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वंशिका की शादी का सफर: बचपन से बिंदी पहनने वाली लड़की ने मां के विरोध के बावजूद किया हिंदू युवक से विवाह

खंडवा  प्रेम की राह में धर्म और शरहद की दीवारें भी छोटी पड़ जाती हैं। ऐसी ही एक कहानी सामने आई है मध्यप्रदेश के खंडवा जिले स्थित महादेवगढ़ मंदिर से है। यहां धार जिले की रहने वाली युवती रुखसार ने अपने प्रेमी विशाल के साथ सात फेरे लिए हैं। इसके लिए उसने अपने परिवार से बगावत की और धर्म भी बदला है। धर्म परिवर्तन कर किया विवाह धार जिले की रहने वाली रुखसार का विवाह 27 नवंबर को होने वाला था। परिवार ने निकाह की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली थीं लेकिन इसके कुछ दिन पहले ही युवती ने अपने जीवन का सबसे बड़ा निर्णय ले लिया। बताया जाता है कि रुखसार लंबे समय से खंडवा निवासी विशाल से प्रेम करती थी। लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनीं कि दोनों का मिलन संभव नहीं दिख रहा था। इसी बीच युवती ने अपने तय निकाह से पहले घर छोड़ दिया और सीधे खंडवा के प्रसिद्ध महादेवगढ़ मंदिर पहुंच गई। मंदिर में उसने बताया कि वह विशाल के साथ ही अपना जीवन बिताना चाहती है। साथ ही अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाना चाहती है। इसके बाद मंदिर प्रबंधन ने धार्मिक परंपराओं और विधि-विधान के अनुसार विधिवत धर्म परिवर्तन संस्कार करवाया। संस्कार के बाद युवती को नया नाम वंशिका दिया गया। मंदिर में मंत्रोच्चार के बीच बंधे विवाह सूत्र में धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंदिर परिसर में ही विवाह की तैयारी शुरू कर दी गई। वेद मंत्रों के बीच दोनों का विवाह संपन्न करवाया गया। वंशिका और विशाल ने सात फेरे लिए। विशाल ने मंगलसूत्र पहनाकर वंशिका को अपनी जीवनसंगिनी के रूप में स्वीकार किया। विवाह समारोह में मौजूद स्थानीय लोगों और मंदिर कमेटी ने नवदंपती को आशीर्वाद दिया। मंदिर समिति ने की महाआरती विवाह के बाद महादेवगढ़ मंदिर की परंपरा के अनुसार भगवान महादेव की महाआरती की गई। मंदिर संचालक संरक्षक अशोक पालीवाल के नेतृत्व में समिति की ओर से नवविवाहित दंपती को रामायण का पवित्र ग्रंथ भी भेंट किया गया। दुल्हन वंशिका ने रामायण को जीवन में प्रेरणा का स्रोत बताते हुए कहा कि रामायण में लिखा है कि श्रीराम ने अपनी पत्नी को पाने के लिए समुद्र पर सेतु तक बना दिया था। मैं हमेशा इसे कहानी समझती थी लेकिन अब इसे पढ़कर अपने जीवन में भी आदर्श और दृढ़ता लाना चाहती हूं। फैसले पर अडिग रही युवती रुखसार का विवाह 27 नवंबर को उसके मायके धार में होना था। परिवार ने रिश्तेदारों और समाज में निमंत्रण तक भेज दिया था। लेकिन युवती का अचानक घर छोड़कर धर्म परिवर्तन और विवाह कर लेना परिवार को बेहद नागवार गुजरा है। परिवार की ओर से गुस्सा और नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि फिलहाल परिवार ने युवती से किसी प्रकार का संपर्क नहीं किया है। वंशिका बनी रुखसार ने कहा कि मुझे मालूम है कि परिवार नाराज है, लेकिन मैंने अपना निर्णय सोच-समझकर लिया है। मुझे विश्वास है कि सनातन धर्म में महिलाओं का सम्मान है और मैं अपने जीवन का फैसला स्वयं करने की हकदार हूं।

पंजाब CM का दरबार साहिब दौरा: विवादित बयान पर शांतिपूर्ण नसीहत, करतारपुर कॉरिडोर पर उठाया मुद्दा

अमृतसर सिखों के पहले गुरु श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज अपनी पत्नी गुरप्रीत कौर के साथ सच्चखंड श्री हरमंदिर साहिब पहुंचे और नतमस्तक हुए। इस दौरान उन्होंने गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका और अरदास की। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरु नानक देव के प्रकाश उत्सव के अवसर पर बुधवार को परिवार सहित सचखंड हरिमंदिर साहिब में माथा टेका। मुख्यमंत्री ने दरबार साहिब में नतमस्तक होकर सरबत के भले, पंजाब की तरक्की और लोगों की सुख-शांति की अरदास की। भगवंत मान ने कहा कि आज पूरी दुनिया में लाखों-करोड़ों नानक नाम लेवा संगत गुरु नानक देव जी के पवित्र स्थानों पर माथा टेक रही है और उनकी वाणी को श्रवण कर रही है। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि उन्हें गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के दिन श्री दरबार साहिब में आकर श्रद्धा के भाव से नतमस्तक होने का अवसर मिला। दरबार साहिब में नतमस्तक होने के बाद भगवंत मान ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि पहले पातशाह, जगत गुरु धन-धन साहिब श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर सचखंड श्री दरबार साहिब, श्री अमृतसर साहिब में नतमस्तक होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। श्री गुरु ग्रंथ साहिब महाराज के आगे शीश झुकाया। गुरबाणी कीर्तन का आनंद लिया और नानक नाम लेवा संगतों के दर्शन किए। गुरु साहिब के आगे पंजाब में सामाजिक सौहार्द, भाईचारा और एकता बनी रहने की प्रार्थना की। भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार अमृतसर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रही है। दरबार साहिब तक पहुंचने वाली सड़कों और पार्किंग सुविधाओं को आधुनिक तकनीक से सुधारने की योजना बनाई जा रही है। गुरु नानक देव जी ने मानवता का संदेश दिया — मान ने दी नसीहत राजा वडिंग की धर्म और जाति से जुड़ी टिप्पणी पर कहा- ”मैं इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहता। मैं गुरु के घर आया हूं। जो लोग इस तरह की भावना रखते हैं, उन्हें स्वयं ही इसका एहसास हो जाएगा कि वो गलत है । मैं उनके लिए भी प्रार्थना करता हूं कि परमात्मा उन्हें समझ और मार्गदर्शन प्रदान करें।” श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अमृतसर में आधुनिक व्यवस्थाएं भगवंत मान ने आगे कहा कि राज्य सरकार अमृतसर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रही है। दरबार साहिब तक पहुंचने वाली सड़कों और पार्किंग सुविधाओं को आधुनिक तकनीक से सुधारने की योजना बनाई जा रही है। करतारपुर का लांघा खुलना चाहिए — भगवंत मान का बयान करतारपुर कॉरिडोर पर बयान देते हुए उन्होंने कहा, जब भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच तक हो रहे हैं, तो करतारपुर का लांघा भी खुला रहना चाहिए। इससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और दोनों देशों में व्यापार, रोजगार और आपसी भरोसे के नए रास्ते खुलेंगे। पंजाब गुरु, पीर और शहीदों की धरती है मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब गुरु, पीर और शहीदों की धरती है, और उनकी प्रार्थना है कि परमात्मा इस धरती पर बसने वाले लोगों को समझ, बल और सही मार्ग पर चलने की शक्ति प्रदान करे। उन्होंने यह भी कहा कि गुरु साहिब ने जो जिम्मेदारी हमें दी है, उसे पूरी ईमानदारी से निभाने की ताकत हमें मिले।

केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने रायपुर में लोगों को दी खुशियों की चाबी

रायपुर : केंद्रीय राज्यमंत्री  तोखन साहू ने बांटी खुशियों की चाबी श्रम विभाग की योजनाओं से लाभान्वित हुए हितग्राही, आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ा एक और कदम रायपुर बिलासपुर में जिला स्तरीय राज्योत्सव कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास राज्य मंत्री  तोखन साहू ने श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को चेक और सहायता सामग्री वितरित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की योजनाएँ आमजन को आत्मनिर्भर बनाने और समाज के अंतिम पायदान तक विकास की रोशनी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत हितग्राही तानिया राठौर को 20 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया। वहीं दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत कुसुम साहू को ई-रिक्शा की चाबी सौंपकर उन्हें आत्मनिर्भर जीवन की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।  तोखन साहू ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए ठोस कदम उठा रही हैं। श्रम विभाग की योजनाएँ श्रमिक परिवारों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में सेतु का कार्य कर रही हैं। उन्होंने उपस्थित हितग्राहियों से योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं से वंचित न रहे। राज्योत्सव के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, श्रमिक हितग्राही एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ से कोस्टा रिका को फोर्टिफाइड राइस कर्नेल का निर्यात — मुख्यमंत्री साय बोले, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम

रायपुर : छत्तीसगढ़ से कोस्टा रिका को 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल का निर्यात: आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि – मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय रायपुर छत्तीसगढ़ के लिए यह अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है कि प्रदेश से 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (Fortified Rice Kernel – FRK) का निर्यात कोस्टा रिका को किया गया है।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर कहा कि  छत्तीसगढ़ की पहचान न सिर्फ वैश्विक मंच पर सुदृढ़ हो रही है, बल्कि पोषण, गुणवत्ता और समृद्धि के क्षेत्र में राज्य की साख को नई ऊँचाई भी प्राप्त हो रही  है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह उपलब्धि माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में कुपोषण के खिलाफ छेड़ी गई उस मुहिम का विस्तार है, जो अब वैश्विक स्तर पर प्रभाव दिखा रही है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह हमारे किसानों, मिल संचालकों और निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजार में नए अवसर और मूल्यवर्धित कृषि निर्यात को बढ़ावा देने वाला सराहनीय कदम है। साथ ही यह आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन-बी12 जैसे आवश्यक पोषक तत्वों का समावेश किया जाता है। यह प्रयास न केवल खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करता है, बल्कि समाज के पोषण स्तर को भी बेहतर बनाता है। अब छत्तीसगढ़ के उत्पाद वैश्विक बाजार में ‘पोषण के प्रतीक’ के रूप में उभर रहे हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को “आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़” की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह निर्यात छत्तीसगढ़ के किसानों, मिल संचालकों और उद्योगों की मेहनत, गुणवत्ता और समर्पण का परिणाम है। आज हमारा छत्तीसगढ़ केवल भारत का अन्नदाता नहीं, बल्कि पोषण, नवाचार और गुणवत्ता का वैश्विक ब्रांड बन रहा है। यह गर्व का क्षण है, जो हमारे प्रदेश को वैश्विक व्यापार और पोषण मिशन – दोनों में अग्रणी बनाता है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह सफलता न केवल आर्थिक समृद्धि की दिशा में राज्य को आगे बढ़ाएगी, बल्कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के ‘कुपोषण मुक्त भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को नई ऊर्जा प्रदान करेगी। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करके जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ से 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल की पहली खेप कोस्टा रिका के लिए निर्यात की गई है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के कुपोषण के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाते हुए यह वैश्विक स्तर पर किया गया प्रयास न केवल हमारे विदेशी व्यापार को सशक्त करता है, बल्कि हमारे पोषण मिशन को भी नई ऊर्जा प्रदान करता है।यह पहल हमारे किसानों, मिल संचालकों और निर्यातकों को नए बाजार, बेहतर मूल्य प्राप्ति और मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के अवसर प्रदान करती है।  

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले 2025 में राजस्थान का जलवा! कला, पर्यटन और उद्योग में नई पहचान बनेगी खास

जयपुर इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (ITPO) द्वारा 14 से 27 नवम्बर, 2025 तक नई दिल्ली के प्रगति मैदान में अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला (India International Trade Fair – IITF) 2025 का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष राजस्थान को मेले के 'पार्टनर स्टेट' का दर्जा प्रदान किया गया है।  राजस्थान लघु उद्योग निगम लिमिटेड (RSIC)  द्वारा लगभग एक हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में राजस्थान मंडप का आकर्षक निर्माण किया जाएगा। इस मंडप में राज्य की औद्योगिक प्रगति, सांस्कृतिक विविधता, कला, शिल्प, पर्यटन और निवेश की संभावनाओं की विशिष्ट झलक देखने को मिलेगी। मंडप में कारीगरों एवं उ‌द्यमियों ‌द्वारा लाइव प्रदर्शन  के लिए विशेष क्षेत्र का आयोजित किये जाएंगे। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट वॉल एवं राज्य की विरासत, नवाचार और सतत औ‌द्योगिक विकास आधारित प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा।   प्रमुख सचिव (उद्योग) एवं अध्यक्ष प्रबंध निदेशक राजसिको श्री आलोक गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष का मेला राज्य के प्रमुख सरकारी विभागों जैसे उद्योग, पर्यटन, रीको, बीआईपी, खादी, राजीविका एवं रूडा की सहभागिता से और भी समृद्ध होगा। मेले में राजस्थान के पारंपरिक व्यंजन और हस्तशिल्प उत्पादों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे। "एक भारत श्रेष्ठ भारत" की भावना को समर्पित इस मेले का एक प्रमुख आकर्षण राजस्थान और असम का एकीकरण रहेगा। इस विशेष पहल के माध्यम से  दोनों राज्यों की संस्कृति, कला, और व्यापारिक संभावनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा। जिससे इन दोनों राज्यों के बीच मजबूत व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध स्थापित होंगे।  उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की यह पहल राज्य के कारीगरों, शिल्पकारों, उ‌द्यमियों और निवेशकों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी।

रेल हादसे में मलबे से जिंदा निकला बच्चा, पर माता-पिता का कोई सुराग नहीं

बिलासपुर छत्तीसगढ़ में 4 नवंबर की शाम बिलासपुर स्टेशन के पास दर्दनाक रेल हादसा हो गया. तेज रफ्तार में आ रही मेमू लोकल ट्रेन एक खड़ी मालगाड़ी से जा टकराई, जिसमें 11 यात्रियों की मौत हो गई और करीब 20 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. मलबे के बीच चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल था, लेकिन इसी भयावह दृश्य के बीच एक मासूम बच्चे की जिंदगी बच गई. हादसे में घायल इस बच्चे के माता-पिता का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है. रेल प्रशासन और स्थानीय लोगों ने जब राहत अभियान शुरू किया, तो मलबे के पास यह मासूम घायल हालत में मिला. उसे तुरंत रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है.  दर्दनाक बात यह है कि बच्चे के माता-पिता का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है. रेलवे प्रशासन ने अपील की है कि जो भी व्यक्ति बच्चे के माता-पिता या परिजनों के बारे में जानकारी रखता हो, वह तुरंत रेलवे अस्पताल या बिलासपुर रेल कंट्रोल रूम से संपर्क करे. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने कहा है कि घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था. एनडीआरएफ, रेलवे पुलिस, स्थानीय पुलिस और मेडिकल टीमों ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन चलाया. सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है. रेल प्रशासन ने प्राथमिक राहत के रूप में सभी घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की है. वरिष्ठ अधिकारी लगातार अस्पतालों का निरीक्षण कर रहे हैं और घायलों से मिलकर उनका हालचाल पूछ रहे हैं. इस हादसे में जहां कई परिवारों का सबकुछ खत्म हो गया, वहीं एक मासूम इस हादसे में बच गया, लेकिन उसके माता-पिता का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है. अस्पताल में टीम उसका इलाज कर रही है. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि MEMU लोकल ट्रेन ने सिग्नल को पार करते हुए खड़ी मालगाड़ी के पिछले हिस्से में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे ओवरहेड तारों, सिग्नलिंग सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा और ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए. यह हादसा बिलासपुर-कटनी रेलखंड पर हुआ, जिसके कारण इस रूट पर रेल संचालन को तत्काल प्रभाव से रोकना पड़ा. रेलवे ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर हादसे के बाद रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और उनके परिजनों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिए हैं, ताकि जरूरतमंद लोग राहत, जानकारी या अपने लापता प्रियजनों के बारे में पता कर सकें. बिलासपुर के लिए 7777857335 और 7869953330, चांपा के लिए 8085956528, रायगढ़ 9752485600, पेंड्रा रोड 8294730162, कोरबा 7869953330, उसलापुर 7777857338 और दुर्घटनास्थल से सीधे संपर्क के लिए 9752485499 व 8602007202 नंबर जारी किए गए हैं. हादसे की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शोक व्यक्त करते हुए इसे बेहद दुःखद बताया और कहा कि उन्होंने जिलाधिकारियों को त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी गंभीरता से जुटने के निर्देश दिए हैं. वहीं, रेलवे ने राहत की घोषणा करते हुए मृतकों के परिजनों को 10 लाख, गंभीर रूप से घायलों को 5 लाख और साधारण घायलों को 1 लाख की राशि देने की बात कही है.

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने किया करोड़ों की लागत से विकास परियोजनाओं का शुभारंभ

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने करोड़ों के विकास कार्यों का किया भूमि-पूजन पेयजल के लिए बिछेगी 120 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन, 9 ओवरहेड टैंक भी बनेंगे भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि पेयजल आपूर्ति को अधिक सुचारू और सुगम बनाने के लिए गोविंदपुरा क्षेत्र में 65 करोड़ रुपए की लागत से 9 ओवरहेड टैंक और 120 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाने के कार्य किए जाएंगे। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की भविष्य में पानी की जरूरत को ध्यान में रखकर यह निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इससे जनता की बहुप्रतिक्षित मांग पूरी होगी और नर्मदा का पानी घर-घर पहुंचेगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार जनता से किये गए वादों को प्रतिबद्धता के साथ पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत 65 करोड़ रुपए की लागत से 9 पानी की टंकियों के निर्माण का कार्य किया जाएगा, जिनकी क्षमता 20 से 25 लाख लीटर होगी और 120 किलोमीटर की पेयजल पाइप लाइन को बिछाने का कार्य किया जाएगा। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्रवासियों को स्वच्छ एवं नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने वार्ड 55 स्थित अमराई परिसर में 1 करोड़ 75 लाख रुपए की लागत के 20 लाख लीटर क्षमता वाले ओवरहेड टैंक के साथ ही वार्ड 60 में 1 करोड़ 55 लाख की लागत से प्रस्तावित पेयजल पाइप लाइन निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। उन्होंने वार्ड 56 के साकेत नगर स्थित पंचवटी मार्केट परिसर में 1 करोड़ 74 लाख की लागत की पानी की टंकी के और पेयजल पाइप लाइन के निर्माण कार्य को भी क्षेत्रवासियों को सौगात दी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने लहारपुर में 1.75 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाली पेयजल टंकी एवं पेयजल पाइप लाइन कार्य के साथ साथ सोनागिरी ए सेक्टर, वार्ड 64 में 2 करोड़ 3 लाख रुपए की लागत से प्रस्तावित पेयजल टंकी निर्माण एवं पाइप लाइन बिछाने के कार्य का भी भूमि-पूजन किया। कार्यक्रम में श्रीमती मोनिका ठाकुर, श्रीमती शीला पाटीदार, श्रीमती छाया ठाकुर, श्रीमती अर्चना परमार, श्री संतोष ग्वाला, श्री जितेंद्र शुक्ला, श्री प्रताप वारे, श्री प्रताप सिंह बैस, श्री बी शक्तीराव, श्री गणेश राम नागर, श्री प्रदीप पाठक, श्री सुरेंद्र घोटे, श्री किशन बंजारे सहित जनप्रतिनिधि और सैकड़ों की संख्या स्थानीय रहवासी मौजूद रहे। 

महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में बढ़े आत्मसमर्पण का असर अब MP में, सुनीता के बाद कई माओवादी होंगे सरेंडर

भोपाल  बालाघाट में 31 अक्टूबर को 22 वर्ष की महिला माओवादी सुनीता सियाम के समर्पण के बाद मध्य प्रदेश में कुछ और माओवादी जल्द ही आत्मसमर्पण कर सकते हैं। दरअसल, बालाघाट और मंडला में सक्रिय कुछ माओवादी दलम छोड़ चुके हैं। वे लगभग एक माह से दिखाई नहीं दिए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि ये भी आत्मसमर्पण कर सकते हैं। सुनीता ने पुलिस को बताया है कि महाराष्ट्र में समर्पण करने वाले सोनू और भूपेश से प्रभावित होकर उसने यह कदम उठाया है। महाराष्ट्र में ही समर्पण करने वाले भूपति ने वीडियो जारी कर माओवादियों को समर्पण करने की अपील की है। वीडियों में उसने कहा कि अब परिस्थितियां बदल गई हैं, इसलिए हमें कानून के दायरे में रहकर अब काम करना होगा। माना जा रहा है कि इसका माओवादियों पर बड़ा असर हुआ है। इसका बड़ा कारण यह भी है कि माओवादियों ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को एक जोन (एमएमएसी) में रखा है। और भी माओवादी कर सकते हैं समर्पण बता दें कि माओवादियों के संगठन में सबसे नीचे श्रेणी में गांव या एरिया कमेटी होती है। सुनीता इसकी सदस्य थी। वह सेंट्रल कमेटी सदस्य (सीसीएम) रामदेर के गार्ड के रूप में काम कर रही थी। रामदेर ने सुनीता को बताया था कि सोनू दादा, रुपेश दादा व उनके साथियों ने छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में पुलिस के सामने समर्पण कर दिया है। इसके बाद से ही मप्र में सक्रिय माओवादी समर्पण करने पर विचार कर रहे हैं। पुलिस से पूछताछ में सुनीता ने यह जानकारी दी है। मध्य प्रदेश में 60 महिला माओवादी सक्रिय बता दें कि पहली बार प्रदेश में किसी महिला माओवादी ने समर्पण किया है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर की रहने वाली सुनीता वर्ष 2022 में माओवादी संगठन से जुड़ी थी। उस पर 14 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस की खुफिया जानकारी के अनुसार, प्रदेश में लगभग 60 माओवादी सक्रिय हैं, जिनमें आधे से अधिक महिलाएं हैं। इस वर्ष पुलिस मुठभेड़ में नौ महिला माओवादी मारी जा चुकी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक देश से माओवादी समस्या को समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। इस कारण माओवादियों की चौतरफा घेराबंदी की जा रही है। अब आगे क्या सुनीता से पुलिस पूछताछ कर रही है। इसके बाद उसका प्रकरण राज्य की समर्पण नीति 2023 के अनुसार राज्य स्तरीय समिति के पास भेजा जाएगा। इसमें यह देखा जाएगा कि उस पर दर्ज प्रकरण के अनुसार समर्पण की पात्रता है या नहीं। दरअसल, समर्पण नीति के अपराधों को माफ करने का नियम नहीं है। सरकार की तरफ से उसे सुरक्षा देने के साथ ही पुनर्वास के प्रबंध भी नीति के अनुसार किए जाएंगे।

रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर! भारतीय रेलवे ने रद्द की कई ट्रेनें, यहां देखें अपडेटेड लिस्ट

नई दिल्ली  भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और ट्रैक के रखरखाव को ध्यान में रखते हुए आने वाले दिनों में कई ट्रेनों को रद्द करने और कुछ को डायवर्ट करने का फैसला लिया है। इस निर्णय से यात्रियों को असुविधा जरूर होगी, लेकिन रेलवे का कहना है कि यह कदम भविष्य में सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। रेलवे ने सभी यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर अवश्य चेक करें, ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके। रद्द की गई ट्रेनें (Cancelled Trains) 12207 जम्मू–काठगोदाम गरीब रथ – 31 मार्च 2026 तक रद्द 12208 काठगोदाम–जम्मू गरीब रथ – 29 मार्च 2026 तक रद्द 12265 दिल्ली–जम्मू दुरंतो एक्सप्रेस – 31 मार्च 2026 तक रद्द 12266 जम्मू–दिल्ली दुरंतो एक्सप्रेस – 1 अप्रैल 2026 तक रद्द 14503 कालका–कटड़ा एक्सप्रेस – 31 मार्च 2026 तक रद्द 14504 कटड़ा–कालका एक्सप्रेस – 1 अप्रैल 2026 तक रद्द 14611 गोरखपुर–कटड़ा एक्सप्रेस – 27 मार्च 2026 तक रद्द 14612 कटड़ा–गोरखपुर एक्सप्रेस – 26 मार्च 2026 तक रद्द 22401 दिल्ली सराय रोहिल्ला–ऊधमपुर – 30 मार्च 2026 तक रद्द 22402 ऊधमपुर–दिल्ली सराय रोहिल्ला – 31 मार्च 2026 तक रद्द 22439 नई दिल्ली–कटड़ा वंदे भारत – 31 मार्च 2026 तक रद्द 22440 कटड़ा–दिल्ली वंदे भारत – 31 मार्च 2026 तक रद्द 22705 तिरुपति–जम्मू हमसफर – 31 मार्च 2026 तक रद्द 22706 जम्मू–तिरुपति हमसफर – 4 अप्रैल 2026 तक रद्द 26405 अमृतसर–कटड़ा वंदे भारत – 30 मार्च 2026 तक रद्द 26406 कटड़ा–अमृतसर वंदे भारत – 30 मार्च 2026 तक रद्द डायवर्ट की गई ट्रेनें (Diverted Trains) 19223 साबरमती–जम्मू एक्सप्रेस – अब 30 मार्च 2026 तक सिर्फ फिरोजपुर तक चलेगी 19224 जम्मू–साबरमती एक्सप्रेस – 1 अप्रैल 2026 तक फिरोजपुर से चलेगी 19415 साबरमती–कटड़ा एक्सप्रेस – 29 मार्च 2026 तक अमृतसर तक चलेगी 19416 कटड़ा–साबरमती एक्सप्रेस – 31 मार्च 2026 तक अमृतसर से चलेगी 20433 सियालदह–कटड़ा जम्मू मेल – 31 मार्च 2026 तक अंबाला तक चलेगी 20434 कटड़ा–सियालदह जम्मू मेल – 1 अप्रैल 2026 तक अंबाला से चलेगी 22941 इंदौर–ऊधमपुर एक्सप्रेस – 30 मार्च 2026 तक जम्मू तक चलेगी 22942 ऊधमपुर–इंदौर एक्सप्रेस – 1 अप्रैल 2026 तक जम्मू से चलेगी 14803 भुज–जम्मू एक्सप्रेस – 31 मार्च 2026 तक पठानकोट तक चलेगी 14804 जम्मू–भुज एक्सप्रेस – 1 अप्रैल 2026 तक पठानकोट से चलेगी रेलवे का यात्रियों के लिए संदेश उत्तर रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय ट्रैक की मरम्मत, परिचालन सुधार और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले रेलवे की वेबसाइट www.indianrailways.gov.in या NTES मोबाइल ऐप पर अपनी ट्रेन की नवीनतम जानकारी जरूर देखें।

PPF निकालने का आसान रास्ता — नियम, शर्तें और झटपट प्रोसेस

नई दिल्ली  पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) भारत की सबसे लोकप्रिय दीर्घकालिक बचत योजनाओं में से एक है जो अपनी सुरक्षा, टैक्स लाभ और सुनिश्चित रिटर्न के लिए पहचानी जाती है। हालांकि PPF में 15 साल की लॉक-इन अवधि होती है जिसका मतलब है कि आप अपनी इच्छा के अनुसार पूरी राशि नहीं निकाल सकते। आज हम जानेंगे कि PPF में मैच्योरिटी के बाद आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) और समय पूर्व बंद (Premature Closure) करने के नियम क्या हैं। 1. मैच्योरिटी के बाद निकासी  PPF खाते का मैच्योरिटी पीरियड 15 साल पूरा होने के बाद आप बिना किसी जुर्माने के संचित ब्याज के साथ-साथ पूरी राशि निकाल सकते हैं। यह निकासी पूरी तरह से टैक्स फ्री (Tax Free) होती है जो इस योजना की सबसे आकर्षक विशेषता है। यदि आप ब्याज जारी रखना चाहते हैं तो आप खाते को पांच-पांच सालों के ब्लॉक में बढ़ाकर मैच्योरिटी राशि को वापस से निवेश कर सकते हैं।   2. मैच्योरिटी से पहले आंशिक निकासी   अगर आपको मैच्योरिटी से पहले धन की आवश्यकता है तो आंशिक निकासी की अनुमति है लेकिन इसके कुछ सख्त नियम हैं: निकासी की अवधि: खाता खोलने की तारीख से 6 वित्तीय वर्ष पूरे होने के बाद ही आंशिक निकासी की जा सकती है (यानी सातवें वित्तीय वर्ष से)। निकासी की सीमा (Limit): आप निम्नलिखित में से जो भी कम हो उस पूरे बैलेंस का 50% तक निकाल सकते हैं: : निकासी के साल से ठीक पहले चौथे वित्तीय वर्ष के अंत में उपलब्ध शेष राशि। : निकासी से ठीक पहले के वित्तीय वर्ष के अंत में उपलब्ध शेष राशि। : यह आंशिक निकासी हर वित्तीय वर्ष में सिर्फ एक बार ही की जा सकती है। इसके लिए आपको बैंक या डाकघर में उपलब्ध फॉर्म C भरना होगा।   3. समय पूर्व बंद होना  PPF खाता कुछ खास और गंभीर परिस्थितियों में ही समय से पहले बंद किया जा सकता है। यह सुविधा खाता खोलने की तारीख से 5 साल बाद ही उपलब्ध होती है: अनुमति के कारण: : खाताधारक, पति-पत्नी या आश्रित बच्चों को जानलेवा या गंभीर बीमारी होने पर। : खाताधारक या आश्रित बच्चों की उच्च शिक्षा के खर्च के लिए। : निवास स्थिति में स्थायी परिवर्तन होने पर (जैसे NRI बनना)। खाता खोलने की तारीख या विस्तार अवधि की शुरुआत से मिलने वाली जमा राशि पर ब्याज दर में से 1% की कटौती की जाती है। इस प्रक्रिया के लिए आपको ज़रूरी दस्तावेजों के साथ फॉर्म 5 जमा करना होगा।   4. खाताधारक की मृत्यु की स्थिति में  यदि खाता धारक की मैच्योरिटी पीरियड से पहले ही मृत्यु हो जाती है तो नियम बदल जाते हैं। इस मामले में 15 साल की लॉक-इन अवधि लागू नहीं होती है।नामित व्यक्ति (Nominee) या कानूनी उत्तराधिकारी को तुरंत ही पूरी राशि (ब्याज सहित) मिल सकती है।