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TESLA कार में कैद होकर 5 लोगों की मौत, मामले में दायर हुई शिकायत

न्यूयॉर्क अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी टेस्ला (TESLA) पर विस्कॉन्सिन में हुए एक भीषण सड़क हादसे के बाद मुकदमा दायर किया गया है. यह हादसा पिछले साल वेरोना (मैडिसन) में हुआ था, जिसमें Model S कार सवार सभी 5 लोगों की मौत हो गई थी. आरोप है कि कार के डिज़ाइन में खामी के कारण उसमें बैठे पैसेंजर आग लगने के बाद दरवाजा नहीं खोल पाए और अंदर ही फंसकर जल गए. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ये हादसा 1 नवंबर 2024 की रात का है. जब वेरोना (विस्कॉन्सिन) में टेस्ला मॉडल एस कार सड़क से स्किड होकर एक पेड़ से जा टकराई. कार में सवार जेफ़्री बाउर (54) और मिशेल बाउर (55) अपने दोस्तों के साथ यात्रा कर रहे थे. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुछ ही क्षणों में कार में आग लग गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद कार के भीतर से चीखें सुनाई दीं, लेकिन कोई भी दरवाज़ा खोल नहीं सका.  टेस्ला पर मुकदमा बीते 31 अक्टूबर, शुक्रवार को बाउर दंपत्ति के चार बच्चों ने टेस्ला पर मुकदमा दायर किया है. उनका आरोप है कि कार के इलेक्ट्रॉनिक डोर सिस्टम में ऐसी खामी थी, जिसने उनके माता-पिता को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं दिया. शिकायत में कहा गया है कि आग लगने के बाद लिथियम-आयन बैटरी पैक ने इलेक्ट्रॉनिक डोर सिस्टम को निष्क्रिय कर दिया, जिससे दरवाज़े खुल ही नहीं सके. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों का कहना है कि टेस्ला को इस खामी की जानकारी पहले से थी, क्योंकि ऐसे हादसे पहले भी हो चुके थे. इसके बावजूद कंपनी ने “सुरक्षा उपायों को नज़रअंदाज़ करते हुए” कार के डिज़ाइन में कोई बदलाव नहीं किया. साइबरट्रक हादसे में दो छात्रों की मौत  यह पहली बार नहीं है जब टेस्ला की इलेक्ट्रिक कारों के सेफ्टी सिस्टम और डिज़ाइन फीचर्स पर सवाल उठे हों. कंपनी पहले भी अपनी ऑटोपायलट तकनीक और दरवाजे के ऑटोमैटिक सिस्टम को लेकर आलोचनाओं का सामना कर चुकी है. पिछले साल नवंबर में कैलिफोर्निया के सैन फ्रांसिस्को उपनगर में साइबरट्रक हादसे में दो कॉलेज छात्रों की मौत हुई थी. तब भी परिवारों ने दावा किया था कि आग लगने के बाद वाहन के हैंडल डिज़ाइन के कारण छात्र बाहर नहीं निकल सके. NHTSA कर रही है जांच अमेरिकी नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (NHTSA) ने सितंबर 2025 में टेस्ला के डोर डिज़ाइन की जांच शुरू की थी. कई रिपोर्टों में सामने आया कि एक्सीडेंट के समय टेस्ला कार के डोर हैंडल्स फेल हो सकते हैं. बाउर परिवार की याचिका में यह भी कहा गया है कि, पीछे की सीट पर बैठे यात्रियों को बच निकलने के लिए कार के फ्लोर मैट को हटाकर एक मेटेल के टैब को खोजना पड़ता है, जो हादसे के वक्त किसी आम व्यक्ति के लिए असंभव है. बाउर दंपत्ति के मौत के मामले वाली रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि, स्थानीय निवासी ने 911 पर कॉल कर बताया कि उसने कार के भीतर से मदद की चीखें सुनीं, लेकिन कोई दरवाज़ा नहीं खुल रहा था. शिकायत में लिखा गया है, “टेस्ला के डिज़ाइन ने एक ऐसा जोखिम पैदा किया जो पूरी तरह से अनुमानित था. कि दुर्घटना में बच जाने वाले लोग जलती हुई कार में फंस जाएंगे.” इस मुकदमे में ड्राइवर को भी प्रतिवादी बनाया गया है, बाउर दंपत्ति के बच्चों का आरोप है कि चालक ने लापरवाही से वाहन चलाया, जिससे यह भयानक हादसा हुआ. यह मुकदमा डेन काउंटी की राज्य अदालत में दायर किया गया है.

‘ग्राम 2026’: राजस्थान की खेती को स्मार्ट बनाने की सबसे बड़ी पहल शुरू

जयपुर शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी श्री राजन विशाल की अध्यक्षता में मंगलवार को पंत कृषि भवन के सभा कक्ष में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 की अंतर विभागीय कोर ग्रुप और FICCI अधिकारियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया।  बैठक में ग्राम 2026 के लिए संबंधित विभागों द्वारा नोडल अधिकारी नियुक्त करने, कार्यात्मक समितियों का गठन, समितियों के अधिकारियों का विभागवार नामांकन, अन्य विभागों की भूमिका और जिम्मेदारियों, विभागीय प्रदर्शनियों, सेमिनारों एवं बैठकों की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।  शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी ने बताया कि सभी विभाग ग्राम 2026 के आयोजन में अपनी अपनी जिम्मेदारियों को पूर्ण सतर्कता से समय पर पूरा करें एवं कार्यक्रम में आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े। राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 का आयोजन भव्य रूप से जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर जेईसीसी सीतापुरा, जयपुर में किया जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों, कृषि वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं और निवेशकों को एक सांझा मंच पर ला कर कृषि क्षेत्र में नवाचार, तकनीकी की प्रगति और निवेश को प्रोत्साहित करना है। शासन सचिव ने बताया कि ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट में प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों से 50 हजार किसान भाग लेंगे।  ग्राम 2026 में ग्रामीण एवं कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकी आधारित कृषि प्रणाली, मूल्य संवर्धन और निर्यातोन्मुख उत्पादन को बढ़ावा देना है इसके तहत किसानों को नवीनतम कृषि उपकरणों, फसल प्रबंधन और कृषि विपणन से संबंधित संपूर्ण जानकारियां साझा की जायेगी। राजस्थान के लिए कृषि क्षेत्र में उपयोगी विश्व स्तरीय तकनीकी हस्तानांतरण हेतु विदेशों में रोड शो आयोजित किये जायेंगे। 'किसान सशक्तीकरण ही ग्रामीण विकास की पूंजी है'। इसी ध्येय के साथ ग्राम एग्रीटेक मीट के माध्यम से राज्य सरकार खेती को व्यावसायिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने, कृषि निर्यात बढ़ाने और ग्रामीण युवाओं को कृषि उद्यमिता की ओर प्रेरित करने के लिए एक ठोस पहल है।  बैठक में आयुक्त कृषि एवं उद्यानिकी सुश्री चिन्मयी गोपाल, निदेशक जल गृहण विकास एवं भू-जल संरक्षण विभाग श्री मुहम्मद जुनैद पीपी, प्रबंध निदेशक राजस्थान राज्य बीज निगम लिमिटेड श्री अरविंद शर्मा, अतिरिक्त निदेशक कृषि (अनुसंधान) श्री अजय कुमार पचौरी सहित संबंध विभागों एवं FICCI के अधिकारी मौजूद रहे।

दिल्ली सरकार सख्त: प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों और फैक्ट्रियों पर होगी ताबड़तोड़ कार्रवाई

नई दिल्ली  दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए दिल्ली सरकार ने ठोस और निर्णायक कदम उठाए हैं। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों और औद्योगिक इकाइयों पर सख्त कार्रवाई जारी है। कूड़ा जलाने की घटनाओं पर पूर्ण रोक के लिए विशेष निगरानी टीमें तैनात हैं और नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माने के साथ कठोर कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों में वॉटर स्प्रिंकलिंग, धूल नियंत्रण और सड़क सफाई के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। सभी विभाग एकजुट होकर समन्वित प्रयास कर रहे हैं। दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त एक्शन प्लान बनाए हैं। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए अतिरिक्त टीमों की तैनाती की गई है। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों एवं इंडस्ट्रीज पर सख्त कार्रवाई होगी। कूड़ा जलाने पर कड़ी निगरानी एवं जुर्माना लगेगा। हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर लगातार वॉटर स्प्रिंकलिंग और प्रदूषण नियंत्रण के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ साझा प्रयास जरूरी है। बता दें कि एक दिन पहले राजधानी में प्रदूषण की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई थी। बैठक में मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए लगातार चल रहे उपायों पर बातचीत की और कहा कि अब अन्य उपाय भी किए जाने जरूरी हैं ताकि प्रदूषण नियंत्रण में तो आए ही, साथ ही उसमें बढ़ोतरी भी न हो सके। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को कई निर्देश जारी किए और कहा कि इन्हें तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने अफसरों को सख्त चेतावनी दी है कि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर कहीं भी लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली को प्रदूषण से बचाना हमारी प्राथमिकता है और इसके लिए लगातार गंभीर व प्रभावी उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के लिए कई टीमों का गठन कर दिया गया है। इसके अलावा प्रदूषण के ‘हॉट स्पॉट’ को सामान्य बनाने के लिए लगातार अभियान चल रहा है।

मैट कुहनेमन बोले: अभिषेक शर्मा को रोकना हमारी पहली प्राथमिकता, जानें क्यों मानी चुनौती

नई दिल्ली  ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर मैट कुहनेमन ने भारत के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा को बेहद कुशल बल्लेबाज करार दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी टीम पांच मैच की टी20 श्रृंखला के बाकी बचे दो मैच में उन्हें जल्दी आउट करने में सफल रहेगी। अभिषेक शर्मा ने एशिया कप में भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्तमान श्रृंखला के मेलबर्न में खेले गए दूसरे मैच में एक छोर से विकेट गिरने के बावजूद 37 गेंद पर 68 रन की शानदार पारी खेली थी। पांच मैचों की श्रृंखला 1-1 की बराबरी पर है और शेष दो मैचों में अभिषेक पर काफी कुछ निर्भर है। बाएं हाथ के स्पिनर कुहनेमन ने क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू से कहा, ‘उम्मीद है कि जेवियर बार्टलेट या कोई तेज गेंदबाज, बेनी (बेंजामिन) ड्वारशुइस शुरुआती ओवरों में उन्हें आउट करने में सफल रहेगा। अभिषेक बेहद प्रतिभाशाली बल्लेबाज है और पहली गेंद से ही आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करता है। गुरुवार का मैच काफी रोमांचक होगा लेकिन हमें उम्मीद है कि हम उन्हें सस्ते में आउट कर देंगे।’ कुहनेमन ने कहा कि भारत भी अब ऑस्ट्रेलिया की शैली में ही क्रिकेट खेल रहा है। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि जिस तरह से वे खेल रहे हैं, वह कुछ-कुछ वैसा ही है जैसा हम खेल रहे हैं। भारत भी शुरू से ही आक्रामक रवैया अपना रहा है। मुझे लगता है कि बीच के ओवर में विकेट लेना दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण होगा।’

बंगाल में SIR को लेकर ममता का पलटवार, दूसरे फेज की शुरुआत पर उठाया अहम कदम

कोलकाता  पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की शुरुआत हो चुकी है। इस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का रवैया भी सामने आया है। ममता ने एसआईआर के दूसरे चरण की शुरुआत का विरोध करते हुए कोलकाता में रैली निकाली है। ममता की पार्टी, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इस प्रक्रिया को भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग द्वारा की गई ‘चुपचाप अदृश्य हेराफेरी’ करार दिया है। 3.8 किमी लंबी रैली अपने भतीजे और तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ मुख्यमंत्री ने रेड रोड स्थित बीआर अंबेडकर की प्रतिमा से 3.8 किलोमीटर लंबी रैली शुरू की। यह मार्च रवींद्रनाथ टैगोर के पैतृक घर जोरासांको ठाकुर बाड़ी पर समाप्त होगा। हजारों की संख्या में तृणमूल समर्थक रैली मार्ग पर उमड़ पड़े, वे पार्टी के झंडे लहरा रहे थे, नारे लगा रहे थे और रंग-बिरंगे पोस्टर लिए हुए थे। लोगों का अभिवादन अपनी विशेष पहचान सफेद सूती साड़ी और चप्पल पहने बनर्जी ने रैली का नेतृत्व किया और बीच-बीच में बालकनी और फुटपाथों पर खड़े लोगों का अभिवादन करने के लिए रुकीं। मुख्यमंत्री के बाद अभिषेक बनर्जी भी आए और उन्होंने भीड़ की ओर हाथ हिलाकर अभिवादन किया। उनके साथ तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मंत्री भी थे। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल सहित 11 अन्य राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) मंगलवार को शुरू हुआ। चुनाव आयोग के बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) ने गणना फॉर्म वितरित करने और मतदाताओं की जानकारी एकत्रित करने के लिए घरों का दौरा करना शुरू कर दिया है। राज्य के बाहर रहने वाले निवासियों के लिए आयोग ने गणना फॉर्म भरने की ऑनलाइन सुविधा प्रदान की है , हालांकि तकनीकी समस्याओं के कारण ऑनलाइन सेवा अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि समस्या का समाधान किया जा रहा है और एक-दो दिन में यह सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मौलिक चिंतन और कल्पनाशीलता से स्थापना दिवस समारोह को मिला अभिनव स्वरूप

अभ्युदय मध्यप्रदेश आयोजन के तीन दिन जनता के लिए रहे आनंददायी मुख्यमंत्री की पहल पर पहली बार हुआ तीन दिवसीय समारोह मध्यप्रदेश स्थापना की 70वीं वर्षगांठ बनी यादगार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर स्थापना दिवस पर एक दिन के स्थान पर तीन दिवसीय समारोह हुआ, जिसकी सभी जगह सराहना की जा रही है। भोपाल का लाल परेड ग्राउंड तीन दिन तक अनेक सांस्कृतिक आयोजनों का केन्द्र बना, जिसमें राजधानी के नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूर्व राज्यपाल श्री कप्तान सिंह सोलंकी, विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के जनप्रतिनिधि, राज्य मंत्रि-मंडल मंडल के सदस्य, सांसद और विधायक भी 'अभ्युदय मध्यप्रदेश' में शामिल हुए। मध्यप्रदेश के गठन 01 नवम्बर 1956 से अब तक राज्य स्थापना के समारोह भिन्न-भिन्न स्वरूप में होते रहे हैं। समारोह की गतिविधियां राज्य मंत्रालय स्थित वल्लभ भाई पटेल उद्यान और पुराने रवीन्द्र भवन तक सीमित रहती थीं। गत दशक में लाल परेड में सांस्कृतिक आयोजन की शुरूआत जरूर हुई, लेकिन एक दिवसीय कार्यक्रम होने से राजधानी के बहुत से नागरिक इसका आनंद लेने से वंचित रह जाते थे। वर्ष 2025 प्रदेश स्थापना दिवस के यादगार कार्यक्रमों के लिए जाना जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय समारोह को नया स्वरूप देने का निर्णय लिया। समारोह का स्वरूप निर्धारित करते समय प्रदेश की गौरवशाली विभूतियों की जानकारी नागरिकों को देने का विचार महत्वपूर्ण था। सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन, शौर्य, न्याय और दानशीलता के गुणों ने इतिहास में स्थान बनाया है। उन्होंने विक्रम संवत्सर प्रारंभ किया। सम्राट विक्रमादित्य के योगदान से प्रदेश के नागरिक मंचीय प्रस्तुति और मीडिया के सभी माध्यमों द्वारा परिचित भी हुए। गायन, अभिनय और नृत्य की सभी ने की सराहना एक नवम्बर को 'अभ्युदय मध्यप्रदेश' के अंतर्गत जहां प्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल ने गीत-संगीत के सुर बिखेरे, वहीं ऐतिहासिक ड्रोन शो भी हुआ। इसी दिन विश्ववंद कार्यक्रम के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की संगीतमय जीवन यात्रा को सैकड़ों कलाकारों ने मंच पर प्रस्तुत किया। दो और तीन नवम्बर को सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य ने दर्शकों को सम्मोहित किया। पहली बार निरंतर दो दिन लाल परेड ग्राउंड पर महानाट्य की प्रस्तुति ने प्रदेश के सांस्कृतिक जगत में नया इतिहास बनाया है। ड्रोन-शो में आकाश पर आकर्षक आकृतियों ने दर्शकों का मोह लिया मन मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (मेपकास्ट) की महत्वपूर्ण भूमिका ड्रोन-शो के माध्यम से पहली बार उभरकर आयी। यह विज्ञान और संस्कृति का संगम था। विरासत से विकास पर केन्द्रित यह ड्रोन-शो दर्शकों को महाकाल मंदिर, सिंहस्थ की झलकियों और आकाश पर अंकित की गई अन्य स्मारकों, श्रद्धा स्थलों की आकृतियों से अद्भुत आनंद की अनुभूति करवाने वाला शो बन गया। ड्रोन-शो ने नागरिकों का मन मोहने का कार्य किया। कलाकारों का परिश्रम और हुनर दिखा मंच पर अभ्युदय मध्यप्रदेश में लगभग एक हजार कलाकारों की सहभागिता रही। 'विश्ववंद' की प्रस्तुति, सुगम संगीत, समूह नृत्य और महानाट्य में मंच पर प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले कलाकारों का परिश्रम और हुनर उनके दीर्घ अभ्यास के प्रमाण प्रस्तुत करने वाला रहा मंच के परे योगदान देने वाले, रूप सज्जा करने वाले सहयोगियों, मंच सज्जा करने वाले तकनीकी सहयोगियों और ध्वनि और प्रकाश से जुड़े कार्यों का संयोजन करने वाले कलाकारों का सृजन सभी प्रस्तुतियों में जान डालने वाला सिद्ध हुआ। निर्देशन से जुड़े कलाधर्मी पूरे कार्यक्रम को यादगार बनाने का संकल्प लेकर कार्य कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य की प्रस्तुति में सहयोगी विशाला, सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति के श्री संजीव मालवीय, श्री राजेश कुशवाह और अन्य कलाकारों की भूमिका की प्रशंसा की। मेरा भोला है भंडारी पर झूमा भोपाल का जन-जन, आंचलिक संस्कृति के दिखे रंग अभ्युदय मध्यप्रदेश के समारोह में न सिर्फ मुम्बई के जुबिन नौटियाल बल्कि चंडीगढ़ से आये हंसराज रघुवंशी ने भी समा बांधा। हंसराज हंस के गाये भजन मेरा भोला है भंडारी पर भोपाल का जन-जन झूम उठा। प्रदेश की बहुआयामी आंचलिक संस्कृति मटकी नृत्य, निमाड़ी जनजीवन के काव्य प्रसंग-गणगौर और विंध्याचल के अहिराई लाठी नृत्य के माध्यम से सामने आयी। बुंदेलखंड अंचल में मांगलिक अवसरों और तीज-त्यौहारों पर होने वाले बधाई नृत्य के साथ ही महाकौशल अंचल से आये गोण्ड जनजातीय कलाकारों ने नृत्य के कार्यक्रम प्रस्तुत किए। अभ्युदय मध्यप्रदेश के तीसरे दिन युवा गायिका स्नेहा शंकर ने भी सुमधुर गायन प्रस्तुत किया। विजन डॉक्यूमेंट आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का बनेगा रोडमैप 'अभ्युदय मध्यप्रदेश' के अंतर्गत प्रदेश को 2.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाले राज्य के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य को केन्द्र में रखकर बनाए गए विजन डॉक्यूमेंट मध्यप्रदेश@2047 एक महत्वपूर्ण कदम रहा। विजन डॉक्यूमेंट के विमोचन ने अभ्युदय मध्यप्रदेश का महत्व बढ़ा दिया। यह विजन डॉक्यूमेंट प्रदेश की अब तक की सबसे वृहद जनभागीदारी का प्रमाण भी है। प्रदेश के लगभग 4 लाख नागरिकों जिनमें विद्यार्थी, विषय-विशेषज्ञ, उद्योगपति, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य लोगों ने उपयोगी सुझाव देकर इस डॉक्यूमेंट की रचना में अहम योगदान दिया है। यह डॉक्यूमेंट प्रदेश की सामूहिक दृष्टि का प्रतिबिंब बनेगा। जनआकांक्षाओं की अभिव्यक्ति और उनकी पूर्ति की दिशा में विजन डॉक्यूमेंट आर्थि‍क विकास, प्रदेश के विभिन्न अंचलों की विशेषताओं के अनुरूप रणनीति तैयार कर विकसित भारत के राष्ट्रीय विजन में भागीदार बनने के लिए प्रेरित करेगा। 

तेज हो निर्माण कार्य, गुणवत्ता में लापरवाही होगी अक्षम्य : सीएम योगी

विरासत गलियारा का निरीक्षण करने के दौरान मुख्यमंत्री ने दिया भरोसा, तैयारी के लिए जीडीए-नगर निगम के अफसरों को निर्देश गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि धर्मशाला बाजार से पांडेयहाता तक बन रहे विरासत गलियारा से किसी भी दुकानदार का हित कतई प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। जिन दुकानदारों की पूरी दुकान इस गलियारा के दायरे में आ गई है या फिर जिनकी दुकानों का आकार बहुत अधिक छोटा हो गया है, उन्हें एक कामर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाकर उसमें दुकानें दी जाएंगी। इस नई व्यवस्था के लिए सीएम योगी ने गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) और नगर निगम के अधिकारियों को जरूरी तैयारी करने के लिए निर्देशित किया है।  दुकानदारों को यह भरोसा और इसके अनुरूप कार्य करने के लिए जरूरी निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार शाम को विरासत गलियारा का निरीक्षण करने के दौरान दिए। टीपी नगर चौक से पैडलेगंज मार्ग पर बन रहे सिक्सलेन फ्लाईओवर का जायजा लेने के बाद सीएम योगी विरासत गलियारा के निर्माण कार्य को देखने-परखने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने विरासत गलियारा का निर्माण कार्य तेज करने और गुणवत्ता पर खास जोर देने के निर्देश कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिए। चेतावनी भी दी कि गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही अक्षम्य होगी।  विरासत गलियारा का निरीक्षण करने के लिए सीएम योगी पांडेयहाता चौराहा, घंटाघर, हजारीपुर और जटाशंकर चौराहा पर रुके। वह सबसे पांडेयहाता चौराहा पहुंचे। शिवम टॉवर के पास ड्राइंग मैप देखने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गलियारा के निर्माण में जितने भी मकान और दुकान आए हैं, उनका मुआवजा हर हाल में दिया जाना सुनिश्चित होना चाहिए। कोई भी छूटना नहीं चाहिए। यदि किसी नागरिक की दुकान शत प्रतिशत प्रभावित हो गई हो या अत्यंत छोटी हो गई हो तो उनके कारोबारी समायोजन के लिए जीडीए या नगर निगम की तरफ से एक कामर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाया जाए। यहां उन्होंने टूट रही दुकानों का मलबा निस्तारित करने, सड़क का स्लोप बेहतर करने और तारों को अंडरग्राउंड करने के निर्देश दिए।  पांडेयहाता चौराहा के बाद सीएम योगी ने घंटाघर में विरासत गलियारा के साथ ही घंटाघर के सुंदरीकरण प्रोजेक्ट की भी जानकारी ली। यहां उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि विरासत गलियारा के तहत सड़क का निर्माण बीच-बीच मे न करके एक तरफ से किया जाए ताकि दुकानदारों को अपने दुकान को पुनर्व्यवस्थित करने में किसी तरह की परेशानी न हो।  विरासत गलियारा के निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हजारीपुर में भी रुके। निर्माण का लेआउट देखने के बाद उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि सड़क का निर्माण पूरी गुणवत्ता के साथ होनी चाहिए। गुणवत्ता में किसी तरह की खामी पाई गई तो जिम्मेदार लोग कड़ी कार्रवाई का सामना करने के तैयार रहेंगे। उन्होंने गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। चेताया कि समय पर काम पूरा न होने को भी लापरवाही माना जाएगा। गुणवत्ता हो या समय सीमा, दोनों के मामले में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विरासत गलियारा का जायजा लेने के दौरान सीएम योगी का आखिरी पड़ाव जटाशंकर चौराहा था। यहां मुख्यमंत्री ने सड़क पर पर्याप्त पथ प्रकाश के लिए नाली के पार स्ट्रीट लाइट लगाने की हिदायत दी। साथ ही कहा कि सड़क का स्लोप अच्छा हो और नाले पर समतल स्लैब डालें जाएं ताकि इसका इस्तेमाल फुटपाथ के रूप में हो सके।

रेलवे का करिश्मा! इस जगह पर चार दिशाओं से गुजरती ट्रेनें, लेकिन हादसा ज़ीरो

नई दिल्ली   सोचिए, एक ऐसी जगह जहां उत्तर से दौड़ती ट्रेन दक्षिण की ओर जा रही ट्रेन को काटे, पश्चिम की रेल पूरब की ओर बढ़े — और फिर भी सब कुछ सुचारू रूप से चलता रहे! कोई रुकावट नहीं, कोई हादसा नहीं। सुनने में असंभव लगता है न? लेकिन यह अजूबा बिल्कुल हकीकत है — और यह जगह है महाराष्ट्र का नागपुर, जहां मौजूद है भारत का अनोखा “डायमंड क्रॉसिंग”। एक स्टेशन, चार दिशाएं, एक ही बिंदु नागपुर जंक्शन भारत के सबसे प्रमुख रेलवे नेटवर्कों में से एक है। यहां देश के चार बड़े रेल मार्ग — मुंबई-हावड़ा, दिल्ली-चेन्नई, काजीपेट-नागपुर, और नागपुर-इटारसी — एक दूसरे को इस तरह काटते हैं कि ऊपर से देखने पर पटरियों का आकार बिल्कुल हीरे (डायमंड) जैसा दिखता है। इसी कारण इस स्थान को ‘डायमंड क्रॉसिंग’ नाम मिला। यह संरचना केवल देखने में ही आकर्षक नहीं, बल्कि रेलवे इंजीनियरिंग की बारीकी और तकनीकी कौशल का अद्भुत उदाहरण भी है। यहां रोज़ाना सैकड़ों एक्सप्रेस, सुपरफास्ट और मालगाड़ियां गुजरती हैं — फिर भी किसी तरह का व्यवधान नहीं होता।  कैसे बचती हैं ट्रेनें टकराने से? यह सवाल अक्सर लोगों के मन में उठता है कि जब इतनी ट्रेनें एक साथ यहां से गुजरती हैं, तो फिर दुर्घटना कैसे नहीं होती। इसका जवाब है — अत्याधुनिक नियंत्रण प्रणाली और मानवीय सतर्कता का अद्भुत संगम।   इंटरलॉकिंग सिस्टम यहां इंटरलॉकिंग सिस्टम लागू है, जो एक समय में केवल एक ट्रेन को ही क्रॉसिंग पॉइंट पार करने की अनुमति देता है। इस प्रणाली से यह सुनिश्चित होता है कि किसी भी ट्रेन को गलत ट्रैक पर सिग्नल न मिले। स्वचालित सिग्नलिंग तकनीक नागपुर का डायमंड क्रॉसिंग ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम से जुड़ा है। जैसे ही एक ट्रेन क्रॉसिंग पार करती है, सिस्टम तुरंत अगले ट्रैक के सिग्नल को सक्रिय कर देता है। यह व्यवस्था ट्रेन की दिशा, गति और समय को ध्यान में रखकर सिग्नल बदलती है — जिससे हर सफर सुचारू और सुरक्षित बनता है। मानवीय सतर्कता तकनीक के साथ-साथ यहां रेलवे कर्मचारियों की निगरानी भी बराबर जारी रहती है। सिग्नल ऑपरेटर और स्टेशन मास्टर लगातार ट्रेनों की स्थिति पर नज़र रखते हैं। यह तालमेल तकनीक और मानव दक्षता के बीच संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण है। रेलवे इंजीनियरिंग का गौरव नागपुर का यह क्रॉसिंग केवल एक रेल संरचना नहीं, बल्कि यह दर्शाता है कि भारतीय रेलवे ने सुरक्षा, योजना और तकनीकी प्रबंधन में कितना शानदार विकास किया है। चार दिशाओं से आने वाली गाड़ियों को बिना किसी बाधा के पार करवाना, एक सटीक गणित और मशीनरी की बेहतरीन समझ का परिणाम है।

जगदलपुर: माओवाद छोड़ नई शुरुआत, वर्दी की जगह होटल की यूनिफॉर्म पहन नई जिंदगी

30 आत्मसमर्पित माओवादी सदस्यों को दिया जा रहा अतिथि सत्कार का प्रशिक्षण  जगदलपुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के माओवादियों ने जब आत्मसमर्पण किया, तब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील सरकार ने भी इन आत्मसमर्पित माओवादियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाए। जगदलपुर के निकट आड़ावाल में लाइवलीहुड कॉलेज में इन 30 आत्मसमर्पित माओवादियों को पुनर्वास कार्ययोजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत गेस्ट सर्विस एसोसिएट का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह पहल न केवल इन पूर्व माओवादी सदस्यों को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि बस्तर के पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास भी कर रही है। प्रशिक्षण का सफर-बंदूक से ग्राहक सेवा तक ये 30 आत्म समर्पित माओवादी जो कभी घने जंगलों में हिंसा के रास्ते पर थे, आज लाइवलीहुड कॉलेज के कैंपस में ग्राहक संवाद, होटल मैनेजमेंट और सॉफ्ट स्किल्स सीख रहे हैं। करीब 3 महीने के इस कोर्स में उन्हें होटल इंडस्ट्री की बारीकियां सिखाई जा रही हैं, ताकि वे बस्तर के होमस्टे, रिसॉर्ट्स और टूरिस्ट स्पॉट्स में आत्मविश्वास से काम कर सकें। एक पूर्व माओवादी रामू (परिवर्तित नाम) ने भावुक होकर कहा कि बस्तर के जंगल में हिंसा की जिंदगी ने सिर्फ दर्द दिया, अब लाइवलीहुड कॉलेज में सीखकर लगता है, असली आजादी यहीं है। अब स्वयं मेहनत कर घर-परिवार को खुशहाल बनाएंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदृष्टि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अमल से अब तक हजारों युवा सशक्त हो चुके हैं। बीजापुर जैसे संवेदनशील इलाकों में यह पुनर्वास का सुनहरा मॉडल साबित हो रहा है। नक्सल मुक्त बस्तर की दिशा में यह कदम मील का पत्थर है, जहां हिंसा की जगह विकास और रोजगार की कहानी लिखी जा रही है।

उच्च गुणवत्ता वाली मोबाइल व इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

जयपुर मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत की अध्यक्षता में राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड अभियान की राज्य स्तरीय ब्रॉडबैंड समिति की 15वीं बैठक मंगलवार को सचिवालय में हुई। मुख्य सचिव ने बैठक में राज्य स्तर पर टेलीकम्युनिकेशन परियोजनाओं में समयबद्धता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए टेलीकम्युनिकेशंस राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) नियम, कॉल बिफोर यू डिग (सीबीयूडी) मोबाइल ऐप, पीएम गतिशक्ति एनएमपी पोर्टल, बीएसएनएल 4जी सेचुरेशन प्रोजेक्ट सहित अन्य संबंधित विषयों की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को  विभागीय स्तर पर भूमि आवंटन एवं वन विभाग की मंजूरी के लंबित प्रकरणों सहित अन्य आवश्यक कार्य आपसी समन्वय से पूर्ण करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जिससे राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाली मोबाइल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो और ग्रामीण इलाकों में भी तेज और विश्वसनीय इंटरनेट सेवा उपलब्ध हो सके। मुख्य सचिव ने कहा कि ʻकॉल बिफोर यू डिगʼ मोबाइल ऐप खुदाई कार्यों के दौरान भूमिगत अवसंरचना को क्षति से बचाने के साथ-साथ संचार सेवाओं में व्यवधान को रोकने में सहायक है। इससे प्रदेश में स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।  ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के दौरान हुए गड्ढे सही से भरें, आमजन को असुविधा न हो मुख्य सचिव ने कहा कि ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) बिछाने के दौरान जिन स्थानों पर गड्ढे खोदे गए हैं, उन्हें कार्य पूर्ण होने के बाद सही तरीके से भरना सुनिश्चित किया जाए ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना का सामना न करना पड़े। संबंधित अधिकारी कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें और सड़कों तथा मार्गों को पूर्ववत स्थिति में बहाल करें। आमजन से संबंधित सुविधा पोर्टल- राजस्थान में मोबाइल रिकवरी प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से अधिक  बैठक में संचार साथी पोर्टल (http://www.sancharsaathi.gov.in) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि यह पोर्टल आमजन के लिए बहुत सुविधाजनक है। राज्य में गुम या चोरी हुए कुल मोबाइल हैंडसेट्स में से लगभग 69% मोबाइल फोन सफलतापूर्वक ट्रेस किए जा चुके हैं। साथ ही, सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आईडेंटी रजिस्टर) सेवा के माध्यम से देशभर में मोबाइल रिकवरी का औसत प्रतिशत 26.50% है जबकि राजस्थान में यह प्रतिशत 43.45% है।  उल्लेखनीय है कि संचार साथी पोर्टल नागरिकों को अनेक डिजिटल सुविधाएँ प्रदान करता है जिसमें टेफकॉप सेवा के माध्यम से उपयोगकर्ता उनके नाम पर कुल जारी मोबाइल कनेक्शन की जानकारी तथा बिना अनुमति अतिरिक्त सिम कार्ड जारी होने की स्थिति में रिपोर्ट कर आसानी से उसे बंद करवा सकते हैं। इसके साथ ही, नो योअर मोबाइल (केवाईएम) सुविधा, फर्जी मोबाइल और सिम कार्ड की रोकथाम, जन-जागरूकता और शिकायत निवारण आदि महत्वपूर्ण सेवाएँ भी उपलब्ध हैं।  बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग श्री प्रवीण गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव, ऊर्जा विभाग, श्री अजिताभ शर्मा, प्रमुख शासन सचिव, उद्योग श्री आलोक गुप्ता प्रमुख शासन सचिव, राजस्व श्री दिनेश कुमार, प्रमुख शासन सचिव, नगरीय विकास, डॉ. देबाशीष पृष्टी, शासन सचिव, डीओआईटीडॉ. रवि कुमार सुरपुर, डीडीजी (रूरल), दूरसंचार विभाग, केन्द्र सरकार श्री आनंद कटोच सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।