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रेलवे का सख्त नियम: इलेक्ट्रिक केतली ले गए तो लगेगा जुर्माना, होगी कड़ी कार्रवाई

नई दिल्ली भारत में रोज लाखों लोग ट्रेन से सफर करते हैं और कुछ यात्री अपनी सुविधाओं के लिए अजीब-ओ-गरीब चीजें साथ लेकर आते हैं। हाल ही में एक महिला यात्री कोच में इलेक्ट्रिक केतली लगाकर मैगी बनाती दिखी, जिसके बाद रेलवे ने कार्रवाई की। यह पहली घटना नहीं है, लेकिन इसे गंभीरता से लिया गया है क्योंकि ट्रेन कोई निजी जगह नहीं बल्कि पब्लिक सर्विस है। ट्रेन में हाई-वॉटेज उपकरण क्यों खतरनाक हैं? भारतीय रेलवे ने तय किया है कि यात्रियों को कोच में केवल मोबाइल, लैपटॉप या पावर बैंक जैसे लो-वॉटेज डिवाइस इस्तेमाल करने की अनुमति है। ट्रेन की पावर सप्लाई घरेलू सिस्टम जैसी नहीं होती, इसका लोड फिक्स होता है और कोच की वायरिंग उसी हिसाब से बनी होती है। इलेक्ट्रिक केतली, इंडक्शन, हीटर या अन्य हाई-वॉटेज उपकरण ज्यादा लोड खींचते हैं। इससे ओवरलोडिंग, शॉर्ट सर्किट, धुआं फैलना और आग जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। कोच में सैंकड़ों लोग सफर कर रहे होते हैं, इसलिए रेलवे इसे गंभीर सुरक्षा खतरे के रूप में देखता है। जुर्माना और सजा रेलवे एक्ट के सेक्शन 153 के तहत किसी भी हाई-वॉटेज उपकरण का उपयोग करने पर जुर्माना और छह महीने तक की सजा हो सकती है। अगर इस हरकत से कोच में आग या धुआं फैलता है, तो सेक्शन 154 लागू होता है, जिसमें जुर्माना और दो साल तक की सजा का प्रावधान है। रेलवे का संदेश साफ है: ट्रेन में केवल सुरक्षित उपकरण ही इस्तेमाल करें। किसी भी नियम का उल्लंघन यात्रियों और ट्रेन की सुरक्षा दोनों के लिए खतरा है।

टिकट रद्द होने से रेलगाड़ियाँ दिल्ली के लिए हुईं खाली, यात्रियों में निराशा

 प्रयागराज दिल्ली में हुए धमाके के बाद गुरुवार को भी रेलवे स्टेशनों पर सतर्कता नजर आई। जहां स्टेशनों पर जांच और निगरानी बढ़ा दी गई है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली रूट की ट्रेनों में यात्रियों की संख्या घटने लगी है। बीते दो दिनों में उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल में 30 हजार से अधिक आरक्षित टिकट रद्द किए गए हैं। अकेले प्रयागराज जंक्शन पर 8100 से ज्यादा टिकट निरस्त हुए हैं। इनमें दिल्ली के यात्री भी शामिल है। विस्फोट की घटना के बाद प्रयागराज से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में टिकट निरस्त कराने का आंकड़ा बढ़ा है। इसका असर यह हुआ है कि अब वंदे भारत और हमसफर जैसी वीआईपी ट्रेनों में भी बर्थ आसानी से मिल रही है। गुरुवार को वाराणसी नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस (22415) में रात साढ़े सात बजे तक चेयर कार की 230 सीटें खाली थीं, जबकि नई दिल्ली हमसफर एक्सप्रेस के एसी-थ्री में 165 बर्थ तत्काल कोटे में उपलब्ध थीं जो सामान्य दिनों में संभव नहीं होता। वहीं, 15 नवंबर के लिए 532 सीटें खाली हैं। इसी तरह 14 नवंबर की यात्रा के लिए वंदे भारत (22435) के चेयरकार में 444 सीटें खाली हैं। प्रयागराज मंडल के आंकड़ों के अनुसार, 10 और 11 नवंबर को प्रयागराज मंडल में कुल 30,909 आरक्षित टिकट निरस्त हुए। इसमें प्रयागराज जंक्शन पर 8,106, जबकि केवल 11 नवंबर को 4,022 टिकट कैंसिल हुए।

तीर्थ यात्रियों के लिए खुशखबरी: नवंबर में इंदौर से चलेगी भारत गौरव टूरिज्म ट्रेन

इंदौर धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए इंडियन रेलवे की तरफ से बड़ी खुशखबरी है। मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर से अगले महीने नवंबर में एक बार फिर भारत गौरव पर्यटक ट्रेन चलेगी। इस यात्रा के जरिए श्रद्धालु दो ज्योतिर्लिंगों सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थानों की यात्रा कर सकेंगे। दरअसल, मध्य प्रदेश के तीर्थ यात्रियों के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन लिमिटेड ( आईआरसीटीसी ) द्वारा भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। यह ट्रेन 4 नवंबर को इंदौर शहर से पुरी, गंगासागर के साथ दो ज्योतिर्लिंग (बाबा वैद्यनाथ एवं काशी विश्वनाथ) यात्रा के लिए रवाना होगी। प्रदेश के इन स्टेशनों पर रहेगा स्टॉपेज यह ट्रेन मध्य प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, शुजालपुर, सीहोर, संत हिरदाराम नगर, बीना, सागर, दमोह और कटनी मुरवारा स्टेशनों से होते हुए जाएगी। इन जगहों से यात्री इस ट्रेन पर सवार हो सकेंगे। 11 दिनों में इन तीर्थ स्थलों के दर्शन 11 दिनों की इस यात्रा में पुरी, गंगासागर, गया, वाराणसी एवं अयोध्या के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इसके लिए यात्रियों को महज 19,900 रुपए प्रति व्यक्ति (स्लीपर इकोनामी श्रेणी), 32,450 रुपए प्रति व्यक्ति (थर्ड एसी स्टैण्डर्ड श्रेणी) एवं 42,750 रुपए प्रति व्यक्ति (सेकंड एसी कम्फर्ट श्रेणी) का खर्च उठाना होगा। ट्रेन सफर के साथ रहने की भी व्यवस्था आईआरसीटीसी की भारत गौरव ट्रेन के विशेष एलएचबी रेक में आरामदायक रेल यात्रा, ऑनबोर्ड और ऑफबोर्ड भोजन, सड़क परिवहन और गुणवत्तायुक्त बसों में दर्शनीय स्थलों की यात्रा, आवास की व्यवस्था, यात्रा में टूर एस्कॉर्ट्स, यात्रा बीमा, ऑनबोर्ड सुरक्षा और हाउसकीपिंग की सेवा शामिल है। देश में धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों को बेहतर यात्रा सेवा सुलभ कराने के लिए आईआरसीटीसी द्वारा कई ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इंदौर से पूर्व में भी देशव्यापी यात्रा की कई ट्रेनें रवाना हो चुकी हैं। इसी क्रम में यह ट्रेन धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए नवंबर माह में जाएगी।

रेल हादसा: अहिवारा-भिलाई मालगाड़ी का डिब्बा पटरी से उतरा

दुर्ग दुर्ग में अहिवारा से भिलाई 3 जा रही मालगाड़ी जामुल के पास पटरी से डिरेल हो गई। मालगाड़ी के एक डिब्बा के चार चक्का पटरी से उतर गई। इस घटना की जानकारी लगाने पर रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचकर घंटो मशक्कत के बाद पटरी से उतरे चक्के को पटरी पर लाकर रवाना किया गया। अहिवारा के जेके लक्ष्मी सीमेंट प्लांट के सेंटिंग एसए सीमेंट लोडकर भिलाई 3 की ओर आ रही मालगाड़ी तड़के 3 बजे जामुल के पास मालगाड़ी के एक डिब्बा के 4 चक्का पटरी से डिरेल हो गई। मालगाड़ी एसीसी एवं जेके लक्ष्मी शेडिंग के लिए बिछाई गई रेल लाइन पर आ रही थी।   इसी दौरान मालगाड़ी एक डिब्बा के 4 चक्का पटरी से उतर गए।इस घटना की जानकारी लगाने पर रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचकर हाइड्रोलिक जैक के माध्यम से डिब्बे के पहिए को पटरी पर फिर से लाया गया।और पूरी तरह से जांच के बाद मालगाड़ी को आगे की ओर रवाना किया गया। आपको बता दे कि यह रेलवे लाइन सिंगल लाइन और इस लाइन पर मालगाड़ी की आवाजाही होती है जिसके चलते कोई भी ट्रेन की आजावही प्रभावित नही हुई है।

अनोखी घटना : ट्रेन का टॉयलेट बना शख्स का कमरा, वीडियो सोशल मीडिया पर मचा हड़कंप

नई दिल्ली भारत में त्योहारों का सीजन शुरू होते ही सोशल मीडिया पर ट्रेनों की भीड़ के वीडियो छा जाते हैं. लेकिन इस बार जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसने सभी को हैरान कर दिया है. इस वीडियो में एक शख्स ट्रेन के वॉशरूम को ही अपना ‘मेकशिफ्ट बेडरूम’ बना लेता है. वह वॉशरूम के अंदर बिछावन लगाकर आराम से लेटा नजर आता है. यह नज़ारा इतना अजीब और चौंकाने वाला है कि देखने वाले यकीन नहीं कर पा रहे कि कोई ट्रेन के वॉशरूम में ऐसे भी सफर कर सकता है. ट्रेन के वॉशरूम में बिछाया बिस्तर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति ट्रेन के वॉशरूम के अंदर अपने ट्रैवल एसेंशियल्स के साथ लेटा हुआ है. उसके पास एक बिछावन है, जो उसने बड़ी सावधानी से फोल्ड करके खिड़की से टिकाई हुई है. बाहर से वीडियो रिकॉर्ड करने वाले शख्स को देखकर वह आराम से मुस्कुराता है, मानो यह उसका रोज का ठिकाना हो. कंटेंट क्रिएटर ने ऐसे किया रिएक्ट यह वीडियो कंटेंट क्रिएटर विशाल ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. वीडियो में विशाल प्लेटफॉर्म पर खड़े होकर इस नज़ारे को रिकॉर्ड करते हैं और कहते हैं, भाई ने तो वॉशरूम को बेडरूम बना दिया!इसके बाद वे मजाकिया लहजे में पूछते हैं कि ये पूरा घर का सामान है? जिस पर अंदर बैठा व्यक्ति बेफिक्र होकर जवाब देता है-हां. हालांकि ये वीडियो कब का है , ये साफ नहीं है.  'ट्रेन वॉशरूम बना दिया बेडरूम' यह वीडियो अब तक 6 लाख से ज्यादा व्यूज पा चुका है और सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं लगातार आ रही हैं. कुछ यूजर्स इसे मजेदार मान रहे हैं, जबकि कई ने सफाई और पब्लिक प्रॉपर्टी के दुरुपयोग पर चिंता जताई है. दूसरे ने कहा कि वाकई इसने तो वॉशरूम को बेडरूम बना दिया, यकीन नहीं होता.तीसरे ने लिखा कि इंडियन रेलवेज को वाकई देखना चाहिए कि यात्री ट्रेन में क्या कर रहे हैं.वहीं  कुछ लोगों ने जताई हमदर्दी हालांकि कई यूजर्स ने उस व्यक्ति के प्रति सहानुभूति भी जताई. उनका कहना था कि लंबी यात्रा में सीट न मिलने पर उसने बस किसी तरह गुजारा किया होगा.एक यूजर ने लिखा कि शायद उसके पास सीट नहीं थी, इसलिए उसने यही तरीका अपनाया.

रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन छठ पूजा स्पेशल ट्रेन 25 अक्टूबर को चलेगी

भोपाल   रेलवे द्वारा छठ महापर्व पर अतिरिक्त यात्री यातायात को क्लियर करने एवं यात्रियों की सुविधा के लिए रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन-रानी कमलापति के मध्य राउंड ट्रिप के लिए छठ पूजा स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। जानकारी के मुताबिक ट्रेन क्रमांक 01661 छठ पूजा स्पेशल शनिवार 25 अक्टूबर को रानी कमलापति स्टेशन से सुबह 7:30 बजे प्रस्थान कर विदिशा 8:28 बजे, बीना 9:50 बजे, वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई झांसी 12:45 बजे, ग्वालियर 14:20 बजे, आगरा कैंट 16:45 बजे, मथुरा 18:00 बजे आगमन कर रात 20:15 बजे हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन क्रमांक 01662 उसी दिन शनिवार को हजरत निजामुद्दीन से 21:30 बजे प्रस्थान कर मथुरा 23:55 बजे, आगरा कैंट 00:50 बजे, ग्वालियर 2:55 बजे, वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई झांसी 05:35 बजे, बीना 08:10 बजे, विदिशा 09:15 बजे आगमन कर रविवार को सुबह 10:50 बजे रानी कमलापति स्टेशन पहुंचेगी। इस ट्रेन में दो सेकंड एसी, तीन थर्ड एसी, छह इकोनामी थर्ड एसी, पांच स्लीपर, चार सामान्य श्रेणी, एक एसएलआरडी, एक जनरेटर कार सहित कुल 22 एलएचबी कोच होंगे।  

छठ की छुट्टियों में ट्रेनों में भारी भीड़, जगह न मिलने से यात्री परेशान

पटना   छठ पूजा का त्यौहार है, ऐसे में तमाम कामगार मजदूर छठ पूजा के लिए बिहार अपने घर को जा रहे हैं. लोग स्पेशल ट्रेनों की जगह रेगुलर चलने वाली ट्रेनों से यात्रा कर रहे हैं. रेगुलर चलने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ है, लोग गेट पर और टॉयलेट तक में बैठे हुए हैं. घर पहुंचने के लिए लोग रातभर खड़े होकर यात्रा कर रहे हैं, बैठने तक की जगह नहीं है. ट्रेनों में भीड़ को लेकर DDU जंक्शन से  ग्राउंड रिपोर्ट. दरअसल, रेलवे के दावों के इतर जमीनी हकीकत कुछ और है. ट्रेनों में बिहार जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ है. कोई 15 से 20 घंटे खड़े होकर, तो कोई टॉयलेट या फर्स पर बैठ कर यात्रा करने को मजबूर है. कमोबेश हर रेगुलर ट्रेन का यही हाल है. गेट पर लटककर जा रहे हैं घर यात्री विकास सिंह ने  बातचीत में बताया कि वह बनारस से आ रहे हैं और दिलदारनगर जा रहे हैं. वह बनारस रहकर पढ़ाई करते हैं. उन्होंने बताया कि ट्रेन में भीड़ बहुत अधिक है. इसकी वजह से गेट पर लटककर जा रहे हैं. बनारस स्टेशन पर भी भीड़ थी. इसलिए यहां ऑटो से डीडीयू जंक्शन आए, ताकि भीड़ कम हो, लेकिन यहां भी भीड़ वैसे ही है. वहीं उन्होंने बताया कि एक तो ट्रेन लेट है, दूसरा बैठने को भी जगह नहीं है. छठ पूजा मेंयूपी-बिहार के लोग घर जाते हैं. रेलवे को इस पर ध्यान देना चाहिए. भीड़ की वजह से कहीं किसी यात्री के साथ हादसा न हो जाए. स्पेशल ट्रेनें और चलानी चाहिए. टॉयलेट में भी घुसे हुए हैं लोग एक और यात्री इम्तियाज अहमद ने तचीत में बताया कि हम मध्य प्रदेश से आ रहे हैं, लेकिन यहां आए तो देखा  बनारस में भी भीड़ थी और डीडीयू जंक्शन पर भी भीड़ है. ट्रेन भी बहुत लेट चल रही है. हम कई घंटों से खड़े होकर आ रहे हैं. हम सभी यात्रियों का बुरा हाल है. सभी डब्बे खचाखच भरे हुए हैं. लोग एक दूसरे के ऊपर बैठे हुए हैं. टॉयलेट में भी लोग घुसे हुए हैं. जैसे तैसे लोग छठ पूजा पर घर पहुंचना चाहते हैं. हादसे की बढ़ गई है आशंका  बता दें कि छठ पूजा जैसे बड़े पर्व पर रेलवे की सीमित व्यवस्था यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन रही है. भीड़ के चलते हादसे की आशंका भी बढ़ गई है. जरूरत है कि रेलवे प्रशासन अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाए और भीड़ प्रबंधन पर ठोस कदम उठाए, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुगमता से अपने घर पहुंच सकें.  

कोहरे के कारण 66 दिन तक नहीं चलेगी सारनाथ एक्सप्रेस, यात्रियों को झटका

रायपुर  उत्तर भारत में ठंड के मौसम में घने कोहरे की आशंका को देखते हुए रेलवे ने दुर्ग-छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस को तीन महीनों में कुल 66 दिन रद्द करने का फैसला लिया है।यह ट्रेन 1 दिसंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक अलग-अलग तिथियों में दोनों दिशाओं से नहीं चलेगी। इससे प्रयागराज, बनारस और छपरा जाने वाले यात्रियों की यात्राएं प्रभावित होंगी, क्योंकि यह ट्रेन उन मार्गों की प्रमुख कनेक्टिविटी मानी जाती है। उत्तर पूर्व रेलवे ने 15159 (छपरा-दुर्ग) और 15160 (दुर्ग-छपरा) सारनाथ एक्सप्रेस की सेवाएं कोहरे के पूर्वानुमान के आधार पर स्थगित करने का निर्णय लिया है। निर्धारित तिथियों के अलावा अन्य दिनों में यह ट्रेन सामान्य समय-सारणी के अनुसार चलती रहेगी। इन तारीखों पर नहीं चलेगी ट्रेन छपरा से दुर्ग आने वाली सारनाथ एक्सप्रेस (15159) – दिसंबर: 1, 3, 6, 8, 10, 13, 15, 17, 20, 22, 24, 27, 29, 31 – जनवरी: 3, 5, 7, 10, 12, 14, 17, 19, 21, 24, 26, 28, 31 – फरवरी: 2, 4, 7, 9, 11, 14 दुर्ग से छपरा जाने वाली सारनाथ एक्सप्रेस (15160) – दिसंबर: 2, 4, 7, 9, 11, 14, 16, 18, 21, 23, 25, 28, 30 – जनवरी: 1, 4, 6, 8, 11, 13, 15, 18, 20, 22, 25, 27, 29 – फरवरी: 1, 3, 5, 8, 10, 12, 15 रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा की योजना बनाते समय इन तिथियों की जांच अवश्य करें। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक ट्रेनों की बुकिंग समय पर करा लें, ताकि यात्रा में बाधा न आए।

त्योहारी सीजन में यात्रियों को तोहफा, हिसार-वलसाड़ के बीच चलेगी दिवाली स्पेशल ट्रेन

मंदसौर  दिवाली पर नियमित ट्रेनों में यात्रियों की बढ़ती भीड व लंबी वेटिंग लिस्ट के चलते अतिरिक्त़ ट्रेने चलाई जा रही है। इसके तहत ही 16 अक्टूबर से 6 नवंबर हिसार-वलसाड़ साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में 4-4 फेरे करेगी। वहीं यह हरियाणा, राजस्थान, मप्र व गुजरात के यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगी। मंदसौर में वलसाड़ जाने के लिए बुधवार रात 1:10 बजे मिलेगी। वहीं हिसार तरफ जाने के लिए गुरुवार रात 10:48 बजे मिलेगी।     मिली जानकारी के अनुसार ट्रेन 04727 हिसार-वलसाड़ स्पेशल हिसार से तत्काल प्रभाव से 5 नवंबर तक प्रत्येक बुधवार को दोप. 12.05 बजे प्रस्थान करेगी। ट्रेन चित्तौड़गढ़ (रात 11:15/11:20), नीमच (रात 12:20/12:22), मंदसौर (रात 1:10/1:12), रतलाम (रात 3:15/3:25) एवं दाहोद ( गुरुवार सुबह 5:22/5:24) होते हुए गुरुवार सुबह 11:30 बजे वलसाड़ पहुंचेगी। इसी प्रकार ट्रेन 09728 वलसाड़-हिसार स्पेशल तत्काल प्रभाव से 6 नवंबर तक प्रत्येक गुरुवार को वलसाड़ से दोप. 2:50 बजे प्रस्थान करेगी। दाहोद (शाम 7:46/7:48), रतलाम ( रात 9:20/9:30), मंदसौर (रात 10:48/10:50 बजे), नीमच (रात 11:29/11:31 बजे) एवं चित्तौड़गढ़ (रात 1:30/1:35बजे) होते हुए शुक्रवार दोपहर 2:05 बजे हिसार पहुंचेगी। ट्रेन दोनों दिशाओं में हांसी, भिवानी, चरखी दादरी, रेवाड़ी, नारनौल, रिंगस, फुलेरा, किशनगढ़, अजमेर, नसीराबाद, बिजयनगर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, नीमच, मंदसौर, रतलाम, दाहोद, गोधरा, वड़ोदरा, भरुच, सूरत एवं नवसारी स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेन में फर्स्ट एसी कम सेकंड एसी, सेकंड एसी, थर्ड एसी, स्लीपर एवं सामान्य श्रेणी के कोच शामिल होंगे।  

जयपुर-अंबेडकर नगर के बीच त्योहारों पर विशेष ट्रेन, इंदौर-रतलाम समेत कई स्टेशनों पर रुकेगी

इंदौर  त्योहारों में बढ़ती यात्रियों की भीड़ को देखते हुए पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए डॉ. अंबेडकर नगर और जयपुर के बीच विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन सीमित अवधि के लिए दोनों दिशाओं में कुल तीन-तीन फेरों में चलाई जाएगी। रेल प्रशासन के अनुसार, जयपुर–डॉ. अंबेडकर नगर स्पेशल (गाड़ी संख्या 09727) और डॉ. अंबेडकर नगर–जयपुर स्पेशल (गाड़ी संख्या 09728) अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े से संचालित होंगी। हर शुक्रवार चलेगी ट्रेन गाड़ी संख्या 09727 जयपुर–डॉ. अंबेडकर नगर स्पेशल ट्रेन जयपुर से 17, 24 और 31 अक्टूबर 2025 को प्रत्येक शुक्रवार दोपहर 1 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन अगले दिन शनिवार तड़के 1 बजकर 30 मिनट पर डॉ. अंबेडकर नगर पहुंचेगी। रतलाम मंडल में इसका ठहराव चित्तौड़गढ़, नीमच, मंदसौर, रतलाम और इंदौर स्टेशनों पर निर्धारित किया गया है। शनिवार को होगी वापसी वहीं, वापसी दिशा में गाड़ी संख्या 09728 डॉ. अंबेडकर नगर–जयपुर स्पेशल 18 अक्टूबर, 25 अक्टूबर और 1 नवंबर 2025 को प्रत्येक शनिवार सुबह 5 बजकर 20 मिनट पर डॉ. अंबेडकर नगर से रवाना होगी और उसी दिन शाम 6 बजकर 10 मिनट पर जयपुर पहुंचेगी। इस दिशा में भी ट्रेन का ठहराव इंदौर, रतलाम, मंदसौर, नीमच और चित्तौड़गढ़ सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर रहेगा। इन स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन दोनों दिशाओं में यह विशेष ट्रेन किशनगढ़, अजमेर, नसीराबाद, बिजयनगर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, नीमच, मंदसौर, रतलाम और इंदौर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेन एलएचबी कोच रेक से संचालित होगी, जिसमें सेकंड एसी, थर्ड एसी, थर्ड एसी इकोनॉमी, स्लीपर और सामान्य श्रेणी के डिब्बे शामिल होंगे।