलाकातों पर फोकस करना बेहतर रहेगा। मकर राशि- 5 दिसंबर का दिन मकर के जातकों के लिए दिलसचस्प रहने वाला है। नई संभावनाओं को अनलॉक करें, बदलावों को अपनाएं। सरप्राइज आपका इंतजार कर रहा है। खुली सोच नए अवसर लेकर लाएगी। कुंभ राशि- 5 दिसंबर के दिन महत्वपूर्ण वृद्धि का अवसर आज आपके द्वार पर दस्तक दे सकता है। इसलिए सोच-समझकर कोई भी बड़ा इन्वेस्टमेंट करें। हेल्थ से जुड़े छोटे-मोटे मुद्दे आपको परेशान कर सकते हैं। मीन राशि- 5 दिसंबर का दिन पॉजिटिव रहेगा। कुछ लोगों को पेरेंट्स से अपने रिलेशन के लिए फुल सपोर्ट मिल सकता है। अपनी मेंटल हेल्थ पर गौर फरमाएं और बहुत ज्यादा प्रेशर लेने से बचें। किसी पुराने निवेश से बंपर धन-लाभ हो सकता है।

सरकारी रिकॉर्ड में पुरानी गलती, आज बनी बड़ी परेशानी: बहुओं के SIR में क्यों अड़ रही 2003 की सूची?

देवास मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य अंतिम चरण में है। देवास से लेकर प्रदेश के अन्य जिलों में उन बहुओं के एसआइआर की प्रक्रिया राह आसान नहीं रही जिनके नाम शादी से पहले मायके में 2003 की सूची में दर्ज नहीं थे। ससुराल में इनको 2003 की मतदाता सूची के हिसाब से माता-पिता या अन्य की जानकारी दर्ज करने के लिए मशक्कत करना पड़ रही क्योंकि कई बहुओं के माता-पिता के नाम गांव की मतदाता सूची में न होकर तीन से सात किमी दूर तक के दूसरे गांवों में शामिल हैं।   कई मायके वालों को भी इसका पता नहीं हैं, ऐसे में संबंधित बीएलओ से मदद मांगना पड़ रही है। हाल यह हैं कि कुछ जगह नए बीएलओ बने हैं तो उनको भी स्पष्ट रूप से इसका पता नहीं रहता, दो से चार दिन बार जवाब दिया जा रहा है। प्रकरण-एक     पुलिस लाइन क्षेत्र देवास निवासी आशीष सिंह का विवाह उप्र के रायबरेली जिले में सरेनी विधानसभा क्षेेत्र के गांव पूरे शिवबक्ससिंह में हुआ है।     देवास में हो रही एसआईआर में पत्नी की माता बीना देवी या पिता रामप्रकाश की 2003 की सूची के हिसाब से विधानसभा क्रमांक, भाग संख्या, मतदाता क्रमांक की जानकारी दर्ज करना है।     निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर उपलब्ध गांव की मतदाता सूची में यह नाम नहीं मिल रहे थे। मायके वालों को भी इसके बारे में पता नहीं था क्योंकि हर चुनाव के दौरान उनके वोट गांव में ही डाले जाते थे। बाद में क्षेत्र के बीएलओ का नंबर प्राप्त करके संपर्क किया गया तो पता चला कि नाम पूरे शिवबक्शसिंह नहीं बल्कि मथुरपुर की मतदाता सूची में शामिल हैं। इसके बाद वहां की सूची आनलाइन खोलकर एक हजार से अधिक मतदाताओं में से नाम खोजा गया।   प्रकरण-दो     मधुबन कॉलोनी निवासी संदीप सिंह का विवाह उप्र के फतेहपुर खागा विधानसभा के ऐलई गांव में हुआ है।     उनकी पत्नी के माता-पिता के नाम जब इस गांव की 2003 की मतदाता सूची में ऑनलाइन सर्च किए गए तो नहीं मिल पाए।     आसपास के कई गांवों की मतदाता सूची भी देखी गई लेकिन इनमें भी नाम नहीं था।     इसके बाद रिश्तेदारों से संपर्क किया गया, उन्होंने भी अपने स्तर से नाम तलाश किए लेकिन नहीं मिले।     पहले बीएलओ भी स्प्ष्ट जानकारी नहीं दे पाए, बाद में हरदो गांव का नाम बताया जो ऐलई से लगभग तीन किमी दूर है। हरदो की सूची चेक करने पर वहां नाम मिला।   देवास जिले में एसआईआर कार्य की स्थिति विधानसभा कार्य पूर्ण शेष मतदाता     देवास 95.92 11800     सोनकच्छ 99.50 1200     हाटपीपल्या 99.71 600     खातेगांव 99.27 1800     बागली 97.38 6800 (आंकड़े निर्वाचन शाखा देवास से प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर की स्थिति में।)   एक नजर में एसआईआर प्रक्रिया     05 विधानसभा क्षेत्र हैं जिले में।     1426 है कुल मतदान केंद्रों की संख्या।     1100 मतदान केंद्रों में पूरी हुई एसआईआर प्रक्रिया।     98 प्रतिशत से अधिक कार्य हो चुका है जिले में पूर्ण।

सरकारी अस्पताल में दलाली का खेल! MY के डॉक्टरों पर 10% कमीशन के लिए मरीज रेफर करने के गंभीर आरोप

इंदौर शहर के शासकीय अस्पतालों से डॉक्टर मुनाफा कमाने के लालच में मरीजों को लामा कर निजी अस्पतालों में भेज रहे हैं। हाल ही में एमवाय अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के एक डॉक्टर द्वारा इंडेक्स अस्पताल में मरीज को लामा कर भेजने का मामला सामने आया है। मरीज ने खुद इसकी शिकायत की थी कि रातभर जमीन पर बिना इलाज के रखा और सुबह डॉक्टर ने निजी अस्पताल में जाने के लिए कहा। मामले में डॉक्टर का 15 दिन का वेतन काटने की कार्रवाई की गई है। एक मरीज को निजी अस्पताल में इलाज के लिए भेजने पर डॉक्टर को 10 प्रतिशत कमिशन मिलता है। यानी तीन लाख का इलाज यदि मरीज का निजी अस्पताल में हो रहा है तो डॉक्टर को इसके एवज में 30 हजार रूपये मिलते हैं। यह खेल आयुष्मान योजना के नाम पर तेजी से चल रहा है।   रोजाना 10 से अधिक मरीज जाते है निजी अस्पताल एमवायएच अस्पताल में आने वाले मरीज को यह कहा जाता है कि निजी अस्पताल में बेहतर सुविधा के साथ निश्शुल्क उपचार मिल जाएगा। एमवाय अस्पताल के सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार, रोजाना 10 से अधिक मरीज अधूरे इलाज में लामा करवाकर निजी अस्पताल में चले जाते हैं। इनमें से कुछ अपनी मर्जी से जाते हैं, बाकि डॉक्टर कमिशन के चक्कर में पहुंचा देते हैं। मरीजों को ले जाने में एंबुलेंस गैंग भी सक्रिय, रोक लगाने पर प्रशासन फेल एमवाय अस्पताल में डॉक्टरों के अलावा मरीजों को ले जाने में एंबुलेंस गैंग भी सक्रिय है।   करीब एक वर्ष पहले मरीजों को एमवाय अस्पताल से निजी अस्पताल लेकर जाने पर एंबुलेंस गैंग का मुखिया दीपक वर्मा पकड़ाया था। इस दौरान जूनियर डॉक्टरों ने उसकी पिटाई कर दी थी। इसके बाद दीपक और असलम आदि को परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया था। इसमें वार्ड बॉय और अन्य कर्मचारी भी शामिल थे। कभी कार्रवाई करते हुए नजर नहीं आता पूर्व संभागायुक्त ने इस दौरान अस्पताल में निजी एंबुलेंस वाहन को परिसर में पार्किंग करने पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन इन्हें रोकने पर प्रशासन फेल नजर आ रहा है। अभी एमवाय अस्पताल में तिरूपती बालाजी एंबुलेंस से राहुल और बहादुर, श्री बालाजी एंबुलेंस से दीपक, एकाक्ष सामाजिक संस्था से रामगोपाल श्रीवास्तव आदि सक्रिय है। लेकिन प्रशासन इनपर कभी कार्रवाई करते हुए नजर नहीं आता है। निजी अस्पतालों के एजेंट घुमते हैं अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया कि आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों को निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाने वाले कई एजेंट घुमते हैं। पूर्व में भी इस तरह के लोगों को पकड़ा गया है। इन्हें मरीजों के हिसाब से निजी अस्पताल में कमिशन मिलता है। इसके लिए यह मरीजों को एमएलटी, एक्सरे सहित अन्य जांच होने के बाद निजी अस्पताल में आपरेशन के लिए लेकर चले जाते हैं। इसमें सबसे अधिक मरीज हड्डी रोग विभाग, न्यूरोसर्जरी, कैंसर, मेडिसिन विभाग आदि के होते हैं। एमजीएम मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में लामा रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। हमने हाल ही में एक डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की है। लामा रोकने के लिए एक कमेटी भी बनाई जा रही है। जो लामा कर जाने वाले सभी मरीजों का रिव्यू करेगी। – डॉ. अरविंद घनघोरिया, डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज

डबल डॉक्यूमेंट विवाद: दो पासपोर्ट मामले में अब्दुल्ला का फैसला कल, सात साल की सज़ा बना असर का कारण

रामपुर सपा नेता आजम खान व उनके परिवार पर दो जन्म प्रमाण पत्र और दो पैन कार्ड के बाद अब दो पासपोर्ट के मामले पर लोगों की नजर है। इस मामले में सुनवाई पूरी हो चुकी है और न्यायालय ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। शुक्रवार को फैसला सुनाया जाएगा। पासपोर्ट के मामले में अब्दुल्ला अकेले आरोपित हैं। इससे पहले दो जन्म प्रमाण पत्र में आजम खां, उनकी पत्नी और अब्दुल्ला को सजा हुई थी, जबकि दो पैन कार्ड मामले में आजम खां और अब्दुल्ला को सजा हुई थी। दो पैन कार्ड मामले में आजम खां और अब्दुल्ला जेल में बंद हैं। सपा नेता आजम खान के बेटे अब्दुल्ला का राजनीतिक जीवन शुरू होते ही विवादों में घिर गया। वह दो बार विधायक बने, लेकिन दोनों बार विधायकी चली गई। वर्ष 2017 से राजनीति में कदम रखने के बाद वह ज्यादा दिन सत्ता का सुख हासिल नहीं कर पाए। अब तक तीन मुकदमों में सजा हो चुकी है। दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में 17 माह जेल में भी बिताने पड़े। जमानत पर बाहर आए तो 17 नवंबर को दो पैन कार्ड मामले में सजा हो गई। अब फिर से वह पिता के साथ जेल में बंद हैं। पिता की तरह ही अब्दुल्ला पर भी ताबड़तोड़ मुकदमे दर्ज हुए। सपा सरकार जाने के बाद वर्ष 2019 में जिले में 42 मुकदमे दर्ज हुए। साथ ही पुराने मुकदमों की फाइल भी खुल गई। इनमें एक मुकदमा मुरादाबाद के थाना छजलैट में वर्ष 2008 में दर्ज हुआ था। इस तरह अब्दुल्ला को 43 मुकदमों का सामना करना पड़ा। वर्तमान में भी उनके खिलाफ 41 मुकदमे न्यायालय में विचाराधीन हैं। इनमें दो पासपोर्ट का मामला भी है, जिसमें शुक्रवार को फैसला आना है। इस फैसले को जानने के लिए सभी उत्सुक हैं। पासपोर्ट मामले में अकेले अब्दुल्ला के आरोपित होने पर सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संदीप सक्सेना का कहना है कि अब्दुल्ला ने अपने पिता मोहम्मद आजम खां के साथ सुनियोजित षड्यंत्र के अन्तर्गत चुनाव नामांकन में आयु संबंधी अयोग्यता छिपाने के लिए कूटरचित मिथ्या विवरण व दस्तावेज प्रस्तुत कर पैन कार्ड संख्या DWAPK7513R जन्म तिथि 30 सितंबर 1990 का बनवाया और नामांकन पत्र में आयु संबंधी अयोग्यता पूर्ण कर अवैध लाभ प्राप्त करने के लिए प्रयोग में लाया गया। इस कारण पैन कार्ड मामले में आजम खां और अब्दुल्ला दोनों मुलजिम बनाए गए थे, जबकि अलग-अलग जन्मतिथि से बने दोनों पासपोर्ट का प्रयोग अब्दुल्ला ने अकेले किया था। उनके द्वारा विदेश यात्राएं की गईं, जिसके कारण वह अकेले आरोपित बनाए गए।  

वाराणसी और सीमावर्ती जिलों में उद्योग, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन से विकास की बयार

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूर्वांचल में विकास और समृद्धि का जो अभियान शुरू हुआ था, अब वह जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। वाराणसी और आसपास के जिलों में धार्मिक-पर्यटन के साथ-साथ औद्योगिक और लॉजिस्टिक क्षेत्रों में भी तेज प्रगति हो रही है। उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने में पूर्वांचल की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है। 2017 से पहले पूर्वांचल को माफियाओं और पिछड़ेपन के लिए जाना जाता था लेकिन मुख्यमंत्री योगी की नीतियों ने इसे विकास का रोल मॉडल बना दिया है।    पूर्वांचल लिख रहा है विकास की महागाथा पूर्वांचल आजादी के बाद से ही विकास के मामले में उपेक्षित रहा है। 2017 में उत्तर प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद सीएम योगी ने पूर्वांचल में विकास के लिए व्यापक रणनीति बनाई। प्रदेश सरकार के अनुसार वर्तमान समय में वाराणसी में 48 चालू परियोजनाएं क्रियान्वित हैं। इसमें से 1,180.95 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। इन परियोजनाओं से 3,472 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ है। आगे 48 नई औद्योगिक परियोजनाएं और स्वीकृत की गई हैं जिनमें 5,702.18 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं से 12,110 रोजगार सृजित होने का अनुमान है। इस प्रकार कुल मिलाकर 15 हजार से अधिक रोजगार बनने का आधार तैयार हो चुका है।  विकास परियोजनाओं से पूर्वांचल के उद्योगपति उत्साहित  वाराणसी और पूर्वांचल क्षेत्र में औद्योगिक विकास की गति तेज हो गई है, जिससे इस क्षेत्र के लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वाराणसी एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर के चौधरी ने सीएम योगी की तारीफ करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं। इसमें निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नीतियों और सुविधाओं का विकास शामिल है। प्रदेश सरकार वाराणसी और पूर्वांचल क्षेत्र को देश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यहां के लोग और उद्योगपति सरकार के प्रयासों से प्रसन्न हैं। औद्योगिक विकास में रोड, ट्रेन और एयर कनेक्टिविटी का सीधा लाभ मिल रहा है।  निवेश बढ़ने से उद्योग और लॉजिस्टिक्स का मजबूत ढांचा तैयार वाराणसी और पूर्वांचल के जिलों में उद्योग, लॉजिस्टिक्स और भंडारण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। औद्योगिक इकाइयों, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र-उद्योग, घरेलू उत्पादों और हस्तकला आधारित इकाइयों को बढ़ावा दिया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा उद्योगों को भूमि, विद्युत, परिवहन और अनुमति प्रक्रियाओं में सरलता देने से निवेशकों का झुकाव पूर्वांचल की ओर बढ़ा है। भंडारण और परिवहन सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय कृषि-उत्पाद, दूध, सब्जियां, अनाज और फल अब क्षेत्रीय बाजारों के साथ-साथ बड़े शहरों तक पहुंच पा रहे हैं। अकेले वाराणसी में 2017 से अब तक, 35,705.07 लाख रुपये की 79 परियोजनाओं के माध्यम से विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है।  एग्री-लॉजिस्टिक्स और ग्रामीण भंडारण से मजबूत हो रही आपूर्ति श्रृंखला पूर्वांचल में कृषि-आधारित उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। वाराणसी सहित आसपास के जिलों में कृषि-उत्पादों के संग्रहण, छंटाई, पैकिंग और भंडारण की सुविधा बढ़ाई गई है। गोरखपुर के धुरियापार इंडस्ट्रियल टाऊनशिप योजना को रेल और सड़क दोनों से कनेक्ट किया जा रहा है। इसे लगभग 5500 एकड़ में विकसित किया जा रहा है। यह टाउनशिप 17 गांवों में फैली है। इससे कृषि आधारति उद्योगों को यातायात और कनेक्टिविटी में बहुत सहूलियत होगी। स्थानीय स्तर पर बने बड़े भंडारण केन्द्रों और आपूर्ति-श्रृंखला इकाइयों ने किसानों और छोटे व्यापारियों की आय को सुरक्षित किया है। इसके साथ ही, ग्रामीण स्तर पर बन रहे गोदामों और शीत-भंडारण केन्द्रों से खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को कच्चा माल पास में ही उपलब्ध हो रहा है, जिससे उत्पादन लागत कम हो रही है।

इंजीनियरिंग का कमाल! भारत की इकलौती डायमंड क्रॉसिंग जहाँ हर पल सुरक्षित गुजरती रेलगाड़ियाँ

नई दिल्ली भारत में रेलवे आने-जाने का सबसे सस्ता और सुगम साधन है। भारतीय रेलवे रोजाना लाखों लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक सकुशल और सुगमता से पहुंचाती है, इसीलिए भारतीय रेलवे को देश की लाइफलाइन भी कहा जाता है। आपने रेल से यात्रा करते हुए कई बार ट्रेन को क्रॉसिंग से गुजरते हुए देखा होगा। लेकिन क्या आपने कभी ऐसी रेलवे क्रॉसिंग को देखा है जिस पर से चारों तरफ से ट्रेन गुजरती है और फिर भी कभी एक दूसरे से नहीं टकराती है। है न कमाल की बात। भारत में एक रेलवे क्रॉसिंग ऐसी भी है, जिस पर पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, चारों तरफ से ट्रेन गुजरती है। दरअसल, ये रेलवे क्रॉसिंग महाराष्ट्र के नागपुर रेलवे स्टेशन पर देखने को मिलता है। इसे डायमंड क्रॉसिंग कहा जाता है। जहां पटिरियां एक-दूसरे को चारों ओर से क्रॉस करती हैं।   नागपुर में डॉयमंड क्रॉसिंग महाराष्ट्र के नागपुर में स्थित यह रेलवे स्टेशन भारत के सबसे बिजी जंक्शनों में से एक है। यहां से देश के चार प्रमुख रेल मार्ग ऐसे एक-दूसरे को क्रॉस करते हैं कि इसे ऊपर से देखने पर ट्रैक हीरे के आकार का नजर आता है। यही कारण है कि इसे डॉयमंड क्रॉसिंग कहा जाता है। इस रूट पर रोजाना हजारों की संख्या में ट्रेनों लाखों यात्रियों को लेकर गुजरती हैं। क्यों नहीं टकराती ट्रेनें? अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर ये ट्रेन आपस में टकराती क्यों नहीं है? तो आपको बता दें कि इंजीनियरिंग का कमाल है। इसकी सफलता का राज इंटरलॉकिंग सिस्टम और ऑटोमैटिक सिग्नल टेक्नोलॉजी में छिपा है। यह सिस्टम इस तरह काम करता है कि एक समय में केवल एक ही ट्रेन को क्रॉसिंग से गुजरने की इजाजत देता है। इस तकनीक के कारण बिना की हादसे की ट्रेनों का संचालन क्रॉसिंग से होता रहता है।  

मुरादाबाद,रामपुर,अमरोहा, संभल में धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, स्रजित होंगे रोजगार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से पर्यटन मंत्री की उपस्थिति में हुये भव्य कार्यक्रम बरेली मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और नये रोजगार विकसित करने के उद्देश्य से मुरादाबाद मंडल में गुरुवार और शुक्रवार को भव्य कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की मौजूदगी में मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा और सम्भल जनपदों में कुल 26 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जाएगा। इन परियोजनाओं पर योगी सरकार 26.11 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। चारों जिलों में धार्मिक स्थलों के व्यापक विकास, आधुनिक सुविधाओं और सौंदर्यीकरण से न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलेगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार व पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उपनिदेशक पर्यटन बरेली रविंद्र कुमार ने बताया कि इन परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार, हस्तशिल्प, परिवहन और होटल उद्योग को नई ऊर्जा मिलेगी। योगी सरकार धार्मिक आध्यात्मिक विरासत को सहेजने के साथ-साथ आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए नए पर्यटन मॉडल को गति दे रही है। चारों जिलों में होने वाले कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। अमरोहा में 4.62 करोड़ के लोकार्पण, 1.39 करोड़ के शिलान्यास अमरोहा में वर्ष 2023-24 के तहत 4 परियोजनाओं के लोकार्पण में 4.62 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इनमें धनौरा, हसनपुर, नौगवां सादात और अमरोहा सदर क्षेत्र के प्राचीन शिव एवं वासुदेव मंदिरों पर मल्टीपरपज सेंटर, यात्री हाल, टॉयलेट ब्लॉक, प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण का कार्य शामिल है। वहीं 1.39 करोड़ की 2 नई परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा। इसके अलावा वासुदेव मंदिर पर 4.59 करोड़ की पूर्व परियोजना पूरी हो चुकी है। आगे 2025-26 के लिए 3.17 करोड़ की 4 नई परियोजनाओं का प्रस्ताव भी भेजा गया है। मुरादाबाद में लोकार्पण में 4.72 करोड़, कई बड़े मंदिरों का कायाकल्प मुरादाबाद में 2023-24 की 4 परियोजनाओं का लोकार्पण 4.72 करोड़ रुपये की लागत से होगा। इनमें कामेश्वर महादेव, पौड़ाखेड़ा मंदिर, रतुपुरा शिव मंदिर और हनुमान समाधि आश्रम में आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। वर्ष 2025-26 में 3 परियोजनाओं के शिलान्यास हेतु 3.33 करोड़ स्वीकृत हैं, जिनमें कुंदरकी महादेव मंदिर, द्वारिकाधीश मंदिर और विश्नोई मंदिर शामिल हैं। चंद्रदेव महाराज मंदिर और गायत्री नगर के शिव मंदिर की परियोजनाएं भी तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। रामपुर में 3.31 करोड़ के कार्य पूर्ण, 98 लाख की नई परियोजना रामपुर में 2023-24 की 3 परियोजनाओं के लोकार्पण में 3.31 करोड़ खर्च किए गए हैं। नवाबगंज, मदारपुर और रूपापुर के प्राचीन शिव मंदिरों का विकास पूर्ण हो चुका है। वहीं 2024-25 में 98 लाख की नई परियोजना का शिलान्यास होगा। इसके साथ ही 2025-26 के लिए 4.56 करोड़ की 4 नई योजनाओं का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। सम्भल में 3.37 करोड़ का लोकार्पण, 6.05 करोड़ की सबसे बड़ी सौगात सम्भल जिले में 2023-24 की 3 परियोजनाओं का लोकार्पण 3.37 करोड़ रुपये से किया गया है। इनमें कल्कि मंदिर परिसर, हरिबाबा धाम आश्रम और कैलादेवी मंदिर का समग्र विकास शामिल है। साल 2025-26 में जिले को सबसे बड़ी सौगात 6.05 करोड़ की 3 मेगा परियोजनाओं कुरुक्षेत्र तीर्थ, नैमिषारण्य तथा मनोकामना तीर्थ के विकास कार्यों के रूप में मिलेगी। इसके पहले जिले में सूर्यकुंड, चंद्रेश्वर महादेव और अन्य प्रमुख मंदिरों पर 4.11 करोड़ की योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। दो नई परियोजनाओं के लिए 1.83 करोड़ का प्रस्ताव भी भेजा गया है।

प्रदेश को एडवेंचर हब बनाने की मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की पहल

भोपाल  पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश को प्रमुख पर्यटन गंतव्य बनाने के लिये विभिन्न आयोजन एवं गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में मध्यप्रदेश को एडवेंचर टूरिज्म का हब बनाने के उद्देश्य से उज्जैन में स्काई-डाइविंग के पाँचवे संस्करण का आयोजन 12 दिसंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक दताना एयरस्ट्रिप, उज्जैन में किया जाएगा। उज्जैन में दो माह की अवधि के लिए पर्यटक 10 हजार फीट की ऊँचाई से छलांग लगाकर महाकाल की नगरी के नए और रोमांचकारी दर्शन का अवसर प्राप्त करेंगे। राज्य मंत्री श्री लोधी ने बताया कि स्काई-डाइविंग फेस्टिवल के चार सफल संस्करणों और एडवेंचर गतिविधियों के प्रति पर्यटकों के उत्साह को देखते हुए इस वर्ष पाँचवे संस्करण का आयोजन किया जा रहा है। विगत चार संस्करणों में 700 से अधिक पर्यटकों ने इस रोमांचक गतिविधि का आनंद लिया है। दताना एयरस्ट्रिप पर एडवेंचर प्रेमी आसमान में उड़ने के रोमांच का अनुभव कर सकेंगे। स्काई डाइविंग का शुल्क तीस हज़ार रुपये प्लस जीएसटी रखा गया है। इसका समय प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। इच्छुक प्रतिभागी www.skyhighindia.com पर बुकिंग  कर सकते हैं। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि संस्था M/s Goforth Adventure Pvt. Ltd. (Sky-high India) द्वारा स्काई डाइविंग गतिविधि संचालित की जाएगी। इसके लिए विशेष Aircraft New CESSNA 182P (fully modified for sky-diving) का उपयोग होगा, जिसकी कुल क्षमता 6 सदस्यों की है। एक समय में 2 प्रतिभागी, 2 प्रशिक्षित इंस्ट्रक्टर्स के सहयोग से स्काई डाइविंग कर सकेंगे। भविष्य में स्काई डाइविंग के साथ अन्य एयर-बेस्ड गतिविधियाँ भी शुरू की जाएंगी। आधुनिक और बेहद सुरक्षित होगी राइड स्काई डाइविंग का संचालन Directorate General of Civil Aviation (DGCA) एवं United States Parachute Association (USPA) द्वारा प्रमाणित संस्था स्काई-हाई इंडिया द्वारा किया जा रहा है। स्काई डाइविंग में उपयोग किए जाने वाले एयरक्राफ्ट का पंजीकरण नागरिक विमानन निदेशालय से सुनिश्चित है। संस्था द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित स्काई डाइवर एवं सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ गतिविधि संचालित की जाएगी, जिससे प्रतिभागियों को सुरक्षित और यादगार अनुभव प्राप्त हो सके।  एडवेंचर गतिविधियों का भी आयोजन मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा प्रदेश में विभिन्न एडवेंचर गतिविधियों का भी आयोजन किया जा रहा है। पर्यटक और एडवेंचर लवर्स जटाशंकर रॉक क्लाइम्बिंग चैलेंज (9 से 19 जनवरी 2026), फोरसिथ ट्रेल रन (8 फरवरी 2026), फोरसिथ ट्रेक (24 से 26 जनवरी 2026), बर्ड वॉक (वन विहार भोपाल, बिसन खेड़ी, दौलत बड़ौदा इंदौर, पोआमा नर्सरी छिंदवाड़ा), पेंच ट्रैकिंग ट्रेल सहित कई रोमांचकारी गतिविधियों का अनुभव भी ले सकते हैं।