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घुसपैठिया और पेट दर्द का सवाल: अमित शाह ने चुनावी सवालों पर की चेतावनी

पटना  बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले सियासत गर्म है। कांग्रेस ने चुनाव के ऐलान से पहले ही एसआईआर के खिलाफ 'वोट चोरी' वाली मुहिम चलाई और चुनाव आयोग के साथ ही बीजेपी को घेरने की पूरी कोशिश की। हिन्दुस्तान के बिहार समागम में पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह से जब 'वोट चोरी' के मुद्दे पर कांग्रेस के आरोपों पर सवाल किया गया तो उन्होंने देश की सबसे पुरानी पार्टी को खूब सुनाया। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, मैंने राहुल जी के वक्तव्य को ठीक से देखा ही नहीं लेकिन वह खुद ही अपना मुद्दा भूल गए हैं। बिहार की जनता ने ही भुला दिया है। 15 दिन से वह बिहार में वोट चोरी पर नहीं बोल रहे हैं। शायद उन्हें कोई सलाह दी गई होगी। लेकिन क्या बिहार की सत्ता का फैसला कोई घुसपैठिया करेगा? लोकतंत्र की मूल बात चुनाव है और उसमें भी मूल मतदाता सूची है। जो देश का मतदाता नहीं है वह कैसे तय करेगा कि कौन प्रदेश का मुख्यमंत्री होगा। क्या मिर्ची लगी है लोगों को? उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयोग एसआईआर करके अवैध घुसपैठियों को मतदाता सूची से निकालता है तो उनके पेट में दर्द क्या है? उन्होंने घुसपैठ होने देकर वोट बैंक क्रिएट किया है। हम चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत करते हैं कि पूरे देश में एसआईआर होना चाहिए और घुसपैठियों को डिलीट करना चाहिए। गृह मंत्री से जब पूछा गया कि घुसपैठ रोकने के लिए केंद्र के पास क्या सॉलिड योजना है? इसपर शाह ने कहा, जिन्होंने बांग्लादेश, कश्मीर का बॉर्डर देखा होगा। वहां कोई रोड नहीं है। वहां घने जंगल हैं, ऊंची पहाड़ियां हैं. नदी नाले हैं। सब जगह फेंस लगाना मुश्किल नहीं है और ना ही 24 घंटे निगरानी हो पाती है। बारिश के दिनों में तो स्थिति और भी खराब हो जाती है। दिल्ली के लुटियन में बैठकर बात करना आसाना है। घुसपैठिया घुसकर सबसे पहले कहां जाता है? क्या थाने को पता नहीं चलता, पटवारी को पता नहीं चलता? लेकिन बंगाल में कहा जाता है कि उनका लाल जाजम बिछाकर स्वागत करिए। उन्होंने बंगाल की जनता को भी कहा कि अगर बीजेपी की सरकार बनी तो वहां भी घुसपैठ नहीं होने देंगे।  

चलती ट्रेन में आग का कहर! लुधियाना-दिल्ली गरीब रथ में मचा हड़कंप

नई दिल्ली लुधियाना से दिल्ली जा रही गरीब रथ ट्रेन के एक डिब्बे में अचानक आग लग गई। यह घटना कोच संख्या 19 में हुई, जिसमें कई यात्री सवार थे। आग लगने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और वे अपनी जान बचाने के लिए बाहर कूद पड़े। इस घटना में कई यात्री घायल हो गए। सूचना मिलने पर रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुँचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास किया। एक घंटे के भीतर आग पर काबू पा लिया गया और ट्रेन रवाना हो गई। ट्रेन सुबह 7 बजे सरहिंद स्टेशन से गुज़री। इसी बीच, एक यात्री ने एसी कोच संख्या 19 से धुआँ निकलते देखा। उसने तुरंत शोर मचाया और चेन खींच दी। धुएँ के साथ आग की लपटें उठने लगीं तो अफरा-तफरी मच गई। उसी समय, कई यात्री उतरने लगे, जिनमें से कुछ घायल हो गए। टीटीई और ट्रेन पायलट घटनास्थल पर पहुँचे और तुरंत रेलवे कंट्रोल को सूचित किया। रेलवे टीम ने जाँच शुरू की रेलवे की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि आज सुबह 7:30 बजे पंजाब के सरहिंद स्टेशन पर ट्रेन संख्या 12204 अमृतसर-सहरसा के एक डिब्बे में आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए यात्रियों को दूसरे डिब्बों में स्थानांतरित कर दिया और आग पर तुरंत काबू पा लिया गया। किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। शुरुआती जाँच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। रेलवे इंजीनियरों की एक टीम फिलहाल कारण की जाँच कर रही है। इस अफरा-तफरी में उतरते समय कई यात्री घायल हो गए और उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है।

लखनऊ में आयोजित दीपावली कार्यकर्ता परिवार मिलन समारोह को सीएम योगी किया संबोधित

अयोध्या दीपोत्सव से साकार हुआ राम मंदिर का संकल्प- योगी आदित्यनाथ  लखनऊ में आयोजित दीपावली कार्यकर्ता परिवार मिलन समारोह को सीएम योगी किया संबोधित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी रहे मौजूद हमारे पर्व और त्योहार विशिष्ट युगांतरकारी घटनाओं से जुड़े हैं- मुख्यमंत्री  2014 से पहले देश में और 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सिर्फ ईद मिलन जैसे आयोजन ही होते थे- सीएम योगी आज राम मंदिर पूरी दुनिया में सनातनियों के गौरव का प्रतीक बन गया है- सीएम योगी सीएम योगी ने लोगों से स्वदेशी सामान खरीदने का किया आह्वान – कहा- प्रधानमंत्री मोदी का शताब्दी संकल्प हमें सुरक्षा, समृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में ले जा रहा है लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव कार्यक्रम से राम मंदिर निर्माण का संकल्प साकार हुआ है। लाखों दीपों के साथ अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का संकल्प लिया गया और आज भव्य राम मंदिर पूरी दुनिया में सनातनियों के गौरव का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि संतों का आशीर्वाद और जनता का संघर्ष मंदिर निर्माण में फलित हुआ, जिसे 25 नवंबर के बाद और भव्य रूप में देखा जा सकेगा। लखनऊ के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल में आयोजित दीपावली कार्यकर्ता परिवार मिलन समारोह को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि दीपावली कार्यकर्ता परिवार मिलन का यह आयोजन सनातन धर्म की हजारों वर्ष पुरानी परंपराओं का प्रतीक है। हमारे पर्व और त्योहार विशिष्ट युगांतरकारी घटनाओं से जुड़े हैं, जो समाज को नई दिशा देते रहे हैं। लेकिन पहले यह सामूहिकता सीमित थी। 2014 से पहले देश में और 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सिर्फ ईद मिलन जैसे आयोजन ही होते थे और सनातन धर्म के पर्वों पर ऐसे समारोह दुर्लभ थे। अब होली और दीपावली मिलन समारोह सामाजिक एकता का आधार बन रहे हैं। राम मंदिर पूरी दुनिया में सनातनियों के गौरव का प्रतीक बन गया है- सीएम योगी सीएम ने अयोध्या दीपोत्सव की शुरुआत का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 में जब मैंने दीपोत्सव की रूपरेखा तैयार की तो लोग पूछते थे कि दीप जलाने से क्या होगा? मैंने कहा कि दीप सनातन धर्म का संकल्प है। लाखों दीपों के साथ अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का संकल्प लिया गया और आज भव्य राम मंदिर पूरी दुनिया में सनातनियों के गौरव का प्रतीक बन गया है। सीएम योगी ने कहा कि हमने गुलामी का प्रतीक फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या किया। यह संकल्प की ताकत थी। उन्होंने बताया कि संतों का आशीर्वाद और जनता का संघर्ष मंदिर निर्माण में फलित हुआ, जिसे 25 नवंबर के बाद और भव्य रूप में देखा जा सकेगा। सीएम योगी ने लोगों से स्वदेशी सामान खरीदने का किया आह्वान सीएम योगी ने कहा कि 'विकसित भारत' के लिए सामाजिक एकता को बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का शताब्दी संकल्प हमें सुरक्षा, समृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में ले जा रहा है। दीपावली मिलन जैसे आयोजन इस एकता को मजबूत करते हैं। उन्होंने उन्होंने सामूहिक आयोजनों की आदत डालने और स्वदेशी अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि धनतेरस पर स्वदेशी बर्तन, सोना-चांदी खरीदें। रक्षा मंत्री सेना को स्वदेशी हथियार दे रहे हैं, तो हम भी भारत निर्मित सामान अपनाएं। उन्होंने दीपावली पर प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम एक गरीब के घर में मिठाई और गोबर से बने दीये व लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति पहुंचाने की अपील की, ताकि गरीब परिवार भी उत्सव मना सकें।

अंतरराष्ट्रीय मंच ITB एशिया 2025 में मध्यप्रदेश पर्यटन की वैश्विक प्रस्तुति

आइटीबी एशिया 2025 सिंगापुर में मध्यप्रदेश पर्यटन की भागीदारी मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के पवेलियन को मिली सराहना भोपाल सिंगापुर के मरीना बे सैंड्स एक्सपो और कन्वेंशन सेंटर में आयोजित प्रतिष्ठित ट्रैवल ट्रेड शो आईटीबी एशिया 2025 में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड प्रमुख भागीदारी कर रहा है। सिंगापुर गणराज्य में भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले ने 15 से 17 अक्टूबर तक आयोजित आईटीबी एशिया में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के पवेलियन का आधिकारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर सिंगापुर गणराज्य में भारत के उच्चायोग में प्रथम सचिव (वाणिज्य)  टी. प्रभाकर भी उपस्थित थे। आयोजन मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक, प्राकृतिक और साहसिक गंतव्य के रूप में वैश्विक मानचित्र पर प्रस्तुत करने और साझेदारियों को प्रगाढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आईटीबी एशिया में मध्यप्रदेश पर्यटन का प्रतिनिधित्व अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड  शिव शेखर शुक्ला और प्रबंधक  सौरभ पांडे कर रहे हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न पर्यटन क्षेत्रों के प्रमुख हितधारक भी सम्मिलित हैं।   अपर मुख्य सचिव  शुक्ला ने कहा कि आईटीबी एशिया वैश्विक मंच पर मध्यप्रदेश की पर्यटन क्षमता और विविधता को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। हमारा लक्ष्य मध्यप्रदेश को एक अग्रणी अंतर्राष्ट्रीय गंतव्य के रूप में स्थापित करना है जहां विरासत, वन्य-जीवन, आध्यात्मिकता और सतत पर्यटन का संगम यात्रियों को वास्तव में अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करता है।  विशेष बैठकें और सहयोग अपर मुख्य सचिव  शुक्ला ने विभिन्न प्रतिनिधियों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। चर्चा में मध्यप्रदेश पर्यटन को तंजानिया, नाइजीरिया और साउथ अफ्रीका जैसे देशों में प्रस्तुत करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। इसके अलावा उन्होंने सु मिच गोह, डायरेक्टर ऑफ पब्लिक पॉलिसी – एशिया पैसिफिक एयर बीएनबी (Airbnb) के साथ मध्यप्रदेश में सतत और समावेशी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सहयोगी अवसरों पर चर्चा की। इस बैठक में विशेष रूप से राज्य के ग्रामीण होम स्टे संचालकों को आतिथ्य सत्कार का प्रशिक्षण देने और मध्यप्रदेश के नवाचारों को व्यापक रूप से प्रचारित करने पर जोर दिया गया। आईटीबी एशिया, MICE (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंस एंड एक्ज़ीबिशंस), कॉर्पोरेट और ट्रैवल टेक्नोलॉजी क्षेत्रों के प्रमुख पेशेवरों, अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शकों और खरीदारों को एक साथ लाता है। यह आयोजन व्यापारिक वार्ताओं, नेटवर्किंग और रणनीतिक साझेदारियों हेतु एक वैश्विक मंच के रूप में कार्य करता है। मध्यप्रदेश का प्रतिनिधिमंडल अंतर्राष्ट्रीय टूर ऑपरेटरों, खरीदारों और यात्रा उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ बी2बी बैठकें कर रहा है। इन बैठकों का उद्देश्य अंतर्देशीय पर्यटन को बढ़ावा देने और सहयोग की नई संभावनाओं को तलाशना है। बैठक में राज्य के प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों—जैसे वन्यजीव अभ्यारण्य, सांस्कृतिक विरासत, साहसिक पर्यटन और फिल्म व विवाह पर्यटन—पर विशेष चर्चा हो रही है, जिससे ‘अतुल्य भारत का हृदय’ के रूप में मध्य प्रदेश की पहचान मजबूत हो रही है। प्रदर्शनी में राज्य की पर्यटन संपत्तियों, प्राचीन धरोहरों, यूनेस्को स्मारकों, साहसिक गतिविधियों और जिम्मेदार पर्यटन पहलों की जानकारी प्रदर्शित की गई है। पवेलियन में मध्यप्रदेश को स्वच्छ, हरित और सुरक्षित गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो महिला यात्रियों के लिए भी आकर्षक है। मध्यप्रदेश की यह सहभागिता राज्य की वैश्विक दृश्यता बढ़ाने, व्यापारिक संबंध मजबूत करने और सतत एवं समावेशी पर्यटन आधारित आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की रणनीति का हिस्सा है।  

मंत्री परमार का संदेश — आदर्श समाज की नींव शिक्षण संस्थानों से रखी जाती है

आदर्श नागरिकों का निर्माण शिक्षा के मंदिरों से ही संभव : मंत्री  परमार महाविद्यालयों को शोध एवं नवाचारों का केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध भोपाल संभाग की एकदिवसीय कार्यशाला संपन्न भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा है कि आदर्श नागरिक का निर्माण करना ही शिक्षा का ध्येय है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने यह महत्वपूर्ण अवसर दिया है कि शिक्षा के माध्यम से देश को विश्व में और प्रदेश को देश में अग्रणी बनाने की ओर आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश देश भर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने में अग्रणी भूमिका में हैं। उच्च शिक्षा मंत्री  परमार ने शुक्रवार को भोपाल स्थित सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी (नूतन) महाविद्यालय में 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के परिप्रेक्ष्य में एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप भोपाल संभाग की एकदिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ किया। मंत्री  परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में हो रहे व्यापक परिवर्तन से सभी को अवगत करवाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्नातक में प्रवेश लेने वाले 12वीं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को विद्यालय स्तर पर समस्त जानकारी दी जानी चाहिए। स्नातकोत्तर में प्रवेश लेने के पहले विद्यार्थियों को मेजर एवं माइनर विषय सहित समस्त जानकारी महाविद्यालय स्तर पर ही प्रदान की जानी चाहिए। उच्च शिक्षा मंत्री  परमार ने कहा कि स्नातक के प्रथम वर्ष के प्रथम अध्याय में भारतीय ज्ञान परम्परा का समावेश किया गया है। प्रदेश के महाविद्यालयों को शोध एवं नवाचारों के केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जितने स्वशासी या अन्य ऐसे संस्थान हैं वे भी शोध एवं नवाचारों की दिशा में सतत् क्रियाशील रहें। शासन से आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि के लिए लगातार पदपूर्ति की जा रही है। इस सत्र के अंत तक 4 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रकिया पूरी हो जाएगी। शैक्षणिक एवं अन्य संवर्ग की भर्ती प्रकिया में उच्च शिक्षा विभाग निरंतर क्रियाशील है। प्राध्यापकों के आचरण का अनुसरण ही विद्यार्थी करते हैं, संस्थान परिसर के प्रति विद्यार्थियों के मन में पूर्ण समर्पण भाव जागृत करने का दायित्व प्राध्यापकों का है। इस एकदिवसीय कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों द्वारा अध्यादेशों के संदर्भ में प्रस्तुतिकरण एवं विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं के समाधान को लेकर विमर्श हुआ। साथ ही एईडीपी एवं कृषि पाठ्यक्रम तथा एआई सर्टिफिकेट कोर्स सहित स्वयं पोर्टल, अपार आईडी एवं अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC) से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। विद्यार्थियों के हितों से जुड़े विविध विषयों पर विस्तृत विचार मंथन हुआ। कार्यशाला के शुभारम्भ के अवसर पर आयुक्त उच्च शिक्षा  प्रबल सिपाहा ने कहा कि हमारा क्रियान्वयन, विद्यार्थी केन्द्रित हैं। कार्यशाला में मिलने वाले निष्कर्ष एवं सुझावों को विद्यार्थियों के हितों के अनुरूप समावेश किया जाएगा। विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी उच्च शिक्षा डॉ धीरेंद्र शुक्ल ने कार्यशाला के उद्देश्य की जानकारी दी। सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी (नूतन) महाविद्यालय भोपाल की प्राचार्य डॉ दीप्ति वास्तव ने स्वागत उद्बोधन दिया। क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक  मथुरा प्रसाद एवं प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय हमीदिया महाविद्यालय भोपाल के प्राचार्य (अग्रणी प्राचार्य) डॉ अनिल शिवानी सहित विविध विषय-विशेषज्ञ, विविध शिक्षाविद्, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के नोडल अधिकारी, स्वयं पोर्टल एवं अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट के नोडल अधिकारी तथा भोपाल संभाग के विभिन्न जिलों के शासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्राध्यापक, शिक्षामित्र एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। 

बड़ा झटका पीसीबी को! अफ़ग़ानिस्तान ने पिरामिड सीरीज़ से किया किनारा, वजह चौंकाने वाली

इस्लामाबाद अफगानिस्तान और पाकिस्तान की समुद्र तट सीमा पर तनाव जारी है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में शनिवार को हुए हवाई हमलों में सैटरडे राइफल हमले का उल्लंघन किया, जिसमें तीन खिलाड़ी शामिल थे, कई लोग मारे गए। पाकिस्तान के एयरस्ट्राइक के बाद अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) ने बड़ा फैसला लिया है। अफगानिस्तान में अगले महीने पाकिस्तान में आयोजित होने वाली वाली टी20 टिकट सीरीज में नहीं खेलेगा। यह श्रृंखला 17 नवंबर को रावलपिंडी में आयोजित की गई थी, जिसमें दक्षिण अफ्रीका ने भी भाग लिया था। अफ़ग़ानिस्तान के उत्पादों की श्रृंखला के रद्द होने की संभावना है। हालाँकि, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने अभी आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। एसीबी ने एक बयान में कहा, ''अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड पाकिस्तान प्रांत के उरगुन जिले के आतंकवादी क्रिकेटरों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करता है, जिसमें पाकिस्तान के कायरतापूर्ण हमले में विस्फोट किया गया है।'' इस हृदयविदारक घटना में उरगुन जिले के तीन खिलाड़ी (कबीर, सिबगतसिया और आरोन) और उनके पांच अन्य देशवासी शहीद हो गए जबकि अन्य घायल हो गए। ये खिलाड़ी इससे पहले एक मैत्रीपूर्ण क्रिकेट मैच में भाग लेने के लिए पक्के प्रांत की राजधानी शरण में गए थे। उरगुन वापसी के बाद एक सभा के दौरान उनका मंचन किया गया।'' बोर्ड ने आगे कहा, ''एसीबी ने इसे अफगानिस्तान के खेल समुदाय, उसके खिलाड़ियों और क्रिकेट परिवार के लिए एक बड़ा खतरा बताया है।'' एसीबी शहीद के शोक सेंट परिवार और पक्की प्रांत के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना और एकजुटता का परिचय देता है। इस विचित्र घटना के प्रति कृतज्ञता और स्कोटिया के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने नवंबर के अंत में होने वाली पाकिस्तान के साथ आगामी टी20 धार्मिक श्रृंखला से उद्देशिका का निर्णय लिया है। ''अतिथियों को इस विशाल दुःख की घड़ी में सर्वोच्च स्थान दे, मृतकों को शीघ्र स्वस्थ करे, और उनके परिजनों को इस विशाल दुःख की घड़ी में धैर्य, सद्गति और शक्ति प्रदान करे।'' वहीं, अफगानिस्तान टी20 टीम के कप्तान और स्टार लेग स्पिनर रशीद ने सोशल मीडिया पर लिखा, ''अफगानिस्तान पर हाल ही में जाने बाकी हवाई हमले में नागरिकों की जान से मुझे गहरा दुख हुआ है।'' यह एक ऐसी ट्रैडी है जिसमें महिलाओं, बच्चों और उन महत्वाकांक्षी युवा क्रिकेटरों की जान चली गई, जो विश्व मंच पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखते थे। सिटीजन जर्नलिस्टिक्स को सुपरमार्केट बनाना पूरी तरह से यूनिवर्सल और बरी है। ये अन्यायपूर्ण और अवैध कारवा समुदाय के लोगों का गंभीर उल्लंघन है और उन्हें निर्वासित नहीं किया जाना चाहिए। इन अनमोल अनमोल लोगों की जान जाने के बाद मैं पाकिस्तान के खिलाफ़ आगामी मैच से ड्यूक ऑफ एसीबी के जजमेंट का स्वागत करता हूं। मैं इस कठिन समय में अपने लोगों के साथ हूं, हमारी राष्ट्रीय गरिमा सबसे पहले आनी चाहिए।''

जीरो पेंडेंसी माह में बेहतरीन दावा निस्तारण के लिए मप्र को बड़े राज्यों में पहला स्थान

जीरो पेंडेंसी माह में दावा निस्तारण में उत्कृष्ट कार्य पर मध्यप्रदेश को बड़े राज्यों की श्रेणी में मिला प्रथम पुरस्कार भोपाल में संपन्न हुई दो दिवसीय राष्ट्रीय समीक्षा बैठक प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना 2.0 और एबीडीएम 2.0 पर गहन विचार-विमर्श भोपाल  राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) द्वारा 15 और 16 अक्टूबर को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) पर दो दिवसीय राष्ट्रीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दोनों योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना और भविष्य की रणनीति निर्धारित करने पर विमर्श किया गया। इस अवसर पर एनएचए के सीईओ डॉ. सुनील कुमार बर्णवाल, मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव  अनुराग जैन, एबीडीएम मिशन निदेशक  किरण गोपाल वास्का, संयुक्त सचिव (पीएम-जेएवाई) सु ज्योति यादव, तथा विभिन्न राज्यों से आए वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित रहे। बैठक में एनएचए की वार्षिक रिपोर्ट 2024-25 और राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की बेस्ट प्रैक्टिसेज बुकलेट जारी की गई। इस रिपोर्ट में पीएम-जेएवाई और एबीडीएम के अंतर्गत हुई उपलब्धियों, नवाचारों और डिजिटलीकरण के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में आए सकारात्मक परिवर्तन को दर्शाया गया। एनएचए के सीईओ डॉ. बर्णवाल ने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य एकीकरण भारत के स्वास्थ्य ढांचे को नई दिशा दे रहा है। आयुष्मान भारत अब तक 45 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर चुका है। पीएम-जेएवाई 2.0 और एबीडीएम 2.0 के माध्यम से राज्यों की सहभागिता इस अभियान को नई गति देगी।बैठक में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों को सम्मानित किया गया। ‘जीरो पेंडेंसी माह’ के दौरान दावा निस्तारण में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए मध्यप्रदेश को बड़े राज्यों की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ। इस श्रेणी में छत्तीसगढ़ को दूसरा और उत्तराखंड को तीसरा स्थान मिला। मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने कहा कि राज्यों को स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी, मध्यप्रदेश के सीईओ डॉ. योगेश भरसट ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए राज्य की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश ने न केवल दावा निस्तारण में गति प्राप्त की है, बल्कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के सफल एकीकरण में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। बैठक के दौरान प्रतिनिधियों ने एम्स भोपाल का दौरा कर वहां मरीजों की पूर्ण डिजिटल यात्रा — ऑनलाइन पंजीकरण, ई-प्रिस्क्रिप्शन, डिजिटल भुगतान आदि प्रक्रियाओं — का अनुभव किया। साथ ही, ‘सेहत सेतु’ कॉल सेंटर का निरीक्षण कर शिकायत निवारण और हेल्थ कोऑर्डिनेशन प्रणाली की सराहना की।   

डॉक्टर मरीजों से करें सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार, समय का करें पालन : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

चिकित्सक समय का पालन और मरीजों से करें संवेदनशील व्यवहार : उप मुख्यमंत्री  शुक्ल अस्पतालों में स्वच्छता और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जिला चिकित्सालय सीधी का किया निरीक्षण भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ल ने जिला चिकित्सालय सीधी का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं एवं अस्पताल की व्यवस्थाओं का मुआयना किया। उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से संवाद कर उपचार सेवाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि समाज में चिकित्सकों को भगवान का दर्जा प्राप्त है, इसलिए मरीजों के प्रति उनका व्यवहार भी संवेदनशीलता एवं सेवा भाव से परिपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी डॉक्टर एवं स्टाफ समय का पालन करते हुए मरीजों को समर्पित भाव से उपचार प्रदान करें। इमरजेंसी कक्ष में निर्धारित ड्यूटी के अनुसार डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की सतत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सीधी जिला चिकित्सालय में 100 बिस्तरीय एमसीएच विंग प्रारंभ होने से अस्पताल की क्षमता 300 से बढ़कर 400 बिस्तरों तक हो गई है, जिसके लिए पर्याप्त मानव संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि 16 करोड़ रुपये की लागत से क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है, वहीं आईपीएचएल लैब का निर्माण फरवरी 2026 तक पूर्ण होने की संभावना है, जिससे जिलेवासियों को 136 प्रकार की जांचों की सुविधा एक ही स्थान पर प्राप्त होगी। उन्होंने जिले में आउटसोर्स भर्ती प्रक्रिया की जटिलताओं को दूर कर इसे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि समय पर पंजीयन एवं नियमित जांचें अनिवार्य रूप से की जाएं जिससे हाई रिस्क गर्भवती माताओं की पहचान समय से हो सके। प्रत्येक माह की 9 और 25 तारीख को आयोजित जांच शिविरों में महिला विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा समुचित परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। उप मुख्यमंत्री ने अस्पताल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था, साफ-सफाई तथा आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की कमी शीघ्र पूरी की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक समय पर गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करे। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सरकार निरंतर ठोस कदम उठा रही है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने जिला चिकित्सालय में अधोसंरचना और उपकरणों के लिए अन्य मदो से राज्य शासन से प्राप्त राशि के उपयोग की पारदर्शी जांच के लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए। अस्पताल प्रबंधन में पाई गई कमियों पर आवश्यक सुधार तत्काल करने के निर्देश दिए। उन्होंने सिविल सर्जन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए शासन की मंशानुसार उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाएं आमजन को उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक मती रीती पाठक एवं  देवकुमार सिंह चौहान सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए सुझाव भी प्रस्तुत किए।  

एक IPS अफसर के राज़: 50 से अधिक प्रॉपर्टी डीड, लॉकर की चाबियां और करोड़ों के दस्तावेज बरामद

पंजाब  पंजाब पुलिस के रोपड़ रेंज के डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के फार्महाउस से अकूत दौलत की बरामदगी और उनकी गिरफ्तारी के बाद पूरा डिपार्टमेंट सवालों के घेरे में है। 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी ने आखिर इतनी दौलत कैसे जमा की? इसका एक ही जवाब है जबरदस्त भ्रष्टाचार। आईपीएस भुल्लर की कोठी से कम से कम 50 संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं जो कि उनके परिवार या फिर करीबियों के नाम पर हैं। इसके अलावा साढ़े सात करोड़ कैश, ढाई किलो सोना, 26 लग्जरी घड़ियां जिनमें रोलेक्स और राडो शामिल हैं। चार हथियार और 100 जिंदा कारतूस भी उनके ठिकाने से मिली हैं। कई बैंक अकाउंट और लॉकर की चाबियां आईपीएस भुल्लर के कई लॉकर की चाबियां और अकाउंट्स की डीटेल भी सीबीआई को मिली है। लुधियाना के पास समराला स्थिति भुल्लर के फार्महाउस से 5.7 लाख रुपये और शराब की 108 बोतलें मिलीं। इसके अलावा भुल्लर की मदद करने वाले और बिचौलिये का काम करने वाले किरशानू शारदा के पास से 21 लाख रुपये और कई संदिग्ध दस्तावेज पाए गए हैं। भुल्लर और किरशानू दोनों को 31 अक्टूबर तक की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। आईपीएस भुल्लर पर आरोप है कि उन्होंने एक शख्स की एफआईआर हटवाने के लिए 4 लाख रुपये रिश्वत और हर महीने निश्चित रकम देने की मांग की थी। इसके बाद उन्होंने ही यह रिश्वत बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दी। 16 अक्टूबर को एक ऑडियो टेप के आधार पर भुल्लर और किरशानू को गिरफ्तार किया गया था। शारदा को पांच लाख रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। शारदा ने कबूल किया कि वह भुल्लर के लिए ही यह रिश्वत लेता है। एक कॉल रिकॉर्ड की गई थी जिसमें भुल्लर किरशानू से कह रहे थे कि बाकी की रकम भी लेकर उनके ऑफिस पहुंचा दें। भुल्लर ने वॉट्सऐप कॉ पर किरशानू से कहा, 8 फड़ने ने 8, जिना देंदा नाल नाल फड़ी चल, ओहनू केहदे 8 कर दे पूरा। बाद में शारदा ने शिकायतकर्ता से कहा, एद्दा कहना पता की है, कहंदा है अगस्त दा नहीं आया, सितंबर दा नहीं आया। बाद में वेरिफाई किया गया कि बातचीत के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल नंबर आईपीएस भुल्लर का ही है।  

मंत्री टेटवाल ने खरीदे स्थानीय दीये, दिया वोकल फॉर लोकल का सशक्त संदेश

मंत्री  टेटवाल ने स्थानीय कुम्हारों द्वारा बनाए गए दियों को खरीद कर वोकल फॉर लोकल का दिया संदेश हर घर जले स्वदेशी दीप : मंत्री  टेटवाल भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम टेटवाल ने राजगढ़ जिले के सारंगपुर में दीपावली के लिए स्थानीय बाजार से कुम्हारों द्वारा बनाए गए स्वदेशी दीयों और सजावटी सामग्री की खरीदारी की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे दीपावली पर अपने घर में स्वदेशी दीप जलाएं। मंत्री  टेटवाल ने कहा कि वोकल फॉर लोकल अभियान आत्मनिर्भर भारत की दिशा में जन-आंदोलन का रूप ले चुका है और यह हर भारतीय को प्रेरित करता है कि वह स्वदेशी वस्तुओं को अपनाए और स्थानीय उद्योगों को सशक्त बनाए। मंत्री  टेटवाल ने कहा कि दीपावली हमारे खुशियों का पर्व है और इस अवसर पर स्थानीय व्यापारियों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्थानीय दुकानदार सिर्फ व्यवसायी नहीं, बल्कि समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। वे हर त्यौहार, हर संकट और हर खुशी में हमारे साथ खड़े रहते हैं। हमारी जिम्मेदारी है कि उनकी दीपावली को प्रकाशोत्सव में बदलें और हर घर में स्वदेशी की पहचान कायम करें। मंत्री  टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिससे स्थानीय कारीगर और व्यापारी मजबूती से अपनी कला और व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें। सारंगपुर जैसे नगरों में यह पहल वोकल फॉर लोकल के संदेश को और प्रभावी बनाएगी। हर घर को आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूत करने के लिए आगे बढ़ने की भावना को मजबूत करेगी।उन्होंने कहा कि स्वदेशी दीयों, सजावटी सामग्री और उपहारों की खरीदी से न केवल स्थानीय व्यापारियों को प्रोत्साहन मिलेगा बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा। उन्होंने सभी से अपील की कि हर घर में स्वदेशी दीप जलाकर आत्मनिर्भर भारत की भावना को जीवंत करें और दीपावली के पर्व को खुशियों और समृद्धि से सजाएं। व्यापारियों ने मंत्री  टेटवाल के इस कदम का स्वागत किया।