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निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि प्रदेश में ऐसी किसी भी प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभिभावक निश्चिंत रहें, प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिकायत प्राप्त होने पर और स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि अभिभावकों पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक दबाव या आर्थिक बोझ स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस विषय पर नजर बनाए हुए है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता व संतुलन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

सीएम साय ने पीएम मोदी को भेंट की ‘माता कौशल्या के राम’ बेल मेटल कलाकृति, श्रीराम के आदर्शों से प्रेरित छत्तीसगढ़

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय परंपरा और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती बेल मेटल से निर्मित ‘माता कौशल्या के राम’ की अद्वितीय कलाकृति भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ वह पावन धरा है, जहाँ भगवान श्रीराम का ननिहाल स्थित है और यह भूमि प्रभु श्रीराम से गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि भेंट की गई यह कलाकृति प्रदेश की आस्था, परंपरा और सृजनशीलता का सजीव प्रतिरूप है, जो जनजातीय समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उत्कृष्ट शिल्पकौशल को दर्शाती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण भारत की सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित ‘रामलला दर्शन योजना’ के माध्यम से प्रदेश के हजारों श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर रहे हैं, जिससे आस्था और श्रद्धा को जन-जन तक जोड़ने का कार्य निरंतर हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार सेवा, संस्कार और सुशासन के पथ पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करता रहेगा।

मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को बस्तर 2.0 का विकास ब्लूप्रिंट सौंपा, दी आमंत्रण

बस्तर 2.0 की शुरुआत: मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को दिया आमंत्रण, विकास का ब्लूप्रिंट सौंपा बस्तर के लिए 360° प्लान-टूरिज्म, स्टार्टअप, इंफ्रा और इनोवेशन पर फोकस पीएम का बस्तर दौरा बनेगा टर्निंग पॉइंट, बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात रायपुर /नई दिल्ली छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर के भविष्य की एक नई तस्वीर पेश की। इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने न केवल नक्सलवाद के अंत के बाद प्रदेश में आई शांति के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया, बल्कि बस्तर के समग्र विकास का एक विस्तृत और दूरदर्शी ब्लूप्रिंट भी सौंपा। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री को मानसून के बाद बस्तर आने का आमंत्रण दिया, जहां उनकी मौजूदगी में कई बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि बस्तर समेत पूरे राज्य में नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और अब शांति स्थापित है। शिक्षा व स्वास्थ्य सुधार के तहत नए एजुकेशन सिटी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, जबकि इंद्रावती नदी पर बैराज, रेल लाइन और एयरपोर्ट विस्तार से कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ब्लूप्रिंट के जरिए बस्तर में अब विकास, रोजगार और बेहतर सुविधाओं का नया दौर शुरू होगा। मुख्यमंत्री ने अपने विकास दस्तावेज़ में उल्लेख किया कि एक दशक पहले प्रधानमंत्री द्वारा बस्तर के लिए देखा गया शांति और विकास का सपना अब जमीन पर साकार हो रहा है। नक्सलवाद खत्म होने के बाद अब लोगों में डर नहीं, बल्कि उम्मीद और विकास की नई चमक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से बस्तर को नई दिशा और गति मिलेगी, जिससे क्षेत्र में विश्वास और उत्साह बढ़ेगा। मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत विकास ब्लूप्रिंट ‘सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज’ रणनीति पर आधारित है। इसके तहत बस्तर में बुनियादी सुविधाओं को तेजी से विस्तार देने का लक्ष्य रखा गया है। सड़कों के व्यापक जाल के माध्यम से दूर-दराज के गांवों को जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधूरे कार्यों को 2027 तक पूरा करने के साथ-साथ नई 228 सड़कों और 267 पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा 61 नई परियोजनाओं के लिए विशेष केंद्रीय सहायता की मांग भी की गई है। ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की योजना है। हर घर तक बिजली पहुंचाने के कार्य तेज होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में बदला जाएगा। युवाओं के लिए 15 स्टेडियम और 2 मल्टीपर्पज हॉल बनाए जाएंगे, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार और डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल बनाए जा रहे हैं। कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में इंद्रावती नदी पर दो बड़े प्रोजेक्ट देउरगांव और मटनार में स्वीकृत किए गए हैं, जिनसे 31,840 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। यह परियोजनाएं बस्तर की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी। आजीविका और आय बढ़ाने के लिए सरकार ने तीन वर्षीय योजना तैयार की है, जिसका लक्ष्य 2029 तक 85% परिवारों की मासिक आय 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करना है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना के तहत अब अधिक जिलों को जोड़ा जा रहा है, जिससे विकास का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचेगा। 10 जिलों में शुरू की गई यह योजना अब 7 जिलों और 3 नए जिलों (गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई) तक विस्तारित हो रही है।  ‘अंजोर विजन 2047’ और ‘विकसित भारत@2047’ के तहत स्टार्टअप नीति भी लागू की गई है, जिसमें 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य है। पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर की पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी नेशनल पार्क, एडवेंचर टूरिज्म, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन क्षेत्र को नई पहचान दे रहे हैं। वहीं, एक लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 40 हजार को रोजगार भी मिल चुका है। नक्सलवाद से मुक्त बस्तर के विकास के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री के सामने जो कार्ययोजना प्रस्तुत की, उसमें ‘बस्तर मुन्ने’ (अग्रणी बस्तर) कार्यक्रम एक अहम पहल है। इस कार्यक्रम के तहत हर ग्राम पंचायत में शिविर लगाए जाएंगे, जहाँ अधिकारियों की मौजूदगी में लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे दिया जाएगा, जरूरी दस्तावेज वहीं बनाए जाएंगे और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि हर व्यक्ति तक सरकार की योजनाएँ आसानी से पहुँचें और बस्तर तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़े। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान जिन प्रमुख परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की योजना है, उनमें रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट का विस्तार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज, जगरगुंडा और ओरछा में एजुकेशन सिटी जैसी महत्वपूर्ण पहल शामिल हैं। ये परियोजनाएं बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।

महिलाओं के मोबाइल में बजी खुशियों की घंटी, महतारी वंदन की 26वीं किश्त जारी

महिलाओं के मोबाईल में बजी खुशियों की घंटी,महतारी वंदन की 26वीं किश्त जारी 68.48 लाख महिलाओं के खाते में ट्रांसफर हुए 641.62 करोड़ रूपए  हितग्राही महिलाओं को अब तक 16,240 करोड़ की मदद रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य की महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक  सशक्तिकरण के लिए संचालित महतारी वंदन योजना की 26वीं किश्त की राशि आज जारी की गई। इसके जारी होते ही हितग्राही महिलाओं के मोबाईल में खुशियों के नोटिफिकेशन की घंटी बज उठी। इस योजना के तहत राज्य की 68 लाख 48 हजार 899 महिलाओं को 641 करोड़ 62 लाख 92 हजार रूपए उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए। लाभान्वित हितग्राहियों में 7773 महिलाएं नियद नेल्ला नार के योजना के गांवों की रहने वाली है।  छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी जी की गारंटी को पूरा करने के लिए और महिलाओं की बेहतरी के लिए यह योजना मार्च 2024 में शुरू की गई थी। तब से लेकर अब तक हर महीने हितग्राही महिलाओं को एक-एक हजार रूपए की सहायता राशि नियमित रूप से दी जा रही है। इस योजना के तहत अब तक हितग्राही महिलाओं को 16,881 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है।  गौरतलब है कि इस योजना के अंतर्गत हितग्राही महिलाओं के केवाईसी पूरा किए जाने का काम भी तेजी से कराया जा रहा है। केवाईसी के अद्यतन की यह प्रक्रिया ई-गवर्नेस सर्विसेस इंडिया लिमिटेड के माध्यम से 3 अप्रैल से शुरू की गई है, जो 30 जून तक चलेगी। व्हीएलई द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत भवन में तथा शहरी क्षेत्र में वार्ड कार्यालय में केवाईसी अद्यतन का कार्य हो रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने महतारी वंदन योजना की ऐसी हितग्राही महिलाओं से जिनका ई-केवाईसी नहीं हुआ है, उनसे तत्काल ई-केवाईसी कराने की अपील की है ताकि योजना की सहायता राशि बिना किसी व्यवधान के उनके खाते में पहुंच सके।  महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों की संख्या 68,94,633 है, जिसमें से केवाईसी हेतु लंबित हितग्राहियों को छोड़कर 68,48,899 हितग्राहियों को 26वीं किश्त का भुगतान किया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने की सौजन्य मुलाकात रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से  राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास  में  ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने सौजन्य मुलाकात की।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में चल रही विकास योजनाओं, विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पेयजल एवं पोषण सुधार के प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार इन क्षेत्रों में तेजी से काम कर रही है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से इन योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बर्नार्ड लिंच को बेल मेटल निर्मित धातु की प्रतिमा भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, सीनियर इकोनॉमिक रिसर्च अफसर सुअनघा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

विश्व स्वास्थ्य दिवस : स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्व स्वास्थ्य दिवस (7 अप्रैल) के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। यह दिवस न केवल स्वास्थ्य से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने का अवसर है, बल्कि अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का भी संदेश देता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान – ये तीनों स्वस्थ जीवन के मूल आधार हैं। यदि हम अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे सुधार करें, तो बड़े स्तर पर सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए सतत प्रयासरत है।  मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे स्वयं स्वस्थ रहने के साथ-साथ अपने परिवार और समाज में भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाएँ, ताकि एक स्वस्थ, सक्षम और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में सबकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

पर्वतारोही सुश्री अमिता श्रीवास से जांजगीर-चांपा में मिली सम्मानित मुलाकात

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले की युवा पर्वतारोही सुअमिता श्रीवास को उनके आगामी माउंट एवरेस्ट अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में पर्वतारोही सुअमिता श्रीवास से मुलाकात के दौरान कहा कि आगामी 9 अप्रैल को सुअमिता विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के संकल्प के साथ काठमांडू के लिए रवाना हो रही हैं। यह केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि की यात्रा नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं, साहस और आत्मविश्वास की ऊंची उड़ान है। उन्होंने कहा कि अमिता का यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि यदि संकल्प अटल हो, तो कोई भी ऊंचाई असंभव नहीं रहती। प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और परिश्रम से नए मानक स्थापित कर रही हैं और छत्तीसगढ़ को नई पहचान दे रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अमिता श्रीवास ने वर्ष 2021 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर माउंट किलिमंजारो को फतह कर पहले ही अपनी क्षमता और दृढ़ता का परिचय दिया है। उनका यह सतत प्रयास न केवल उपलब्धि है, बल्कि प्रदेश की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए एक जीवंत प्रेरणा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अमिता अपने इस साहसिक अभियान में सफलता प्राप्त कर विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर देश का तिरंगा फहराएंगी और छत्तीसगढ़ सहित पूरे राष्ट्र का गौरव बढ़ाएंगी। मुख्यमंत्री ने सुअमिता श्रीवास को इस महत्वपूर्ण अभियान के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पर्वतारोही अमिता श्रीवास ने CM साय से मुलाकात की। सीएम साय ने कहा, जांजगीर-चांपा की बेटी पर्वतारोही सुश्री अमिता श्रीवास से मुलाकात कर अत्यंत प्रसन्नता हुई। वे आगामी 9 अप्रैल को विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के संकल्प के साथ काठमांडू के लिए रवाना हो रही हैं – यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है। अमिता इससे पहले वर्ष 2021 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर माउंट किलिमंजारो फतह कर देश और प्रदेश का मान बढ़ा चुकी हैं। उनका आत्मविश्वास, दृढ़ संकल्प और लक्ष्य के प्रति समर्पण प्रदेश की हर बेटी के लिए प्रेरणा है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारी बेटियां हर चुनौती को पार कर नई ऊंचाइयों को छूने का हौसला रखती हैं। अमिता को इस अभियान के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं। आपका यह साहसिक प्रयास देश का मान और ऊंचा करेगा। पर्वतारोही सुश्री अमिता श्रीवास अब दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करने की तैयारी में जुटी जांजगीर-चांपा जिले की रहने वाली अमिता श्रीवास अब दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करने की तैयारी में जुटी हैं. चांपा शहर की रहने वाली अमिता पेशे से एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं, लेकिन उनके सपने बेहद बड़े और प्रेरणादायक हैं, साधारण परिवार से आने के बावजूद उन्होंने अपने हौसले, मेहनत और जुनून के दम पर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य तय किया है. सीमित संसाधनों के बावजूद अमिता अपने इस सपने को साकार करने के लिए लगातार कड़ी मेहनत और विशेष प्रशिक्षण ले रही हैं. इससे पहले भी वह कई ऊंची चोटियों पर चढ़ाई कर भारत का तिरंगा लहरा चुकी हैं।  पर्वतारोही अमिता श्रीवास बताती हैं कि उन्होंने हमेशा भीड़ से अलग कुछ करने का सपना देखा था. उनका कहना है कि आमतौर पर लोग एक ही दिशा में चलते हैं, लेकिन उन्होंने तय किया कि उन्हें कुछ अलग करना है. इसी सोच के साथ उन्होंने पर्वतारोहण जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र को चुना, ताकि वह अपने जिले जांजगीर-चांपा और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकें. अमिता बताती हैं कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल से हुई है. उन्होंने प्राथमिक पढ़ाई मठ प्राथमिक स्कूल से की, जबकि मैट्रिक की पढ़ाई चांपा के गर्ल्स स्कूल से पूरी की. इसके बाद उन्होंने एमएमआरपीजी कॉलेज से अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी की।  कई प्रमाणपत्र हासिल किए पर्वतारोहण की शुरुआत उन्होंने साल 2018 में की. उन्होंने राजस्थान के माउंट आबू स्थित सरकारी संस्थान से रॉक क्लाइंबिंग का कोर्स किया, इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे इस क्षेत्र में आगे बढ़ना शुरू किया और अलग-अलग प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. पर्वतारोहण के क्षेत्र में भी अन्य क्षेत्रों की तरह लिखित, मौखिक और प्रैक्टिकल परीक्षाएं होती हैं. इन सभी में बेहतर प्रदर्शन करने के बाद ही प्रमाणपत्र मिलता है. अपने प्रशिक्षण के दौरान अमिता ने पश्चिम सिक्किम और उत्तर सिक्किम के पर्वतीय क्षेत्रों में करीब 5500 मीटर की ऊंचाई तक चढ़ाई की है. इसके अलावा उन्होंने उत्तराखंड की प्रसिद्ध चोटी यूटी कांगरी पर भी चढ़ाई की है।   

रायपुर: खनिज राजस्व में 14% की बढ़ोतरी, 25-26 में ₹16,625 करोड़ की आय

रायपुर :खनिज राजस्व में 14 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि , 25–26 में ₹16,625 करोड़ की प्राप्ति  पारदर्शी प्रबंधन और तकनीकी नवाचार से हासिल हुई सफलता  रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और सुदृढ़ प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की गई है।  खनिज विभाग के सचिव पी दयानंद ने बताया कि छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में ₹16,625 करोड़ का खनिज राजस्व अर्जित कर लक्ष्य का 98 प्रतिशत प्राप्त किया है, जो सुशासन, प्रभावी नीति क्रियान्वयन और मजबूत निगरानी व्यवस्था का प्रत्यक्ष परिणाम है।यह उपलब्धि न केवल प्रभावी प्रशासनिक रणनीति का परिणाम है, बल्कि राज्य की खनिज आधारित अर्थव्यवस्था की मजबूती को भी दर्शाती है। इस वर्ष खनिज राजस्व में 14 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर्ज की गई है, जो पिछले पांच वर्षों की औसत वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) 6 प्रतिशत से दोगुनी से अधिक है। यह वृद्धि राज्य शासन द्वारा अपनाए गए सुधारात्मक और तकनीकी उपायों की सफलता को रेखांकित करती है। खनिज राजस्व में इस वृद्धि के प्रमुख कारकों में एनएमडीसी (NMDC) तथा अन्य सार्वजनिक उपक्रमों के लिए डिस्पैच रूट्स का प्रभावी अनुकूलन शामिल है। इसके साथ ही, ‘खनिज 2.0’ (Khanij 2.0) जैसे आईटी-आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारदर्शिता, निगरानी और संचालन दक्षता में उल्लेखनीय  सुधार हुआ है। आगामी वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार का विशेष ध्यान गौण खनिजों को भी ‘खनिज 2.0’ प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर रहेगा, जिससे संपूर्ण खनन प्रणाली को डिजिटल और एकीकृत बनाया जा सके। इसके अतिरिक्त, खनिज परिवहन की निगरानी को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए वीटीएस (VTS), आई-चेक गेट्स (iCheck Gates) तथा ड्रोन आधारित निगरानी प्रणाली को और व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य खनिज संसाधनों के प्रबंधन में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए राजस्व में सतत वृद्धि करना है। इन प्रयासों से न केवल राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि विकास कार्यों के लिए संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी – विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़

हनुमान जी का जीवन: मुख्यमंत्री साय ने साझा की उनकी प्रेरणादायक कथा

अनन्य रामभक्त हनुमान जी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायक- मुख्यमंत्री साय राम नाम से गुंजायमान हुआ नर्मदा कुंड राम जानकी मंदिर मुख्यमंत्री ने पवित्र नर्मदा कुंड के जीर्णोद्धार का किया भूमिपूजन मुख्यमंत्री हनुमान उत्सव एवं राम कथा कार्यक्रम में हुए शामिल रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर के स्टेशन चौक स्थित नर्मदा कुंड राम जानकी मंदिर में आयोजित हनुमान उत्सव एवं राम कथा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु राम के अनन्य भक्त हनुमान का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। बल, बुद्धि और विद्या के दाता हनुमान जी हमें सिखाते हैं कि हमारे जीवन में निष्ठा, सेवा और समर्पण कैसा होना चाहिए।  मुख्यमंत्री ने पवित्र नर्मदा कुंड के जीर्णोद्धार का भूमिपूजन किया। राम कथा के दौरान नर्मदा कुंड राम जानकी मंदिर राम नाम से गुंजायमान हो उठा।  मुख्यमंत्री ने नर्मदा कुंड राम जानकी मंदिर में विधि-विधान से हनुमान का दर्शन और आरती पूजन किया। उन्होंने हनुमान जी से छत्तीसगढ़ वासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उल्लेखनीय है कि हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर 01 से 05 अप्रैल तक नर्मदा कुंड मंदिर में स्वामी राजीव लोचन दास जी द्वारा राम कथा का भी आयोजन किया जा रहा है।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय को कहा छत्तीसगढ़ प्रभु राम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। प्रभु राम ने वनवास का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताया। रामायण काल में वर्णित दंडकारण्य अबूझमाड़ क्षेत्र का इलाका है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा प्रभु रामलला दर्शन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम के दर्शन कराए जा रहे हैं। अभी तक लगभग 42 हजार भक्त रामलला के दर्शन कर चुके हैं। 5 हजार से अधिक बुजुर्ग विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन कर चुके हैं। तीर्थयात्रा के लिए 19 जगहों को चिन्हांकित किया गया है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभी हमने धर्मांतरण रोकने छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया है। इस कानून के अंतर्गत देश के सभी प्रदेशों से कठोर नियम बनाए गए हैं। इन कड़े प्रावधानों से निश्चित ही धर्मांतरण पर अंकुश लगेगा। गौ माता के भी संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार द्वारा सुरभि गौधाम योजना लागू की गई है। इसके तहत 29 गौधाम का शुभारंभ किया गया है। सुरभि गौधाम में गौमाता के लिए चारे और अन्य व्यवस्था के साथ ही गौपालकों को गोबर के विभिन्न उत्पाद के निर्माण के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रत्येक जिले में 10 सुरभि गौधाम के साथ प्रदेश में 330 गौधाम का निर्माण किया जाएगा।  मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में रुद्र सेना और रुद्र शक्ति के पोस्टर का विमोचन भी किया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा,विधायक किरण सिंहदेव और पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन, छत्तीसगढ़ औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला, नर्मदा कुंड राम जानकी मंदिर के महंत सुरेंद्र दास जी, राम गर्ग, श्रीमती विभा अवस्थी सहित गणमान्यजन और भक्तगण उपस्थित थे।

एक दूसरे के राज्य के गौरवशाली इतिहास का स्मरण करने का है यह महत्वपूर्ण अवसर – राज्यपाल डेका

लोकभवन में मनाया गया विभिन्न राज्यों का स्थापना दिवस एक दूसरे के राज्य के गौरवशाली इतिहास का स्मरण करने का है यह महत्वपूर्ण अवसर – राज्यपाल डेका 140 करोड़ देशवासियों को जोड़ रहा है एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान – मुख्यमंत्री साय रायपु  राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में लोकभवन में 7 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विशेष रूप से उपस्थित थे।  एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस समारोह में राज्यपाल डेका ने मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, दादरा एवं नगर हवेली एवं दमन दीव, बिहार, राजस्थान और ओडिशा राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।  राज्यपाल ने कहा कि यह अवसर इन राज्यों की समृद्ध विरासत, ऐतिहासिक परंपराओं और विकास यात्रा को स्मरण करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू की गई एक भारत श्रेष्ठ भारत योजना का उद्देश्य विभिन्न राज्यों की भाषा, संस्कृति और परंपराओं के माध्यम से आपसी समझ और जुड़ाव को बढ़ाना है जिससे भारत की एकता और अखंडता मजबूत होती है।  राज्यपाल ने मिजोरम और अरूणाचल प्रदेश की प्राकृतिक संुदरता और जनजातीय संस्कृति, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन-दीव की पर्यटन एवं औद्योगिक विशेषताओं, बिहार के लोगों का अर्थव्यवस्था एवं विकास में योगदान,  ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत, राजस्थान के लोगों के व्यापारिक उन्नति और शौर्य परंपरा तथा ओडिशा के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बहुत समानताएं हैं। राज्यपाल ने कहा कि भारत की विविधता की उसकी सबसे बड़ी ताकत है और ऐसे आयोजन राष्ट्रीय एकता को और अधिक मजबूत बनाते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत 140 करोड़ देशवासियों को जोड़ रहा है। भाषा, वेशभूषा, खान-पान में भले ही हम अलग अलग है लेकिन अनेकता में एकता हमारी देश की विशेषता हैं। एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम इसी भावना को दर्शाता है।  छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच रोटी बेटी के संबंध, राजस्थान के व्यापारियों का छत्तीसगढ़ के व्यापार एवं उद्योग की उन्नति में योगदान सहित अन्य राज्यों की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत हम लोग विभिन्न राज्यों में जाकर वहां की संस्कृति से परिचित हो रहे हैं।   समारोह में राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों की विशेषताओं, परंपरा, संस्कृति पर प्रकाश डाला। समारोह में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सभी राज्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।  कार्यक्रम में राज्यपाल के विधिक सलाहकार भीष्म प्रसाद पाण्डेय के सेवानिवृत्त होने के अवसर पर राज्यपाल ने उनका सम्मान किया। इसी तरह राज्यपाल की उप सचिव सुनिधि साहू ने देहदान का निर्णय लिया है जिसकी सराहना करते हुए डेका ने उन्हें भी सम्मानित किया। कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, अन्य जनप्रतिनिधि, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर प्रसन्ना, अन्य अधिकारी एवं इन सभी राज्यों के युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।