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घर में नहीं टिकता धन? ये वास्तु टिप्स ला सकते हैं समृद्धि और स्थिरता

क्या आपने कभी सोचा है कि आपके घर की चारदीवारी, जिसके भीतर आप रहते हैं, आपकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है ? जब धन हाथ में नहीं टिकता, तो अक्सर हम अपनी मेहनत या किस्मत को दोष देते हैं। लेकिन भारतीय संस्कृति का प्राचीन विज्ञान वास्तु शास्त्र एक गहरा रहस्य बताता है, आपके घर की ऊर्जा का प्रवाह ही आपके धन के ठहराव का सबसे बड़ा कारण है। तिजोरी रखने की सही दिशा वास्तु के अनुसार, आपको अपनी तिजोरी या पैसे रखने वाली अलमारी को घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में रखना चाहिए। यह कोना पृथ्वी तत्व को दर्शाता है, जो स्थिरता और जमाव को बढ़ावा देता है।  तिजोरी का दरवाज़ा हमेशा उत्तर दिशा की ओर खुलना चाहिए। उत्तर दिशा को धन के देवता, कुबे  का स्थान माना जाता है। इस दिशा में खुलने से धन आकर्षित होता है और बढ़ता है। तिजोरी का मुख गलती से भी दक्षिण या पश्चिम दिशा की ओर नहीं खुलना चाहिए, इससे धन का तेज बहाव होता है। उत्तर-पूर्व की शुद्धता घर का उत्तर-पूर्व सबसे पवित्र और पूजनीय स्थान माना जाता है क्योंकि यहां देवी-देवताओं का वास होता है। यह दिशा जल तत्व से भी जुड़ी है और धन-समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। इस कोने में शौचालय, भारी फर्नीचर या जूते-चप्पल की रैक कभी न रखें। मुख्य द्वार के उपाय अपने घर के मुख्य द्वार पर स्वस्तिक का शुभ चिह्न बनाना बहुत ही कल्याणकारी माना जाता है। यह नकारात्मक ऊर्जा को घर में प्रवेश करने से रोकता है और सकारात्मकता लाता है, जिससे धन संबंधी बाधाएं दूर होती हैं। सुनिश्चित करें कि आपके घर के दरवाज़े खोलते या बंद करते समय किसी भी तरह की चरमराहट या कर्कश आवाज दरवाज़ों को चिकनाई देकर रखें। सकारात्मक वस्तुओं का उपयोग घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में तांबे का स्वस्तिक लगाना धन के प्रवाह से संबंधित सभी रुकावटों को दूर करता है। धन को आकर्षित करने के लिए कुछ क्रिस्टल बहुत प्रभावशाली माने जाते हैं। पानी की बर्बादी रोकें अगर आपके घर में कोई नल टपक रहा है तो उसे तुरंत ठीक कराएं। वास्तु शास्त्र में पानी का टपकना धन की बर्बादी का प्रतीक माना जाता है।

वास्तु दोष का असर: गलत दिशा में बनी रसोई से बिगड़ सकता है स्वास्थ्य

जीवन में हमेशा खुशहाली बनी रहे इसके लिए आपका घर वास्तु दोष से मुक्त होना जरुरी है। घर से भी ज्यादा जरुरी है आपका रसोई घर। रसोई घर में यदि वास्तु दोष हों तो उनका असर आपके पूरे परिवार पर पड़ता है। खासतौर पर गलत दिशा में बनी किचन गृहणी की सेहत पर बुरा असर डालती है। किचन की दिशा: वास्तु के हिसाब से किचन का निर्माण घर के दक्षिण-पूर्व हिस्से में होना चाहिए। इसके अलावा खाना पकाते वक्त आपका मुंह दक्षिण या फिर उत्तर दिशा में होना चाहिए। ऐसा करने से रसोई घर में बरकत हमेशा बनी रहती है। दरवाजे की दिशा: रसोई-घर का दरवाजा क्लॉक वाइस उत्तर से पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए। खाना पकाते वक्त आपकी पीठ दरवाजे की तरफ नहीं होनी चाहिए। ऐसा करने से घर आने वाली लक्ष्मी का अपमान समझा जाता है। साथ ही इसका असर गृहणी यानि खाना पकाने वाली औरत की सेहत पर भी पड़ता है। रसोई-घर का सामान: रसोई में किसी तरफ का भारी सामान या फिर गेहूं रखने वाला बड़ा कंटेनर कभी भी ईशान कोण में स्थापित न करें। इन्हें रखने के लिए रसोई का दक्षिण-पूर्व हिस्सा सबसे बेस्ट माना जाता है। रंग: रसोई के रंग घर के वास्तु शास्त्र से बहुत मेल खाते हैं। घर में बरकत बनाए रखने के लिए रसोई घर में हमेशा शांतमयी रंगों का इस्तेमाल करें। जैसे कि पीला या फिर हल्का नीला। नीला रंग आसमान से मेल खाता है, ऐसे में ये रंग घर के वास्तु को ठीक रखने में काफी मददगार सिद्ध होते हैं। डाइनिंग टेबल: अगर आपका डाइनिंग टेबल रसोई घर में रखा है तो उसे किचन के सेंटर में रखें। डाइनिंग टेबल रखने के लिए उत्तर-पश्चिम दिशा ही चुनें। गैस रखने की दिशा: रसोई घर में गैस चूल्हा हमेशा साउथ-ईस्ट कॉर्नर में रखें। गैस के साथ-साथ और भी अन्य बिजली के उपकरण अगर इसी दिशा में रखें जाएं तो बेहतर रहेगा। तो ये थे किचन से जुड़े कुछ आसान वास्तु टिप्स। जिन्हें ध्यान में रखकर आप घर और किचन दोनों के वास्तु दोष दूर कर सकते हैं। इसके लिए आपको किसी तोड़-फोड़ की भी जरुरत नहीं पड़ेगी।  

पौधे सही दिशा में लगाने से बदल जाएगा घर का भाग्य

घर की साज-सजावट के लिए हम कई तरह के पेड़-पौधे लगाते हैं। वहीं कुछ पेड़-पौधे आध्यात्मिक लाभ भी प्रदान करते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे पेड़-पौधों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें घर में लगाने से समृद्धि और खुशहाली आती है। साथ ही आर्थिक तंगी भी दूर हो सकती है। चलिए जानते हैं इस बारे में। दूर होती हैं धन संबंधी समस्याएं वास्तु शास्त्र में मनी प्लांट को एक बहुत ही शुभ पौधे के रूप में देखा जाता है। वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाना सबसे शुभ माना जाता है। ऐसा करने से धन और समृद्धि आकर्षित होती हैं। लेकिन वास्तु के अनुसार, इस पौधे को घर की उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना शुभ नहीं माना गया। इस पौधे को घर के अंदर लगाना ज्यादा शुभ माना गया है। इस बात का भी ध्यान रखें कि मनी प्लांट की बेल जमीन को न छूए। बनी रहती है सकारात्मक ऊर्जा वास्तु शास्त्र में घर में लगाने के लिए बांस को भी एक शुभ पौधा माना गया है। अगर वास्तु नियमों का ध्यान रखते हुए इस पौधे को घर में लगाया जाए, तो इससे व्यक्ति के सौभाग्य में वृद्धि हो सकती है। साथ ही, जातक को कई अन्य समस्याओं से भी छुटकारा मिल जाता है। ऐसे में आप इस पौधे को घर की उत्तर या पूर्व दिशा में लगा सकते हैं। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है और नेगेटिव एनर्जी दूर बनी होती है। साथ ही, इससे धन संबंधी समस्याओं से भी आपको छुटकारा मिल सकता है। ये पौधा है बहुत ही शुभ शमी का पौधा भी घर में लगाना काफी शुभ माना गया है। आध्यात्मिक रूप से यदि रोजाना श्रद्धाभाव से इस पौधे की पूजा-अर्चना की जाए, तो इससे आपको भगवान शिव और शनिदेव की कृपा प्राप्त हो सकती है। इसके साथ ही यह माना जाता है कि यदि किसी जातक पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है, तो उसे शमी का पौधा घर में जरूर लगाना चाहिए। वास्तु शास्त्र में इसे लगाने के लिए घर की पूर्व दिशा या फिर ईशान कोण अर्थात उत्तर-पूर्व दिशा को सबसे उत्तम माना गया है। इस बात का खासतौर से ध्यान रखें कि शमी को हमेशा घर के बाहर, जैसे कि बालकनी, छत या गार्डन में लगाना चाहिए। वहीं वास्तु में इसे घर की दक्षिण दिशा में लगाना शुभ माना गया है। इसे कभी भी घर के अंदर नहीं लगाना चाहिए, वरना आपको नकारात्मक परिणाम भी मिल सकते हैं।  

घर के बेडरूम की लाइट बदलेगी रिश्तों की मिठास, ये रंग करेगा कमाल

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का हर कोना हमारे जीवन की ऊर्जा और मनोभावों को प्रभावित करता है। खासतौर पर बेडरूम, जो पति-पत्नी के बीच प्रेम, सामंजस्य और सुकून से जुड़ा होता है। अगर आप अपने रिश्ते में प्यार और सकारात्मकता बनाए रखना चाहते हैं, तो बेडरूम की लाइट का रंग बेहद महत्वपूर्ण होता है। सही रंग की रोशनी न सिर्फ माहौल को सुखद बनाती है बल्कि जीवनसाथी के बीच अपनापन और मधुरता भी बढ़ाती है। तो आइए जानते हैं कि कौन-सी लाइट आपके रिश्ते में प्रेम का जादू भर सकती है। क्यों फायदेमंद है इस रंग की लाइट गुलाबी रंग लाइट गुलाबी रंग की रोशनी प्रेम, कोमलता और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक मानी जाती है। यह माहौल को रोमांटिक और सुकून भरा बनाती है। वॉर्म येलो लाइट वॉर्म येलो लाइट घर में गर्मजोशी और स्थिरता लाती है। इससे मन शांत रहता है और रिश्तों में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। बहुत ज्यादा चमकीली या सफेद लाइट से बचना चाहिए, क्योंकि यह मानसिक तनाव और बेचैनी पैदा कर सकती है। वास्तु के अनुसार सही दिशा बेडरूम का स्थान दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना सबसे शुभ माना जाता है। यह दिशा स्थायित्व और भरोसे का प्रतीक है, जो रिश्ते को मजबूत बनाती है।

इन तीन वस्तुओं का दान संध्या के समय माना जाता है अशुभ, जानें वजह

वास्तु शास्त्र में धन और संपत्ति की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। घर में सुख-समृद्धि बनी रहे, इसके लिए समय और अवसर का सही चयन बहुत जरूरी होता है। खासकर दान देने के समय की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि आप शाम के समय कुछ खास चीजें दान करते हैं, तो यह आपके आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। तो आइए जानते हैं कि शाम के समय कौन सी तीन चीजों का दान नहीं करना चाहिए। सिक्के या छोटे पैसे का दान शाम के समय छोटे-मोटे पैसे या सिक्कों का दान करने से घर में धन की ऊर्जा कमजोर हो सकती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यह आपके आर्थिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है और अनावश्यक खर्च बढ़ा सकता है। टूटे या पुराने बर्तन का दान पुराने या टूटे बर्तनों का दान करने से भी धन हानि की संभावना बढ़ सकती है। शाम के समय यह करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और संपत्ति की वृद्धि रुक सकती है। बिना जरूरत की चीजों का दान शाम के समय ऐसा दान करना जिसमें आपकी जरूरत की वस्तुएं शामिल हों या बिना योजना का दान हो, यह भी वास्तु दोष पैदा कर सकता है। इससे न केवल संपत्ति पर असर पड़ता है बल्कि मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है।

घर में तनाव और कलह की वजह बन सकती हैं बाथरूम की ये वस्तुएं

घर में सुख-शांति और समृद्धि बनाए रखना हर किसी की इच्छा होती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के हर हिस्से की सही व्यवस्था जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाती है। खासकर बाथरूम के बारे में कुछ चीजें हैं जिनका ध्यान रखना बेहद जरूरी है, वरना यह घर की सुख-शांति पर असर डाल सकती हैं। तो आइए जानते हैं घर में सुख-शांति और पॉजिटिव एनर्जी बनाएं रखने के लिए बाथरूम की कौन-कौन सी चीजों को तुरंत हटाना चाहिए। टूटे या दरार वाले फिटिंग्स वास्तु के अनुसार, टूटे हुए टॉयलेट सीट, फटी हुई टब या सीटींग्स बाथरूम में नहीं होनी चाहिए। ऐसी चीजें नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं। इसलिए इन्हें बाथरूम से तुरंत हटा देना चाहिए। बाथरूम में अनावश्यक सामान वास्तु के अनुसार, बाथरूम में पुराने टब्स, खाली बोतलें और बेकार सामान जमा करना वास्तु दोष पैदा करता है। घर में पॉजिटिव एनर्जी को बनाएं रखने के लिए चीज़ों को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखें। बाथरूम में अंधेरा या खराब लाइट वास्तु शास्त्र के अनुसार, कम रोशनी वाला बाथरूम नकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करता है। इसलिए हमेशा पर्याप्त रोशनी और हवादार व्यवस्था रखनी चाहिए। टूटी या घिसे चप्पलें वास्तु के अनुसार, बाथरूम में कभी भी टूटी चप्पलें या घिसे हुए जूते नहीं रखने चाहिए। ऐसे जूते घर की शांति और सुख को प्रभावित कर सकती है। टूटा हुआ शीशा वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर या बाथरूम में कभी भी टूटा हुआ शीशा नहीं लगाना चाहिए। टूटे हुए शीशे से वास्तु दोष पैदा हो सकता है और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है।

घर और ऑफिस में तांबे का सूरज लगाएं, करें करियर और मान-सम्मान की वृद्धि

वास्तु के अनुसार घर की सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए हम कई तरह के उपायों को आजमाना पसंद करते हैं। घर के हर एक कोने में हम वास्तु के अनुसार ही चीजों का प्लेसमेंट करते हैं, जिससे समृद्धि बनी रहे। ऐसी ही चीजों में से एक है घर में तांबे का सूरज लगाना। वास्तुशास्त्र के अनुसार, तांबे का सूरज घर में लगाना न केवल सौंदर्य बढ़ाता है बल्कि यह एक सकारात्मक और सशक्त वातावरण भी प्रदान करता है। तांबे का सूरज घर में लगाने के कई फायदे होते हैं। तांबा एक महत्वपूर्ण धातु है, जिसे सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। तांबे का सूरज घर के उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित करने से विशेष लाभ मिलता है। तांबा सूर्य का प्रतीक है, जो जीवन और ऊर्जा का स्रोत है। इसे घर में लगाने से घर में सकारात्मकता और जीवन शक्ति का संचार होता है। इससे परिवार के सदस्यों में स्वास्थ्य, खुशी और समृद्धि बढ़ती है। तांबा गर्मी को संतुलित करता है। यह घर के वातावरण को शुद्ध करता है और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है। इस प्रकार घर में ताजगी और शांति बनी रहती है। तांबे का सूरज व्यक्ति की मनोबल को भी बढ़ाता है। यह आत्मविश्वास और ऊर्जा को बढ़ाने में सहायक होता है, जिससे व्यक्ति अपने लक्ष्यों को बेहतर तरीके से प्राप्त कर सकता है। वास्तु की मानें तो घर में तांबे का सूर्य पूरे घर के लिए ऊर्जा का एक उत्कृष्ट स्रोत माना जाता है। यदि आप सूर्य की ऊर्जा का प्रतीक तांबे का सूरज घर में लगाते हैं तो आपके घर के चारों तरफ यश, र्कीति और खुशहाली बनी रहती है। तांबे को एक प्रभावशाली धातु के रूप में जाना जाता है और मान्यता है कि इस तरह का सूरज घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। यह घर के लोगों के बीच सामंजस्य बनाए रखने में मदद करता है और इससे निकलने वाली ऊर्जा वातावरण में समृद्धि जोड़ती है, जिससे पारिवारिक कलह से मुक्ति मिलती है। यदि आप लोकप्रियता हासिल करना चाहते हैं तो अपने घर में तांबे का सूर्य अवश्य लगाना चाहिए। यदि आप किसी कार्यस्थल पर इसे लगाते हैं तो यह सफलता दिलाने में मदद करता है।

जानें कौन सा घर का कोना है धनवृद्धि का मार्ग, बस रखें खाली फ्लावर पॉट

घर में खुशहाली और आर्थिक समृद्धि बनाए रखना हर किसी की इच्छा होती है। वास्तु शास्त्र में कुछ आसान लेकिन असरदार उपाय बताए गए हैं, जो जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। इनमें से एक सरल और प्रभावशाली तरीका है- घर के सही कोने में खास रंग का खाली फ्लावर पॉट रखना। यह न केवल घर की ऊर्जा को संतुलित करता है, बल्कि अनावश्यक खर्चों को कम करने में भी मदद करता है। बस दो छोटे उपायों को अपनाकर आप अपने घर और जीवन में सुख-समृद्धि ला सकते हैं। फ्लावर पॉट के लिए सही कोने का चयन वास्तु के अनुसार, घर के उत्तर-पूर्वी या दक्षिण-पश्चिमी कोने में खाली फ्लावर पॉट रखना शुभ माना जाता है। यह कोना सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और घर के वातावरण में संतुलन बनाता है। साथ ही घर-परिवार में खुशहाली और समृद्धि बनी रहती है। फ्लावर पॉट के लिए रंगों का महत्व वास्तु के अनुसार, फ्लावर पॉट का रंग भी बहुत मायने रखता है। इसलिए घर में खाली फ्लावर पॉट रखते समय रंगों का चयन करना भी बहुत जरूरी है। घर में सफेद, हरे, नीले रंग के फ्लावर पॉट रखने चाहिए क्योंकि यह शांति और मानसिक स्थिरता को स्थिर रखते हैं और धन, समृद्धि बढ़ाने में सहायक होते हैं। साथ ही इन रंगों के फ्लावर पॉट रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक स्पष्टता बनी रहती है।

बच्चों की पढ़ाई में बढ़ावा: स्टडी रूम के वास्तु टिप्स

बच्चों की पढ़ाई में ध्यान न लगना, जल्दी थक जाना या मन भटकना आजकल आम समस्या बन गई है। कई बार इसका कारण सिर्फ आदतें या पढ़ाई का तरीका नहीं होता, बल्कि घर का वास्तु भी इसमें अहम भूमिका निभाता है। अगर स्टडी रूम का वास्तु सही न हो, तो बच्चे का फोकस और मेमोरी दोनों प्रभावित हो सकते हैं। चलिए जानते हैं कुछ ऐसे आसान वास्तु उपाय, जो आपके बच्चे के भविष्य को उज्जवल बना सकते हैं। स्टडी रूम की दिशा का सही चयन करें वास्तु के अनुसार, बच्चों का स्टडी रूम उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में होना सबसे शुभ माना जाता है। इन दिशाओं से आने वाली सकारात्मक ऊर्जा एकाग्रता बढ़ाती है और बच्चे में सीखने की क्षमता को मजबूत करती है। पढ़ाई की मेज की दिशा वास्तु के अनुसार, बच्चों को पढ़ते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए। इससे याददाश्त बेहतर होती है और मन शांत रहता है। ध्यान रखें कि पीठ दरवाजे या खिड़की की ओर न हो, क्योंकि इससे ध्यान भटकता है। कमरे में प्रकाश और हवा का सही संतुलन स्टडी रूम में प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा का आना बहुत ज़रूरी है। तेज और साफ रोशनी दिमाग को सक्रिय रखती है। अगर संभव हो तो स्टडी टेबल को ऐसी जगह रखें जहां दिन की रोशनी आसानी से पहुंचे। आईना और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं न रखें वास्तु के अनुसार, स्टडी रूम में आईना, टीवी या मोबाइल जैसी चीज़ें रखने से बचें। ये वस्तुएं ध्यान भटकाती हैं और बच्चों के फोकस को कम करती हैं।

समृद्धि का रास्ता खोलें: दीवाली से पहले हटाएं घर से ये नकारात्मक चीजें!

सनातन धर्म में दीवाली के त्योहार का बेहद खास महत्व है। इस पर्व के आने का हर कोई बेसब्री से इंतजार करता है। दीवाली से पहले लोग अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं। ऐसे में सफाई करते समय ध्यान रखें कि अशुभ चीजों को घर से बाहर करें। वास्तु (Vastu Tips) शास्त्र के अनुसार, अशुभ चीजों को घर से बाहर करने से मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है। साथ ही सुख-शांति बनी रहती है। ऐसे में चलिए इस आर्टिकल में जानेंगे कि दीवाली से पहले किन चीजों को घर से बाहर करना चाहिए, जिससे धन की देवी मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होगा। कब है दीवाली हर साल कार्तिक माह की अमावस्या तिथि पर दीवाली मनाई जाती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार दीवाली का पर्व 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इन चीजों को घर से करें बाहर     वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में टुटा हुआ शीशा रहना शुभ नहीं माना जाता है। इसको घर में रखने से नकारात्मकता ऊर्जा का वास होता है और व्यक्ति को जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए दीवाली से पहले टूटे हुए शीशे को घर से बाहर करें। ऐसा माना जाता है कि इस काम को करने से घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है।     अगर आपके घर में फटे-पुराने जूते चप्पल है, तो उन्हें भी दीवाली की सफाई के दौरान घर से बाहर करें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, फटे-पुराने जूते चप्पल को घर में रखने से दुर्भाग्य आता है और मां लक्ष्मी का आगमन नहीं होता है। इसलिए इस दीवाली पर घर में भूलकर भी फटे-पुराने जूते चप्पल न रखें।     इसके अलावा घर में बंद घड़ी को नहीं रखना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि बंद घड़ी का नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इससे व्यक्ति को करियर और आर्थिक तंगी का समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए दीवाली से पहले बंद घड़ी को घर से बाहर करें या फिर उसे सही करवाएं।     अगर आपके मंदिर में किसी देवी-देवता की खंडित प्रतिमा (टूटी हुई) है, तो उसे मंदिर में न रखें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, खंडित प्रतिमा की पूजा करने से साधक को पूजा का शुभ फल प्राप्त नहीं होता है। ऐसे में खंडित प्रतिमा को किसी पवित्र नदी में विसर्जत कर दें।