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राजनाथ सिंह का बड़ा बयान: यूपी में शुरू हुई औद्योगिक क्रांति, दशक भर पहले कोई सोच नहीं सकता था

नई दिल्ली  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि दस साल पहले सोचा भी नहीं जा सकता था कि उत्तर प्रदेश इस तरह औद्योगिक क्रांति की शुरुआत करेगा। लखनऊ में ‘पीटीसी इंडस्ट्रीज' के भ्रमण के बाद यहां ‘टाइटेनियम' और ‘सुपर एलॉयज' सामग्री संयंत्र के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘मैं कहना चाहता हूं कि यह (पीटीसी) निजी क्षेत्र की पहली निर्माता इकाई है।'' उन्होंने कहा, ‘‘एक बहुत महत्वपूर्ण बात यह है कि यह उद्घाटन उत्तर प्रदेश की धरती पर हो रहा है। आज से लगभग दस साल पहले यह सोचा भी नहीं जा सकता था कि उत्तर प्रदेश इस तरह की औद्योगिक क्रांति की शुरुआत करेगा।'' सिंह ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश में ऐसी औद्योगिक क्रांति होगी, इसकी तो हम लोग कल्पना भी नहीं करते थे। सारा माहौल बनाने में हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जो मुख्य भूमिका निभाई है, उसके लिए मैं प्रशंसा करता हूं।'' उन्होंने कहा, ‘‘आज नयी तकनीक आ रही हैं और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उसमें उपयोग होने वाली सामग्री का हम उत्पादन करें, क्योंकि इसके बिना हम तकनीकी प्रगति सुनिश्चित नहीं कर सकते। पीटीसी का प्रयास हमारे लिए बहुत ही सराहनीय है।'' रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘हमने देखा है कि आजादी के बाद से कई दशकों तक हमारे रक्षा क्षेत्र और ‘एयरोस्पेस' कार्यक्रम के लिए जिस उन्नत सामग्री और तकनीक की आवश्यकता थी, उसके लिए हम दुनिया के दूसरे देशों पर निर्भर रहते थे।'' उन्होंने कहा कि इसके चलते स्वाभाविक था कि रक्षा क्षेत्र में हमारी गति जिनती तेज होनी चाहिए थी, उतनी नहीं हो पाई। सिंह ने कहा, ‘‘आज यह जो परियोजना लखनऊ में शुरू हो रही है, वह पूरी कहानी को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, ऐसा मेरा पक्का विश्वास है।'' योगी की सराहना करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘जो देश की राजनीतिक परिस्थितियों को कम जानने वाला होगा, उससे भी कानून-व्यवस्था पर सवाल किया जाए तो हर व्यक्ति कहेगा कि उत्तर प्रदेश इस मामले में सबसे बेहतर है। अब यहां माहौल पूरी तरह बदल चुका है।'' रक्षा मंत्री ने दावा किया, ‘‘उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था बहुत मजबूत है और निवेशकों का आत्मबल भी बहुत मजबूत है, अब वे घबराते नहीं हैं, इसका श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को जाता है। इनके अंदर विकास की एक नयी सोच है।'' उन्होंने कहा कि आज देश-विदेश से निवेशक उत्तर प्रदेश में आकर विकास की एक नयी कहानी लिख रहे हैं। कुछ वर्ष पहले उत्तर प्रदेश में आयोजित हुए निवेशक सम्मेलन ने दिखा दिया था कि उत्तर प्रदेश अब देश का ‘‘विकास इंजन'' बनने जा रहा है। सिंह ने कहा, ‘‘इसी माहौल का असर है कि पीटीसी ने भी लखनऊ को ही चुना क्योंकि यहां शासन और प्रशासन मिलकर उद्योग को बढ़ावा दे रहे हैं।'' रक्षा मंत्री ने ‘पीटीसी इंडस्ट्रीज' के निदेशक सचिन अग्रवाल और उनकी पत्नी स्मिता अग्रवाल के प्रयासों की सराहना की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में ‘पीटीसी इंडस्ट्रीज' के भ्रमण के बाद संयंत्र के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश के विकास में किए जा रहे नए प्रयोगों और रक्षा मंत्री के लखनऊ के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी चर्चा करते हुए दोनों की सराहना की। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत कई प्रमुख जनप्रतिनिधि मौजूद थे।  

इलाज का झांसा देकर फॉर्महाउस ले गया ‘डॉक्टर’, महिला से की शर्मनाक हरकत – केस दर्ज

सिंगरौली मध्य प्रदेश के सिंगरौली क्षेत्र में एक महिला के साथ कथित दुष्कर्म का मामला सामने आया है। महिला का आरोप है कि आरोपी रामप्रकाश पांडेय, जो लान संचालक है, ने खुद को चिकित्सक बताकर उसे अपने पास बुलाया और दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बताया कि कुछ दिन पहले उसने एक अंजान मोबाइल नंबर पर संपर्क किया था, जो आरोपी का था। आरोपी ने खुद को चिकित्सक बताया और महिला को लगातार परामर्श देता रहा। 24 सितंबर को वह इलाज के बहाने महिला को सोनभद्र के घोरावल के पास से अपनी बाइक पर बैठाकर लान ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला किसी तरह घर पहुंची और घटना की जानकारी अपने पति को दी। पहले सिंगरौली में मुकदमा दर्ज कराने की कोशिशें असफल रहीं, इसके बाद उसने इलिया थाने में तहरीर दी। थानाध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि महिला की तहरीर पर आरोपी रामप्रकाश पांडेय के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस आरोपित की तलाश में जुटी है और मामले की जांच जारी है। 

विराट कोहली के नाम होगा नया रिकॉर्ड! ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बस 54 रन की दरकार

पर्थ भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) एक और ऐतिहासिक रिकॉर्ड के करीब हैं। वह वनडे क्रिकेट में दूसरे सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बनने से सिर्फ 54 रन दूर हैं। इस समय कोहली के नाम 14,181 रन दर्ज हैं, जबकि उनके आगे केवल श्रीलंका के कुमार संगकारा (14,234 रन) हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू होने वाली वनडे सीरीज में कोहली के पास संगकारा को पछाड़कर यह उपलब्धि हासिल करने का सुनहरा मौका होगा। लंबे इंतज़ार के बाद क्रिकेट फैंस के लिए एक और बड़ी खबर है, रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों लगभग सात महीने बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी कर रहे हैं। अब ये दोनों खिलाड़ी केवल वनडे फॉर्मेट में टीम इंडिया का हिस्सा हैं, जिससे उनके प्रदर्शन पर सभी की नजरें टिकी होंगी। टीम इंडिया में हुए हालिया कप्तानी बदलाव ने यह भी संकेत दिया है कि टीम अब भविष्य की दिशा में कदम बढ़ा रही है। ऐसे में इस सीरीज में कोहली और रोहित दोनों ही अपने अनुभव और क्लास के दम पर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने की कोशिश करेंगे। रोहित शर्मा भी एक बड़ी उपलब्धि के करीब हैं। वह 500 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले विश्व के 11वें और भारत के पांचवें खिलाड़ी बन जाएंगे। इसके साथ ही वह ऑस्ट्रेलिया में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1000 वनडे रन पूरे करने से सिर्फ 10 रन दूर हैं, ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय बल्लेबाज होंगे।

बाबा राम रहीम की मुश्किलें बढ़ीं, नपंसुक बनाने के मामले में 3 को समन

चंडीगढ़ डेरा सिरसा में करीब 400 अनुयायियों को कथित तौर पर नपुंसक बनाने के मामले में शुक्रवार को पंचकूला स्पेशल सीबीआई कोर्ट में सुनवाई हुई। सीबीआई की ओर से मामले में सुनवाई के दौरान गवाह भादर सिंह की गवाही दर्ज की गई। वहीं, एक अन्य गवाह गोपी किशन की मौत की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई। मामले में राम रहीम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 30 अक्टूबर की तारीख तय की है और उस दिन के लिए 3 गवाहों को गवाही के लिए य समन जारी किए गए है।  वहीं, इस मामले का मुख्य गवाह भी अमेरिका में रह रहा है जिसकी गवाही कोर्ट पहले ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए करवाने से के आदेश दे चुका है। कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओरए से सीनियर पीपी जसविंदर कुमार भट्टी, ए पीपी सोनम और डिप्टी एसपी राकेश स कुमार मौर्या मौजूद रहे। राम रहीम के क वकील अमर डी. कमरा और जितेंद्र के खुराना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।  गोपी किशन के समन पर रिपोर्ट आई कि उनकी मौत 27 जून 2019 को हो चुकी है। मौत का सर्टिफिकेट भी कोर्ट में है पेश किया गया। वहीं, जमानत पर बाहर डॉक्टर एमपी सिंह और डॉक्टर पंकज गर्ग कोर्ट में हाजिर हुए। 

आज से सरकारी स्कूल बंद, छुट्टियों का शेड्यूल पढ़िए पूरी जानकारी के साथ

नई दिल्ली  अक्टूबर के महीने में दिवाली के अवसर पर छात्रों और शिक्षकों को लंबा ब्रेक मिलने वाला है। दरअसल, हर बार दिवाली के मौके एक साथ कई त्योहार आते हैं। जिसकी वजह से एक-एक हफ्ते स्कूल कॉलेज बंद रहते हैं। इन दिनों स्टूडेंट्स और उनके माता-पिता दिवाली और छठ पूजा के लिए मिलने वाले ब्रेक के लिए बहुत उत्साहित हैं।   आपको बता दें कि केवल यूपी में ही नहीं बल्कि पूरे भारत में इसे त्योहारों का महा-महीना कहा जाता है, जिसमें धनतेरस, रोशनी का त्योहार दिवाली, गोवर्धन पूजा, भाई-दूज और पूर्वी भारत का महा-पर्व छठ पूजा शामिल हैं। दिवाली तो पूरे देश में मनाई जाती है लेकिन यूपी-बिहार में सबसे बड़ा पर्व छठ का होता है, अगर को दिवाली में घर जाने से चूक जाता है तो छठ के पहले जरूर पहुंच जाता है। दिवाली और छठ पूजा का उत्साह चरम पर होता है। कई स्कूलों में यह अवकाश 10 से 12 दिनों तक लंबा चलता है. इन लंबी छुट्टियों में स्टूडेंट्स न सिर्फ त्योहारों की मस्ती करते हैं, बल्कि अपने घरों को सजाने, रंगोली बनाने, नए कपड़े पहनने और रिश्तेदारों से मिलने का भरपूर आनंद भी लेते हैं। आपको बता दें कि आज यानी कि 18 अक्टूबर को धनतेरस से हो रही है और यह सिलसिला भाई दूज (23 अक्टूबर) तक चलेगा। इस दौरान लगभग सभी राज्यों के स्कूलों में कम से कम 6 दिनों का अनिवार्य अवकाश रहेगा. लेकिन जिन राज्यों में छठ पूजा भी प्रमुखता से मनाई जाती है, वहां यह छुट्टी 10 दिनों से भी अधिक लंबी होने वाली है।   सबसे ज्यादा लंबा ब्रेक बिहार में दरअसल, बिहार के स्कूल धनतेरस से लेकर छठ तक करीब 12 दिनों तक बंद रहेंगे। वहीं, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी दिवाली के आस-पास 6 से 7 दिनों का अवकाश रहेगा।  

तीन युवकों की दर्दनाक मौत: उज्जैन में कार और डंपर की भयानक टक्कर

उज्जैन  आगर रोड पर घट्टिया के ग्राम जैथल के पास कार और डंपर की आपस में आमने-सामने भिड़ंत हो गई। भिड़ंत इतनी खतरनाक थी कि कार का अगला हिस्सा चकनाचूर हो गया। घटना में कार में सवार चार में तीन युवकों की मौत हो गई। एक की हालत गंभीर है। युवक बड़नगर और उज्जैन के रहने वाले हैं और नलखेड़ा में बगलामुखी माता मंदिर के दर्शन कर वापस लौट रहे थे। बड़नगर के इंगोरिया निवासी आदित्य पंड्या उम्र 22 वर्ष, अभय पंडित उम्र 20 वर्ष, उज्जैन के राजेश रावल उम्र 50 वर्ष व शैलेन्द्र आचार्य उम्र 20 वर्ष नलखेड़ा में दर्शन कर पुन: उज्जैन लौट रहे थे। जैथल के पास रात को 12.30 बजे गलत दिशा से आ रहे डंपर से कार की टक्कर हो गई। डंपर अलिसा फूड कंपनी का बताया जा रहा है। टक्कर में आदित्य पंड्या, अभय पंडित, राजेश रावल की मौत हो गई। शैलेंद्र आचार्य को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। डंपर चालक फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल पहुंचाया। कार में मृत युवकों को ग्रामीणों से मदद से बाहर निकाला गया। सूचना मिलने पर विधायक सतीश मालवीय मौके पर पहुंचे।

महालक्ष्मी मंदिर की अनोखी भव्यता: 5 दिन तिजोरियों और नोट-आभूषणों से सजा रहेगा मंदिर

रतलाम  रतलाम में मां महालक्ष्मी का मंदिर सज चुका है। सजावट फूलों से नहीं, हीरे, जवाहरात और नोटों से हुई है। मंदिर की हर लड़ में नोट लगे हैं। किसी में 10 तो किसी में 500 रुपए नजर आ रहे हैं।इस अद्भुत सज्जा के लिए भक्तों ने अपनी तिजोरी खोल दी है। मंदिर में अर्पित नकदी-आभूषण को दीपोत्सव के पांच दिन के बाद प्रसादी के रूप में भक्तों को समिति वापस लौटाएगी। मंदिर की सजाने की सालों पुरानी परंपरा के तहत इस साल 2 करोड़ रुपए से मंदिर को सजाया गया है। आज तक यहां से एक रुपया इधर से उधर नहीं हुआ है। धन राशि देने वालों में रतलाम के अलावा प्रदेश समेत अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में भक्त आते हैं। दीपोत्सव के पहले दिन यानी आज धनतेरस से मंदिर की सजावट को भक्त निहार सकते हैं। संभवत: यह देश का पहला ऐसा मंदिर है, जो पांच दिनों तक भक्तों द्वारा अर्पित आभूषण और नोटों से सजा रहता है पहले जानिए आखिर यह परंपरा शुरू कैसे हुई…? मंदिर में पूजा कराने वाले अश्विनी पुजारी बताते हैं कि करीब 300 साल पुराना महालक्ष्मी जी का यह मंदिर रियासतकालीन है। रतलाम के महाराजा रतन सिंह राठौर ने जब रतलाम शहर बसाया, तब से यहां दीपावली धूमधाम से मनाई जाने लगी। राजा वैभव, निरोगी काया और प्रजा की खुशहाली के लिए पांच दिन तक अपनी संपदा मंदिर में रखकर आराधना कराते थे। इसके लिए महाराजा शाही खजाने के सोने-चांदी के आभूषण मां लक्ष्मी जी के श्रृंगार के लिए चढ़ाते थे, तभी से ये परंपरा चली आ रही है। धीरे-धीरे व्यवस्था बदलती गई और भक्त मंदिर के लिए चढ़ावा लेकर आने लगे। पिछले कई सालों से मंदिर की सजावट नोट और आभूषणों से की जा रही है। श्रद्धालु अपनी स्वेच्छा से मंदिर की सजावट के लिए अपनी तिजोरी खोलते हैं। अभी यह मंदिर सरकारी होकर कोर्ट ऑफ वार्डस में आता है। प्रशासन भी सजावट को लेकर पूरी निगरानी रखता है। मंदिर में आखिर क्या है खास… मंदिर के गर्भगृह में महालक्ष्मी की मूर्ति के साथ ही गणेश जी व सरस्वती मां की भी मूर्ति स्थापित है। लक्ष्मी की मूर्ति के हाथ में धन की थैली रखी है, जो वैभव का प्रतीक है। साथ मंदिर में महालक्ष्मी 8 रूप में विराजमान हैं। जिनमें अधी लक्ष्मी, धान्य लक्ष्मी, लक्ष्मीनारायण, धन लक्ष्मी, विजयालक्ष्मी, वीर लक्ष्मी, संतान लक्ष्मी और ऐश्वर्य लक्ष्मी मां विराजमान हैं। पुजारी बताते हैं कि दीपावली पर्व हिंदुओं का सबसे बड़ा त्योहार है। दीपावली धन, वैभव का त्योहार है, जहां पर विष्णु भगवान के हाथों में महालक्ष्मी विराजमान हैं। सभी भक्त चाहते थे कि माताजी का वास्तविक स्वरूप, जो पुराणों, वेदों में दिखाया जाता है। यानी माता धन बरसा कर रही हैं, भक्त यहां आकर उसी रूप की अनुभूति करते हैं। मान्यता है कि जिस व्यक्ति का धन महालक्ष्मी के श्रृंगार में इस्तेमाल होता है, उसके घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। अब जान लीजिए मंदिर की सजावट होती कैसे है… दीपावली के एक सप्ताह पहले से सजावट महालक्ष्मी मंदिर में हर साल दीपावली के एक सप्ताह पहले से सजावट की तैयारी शुरू हो जाती है। शरद पूर्णिमा से ही यहां रुपए और गहने पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है। मंदिर को 1 रुपए से लेकर 20, 50, 100 और 500 रुपए के नए नोटों से सजाया जाता है। इस बार सजावट के लिए रतलाम, झाबुआ, मंदसौर, नीमच के अलावा गुजरात, राजस्थान के भक्त ने श्रद्धानुसार राशि जमा कराई है। कई भक्त तो ऐसे भी हैं, जिन्होंने एक साथ 5 लाख रुपए तक मंदिर काे दिए हैं। श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले नोटों से मंदिर के लिए वंदनवार बनाया जाता है। महालक्ष्मी का आकर्षक श्रृंगार कर गर्भगृह को खजाने के रूप में सजाया जाता है। मंदिर परिसर कुबेर के खजाने के रूप में दिखाई देता है। कई भक्त अपने घरों की तिजोरी तक मंदिर में सजावट के लिए रख जाते हैं। मंदिर की सजावट के लिए एक हजार श्रद्धालुओं ने धनराशि दी है। एक रुपए का भी हेरफेर नहीं, इसलिए यह व्यवस्था मंदिर की सजावट के लिए जो भक्त श्रद्धानुसार धन राशि, आभूषण सजावट के लिए देते हैं, उनकी बाकायदा एंट्री होती है। इस बार इसमें बदलाव कर डिजिटलाइजेशन कर दिया गया। नोट गिनने की मशीन का भी इस्तेमाल किया गया है। ऑनलाइन एंट्री में नकदी व आभूषण देने वाले भक्तों का नाम, पता, पासपोर्ट फोटो और मोबाइल नंबर के साथ क्या धन राशि या आभूषण दी, उसकी डिटेल लिखी गई।ऑनलाइन टोकन पर महालक्ष्मी मंदिर की सील लगाई जाती है। साथ ही रजिस्टर में भी एंट्री की जाती है। दीपोत्सव के पांचवें दिन टोकन देखकर भक्तों को उनके द्वारा दी गई धन-राशि प्रसादी के रूप में लौटा दी जाती है। मंदिर परिसर में बंदूकधारी गार्ड तैनात मंदिर में रुपए आने का सिलसिला शुरू होते ही बंदूकधारी गार्ड भी तैनात कर दिए जाते हैं। महालक्ष्मी मंदिर में सजने वाले कुबेर के खजाने की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए हैं। मंदिर के पीछे ही माणक चौक पुलिस थाना है, जहां 24 घंटे फोर्स तैनात रहती है।

दिवाली तक मौसम का मिजाज, इंदौर में बारिश और भोपाल-ग्वालियर में धूप खिली रहेगी

भोपाल  मध्यप्रदेश में मौसम ने मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। शनिवार को इंदौर संभाग के चार जिलों बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। वहीं भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर समेत अधिकतर जिलों में मौसम साफ और धूप वाला रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सिय मौसम विभाग की मानें तो हवा की दिशा में बदलाव के चलते रात के तापमान में वृद्धि देखी जा रही है। बीते दो रातों में अधिकांश शहरों का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री के ऊपर रहा। छतरपुर के नौगांव को छोड़ दें तो बाकी जगहों पर ठंड कम महसूस हुई। दिन में भी गर्मी का असर नजर आया इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और खजुराहो में अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, शनिवार को दक्षिणी जिलों में हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन रविवार और सोमवार को प्रदेशभर में मौसम साफ रहेगा। इन दिनों बारिश की कोई चेतावनी नहीं है। दिवाली के बाद बढ़ेगी ठंड, फरवरी तक रहेगा असर मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि नवंबर से जनवरी तक प्रदेश में तेज सर्दी का दौर रहेगा। इस बार फरवरी तक ठंड का असर बना रह सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सर्दी 2010 के बाद की सबसे ठंडी सर्दी हो सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के चलते सामान्य से अधिक वर्षा भी देखने को मिल सकती है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने भी ला-नीना स्थितियों के विकसित होने की पुष्टि की है, जिससे ठंड और अधिक तीव्र हो सकती है। विदा हुआ मानसून प्रदेश से अब पूरी तरह मानसून विदा हो चुका है। इस बार मानसून 16 जून को पहुंचा था और 13 अक्टूबर को विदाई हुई। कुल 3 महीने 28 दिन तक मानसून सक्रिय रहा। हालांकि मानसून विदा होने के बावजूद कुछ स्थानों पर बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। इस बार मानसून में अच्छी बारिश राज्य में इस बार मानसून ने अच्छी बारिश दी। भोपाल, ग्वालियर समेत 30 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश गुना जिले में हुई, जहां कुल 65.7 इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं श्योपुर में 216.3% बारिश हुई, जो सामान्य से कहीं अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार की बारिश ने पीने के पानी और सिंचाई दोनों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की है। हालांकि, शाजापुर ऐसा जिला रहा, जहां सबसे कम बारिश (81.1%) दर्ज की गई, जो  कमी की श्रेणी में आता है। भोपाल, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में बारिश का कोटा पूरा नहीं हो सका, लेकिन उज्जैन, बैतूल और सीहोर जैसे जिलों में बारिश सामान्य के करीब रही।  

सरकारी अधिकारी की करारी नाकामी: रिश्वत लेते रंगे हाथों CBI ने किया गिरफ्तार, पेटी में जमा 10 लाख की रकम देखकर हैरान रह जाएंगे!

गुवाहाटी  गुवाहाटी में सोमवार की शाम एक हाई-प्रोफाइल भ्रष्टाचार के मामले ने सरकारी सिस्टम की सच्चाई को उजागर कर दिया। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने नेशनल हाईवे एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) के कार्यकारी निदेशक और क्षेत्रीय प्रमुख मैसनाम रितेन कुमार सिंह को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कोई सामान्य घूसखोरी का मामला नहीं, बल्कि एक बड़े पैमाने पर फैले भ्रष्ट तंत्र की बानगी है। कैसे रचा गया ‘ऑपरेशन ट्रैप’ CBI को पहले से ही खबर मिल चुकी थी कि एक सरकारी अधिकारी एक ठेकेदार से मोटी रकम की उगाही करने वाला है। इसके बाद जांच एजेंसी ने 14 अक्टूबर 2025 को एक सुनियोजित ऑपरेशन को अंजाम दिया। जैसे ही एक निजी प्रतिनिधि अधिकारी को ₹10 लाख की रिश्वत सौंप रहा था, टीम ने तुरंत पहुंचकर दोनों को मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तार दूसरा शख्स है विनोद कुमार जैन, जो कोलकाता की निजी फर्म मेसर्स मोहनलाल जैन का प्रतिनिधि बताया गया है। यह रिश्वत NH-37 पर डेमो से मोरन बाईपास तक बन रहे चार लेन सड़क परियोजना में Completion Certificate और समय विस्तार (Extension of Time) दिलाने के नाम पर मांगी गई थी। छापेमारी में मिला 'भ्रष्टाचार का महल' गिरफ्तारी के बाद CBI की टीमें गुवाहाटी, गाजियाबाद और इंफाल स्थित उनके घर और दफ्तरों पर छापेमारी के लिए निकल पड़ीं। तलाशी के दौरान जो कुछ सामने आया, वह भ्रष्टाचार की गहराई को बयान करता है: ₹2.62 करोड़ नकद दिल्ली-एनसीआर में 9 हाई-एंड फ्लैट्स, 1 ऑफिस स्पेस और 3 प्लॉट बेंगलुरु में 1 फ्लैट और 1 प्लॉट गुवाहाटी में 4 अपार्टमेंट और 2 प्लॉट इंफाल में 2 भूखंड और 1 कृषि भूमि 6 लग्जरी कारों के दस्तावेज लाखों की कीमत वाली 2 ब्रांडेड घड़ियां चांदी की सिल्ली, जो संपत्ति की भव्यता को और बढ़ाती है इन जब्त सामग्रियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि घूसखोरी सिर्फ एक ट्रांजैक्शन नहीं, बल्कि एक सुनियोजित धन संग्रह अभियान था, जो वर्षों से चलता आ रहा था। अब कानून के शिकंजे में CBI ने दोनों आरोपियों को गुवाहाटी स्थित विशेष अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। अब एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे भ्रष्टाचार नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है, और इतनी बड़ी रकम को कहाँ-कहाँ निवेश किया गया।  NHIDCL के लिए बड़ा झटका NHIDCL जैसी संस्था, जो देश के सड़क एवं बुनियादी ढांचे के विकास की रीढ़ मानी जाती है, उसके एक शीर्ष अधिकारी का इस तरह भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है। यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उस तंत्र का पर्दाफाश है, जहां सरकारी ठेकों के नाम पर घूस की खुली मंडी चलती है।

शहर भर में सुरक्षा अलर्ट: अमृतसर के प्रमुख मार्गों पर कड़ी नाकाबंदी, भारी पुलिस बल की तैनाती

अमृतसर दिवाली पर्व व बंदी छोड़ दिवस के पावन अवसर पर शहर की शांति व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अमृतसर पुलिस ने व्यापक सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं।पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर, आई.पी.एस. के नेतृत्व में शहर के अंदरूनी और बाहरी रास्तों पर सख्त नाकाबंदी की गई है। 350 अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रत्येक वाहन की गहन जांच की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके। भीड़भाड़ वाले बाजारों में पैदल गश्त और पी.सी.आर. वाहनों की तैनाती बढ़ा दी गई है, जिससे नागरिक बेफिक्र होकर उत्सव मना सकें। आयुक्त भुल्लर ने बताया कि ये सभी इंतजाम शहरवासियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए किए गए हैं। अपराधी तत्वों की किसी भी बुरी मंशा को कुचलने के लिए पुलिस टीमें हाई अलर्ट पर हैं। 1 से 15 अक्तूबर तक 21 हथियार बरामद कर अपराधियों की साजिश को किया नाकाम हाल ही में अमृतसर पुलिस ने अपनी सजगता से बड़ी सफलताएं हासिल की हैं। 1 अक्टूबर 2025 से 15 अक्टूबर 2025 तक विभिन्न अभियानों में 21 से अधिक अवैध हथियार बरामद किए गए, जो सीमा पार से ड्रोन के जरिए तस्करी किए जा रहे थे। इनमें 10 आधुनिक पिस्तौलें, 6 साधारण पिस्तौलें, 3 ग्लॉक पिस्तौलें, 1 एके-47 राइफल और अन्य घातक सामग्री शामिल हैं। इसके अलावा, 500 ग्राम अफीम और बड़ी मात्रा में कारतूस भी जब्त किए गए। ये हथियार गैंगस्टरों को आपूर्ति कर पंजाब में हिंसा भड़काने की साजिश का हिस्सा थे, लेकिन पुलिस की तत्परता ने इस खतरे को टाल दिया। स्निफर डॉग व स्वाट कमांडो की सहायता से बाजारों की तलाशी ली इसी मध्य ए.डी.सी.पी. विशालजीत सिंह के नेतृत्व में ए.सी.पी. सैंट्रल जसपाल सिंह, थाना ई-डिवीजन के इंस्पेक्टर हरमनजीत सिंह और एंटी-सेबोटाज टीमों ने कटरा जैमल सिंह, शास्त्री मार्कीट, कर्मो डीउड़ी और गुरु बाजार का गहन निरीक्षण किया। स्निफर डॉग और स्वाट कमांडो की सहायता से बाजारों की तलाशी ली गई। शहर अंदरुनी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सफेद वर्दी में पुलिस वाले तैनात किए गए हैं, ताकि वह भीड़ में आम लोगों की तरह रहकर बुरे तत्वों पर नजर रख सके। इसके अतिरिक्त प्रत्येक बाजारों में वहां की एसोसिएशंस के साथ बैठकें की जा रही हैं, ताकि सुरक्षा के मध्य नजर यातायात समस्या किसी प्रकार की रुकावट न बने।