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राजस्थान में सर्दी ने पकड़ी रफ्तार, शेखावाटी–जयपुर में गिरा पारा

  जयपुर राजस्थान में कोहरे के बीच अब हल्की ठंडी हवाओं ने भी दस्तक दे दी है। इसके असर से शेखावाटी के साथ-साथ जयपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सुबह-शाम सर्दी का असर बढ़ने लगा है, जबकि कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। बुधवार को नागौर में राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा फतेहपुर में 3.8, लूणकरणसर में 4.3 और डूंगरपुर में 4.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। ठंडी हवाओं के चलते शेखावाटी क्षेत्र के सीकर, फतेहपुर, चूरू और पिलानी सहित नागौर व बीकानेर के आसपास के इलाकों में सुबह और शाम कड़ाके की ठंड महसूस की गई। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में कोहरे का असर भी बरकरार है। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर में बुधवार को भी घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल अगले एक-दो दिन प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है। कोहरे के चलते प्रदेश में सड़क हादसों की संख्या भी बढ़ रही है। वहीं हवाई और रेल परिवहन पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। गुरुवार को भी जयपुर एयरपोर्ट आने वाली कुछ डोमेस्टिक फ्लाइट्स तय समय से देरी से पहुंची। हालांकि 18-19 दिसंबर से उत्तर भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी जिलों में 19 से 22 दिसंबर के बीच कहीं-कहीं हल्के बादल छा सकते हैं। वहीं, प्रदेश के अन्य हिस्सों में बुधवार को मौसम साफ रहा और सुबह से तेज धूप खिली रही। धूप तेज होने के कारण कई शहरों में अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और जोधपुर में 30.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

कोहरे और ठंड का डबल असर: झारखंड में मौसम जस का तस, वाहन चालकों को IMD की खास सलाह

रांची मौसम विज्ञान केंद्र रांची की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार झारखंड में आने वाले पांच से सात दिनों तक मौसम का मिजाज लगभग स्थिर बना रहेगा। इस दौरान राज्य में किसी बड़े मौसमीय बदलाव की संभावना नहीं है। बीते 24 घंटे में भी पूरे झारखंड में मौसम शुष्क रहा और कहीं से बारिश की सूचना नहीं मिली। 20 दिसंबर तक हल्के से मध्यम दर्जे का कोहरा छाने की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान में सामान्य से कोई खास उतार-चढ़ाव दर्ज नहीं किया गया। चाईबासा में राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि रांची के कांके में न्यूनतम तापमान 6.0 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार निचले वायुमंडल में उत्तर-पश्चिमी से उत्तरी हवाएं चल रही हैं, जिससे सुबह और देर रात ठंड का असर बना हुआ है। पूर्वानुमान के मुताबिक 20 दिसंबर तक मध्य, दक्षिण, उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी झारखंड के अधिकांश जिलों में सुबह के समय हल्के से मध्यम दर्जे का कोहरा छाने की संभावना है। हालांकि दिन चढ़ने के बाद आसमान साफ रहेगा और धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत मिलेगी। रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद समेत कई जिलों में यही स्थिति बनी रहने की संभावना है। जिलेवार पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर-पश्चिमी झारखंड के कोडरमा, चतरा, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा और पलामू में न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। IMD ने वाहन चालकों को दी ये सलाह मौसम विभाग के मुताबिक गुमला में 18 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जो राज्य में सबसे कम रहने की संभावना है। रांची, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग और खूंटी में अधिकतम तापमान 23 से 25 डिग्री और न्यूनतम 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। 17 और 18 दिसंबर को हल्की गिरावट के बाद तापमान फिर स्थिर हो जाएगा। दक्षिण झारखंड के पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला और सिमडेगा में अधिकतम तापमान 26 से 27 डिग्री तथा न्यूनतम 8 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं उत्तर-पूर्वी झारखंड के देवघर, धनबाद, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज में दिन का तापमान 26 से 27 डिग्री और रात का तापमान 10 से 14 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। मौसम विभाग ने किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की है, लेकिन सुबह के समय कोहरे के कारण वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कम दृश्यता के चलते खासकर राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर धीमी गति से वाहन चलाने और फॉग लाइट का उपयोग करने की अपील की गई है।  

सावधान झारखंड! अगले 48 घंटे में बदल जाएगा मौसम, ठिठुरन बढ़ने के संकेत

  रांची झारखंड में ठंड ने फिर से अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 11 जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी करते हुए येलो अलटर् दिया है। यानी आने वाले 48 घंटे मौसम में बड़े बदलाव के साथ ठंड में काफी वृद्धि होने वाली है, जो लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है। गुमला में न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया मौसम विभाग के अनुसार पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, रांची, बोकारो, खूंटी और रामगढ़ में शीतलहर का सबसे ज्यादा खतरा है। यहां तेज उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं, जिसके कारण तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जाएगी। फिलहाल, पिछले 24 घंटों में तापमान में बड़ी कमी देखी गई है। गुमला जिले में न्यूनतम तापमान मात्र 5.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है, जो पूरे राज्य में सबसे कम है। वहीं चाईबासा में अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री दर्ज किया गया है, जिससे दिन और रात के तापमान में भारी अंतर हो गया है। इस कड़कड़ाती ठंड ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। नेशनल हेल्थ मिशन ने भी एडवाइजरी जारी की उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के लगातार प्रभाव से लोग सर्दी से बचने के लिए स्वेटर, जैकेट और अलाव जैसी गर्माहट देने वाली चीजें फिर से निकालने लगे हैं। मौसम में आए इस बदलाव ने झारखंड में सर्दी की दूसरी लहर आने का संकेत दे दिया है। इस दौरान नेशनल हेल्थ मिशन ने भी एडवाइजरी जारी की है, जिसमें लोगों को गर्म कपड़े पहनकर बाहर निकलने, पर्याप्त भोजन करने और यदि सर्दी, जुकाम या फ्लू के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता या डॉक्टर से संपर्क करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही ठंड से होने वाली किसी भी गंभीर समस्या जैसे बेहोशी या भाषा लड़खड़ाने की स्थिति में शीघ्र चिकित्सीय मदद लेने की सलाह दी गई है।  

पहाड़ों पर जमकर बर्फबारी, मैदानों में बढ़ेगी ठिठुरन; तापमान 5 डिग्री पहुंच सकता है

नई दिल्ली आने वाले दिनों में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। पहाड़ों पर बर्फबारी से राजधानी में ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार  आज आसमान अधिकतर साफ रहेगा। अधिकतम और न्यूनतम तापमान 22 और 6 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहने की संभावना है। बुधवार को सुबह से ही मौसम में ठंडक थी। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे दिन में सूरज की गर्मी का हल्का अहसास हुआ। अधिकतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.6 डिग्री कम रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जो मौसम के औसत से 3.1 डिग्री अधिक रहा। दिल्ली में अधिकतम आर्द्रता 100 प्रतिशत और न्यूनतम आर्द्रता 46 प्रतिशत रही। वहीं, लोधी रोड सबसे ठंडा इलाका रहा। यहां न्यूनतम पारा 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा, रिज में 7.2, पालम में 8.1 और आया नगर में 7.3 न्यूनतम पारा दर्ज  किया गया।

ठंड और कोहरे के बीच बारिश का अनुमान, मध्यप्रदेश के 16 जिलों में बूंदाबांदी, भोपाल-इंदौर में सूरज चमकेगा

भोपाल  मध्य प्रदेश में बुधवार को मौसम का मिजाज बदला-बदला सा रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, प्रदेश में ठंड भी बढ़ने लगी है। मंगलवार को ग्वालियर-चंबल संभाग में रात का तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया, वहीं सुबह घना कोहरा छाया रहा। राज्य के अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री के आसपास रहा। बुधवार को भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। 16 जिलों में हो सकती है हल्की बारिश मौसम विभाग ने बुधवार को रायसेन, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, कटनी, सिवनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है। वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिनभर साफ आसमान और धूप खिली रहेगी। विभाग ने 6 नवंबर को छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में भी हल्की बारिश का अनुमान जताया है। उत्तरी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौसम वैज्ञानिकों की माने तो मध्यप्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव है। इसके असर से कुछ जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है। दूसरी ओर, एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी एक्टिव हो रहा है। अगले कुछ दिन में यह भारत में पहुंच जाएगा। जिससे हिमालयीन क्षेत्र में बर्फबारी भी हो सकती है। इसके बाद उत्तरी हवाओं का असर बढ़ेगा और एमपी में भी ठंडक का असर बढ़ जाएगा। दो दिन बाद पूरी तरह से साफ हो जाएगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 5 और 6 नवंबर को कुछ ही जिलों में बूंदाबांदी, बादल वाला मौसम रहेगा। फिर उत्तर से हवा आने की वजह से पारे में 2 से 3 डिग्री की गिरावट होने लगेगी। यह दौर दूसरे सप्ताह तक चलेगा। इसके बाद दिन-रातें ठंडे होने लगेंगे। 15 नवंबर के बाद तेज ठंड का दौर शुरू हो जाएगा। पचमढ़ी सबसे ठंडा, तापमान 24.6 डिग्री मंगलवार को प्रदेश के ज्यादातर शहरों में दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री तक की गिरावट देखने को मिली। प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां 2 डिग्री की गिरावट के बाद पारा 24.6 डिग्री पहुंच गया। शिवपुरी, श्योपुर, रतलाम, रायसेन, इंदौर, ग्वालियर, बैतूल, धार, नरसिंहपुर, सिवनी, सीधी, टीकमगढ़ और मलाजखंड में पारा 30 डिग्री से नीचे रहा। ग्वालियर में सुबह विजिबिलिटी 1 से 2 किलोमीटर रही। वहीं, अधिकांश शहरों में 4 से 10 किलोमीटर दर्ज की गई। रात में रीवा में पारा 12.5 डिग्री रहा। नौगांव में 13 डिग्री, उमरिया में 13.4 डिग्री दर्ज किया गया। अक्टूबर में 121% बारिश ज्यादा, नवंबर में तेज ठंड का ट्रेंड प्रदेश में नवंबर महीने में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। अबकी बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है। वहीं, भोपाल में दिन ठंडे रहे। 30 अक्टूबर को दिन का तापमान 24 डिग्री रहा। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले 25 साल में अक्टूबर का यह सबसे ठंडा दिन रहा। उज्जैन, छतरपुर, नरसिंहपुर समेत कई शहरों में पारा 24 डिग्री के नीचे ही रहा। इंदौर में 10 साल में दूसरी बार सबसे ज्यादा बारिश अक्टूबर में बारिश के रिकॉर्ड की बात करें तो दो साल बाद प्रदेश में सबसे ज्यादा पानी गिरा। भोपाल में 2.8 इंच, जबलपुर में 3.3 इंच, ग्वालियर में 4.2 इंच और उज्जैन में 2.1 इंच बारिश दर्ज की गई। साल 2022 में इससे ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, इंदौर में 3.4 इंच पानी गिरा। यहां 10 साल में दूसरी बार अक्टूबर में इतनी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। ओवरऑल सबसे ज्यादा बारिश वाले जिले में श्योपुर नंबर-1 पर है। यहां 6.52 इंच, झाबुआ में 5.52 इंच, सिंगरौली में 5.35 इंच, सीधी में 5 इंच, उमरिया में 4.14 इंच, अनूपपुर में 4.82 इंच, बड़वानी में 4.21 इंच और भिंड में 4.36 इंच बारिश हो गई। प्रदेश का खंडवा ही एक मात्र ऐसा जिला रहा, जहां सामान्य से कम पानी गिरा। बाकी 53 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल मध्य प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय है, जिसके कारण कुछ जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। साथ ही, एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी सक्रिय हो रहा है, जो अगले कुछ दिनों में हिमालयी क्षेत्र तक पहुंच सकता है। इससे उत्तर भारत में बर्फबारी और ठंड दोनों बढ़ने की उम्मीद है। इसके प्रभाव से मध्यप्रदेश में भी तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। दो दिन बाद मौसम रहेगा साफ, फिर बढ़ेगी ठंड विभाग का अनुमान है कि 5 और 6 नवंबर को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बादल छाए रहेंगे, लेकिन इसके बाद उत्तर से ठंडी हवाएं आने लगेंगी। इससे तापमान में 2 से 3 डिग्री की कमी आएगी। नवंबर के दूसरे सप्ताह से दिन और रात दोनों ठंडे होने लगेंगे। 15 नवंबर के बाद प्रदेश में ठंड का प्रभाव तेजी से बढ़ने की संभावना है। मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिन का तापमान सामान्य से 1–2 डिग्री नीचे रहा। राज्य का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शिवपुरी, श्योपुर, रतलाम, रायसेन, इंदौर, ग्वालियर, बैतूल, धार, नरसिंहपुर, सिवनी, सीधी, टीकमगढ़ और मलाजखंड में दिन का पारा 30 डिग्री से नीचे रहा। रात के तापमान की बात करें तो रीवा में 12.5 डिग्री, नौगांव में 13 डिग्री और उमरिया में 13.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

झारखंड में ‘मोंथा’ तूफान शांत, अब बढ़ेगी सर्द हवाओं की सिहरन

रांची झारखंड में चक्रवाती तूफान‘मोंथा'का प्रभाव अब लगभग समाप्त हो चुका है। पिछले तीन दिनों से राज्य में लगातार बारिश हो रही थी, लेकिन अब बारिश के बादल छंट चुके हैं। मौसम विभाग ने बताया है कि आज यानी 4 नवंबर से रांची और आसपास का आसमान पूरी तरह साफ हो जाएगा। वहीं, अगले सात दिनों तक सुबह के समय धुंध और कोहरा सामान्य रहेगा। दिन के समय धूप खिली रहेगी और शाम को ठंड बढ़ने लगेगी और लोग गर्म कपड़ों का सहारा लेंगे। पिछले 24 घंटों में राज्य के बड़े जिलों में बारिश नहीं हुई है। साथ ही, शाम को ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आएगी। मौसम विभाग ने संभावना जताया है कि आने वाले दिनों में झारखंड में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट हो सकती है, जिससे ठंड के मौसम की औपचारिक शुरुआत मानी जाएगी। पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो नवंबर के महीने में ठंड में तेज वृद्धि हुई है। वर्ष 2020 में 1 नवंबर को न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, जो उस वर्ष का सबसे कम तापमान था। वर्ष 2024 में भी 1 नवंबर को न्यूनतम तापमान 10.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा था, जिससे ठंड का असर जल्दी दिखा था। अगले कुछ दिन झारखंड में ठंडक बढ़ने के संकेत हैं। इस दौरान सुबह के समय धुंध और शाम को ठंडी हवाओं के साथ ठंड में वृद्धि अनुभव की जाएगी। इस मौसम में गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करना आवश्यक हो गया है।

नवंबर में बढ़ेगी ठिठुरन? बिहार के लिए IMD ने जारी की बड़ी Weather Report

पटना बिहार में winter season की दस्तक इस बार थोड़ा देर से हुई है। आमतौर पर अक्टूबर के शुरूआती हफ्ते में ही ठंड की शुरुआत हो जाती है, लेकिन इस साल Cyclone Montha (मोंथा तूफान) की वजह से अक्टूबर के आख़िरी दिनों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। लोगों ने सीजन की पहली ठंड महसूस की, जिससे मौसम में ठहराव सा देखने को मिला। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज से पहला Western Disturbance एक्टिव होने जा रहा है। हालांकि, इसका असर बिहार के मौसम पर ज्यादा नहीं पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि नवंबर में ठंड की शुरुआत जरूर होगी, लेकिन इस बार mild winter in Bihar देखने को मिल सकता है। दिन में हल्की धूप, सुबह कोहरे की चादर नवंबर के पहले सप्ताह में मौसम का मिजाज mixed pattern वाला रहेगा। 9 नवंबर तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। सुबह के वक्त dense fog देखने को मिल सकता है। दिन के समय मीठी धूप लोगों को राहत देगी। IMD के मुताबिक, राज्य के ज्यादातर इलाकों में partial cloud cover रहेगा। पछुआ हवाएं लगभग 30 km/h की रफ्तार से चलेंगी।     न्यूनतम तापमान: 18°C से 22°C     अधिकतम तापमान: 26°C से 30°C के बीच रहने की संभावना  नवंबर में कम पड़ेगी ठंड, IMD ने दी जानकारी पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस बार नवंबर में cold temperature in Bihar सामान्य से थोड़ा अधिक रहेगा।  बिहार में ठंड की शुरुआत पर एक नजर     अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से गिरने लगा तापमान     नवंबर के पहले हफ्ते में नहीं होगी बारिश     पछुआ हवाओं की रफ्तार से बदलेगा मौसम     दिन में हल्की धूप और रात में बढ़ेगी ठंडक     दिसंबर से बढ़ सकती है ठंड की तीव्रता  

मौसम विभाग की चेतावनी: बिहार के 7 जिलों में भारी बारिश, 29 जिलों में भीगेंगे लोग

पटना बिहार में आज का मौसम बारिश भरा रहने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार,  राज्य के 29 जिलों में बारिश की संभावना है, जबकि 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज शामिल हैं। इन जगहों पर अगले 24 घंटे के दौरान अति भारी बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पटना और आसपास का मौसम राजधानी पटना में पिछले तीन दिनों से लगातार रुक-रुककर बारिश हो रही है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और ठंड ने दस्तक दे दी है। शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री तक नीचे चला गया है। “क्या आज बारिश होगी?”  मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आज शाम तक कई जिलों में बारिश के फिर से सक्रिय होने की संभावना है। आज का मौसम बिहार पूरी तरह से मॉनसून जैसा बना हुआ है। मोंथा तूफान का असर जारी, तीन दिन से लगातार बारिश मौसम विभाग ने बताया है कि मोंथा तूफान के कारण गंगा किनारे के जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। तेज हवाओं और लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं और कई जगहों पर बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। इन जिलों में आज होगी बारिश मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आज इन राज्य के पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर, शेखपुरा, बांका, जमुई, नवादा और गया में बारिश की संभावना है। इन जिलों में तेज हवा, वज्रपात और मेघगर्जन की भी चेतावनी जारी की गई है। किसानों की बढ़ी चिंता, रबी फसल पर असर लगातार बारिश से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई जगहों पर कटे हुए धान की फसल खेतों में सड़ने लगी है। रबी फसलों की बुआई भी प्रभावित हो रही है क्योंकि खेतों में जलजमाव  की स्थिति बन गई है। इसका असर सरसों, आलू और मक्का की बुआई पर पड़ रहा है। कल मौसम कैसा रहेगा मौसम विभाग का कहना है कि 2 नवंबर को भी बिहार के उत्तरी और पूर्वी इलाकों में बारिश का असर बना रहेगा। हालांकि दक्षिण बिहार में मौसम धीरे-धीरे साफ होने की संभावना है। अगले 48 घंटों में मौसम सामान्य होने की उम्मीद है।  

मोंथा तूफान पहुंचा छत्तीसगढ़! आज इन इलाकों में झमाझम बारिश के आसार

रायपुर  गंभीर चक्रवाती तूफान मोंथा अब कमज़ोर होकर साधारण चक्रवाती तूफान बन गया है. अगले 6 से 12 घंटों में यह गहरे दबाव में बदल सकता है. इसका प्रभाव आज छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिलेगा. बुधवार को चक्रवात के असर से पूरे प्रदेश में बारिश की संभावना है. एक दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. साइक्लोन मोंथा से छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम का मिजाज लेटेस्ट मौसम अपडेट के अनुसार मोंथा अब कमज़ोर होकर साधारण चक्रवाती तूफान बन गया है. तूफान लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है और अगले 6 से 12 घंटों में गहरे दबाव में बदल सकता है. प्रदेश में आज अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने और गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई गई है. एक दो स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा होने की भी संभावना है. इस मौसमी तंत्र के प्रभाव से हवा की गति 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की चल सकती है. वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ रहने की संभावना है. वर्षा का क्षेत्र धीरे धीरे मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर केंद्रित रहने की सम्भावना है. वर्षा की गतिविधि 31 अक्टूबर तक लगातार जारी रहने की सम्भावना है. अगले 2 दिनों में एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है. बिलासपुर और सरगुजा संभाग के एक-दो स्थानों पर मेघगर्जन के साथ भारी वर्षा होने की संभावना है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना जताई है. बादल गरजने-चमकने के साथ वर्षा हो सकती है. अधिकतम 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है.

आईएमडी अलर्ट: राजस्थान के कोटा-बारां में आज हो सकती है भारी बारिश

जयपुर अरब सागर में बना डिप्रेशन सिस्टम राजस्थान के मौसम में बदलाव लेकर आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आज से उदयपुर, कोटा और अजमेर संभाग के जिलों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। इन इलाकों में तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की भी संभावना जताई गई है। जयपुर मौसम केंद्र ने सुबह साढ़े छह बजे कोटा, बारां में बारिश का यलो अलर्ट भी जारी किया है। आज 9 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है — बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और उदयपुर में बरसात की संभावना है। क्यों बदलेगा मौसम? मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार,अरब सागर में बना डिप्रेशन सिस्टम लगातार मजबूत हो रहा है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में एक और डिप्रेशन सिस्टम सक्रिय है, जो आने वाले दिनों में साइक्लोन या सीवियर साइक्लोन में बदल सकता है। वहीं, उत्तर भारत में 27 अक्टूबर से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी सक्रिय होगा। इन तीनों सिस्टम के संयुक्त असर से आज से राजस्थान में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। विशेष रूप से उदयपुर, कोटा और अजमेर संभाग में मेघगर्जना के साथ तेज बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। बढ़ेगी सर्दी, गिरेगा तापमान मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि आज से उत्तरी हवाएं तेज होने लगेंगी, जिसका असर बीकानेर और जयपुर संभाग के जिलों में दिखेगा। सीकर, झुंझुनूं, चूरू, गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, नागौर और अलवर में इन हवाओं के चलते तापमान में गिरावट आएगी और सर्दी का असर बढ़ेगा। तापमान का हाल पिछले 24 घंटों में सुबह-शाम हल्की ठंडी हवाएं चलीं, जबकि दिन में तेज धूप निकली। राज्य में सबसे ज्यादा सर्दी सीकर में रही, जहां न्यूनतम तापमान 13°C दर्ज हुआ। दौसा में न्यूनतम तापमान 14.1°C रहा, जबकि दिन में सबसे अधिक गर्मी बाड़मेर में रही, जहां अधिकतम तापमान 37.1°C रिकॉर्ड किया गया।