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बिहार BJP में हलचल: दिलीप जायसवाल के मंत्री बनते ही नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर अटकलें तेज

 पटना  बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के मंत्री बनने के बाद से ही सोशल मीडिया पर अगले यानी नए प्रदेश के नाम पर अटकलें शुरू हो गई हैं। एक आदमी, एक पद पर आम तौर पर अमल करने वाली भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लगभग तीन साल से टल रहा है। 2024 के जनवरी में मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल पूरा हो रहा था, लेकिन लोकसभा चुनाव के लिए उन्हें मिला कार्यकाल विस्तार ऐन-केन-प्रकारेण बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में भाजपा बिहार में आनन-फानन में या जल्दबाजी में नया प्रदेश अध्यक्ष बनाएगी, इसकी संभावना ना के बराबर हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के बाद बदलाव हो सकता है।   फिर भी भाजपा के बारे में सोशल मीडिया पर लिखने वाले दावे और समीकरण के साथ नए नामों की चर्चा कर रहे हैं। चल रहे नाम में एक नाम तो पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा के बेटे नीतीश मिश्रा का है, जिनको इस बार मंत्री नहीं बनाया गया है। नीतीश कैबिनेट के 26 मंत्रियों में मंगल पांडेय ब्राह्मण से इकलौते मंत्री हैं। नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से पहली बार मंत्री बने नीतीश मिश्रा 2015 में भाजपा में शामिल हुए थे। पिछली सरकार में वो उद्योग मंत्री रहे थे, जो विभाग अब दिलीप जायसवाल को दिया गया है। ब्राह्मण जाति से नीतीश मिश्रा का नाम चर्चा में, मंत्री नहीं बने हैं इस बार अपने पिता जगन्नाथ मिश्रा की सीट झंझारपुर से पांचवीं बार जीते नीतीश मिश्रा की चिंता करने वाले कह रहे हैं कि पार्टी ने उनके बारे में कुछ बड़ा सोचा है, इसलिए अभी मंत्रिमंडल से ड्रॉप कर दिया गया है। मिथिला की 37 सीटों में 31 सीटें एनडीए के पास आई हैं। दरभंगा-मधुबनी की 20 में 19 सीटों पर महागठबंधन को हार मिला है। महागठबंधन ने जो 6 सीटें जीती है, उसमें समस्तीपुर की 3 और बेगूसराय की 2 सीटें शामिल हैं। दलित जाति से चल रहा जनक राम का नाम, बसपा से भाजपा में आए थे पूर्व मंत्री नीतीश की पिछली कैबिनेट से इस मंत्रिमंडल तक नहीं पहुंच पाए बीजेपी के मंत्रियों में जनक राम भी शामिल हैं। कैबिनेट में इस बार 5 दलित मंत्री हैं, जिनमें बीजेपी से सिर्फ लखेंद्र रौशन का नाम है। बाकी 4 दलित मंत्रियों में जेडीयू के अशोक चौधरी व सुनील कुमार, लोजपा के संजय पासवान और हम के संतोष सुमन मांझी हैं। पीएम नरेंद्र मोदी से प्रभावित होकर 2013 में बसपा से भाजपा में आए जनक राम 2014 में गोपालगंज से भाजपा सांसद बने थे। 2019 में सीट जेडीयू को गई तो बाद में उनको एमएलसी बनाया गया और फिर वो नीतीश सरकार में दो बार मंत्री बने। चर्चा करने वाले कह रहे हैं कि उनको इसलिए ड्रॉप किया गया है, क्योंकि बीजेपी अगला अध्यक्ष दलित जाति से बना सकती है। ओबीसी से संजीव चौरसिया का नाम, जनसंघ से जुड़े पिता गंगा प्रसाद राज्यपाल भी रहे भाजपा के अगले प्रदेश अध्यक्ष के लिए पटना जिले की दीघा सीट से लगातार तीसरी बार विधायक बने संजीव चौरसिया का नाम भी लिया जा रहा है। संजीव चौरसिया का परिवार संघ से जुड़ा रहा है और उनके पिता जनसंघ के जमाने से भाजपा के साथ हैं। उनका कारोबारी परिवार पार्टी के संघर्ष के दिनों का साथी है। संजीव के पिता गंगा प्रसाद 1980 में भाजपा के गठन के बाद बिहार में पार्टी के कोष प्रमुख बना गए थे। गंगा प्रसाद को 1994 में पार्टी ने एमएलसी बनाया और अगले तीन टर्म तक वो विधान पार्षद रहे। बाद में गंगा प्रसाद को मेघालय और सिक्किम का राज्यपाल भी बनाया गया। संजीव चौरसिया 2015 से लगातार दीघा से जीत रहे हैं। संघ और पार्टी में काम के नाम पर उनके मंत्री बनने की चर्चा थी, लेकिन अब जब उनका नंबर सरकार में नहीं आया है तो यह चर्चा है कि उनका नंबर संगठन में लगने वाला है। भूमिहार जाति से विवेक ठाकुर का भी नाम, पिता सीपी ठाकुर भाजपा में कई पदों पर रहे बिहार बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए भूमिहार जाति से नवादा के लोकसभा सांसद विवेक ठाकुर का नाम भी चल रहा है। विवेक के पिता सीपी ठाकुर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्र में मंत्री रहे हैं। नीतीश की मौजूदा कैबिनेट में कुल दो भूमिहार मंत्री बनाए गए हैं। बीजेपी से विजय कुमार सिन्हा और जेडीयू से विजय कुमार चौधरी। एनडीए के 202 विधायकों में भूमिहार जाति के 22 एमएलए जीते हैं। ऐसे में 3-4 भूमिहार मंत्री बनने की अटकलें थीं। 32 विधायकों वाले राजपूत जाति को 4 मंत्री पद मिला है। विवेक ठाकुर का नाम लेने वाले बता रहे हैं कि पार्टी नया अध्यक्ष भूमिहार जाति से बना सकती है, क्योंकि ब्रह्मर्षि समाज को समर्थन और विधायक के हिसाब से नीतीश मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी नहीं मिल पाई है।  

टीम इंडिया ODI स्क्वॉड की 5 बड़ी बातें: स्टार तिकड़ी की वापसी, दिग्गजों की मौजूदगी

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए टीम की घोषणा कर दी है। अफ्रीका सीरीज के लिए कुछ खिलाड़ियों को आराम दिया गया है, जबकि कई पुराने खिलाड़ियों की वापसी हुई है। नियमित कप्तान शुभमन गिल के कोलकाता में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट के दौरान गर्दन में चोट लगने के कारण सीरीज से बाहर होने के बाद राहुल को टीम की बागडोर सौंपी गई। यहां जानिए भारतीय वनडे स्क्वॉड से जुड़ी 5 सबसे बड़ी बातें। वनडे में भारत के पहली पसंद के विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आने वाली वनडे सीरीज के लिए कप्तान बनाया गया है। नियमित कप्तान शुभमन गिल और उप-कप्तान श्रेयस अय्यर चोटों के कारण सिलेक्शन के लिए उपलब्ध नहीं थे। राहुल इस सीरीज में विशेषज्ञ बल्लेबाज और विकेटकीपर की दोहरी भूमिका निभाएंगे। रोहित और कोहली स्क्वॉड में बरकरार भारतीय टीम के अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा को आगामी दक्षिण अफ्रीका सीरीज के लिए टीम में चुना गया है। हाल ही में कई रिपोर्ट में दावा किया गया था कि कोहली-रोहित वनडे में ज्यादा समय तक खेल नहीं पाएंगे। हालांकि चयनकर्ताओं का ये कदम भी दर्शाता है कि चयनकर्ता 2027 वनडे विश्व कप की रणनीतिक तैयारियों के तहत इन दिग्गजों को भी टीम संयोजन में बनाए रखना चाहते हैं। अनुभवी रोहित शर्मा और विराट कोहली बैटिंग डिपार्टमेंट में मुख्य भूमिका निभाएंगे। ऋषभ पंत की वापसी विकेटकीपर ऋषभ पंत की वनडे टीम में वापसी हुई है। पंत के टीम में शामिल होने के बावजूद ध्रुव जुरेल अपनी जगह बनाए रखेंगे। पंत ने अपनी आखिरी वनडे पारी अगस्त 2024 में खेली थी, जिसके बाद वह चोटों से जूझ रहे थे। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान पैर की चोट के बाद से वह लगभग 15 महीने तक वनडे टीम से बाहर रहे। इस सीरीज में उनके प्रदर्शन पर सभी की निगाहें होंगी कि वह कितनी जल्दी अपनी पुरानी लय और फिटनेस हासिल कर पाते हैं। उनके ऋतुराज गायकवाड़ और नितीश कुमार रेड्डी को मौका शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर दोनों के उपलब्ध नहीं होने की वजह से सिलेक्टर्स ने 15 मेंबर वाली टीम में तिलक वर्मा और ऋतुराज गायकवाड़ को चुना है। गायकवाड़ हाल के दिनों में घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बना रहे हैं। इस खिलाड़ी ने हाल में राजकोट में दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ अनौपचारिक वनडे सीरीज में भारत ए की ओर से प्रभावशाली प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। तीन मैचों में गायकवाड़ ने 117, नाबाद 68 और 25 रनों की पारिया खेलीं। उन्हें इसलिए शामिल किया गया है क्योंकि गिल और उप कप्तान श्रेयस अय्यर दोनों ही चोट से उबर रहे हैं। गायकवाड़ अब तक छह वनडे खेल चुके हैं और उनका आखिरी वनडे 2023 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ था हार्दिक पांड्या के उपलब्ध नहीं होने की वजह से नीतीश रेड्डी अपनी जगह बनाए रखेंगे। बुमराह-सिराज करेंगे आराम मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को 2023 विश्व कप फाइनल (अहमदाबाद) के बाद अब भी वनडे में वापसी के लिए इंतजार करना होगा। वह इस समय दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेल रहे हैं। उन्हें कार्यभार प्रबंधन के तहत आराम दिया गया है। बुमराह हालांकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय में खेले थे। वह उस राष्ट्रीय टीम का भी हिस्सा थे जो दुबई में एशिया कप और वेस्टइंडीज के खिलाफ दो मैच की घरेलू टेस्ट सीरीज में खेली थी। सिराज को भी कोलकाता और गुवाहाटी में दो टेस्ट खेलने के बाद आराम दिया गया है। वनडे सीरीज में भारत के पास केवल तीन फ्रंटलाइन पेसर – अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा होंगे, क्योंकि दो मैचों की टेस्ट सीरीज के बाद सिराज और जसप्रीत बुमराह पर विचार नहीं किया गया है। भारत की वनडे टीम: रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, तिलक वर्मा, केएल राहुल (कप्तान, विकेटकीपर), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा, रुतुराज गायकवाड़, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, ध्रुव जुरेल।  

बॉर्डर बदल सकता है! राजनाथ सिंह के संकेत पर शुरू हुई नई राजनीतिक बहस

नई दिल्ली  सिंध क्षेत्र आज भारत का हिस्सा नहीं है। लेकिन हो सकता है कि सीमाएं बदल जाएं और यह क्षेत्र फिर से भारत का हिस्सा बन जाए। यह बातें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक कार्यक्रम के दौरान कहीं। बता दें कि सिंधु नदी के करीब स्थित सिंध प्रांत 1947 में बंटवारे के बाद पाकिस्तान में चला गया था। इस दौरान वहां रहने वाले सिंधी लोग भारत में बस गए थे। रक्षामंत्री ने कहा कि सिंधी हिंदुओं, खासतौर पर लालकृष्ण आडवाणी की पीढ़ी के लोगों ने आज तक भारत से सिंध के अलगाव को स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि आडवाणी जी ने इस बात का जिक्र अपनी किताब में भी किया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि केवल सिंध में ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में हिंदू सिंधु नदी को पवित्र मानते हैं। सिंध के बहुत से मुसलमान भी मानते हैं कि सिंधु नदी का पानी मक्का के आब-ए-जमजम से कम पवित्र नहीं है। उन्होंने कहा कि यह बातें आडवाणी जी की किताब में हैं। राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि आज भले ही सिंध भारत का हिस्सा नहीं है, लेकिन सभ्यतात्मक रूप से सिंध हमेशा भारत का हिस्सा रहेगा। जहां तक जमीन का सवाल है, सीमाएं बदल सकती हैं। कौन जाने, कल सिंध फिर से भारत में शामिल हो जाए। रक्षामंत्री ने कहा कि हमारे सिंध के लोग, जो सिंधु नदी को पवित्र मानते हैं, हमेशा हमारे अपने रहेंगे। चाहे वे कहीं भी रहें, वे हमेशा हमारे होंगे। इससे पहले 22 सितंबर को मोरक्को में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत के दौरान सिंह ने कहा था कि उन्हें विश्वास है कि भारत बिना किसी आक्रामक कदम उठाए पीओके वापस पा सकता है, क्योंकि पीओके के लोग कब्जा करने वालों से स्वतंत्रता की मांग कर रहे हैं। सिंह ने कहा था कि पीओके अपने आप हमारा होगा। पीओके में मांगें शुरू हो गई हैं, आपने नारेबाजी तो सुनी ही होगी।

राजस्थान कांग्रेस का बड़ा कार्यक्रम: 45 नए जिलाध्यक्ष दिल्ली में होंगे ट्रेनिंग कैंप में शामिल

जयपुर राजस्थान में संगठन सृजन अभियान के तहत घोषित किए गए 45 नए जिलाध्यक्षों को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने रविवार को महत्वपूर्ण बयान दिया। कांग्रेस वार रूम में नवनियुक्त जिलाध्यक्षों से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ पूरी की गई है और योग्यताओं के आधार पर ही जिम्मेदारी सौंपी गई है। डोटासरा ने बताया कि सभी जिलाध्यक्षों के लिए जल्द ही दिल्ली में प्रशिक्षण शिविर आयोजित होगा, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ नेता उनसे सीधा संवाद करेंगे। इसके बाद राजस्थान में भी सात दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें संगठनात्मक संरचना, कार्यकारिणी गठन और जिला इकाइयों को मजबूत करने पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया जाएगा। 6 महीने बाद होगी समीक्षा उन्होंने कहा कि संगठनात्मक रूप से राजस्थान में 50 जिले बनाए गए हैं। अंता उपचुनाव के कारण झालावाड़ और बारां जिले में जिलाध्यक्ष नियुक्ति की प्रक्रिया अभी जारी है, जबकि तीन अन्य जिलों में नामों को लेकर स्थिति स्पष्ट होनी बाकी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी नए जिलाध्यक्षों के कार्यों की 6 माह बाद समीक्षा की जाएगी। यदि कोई पदाधिकारी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता है तो पार्टी हाईकमान नए नेतृत्व का फैसला ले सकता है।   बीजेपी सरकार पर डोटासरा का निशाना पीसीसी प्रमुख ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा शासन पूरी तरह दिशाहीन है। मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस समर्थक वोटों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है, जिसे पार्टी कार्यकर्ता सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि अंता उपचुनाव के नतीजे जनता की नाराजगी को साफ दर्शाते हैं और सरकार की नाकामियों पर जनता ने मुहर लगा दी है।   सरकार में खींचतान का उठाया मुद्दा डोटासरा ने प्रदेश में मंत्रियों और अधिकारियों के बीच बढ़ती खींचतान को सरकार की नाकामी बताते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता इन मुद्दों को मजबूती से जनता के बीच ले जाएंगे। इससे पहले कई जिलाध्यक्षों ने उनसे मुलाकात कर भरोसा जताया और मार्गदर्शन प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने की घोषणा, लांच नदी परियोजना की स्वीकृति, शाहगढ़ में बनेगा सिविल अस्पताल, बण्डा में बनेगा सर्वसुविधायुक्त स्टेडियम

दुग्ध उत्पादन को बढावा देने एवं गौशाला खोलने पर 10 लाख तक का दिया जाएगा अनुदान हर जनपद पंचायत क्षेत्र में बनाए जाएंगे वृन्दावन ग्राम एवं गीता भवन 50 करोड़ रुपए से अधिक के 16 निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुन्देलखंड के हर खेत को पानी मिलेगा। इससे क्षेत्र में समृद्धि आएगी। किसान अपने खेतों को समृद्ध बनायें और किसी हालत में अपनी कृषि भूमि न बेचें। केन-बेतवा लिंक परियोजना से आने वाला समय कृषि के लिये बहुत लाभकारी होगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसानों का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता है। मध्यप्रदेश में खेती के साथ साथ पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। पशुपालन के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गौशाला खोलने के लिए अनुदान राज्य सरकार दे रही है। मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में नंबर वन बनाने का कार्य किया जाएगा। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढाने के लिए 25 गायों के साथ गौशाला खोलने पर 40 लाख रुपए में से 10 लाख तक का अनुदान देने का कार्य मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  रविवार को सागर जिले की तहसील बण्डा में सांदीपनि विद्यालय भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 50.65 करोड़ रुपए के 16 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। साथ ही सागर जिले की बहुप्रतीक्षित लांच नदी परियोजना की स्वीकृति की घोषणा की। शाहगढ़ में सिविल अस्पताल बनाने, बण्डा में सर्वसुविधा युक्त स्टेडियम, सिविल अस्पताल, बण्डा में पोस्टमार्टम हाउस, बण्डा क्षेत्र में राखसी, चकेरी, विनेयका में भवन विहीन स्कूलों के लिए भवन बनाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को देश का नम्बर वन प्रांत बनाने के लिए सभी तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। दानवीर डॉ. हरीसिंह गौर द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाया गया। विद्यार्थियों के हित में वीरांगना अवंति बाई लोधी विश्वविद्यालय प्रारंभ कर नई सुविधा उपलब्ध करवाई गई। शीघ्र ही कृषि के क्षेत्र में बुंदेलखंड पंजाब और हरियाणा को पीछे छोड़ देगा। सागर जिले सहित सागर संभाग के सभी जिलों में विकास की गंगा बहेगी।    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि तहसील मुख्यालय बण्डा में आज लगभग 31 करोड़ रुपए की लागत से नव निर्मित सर्वसुविधा युक्त सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण किया गया है। इस विद्यालय में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा है कि बण्डा क्षेत्र में सर्वसुविधा युक्त स्कूल भवन के निर्माण से इस क्षेत्र के विद्यार्थियों को सीधा लाभ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि बण्डा में बने सांदीपनि विद्यालय का भवन बहुत ही अद्भुत और सर्व-सुविधा युक्त है। सांदीपनि विद्यालय परियोजना मध्यप्रदेश शासन की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जो गरीब वर्ग के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विज़न के साथ प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा ही किसी देश की मजबूती का आधार है। बेहतर शिक्षा के बूते ही भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा गणतंत्र बनकर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। मध्यप्रदेश सरकार बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए उन्हें उच्च-गुणवत्ता युक्त शिक्षा और सभी सुविधाएँ प्रदान करने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित सांदीपनि विद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के केंद्र बनकर उभरे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 01 दिसंबर से प्रदेशव्यापी गीता जयंती उत्सव मनाया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाए जा रहे हैं। सभी जिलों के प्रत्येक जनपद पंचायत में वृंदावन ग्राम एवं गीता भवन बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में किसानों के हित में भावान्तर योजना लागू की गई है। भावांतर जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय साधन आड़े नहीं आएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली उज्जैन सहित अनेक ऐसे स्थानों को तीर्थ स्थल बनाने का निर्णय लिया गया है, जहां कृष्ण कन्हैया के चरण पड़े। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती साहस और शौर्य की भूमि है। स्वतंत्रता की प्राप्ति के लिए यहां संघर्ष का इतिहास है। यहां आज आनंददायक वातावरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में होटल ओबेराय के माध्यम से छतरपुर और पन्ना के मध्य पर्यटन विकास का महत्वपूर्ण कदम उठाया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्त सरंक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि बुन्देलखंड क्षेत्र खनिज संपदा का भण्डार है, बुन्देलखंड में निवेश का अच्छा मौका है। उन्होंने कहा कि भविष्य में बण्डा अग्रणी क्षेत्र के रूप में विकसित होगा। सांसद दमोह संसदीय क्षेत्र श्री राहुल सिंह लोधी एवं विधायक बण्डा श्री वीरेन्द्र सिंह ने भी संबोधित किया। समारोह में मुख्यमंत्री द्वारा सागर जिले की बंडा तहसील के ग्राम क्वायला के शहीद श्री राजेश यादव के पिता को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने बण्डा क्षेत्र के ग्राम पंचायत लिधौरा की मूल निवासी क्रिकेटर क्रांतिगौड़ के पिता को भी सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री गोंड युवक-युवती परिचय सम्मेलन में हुए शामिल

आदिवासी ऐतिहासिक निरंतरता से वर्तमान चुनौतियों तक तथा विरासत का सम्मान : वैश्विक दृष्टिकोण पर सवाल” पुस्तकों का विमोचन रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के टिकरापारा स्थित गोंडवाना भवन में छत्तीसगढ़ गोंड समाज कल्याण समिति द्वारा आयोजित गोंड युवक-युवती परिचय सम्मेलन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री का पारंपरिक जनजातीय रीति-रिवाजों के अनुसार स्वागत किया गया तथा उन्होंने भगवान बूढ़ादेव का पूजन कर विधि-विधान से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गोंड समाज को सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 05 लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान करने की घोषणा की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम द्वारा लिखित दो महत्वपूर्ण पुस्तकों—“आदिवासी ऐतिहासिक निरंतरता से वर्तमान चुनौतियों तक” तथा “विरासत का सम्मान : वैश्विक दृष्टिकोण पर सवाल” का विमोचन किया।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गोंड समाज का इतिहास अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली रहा है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जनजातीय समाज के हितों के प्रति बेहद संवेदनशील हैं। देश के सर्वोच्च पद पर जनजातीय समाज की गौरवपूर्ण उपस्थिति इस सम्मान का प्रत्यक्ष प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पीएम जनमन और प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान हेतु भी सरकार ने कई विशेष पहल प्रारंभ की हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय नायकों के गौरवशाली इतिहास को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उपस्थित लोगों से नया रायपुर में स्थापित जनजातीय संग्रहालय का भ्रमण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय वीरों ने सदैव अपनी माटी और संस्कृति की रक्षा की है, और इस गौरवमयी परंपरा की सुंदर झलक आपको संग्रहालय में देखने को मिलेगी। श्री साय ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मनाया जाने वाला जनजातीय गौरव दिवस आदिवासी समाज की विरासत को सम्मान देने का एक सशक्त माध्यम है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को आपस में जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इससे भावी पीढ़ी अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक जड़ों से परिचित होती है। युवक-युवती परिचय सम्मेलन समुदाय के लोगों को एक-दूसरे को समझने, जानने और रिश्तों के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएँ भी दीं। इस अवसर पर आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने गोंड समाज के गौरवशाली इतिहास पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि गोंड समाज का इतिहास समृद्ध परंपराओं और वीरता की गाथाओं से भरा हुआ है। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक कालखंडों में गोंड राजाओं ने शासन, प्रबंधन और सामाजिक संरचना को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिनका उल्लेख विभिन्न ऐतिहासिक दस्तावेजों में मिलता है। श्री मरकाम ने कहा कि डबल-इंजन की सरकार में जनजातीय समुदाय के हितों, विकास और उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ आज बड़े पैमाने पर जनजातीय समाज तक पहुँच रहा है। उन्होंने समाज को एकजुट होकर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया तथा गोंड समाज द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों, सामुदायिक प्रयासों एवं नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास ही समाज को सशक्त बनाते हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गोंड समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री जग्गू सिंह, उपाध्यक्ष श्री किशोर ध्रुव, श्री सेवाराम ध्रुव, श्री हरि सिंह ठाकुर सहित समाज के अनेक सदस्य उपस्थित थे।

बदलता यूपी: महिला सशक्तीकरण की नई मिसाल, शिक्षा से रोजगार तक बड़ी छलांग

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के शासनकाल में महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण को लेकर किए गए व्यापक प्रयास अब ठोस परिणामों के रूप में सामने आ रहे हैं। प्रदेश में महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्तीय स्वतंत्रता और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में तेजी से सुधार हुआ है। इसी परिवर्तन को आधार बनाकर उत्तर प्रदेश आज महिला सशक्तीकरण के जरिए सामाजिक और आर्थिक बदलाव की नई मिसाल पेश कर रहा है। प्रदेश सरकार ने सबसे पहले महिला सुरक्षा को प्राथमिकता दी। एंटी रोमियो स्क्वाड की सक्रियता, 1090 वुमेन पावर लाइन का विस्तार और पिंक पेट्रोलिंग जैसे कदमों ने महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार किया है। शहरों और गांवों दोनों में बदलते सामाजिक वातावरण का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। परिवारों में लड़कियों की शिक्षा को लेकर सकारात्मकता बढ़ी है और माता-पिता अब बिना किसी संकोच के बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। सामाजिक सशक्तीकरण के क्षेत्र में मिशन शक्ति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके माध्यम से महिला समूहों को नेतृत्व, आत्मनिर्भरता, सुरक्षा और जागरूकता से जोड़ा गया। बालिकाओं के लिए कायाकल्प, स्कूलों में जेंडर सेफ्टी प्रोग्राम और किशोरी स्वास्थ्य अभियान जैसे प्रयासों ने सामाजिक बदलाव की सुदृढ़ नींव रखी। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक तक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई, जिससे पढ़ाई में निरंतरता बनी। महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की बात करें तो यूपी आज देश में सबसे बड़े महिला स्वयं सहायता समूह नेटवर्क के रूप में उभर रहा है। प्रदेश में लाखों महिलाएं आज स्वयं सहायता समूहों के जरिए उद्यमिता की ओर बढ़ रही हैं। बैंक सखी, बीसी सखी और कृषि सखी जैसे मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता को गति दे रहे हैं। बैंकिंग सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी ग्रामीण बैंकिंग को नए स्तर पर पहुंचा रही है। ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट) योजना ने महिलाओं को स्थानीय उत्पादों पर आधारित रोजगार से जोड़ने का मजबूत अवसर दिया है। हथकरघा, हस्तशिल्प, फूड प्रोसेसिंग और स्थानीय उद्योगों में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। शासन की ओर से आसान ऋण, प्रशिक्षण, मार्केट लिंक और डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहयोग मिलने से महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। स्टार्टअप नीति के अंतर्गत महिला उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। महिला-आधारित स्टार्टअप को अनुदान और मार्गदर्शन मिलने से टेक्नोलॉजी-आधारित उद्यमों में भी उनकी भागीदारी बढ़ी है। प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों के जरिए पोषण उपक्रम, यूनिफॉर्म निर्माण, समुदाय-आधारित स्वच्छता सेवाएं और स्थानीय उत्पादन यूनिट्स चलाने वाली महिलाओं ने साबित किया है कि आर्थिक सशक्तीकरण ग्रामीण विकास को भी गति देता है। सरकारी योजनाओं के प्रभाव से आज गांवों से लेकर शहरों तक महिलाओं की भूमिका केवल पारिवारिक सीमाओं तक ही केंद्रित नहीं है, बल्कि आर्थिक गतिविधियों में उनकी जिम्मेदारी, भूमिका और सक्रियता निरंतर बढ़ रही है। योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रयासों ने महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और अवसर प्रदान कर समाज में उनकी स्थिति को पहले से अधिक सशक्त बनाया है। उत्तर प्रदेश का यह परिवर्तन प्रदेश सरकार की नीतियों और प्रयासों का परिणाम है, जिसने महिलाओं को नई ऊर्जा और नई दिशा दी है। प्रदेश अब वास्तविक अर्थों में महिला सशक्तीकरण को सामाजिक और आर्थिक विकास की धुरी बनाने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण से संबंधित आंकड़े पर नजर डाले तो, उत्तर प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों की संख्या 2025 तक लगभग 83 लाख सदस्यों तक पहुंच गई है। बीसी सखी योजना के अंतर्गत 2024 तक 4,000 से अधिक बीसी सखी सक्रिय हैं, जिन्होंने गांवों में 20 करोड़ से अधिक बैंकिंग ट्रांजेक्शन कराए हैं। इसके अलावा बैंक सखी मॉडल के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह औसतन 1.2 करोड़ ट्रांजेक्शन की वृद्धि दर्ज हुई है। वहीं, ओडीओपी योजना में महिलाओं की भागीदारी 2018 की तुलना में 2024 तक लगभग 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विशेष रूप से यह वृद्धि हस्तशिल्प, हथकरघा, फूड प्रोसेसिंग और वुडक्राफ्ट क्षेत्रों में दर्ज हुई है। महिला उद्यमिता मिशन और स्टार्टअप नीति के अंतर्गत 2025 तक लगभग 3,200 से अधिक महिला संचालित स्टार्टअप रजिस्टर्ड हुए हैं। यूपी में संचालित स्वयं सहायता समूहों की वार्षिक आय 2017 में लगभग 4,000 करोड़ रुपए थी, जो 2025 तक बढ़कर 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक हो गई है।

गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा! जबलपुर में 20 दिन से चली आ रही किल्लत से हजारों परिवार प्रभावित

जबलपुर जिले में घरेलू गैस सिलेंडर (एलपीजी) की आपूर्ति इन दिनों चरमरा गई है। खासतौर से हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनी के सिलेंडरों की किल्लत से उपभोक्ता परेशान हैं। एक सिलेंडर लेने के लिए उपभोक्ता एजेंसियों के सामने घंटों कतार में लगने को मजबूर हैं। 10 हजार सिलेंडरों की वेटिंग होने से घरों तक सप्लाई बीते 20 दिनों से प्रभावित है। दरअसल, मनेरी स्थित एचपीसीएल के बाटलिंग प्लांट की क्षमता करीब 24 से 25 हजार सिलेंडर प्रतिदिन की है। पाइपलाइन में खराबी और जबलपुर के प्लांट से एलपीजी की खेप भोपाल भेजे जाने से सप्लाई प्रभावित है। यही कारण है घरेलू गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि दो-चार दिन में रसोई गैस की किल्लत दूर हो जाएगी और वेटिंग में कमी आएगी।   20 दिन से है संकट जबलपुर में एचपी कंपनी के गैस सिलेंडर 20 दिनों से उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच रहे हैं। जो उपभोक्ता सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी पहुंच रहे हैं, उन्हें भी घंटों कतारबद्ध होना पड़ रहा है। इनमें से अधिकांश को फिर भी गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। जिले में करीब साढ़े तीन लाख गैस उपभोक्ता हैं, जिसमें एचपी, भारत और इंडेन एलपीजी गैस कनेक्शन धारक हैं। खाद्य विभाग के मुताबिक एचपी कंपनी के बाटलिंग प्लांट की पाइपलाइन में खराबी आने से मांग और आपूर्ति बाधित हो रही है। गैस पहुंचाने का टेंडर खत्म हो गया है सूत्रों के अनुसार जबलपुर और भोपाल समेत प्रमुख शहरों में बने एलपीजी रिफिल प्लांट तक वाहनों की मदद से एलपीजी आती है। कैप्शूलनुमा वाहनों के संचालक का काम निजी कंपनी के पास है। इस कंपनी का भोपाल में गैस पहुंचाने का टेंडर खत्म हो गया है। इस वजह से एचपीसीएल के माध्यम से रिफिल से भरे ट्रक को भोपाल भेजा जा रहा है।

अभेद्य हुई अयोध्या: हाई-लेवल सिक्योरिटी चेक में सेना ने परखी हर परत

अयोध्या  पीएम नरेंद्र मोदी के आगमन को ध्यान में रखते हुए सभी सुरक्षा एजेंसियां हाई-अलर्ट पर हैं। अयोध्या में 25 नवंबर को होने वाले ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह से पहले अयोध्या पूरी तरह अभेद्य हो चुकी है। आज भारतीय सेना का हेलिकॉप्टर करीब 20 मिनट तक आसमान पर मंडराता रहा। इस दौरान हेलिकॉप्टर ने राम जन्मभूमि परिसर तथा आसपास के इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस एयर-सर्विलांस को सुरक्षा इंतजामों का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, ताकि कार्यक्रम के दौरान कोई चूक न हो। ध्वजारोहण कार्यक्रम के मद्देनजर अयोध्या की सुरक्षा हुई अभेद्य रविवार दोपहर सेना का हेलिकॉप्टर करीब 20 मिनट तक अयोध्या के आसमान में उड़ता रहा और राम जन्मभूमि परिसर व आसपास के क्षेत्रों की निगरानी करता रहा। रामलला मंदिर क्षेत्र में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। राम जन्मभूमि चौक और हनुमानगढ़ी मार्ग पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। ड्रोन कैमरों से भी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। सुबह से लेकर रात तक सुरक्षा बलों की कई चरणों में चेकिंग चल रही है।  मंदिर परिसर, श्रद्धालुओं की व्यवस्था और VVIP मूवमेंट के लिए स्पेशल रूट तैयार किए गए हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीमें भी अलर्ट मोड में तैनात हैं। साइबर टीम सोशल मीडिया पर 24 घंटे लगातार निगरानी रखी जा रही है। SSP डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने बताया कि किसी 25 नवंबर को होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रम के मद्देनज़र सुरक्षा में किसी तरह की ढिलाई नहीं दी जा सकती। विवाह पंचमी के पावन अवसर पर बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद है, इसलिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

डॉ. तोगड़‍िया का जनसंख्या फॉर्मूला: ‘तीन बच्चे हों हिंदुओं के, तीसरे की पढ़ाई का खर्च मेरा’

मंडला अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया आज मध्य प्रदेश के मंडला दौरे पर हैं। वे दोपहर 2 बजे मंडला कृषि मंडी में सभा को संबोधित करेंगे। इससे पूर्व वे जंतीपुर पहुंचे, जहां कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। कार्यकर्ताओं से चर्चा के दौरान डॉ. तोगड़िया ने कहा कि हिंदू राष्ट्र निर्माण के लिए मोहन भागवत ही पर्याप्त और सक्षम हैं, हम उनके पीछे हैं। वह सब कुछ करा लेंगे। साथ ही उन्होंने जनसंख्या को लेकर कहा कि हिंदुओं को तीन बच्चे पैदा करने चाहिए, तीसरे बच्चे कि स्कूल फीस मैं भरवा दूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदुओं के लिए काम करने वाले व्यक्ति या कोई संस्था, आरएसएस के मोहन भागवत का सम्मान करना चाहिए।