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बिरयानी कांड के बाद मुंबई में तरबूज की बिक्री पर रोक, दुकानदारों में खौफ

मुंबई  दक्षिण मुंबई के पाइधोनी इलाके से दिलचस्प खबर सामने आ रही है. यहां बाजार से तरबूज एकदम गायब हो गया है. इसी इलाके में हाल ही में बिरयानी के साथ तरबूज खाने से एक परिवार के चार लोगों की मौत हो गई थी. जिसके बाद जांच के लिए पाइधोनी इलाके में पहुंची खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) टीम पहुंची।  हालांकि इस मामले में चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब एफडीए की टीम बाजार में जांच के ल‍िए पहुंची लेक‍िन उसे इलाके में एक भी तरबूज बेचने वाला नहीं मिला और न ही क‍िसी फल की दुकान पर तरबूज म‍िला।  बता दें कि 27 अप्रैल को अब्दुल्लाह डोकड़िया (40), उनकी पत्नी नसीम (35) और बेटियां आयशा (16) व जैनब (13) ने तरबूज और बिरयानी खाने के बाद उल्टी और बेहोशी के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए थे. चारों की कुछ ही घंटों के अंतराल में मौत हो गई थी।  एफडीए अब लैब रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, लेकिन शायद यही डर है कि बाजार में तरबूज बेचने वाले सभी विक्रेता अचानक गायब हो गए हैं. इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है।  इस घटना के बाद तरबूज को लेकर डर का आलम ऐसा था कि जब रविवार शाम 7 बजे एफडीए की टीम पहली बार पाइधोनी बाजार पहुंची, तब तक इलाके से तरबूज पूरी तरह गायब हो चुका था. बाजार में एक भी फल विक्रेता के पास तरबूज नहीं मिला. उसके बाद सोमवार, मंगलवार और बुधवार को भी FDA की टीमें लगातार बाजार में छापेमारी करती रहीं कि किसी के पास तरबूज मिले लेकिन वहां एक भी विक्रेता या तरबूज नहीं मिला।  एक FDA अधिकारी ने कहा, “यह बहुत अजीब मामला है. हमने पहले कभी ऐसा नहीं देखा. हमने पिछले रिकॉर्ड्स भी चेक किए, लेकिन तरबूज या तरबूज-बिरयानी से जुड़ा कोई फूड पॉइजनिंग का केस पहले नहीं मिला।  तरबूज बेचने वाले के गायब होने से रुकी जांच अधिकारियों ने कहा कि इलाके में तरबूज विक्रेता का पता न चल पाने से जांच की एक महत्वपूर्ण दिशा रुक गई है.अगर तरबूज स्थानीय बाजार से खरीदा गया था, तो हो सकता है कि इसे अन्य लोगों ने भी खाया हो लेकिन अब तक ऐसा कोई और केस रिपोर्ट नहीं हुआ है. परिवार के रिश्तेदारों से पूछताछ भी की गई लेकिन यह पता नहीं चल सका कि तरबूज आखिर कहां से खरीदा या लाया गया था।  एफडीए ने लिए 11 सैंपल जांच के बीच एफडीए ने मृतक परिवार के घर से 11 सैंपल इकठ्ठा किए हैं, जिनमें फ्रिज से बचा हुआ तरबूज और बिरयानी, बर्तनों से निकाला गया पुलाव, फ्रीजर से कच्चा चिकन, मसाले, चावल, आधा खाया हुआ खजूर, गिलासों में रखा पानी और मिट्टी का घड़ा शामिल है। फिलहाल लैब रिपोर्ट आने में देरी के चलते जांच आगे बढ़ने में दिक्कत आ रही है. हालांकि एफडीए अब लैब रिजल्ट का इंतजार कर रही है, ताकि मौत की असली वजह का पता  लगाया जा सके। 

खुशियों की दावत में मातम: बिरयानी-तरबूज खाने के बाद परिवार पर टूटा मौत का साया

देश  मुंबई के पायधुनी इलाके में एक ही परिवार के चारों सदस्यों की मौत ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। शनिवार रात परिवार के साथ बिरयानी की दावत करने के कुछ घंटों बाद ही एक परिवार के चार सदस्यों की फूड पॉइजनिंग से मौत हो गई। महज 12 घंटे के अंदर माता-पिता और उनकी दोनों बेटियों की मौत हो से सभी सकते में आ गये। मृतकों की पहचान अब्दुल्लाह अब्दुल कादर, उनकी पत्नी नसरीन, बड़ी बेटी आयशा और छोटी बेटी जैनब के रूप में हुई है। कैसे हुई चारों की मौत? अब्दुल्लाह मोबाइल एक्सेसरीज की दुकान चलाते थे। परिवार ने शनिवार रात करीब 10:30 बजे पांच अन्य रिश्तेदारों के साथ बिरयानी की दावत की थी। घर लौटने के बाद रात करीब 1 बजे उन्होंने तरबूज खाया। रविवार तड़के करीब 5 बजे पूरे परिवार को उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हुई। हालत बिगड़ने पर पड़ोस के डॉक्टर जियाद कुरैशी ने उन्हें देखा और तुरंत JJ अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर कुरैशी ने बताया, 'वे बहुत बुरी हालत में थे। उल्टी और दस्त के साथ थकान भी थी। अस्पताल जाते समय उन्होंने बताया कि उन्होंने तरबूज खाया था।' जांच में जुटी पुलिस  अस्पताल पहुंचने के बाद छोटी बेटी जैनब की सुबह करीब 10:15 बजे मौत हो गई। इसके कुछ देर बाद मां नसरीन और बड़ी बेटी आयशा भी इलाज के बावजूद नहीं बच सकीं। पिता अब्दुल्लाह की मौत रात करीब 10:30 बजे हुई। पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ का केस दर्ज कर लिया है। पोस्टमॉर्टम के दौरान शवों के सैंपल लिए गए हैं। आधा खाया हुआ तरबूज भी लैब टेस्टिंग के लिए भेजा गया है। मुंबई पुलिस के डिप्टी कमिश्नर प्रवीण मुंडे ने कहा कि फॉरेंसिक टीम और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन विभाग जहर या मिलावट की जांच कर रहा है। JJ अस्पताल के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में बैक्टीरिया और इंफेक्शन की जांच हो रही है। फिलहाल हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट का इंतजार है।