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नेपाल में सत्ता परिवर्तन: सुशीला कार्की लेंगी अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ

नेपाल  नेपाल की नई अंतरिम प्रधानमंत्री का नाम तय हो गया है. सुशीला कार्की नई अंतरिम पीएम के रूप में शपथ लेंगी. गौरतलब है कि सुशीला कार्की नेपाल की पूर्व चीफ जस्टिस रह चुकी हैं. जेन जी के आंदोलन के समय से ही अनुमान लगाए जा रहे थे कि सुशीला कार्की को नेपाल की कार्यवाहक सरकार का प्रमुख नियुक्त किया जा सकता है. राष्ट्रपति भवन और सैन्य मुख्यालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि सुशीला कार्की का अंतरिम सरकार का प्रमुख बनना लगभग तय माना जा रहा है. राष्ट्रपति भवन में हुई इस बैठक में सहमति बनने का दावा किया जा रहा है. ये सहमति राष्ट्रपति के अलावा प्रधान सेनापति जनरल अशोक राज सिग्देल, सुशीला कार्की, स्पीकर देवराज घिमिरे और राष्ट्रीय सभा के अध्यक्ष नारायण दहाल की उपस्थिति में बनी है. सूत्रों के मुताबिक सब कुछ ठीक रहा, तो कल शपथग्रहण हो सकता है. मीटिंग में संसद विघटन पर भी सहमति बन गई है. अगले  6 महीने में आम चुनाव कराना होगा. जानकारी के मुताबिक नेपाल के राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने नेपाली कांग्रेस और माओवादी के नेताओं के साथ परामर्श किया है. सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाए जाने को लेकर इन नेताओं से चर्चा की गई है.  राष्ट्रपति का प्रमुख दल के नेताओं से संवाद हुआ है. इसमें माओवादी अध्यक्ष प्रचण्ड, कांग्रेस उपसभापति पूर्ण बहादुर खड़का, महामंत्री गगन थापा, पूर्व प्रधानमंत्री माधव शामिल हैं. हालांकि प्रमुख दलों ने संविधान विघटन को लेकर सहमति नहीं दी है.  72 साल की सुशीला कार्की सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रही हैं और Gen-Z युवाओं के प्रतिनिधि चाहते हैं कि उन्हें ही फिलहाल के लिए अंतरिम सरकार की ज़िम्मेदारी सौंपी जाए और अगले 6 महीने के अंदर नेपाल में संसदीय चुनाव कराए जाएं. बताया जा रहा है कि नेपाल के युवा इसके लिए तैयार नहीं हैं. उनका कहना है कि वो उम्रदराज़ नेताओं से तंग आ चुके हैं और किसी भी कीमत पर 73 साल के ओली को हटाकर 72 साल की सुशीला कार्की को प्रधानमंत्री नहीं बनाया जा सकता. बता दें कि नेपाल ने Gen-Z के आंदोलन के बाद तख्तापलट हो गया है. अब कवायद अंतरिम सरकार बनाने को लेकर जारी है. इसी क्रम आज देर रात अहम बैठक बुलाई गई. वहीं, नेपाल में हुए विनाशकारी विरोध प्रदर्शनों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. अब हर कोई यही सोच रहा है कि नेपाल किस रास्ते पर चलेगा? नेपाल की आबादी करीब 3 करोड़ के आस-पास है और अब Gen-Z ने कहा है कि उनका मकसद नेपाल के संविधान को मिटाना नहीं, बल्कि संसद को भंग करना है. लेकिन सवाल यही है कि सत्ता को उखाड़ फेंकने के लिए Gen-Z ने जो रास्ता अपनाया, और नेपाल को जो नुकसान हुआ है, क्या वो इससे उबर पाएगा?

MP के किसानों के लिए खुशखबरी: PM Modi की खास घोषणा से मिलेगा बड़ा लाभ

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 17 सितंबर के जन्मदिन पर मध्य प्रदेश पहुंचेगे और प्रदेश को कई अहम विकास परियोजनाओं का तोहफा देंगे। धार जिले में देश के पहले ‘पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क’ का शिलान्यास करेंगे। यह पार्क कपास आधारित उद्योगों को बढ़ावा देगा और प्रदेश के छह लाख से अधिक किसानों को सीधा लाभ पहुंचाएगा। देश का पहला पीएम मित्रा पार्क धार में स्थापित होने वाला यह पार्क देश का पहला पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क होगा। इससे धार, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, खरगोन और बड़वानी जैसे कपास उत्पादक जिलों के किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह पार्क प्रदेश के औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में नए युग की शुरुआत करेगा और मध्य प्रदेश को विकास की नई ऊंचाई पर ले जाएगा। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर महिलाओं के लिए कई योजनाओं की शुरुआत करेंगे, जिनमें शामिल हैं: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की किस्तों का सीधा हस्तांतरण लाभार्थियों के खातों में। पोषण माह 2025 का राष्ट्रीय शुभारंभ। ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान की शुरुआत। ‘सुमन सखी’ चैटबॉट सेवा का लोकार्पण, जो महिलाओं को स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जानकारी उपलब्ध कराएगी। ‘एक बगिया मां के नाम’ अभियान के तहत पौधों का वितरण। सिकल सेल स्क्रीनिंग कार्ड का वितरण। आदिवासी क्षेत्रों में ‘आदि सेवा पर्व’ की शुरुआत। 6 लाख किसानों को होगा फायदा प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। वर्ष 2022 में उन्होंने अपने जन्मदिन पर कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया था, और इस बार उनका जन्मदिन किसानों और महिलाओं की योजनाओं से जुड़ा रहा। हाल ही में सीएम मोहन यादव ने कहा कि पीएम मेगा पार्क में कॉटन आधारित उद्योग लगेंगे। इससे 6 लाख किसानों को होगा लाभ। सीएम ने कहा, प्रधानमंत्री जब भी आते हैं, मध्य प्रदेश के लिए नया इतिहास रचते हैं। उन्होंने बताया कि इस पार्क से धार सहित रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी जैसे जिलों के कपास उत्पादक किसानों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। 

सामाजिक न्याय मंत्री कुशवाहा ने नशामुक्ति केंद्रों की जाँच के दिये निर्देश

राज्य स्तरीय कार्यक्रम कर दिव्यांगों की प्रतिभा को मंच देने के निर्देश भोपाल  सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा ने प्रदेश में संचालित समस्त शासकीय नशा मुक्ति केंद्रों के निरीक्षण के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित कर केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण कराया जाए। उन्होंने यह निर्देश शुक्रवार को मंत्रालय में विभागीय समीक्षा बैठक में दिये। इसके साथ ही दिव्यांगों के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर मेडिकल बोर्ड के शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए। मंत्री श्री कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के "विकसित भारत का मंत्र-भारत हो नशे से स्वतंत्र" देशव्यापी कार्यक्रम के अंतर्गत मध्यप्रदेश में नशा मुक्ति के क्षेत्र में प्रभावी कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। नशा मुक्त समाज के लिए सामाजिक भागीदारी के साथ-साथ विभाग द्वारा जो कार्यक्रम और योजनाएं संचालित की जा रही है, उनका प्रभावी क्रियान्वयन मैदानी स्तर पर किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नशे से पीड़ित लोगों के लिए प्रदेश में 13 नशा मुक्ति-सह-पुनर्वास केन्द्र, सात आउट रिच एंड ड्रॉप इन सेंटर, तीन कम्युनिटी बेस्ड पियर-लेड इन्टरवेशन सेंटर तथा 8 जिला मुख्यालय पर डीडीआरसी संचालित किए जा रहे हैं। इन सभी संस्थानों के सुव्यवस्थित संचालन की नियमित समीक्षा किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन के लिए चलाए जा रहे "सुगम भारत अभियान" की भी नियमित समीक्षा की जाए। मंत्री श्री कुशवाहा ने कहा कि दिव्यांगजन को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग द्वारा राज्य स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिसमें प्रदेश भर के दिव्यांगजन जो गायन, वादन, नृत्य, अभिनय और खेलकूद में रुचि रखते हैं, उनको प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त हो सके। इसके लिए विभाग कार्यक्रम की रूपरेखा बनाकर प्रस्तुत करे। प्रमुख सचिव श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने बताया कि प्रदेश में नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत सामाजिक संगठन, शैक्षणिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ सामाजिक न्याय विभाग द्वारा लगातार जन-जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गांधी जयंती 2 अक्टूबर को विशेष ग्रामसभाओं का आयोजन भी कराया जाएगा। शैक्षणिक संस्थानों में युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचने के लिए छात्रावास स्तर पर नशा मुक्ति समितियों का गठन किया गया है। इसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। बैठक में प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण श्रीमती सोनाली वायंगणकर सहित अन्य विभाग की अधिकारी उपस्थित थे।

सुप्रीम कोर्ट की दो-टूक: प्रदूषण रोकने के लिए पूरे भारत में लागू हों सख्त नियम

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने वायु प्रदूषण को लेकर शुक्रवार को कड़ी टिप्पणी की। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बी.आर. गवई ने कहा कि अगर दिल्ली-एनसीआर (एनसीआर) के लोगों को स्वच्छ हवा का अधिकार है, तो दूसरे शहरों के निवासियों को क्यों नहीं? उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदूषण नियंत्रण की नीतियां सिर्फ राजधानी तक सीमित नहीं रह सकतीं, बल्कि पैन-इंडिया स्तर पर लागू होनी चाहिए। बेंच की सुनवाई के दौरान, जिसमें जस्टिस के. विनोद चंद्रन भी शामिल थे, सीजेआई बी.आर. गवई ने पटाखा निर्माताओं की उस याचिका पर विचार किया, जिसमें दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री और निर्माण पर पूरे साल के लिए लगे प्रतिबंध को चुनौती दी गई थी। बेंच ने कहा, "हम दिल्ली के लिए अलग नीति नहीं बना सकते, सिर्फ इसलिए क्योंकि वहां देश का संभ्रांत वर्ग रहता है।" सीजेआई ने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया, "मैं पिछले साल सर्दियों में अमृतसर गया था। वहां प्रदूषण की स्थिति दिल्ली से भी बदतर थी। अगर पटाखों पर प्रतिबंध लगाना है, तो यह पूरे देश में लगना चाहिए।" कोर्ट ने यह टिप्पणी तब की जब एमिकस क्यूरिए एडवोकेट अपराजिता सिंह ने दिल्ली में सर्दियों के दौरान प्रदूषण की भयावह स्थिति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली एक लैंडलॉक्ड शहर है, जहां हवा में प्रदूषक फंस जाते हैं, जिससे स्थिति चोकिंग लेवल तक पहुंच जाती है। लेकिन, सिंह ने स्वीकार किया कि एलीट वर्ग प्रदूषण के चरम दिनों में शहर छोड़ देता है। कोर्ट ने सवाल उठाया कि क्या नीतियां सिर्फ अमीरों के लिए बनाई जा रही हैं? बेंच ने स्पष्ट किया कि सभी नागरिकों को स्वच्छ हवा का समान अधिकार है, चाहे वे किसी भी शहर में रहें। इसी सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने एक अन्य याचिका पर एक्शन लिया, जिसमें पटाखों पर पूरे देश में प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) को नोटिस जारी किया और दो हफ्तों में जवाब मांगा। यह नोटिस दिल्ली-एनसीआर में मौजूदा प्रतिबंध के खिलाफ दायर याचिकाओं के संदर्भ में भी जारी किया गया।

संजय गांधी हॉस्पिटल में डक्ट कूलिंग सिस्टम का किया लोकार्पण

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने संजय गांधी अस्पताल रीवा में डक्ट कूलिंग सिस्टम और 17 व्हील चेयर का लोकार्पण किया। डक्ट कूलिंग सिस्टम से दो वार्डों में रोगियों और उनके परिजनों को शीतल हवा मिलेगी। इसका निर्माण आइनॉक्स कंपनी द्वारा 20 लाख रुपए की लागत से किया गया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा तेजी से मेडिकल हब बनने की ओर अग्रसर है। उपचार के लिए नागपुर जाने वाले रोगियों की संख्या में कमी आई है। कुछ ही महीनों में कैंसर यूनिट का निर्माण पूरा होते ही रीवा में दो सौ बेड का कैंसर अस्पताल शुरू हो जाएगा। इसमें 40 करोड़ रुपए की लागत से लीनेक मशीन लगाई जा रही है। इस अस्पताल में कैंसर के उपचार की आधुनिकतम सुविधा उपलब्ध रहेगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। संजय गांधी अस्पताल में सुधार तथा नई व्यवस्थाओं के लिए 321 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। सर्जरी विभाग में सिंगरौली की एनसीएल कंपनी द्वारा दी गई 6 करोड़ रुपए की सहयोग राशि से आधुनिक मशीन लगाई जा रही है। यहाँ के डॉक्टर बहुत योग्य हैं। डॉक्टर और चिकित्साकर्मी अस्पतालों की आत्मा हैं। उन्होंने कहा कि रोगियों का अच्छा उपचार करने के साथ उनसे मृदु व्यवहार भी करें। डॉक्टर के अच्छे व्यवहार से रोगी का आधा रोग ठीक हो जाता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि आईनॉक्स कंपनी ने कोरोना संकट के समय ऑक्सीजन की आपूर्ति करके सराहनीय कार्य किया। कंपनी ने संजय गांधी अस्पताल के दो वार्डों में कूलिंग सिस्टम लगाया है। आईनॉक्स कंपनी के प्रतिनिधि श्री अतुल कुमार ने कहा कि कंपनी प्रतिदिन 4500 टन ऑक्सीजन का निर्माण कर रही है। कोरोना काल में प्रतिदिन 40 टैंकर ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रदेश को की जा रही थी। जनकल्याण के लिए कंपनी सदैव सहयोग करेगी। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, नगर निगम अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय, मेडिसिन विभाग के डॉ. पी.के. बघेल, संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

महंगाई पर नया डेटा: अगस्त में खुदरा दर 2.07%, खाने-पीने की चीज़ों के दाम गिरे

नई दिल्ली  भारत की खुदरा महंगाई दर अगस्त में सालाना आधार पर 2.07 प्रतिशत रही है। इसमें जुलाई के मुकाबले 46 आधार अंक की वृद्धि देखने को मिली है। यह जानकारी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को दी गई। इससे पहले जुलाई में खुदरा महंगाई दर 1.61 प्रतिशत थी। मंत्रालय की ओर से बताया गया कि महंगाई दर का निचले स्तरों पर बने रहने की वजह खाद्य महंगाई दर का नकारात्मक रहना है, जो कि अगस्त 2025 में सालाना आधार पर -0.69 प्रतिशत रही है। अगस्त में खाद्य महंगाई दर ग्रामीण क्षेत्र में -0.70 प्रतिशत और शहरी क्षेत्र में -0.58 प्रतिशत रही है। इससे पहले जुलाई में खाद्य महंगाई दर -1.76 प्रतिशत थी। सरकार की ओर से जारी किए गए डेटा में बताया गया कि अगस्त 2025 में ग्रामीण सेक्टर में हेडलाइन और खाद्य महंगाई दर में बढ़त देखने को मिली है। अगस्त 2025 में ग्रामीण इलाकों में हेडलाइन महंगाई दर 1.69 प्रतिशत रही है, जो कि जुलाई 2025 में 1.18 प्रतिशत थी। अगस्त 2025 में ग्रामीण क्षेत्र में खाद्य महंगाई दर में -0.70 प्रतिशत रही है, जो कि अगस्त में -1.74 प्रतिशत थी। आंकड़ों के मुताबिक, शहरी इलाकों में हेडलाइन महंगाई दर अगस्त 2025 में 2.47 प्रतिशत रही है, जो कि जुलाई 2025 में 2.10 प्रतिशत थी। शहरी इलाकों में अगस्त में खाद्य महंगाई -0.58 प्रतिशत रही है, जो कि जुलाई -1.90 प्रतिशत थी। अगस्त में स्वास्थ्य महंगाई दर सालाना आधार पर 4.40 प्रतिशत रही है, जो कि जुलाई में 4.57 प्रतिशत थी। परिवहन और संचार में महंगाई दर अगस्त में 1.94 प्रतिशत रही है, जो जुलाई में 2.12 प्रतिशत थी। ईंधन और प्रकाश में महंगाई दर अगस्त 2025 में 2.43 प्रतिशत थी, जोकि जुलाई में 2.67 प्रतिशत थी। अगस्त में सबसे अधिक 9.04 प्रतिशत की महंगाई दर केरल में थी। इसके बाद कर्नाटक (3.81 प्रतिशत), जम्मू और कश्मीर (3.75 प्रतिशत), पंजाब (3.51 प्रतिशत) और तमिलनाडु (2.93 प्रतिशत) का स्थान था।

मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग का 31वाँ स्थापना दिवस

"साइबर सुरक्षा एवं मानव अधिकार विषय पर होगा आयोजन लोकायुक्त श्री सत्येन्द्र कुमार सिंह होंगे शामिल भोपाल  मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग का 31वाँ स्थापना दिवस समारोह "साइबर सुरक्षा एवं मानव अधिकार'' विषय पर शनिवार 13 सितम्बर को आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल में प्रात: 11 बजे होगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से न्यायमूर्ति श्री सत्येन्द्र कुमार सिंह लोकायुक्त और मानव अधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष श्री राजीव कुमार टंडन विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में "साइबर सुरक्षा एवं मानव अधिकार'' विषय पर विषय विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जायेगी। मानव अधिकार आयोग की स्मारिका का विमोचन और आयोग की नवीन वेबसाइट www.hrc.mp.gov.in का लोकार्पण भी होगा। कार्यक्रम में निदेशक राजीव गाँधी साइबर लॉ सेंटर एनएलआईयू भोपाल प्रो. श्री अतुल पाण्डे, कार्यकारी निदेशक पीडब्ल्यूसी इण्डिया हैदराबाद श्री कृष्ण शास्त्री पेड्ंयाला, वरिष्ठ अधिवक्ता सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली सुश्री एन.एस. नप्पिनाई, मानव अधिकार आयोग के प्रमुख सचिव श्री मुकेश चंद गुप्ता, सेवानिवृत्त न्यायाधीश, विधि संकाय के प्राध्यापक, प्रशासनिक अधिकारी तथा विद्यार्थी उपस्थित रहेंगे। 

प्रदेश के 9300 हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में मनाया गया उमंग दिवस

भोपाल "उमंग है तो जिंदगी में रंग है… उमंग है तो प्रगति में संग है'' इस थीम पर आधारित उमंग दिवस का आयोजन शुक्रवार को प्रदेश के 9 हजार 300 हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में हुआ। इस कार्यक्रम में 20 लाख से अधिक बच्चों की भागीदारी रही। भोपाल के शिवाजी नगर स्थित सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में उमंग कार्यक्रम मनाया गया। कार्यक्रम में समग्र शिक्षा अभियान की अपर परियोजना प्रबंधक श्रीमती मनीषा सेंतिया, संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) के राज्य प्रमुख श्री सुनील जैकब, कार्यक्रम अधिकारी श्री अनुराग सोनवलकर, डीईओ श्री नरेन्द्र अहिरवार और मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में उमंग के नोडल अधिकारी श्री अंकुश वर्मा ने भाग लिया। मोटिवेशनल स्पीकर श्री वर्मा ने बताया कि उमंग स्कूल हेल्थ एंड वैलनेस कार्यक्रम बच्चों के जीवन कौशल शिक्षा आधारित एक ऐसा करिकुलम जो खुद से खुद की पहचान करना सिखाता है। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम बच्चों को नजरों से नजरें मिलाकर मिलना सिखाता है। बच्चों को यह सिखाता है कि प्रत्येक बच्चे की प्रकृति अलग है। बच्चों को हर परिस्थिति में सामंजस्य बनाने और प्रगति की ओर बढ़ते रहने की उमंग को मजबूत करता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा निर्धारित 10 जीवन कौशलों से परिचित करवाना है। कार्यक्रम की जीवन कौशल सलाहकार सुश्री तबस्सुम खान ने बच्चों को जीवन में सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ने के बारे में जानकारी दी। उमंग स्कूल हेल्थ एवं वेलनेस प्रोग्राम है, जिसे स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग और यूनाइटेड नेशन्स पापुलेशन फण्ड की बराबर भागीदारी से मिलकर चलाया जा रहा है। राज्य में अब तक 19 हजार शिक्षकों को उमंग के लिये प्रशिक्षित किया जा चुका है।  

स्कूल के टॉपर्स स्कूटी चलाते वक्त यातायात सुरक्षा नियमों का रखें ध्यान : स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री सिंह

भोपाल  स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने आहवान किया है कि स्कूल शिक्षा विभाग के स्कूटी वितरण से लाभान्वित टॉपर्स स्कूटी चलाते वक्त यातायात सुरक्षा नियमों का सावधानीपूर्वक पालन करें। उन्होंने कहा कि 11 सितम्बर को भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विद्यार्थियों को स्कूटी वितरण कार्यक्रम में हेलमेट पहन कर स्कूटी पर सवारी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हेलमेट पहन कर विद्यार्थी को यह संदेश भी दिया कि वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना जरूरी है। यातायात नियमों का रखे ख्याल स्कूल एवं परिवहन मंत्री श्री सिंह ने हितग्राही विद्यार्थियों से सुरक्षा के लिये यातायात नियमों का पालन करने का आहवान किया है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि स्कूटी चलाते वक्त हेलमेट अनिवार्य रूप से पहने और पीछे बैठने वालो को भी दोनों हेलमेट पहनें के लिये कहें। ट्रैफिक सिग्नल, जेब्रा क्रॉसिंग और स्टॉप लाइन का पालन जरूर करें। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें, मोबाइल का उपयोग दुर्घटना का कारण बनता है। सड़‍क पर मुड़ने से पहले इंडिकेटर अवश्य दें और हॉर्न का अनावश्यक प्रयोग न करें। गलत दिशा में न चलें और ओवरटेक से बचें। वाहन की नियमित जाँच करें। ब्रेकलाइट, टायर और अन्य उपकरण सही हालत में रखें। दो पहिया वाहनों पर दो से ज्यादा लोग न बैठें। परिवहन मंत्री ने बताया कि परिवहन विभाग ने 16 वर्ष से 18 वर्ष तक की उम्र में 50 सीसी से कम इंजन वाली गेयरलेस वाहन के लिये, 16 साल की उम्र में लर्नर लायसेंस ओर 18 साल पूरे होने पर गियर वाले लाइट मोटर व्हीकल के लिये स्थायी ड्रायविंग लायसेंस दिये जाने का प्रावधान है। लर्नर लायसेंस जारी होने के 30 दिन बाद 180 दिन के भीतर ड्रायविंग टेस्ट देना अनिवार्य किया गया है। पिछले 3 वर्षों में 23 हजार 454 टॉपर्स को दी गई स्कूटी प्रदेश में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने के लिये राज्य सरकार ने 3 वर्ष पहले नि:शुल्क स्कूटी प्रदाय योजना शुरू की थी। इस योजना में अब तक सरकारी हायर सेकेण्डरी स्कूल में 23 हजार 454 टॉपर विद्यार्थियों को 246 करोड़ 58 लाख रूपये की राशि व्यय कर स्कूटी प्रदान की गई है। टॉपर्स द्वारा चयन की गई पेट्रोल स्कूटी पर 90 हजार और इलेक्ट्रिकल व्हीकल चयन करने पर एक लाख 20 हजार रूपये की राशि उनके बैंक खातों में अंतरित की गई है। इस राशि में रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस और हेलमेट की सुविधा भी शामिल है।  

मॉनसून फेरे का अलर्ट: 15 सितंबर के आसपास आएगी बारिश की विदाई, जानिए अगले कुछ दिन का हाल

नई दिल्ली  भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत से वापसी शुरू कर सकता है। मानसून आमतौर पर एक जून तक केरल में दस्तक देता है और आठ जुलाई तक पूरे देश में फैल जाता है। यह 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत से वापसी शुरू करता है और 15 अक्टूबर तक पूरी तरह से लौट जाता है। आईएमडी ने एक बयान में कहा, ‘‘15 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं।'' इस वर्ष, मानसून आठ जुलाई की सामान्य तिथि से 9 दिन पहले ही पूरे देश में पहुंच गया था। 2020 के बाद से यह सबसे जल्दी आया मानसून था, जिसने पूरे देश को कवर किया था। उस साल यह 26 जून तक पूरे देश में पहुंच चुका था। यह 24 मई को केरल पहुंचा था, जो 2009 के बाद से भारत में इसका सबसे जल्दी आगमन था। 2009 में मानसून ने 23 मई को केरल में दस्तक दी थी। देश में अब तक मानसून के मौसम में 778.6 मिमी की सामान्य वर्षा के मुकाबले 836.2 मिमी वर्षा हुई है, जो 7 प्रतिशत अधिक है। मई में, आईएमडी ने अनुमान लगाया था कि भारत में जून-सितंबर मानसून के मौसम के दौरान 87 सेंटीमीटर की दीर्घकालिक औसत वर्षा की 106 प्रतिशत वर्षा होने की संभावना है। इस 50-वर्षीय औसत के 96 और 104 प्रतिशत के बीच वर्षा को ‘सामान्य' माना जाता है। मानसून भारत में कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है, जो लगभग 42 प्रतिशत आबादी की आजीविका का समर्थन करता है और सकल घरेलू उत्पाद में 18.2 प्रतिशत का योगदान देता है। यह पेयजल और बिजली उत्पादन के लिए आवश्यक जलाशयों को पुनः भरने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।