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राष्ट्रपति से पहले बॉडीगार्ड चखता है खाना! पुतिन की प्लेट का सबसे बड़ा टॉप सीक्रेट आया सामने

नई दिल्ली  रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय भारत दौरे पर हैं। दुनिया के हर देश की नजर इस दौरे पर है। ऐसे में कूटनीतिक एजेंडे के इतर इस यात्रा पर लोगों की नजर पुतिन की सुरक्षा और निजता पर भी है। दूसरे देशों में एक अंश तक न छोड़ने वाले पुतिन की खाने-पीने की क्या व्यवस्था है, इसको लेकर भी सवाल है। दूसरे देशों के कई नेता जहां आसानी से दूसरे भोजों में शामिल हो जाते हैं, लेकिन पुतिन के साथ ऐसा नहीं है। पुतिन जिस भी देश में जाते हैं, वहां पर अपने भोजन के लिए एक खास व्यवस्था करके जाते हैं।   रिपोर्ट के मुताबिक पुतिन जब भी किसी देश की यात्रा पर जाते हैं, तो उनके साथ उनकी पूरी टीम जाती है। इसमें उनके निजी रसोइए भी शामिल होते हैं। इसके अलावा उनके भोजन की सामग्री को पहले जांचा जाता है, उसके बाद स्वीकृत किया जाता है। इतना ही नहीं हर डिश को पुतिन तक पहुंचने से पहले गहन सुरक्षा जांच से भी गुजरना पड़ता है। पहले से ही अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने वाले पुतिन यूक्रेन युद्ध के शुरू होने के बाद और भी ज्यादा चौकन्ना हो गए हैं। विदेश यात्राओं के दौरान पुतिन की फूड सिक्योरिटी यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पुतिन ने लंबे वक्त के लिए बहुत कम ही देशों की यात्रा की है। वह जब यात्रा पर जाते हैं, तो उनकी भोजन व्यवस्था की भी सैन्य स्तर पर सुरक्षा की जाती है। इतना ही नहीं रिपोर्ट्स की मानें तो पुतिन शायद ही कभी किसी मेजबान देश के शेफ द्वारा पकाया हुआ खाना खाते हैं। उनके खाने को हमेशा एक प्रशिक्षित रूसी शेफ टीम तैयार करती है, इस खाने को पकाने के बाद सुरक्षा जांच से गुजारा जाता है। इसको आसान बनाने के लिए पुतिन की टीम अपने साथ एक मोबाइल फूड-टेस्टिंग लैब लेकर चलती है, जब भी पुतिन कुछ खाते हैं। इसका इस्तेमाल किया जाता है। इतना ही नहीं, पुतिन के लिए जो खाना पकाया जाता है, उसका कच्चा माल या तो रूप से लाया जाता है, या फिर इसे मेजबान देश से बहुत जांच परख के इस्तेमाल किया जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पुतिन किसी राजभोज में बहुत कम खाना खाते है और अगर वह खाते ही हैं, तो आम तौर पर इसे उनकी टीम द्वारा ही पकाया जाता है। क्या होती है पुतिन की डाइट रूसी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा की दृष्टि से लगातार कड़े उपायों के बीच भोजन करने वाले पुतिन की डाइट लगभग साधारण ही है। सुबह के समय वह अक्सर त्वरोग(रूसी पनीर) को शहद के साथ या दलिया के साथ खाते हैं, इसके साथ में ताजा जूस लेते हैं। इसके अलावा कभी-कभी कच्चे अंडे या ऑमलेट भी खाते हैं। उनकी डाइट में ज्यादातर खाना हाई प्रोटीन और लो फैट वाला होता है। दोपहर और रात के भोजन में वह मछली को लाल मांस से अधिक पसंद करते हैं। इसके अलावा मछली की अन्य डिश पसंद करते हैं। इसके साथ ही भोजन में ज्यादातर सलाद ही होता है, जिनमें टमाटर और बेसिक सब्जियां शामिल होती हैं।  

एक ही मामले में बार-बार याचिका लगाने पर कोर्ट ने जयस को एक लाख रुपये का जुर्माना किया”

खरगोन खरगोन में एक आरक्षक और इंस्पेक्टर के बीच हुए विवाद को लेकर बार-बार लगाई गई याचिका जयस को लगाना भारी पड़ी। कोर्ट ने इस केस में न केवल नाराजगी जताई, बल्कि जय आदिवासी संगठन (जयस) पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने कहा कि एक ही मामले में बार-बार याचिका लगाई जा रही है। कोर्ट को क्या तमाशा समझ रखा है। दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जयस ने जनहित याचिका लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने उसे निजी उद्देश्य से प्रेरित माना। खरगोन के जयस के जिला अध्यक्ष सचिन सिसोदिया की तरफ लगाई गई याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया। शासन की तरफ से इस याचिका पर एडिशनल एडवोकेट जनरल अरनंद सोनी ने तर्क प्रस्तुत किए थे। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में पहले भी याचिकाएं लगी थी, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया गया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जनहित याचिका तभी स्वीकार की जा सकती है,जब उसमें वास्तविक सार्वजनिक हित व जनप्रभाव हो। जनहित याचिका का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह था मामला खरगोन में रिजर्व इंस्पेक्टर सौरभ सिंह कुशवाह व आरक्षक राहुल चौहान के बीच 23 अगस्त को विवाद हो गया था। इस मामले को जयस ने उठाया और धरना प्रदर्शन भी किए। इंस्पेक्टर व उनकी पत्नी पर एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करने की मांग भी की गई। बाद में कोर्ट में जनहित याचिका लगाई गई। कोर्ट ने कहा कि पीडि़त भी सरकारी कर्मचारी है और शिक्षित भी। वह खुद अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए सक्षम है। इसके बाद याचिका वापस ले ली गई। बाद में सचिन चौहान ने याचिका लगाई, लेकिन बाद में कोर्ट में मौजूद होकर कहा कि वह याचिका वापस लेना चाहता है। बाद में जयस के जिलाध्यक्ष ने याचिका लगाई थी।  

46 लाख रुपये के घोटाले में दमोह छात्रावास के दो अधिकारी निलंबित, डिप्टी कलेक्टर भी शामिल

दमोह  दमोह जिले के आदिम जाति कल्याण विभाग में एससी वर्ग के छात्रावासों के लिए करीब 46 लाख रुपये की खरीदी में उजागर हुई। अनियमितताओं के मामले में सागर संभागायुक्त अनिल सुचारी ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने दमोह कलेक्टर के प्रतिवेदन पर डिप्टी कलेक्टर बृजेंद्र सिंह, आदिम जाति कल्याण विभाग की तत्कालीन जिला संयोजक रिया जैन और विभाग के लेखापाल महेंद्र अहिरवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन अधिकारियों ने असली सामग्री के नाम पर राशि खर्च कर दी और हॉस्टलों में नकली और घटिया सामग्री की खरीदी कराकर भिजवा दी। यह गड़बड़ी एडीएम की जांच में प्रक्रिया के दौरान गंभीर गड़बड़ी, नियम-विरुद्ध भुगतान और रिकॉर्ड में हेराफेरी स्पष्ट रूप से प्रमाणित हुई थी। फिलहाल इस मामले में क्रय समिति में शामिल जिला पंचायत सीईओ, अतिरिक्त महाप्रबंधक जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी राष्ट्रीय सूचना केंद्र और जिला कोषालय अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि खरीदी के लिए इसी समिति ने स्वीकृति दी थी। दरअसल मामला वर्ष 2024-25 में एससी छात्रावासों के लिए की गई सामग्री खरीदी से जुड़ा है। विभाग ने जेम पोर्टल के माध्यम से घटिया क्वालिटी के किट, स्टेशनरी, बर्तन, गर्म कपड़े और दैनिक उपयोग की सामग्री खरीदी थी। जांच में सामने आया कि खरीदी में शामिल अधिकारियों ने मूल्यांकन प्रक्रिया को दरकिनार कर सामान की वास्तविक मात्रा और गुणवत्ता का सत्यापन किए बिना भुगतान जारी कर दिया। जिन वस्तुओं के बिल विभाग को प्रस्तुत किए गए, उनमें कई वस्तुओं की आपूर्ति वास्तविकता में छात्रावासों तक पहुंची ही नहीं। इसमें खरीदी करने की अनुमति से लेकर सप्लाई करने वालों के बीच में कमीशन का खेल चला। कलेक्टर ने इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए एडीएम मीना मसराम के नेतृत्व में विस्तृत जांच कराई। जांच रिपोर्ट में यह पाया गया कि खरीदी की पूरी प्रक्रिया डिप्टी कलेक्टर की निगरानी में संचालित हुई, जबकि जिला संयोजक स्तर पर सत्यापन और प्रमाणीकरण की जिम्मेदारी थी, जिसे निभाया नहीं गया। लेखापाल महेंद्र अहिरवार ने भुगतान किया था। रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने सागर संभागायुक्त को प्रतिवेदन भेजते हुए कहा कि तीनों अधिकारियों की भूमिका घोटाले में सीधे तौर पर जिम्मेदार पाई गई है और उनके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके बाद कमिश्नर ने सभी तीनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए आगे विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। कलेक्टर सुधीर कोचर ने बताया कि मामले के प्रस्ताव अलग अलग भेजे गए थे। जिनके आधार पर यह कार्रवाई हुई है। इस मामले में अभी और कार्रवाई भी होगी।  

राजघाट पर श्रद्धांजलि, फिर मोदी से मुलाकात: भारत दौरे पर पुतिन का अहम दिन

नई दिल्ली  भारत यात्रा पर आए रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने शुक्रवार सुबह राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। पुतिन ने बापू की समाधि पर सिर झुकाया और परिक्रमा की। उन्होंने एक पुष्प चक्र चढ़ाया और बापू के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट की। उन्होंने राजघाट पर रखी स्मारिका में भी दस्तखत किए। इसके बाद राष्ट्रपति भवन में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पुतिन सीधे हैदराबाद हाउस पहुंचे जहां दोनों के बीच अहम द्विपक्षीय वार्ता होनी है। हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी ने कहा, आपके स्वागत करने का मौका मिला है। कल से ही डेलिगेशन कई बैठकों में व्यस्त रहें। आपकी यात्रा बहुत ही ऐतिहासिक है। 2001 में जब आपने कार्यभार संभाला था तभी दोनों देशों के बीच संबंधों की एक मजबूत नींव रखी गई थी। यूक्रेन को लेकर पुतिन से क्या बोली पीएम मोदी वार्ता शुरू होने से पहले पीएम मोदी ने कहा, 'मैं मानता हूं कि 2001 में आपने जो भूमिका अदा की, एक विजिनरी लीडर कैसे सोचता है और संबंधों को कहां तक पहुंचा सकता है। इसका एक उत्तम उदाहरण भारत और रूस के संबंध हैं। यूक्रेन संकट के बाद हमारी लगातार चर्चा होती रही है।आपने इस विषय पर हमें अवगत भी कराया है। सबका कल्याण शांति के मार्ग पर है। हम सबको मिलकर शांति का रास्ता तलाशना चाहिए। पिछले दिनों से जो प्रयास चल रहे हैं, उससे हमें विश्वास है कि विश्व एक बार फिर शांति के रास्ते पर लौटेगा।' पीएम मोदी ने कहा, पिछले दिनों विश्व समुदाय के नेताओं से मेरी बात हुई है। मैंने हमेशा कहा है कि भारत न्यूट्रल नहीं है। भारत का पक्ष है और वह है शांति का है। हम शांति के पक्ष का समर्थन करते हैं और हर प्रयास के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। हमें विश्वास है कि विश्व बहुत जल्दी चिंतामुक्त हो जाएगा। मुझे पूरा भरोसा है कि हम आज जिन विषयों पर चर्चा करने वाले हैं, उससे दोनों देशों के संबंध नई ऊंचाई को प्राप्त करेंगे। व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यूक्रेन के मुद्दे पर ध्यान देने के लिए शुक्रिया कहा।  

लैरी एलिसन की दौलत में उछाल, अडानी-अंबानी की संपत्ति भी बढ़ी

मुंबई  दुनिया के टॉप-10 अरबपतियों की लिस्ट में उथल-पुथल देखने को मिल रही है। कभी मस्क की अरबपति नंबर वन की कुर्सी के खतरा बन रहे लैरी एलिसन ने अपना रुतबा वापस हासिल कर लिया है। एक बार फिर एलिसन दुनिया के सबसे रईसों में दूसरे नंबर पर पहुंच गए है। कुछ दिन पहले उन्हें गूगल अल्फाबेट के को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन ने पछाड़ कर चौथे नंबर पर कर दिया था। टेस्ला के एलन मस्क पहले नंबर पर हैं। भारत के मुकेश अंबानी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। गुरुवार को उनकी दौलत में करीब एक अरब डॉलर का इजाफा हुआ। अंबानी 106 अरब डॉलर के नेटवर्थ के साथ 18वें स्थान पर हैं। अडानी की दौलत में भी गुरुवार को 284 मिलियन डॉलर का इजाफा हुआ। 84.2 अरब डॉलर के साथ अब भी वह 20वें स्थान पर हैं। अरबपतियों की टॉप-10 लिस्ट में कौन कहां एलन मस्क: टेस्ला के एलन मस्क पहले नंबर पर हैं। मस्क की दौलत में गुरुवार को 5.55 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। अब इनके पास 467 अरब डॉलर की कुल संपत्ति है। इस साल अबतक मस्क ने अपनी संपत्ति में 34.8 अरब डॉलर जोड़े। लैरी एलिसन: ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक लैरी एलिसन को 7.17 अरब डॉलर का फायदा हुआ। इनकी कुल संपत्ति अब 274 अरब डॉलर है। इस साल अबतक अपनी संपत्ति में 81.5 अरब डॉलर जोड़ चुके हैं। लैरी पेज: दुनिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति लैरी पेज को गुरुवार को 1.55 अरब डॉलर का नुकसान हुआ और इनकी कुल संपत्ति 272 अरब डॉलर हो गई है। इस साल के सबसे बड़े गेनर्स अब लैरी पेज हैं। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक उनकी दौलत में इस साल अबतक 104अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। सर्गेई ब्रिन: सर्गेई ब्रिन की दौलत में 1.45 अरब डॉलर की गिरावट हुई और अब उनके पास 253 अरब डॉलर का नेटवर्थ है। ये ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स में चौथे स्थान पर हैं। इस साल कमाई में दूसरे नंबर पर सर्गेई ब्रिन हैं, जिनकी दौलत इस साल 94.7 अरब डॉलर बढ़ी है। जेफ बेजोस: अमेजन के जेफ बेजोस की संपत्ति 2.76 अरब डॉलर गिरकर 251 अरब डॉलर हो गई। इस साल कमाई की बात करें तो बेजोस केवल 12.8 अरब डॉलर ही कमा पाए हैं। जुकरबर्ग : मार्क जुकरबर्ग की संपत्ति में सबसे अधिक 7.54 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। अब इनका नेटवर्थ 234 अरब डॉलर हो गया है। दुनिया के अमीरों की लिस्ट में जुकरबर्ग छठे स्थान पर हैं। बर्नार्ड अर्नाल्ट: सातवें स्थान पर फ्रांस के बर्नार्ड अर्नाल्ट हैं। इनकी संपत्ति में 1.50 अरब डॉलर का इजाफा हुआ और उनके पास 202 अरब डॉलर का नेटवर्थ है। इस साल अबतक इन्होंने 26.1 अरब डॉलर जोड़े हैं। स्टीव बाल्मर: स्टीव बाल्मर ने गुरुवार को 1.02 अरब डॉलर कमाए। इनका नेटवर्थ अब 167 अरब डॉलर हो गया है। जेनसेंग हुआंग: एनवीडिया के मालिक जेनसेंग हुआंग को 3.31 अरब डॉलर का फायदा हुआ है। अब इनके पास 159 अरब डॉलर की संपत्ति है और ये दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 9वें पायदान पर आ गए हैं। इस साल इनकी संपत्ति में 45.1 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। वॉरेन बफे: माइकल डेल को पछाड़ 10वें स्थान पर पहुंचे वॉरेन बफे को गुरुवार को 503 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ। अब उनके पास 151 अरब डॉलर की दौलत है।

उत्तराखंड हादसा: शादी से लौट रहे परिवार की गाड़ी खाई में गिरने से 5 बारातियों की मौत

लोहाघाट उत्तराखंड के लोहाघाट में शुक्रवार तड़के बड़ा हादसा हो गया। राष्ट्रीय राजमार्ग में बाराकोट के समीप बारात की एक बुलेरो कार खाई में गिर गई। हादसे में पांच बारातियों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को लोहाघाट उप जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बारात चम्पावत के पाटी के बालातड़ी से गणाई गंगोली वापस जा रही थी। हादसे का पता नहीं चल सका है। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के मुताबिक बीते चार दिसंबर को गणाई गंगोली के सेराघाट से एक बारात चम्पावत के पाटी ब्लॉक के बालातड़ी गांव आई थी। विवाह की रस्म पूरी होने के बाद बारात वापस सेराघाट जा रही थी। इसी दौरान बाराकोट के समीप बागधार में बोलेरो कार गहरी खाई में गिर गई। हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि पांच घायल हो गए। सूचना मिलने पर शुक्रवार तड़के मौके पर पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने घायलों और शवों के कड़ी मशक्कत के बाद खाई से निकाला। हादसे की वजह का पता नहीं चल सका है। मृतकों में प्रकाश चंद उनियाल (40) निवासी सुभाषनगर रुद्रपुर, केवल चंद्र उनियाल (35), सुरेश नौटियाल (32), भावना चौबे (28) और भावना का का बेट प्रियांशु चौबे (6) शामिल हैं। जबकि घायलों में चालक देवीदत्त पांडेय (38) पुत्र रामदत्त पांडेय सेराघाट अल्मोड़ा, धीरज उनियाल (12) पुत्र प्रकाश चंद्र उनियाल रुद्रपुर, राजेश जोशी (14) पुत्र उमेश जोशी, बनकोट गंगोलीहाट, चेतन चौबे (5) पुत्र सुरेश चौबे, दिल्ली और भास्कर पंडा पुत्र रमेश पंडा, सेराघाट गंगोलीहाट हैं।  

CDF बनने के बाद आसिम मुनीर का असर बढ़ा, CJCSC की जगह ली नई प्रणाली में

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) नियुक्त करने की औपचारिक मंजूरी दे दी. उन्हें यह पद पांच साल के कार्यकाल के लिए दिया गया है. राष्ट्रपति द्वारा यह मंजूरी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा भेजी गई उस संस्तुति पर दी गई, जिसमें उन्हें सेना प्रमुख और CDF पद पर नियुक्त करने की अनुशंसा की गई थी. नए संवैधानिक संशोधन के तहत पद का गठन पिछले महीने पाकिस्तान की संसद ने 27वें संविधान संशोधन को पारित किया था, जिसके तहत CDF का पद सृजित किया गया. इस पद का उद्देश्य देश की रक्षा संरचना में यूनिटी ऑफ कमांड सुनिश्चित करना और महत्वपूर्ण परिस्थिति में त्वरित निर्णय लेने की प्रक्रिया को मजबूत करना है. CDF पद ने चेयरमैन, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (CJCSC) के पद की जगह ले ली है, जिसे अब खत्म कर दिया गया है. राष्ट्रपति ने शुभकामनाएं दीं राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि जरदारी ने नई नियुक्ति के लिए फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को शुभकामनाएं दी हैं. इसके साथ ही राष्ट्रपति ने एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्दू को दो साल का कार्यकाल विस्तार भी मंजूर किया है, जो उनके मौजूदा कार्यकाल के 19 मार्च, 2026 को पूरा होने के बाद लागू होगा. मुनीर का कार्यकाल और नियुक्ति प्रक्रिया प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने पहले आसिम मुनीर को आर्मी चीफ और CDF दोनों पदों पर नियुक्त करने का प्रस्ताव मंजूर किया था, जिसे बाद में राष्ट्रपति को भेजा गया. आसिम मुनीर को नवंबर 2022 में COAS नियुक्त किया गया था, उस समय उनका कार्यकाल तीन वर्षों का था. लेकिन 2024 में इसे बढ़ाकर पांच वर्ष कर दिया गया था. सरकारी अधिसूचना जारी होने के बाद उस देरी से जुड़ी अटकलों पर विराम लगा, जिनमें कहा जा रहा था कि नए CDF की नियुक्ति समय पर नहीं हो पा रही. नियुक्ति 27 नवंबर से लंबित थी, जब पिछले CJCSC जनरल साहिर शमशाद मिर्जा सेवानिवृत्त हुए थे.

मैथ्यू हेडन का न्यूड वॉक ड्रामा: बेटी ने किया ट्रोल, रूट को लेकर आई राहत

 ब्रिस्बेन इंग्लैंड के स्टार बैटर जो रूट ने आखिरकार ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर अपना पहला शतक जड़ दिया. इससे सबसे ज्यादा राहत केवल इंग्लैंड टीम को ही नहीं मिली, बल्क‍ि मैथ्यू हेडन भी इससे खुश हैं..  दरअसल, ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट महान बल्लेबाज रहे मैथ्यू हेडन ने मजाक-मजाक में यह साहसिक वादा कर दिया था कि अगर रूट इस एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया में शतक नहीं लगा पाए, तो वह मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में न्यूड घूमेंगे.  यह भी पढ़ें: … तो MCG के मैदान में न्यूड दौड़ते मैथ्यू हेडन, जो रूट के एशेज शतक ने बचाया, इस IPL टीम ने तो मौज ले ली रूट ने शानदार अंदाज में शतक लगाकर न सिर्फ इंग्लैंड की पारी संभाली, बल्कि हेडन को भी एक बड़ी 'शर्मिंदगी' से बचा दिया. अब इस पर हेडन की बेटी ने भी सोशल मीडिया पर मजेदार तरीके से प्रतिक्रिया दी और रूट को 'सबकी आंखें बचाने' के लिए धन्यवाद कहा. एक दिन पहले गुरुवार को ब्रिसबेन के गाबा मैदान में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच मौजूदा एशेज सीरीज का दूसरा टेस्ट शुरू हुआ। इंग्लैंड के महान बल्लेबाज जो रूट ने पहले दिन शतक ठोका। अपने करियर का 40वां टेस्ट शतक। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट शतक का सूखा भी खत्म किया। ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर पहला टेस्ट शतक। लेकिन उनके शतक से सबसे बड़ी राहत की सांस ली ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज मैथ्यू हेडन ने। वह तो खुशी से झूम उठे। उन्होंने वादा किया था कि अगर जो रूट मौजूदा एशेज सीरीज में शतक नहीं लगा पाते हैं तो वह मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में नंगा होकर दौड़ेंगे। जो रूट ने इस ऐतिहासिक शतक को पहले दिन के खेल के आखिरी सेशन में पूरा किया। उन्होंने स्कॉट बोलैंड की गेंद पर चौका जड़कर ऑस्ट्रेलिया में अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया। उसके बाद तो गाबा में मौजूद इंग्लैंड के फैंस जैसे पागल हो गए। पूरा स्टेडियम शोर से गूंज उठा। जो रूट के शतक पर प्रतिक्रिया देते हुए हेडन ने कहा, 'ग्रेट डे जो। आपको बधाई। मुझसे ज्यादा ये किसी के लिए मायने नहीं रखता। 10 अर्धशतक और आखिरकार ये एक शतक। शानदार।' पहले दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने 9 विकेट के नुकसान पर 325 रन बनाए थे। जो रूट 135 रन बनाकर नाबाद थे और उनका साथ दे रहे थे जोफ्रा आर्चर जो 32 रन पर नाबाद थे। हालांकि शुक्रवार को दूसरे दिन इंग्लैंड की पहली पारी 334 रन पर खत्म हो गई। जो रूट 206 गेंदों में 138 रन पर नाबाद रहे। जोफ्रा आर्चर 36 गेंदों में 2 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 38 रन बनाकर आउट हुए। वह इंग्लैंड की पहली पारी में जो रूट और जैक क्रॉली के बाद सबसे ज्यादा सफल बल्लेबाज रहे। क्रॉली ने 76 रनों की पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से मिचेल स्टार्क ने एक बार फिर कमाल किया और पारी में 6 विकेट झटके। माइकल नेसर, स्कॉट बोलैंड और ब्रेंडन डॉजेट को 1-1 सफलताएं मिली।

मेसी के चौंकाने वाले बयान से उठे सवाल—क्या खत्म होने वाला है उनका अंतरराष्ट्रीय सफर?

  वॉशिंगटन लियोनेल मेसी का शुमार दुनिया के महानतम फुटबॉलर्स में किया जाता है. मेसी की कप्तानी में ही अर्जेंटीना ने 2022 का फीफा वर्ल्ड कप जीता था. तब मेसी ब्रिगेड ने फाइनल में फ्रांस को पेनल्टी शूटआउट में पराजित किया था. मेसी हालिया समय में भी जबरदस्त फॉर्म में रहे हैं. मेसी की कप्तानी में अर्जेंटीना की टीम अगले फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए भी क्वालिफाई कर चुकी है. हालांकि फुटबॉल के बादशाह लियोनेल मेसी का फीफा वर्ल्ड कप 2026 में खेलना अब भी पूरी तरह तय नहीं है. मेसी का मानना है कि अर्जेंटीना जब अपना टाइटल डिफेंड करने उतरेगा, तो वो या तो मैदान में या स्टैंड्स में जरूर मौजूद होंगे. 38 साल के मेसी पिछले कई मौकों पर आगामी वर्ल्ड कप में खेलने को लेकर असमंजस जता चुके हैं. वॉशिंगटन डीसी में होने वाले वर्ल्ड कप ड्रॉ से पहले मेसी ने ईएसपीएन को खास इंटरव्यू दिया. इंटरव्यू के दौरन मेसी ने इस बात के कोई तगड़े संकेत नहीं दिए कि वो अगला वर्ल्ड कप खेलेंगे ही. लियोनेल मेसी ने बताया कि उनकी अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कोलोनी के साथ इस मुद्दे पर लगातार बातचीत हो रही है. मेसी ने कहा, 'सच कहूं तो हम इस बारे में काफी बात कर चुके हैं. स्कोलोनी समझते हैं और हमने इस पर कई बार चर्चा की है. उम्मीद है कि मैं वहां रहूं. पहले भी कहा है कि मैं रहना चाहता हूं. सबसे खराब स्थिति में भी मैं इसे लाइव देखने जरूर जाऊंगा क्योंकि ये हमेशा खास होता है. वर्ल्ड कप हर किसी के लिए खास होता है, लेकिन हमारे लिए इसका मतलब अलग ही स्तर का है.' लियोनेल मेसी ने कतर में हुए फीफा वर्ल्ड कप 2022 को याद करते हुए कहा, "नीदरलैंड्स और फ्रांस के खिलाफ हम खेल में बेहतर थे, फिर भी मैच पेनल्टी तक गए. हमारे पास एक खतरनाक गोलकीपर 'डिबू' (एमिलियानो मार्टिनेज) था, जिसने हमें जीत दिलाई. लेकिन पेनल्टी में आप जीत भी सकते हैं और हार भी सकते हैं." लियोनेल मेसी ने लियोनेल स्कोलोनी की तारीफ करते हुए कहा, 'ये पूरा माहौल स्कोलोनी और उनकी स्टाफ की वजह से है. रोजमर्रा की ऊर्जा, टीम का जुड़ाव, सब वहीं से आता है. नए खिलाड़ी लगातार जुड़ रहे हैं और जब ग्रुप ऐसा हो, तो किसी के लिए भी टीम में फिट होना आसान होता है. लियोनेल मेसी ने कहा कि वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम का आत्मविश्वास और तैयारी का तरीका पूरी तरह बदल गया है. मेसी कहते हैं, 'अर्जेंटीना को इस पल का फायदा उठाना चाहिए. वर्ल्ड कप जीतने के बाद आप टूर्नामेंट्स को अलग मानसिकता के साथ तैयार करते हैं.' 2026 का फीफा वर्ल्ड कप यूएसए, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में खेला जाना है. अर्जेंटीना शुक्रवार को वॉशिंगटन डीसी के कैनेडी सेंटर में होने वाले वर्ल्ड कप ड्रॉ में Pot-1 में रहेगा. अर्जेंटीना को आगामी टूर्नामेंट जीतने का एक मजबूत दावेदार माना जा रहा है. 2022 वर्ल्ड कप जीतने के बाद मेसी इंटर मियामी से जुड़े. लियोनेल मेसी ने इंटर मियामी को MLS (मेजर लीग सॉकर) कप के फाइनल में पहुंचाया है, जहां उसका का मुकाबला वैंकूवर व्हाइटकैप्स से होना है. दुनिया भर की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या मेसी फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए मैदान में उतरेंगे या फिर अपने पसंदीदा टूर्नामेंट को स्टैंड्स से देखेंगे.

ग्वालियर–मुरैना के लोग पासपोर्ट के लिए सबसे ज्यादा सक्रिय, भिंड पिछड़ा

भिंड भिंड शहर के हनुमान बजरिया स्थित बड़े डाकघर परिसर में 19 अप्रैल 2025 को शुरू किए गए पासपोर्ट सेवा कार्यालय ने सात महीनों में अपनी पहचान मजबूत कर ली है। हालांकि पासपोर्ट बनवाने में भिंड जिले के लोगों की संख्या उम्मीद से कम है, लेकिन ग्वालियर और मुरैना जिले के लोगों का रुझान अप्रत्याशित रूप से अधिक देखा जा रहा है। सात महीने में 10 हजार पासपोर्ट जारी कार्यालय के आंकड़े बताते हैं कि सात महीनों में करीब 15 हजार आवेदन आए, जिनमें से 10 हजार पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं। रोजाना औसतन 30 से 40 लोग कार्यालय पहुंचकर पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं।   ग्वालियर और मुरैना के लोग क्यों आ रहे अधिक? पासपोर्ट कार्यालय के इंचार्ज अभिषेक छत्रसाल के अनुसार ग्वालियर में पासपोर्ट सेवा केंद्र पहले से संचालित है, लेकिन भिंड कार्यालय के शुरू होने के बाद यहां दस्तावेजी जांच और अन्य प्रक्रिया आसान होने से ग्वालियर-मुरैना क्षेत्र के लोग भी यहां आने लगे हैं। उन्होंने बताया कि कई आवेदक ग्वालियर केंद्र पर लंबी वेटिंग से बचने के लिए भिंड कार्यालय को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके अलावा, मुरैना के लोगों के लिए भिंड की दूरी अपेक्षाकृत कम होने से वे यहां बड़ी संख्या में आ रहे हैं। भिंड जिले में उत्साह कम, फिर भी बदल रहा ट्रेंड शुरू में उम्मीद थी कि भिंड के हजारों युवा पासपोर्ट बनवाने के लिए भारी संख्या में पहुंचेंगे। लेकिन शुरुआती महीनों में आवेदन संख्या अपेक्षाकृत कम रही। इसका मुख्य कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पासपोर्ट प्रक्रिया को लेकर जागरूकता की कमी बताई जा रही है। हालांकि पिछले दो महीनों में भिंड जिले के लोगों में भी पासपोर्ट बनवाने को लेकर रुझान बढ़ा है। स्थानीय युवाओं ने बताया कि विदेश में रोजगार और स्कॉलरशिप अवसरों की जानकारी मिलने से अब अधिक लोग पासपोर्ट बनवाने के लिए जागरूक हो रहे हैं। आवेदन प्रक्रिया में सुधार से बढ़ रही संख्या पासपोर्ट कार्यालय के इंचार्ज ने छत्रसाल के मुताबिक कार्यालय में स्टाफ की संख्या और काउंटर बढ़ाए जाने से आवेदन प्रक्रिया तेज हुई है। अब आवेदकों को वेरिफिकेशन में अधिक समय नहीं लग रहा। पुलिस वेरिफिकेशन को भी डिजिटल मोड से तेज किया गया है। इसी वजह से आवेदन स्वीकृति और पासपोर्ट डिलीवरी दोनों की गति बढ़ी है। पासपोर्ट बनवाने के मुख्य कारण ग्वालियर-मुरैना से आ रहे अधिकांश आवेदन विदेश रोजगार, स्टडी वीजा और परिवार पुनर्मिलन (एफआर) श्रेणी के हैं। वहीं भिंड जिले से आने वाले आवेदकों में ज्यादातर टूरिस्ट वीजा, स्टूडेंट, और जाब श्रेणी के लोग शामिल हैं।