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अफगानिस्तान में पाकिस्तान की बमबारी से क्रिकेटर्स की मौत, राशिद खान का फूटा गुस्सा

काबुल  पाकिस्तान के हवाई हमलों में अफगानिस्तान के 3 क्रिकेटरों समेत आठ लोगों की मौत हुई, वहीं सात घायल हुए हैं. पाकिस्तान की इस हरकत के बाद अफगान‍िसतान में शोक और गुस्सा दोनों का माहौल है. अफगानिस्तान के सबसे बड़े क्रिकेटर राशिद खान ने इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने इसे “बर्बर, अनैतिक और अमानवीय” करार देते हुए पाकिस्तान की जमकर खबर ली.  राशिद खान ने कहा- नागरिकों और युवा खिलाड़ियों को निशाना बनाना किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है यह मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है. वहीं उन्होंने अफगान‍िसतान क्रिकेट बोर्ड के पाकिस्तान के खिलाफ आगामी मैचों से वापसी के निर्णय का समर्थन किया है.  राश‍िद ने इसे लेकर एक्स पर एक पोस्ट भी शेयर किया और लिखा- मैं अफगानिस्तान पाकिस्तानी हवाई हमलों में नागरिकों की जानें गंवाने की घटना से बेहद दुखी हूं. यह एक त्रासदी है जिसमें महिलाओं, बच्चों और उन युवा क्रिकेटरों की जानें गईं, जो वर्ल्ड लेवल पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखते थे.  राश‍िद ने आगे ल‍िखा- स‍िव‍िलयन इंफ्रास्टक्चर पर निशाना बनाना पूरी तरह अनैतिक और बर्बर है, ये अन्यायपूर्ण और अवैध कृत्य मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हैं और इन्हें अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए.  राश‍िद यहीं नहीं रुके और पाकिस्तान को लताड़ते हुए उन्होंने लिखा- निर्दोष और जान गंवाने वाले लोगों के साथ हुई इस हरकत पर पाकिस्तान के खिलाफ मैचों से अफगान क्रिकेट बोर्ड (ACB) के वापसी के निर्णय का स्वागत करता हूं इस कठिन समय में मैं अपने लोगों के साथ खड़ा हूं, हमारी राष्ट्रीय गरिमा हमेशा सबसे पहले होनी चाहिए. पाकिस्तान के हमले में किन 3 क्रिकेटर्स की मौत हुई?  पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में अफगान‍िस्तान के 3 क्रिकेटरों कबीर, सिबगातुल्‍ला और हारून सहित आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि सात अन्‍य घायल हुए हैं. इस पूरे घटनाक्रम के बाद अफगान‍िस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) एक्शन में आया और उसने पाकिस्तान संग होने वाली ट्रांयगुलर सीरीज से हटने का फैसला किया. यह टी20 सीरीज अगले महीने नवंबर में अफगानिस्‍तान, श्रीलंका और पाकिस्‍तान के बीच खेली जानी थी.  मौत पर एक्शन में अफगानिस्तान बोर्ड  पाकिस्तान के हमले में अफगान‍िस्तान के 3 क्रिकेटरों की मौत हो गई है. यह हृदयविदारक घटना पक्त‍िका प्रांत के उरगुन जिले में हुई, जहां पाकिस्‍तानी हमले में अफगान क्रिकेटर कबीर, सिबगातुल्‍ला और हारून सहित आठ लोगों की मौत हो गई. वहीं सात अन्‍य घायल हुए हैं. इस पूरे घटनाक्रम के बाद अफगान‍िस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) एक्शन में आ गया है.  AC B ने पाकिस्‍तान की सैन्‍य कार्रवाई में पक्त‍िका प्रांत में घरेलू क्रिकेट खिलाड़ियों की शहादत के बाद पाकिस्‍तान और श्रीलंका के साथ होने वाली आगामी त्रिकोणीय सीरीज में भाग न लेने का फैसला किया है. क्रिकेट बोर्ड ने खिलाड़ियों की शहादत पर गहरा शोक व्‍यक्‍त करते हुए इसे देश के खेल जगत, खासकर क्रिकेट के लिए बड़ी क्षति बताया है.  यह त्रिकोणीय टी20 सीरीज अगले महीने नवंबर में अफगानिस्‍तान, श्रीलंका और पाकिस्‍तान के बीच खेली जानी तय थी.  ध्यान रहे पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनातनी चल रही थी. दोनों देशों के बीच शुक्रवार को 48 घंटे के युद्धविराम (Ceasefire) को आपसी सहमति से आगे बढ़ाने पर सहमति बनी थी. लेकिन इसके चंद घंटों बाद ही तालिबान ने पाकिस्तान पर अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में एयर स्ट्राइक करने का आरोप लगाया था. पाकिस्तान ने डूरंड लाइन से सटे पक्तिका प्रांत के कई जिलों में हवाई हमले किए.  अफगानिस्‍तान बोर्ड (ACB) ने इसे लेकन एक लंबा चौड़ा पोस्ट शेयर किया और बताया कि कबीर, सिबगातुल्‍ला और हारून क्रिकेटर्स सह‍ित इस अटैक में  आठ लोगों की मौत हो गई, वहीं सात घायल हुए हैं. जिन क्रिकेटर्स की मौत हुई वो पक्तिका की राजधानी शराना में एक फ्रेंडली मैच खेलने गए थे. घर लौटने के बाद उरगुन जिले में एक सभा के दौरान उन पर यह हमला हुआ. ACB ने अपने बयान में कहा-अल्‍लाह (SWT) शहीदों को जन्‍नत में ऊंचा दर्जा दे, घायलों को जल्‍द ठीक हो जाएं करे और परिवारों को इस कठिन समय में सब्र और ताकत दे. ACB ने अपने बयान में जताया शोक, लिया ये एक्शन  ACB ने पाकिस्‍तान की सैन्‍य कार्रवाई में पक्त‍िका प्रांत में घरेलू क्रिकेट खिलाड़ियों मौत के बाद एक पोस्ट शेयर किया और इन ख‍िलाड़‍ियों की मौत पर संवेदना व्यक्त की. बोर्ड ने खिलाड़ियों की शहादत पर गहरा शोक व्‍यक्‍त करते हुए इसे देश के खेल जगत, खासकर क्रिकेट के लिए बड़ी क्षति बताया है.   ACB ने इसे लेकर अपने पोस्ट में पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया. पोस्ट में बताया गया कि तीनों क्रिकेटर्स पक्तिका की राजधानी शराना में एक फ्रेंडली मैच खेलने गए थे. घर लौटने के बाद उरगुन जिले में एक सभा के दौरान उन पर यह अटैक हुआ.  

भारत-पाक बॉर्डर पर नहीं होगा हाथ मिलाना, रिट्रीट सेरेमनी का टाइम बदला

नई दिल्ली  भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा अटारी बॉर्डर पर होने वाला रिट्रीट सेरेमनी का समय बदल दिया गया है। अब सर्दियों के चलते यह आधा घंटा पहले शुरू होगा। बीएसएफ के प्रोटोकॉल अधिकारी अरुण महल ने बताया कि अब यह समारोह शाम 5 बजे से 5:30 बजे तक आयोजित किया जाएगा। पहले इसका समय शाम 5:30 बजे से 6 बजे तक था। नया समय तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। सुरक्षा कारणों के चलते अब भारत-पाक सीमा गेट बंद रहेंगे और इस दौरान दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच कोई पारंपरिक अभिवादन या रस्में नहीं होंगी। ऑपरेशन सिंदूर के बाद बंद किया था समारोह पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर छह व सात मई को ऑपरेशन सिंदूर के अंतर्गत आतंकी ठिकानों को तबाह किया। इसके बाद 7 मई से रिट्रीट सेरेमनी पर सात मई को विराम लगा दिया था। भारत-पाकिस्तान के बीच 10 दिन के युद्धविराम के बाद सीमा सुरक्षा बल ने 20 मई को पंजाब के अटारी-वाघा, हुसैनीवाला और फाजिल्का सीमाओं पर छोटे स्तर पर बीटिंग रिट्रीट समारोह फिर से शुरू किया था। अटारी, हुसैनीवाला और सादकी बॉर्डर पर रोजाना समारोह जारी है, चाहे पाकिस्तानी पक्ष शामिल हो या नहीं। हर मौसम के मुताबिक बदलता है समय बीटिंग रिट्रीट अमृतसर के पास दोनों देशों की सीमा पर साल 1959 से हो रही है, जिसमें राष्ट्रीय झंडे उतारने की प्रक्रिया शामिल होती है। अटारी-वाघा बॉर्डर पर रिट्रीट सेरेमनी, भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर रोजाना होती है। यह समारोह बीएसएफ और पाकिस्तान रेंजर्स के जवानों द्वारा साझा रूप से आयोजित किया जाता है। इस समारोह को देखने के लिए देश और विदेश से लोग आते हैं। समारोह का समय हर मौसम के मुताबिक बदलता रहता है।

भगवंत मान ने की ऐतिहासिक पहल, भगत सिंह का अनदेखा वीडियो लाने की तैयारी

पंजाब  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की दुर्लभ वीडियो फुटेज प्राप्त करने में राज्य सरकार की सहायता के लिए ब्रिटेन के कानूनविदों से समर्थन की अपील की। अपने सरकारी निवास पर इंग्लैंड और वेल्स की बार काउंसिल के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में इस महान शहीद की कोई भी वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया कि जानकारी के अनुसार स्कॉटलैंड यार्ड के पास भगत सिंह की दुर्लभ वीडियो फुटेज, विशेष रूप से उनकी गिरफ्तारी और मुकदमे की सुनवाई से संबंधित वीडियो, मौजूद हो सकती हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये वीडियो पूरे भारतवासियों के लिए, विशेष रूप से पंजाबियों के लिए, अत्यंत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि भगत सिंह सभी के दिलों में अपार सम्मान रखते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पहले से ही इन वीडियो फुटेज को प्राप्त करने के प्रयास कर रही है ताकि आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरणा ले सकें। उन्होंने इंग्लैंड और वेल्स की बार काउंसिल से अपील की कि वे शहीद भगत सिंह की गौरवशाली विरासत को युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनाने के इस मानवीय और जनकल्याणकारी प्रयास में पंजाब सरकार का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे की पैरवी में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। एक अन्य मसले पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश निवेशकों को पंजाब में निवेश के लिए प्रेरित करने हेतु बार काउंसिल से सहयोग मांगा। उन्होंने बताया कि पंजाब में सूचना प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएँ हैं, जिनका निवेशक भरपूर लाभ उठा सकते हैं। भगवंत सिंह मान ने ब्रिटिश निवेशकों को आगामी मार्च में होने वाले ‘इन्वेस्ट पंजाब सम्मेलन’ में भाग लेने का निमंत्रण दिया। इस अवसर पर इंग्लैंड और वेल्स की बार काउंसिल की चेयर बारबरा मिल्स के.सी., बार की चेयर की सलाहकार प्रीन ढिल्लों-स्टार्किंग्स, कंसल्टेंट मेलिशा चार्ल्स, और बैरिस्टर 4पी.बी. बलजिंदर बाठ सहित अन्य सदस्यों ने मुख्यमंत्री को पूर्ण सहयोग और समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने भगवंत सिंह मान द्वारा राज्य की आर्थिक उन्नति और जनकल्याण सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों की भी सराहना की।

मंदिर प्रबंधन की मनमानी: आदेश के बावजूद गर्भगृह के पास दीपदान, श्रद्धालुओं में सवाल

वृंदावन  यूपी के वृंदावन में ठाकुर श्री बांकेबिहारी मंदिर में शुक्रवार को गर्भ गृह के बाहर जगमोहन में निर्धारित से अधिक दीये जलाकर हाई पावर्ड टेम्पल मैनेजमेंट कमेटी के आदेश को दरकिनार किया गया। बताया जा रहा है कि कमेटी ने मंदिर के बाहर अर्धनिर्मित हॉल में केवल सात दीपक जलाने की अनुमति दी थी। मंदिर की व्यवस्थाओं के सुधार को गठित मैनेजमेंट कमेटी ने पट खुलने से पूर्व सेवायत गोस्वामी के साथ यजमान की मंदिर में प्रवेश रोकने, वीआईपी पर्ची से दर्शन बंद करने के साथ मंदिर परिसर में दीपदान रोक दिया। गोस्वामियों ने कमेटी से सात अक्तूबर से पांच नवंबर तक चलने वाले कार्तिक मास में मंदिर परिसर में किसी भी स्थान पर दीपदान करने की अनुमति मांगी। कमेटी द्वारा मंदिर के अर्धनिर्मित हॉल में केवल सात दीपक जलाने की अनुमति दी। साथ ही यह भी निर्देश जारी किये कि एक दीपक में 50 ग्राम तेल ही प्रयोग में लिया जायेगा। दीपदान की प्रक्रिया सूर्यास्त के समय ही प्रारम्भ होगी तथा ठाकुरजी की आरती से पूर्व समाप्त हो जायेगी। शुक्रवार को मंदिर में गर्भ गृह के सामने जगमोहन में दीयों का स्टैंड लगाकर दो दर्जन से अधिक दीपक रख जलाये गये। इसके आसपास पुजारी बैठते हैं। इस दौरान जगमोहन के दोनों और श्रद्धालुओं की भीड़ थी। दीपदान की अनुमति मांगने वाले गोस्वामी कमेटी पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। उनका कहना है कि हमको दीपदान की अनुमति नहीं दी जबकि मंदिर के अंदर गर्भ गृह में ही दीपदान कराया जा रहा है। अशोक गोस्वामी ने बताया कि जगमोहन में दीपदान होता आया है, लेकिन कमेटी ने मंदिर के अंदर दीपदान पर रोक लगाकर अर्धनिर्मित हॉल में ही सिर्फ सात दीपक जलाने के आदेश दीये, जिसका उल्लंघन हो रहा है और हमारे द्वारा की गई मांग पर गौर नहीं किया गया। इस बारे में कमेटी को पत्र लिखकर जानकारी की जाएगी।  

‘भारत की गोद में तालिबान’, बौखलाया पाकिस्तान बोला – अब कोई रिश्ता नहीं!

इस्लामाबाद अफ़ग़ानिस्तान के साथ तनाव के बीच, पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी ज़हर उगला है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच पुराने रिश्तों का दौर खत्म हो गया है। आसिफ ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान में रह रहे अफ़ग़ान नागरिकों को तुरंत अपने देश लौट जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "अब उनकी अपनी सरकार है। हमारी ज़मीन और संसाधन सिर्फ़ 25 करोड़ पाकिस्तानियों के लिए हैं।" गौरतलब है कि पाकिस्तान के हवाई हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफ़ी बढ़ गया था। सीमा पर गोलीबारी में दोनों पक्षों के लोग हताहत हुए थे। इसके बाद 48 घंटे का युद्धविराम हुआ। शुक्रवार शाम 6 बजे युद्धविराम समाप्त होने से पहले ही यह घोषणा कर दी गई कि दोहा में वार्ता समाप्त होने तक इस अस्थायी युद्धविराम को बढ़ाया जा रहा है। इसके बावजूद, पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान के पटिका प्रांत में हवाई हमला किया। तालिबान अधिकारियों ने कहा कि दोनों देशों के बीच समझौता टूट गया है। ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान ने अफ़गानिस्तान को 836 विरोध पत्र भेजे हैं। इसके अलावा, पाकिस्तान पर 13 माँगें रखी गई हैं, जो सभी सीमा पार आतंकवाद से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि अब कोई भी प्रतिनिधिमंडल काबुल नहीं जाएगा। अब कोई विरोध पत्र या शांति की अपील नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जहाँ भी आतंकवाद पनपता है, उसे उसकी कीमत चुकानी पड़ती है। भारत का भी ज़िक्र किया गया आसिफ ने भारत का भी ज़िक्र करते हुए कहा कि तालिबान सरकार भारत की ओर से काम कर रही है और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ साज़िश रच रही है। उन्होंने कहा, "काबुल के शासक अब भारत की गोद में आ गए हैं। वे कभी हमारे संरक्षण में रहते थे।" ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अगर अफ़गानिस्तान सीमा पर कोई भड़काऊ गतिविधि करता है, तो उसका मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा। गौरतलब है कि अफ़गान विदेश मंत्री के भारत दौरे के दौरान पाकिस्तान ने काबुल पर हवाई हमला किया था। यह साफ़ दर्शाता है कि पाकिस्तान आतंकवादी घटनाओं से ज़्यादा भारत और अफ़गानिस्तान के बीच बढ़ती नज़दीकियों को लेकर चिंतित है।

राहुल-प्रियंका की जोड़ी उतरेगी बिहार रण में, कांग्रेस ने जारी की 40 स्टार प्रचारकों की सूची

पटना बिहार में विधानसभा चुनाव प्रचार का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को बिहार चुनाव के प्रथम चरण के मतदान के लिए अपने 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा इसमें शामिल हैं। इनके अलावा कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री,उपमुख्यमंत्री समेत विभिन्न राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष भी बिहार में प्रचार की कमान संभालेंगे। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को भी इसमें जगह दी गई है। इनके अलावा कन्हैया कुमार, अखिलेश प्रसाद सिंह, रंजीता रंजन, राजेश राम, शकील अहमद खान, मदन मोहन झा, कृष्णा अल्लावरु के भी नाम हैं। ये हैं स्टार प्रचारक केसी वेणुगोपाल, सुखविंदर सिंह सुखु, अशोक गहलोत, भूपेश बघेल, दिग्विजय सिंह, अधीर रंजन चौधरी, मीरा कुमार, सचिन पायलट, रणदीप सिंह सुरजेवाला, सैयद नासिर हुसैन, चरणजीत सिंह चन्नी, गौरव गगोई, तारिक अनवर, मोहम्मद जावेद, मनोज राम, अलका लांबा, पवन खेड़ा, इमरान प्रतापगढ़ी, शकील अहमद, जीतू पटवारी, सुखदेव भगत, राजेश कुमार राम, शकील अहमद खान, मदन मोहन झा, अजय राय, जिग्नेश मेवानी, अनिल जयहिंद, राजेंद्र पाल गौतम, फुरकान अंसारी, उदय भानु चिब, सुबोध कांत सहाय का नाम भी स्टार प्रचारकों में है। बिहार में दो चरणों में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। 6 नवंबर को पहले चरण जबकि दूसरे चरण में 11 नवंबर को मतदान होंगे। इसमें महागठबंधन के किस पार्टी के कितने उम्मीदार मैदान में उतरेंगे इस पर क्लियर पिक्चर अभी तक नहीं आई है। कई सीटों पर दोस्ताना संघर्ष है। दरअसल महागठबंध में सीट का पेंच अभी तक फंसा है। शनिवार को पटना में कांग्रेस पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के बाद बिहार में कांग्रेस की ताकत बढ़ी है। इसके मद्देनचह पार्टी अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। लेकिन आरजेडी कांग्रेस की मांग पर सहज और सहमत नहीं है। वैशाली की दो सीटों पर कांग्रेस और राजद ने अपने उम्मीदवारों को टिकट देकर नामांकन भी करवा दिया है।  

बिहार में जातीय गणित गर्माया: कांग्रेस ने उतारे 19 सवर्ण, RJD ने यादवों पर जताया भरोसा

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए से मुकाबले के लिए महागठबंधन ने अपने सामाजिक समीकरण को विस्तार देने की कोशिश की है। महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और कांग्रेस की अब तक की घोषित कैंडिडेट लिस्ट में में इसके प्रयास दिखते हैं। दोनों दलों ने अपने परंपरागत वोटरों के साथ ही सर्वसमाज का भी पूरा ख्याल रखा है। उधर, वामदलों ने भी अपने-अपने आधार वोट बैंक को तवज्जो दी है। कांग्रेस ने 8 भूमिार मेत 19 सवर्णों को टिकट दिया है। वहीं, राजद ने आधे से ज्यादा उम्मीदवार यादव समाज से उतारे हैं। बिहार में सवर्ण, दलित और मुसलमान कांग्रेस के परंपरागत वोटर रहे हैं। अपनी खोयी जमीन वापस लाने के प्रयास में जुटी कांग्रेस पार्टी ने सवर्ण, मुसलमान तथा दलित समाज से आने वाले नेताओं पर भरोसा जताया है। सवर्णों को खुले मन से टिकट देने के साथ ही इस बार पिछड़ा-अति पिछड़ा वर्ग को भी तरजीह दी है। कांग्रेस पांच मुस्लिमों को मैदान में उतारा है। वहीं, राजद ने अपने जनाधार वोट मुस्लिम और यादव का पूरा ख्याल रखा है। पार्टी ने 51 सीटों में से 28 यादवों को चुनावी मैदान में उतारा है। 6 मुस्लिमों को भी टिकट दिया गया है। वामदल और वीआईपी ने भी समीकरण साधकर टिकट दिए हैं। महागठबंधन इस बार अति पिछड़ा वर्ग को साधने में जुटा है। टिकट बंटवारे में इसकी झलक दिख रही है। बिहार में करीब 36 फीसदी आबादी वाले ईबीसी वर्ग को एनडीए खासकर नीतीश कुमार की जदयू का वोट बैंक माना जाता है। महागठबंधन शुरू से ही इस वोट बैंक में सेंध लगाने की फिराक में है। राहुल गांधी ने पटना, राजगीर सहित कई जगहों पर इस वर्ग के साथ संवाद भी किया है। यही कारण है कि कांग्रेस के अलावा राजद, वीआईपी और वाम दलों ने भी अति पिछड़ा वर्ग को टिकट देकर उन्हें भी तरजीह दी है। हालांकि, अभी महागठबंधन में 40 फीसदी सीटों पर प्रत्याशियों की आधिकारिक घोषणा बाकी है। कांग्रेस ने अभी तक 50 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की है। इनमें सवर्णों की बात करें तो पार्टी ने सबसे अधिक 8 भूमिहार उतारे हैं। इसके अलावा 6 ब्राह्मण और 5 राजपूतों को टिकट दिया है। यानी कुल 19 सवर्ण को टिकट दिया है। वहीं, पिछड़ा वर्ग से 10 नेताओं को उम्मीदवार बनाया है। इनमें चार यादव, एक कुर्मी, एक गोस्वामी, एक कुशवाहा और तीन वैश्य हैं। 6 अति पिछड़ा वर्ग के नेताओं को टिकट दिया है, जबकि 5 मुस्लिमों को मैदान में उतारा गया है। कांग्रेस ने अनुसूचित जाति की 9 सीटों पर दलित प्रत्याशी उतारे हैं। एक अनुसूचित जनजाति को टिकट दिया है। पिछले चुनाव को देखें तो कांग्रेस ने 70 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। तब पार्टी के सबसे अधिक 34 पर सवर्ण उम्मीदवार थे। 10 मुस्लिम और 13 सीटों पर दलितों को टिकट दिया था। 10 पिछड़ा वर्ग और तीन अति पिछड़ा वर्ग को जगह दी थी। वामदलों ने ओबीसी को सर्वाधिक 15 टिकट दिए लेफ्ट पार्टियों ने 29 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है। इनमें सर्वाधिक 15 सीटों पर टिकट पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को दी गई है। सीपीआई माले ने 19, सीपीआई ने 6 और सीपीएम ने 4 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। ये तीनों दल इंडिया गठबंधन (महागठबंधन) के साथ चुनाव मैदान में उतरे हैं। वाम दलों ने अति पिछड़ा वर्ग को एक, दलित को आठ, अल्पसंख्यक समाज के दो उम्मीदवारों को पार्टी सिंबल सौंपा है। सवर्ण समाज में भूमिहार से दो और राजपूत से एक उम्मीदवार बनाया है। सुपौल स्थित पिपरा विधानसभा सीट भाकपा माले के कोटे में आया है, इस सीट पर दूसरे चरण में चुनाव होना है। इस सीट के लिए अबतक प्रत्याशी की घोषणा नहीं हुई है। वर्ष 2020 चुनाव में वामदलों की 29 सीटों में से चार पर अगड़ी जाति के प्रत्याशी थे। तीन मुस्लिम, तीन यादव और शेष दलित और अति पिछड़ा समुदाय के थे।  

सोने का भंडार महंगा, धनतेरस पर खरीदारों की बढ़ी भीड़ – जानिए आज के रेट

मुंबई  देश में सोने की कीमतों में पिछले कुछ हफ्तों से तेजी देखी जा रही है और यह रफ्तार अब रुकने का नाम नहीं ले रही। शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025 को सोना अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था। इसके विपरीत, चांदी की कीमतों में थोड़ी गिरावट देखने को मिली। आज, शनिवार 18 अक्टूबर को धनतेरस का त्योहार है, इसलिए आम लोग और निवेशक दोनों ही सोने-चांदी की कीमतों पर नजर बनाए हुए हैं। आपको बता दें कि, धनतेरस पर सोने का दामों में उछाल देखने को मिला है।  सोने की कीमतों में तेजी क्यों? विशेषज्ञों का कहना है कि भारत और दुनिया भर में सोने की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे बड़ा कारण अमेरिका और चीन के बीच बढ़ता व्यापार तनाव है। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद ने निवेशकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। घरेलू स्तर पर भी त्योहारी सीजन की खरीदारी की वजह से सोने की मांग बढ़ी है, जिससे कीमतों में तेजी बनी हुई है।   शुक्रवार को सोने का भाव     24 कैरेट सोने की कीमत 1,33,770 रुपये प्रति 10 ग्राम     22 कैरेट सोने की कीमत 1,21,700 रुपये प्रति 10 ग्राम (3,000 रुपये की बढ़ोतरी)     18 कैरेट सोने की कीमत 99,580 रुपये प्रति 10 ग्राम (2,500 रुपये की बढ़ोतरी) विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच इस साल की शुरुआत से सोने की कीमत में लगभग 65% का उछाल आ चुका है। इसके अलावा, अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती से सोने की कीमतें और बढ़ सकती हैं। चांदी की स्थिति चांदी की कीमतों में शुक्रवार को मामूली गिरावट देखने को मिली। चांदी की कीमत 18,500 रुपये प्रति ग्राम और 1,85,000 रुपये प्रति किलोग्राम रही। हालांकि, पिछले छह महीनों में चांदी की कीमतें भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि साल की दूसरी छमाही में चांदी की कीमत में थोड़ी गिरावट आ सकती है।   शनिवार, 18 अक्टूबर का रेट आज भारत में सोने और चांदी की कीमत इस प्रकार है: सोना:     24 कैरेट: 13,278 रुपये प्रति ग्राम (10 ग्राम = 1,32,780 रुपये)     22 कैरेट: 12,171 रुपये प्रति ग्राम (10 ग्राम = 1,21,710 रुपये)     18 कैरेट: 9,959 रुपये प्रति ग्राम (10 ग्राम = 99,590 रुपये) चांदी:     184.90 रुपये प्रति ग्राम     1,84,900 रुपये प्रति किलोग्राम चांदी की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार और डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल पर निर्भर करती है। अगर डॉलर की तुलना में रुपया कमजोर होता है और अंतरराष्ट्रीय कीमतें स्थिर रहती हैं, तो चांदी महंगी हो सकती है। प्रमुख शहरों में आज का भाव मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, केरल, पुणे: 24 कैरेट – 13,278 रुपये, 22 कैरेट – 12,171 रुपये प्रति ग्राम दिल्ली: 24 कैरेट – 13,293 रुपये, 22 कैरेट – 12,186 रुपये प्रति ग्राम चेन्नई: 24 कैरेट – 13,310 रुपये, 22 कैरेट – 12,201 रुपये प्रति ग्राम वडोदरा और अहमदाबाद: 24 कैरेट – 13,283 रुपये, 22 कैरेट – 12,176 रुपये प्रति ग्राम

सीएम योगी की मंशा के अनुरूप चल रहे महाभियान ने बनाया व्यापक जनसंपर्क व संवाद का रिकॉर्ड

‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047: अब तक प्राप्त हुए लगभग 45 लाख फीडबैक सीएम योगी की मंशा के अनुरूप चल रहे महाभियान ने बनाया व्यापक जनसंपर्क व संवाद का रिकॉर्ड पोर्टल पर अब तक लगभग 35 लाख सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और 10 लाख सुझाव नगरीय क्षेत्रों से आए फीडबैक देने में शीर्ष पांच जनपदों में जौनपुर, संभल, प्रतापगढ़, बिजनौर और गोरखपुर शामिल महाराजगंज के शैलेश कुमार मद्धेशिया ने धार्मिक स्थलों के विकास हेतु पर्यटन को बढ़ावा देने की मांग की बागपत के मोहन कुमार ने हर ग्राम पंचायत में स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने का सुझाव दिया अम्बेडकरनगर के संदीप कुमार ने स्मार्ट खेती, तकनीकी नवाचार की आवश्यकता बताई लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन ‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047: समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान’ के अंतर्गत प्रदेशभर में जनता से सीधे संवाद और विकास के रोडमैप पर फीडबैक जुटाने का अभियान निरंतर जारी है। 17 अक्टूबर, 2025 तक जनता की राय एवं सुझाव एकत्र करने के लिए बनाए गए पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक लगभग 45 लाख फीडबैक प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 35 लाख सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और 10 लाख सुझाव नगरीय क्षेत्रों से आए हैं। इनमें करीब 22 लाख सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से, करीब 21 लाख सुझाव 31 से 60 वर्ष आयु वर्ग से तथा 2 लाख से ज्यादा सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से प्राप्त हुए हैं। कृषि क्षेत्र से सर्वाधिक फीडबैक विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों में कृषि क्षेत्र में सर्वाधिक 11 लाख सुझाव मिले हैं, इसके अलावा पशुधन एवं डेयरी से 1.70 लाख, इंडस्ट्री से 1.53 लाख, आईटी व टेक से 1.27 लाख, पर्यटन से 1.02 लाख, ग्रामीण विकास से 9.13 लाख, इन्फ्रास्ट्रक्चर से 39 हजार, समाज कल्याण से 3.33 लाख, नगरीय एवं स्वास्थ्य से 3.15 लाख, शिक्षा क्षेत्र से 11 लाख तथा सुरक्षा से जुड़े विषयों पर 82 हजार से ज्यादा सुझाव प्राप्त हुए हैं।जनपदवार फीडबैक के अनुसार शीर्ष पांच जनपदों में जौनपुर, संभल, प्रतापगढ़, बिजनौर और गोरखपुर शामिल हैं।  धार्मिक स्थलों के विकास से लेकर स्किल डेवलपमेंट तक मिले सुझाव जनभागीदारी से मिले इन सुझावों में नागरिकों ने अपने क्षेत्रों के विकास के लिए कई ठोस प्रस्ताव दिए हैं। महाराजगंज के शैलेश कुमार मद्धेशिया ने जिले के धार्मिक स्थलों (लेहड़ा मंदिर, इटहिया शिव मंदिर, चौक बाजार गोरखनाथ मंदिर, सोनौली बॉर्डर और सोहागीबरवा वन्य क्षेत्र) के विकास हेतु पर्यटन को बढ़ावा देने की मांग की। बागपत के मोहन कुमार ने हर ग्राम पंचायत में स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने, “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को प्रदेशव्यापी रूप देने, विधवा महिलाओं व बेरोज़गार युवाओं को होम-बेस्ड वर्क से जोड़ने और ग्राम पंचायतों में पारदर्शी ई-गवर्नेंस लागू करने के सुझाव दिए। वहीं अम्बेडकरनगर के संदीप कुमार ने कृषि सुधारों पर बल देते हुए स्मार्ट खेती, तकनीकी नवाचार, किसानों को वित्तीय सहायता और कृषि उत्पादों के विपणन को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। जनसहभागिता के लिए व्यापक आयोजन महाभियान के तहत जनजागरूकता व संवाद के लिए प्रदेशभर में व्यापक आयोजन भी किए गए हैं। अब तक 15 नगर निगमों, 212 नगर पालिकाओं, 528 नगर पंचायतों, 56 जिला पंचायतों, 713 क्षेत्र पंचायतों तथा 42,666 ग्राम पंचायतों में बैठकों, सम्मेलनों और गोष्ठियों का सफल आयोजन किया जा चुका है। इन आयोजनों के माध्यम से स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के बीच संवाद व सहभागिता को और अधिक सशक्त किया गया है।

देशभर के हजारों समाजसेवी एकजुट होंगे AMP National NGO Conference 2025 में, आयोजन लखनऊ में

देशभर के 1000 से ज़्यादा समाजसेवी जुड़ेंगे AMP National NGO Conference 2025 में, लखनऊ में होगा आयोजन शिक्षा, रोज़गार और समाजिक विकास के लिए एक बड़ा राष्ट्रीय मंच लखनऊ आज इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया, लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस आयोजित की गई, जिसमें आने वाले AMP National NGO Conference 2025 की घोषणा की गई। यह कॉन्फ़्रेंस 15 और 16 नवंबर 2025 को इसी स्थान पर आयोजित होगी। यह कार्यक्रम Association of Muslim Professionals (AMP) और इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के संयुक्त प्रयास से किया जा रहा है।  राष्ट्रीय स्तर पर NGOs को जोड़ने का प्रयास मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, चेयरमैन, इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया और कॉन्फ़्रेंस रिसेप्शन कमेटी के प्रमुख ने कहा: “यह एक ऐतिहासिक पहल है जो देशभर के NGOs और समाजसेवियों को एक मंच पर लाएगी। इस कॉन्फ़्रेंस में शिक्षा और समाजिक विकास को तेज़ करने के तरीकों पर चर्चा होगी। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम की मेज़बानी पर गर्व है।” शिक्षा, आर्थिक विकास और सशक्तिकरण पर ज़ोर जनाब आमिर इदरीसी, प्रेसिडेंट, AMP ने कहा: “इस कॉन्फ़्रेंस का उद्देश्य देश के 130 अल्पसंख्यक ज़िलों में मिलजुल कर विकास का एक रोडमैप बनाना है। AMP पिछले 17 सालों से शिक्षा, रोज़गार और सशक्तिकरण के क्षेत्र में काम कर रही है। अब हम चाहते हैं कि इन प्रयासों को देशभर के NGOs के साथ मिलकर और आगे बढ़ाया जाए।”  देशभर में तैयारी और जागरूकता अभियान डॉ. अब्दुल अहद, डायरेक्टर, पल्स हॉस्पिटल लखनऊ और कॉन्फ़्रेंस ऑर्गनाइजिंग कमेटी के प्रमुख ने बताया: “हमारी टीम देश के कई शहरों में जाकर NGOs, समाजसेवियों और युवाओं से मिल रही है ताकि उन्हें इस कॉन्फ़्रेंस के बारे में बताया जा सके। हमें बहुत अच्छा और उत्साहजनक सहयोग मिल रहा है। यह साझा प्रयास समाज के विकास के लिए मज़बूत बुनियाद रखेगा।” उन्होंने आगे सभी NGOs, स्कूल मालिकों, शिक्षकों, समाजसेवियों और युवा नेताओं से अपील की कि वे इस नेशनल NGO कॉन्फ़्रेंस में शामिल हों और शिक्षा व समाजिक सुधार के इस अभियान का हिस्सा बनें। “यह केवल एक कॉन्फ़्रेंस नहीं, बल्कि समाज की बेहतरी के लिए मिलकर कदम बढ़ाने का अवसर है,” उन्होंने कहा।  मुख्य विषय और उद्देश्य मुजतबा ख़ान, प्रेसिडेंट, परवाज़ फ़ाउंडेशन और ऑर्गनाइजिंग कमेटी के सदस्य ने बताया: “कॉन्फ़्रेंस में शिक्षा सुधार, महिला सशक्तिकरण, आर्थिक विकास, NGO की क्षमता निर्माण और AMP के 25 साल के रोडमैप पर चर्चा होगी। इसका उद्देश्य है – एक-दूसरे के अनुभवों को साझा करना और समाज की बेहतरी के लिए सामूहिक दिशा तय करना।” यह दो दिन की कॉन्फ़्रेंस विभिन्न सत्रों, विशेषज्ञ पैनलों और क्षेत्रीय बैठकों के रूप में होगी, जिसमें देशभर से शिक्षाविद, नीति-निर्माता और NGOs के प्रतिनिधि शामिल होंगे। जो लोग इस कॉन्फ़्रेंस में भाग लेना चाहते हैं या अधिक जानकारी चाहते हैं, वे ngoconnect@ampindia.org पर मेल भेज सकते हैं और विषय (subject) में “National NGO Conference” लिखें।