samacharsecretary.com

हावड़ा-जमालपुर वंदे भारत ने तोड़ा रिकॉर्ड: 12 महीनों में 15 लाख यात्री और 13 करोड़ की आय

भागलपुर हावड़ा-जमालपुर वंदे भारत एक्सप्रेस ने 17 सितंबर को एक साल का सफल संचालन पूरा कर लिया। पहले यह ट्रेन हावड़ा भागलपुर के नाम से चलती थी। शुरुआत में ट्रेन केसरिया और काले रंग में चलती थी, लेकिन 16 अगस्त से जमालपुर से संचालन शुरू होने के बाद इसका रंग उजाला और ब्लू कर दिया गया। वहीं, मालदा डिविजन के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान लगभग 15 लाख यात्रियों ने इस ट्रेन से सफर किया और रेलवे को 13 करोड़ रुपये की आमदनी हुई। वहीं, भागलपुर स्टेशन यार्ड में वंदे भारत की मेंटेनेंस सुविधा भी शुरू होने जा रही है। 32 करोड़ रुपये की लागत से डब्ल्यूपीओ कंपनी द्वारा पिट लाइन तैयार की गई है। 28 सितंबर को इसका फाइनल निरीक्षण होगा। इस पिट लाइन के बाद ट्रेन की नियमित मेंटेनेंस और तकनीकी कार्य यहीं किए जा सकेंगे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इससे भविष्य में वंदे भारत की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी। वंदे भारत यात्रियों को अब मिलेगा एक लीटर रेल नीर वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर करने वाले यात्रियों को अब पानी की कमी की समस्या से जूझना नहीं पड़ेगा। आईआरसीटीसी ने बड़ा बदलाव करते हुए आधा लीटर के स्थान पर एक लीटर रेल नीर की बोतल देने की तैयारी शुरू कर दी है। आईआरसीटीसी के एजीएम विरेंद्र भट्ठी ने बताया कि अन्य रूटों पर यह व्यवस्था पहले से लागू है और जल्द ही वंदे भारत में भी यात्रियों को सुविधा मिलेगी। दरअसल, यात्रियों की ओर से लगातार शिकायत की जा रही थी कि आधा लीटर पानी यात्रा के दौरान पर्याप्त नहीं होता। अतिरिक्त बोतल की मांग पर उपलब्धता का हवाला देकर इंकार कर दिया जाता था। अब यह नई व्यवस्था यात्रियों की सुविधा में बड़ा कदम साबित होगी।

एक और वंदे भारत एक्सप्रेस आएगी, राजपुरा-मोहाली कनेक्शन होगा सुपरफास्ट!

नई दिल्ली  रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने मंगलवार को राजपुरा-मोहाली के बीच नई रेलवे लाइन की घोषणा की। साथ ही फिरोजपुर कैंट-बाटिंडा-पटियाला-दिल्ली के मार्ग पर नई वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने के प्रस्ताव का भी खुलासा किया है। यह परियोजनाएं क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और यात्रा के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी। ANI की खबर के मुताबिक, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को बताया कि पंजाब में रेलवे क्षेत्र में निवेश में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। जहां 2009 से 2014 के बीच यह निवेश सिर्फ ₹225 करोड़ था, वहीं अब यह बढ़कर ₹5,421 करोड़ हो गया है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय केंद्रीय राज्य मंत्री (रेल) रवनीत सिंह बिट्टू को दिया, जिन्होंने इस परियोजना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।   486 किलोमीटर का सफर 6 घंटे 40 मिनट में  फिरोजपुर कैंट से दिल्ली के बीच चलने वाली नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन कुल 486 किलोमीटर की यात्रा सिर्फ 6 घंटे 40 मिनट में पुरी हो सकेगी। यह ट्रेन बुधवार को छोड़कर सप्ताह के बाकी छह दिन उपलब्ध होगी। राजपुरा-मोहाली नई रेल लाइन रेल मंत्री ने कहा कि राज्य की राजधानी से सीधे और शॉर्ट रेल कनेक्टिविटी की काफी समय से मांग की जा रही थी। इसको अब पूरा करने का वक्त है। राजपुरा-मोहाली के बीच की यह लाइन चंडीगढ़ को अम्बाला-अमृतसर मेन लाइन पर स्थित सराय बंजारा स्टेशन के जरिये राज्य के बाकी हिस्सों से कनेक्ट करेगी। यह लाइन फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और पंजाब में एसएएस नगर से गुजरेगी। इस रूट की लंबाई 18 किलोमीटर है। इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 443 करोड़ रुपये होगी।   नई रेल लाइन से फायदा इस लाइन के तैयार हो जाने पर राजपुरा और मोहाली के बीच सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी और सफर में करीब 66 किलोमीटर दूरी कम हो जाएगी। इससे इस रूट पर भारी ट्रैफिक से भी निजात पाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, टेक्सटाइल्स, मैनुफैक्चरिंग और कृषि सेक्टर को आगे बढ़ने में मदद हो सकेगी। इस एरिया से करीब कई टूरिस्ट प्लेस भी मौजूद हैं, जाहिर है, इसमें भी काफी तरक्की होगी। 

आज से होगी शुरू दानापुर-जोगबनी वंदे भारत , यात्रियों का अभाव

पटना पटना को तिरहुत-मिथिलांचल-सीमांचल से जोड़ने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस आज से शुरू हो रही है। पटना के दानापुर से जोगबनी तक की यात्रा कराने वाली इस ट्रेन का पूर्व मध्य रेलवे प्रचार ठीक से नहीं कर सका है। यही कारण है कि ट्रेन अभी तक लगभग खाली है। वंदे भारत के चेयर कार में 419 सीटें हैं, जिनमें से 17 सितंबर को सुबह 7:25 बजे तक 61 सीटें ही आरक्षित हुई हैं। इसी तरह एक्जीक्यूटिव क्लास की 40 में से केवल छह सीटें ही बुक हैं। आप चाहें तो इसमें आसानी से टिकट लेकर यात्रा कर सकते हैं। दानापुर से आज खुलेगी, वंदे भारत की ज्यादा सीटें खाली हैं दानापुर से जोगबनी का चेयर कार का टिकट 1310 रुपए का है, जिसमें 308 रुपए कैटरिंग चार्ज शामिल है। उसी हिसाब से अन्य स्टेशनों का टिकट देख सकते हैं। दानापुर-जोगबनी वंदे भारत मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी। जोगबनी से यह ट्रेन गुरुवार 18 सितंबर को चलनी शुरू होगी। बुधवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन यह ट्रेन वहां से चलेगी। जोगबनी से दानापुर लाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस कल खुलेगी, लेकिन इसमें गुरुवार सुबह 7:25 तक महज 37 टिकटें चेयर कार और छह टिकटें एक्जीक्यूटिव क्लास में बुक हुई हैं। उधर से यात्रा का टिकट 1145 रुपए है, जिसमें 142 रुपए कैटरिंग चार्ज शामिल है। दानापुर से शाम में खुलेगी, जोगबनी से आधी रात के बाद लौटेगी 26302 दानापुर-जोगबनी वंदे भारत एक्सप्रेस आज शाम दानापुर से 17:10 बजे खुलकर 18:05 बजे हाजीपुर, 18:50 बजे मुजफ्फरपुर, 19:43 बजे समस्तीपुर,  20:23 बजे हसनपुर रोड, 20:38 बजे सलौना, 21:00 बजे खगड़िया, 21:55 बजे सहरसा, 22:23 दौरम मधेपुरा, 23:00 बजे बनमनखी, 23:40 बजे पूर्णिया के बाद अगली तारीख को 00:18 अररिया कोर्ट एवं 00:48 बजे फारबिसगंज रुकते हुए 01:20 बजे जोगबनी पहुंचेगी।26301 जोगबनी-दानापुर वंदे भारत एक्सप्रेस 18 सितंबर को जोगबनी से 03:25 बजे खुलकर 03:35 बजे फारबिसगंज, 04:00 बजे अररिया कोर्ट, 04:50 बजे पूर्णिया, 05:26 बजे बनमनखी, 05:53 बजे दौरम मधेपुरा, 06:20 बजे सहरसा, 07:13 बजे खगड़िया, 07:33 बजे सलौना, 07:48 बजे हसनपुर रोड, 08:23 बजे समस्तीपुर, 09:00 बजे मुजफ्फरपुर, 09:45 बजे हाजीपुर रुकते हुए 11:30 बजे दानापुर पहुंचेगी।  

अक्टूबर से शुरू हो सकती है नई इंदौर-नागपुर वंदे भारत ट्रेन, मुंबई से आए 16 नए कोच

 इंदौर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने अब इंदौर-नागपुर वंदे भारत ट्रेन को 16 कोचों के साथ चलाने का फैसला किया है. मुंबई से सभी नए कोच इंदौर पहुंच चुके हैं और इंदौर रेलवे डिपो में इनके मेंटेनेंस का काम चल रहा है. सूत्रों के मुताबिक, अक्टूबर से यह ट्रेन नए और बढ़े हुए कोचों के साथ चल सकती है. फिलहाल यह ट्रेन 8 कोचों के साथ चल रही है, जिनमें कुल 530 सीटें हैं, लेकिन 16 कोच होने के बाद सीटों की संख्या बढ़कर 1150 से ज़्यादा हो जाएगी, जिससे यात्रियों को सुविधा होगी.रतलाम मंडल इंदौर-नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को अपग्रेड करने के साथ ही इसे अब आठ की जगह 16 कोच के साथ चलाएगा। इसके लिए पिछले सात से आठ दिन पहले मुंबई के वाड़ी बंदर डिपो से 16 रैक इंदौर आ चुके हैं, जिनका रखरखाव का कार्य इंदौर रेलवे डिपो पर जारी है। फिलहाल ये 16 रैक लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन पर खड़े हैं। रतलाम मंडल के एक वरिष्ठ ने बताया कि संभवत: अक्टूबर के पहले सप्ताह से 16 कोच के साथ इंदौर-नागपुर वंदे भारत ट्रेन चलेगी। सात वंदे भारत ट्रेनों में कोच बढ़ाने का फैसला इंदौर से भोपाल होकर नागपुर के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन में कोच बढ़ाने का निर्णय रेलवे बोर्ड की कमेटी ने लिया है। यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या और सीटों की भारी मांग को देखते हुए ट्रेन में अतिरिक्त कोच जोड़ने की तैयारी चल रही है। रेलवे बोर्ड कमेटी ने पिछले दिनों वंदे भारत ट्रेन की ऑक्यूपेंसी (ट्रेन में कितनी सीटें भरी हुई हैं) और यात्रियों की मांग के संबंध में सभी जोन और मंडलों से रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद देशभर में चल रही सात वंदे भारत ट्रेनों में कोच बढ़ाने का फैसला लिया गया था। 52 सीटें एक्जीक्यूटिव और शेष चेयरकार कोच में रतलाम रेलवे मंडल से मिली जानकारी के अनुसार मंडल ने बढ़ती संख्या में यात्रियों और टिकट की कमी को प्रमुख मुद्दा बताया था। वर्तमान में इंदौर-नागपुर वंदे भारत आठ कोच की है, जिसमें कुल 530 सीटें हैं। इसमें 52 सीटें एक्जीक्यूटिव क्लास और शेष चेयरकार कोच में हैं। नए सिरे से कर रहे रखरखाव रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले सात से आठ दिन पहले सेंट्रल रेलवे के तहत आने वाले मुंबई के वाड़ी बंदर डिपो से वंदे भारत के लिए 16 रैक आ चुके हैं, जो फिलहाल लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन के तीन नंबर प्लेटफार्म के पास वाले ट्रैक पर खड़े हैं। इन रैक का नए सिरे से रखरखाव कर रहे हैं। 16 कोच के साथ इंदौर-नागपुर वंदे भारत ट्रेन इंदौर-नागपुर के पुराने आठ कोच को कहां भेजा जाएगा, इस विषय पर रेलवे बोर्ड अंतिम निर्णय लेगा। संभवत: अक्टूबर के पहले सप्ताह से 16 कोच के साथ इंदौर-नागपुर वंदे भारत ट्रेन चलेगी। आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए वंदे भारत एक्सप्रेस में कोच बढ़ाने का निर्णय रेलवे बोर्ड कमेटी ने लिया है। कोच संख्या आठ बढ़ाकर इसे 16 कोच की ट्रेन बनाया जाएगा। इसमें कुल सीटों की संख्या लगभग 1150 से अधिक हो जाएगी। 8 कोच कहां भेजेंगे, इस पर निर्णय नहीं वर्तमान में इंदौर-नागपुर के पुराने 8 कोच को कहां भेजा जाएगा, इस विषय पर रेलवे बोर्ड अंतिम निर्णय लेगा। संभवत: अक्टूबर के पहले सप्ताह से 16 कोच के साथ इंदौर-नागपुर वंदे भारत ट्रेन चलना शुरू हो जाएगी। आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए वंदे भारत एक्सप्रेस में कोच बढ़ाने का निर्णय रेलवे बोर्ड कमेटी ने लिया है। कोच संख्या आठ बढ़ाकर इसे 16 कोच की ट्रेन बनाया जाएगा। इसमें कुल सीटों की संख्या लगभग 1150 से अधिक हो जाएगी। 1150 से अधिक होगी सीटों की संख्या इंदौर-भोपाल वंदे भारत 8 कोच की है, जिसमें कुल 530 सीटें हैं। इसमें 52 सीटें एक्जीक्यूटिव क्लास में और शेष चेयरकार कोच में हैं। सी-1 और सी-7 कोच में कुल 88 सीटें हैं। सी-2 से सी-6 तक के पांच कोच में प्रत्येक कोच में 78 सीटें हैं, कुल 390 सीटें। बी-1 कोच (एक्जीक्यूटिव क्लास) में 52 सीटें हैं। रेलवे सूत्रों के अनुसार, कोच संख्या बढ़ाकर इसे 16 कोच की ट्रेन बनाया जाएगा। इसके बाद इसमें कुल सीटों की संख्या लगभग 1150 से अधिक हो जाएगी। इन रूटों पर कोच का अपग्रेडेशन मंगलुरु-तिरुवनंतपुरम सेंट्रल, सिकंदराबाद-तिरुपति, चेन्नई एग्मोर-तिरुनेलवेली, मदुरै-बेंगलुरु कैंट, देवघर-वाराणसी, हावड़ा-राउरकेला, इंदौर-नागपुर। पश्चिम मध्य रेल के यात्रियों को भी मिलेगा लाभ पश्चिमी मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि इंदौर-नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस (20911/12) में कोच की संख्या बढ़ने से इस मार्ग पर अधिक सीटें उपलब्ध होंगी। इसका सीधा लाभ भोपाल, नर्मदापुरम और इटारसी के यात्रियों को भी मिलेगा। इस विस्तार से न केवल वेटिंग लिस्ट कम होगी, बल्कि यात्रियों का सफर भी और अधिक सुविधाजनक हो जाएगा। यह दिखाता है कि वंदे भारत एक्सप्रेस अब सिर्फ अपनी गति और तकनीक के लिए ही नहीं, बल्कि यात्रियों की जरूरतों के अनुसार लगातार बेहतर होती सुविधाओं के लिए भी जानी जाती है। 27 जून से हुई थी इंदौर-भोपाल ट्रेन की शुरुआत इंदौर और भोपाल के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत 27 जून को हुई थी। ट्रेन इंदौर से भोपाल तक के सफर में सिर्फ उज्जैन में 5 मिनट के लिए रुकती है। इससे पहले इंदौर-भोपाल के बीच सबसे तेज़ ट्रेन इंदौर–जबलपुर एक्सप्रेस थी, जो 3 घंटे 55 मिनट में यह दूरी तय करती थी। रेल विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत के एक महीने में इस ट्रेन में औसतन रोजाना 75 फीसदी सीटें खाली रहीं। केवल 25 फीसदी यात्रियों के साथ ही ट्रेन का संचालन हुआ। रेल अधिकारियों ने यात्रियों की कम संख्या को लेकर इसका रिव्यू भी किया। ट्रेन का नियमित संचालन 28 जून से शुरू हुआ, जिसके बाद यात्रियों ने पूरी सीट क्षमता के साथ सफर किया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के आग्रह पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस ट्रेन को नागपुर तक बढ़ाने का निर्णय लिया। इसके बाद इंदौर–भोपाल वंदे भारत अब नागपुर तक चलने लगी है। इंदौर-नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में कोच बढ़ाने के मामले में 16 रैक मिल चुके हैं। इन कोच का रखरखाव इंदौर रेलवे डिपो में जारी है। इंदौर-नागपुर वंदे भारत में कुल 90 फीसदी और कुछ सेक्शन में 100 प्रतिशत आक्यूपेंसी है। संभवत: अक्टूबर के पहले सप्ताह से 16 कोच … Read more

मेरठवासियों को मिली सौगात, अयोध्या-वाराणसी तक मिलेगी वंदे भारत की तेज रफ्तार सुविधा

मेरठ मेरठ से वाराणसी और अयोध्या के लिए सफर अब और आरामदायक हो गया है, जहां इस इस रूट पर अब वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू हो गई है। इस ट्रेन को लोगों को लंबे समय से इंतजार था और उनका इंतजार अब खत्म हो गया है। राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इस ट्रेन को लेकर लोगों में जबरदस्त क्रेज है, जहां 29 अगस्त के लिए इस ट्रेन की सबसे ज्यादा बुकिंग की गई है। ट्रेन नंबर 22490 वंदे भारत एक्सप्रेस बुधवार सुबह छह बजकर 35 मिनट पर मेरठ से रवाना हुई, जबकि ट्रेन नंबर 22489 वाराणसी से सुबह नौ बजकर दस मिनट पर मेरठ के लिए चली। बता दें कि पहले यह ट्रेन मेरठ से लखनऊ के लिए चलती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर वाराणसी तक बढ़ा दिया गया है।   ट्रेन को लेकर लोगों में जबरदस्त क्रेज मंगलवार की शाम तक 27 अगस्त के लिए मेरठ से अयोध्या के लिए 69 और बनारस के लिए 18 लोगों ने चेयरकार श्रेणी में सीटें रिजर्व कराईं। इसके अलावा मेरठ से बनारस के एग्जिक्यूटिव श्रेणी में तीन रिजर्वेशन हुए हैं। बता दें कि लखनऊ तक चल रही वंदे भारत एक्सप्रेस को अयोध्या और वाराणसी से जोड़ने के लिए दैनिक जागरण ने काफी प्रयास किए थे और समय-समय पर इस मांग को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद जनप्रतिनिधियों ने इस मुहिम को आगे बढ़ाया और एक महीने पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रेन को अयोध्या और वाराणसी तक विस्तारित करने पर हरी झंडी दे दी थी। 29 अगस्त को सबसे ज्यादा बुकिंग मंगलवार की शाम तक पहले दिन ट्रेन में चेयरकार श्रेणी में कुल 478 सीटों में 281 सीटें बुक हुई हैं। एग्जिक्यूटिव श्रेणी में कुल 52 सीटों में 27 बुक हैं। 29 अगस्त के लिए ट्रेन में सबसे ज्यादा बुकिंग है, जहां चेयरकार में 291 सीटें बुक हैं। इसी दिन ट्रेन का एग्जिक्यूटिव कोच पूरी तरह बुक है, जिसमे एक वेटिंग चल रही है। भारतीय रेलवे ने ट्रेन का संशोधित टाइम टेबल भी जारी कर दिया है, जहां ट्रेन का मेरठ से चलने और लखनऊ पहुंचने के समय में कोई परिवर्तन नहीं है। लेकिन 27 अगस्त से ट्रेन लखनऊ से वर्तमान समय 2:45 की जगह 1:50 बजे मेरठ के लिए प्रस्थान करेगी।

एमपी में वंदे भारत एक्सप्रेस की बढ़ती लोकप्रियता, भोपाल रेल मंडल ने लिया अहम निर्णय

भोपाल एमपी में चल रहीं वंदेभारत एक्सप्रेस में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदेश की पहली वंदेभारत भोपाल निजामुद्दीन और बाद में चलनेवाली इंदौर नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस तथा रानी कमलापति रीवा वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की ऑक्यूपेंसी बेहतर होती जा रही है। रेलवे बोर्ड द्वारा वंदे भारत के संबंध में जोन और मंडलों से बुलाई गई रिपोर्ट के अनुसार भोपाल निजामुद्दीन वंदेभारत एक्सप्रेस में तो सीटों की जबर्दस्त कमी पड़ रही है। इसकी ऑक्यूपेंसी और पैसेंजर डिमांड को देखते हुए भोपाल रेल मंडल ने बड़ा फैसला लिया है। मंडल ने भोपाल निजामुद्दीन वंदेभारत एक्सप्रेस में कोच बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके लिए अब रेलवे बोर्ड की मंजूरी मांगी गई है। एमपी की राजधानी भोपाल को देश की राजधानी दिल्ली से जोड़नेवाली रानी कमलापति–हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। ट्रेन नंबर 20171 रानी कमलापति-निजामुद्दीन की ऑक्यूपेंसी जहां 94 प्रतिशत है वहीं ट्रेन नंबर 20172 निजामुद्दीन-रानी कमलापति वंदेभारत 112 प्रतिशत की ऑक्यूपेंसी से चल रही है। ट्रेन में तेजी से बढ़ती यात्रियों की संख्या को देखते हुए रानी कमलापति–हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस में कोच बढ़ाए जा रहे हैं। इससे रेल यात्रियों को खासी राहत मिल सकेगी। भोपाल रेल मंडल ने रेलवे बोर्ड को वंदे भारत ट्रेन में 4 कोच बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा है। मंडल अधिकारियों के अनुसार बोर्ड से इसकी जल्द मंजूरी मिल सकती है। रानी कमलापति–हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस अभी 16 कोच की ट्रेन है। इसमें 2 एग्जीक्यूटिव क्लास कोच और 14 एसी चेयर कार कोच हैं। इस प्रकार कुल 1128 सीटें हैं। 4 कोच बढ़ाने पर रानी कमलापति–हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत में 432 सीटें बढ़ जाएंगी। 20 कोच से रोज 1560 यात्री कर सकेंगे सफर भोपाल रेल मंडल के अधिकारी बताते हैं कि रानी कमलापति–हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस को 20 कोच की करने से इसमें रोज 1560 यात्री सफर कर सकेंगे। नया प्रस्ताव मंजूर होने पर ट्रेन में 2 एसी चेयर कार और 2 एग्जीक्यूटिव क्लास कोच बढ़ जाएंगे। इस प्रकार रानी कमलापति–हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस में कुल 4 एग्जीक्यूटिव क्लास और 16 चेयर कार कोच हो जाएंगे। भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया बताते हैं कि रानी कमलापति–हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस को 20 कोच की करने का फैसला लिया गया है। रेलवे बोर्ड से जल्द ही इसकी मंजूरी मिलने की उम्मीद है।