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Trump Tariff ने अमेरिका को दिया फायदा, ट्रंप के $2000 के वादे की सच्चाई क्या है?

वाशिंगटन साल 2025 खत्म हो गया है और इस साल कई मुद्दे सुर्खियों में रहे हैं. फिर बात ग्लोबल टेंशन की हो या फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दुनियाभर के देशों पर लगाए गए टैरिफ से बने ट्रेड वॉर के हालातों की हो. ट्रंप टैरिफ साल से सबसे चर्चित टॉपिक में सबसे ऊपर रहा है. अमेरिकी टैरिफ पॉलिसी की कड़ी आलोचना भी हुई, लेकिन ट्रंप ने इसे देश के हित में बताते हुए दावा किया कि यह अमेरिकियों के लिए खरबों डॉलर ला रहा है. यही नहीं उन्होंने तो टैरिफ रेवेन्यू से लगभग हर अमेरिकी को डिविडेंड के रूप में 2000 डॉलर देने का वादा भी किया था. लेकिन क्या आप जानते हैं कि Trump Tariff के अमेरिका को कितनी कमाई हुई है? क्या नए साल में ट्रंप अपने 2000 डॉलर वाले वादे को पूरा करेंगे? आइए समझते हैं…  ट्रंप का Tariff ऐलान और दुनिया में हड़कंप  डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल 2025 से भारत, चीन, ब्राजील समेत कई देशों पर भारत पर रेसिप्रोकल टैरिफ यानी पारस्परिक टैरिफ लगाने का ऐलान किया था. अमेरिकी राष्ट्रपति की इस टैरिफ पॉलिसी का उद्देश्य दरअसल अमेरिकी उत्पादों पर अन्य देशों द्वारा लगाए गए हाई टैरिफ के जवाब में बराबर का टैक्स लगाना था और इसे उन्होंने 'लिबरेशन-डे' करार दिया था. इसके बाद कुछ देशों पर लागू टैरिफ कम भी किए गए, तो कुछ पर बढ़ा दिए गए. भारत पर तो इसे दोगुना करते हुए 50% करके ब्राजील की कैटेगरी में खड़ा कर दिया गया. इस बीच चीन के साथ टैरिफ का ऐसा गेम चला कि दुनिया की टेंशन बढ़ गई और Trade War की स्थिति पैदा हो गई थी. हालांकि, बीते दिनों ट्रंप-जिनपिंग की मुलाकात के बाद से शांति नजर आई है.  'जो टैरिफ के खिलाफ वो मूर्ख' न सिर्फ तमाम देशों, बल्कि विश्लेषकों ने भी ट्रंप के इस रेसिप्रोकल टैरिफ की जमकर आलोचना की, लेकिन दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इसे अमेरिका को और अमीर बनाने का जरिया बताया. ट्रंप ने टैरिफ के फायदे गिनाते हुए कहा था कि US Tariff की आलोचना करने वाले 'मूर्ख' हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि अमेरिकी किसानों को तो अमीर बना ही रहा है, बल्कि ट्रंप ने एक पोस्ट के जरिए ये भी कहा था कि टैरिफ से आ रहे रेवेन्यू से अमेरिका को खरबों डॉलर की इनकम हो रही है.  ट्रंप ने किया था ये बड़ा वादा Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी एक पोस्ट में ये भी कहा था कि टैरिफ से आ रहे रेवेन्यू का उपयोग अमेरिका पर मौजूद राष्ट्रीय ऋण का भुगतान शुरू करने के लिए भी किया जा सकता है, जो अब करीब 38 ट्रिलियन डॉलर हो गया है. इसके साथ ही ट्रंप ने एक बड़ा ऐलान करते हुए ये वादा तक कर दिया था कि US Tariff Revenue से लगभग सभी अमेरिकियों (हाई इनकम वाले लोगों को छोड़कर) को टैरिफ डिविडेंड के हिस्से के रूप में 2,000 डॉलर का पेमेंट किया जाएगा. हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया था कि पेमेंट कैसे और कब होगा?  टैरिफ से US की कितनी कमाई? अब बात करें, डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में तमाम देशों पर लगाए गए US Tariff से अमेरिका को होने वाली अब तक की कमाई के बारे में, तो इसका आधिकारिक आंकड़ा तो अभी तक जारी नहीं किया गया है. लेकिन यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, 2025 में टैरिफ से 15 दिसंबर तक अमेरिका को 200 अरब डॉलर से ज्यादा का रेवेन्यू प्राप्त हो चुका है. अन्य मीडिया रिपोर्ट में भी इसी आंकड़े के आस-पास अनुमानित टैरिफ कमाई बताई जा रही है.  इंडिपेंडेंट टैक्स पॉलिसी थिंक टैंक 'The Tax Foundation' के अनुमान के मुताबिक टैरिफ से अक्टूबर 2025 तक ही अमेरिका ने 205 अरब डॉलर जुटा लिए थे. वहीं अमेरिका को ट्रंप टैरिफ से 2026 में 207.5 अरब डॉलर का रेवेन्यू प्राप्त होने की उम्मीद है.  क्या पूरा होगा $2000 वाला वादा?  भले ही ट्रंप टैरिफ के जरिए जोरदार रेवेन्यू आ रहा है, लेकिन Donald Trump के हर अमेरिकी को 2000 डॉलर दिए जाने के वादे में कई बाधाएं भी मौजूद हैं. ओहियो के सीनेटर बर्नी मोरेनो समेत कई रिपब्लिकन सांसदों ने इस प्रस्ताव और इसके कांग्रेस से पारित होने की संभावना पर संदेह जताया है. उनका भी कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति टैरिफ से मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल देश के भारी-भरकम कर्ज को कम करने में करना पसंद करेंगे.  व्हाइट हाउस के आर्थिक सलाहकार केविन हैसेट ने बीते 21 दिसंबर को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि नए साल 2026 में राष्ट्रपति इसे लागू करने के लिए कांग्रेस के समक्ष एक प्रस्ताव लाएंगे. रिपोर्ट के मुताबिक, संघीय खर्च पर कांग्रेस का नियंत्रण है और प्रोत्साहन राशि के लिए पर्याप्त रकम आवंटित करने के लिए एक विधेयक तैयार करके पारित कराना होगा.  

टैरिफ की राजनीति में भारत ने दिखाया कमाल, चीन को निर्यात बढ़ा 22%

नई दिल्ली एक ओर जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ-टैरिफ (Trump Tariff) खेल रहे हैं, तो वहीं भारत ने अपने निर्यातक देशों की लिस्ट में विविधता लाई है. इसका असर भी देखने को मिला है. अमेरिका के 50 फीसदी टैरिफ (US Tariff On India) का बड़ा असर झींगा निर्यात से लेकर टेक्सटाइल सेक्टर तक पर देखने को मिला. लेकिन भारतीय निर्यातकों ने अमेरिकी बाजार में दबाव के बीच दूसरे देशों के बाजारों का रुख किया. रिपोर्ट के मुताबिक, US Tariff Tension के बीच India-China के व्यापार संबंध सुधरे हैं और वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में भारत का चीन को निर्यात करीब 22% बढ़ा है.  टैरिफ टेंशन के बीच बढ़ा चीन से कारोबार रिपोर्ट्स की मानें तो India-China Trade में सुधार के चलते अप्रैल-सितंबर 2025 में चीन को भारत का निर्यात 8.41 अरब डॉलर रहा है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2024 के 6.90 अरब डॉलर से 22 फीसदी के आसपास की बढ़त दर्शाता है. खास तौर पर अमेरिकी टैरिफ के असर से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले सेक्टर्स के प्रोडक्ट्स की चीन में अच्छी खासी डिमांड देखने को मिली है. इनमें झींगा और एल्युमिनियम प्रमुख हैं. इसके अलावा और भी कई क्षेत्रों ने चीन को निर्यात में तेजी दिखाई है.  झींगा समेत इन सेक्टर्स को लगा था झटका बीते दिनों आईं अन्य रिपोर्ट्स पर नजर डालें, तो अमेरिका द्वारा भारत पर 50% का टैरिफ लगाने के बाद से भारतीय झींगा निर्यात पर बुरा असर देखने को मिला है. ग्लोबल डेटा के हवाले से ट्रंप के इस टैरिफ अटैक के चलते भारत से अमेरिका को एयर कार्गो निर्यात में 14 फीसदी की तगड़ी गिरावट दर्ज की गई है, तो आंध्र प्रदेश की झींगा इंडस्ट्री करीब 25,000 करोड़ रुपये के भारी नुकसान का अनुमान लगाया गया था. इनमें कहा गया था कि अमेरिका को झींगा निर्यात के 50 फीसदी ऑर्डर 50% टैरिफ के बाद से रद्द हुए. इसके अलावा अन्य सबसे प्रभावित सेक्टर्स में एल्युमिनियन और टेक्सटाइल रहा, जिनके लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार रहा है. बीते दिनों कंफेडेरेशन ऑफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री यानी CITI के एक सर्वे में इसके प्रभाव देखने को मिले थे. सर्वे के निष्कर्षों में सामने आया था कि निर्यात पर 50% टैरिफ के चलते कपड़ा और परिधान क्षेत्र कम ऑर्डर और कारोबार में करीब 50% की गिरावट से जूझ रहा है.  चीनी राजदूत बोले- 'भारतीय वस्तुओं का स्वागत' भारत में चीन के राजदूत श फीहोंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (पहले X) पर एक पोस्ट के जरिए भी India-China Trade बढ़ने पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि, 'वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में चीन को भारत का निर्यात 22% बढ़ा है. बीजिंग ज्यादा से ज्यादा भारतीय वस्तुओं का स्वागत करता है और अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव को कम करने में मदद के लिए तैयार है.' ट्रंप ने भारत पर टैरिफ किया था दोगुना बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी टैरिफ पॉलिसी के तहत शुरुआत में भारत पर 25 फीसदी का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था. लेकिन बाद में रूसी तेल और हथियारों की खरीद को मुद्दा बनाया और भारत पर इसकी खरीद बढ़ाकर यूक्रेन युद्ध में पुतिन की मदद करने का आरोप लगाया था. इसके चलते अमेरिका की ओर से भारत पर लागू टैरिफ को दोगुना करते हुए 50% कर दिया गया था, जो 27 अगस्त से लागू है.