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CM विजय का बड़ा ऐलान, चेन्नई में बनेगा ओलंपिक शहर; F1 रेसिंग के लिए तैयार होगी मोटरस्पोर्ट्स सिटी

चेन्नई  तमिलनाडु ने 2036 के ओलंपिक गेम्स की तैयारी अभी से शुरू कर दी है. विजय सरकार का फोकस चेन्नई में एक ओलंपिक शहर बनाए जाने पर है. साथ ही फॉर्मूला 1 रेस की मेजबानी के लिए चेन्नई में एक मोटर स्पोर्ट्स सिटी भी सरकार बनाने जा रही है. सीएम विजय ने खुद इस बात का ऐलान किया है. उन्होंने विधानसभा में कहा कि मोटर स्पोर्ट्स में युवाओं की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें ट्रेनिंग और रेसिंग के मौके दिए जाएंगे, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के चैंपियन बन सकें।  सीएम विजय ने कहा कि चेन्नई में विश्व-स्तरीय मोटर वाहन कार रेसिंग एरिना बनाने से टूरिज्म, विशेष वाहन निर्माण उद्योगों, रोज़गार और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।  बता दें कि तमिलनाडु की विजय सरकार ने अगस्त 2026 में राज्य के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने के लिए कई ऐलान किए थे. जिससे राज्य को देश के अग्रणी खेल के केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके. अब विजय सरकार का ध्यान  युवाओं को मोटर स्पोर्ट्स की ट्रेनिंग देने पर है, ताकि वे एक चैंपियन के रूप में राज्य का नाम देश और विदेशी मंचों पर रोशन कर सकें।  ओलंपिक सिटी में कौन-कौन सी सुविधाएं होंगी? मुख्यमंत्री विजय ने गुरुवार को विधानसभा में घोषणा की कि उनकी सरकार चेन्नई में विश्व स्तरीय तमिलनाडु ओलंपिक शहर की स्थापना करेगी। ओलंपिक सिटी का विकास तमिलनाडु खेल विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा और इसमें विश्व स्तरीय खेल मैदान, अत्याधुनिक खेल उपकरण, एक उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण केंद्र और समर्पित खेल विज्ञान और खेल चिकित्सा केंद्र होंगे। इस सुविधा केंद्र में खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए आवास सहित आधुनिक बुनियादी ढांचा भी होगा। ओलंपिक सिटी का उद्देश्य ओलंपिक सिटी का उद्देश्य एक एकीकृत खेल केंद्र बनाना है ताकि एथलीटों को उन्नत प्रशिक्षण और सहायता सुविधाएं प्रदान की जा सकें, जिससे तमिलनाडु के खिलाड़ियों को ओलंपिक खेलों और अन्य अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में अधिक पदक जीतने में मदद मिल सके। विजय ने कहा, "विश्व स्तरीय, ओलंपिक मानकों के अनुरूप अवसंरचना और आवासीय सुविधा सहित प्रशिक्षण संरचना का निर्माण किया जाएगा। इससे चेन्नई को अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी करने और ओलंपियन तैयार करने में मदद मिलेगी।" मोटरस्पोर्ट्स शहर की भी घोषणा मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि चेन्नई में फॉर्मूला 1-4 रेसों की मेजबानी के लिए एक समर्पित मोटरस्पोर्ट्स शहर स्थापित किया जाएगा। फॉर्मूला 1 रेस की मेजबानी के लिए चेन्नई में एक मोटर स्पोर्ट्स शहर भी स्थापित किया जाएगा। मोटर स्पोर्ट्स में युवाओं की प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के चैंपियन तैयार करने के लिए प्रशिक्षण और रेसिंग के अवसर प्रदान किए जाएंगे। विश्व स्तरीय मोटर वाहन कार रेसिंग मैदानों की स्थापना से पर्यटन, विशेष वाहन निर्माण उद्योगों, रोजगार और आर्थिक विकास के अवसर मिलेंगे। खिलाड़ियों के लिए तैयार होगी अत्याधुनिक ओलंपिक सिटी तमिलनाडु सरकार के अनुसार, प्रस्तावित ओलंपिक सिटी का विकास तमिलनाडु स्पोर्ट्स डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा किया जाएगा। इस परिसर में खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अत्याधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। ओलंपिक सिटी में विश्वस्तरीय खेल मैदान और एरेना, आधुनिक खेल उपकरण, हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर, स्पोर्ट्स साइंस सेंटर और स्पोर्ट्स मेडिसिन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा खिलाड़ियों और कोचों के ठहरने के लिए आधुनिक सुविधाएं भी दिए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य इस परियोजना के जरिए एक ऐसा एकीकृत खेल केंद्र तैयार करना है, जहां खिलाड़ियों को प्रशिक्षण से लेकर फिटनेस, मेडिकल सपोर्ट और वैज्ञानिक तकनीकों तक सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकें। ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होंगे खिलाड़ी तमिलनाडु सरकार का मानना है कि ओलंपिक सिटी से राज्य के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी में मदद मिलेगी। इसका लक्ष्य तमिलनाडु के खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाना और ओलंपिक खेलों समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राज्य के लिए अधिक पदक हासिल करना है। स्पोर्ट्स साइंस और स्पोर्ट्स मेडिसिन जैसी सुविधाओं के जरिए खिलाड़ियों की फिटनेस, चोट से उबरने और प्रदर्शन को वैज्ञानिक तरीके से बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जाएगा। चेन्नई में बनेगी मोटरस्पोर्ट्स सिटी मुख्यमंत्री विजय ने चेन्नई में एक समर्पित मोटरस्पोर्ट्स सिटी स्थापित करने की भी घोषणा की है। इसका उद्देश्य शहर को बड़े मोटर रेसिंग आयोजनों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। घोषणा के मुताबिक, प्रस्तावित मोटरस्पोर्ट्स सिटी में Formula 1 से लेकर Formula 4 तक की रेस आयोजित करने की क्षमता विकसित की जाएगी। इससे चेन्नई और तमिलनाडु में मोटरस्पोर्ट्स के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा मिलने के साथ भारतीय रेसिंग प्रतिभाओं को भी बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है। भारत में F1 की वापसी की कोशिश तेज भारत में फॉर्मूला 1 की वापसी को लेकर केंद्र सरकार की ओर से भी प्रयास किए जा रहे हैं। जून में युवा मामले और खेल मंत्रालय (MYAS) ने मोटरस्पोर्ट्स की निगरानी के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया था। इसका उद्देश्य देश में मोटरस्पोर्ट्स के विकास और भारत में फॉर्मूला 1 की संभावित वापसी की दिशा में काम करना है। मंत्रालय से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, सरकार की कोशिश 2028 के अंत तक भारत में F1 रेस वापस लाने की है। टास्क फोर्स देश में मोटरस्पोर्ट्स की स्थिति और संभावनाओं का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपेगी। F1, MotoGP और WRC को भारत लाने पर भी चर्चा इस साल की शुरुआत में Federation of Motor Sports Clubs of India (FMSCI) के अध्यक्ष अरिंदम घोष ने नई दिल्ली में खेल मंत्रालय के साथ बैठक में हिस्सा लिया था। इस दौरान भारत में F1, MotoGP और World Rally Championship (WRC) जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को लाने पर चर्चा हुई थी। घोष ने बताया था कि भारत में F1 को 2030 तक वापस लाने, जबकि MotoGP और WRC के राउंड को 2028 तक देश में आयोजित कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। FMSCI के मुताबिक, बैठक में भारतीय ड्राइवरों को विकसित करने और देश में मोटरस्पोर्ट्स के समग्र विकास पर भी जोर दिया गया। संघ ने मोटरस्पोर्ट्स के विकास को लेकर अपने सुझाव अधिकारियों और संभावित हितधारकों के सामने रखे। 17 मोटरस्पोर्ट्स चैंपियनशिप के विजेताओं को मिला सम्मान बेंगलुरु में आयोजित FMSCI अवॉर्ड्स नाइट में 2025 के मोटरस्पोर्ट्स नेशनल चैंपियनशिप के … Read more

सीएम विजय का बड़ा बयान, बोले- पेरियार हमारे आदर्श हैं, लेकिन भगवान पर भी पूरा विश्वास है

चेन्नई  तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसफ विजय ने अपनी पार्टी टीवीके (TVK) की वैचारिक दिशा को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है. उन्होंने साफ कहा कि उनकी पार्टी द्रविड़ राजनीति के जनक माने जाने वाले पेरियार के सामाजिक सिद्धांतों को अपनाने है, लेकिन उनकी नास्तिकता और धार्मिक विश्वास को नकारने के उनके विचारों से वो सहमत नहीं हैं।  तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसफ विजय ने सोमवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान घोषणा की कि उनकी पार्टी टीवीके (TVK) ने द्रविड़ राजनीति के जनक पेरियार ईवी रामासामी के व्यापक सामाजिक सिद्धांतों को तो अपनाया है।  'धार्मिक विश्वास नकारने वाले बातें स्वीकार नहीं' पेरियार की तर्कवादी सोच और अपनी पार्टी के रुख के बीच अंतर बताते हुए विजय ने कहा, 'हमने धार्मिक विश्वास को नकारने वाली पेरियार की बात को स्वीकार नहीं किया, लेकिन उनके व्यापक सिद्धांतों को पूरी तरह अपनाया. हमने पेरियार की शिक्षाओं को तो लिया, लेकिन ये भी स्पष्ट किया कि हम ईश्वर में विश्वास रखने वाले लोग हैं. हमने हमेशा यह साफ किया है कि हम किसी की विचारधारा के विरोधी नहीं हैं।  'अंबेडकर और कामराज मॉडल…' मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि उनकी सरकार कई वैचारिक प्रभावों के मिश्रण से चलती है. सरकार ने डॉ. बीआर अंबेडकर के समान अवसर और सामाजिक न्याय के आदर्शों को पूरी तरह स्वीकार किया है. इसके साथ ही तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री के कामराज के ईमानदार प्रशासन के मॉडल को सरकार ने अपना मार्गदर्शक सिद्धांत बनाया है।  'पहले जनता के पास गए फिर बनाई पार्टी' विजय ने उन आलोचकों को करारा जवाब दिया जो उनके संगठन को सिर्फ एक अभिनेता के नेतृत्व वाला दल बताते हैं. उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोग पहले राजनीतिक दल शुरू करते हैं और फिर जनता के पास जाते हैं, लेकिन उन्होंने पहले जनता के बीच जाकर काम किया और उसके बाद अपनी पार्टी शुरू की. जो लोग इस जमीनी हकीकत को नहीं समझते, वो ही TVK को केवल एक अभिनेता की पार्टी कहकर खारिज करते हैं।  '1.72 करोड़ वोट मिले' वहीं, साल 2026 के विधानसभा चुनाव के ऐतिहासिक प्रदर्शन को याद करते हुए विजय ने कहा कि उनकी पार्टी बिना किसी गठबंधन के अकेले चुनावी मैदान में उतरी थी. राज्य की जनता ने उनकी बात को स्पष्ट रूप से समझा, जिसके चलते उन्हें कुल 35 प्रतिशत वोट मिले. चुनाव में रिकॉर्ड 17.2 मिलियन (1.72 करोड़) वोट प्राप्त कर वो एक बड़ी स्वतंत्र राजनीतिक ताकत के रूप में उभरे और आज सरकार में बैठे हैं।  करूर की घटना का जिक्र उन्होंने अपनी पार्टी को असंबंधित घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराने के प्रयासों की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि करूर में 41 लोगों की जान चली गई, लेकिन उसका सारा दोष उनकी पार्टी पर मढ़ दिया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राजनीति इसी तरह की जानी चाहिए? अपनी प्रशासनिक व्यवस्था को आम जनता से जोड़ते हुए विजय ने इसकी तुलना पूर्व मुख्यमंत्री सीएन अन्नादुराई और एमजी रामचंद्रन (MGR) के शासन से की. उन्होंने कहा कि जिस तरह अन्ना के समय सामान्य लोगों की सरकार थी और एमजीआर के समय बहुत ही सामान्य लोगों की सरकार थी, ठीक उसी तरह विजय के नेतृत्व वाली ये सरकार सबसे आम लोगों की सरकार है, जिसने 2026 के चुनाव में धर्म और जाति की सभी बाधाओं को तोड़ा है।  विजय ने अपने भाषण में पिछली सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के शासनकाल के दौरान 'पार्टी फंड' की आड़ में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया था. मुख्यमंत्री के इस तीखे प्रहार के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया और विरोध स्वरूप द्रमुक (DMK) पार्टी के विधायकों ने विधानसभा से वॉकआउट कर दिया।  वामपंथी दलों पर भी की टिप्पणी वामपंथी दलों के विरोध प्रदर्शन के बीच उनके बारे में की गई टिप्पणियों का जवाब देते हुए विजय ने स्पष्ट किया कि ये पार्टियां किसी की दया या मजबूरी में नहीं, बल्कि अपनी मर्जी से उनके गठबंधन में शामिल हुई हैं।  उन्होंने कहा कि वामपंथी दल खुद कहते हैं कि वो अपनी मर्जी से साथ आए हैं. हालांकि, इसके बाद उन्होंने ये भी जोड़ा कि वो नहीं समझ पा रहे हैं कि वामपंथी दल आखिर कहना क्या चाह रहे हैं।